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पार्क स्ट्रीट केस से जुड़े नाम फिर सुर्खियों में, कोलकाता क्लब में हुई घटना पर बवाल

कोलकाता पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक पांच सितारा होटल के अंदर स्थित क्लब में रविवार को एक महिला के साथ कथित तौर पर छेड़खानी, मारपीट और बीयर की बोतलों से हमला किया गया। घटना के बाद पीड़िता ने लगभग आधे घंटे तक खुद को छिपाए रखा। एफआईआर के मुताबिक, यह हादसा रविवार सुबह 4 से 5 बजे के बीच हुआ, जब महिला अपने पति, भाई और दोस्तों के साथ क्लब में पार्टी कर रही थी। बताया गया कि पुलिस ने उसे होटल के बार से सुरक्षित निकाला। बिधाननगर दक्षिण पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, एफआईआर में पार्क स्ट्रीट के निवासी जुनैद खान और नासिर खान को मुख्य आरोपी बताया गया है। पीड़िता की शिकायत में लगाए गंभीर आरोप अपनी शिकायत में पीड़िता ने विस्तार से घटना का जिक्र किया है। उन्होंने कहा है कि क्लब में हमारी टेबल पर पार्टी चल रही थी, तभी कुछ लोगों ने अचानक हम पर हमला बोल दिया। जुनैद खान, नासिर खान और उनके दोस्तों के समूह ने मेरे साथ मारपीट की और यौन शोषण की कोशिश की। जब मेरे भाई ने मुझे बचाने की कोशिश की, तो उन्होंने उसके ऊपर कांच और बीयर की बोतलें फेंक दीं। हमने खुद को बचाने के लिए होटल से भागने का प्रयास किया, लेकिन जुनैद ने और लोगों को बुला लिया, और फिर से हम पर हमला शुरू कर दिया। शिकायत में आगे कहा गया है कि मैंने मदद के लिए पुलिस हेल्पलाइन पर कॉल की, लेकिन आरोपी ने सभी दरवाजे बंद करा दिए। फिर कुछ लड़कों ने मुझे धक्का देना शुरू कर दिया और बेहद घिनौने तरीके से छूना-छेड़ना शुरू कर दिया। मैंने अपनी मेडिकल रिपोर्ट संलग्न की है और क्लब परिसर के सीसीटीवी फुटेज में पूरा हमला कैद है। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि जुनैद और नासिर वही अपराधी हैं, जो 2012 के कुख्यात पार्क स्ट्रीट गैंगरेप केस में शामिल थे। महिला के अनुसार, वे फोन पर उसे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। आरोपी का आपराधिक इतिहास पुलिस सूत्रों के अनुसार, नासिर खान को 2012 के पार्क स्ट्रीट गैंगरेप मामले में दोषी ठहराया गया था। सजा पूरी करने के बाद वह 2020 में जेल से रिहा हुआ। इस केस में उसके भतीजे जुनैद खान का नाम भी आरोपी के रूप में आया था। वहीं, बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमें पीड़िता की शिकायत प्राप्त हो चुकी है और प्रारंभिक जांच जारी है। जांच के बाद ही कुछ और कहा जा सकता है।

UP में IAS अफसरों की बड़ी अदला-बदली, कई जिलों के DM बदले — देखें पूरी लिस्ट

लखनऊ  यूपी में एक बार फिर तबादला एक्सप्रेस चली है। बड़े पैमाने पर आईएएस अफसरों के तबादले किए गए हैं। 46 अधिकारियों को इधर से उधर कर दिया गया है। कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई है। तीन मंडलायुक्त और दस जिलों के डीएम बदले गए हैं। मिर्जापुर (विंध्याचल) सहारनपुर और मेरठ के कमिश्नर बदल दिए गए हैं। हाथरस, सीतापुर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, चित्रकूट, कौशांबी, बलरामपुर, ललितपुर, श्रावस्ती, रामपुर के जिलाधिकारियों को बदल दिया गया है। वाराणसी के तैनात चार आईएएस अफसरों की जिम्मेदारियों को बदला गया है। मुख्य विकास अधिकारी, विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, नगर आयुक्त और एडीएम फाइनेंस को बदला गया है। 1. अभी तक विंध्याचल के मंडलायुक्त रहे श्री बाल कृष्ण त्रिपाठी को सामान्य प्रशासन विभाग, उत्तर प्रदेश शासन में सचिव बनाया गया है। 2. महानिदेशक मत्स्य राजेश प्रकाश अब विन्ध्याचल के मंडलायुक्त होंगे। 3. उ०प्र० राज्य मानवाधिकार आयोग की सचिव श्रीमती धनलक्ष्मी के० को महानिदेशक, मत्स्य, उत्तर प्रदेश बनाया गया है। 4. महानिदेशक, सार्वजनिक उद्यम, उत्तर प्रदेश संजय कुमार को वर्तमान पद के साथ सचिव, उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग के पद का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। 5.प्रबंध निदेशक, उ०प्र० राज्य विद्युत उत्पादन निगम तथा प्रबंध निदेशक, उ०प्र० पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन लिमिटेड डा० रूपेश कुमार को अब मंडलायुक्त, सहारनपुर बनाया गया है। 6. मंडलायुक्त, सहारनपुर अटल कुमार राय को सचिव, गृह विभाग, उत्तर प्रदेश शासन बनाया गया है। 7. सचिव, राजस्व विभाग, उ०प्र० शासन, राहत आयुक्त तथा चकबंदी आयुक्त भानु चन्द्र गोस्वामी अब मंडलायुक्त, मेरठ होंगे। 8. मंडलायुक्त, मेरठ डा० हृषिकेश भास्कर याशोद को सचिव, राजस्व विभाग, उत्तर प्रदेश शासन, राहत आयुक्त, उत्तर प्रदेश एवं चकबंदी आयुक्त, उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी दी गई है। 9. मुख्य कार्यपालक अधिकारी, उ०प्र० राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण मयूर माहेश्वरी को प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम तथा प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन लिमिटेड बनाया गया है। 10.सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग विजय किरन आनंद को वर्तमान पद के साथ मुख्य कार्यपालक अधिकारी, उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण, प्रभारी एनआरआई सेल एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी, लीडा के पद का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। 11.जिलाधिकारी, हाथरस राहुल पाण्डेय को विशेष सचिव, राज्य कर विभाग, उत्तर प्रदेश शासन बनाया गया है। 12. उपाध्यक्ष, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण अतुल वत्स को जिलाधिकारी, हाथरस बनाया गया है। 13. जिलाधिकारी, ललितपुर अमनदीप डुली को अपर आयुक्त, मनरेगा, उत्तर प्रदेश बनाया गया है। 14. मुख्य विकास अधिकारी, वाराणसी हिमांशु नागपाल को नगर आयुक्त, वाराणसी बनाया गया है। 15. मुख्य विकास अधिकारी, अलीगढ एवं संभागीय खाद्य नियंत्रक, अलीगढ प्रखर कुमार सिंह को मुख्य विकास अधिकारी, वाराणसी बनाया गया है। 16.उपनिदेशक, मंडी परिषद, लखनऊ योगेन्द्र कुमार को मुख्य विकास अधिकारी, अलीगढ एवं संभागीय खाद्य नियंत्रक, अलीगढ बनाया गया है। 17. जिलाधिकारी, सीतापुर अभिषेक आनंद को विशेष सचिव, आबकारी विभाग, उत्तर प्रदेश शासन बनाया गया है। 18.जिलाधिकारी, सिद्धार्थ नगर राजागणपति आर० को जिलाधिकारी सीतापुर बनाया गया है। 19. विशेष सचिव, राज्य कर विभाग, उत्तर प्रदेश शासन श्रीमती कृत्तिका ज्योत्सना को जिलाधिकारी, बस्ती बनाया गया है। 20.जिलाधिकारी, बस्ती रवीश गुप्ता को प्रबंध निदेशक, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम, मेरठ बनाया गया है। 21.प्रबंध निदेशक पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम, मेरठ श्रीमती ईशा दुहन को प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल्स संघ लिमिटेड बनाया गया है। 22.प्रबंध निदेशक, उ०प्र० सहकारी चीनी मिल्स संघ लिमिटेड कुमार विनीत को विशेष सचिव, युवा कल्याण एवं खेल विभाग, उत्तर प्रदेश शासन बनाया गया है। 23.जिलाधिकारी, चित्रकूट शिवशरणप्पा जीएन को जिलाधिकारी, सिद्धार्थ नगर बनाया गया है। 24.उपाध्यक्ष, वाराणसी विकास प्राधिकरण पुलकित गर्ग को जिलाधिकारी, चित्रकूट बनाया गया है। 25.मुख्य विकास अधिकारी, बिजनौर पूर्ण वोहरा को उपाध्यक्ष, वाराणसी विकास प्राधिकरण बनाया गया है। 26.अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), गाजियाबाद रणविजय सिंह को मुख्य विकास अधिकारी, बिजनौर बनाया गया है। 27.नगर आयुक्त, वाराणसी अक्षत वर्मा को विशेष सचिव, नियोजन विभाग, उत्तर प्रदेश शासन बनाया गया है। 28.नगर आयुक्त, फिरोजाबाद एवं उपाध्यक्ष, फिरोजाबाद शिकोहाबाद विकास प्राधिकरण ऋषि राज को उपाध्यक्ष, प्रयागराज विकास प्राधिकरण बनाया गया है। 29.मुख्य विकास अधिकारी, कुशीनगर श्रीमती गुंजन द्विवेदी को नगर आयुक्त, फिरोजाबाद तथा उपाध्यक्ष, फिरोजाबाद-शिकोहाबाद विकास प्राधिकरण बनाया गया है। 30.अपर जिलाधिकारी (फाइनेंस), वाराणसी सुश्री वंदिता श्रीवास्तव को मुख्य विकास अधिकारी, कुशीनगर बनाया गया है। 31.जिलाधिकारी, कौशाम्बी मधुसूदन हुल्गी को विशेष सचिव, मा० मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश शासन बनाया गया है। 32.उपाध्यक्ष, प्रयागराज विकास प्राधिकरण अमित पाल को जिलाधिकारी, कौशाम्बी बनाया गया है। 33.मुख्य विकास अधिकारी, रामपुर नन्द किशोर कलाल को उपाध्यक्ष, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण बनाया गया है। 34.अपर जिलाधिकारी (वि/रा), अयोध्या महेन्द्र कुमार सिंह को मुख्य विकास अधिकारी, रामपुर बनाया गया है। 35.जिलाधिकारी, बलरामपुर पवन अग्रवाल को विशेष सचिव, गृह विभाग, उत्तर प्रदेश शासन बनाया गया है। 36.विशेष सचिव, मा० मुख्यमंत्री, उ०प्र० शासन विपिन कुमार जैन को जिलाधिकारी, बलरामपुर बनाया गया है। 37.विशेष कार्याधिकारी, कुम्भ मेला प्राधिकरण सुश्री आकांक्षा राणा को नगर आयुक्त, नगर निगम, झांसी बनाया गया है। 38.नगर आयुक्त, नगर निगम, झांसी सत्य प्रकाश को जिलाधिकारी, ललितपुर बनाया गया है। 39.विशेष सचिव, आबकारी विभाग देवेन्द्र कुमार सिंह कुशवाहा को विशेष सचिव, रेशम विभाग, उत्तर प्रदेश शासन बनाया गया है। 40.उपाध्यक्ष, अयोध्या विकास प्राधिकरण अश्विनी कुमार पाण्डेय को जिलाधिकारी, श्रावस्ती बनाया गया है। 41.जिलाधिकारी, श्रावस्ती अजय कुमार द्विवेदी को जिलाधिकारी, रामपुर बनाया गया है। 42.जिलाधिकारी, रामपुर जोगिंदर सिंह को विशेष सचिव, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग, उत्तर प्रदेश शासन बनाया गया है। 43.मुख्य विकास अधिकारी, महाराजगंज अनुराज जैन को उपाध्यक्ष, अयोध्या विकास प्राधिकरण बनाया गया है। 44. अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), मुरादाबाद श्री गुलाब चन्द्र को मुख्य विकास अधिकारी, महाराजगंज बनाया गया है। 45.मुख्य विकास अधिकारी, अमेठी सूरज पटेल को मुख्य कार्यपालक अधिकारी, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद बनाया गया है। 46.संयुक्त निदेशक, मंडी परिषद, लखनऊ सचिन कुमार सिंह को मुख्य विकास अधिकारी, अमेठी बनाया गया है।

सभी एलोपैथिक दवा निर्माताओं पर हरियाणा सरकार की एडवाइजरी, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

चंडीगढ़ हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा सभी एलोपैथिक दवा निर्माताओं को रिस्की-सॉल्वेंट्स बारे एडवाइजरी जारी की गई है। लगातार जांच की जा रही है और निर्धारित मानकों में कमी पाए जाने पर दवा निर्माताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने हरियाणा सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना भी की। स्वास्थ्य मंत्री आरती राव चंडीगढ़ से वर्चुअली मीटिंग के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दे रही थी। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव डा. आर. एस. ढिल्लो, फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन विभाग के आयुक्त डा. मनोज कुमार , स्टेट ड्रग कंट्रोलर ललित कुमार गोयल और असिस्टेंट स्टेट ड्रग कंट्रोलर श्री राकेश दहिया भी उपस्थित थे। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश में सभी एलोपैथिक दवा निर्माताओं को रिस्की-सॉल्वेंट्स (प्रोपीलीन ग्लाइकोल, ग्लाइकोल और ग्लिसरीन आदि) की खरीद, स्टॉक और उपयोग के संबंध में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा संबंधित सॉल्वेंट्स के सत्यापन के लिए पहले ही निरीक्षण शुरू कर दिए गए थे। अब तक 37 निरीक्षण किए गए हैं और 54 नमूने लेकर परीक्षण के लिए भेजे गए  

अब नहीं देना पड़ेगा टोल टैक्स! पंजाब का ये टोल प्लाज़ा हो रहा है बंद

पंजाब  पंजाब वासियों के लिए एक और गुड न्यूज सामने आई है। जानकारी के अनुसार पंजाब सरकार ने जगराओं–नकोदर रोड के टोल प्लाजा को बंद करने का निर्णय लिया है। यह फैसला 15 मई 2027 तक की टोल की तय समय से करीब डेढ़ साल पहले लागू होगा। इसके बाद यह पंजाब का 19वां टोल प्लाजा होगा जिसे बंद किया जा रहा है। सरकार ने बताया कि संबंधित टोल का संचालन रोकने की औपचारिक नोटिफिकेशन जारी कर दी गई है और अब इस मार्ग पर वाहन चालकों से कोई टोल नहीं लिया जाएगा। बता दें कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में आम आदमी पार्टी की सरकार ने अब तक 18 टोल प्लाजा बंद कर चुकी है। इस कदम से लोगों को यात्रा में सुविधा मिलेगी और परिवहन लागत में कमी आएगी। राज्य सरकार के अनुसार, पहले ये टोल प्लाजा सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर संचालित थे। अब इन सड़कों की देखरेख और रखरखाव सरकार के अधीन रहेगा। आंकड़ों के मुताबिक पहले 18 टोल प्लाजा से वार्षिक संग्रह लगभग ₹222 करोड़ रुपये होता था। अब यह राशि जनता को सीधी राहत के रूप में लाभ पहुंचाएगी। 

RSS शाखाओं पर बैन के आदेश पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने लगाई रोक, सरकार को फटकार

बेंगलुरु  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यक्रमों पर रोक लगाने को लेकर कर्नाटक सरकार के आदेश पर अब हाई कोर्ट ने स्टे लगा दिया है। जस्टिस एम नागाप्रसन्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने राज्य सरकार और हुबली पुलिस कमिश्नर के आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए कहा है कि उन्हें इसका संवैधानिक अधिकार कहां से मिल गया।18 अक्टूबर को राज्य सरकार ने कहा था कि बिन इजाजत के 10 से ज्यादा लोगों का इकट्ठा होना अपराध है। इसके अलावा पार्क, सड़कों और खेल के मैदान में ज्यादा लोगों के इकट्ठे होने पर कार्रवाई की जाएगी। संवैधानिक अधिकारों पर रोक नहीं लगा सकती सरकारः HC हाई कोर्ट ने कहा कि संविधान के आर्टिकल 19 (1)(A),19 (1) (B) के तहत दिए गए अधिकारों पर सरकार रोक नहीं लगा सकती है। कोर्ट ने कहा कि सभी को अभिव्यक्ति का अधिकार और शांतिपूर्ण ढंग से सभा करने का अधिकार दिया गया है और सरकार में उसमें देखल नहीं दे सकती। इस मामले में अभी आगे की सुनवाई होनी है। फिलहाल कोर्ट के इस आदेश से आरएसएस को अंतरिम राहत मिल गई है। बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा था कि आरएसएस के खिलाफ ये सारे कदम प्रियंक खरगे के इशारे पर उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, आरएसएस अपनी गतिविधियां शांतिपूर्ण तरीके से करता है। वह जुलूसी भी शांति से निकालता है। वहीं कर्नाटक की कैबिनेट ने आरएसएस के कार्यक्रमों और शाखाओं पर रोक लगाने के लिए एक आदेश को मंजूरी दी थी। इसमें कहा गया था कि सरकारी जगहों पर बिना इजाजत इकट्ठा होना अपराध होगा और इसपर कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले प्रियंक खरगे ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पत्र लिखकर कहा था कि राज्य में आरएसएस की गतिविधियों पर रोक लगाने की जरूरत है। बीजेपी ने कहा था कि कांग्रेस यह सब केवल राजनीतिक बदले की भावना की वजह से करना चाहती है। इसके बाद कांग्रेस ने जवाब देते हुए कहा था कि 2013 में बीजेपी सरकार ने भी इसी तरह का आदेश दिया था और कहा था कि स्कूल का परिसर और खेल के मैदान का इस्तेमाल केवल शैक्षिक कार्यक्रमों के लिए होगा।

Gold-Silver Rate Today: सोना ₹3200 और चांदी ₹3800 गिरी, निवेशकों में मची हलचल

मुंबई  सोना और चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला (Gold-Silver Price Crash) जारी है. सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर टेक्निकल इश्यू के चलते देर से कारोबार की शुरुआत हुई, लेकिन जब ट्रेडिंग खुली तो दोनों कीमती धातुएं भरभराकर टूट गईं. अचानक सोने की कीमत में 3200 रुपये से ज्यादा, जबकि चांदी का भाव 3800 रुपये से ज्यादा टूट गया. न सिर्फ एमसीएक्स पर, बल्कि घरेलू मार्केट में भी गोल्ड-सिल्वर प्राइस में गिरावट आई है.  MCX पर सोना-चांदी क्रैश  सबसे पहले बताते हैं एमसीएक्स पर सोना-चांदी की कीमतों में आई गिरावट के बारे में, तो 5 दिसंबर की एक्सपायरी वाले Gold का भाव 3232 रुपये टूटकर 1,17,789 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. बीते कारोबारी दिन सोने का वायदा भाव (Gold Rate) 1,20,957 रुपये पर बंद हुआ था.चांदी की कीमत के पर नजर डालें, तो ये खुलते ही 3825 रुपये प्रति किलोग्राम तक टूट गई. इस तगड़ी गिरावट के बाद Silver Price 1,39,306 रुपये पर आ गया.  घरेलू मार्केट में क्या है भाव?  जहां एक ओर एमसीएक्स पर गोल्ड-सिल्वर प्राइस क्रैश हो गए, तो वहीं दूसरी ओर घरेलू मार्केट में भी सोना-चांदी भरभराकर टूटे हैं. इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट IBJA.Com पर अपडेट किए गए रेट्स के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम गिरकर 1,19,164 रुपये रह गया, जो बीते कारोबारी दिन 1,21,077 रुपये पर बंद हुआ था. अलग-अलग क्वालिटी के गोल्ड रेट को देखें तो… क्वालिटी            गोल्ड रेट (प्रति 10 ग्राम) 24 कैरेट गोल्ड        1,19,164 रुपये/10 ग्राम 22 कैरेट गोल्ड        1,16,300 रुपये/10 ग्राम 20 कैरेट गोल्ड        1,06,060 रुपये/10 ग्राम 18 कैरेट गोल्ड        96,520 रुपये/10 ग्राम 14 कैरेट गोल्ड        76,860 रुपये/10 ग्राम   चांदी की कीमत भी घरेलू बाजार में टूटी है. बीते कारोबारी दिन सोमवार को सिल्वर 1,45,031 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी, लेकिन मंगलवार को ये 1,43,400 रुपये पर ओपन हुई. गौरतलब है कि इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट पर अपलोड किए गए रेट देशभर में समान रहते हैं, लेकिन जब आप दुकान पर ज्वेलरी खरीदने के लिए जाते हैं, तो उस पर 3 फीसदी जीएसटी के साथ ही मेकिंग चार्ज भी देना होता है, जिसके बाद इनकी कीमत बढ़ जाती है.  हाई पर पहुंचकर फिसल रही कीमतें सोने की कीमतों में बीते कुछ दिनों से लगातार गिरावट जारी है.इसके पीछे बड़ा कारण डिमांड में कमी और अमेरिका-चीन की टैरिफ टेंशन (US-China Tariff Tension) में नरमी के संकेत बताए जा रहे हैं. ज्वेलरी खरीदते समय सोने की जांच कर लेना जरूरी है और इसका प्रोसेस बेहद आसान है. आप ज्वेलरी पर दर्ज हॉलमार्क के जरिए इसकी शुद्धता की पहचान कर सकते हैं. जैसे 24 कैरेट पर 999 अंकित होता है. 

कपड़े उतारो— पीरियड्स पर छुट्टी मांगना छात्राओं को पड़ा भारी, यूनिवर्सिटी में मचा बवाल

चण्डीगढ़  हरियाणा के रोहतक में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU) में महिला सफाई कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच मंगलवार को जमकर हंगामा हो गया। दरअसल यहां दो महिला सफाई कर्मचारियों ने पीरियड्स आने के कारण सेहत खराब होने का हवाला देते हुए अपने सुपरवाइजर से ब्रेक मांगा। हालांकि सुपरवाइजर ने कथित तौर पर उन्हें कपड़े उतरवाकर मासिक धर्म की जांच करवाने को कहा। इससे महिला सफाई कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने हंगामा मचा दिया। विवाद बढ़ने के बाद छात्र संगठन भी सफाई कर्मचारियों के समर्थन में उतर गए और आरोपियों के सस्पेंड किए जाने की मांग करने लगे। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन पर दबाव बढ़ने के बाद आनन-फानन में सुपरवाइजर को हटा दिया गया। जांच के लिए कपड़े उतार फोटो करवाने को कहा पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब दो महिला सफाई कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि वे महावारी के चलते स्वास्थ्य खराब होने पर कुछ देर का ब्रेक लेना चाह रही थीं। उन्होंने इस बारे में अपने सुपरवाइजर से बात की तो वह उनकी दिक्कत समझने के बजाय बदतमीजी पर उतारू हो गया। आरोप है कि सुपरवाइजर ने महिला सुरक्षा कर्मी के माध्यम से महिला सफाईकर्मी के कपड़े उतारकर जांच कराने कहा। जब महिला कर्मी ने ऐसा करने से इनकार किया, तो उनके साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया गया। आरोप है कि सुपरवाइजर ने जांच के लिए कपड़े उतार फोटो खिंचवाने को कहा। इसके बाद अन्य सफाईकर्मियों ने इस मामले को गंभीरता से लिया और हंगामा शुरू हो गया। कुलसचिव बोले कड़ा एक्शन लेंगे विवाद बढ़ने पर कुलसचिव केके गुप्ता मौके पर पहुंचे और कहा कि यूनिवर्सिटी में महिलाओं के साथ जो भी गलत काम हुआ है, हम इस पूरे घटनाक्रम की जांच करेंगे। उन्होंने कहा है कि फिलहाल सुपरवाइजर को हटा दिया गया है और जो भी इस मामले में दोषी होगा उसको बक्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो आरोपी पर एससी/एसटी के तहत मामला दर्ज भी करवाया जाएगा और किसी भी महिला कर्मचारियों के साथ इस तरह की हरकत बर्दाशत नहीं की जाएगी। हालांकि अभी तक महिला सफाई कर्मचारियों या विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से पुलिस को शिकायत नहीं दी गई है।  

आमातालाब के घाट पर उगते सूर्य को छठ व्रतियों ने दी उषा अर्घ्य देकर 4 दिवसीय पवित्र अनुष्ठान का समापन किया

रायपुर  आज मंगलवार की सुबह प्रातः 6 बजकर 30 मिनट पर व्रती महिलाएं ने आमा तालाब घाट के पवित्र जल में खड़े होकर सूर्य देव को पूर्ण विधि-विधान से अर्घ्य अर्पित किया. भगवान सूर्यदेव को प्रात:कालीन अर्घ्य के साथ आज महापर्व छठ का शुभ समापन हुआ। चार दिवसीय इस अनुष्ठान के दौरान छठ पूजा की भव्य परंपरा के अद्भुत दिव्य दर्शन भी हुए।   छठ पूजन समिति के अध्यक्ष श्री रमेश शर्मा ने बताया कि छठ महापर्व का मंगलवार को आखिरी दिन था। 4 दिन का ये महापर्व 25 अक्टूबर को नहाय खाय से शुरू हुआ था। आज उगते सूरज को 'ऊषा अर्घ्य' के साथ समापन हो गया। सुबह 3 बजे से व्रती महिलाओं ने पवित्र बेदी के समक्ष बास की टोकनी में जिसे कोसी कहा जाता है। कोसी में मौसमी फल,ठेकुआ,गुड,आदि लेकर पुरुष वर्ग अपने सर पर उठा कर अपने अपने घरों से पैदल बाजे गाजे के साथ छठ घाट में पहुंचे। घने बादलों में सूर्य देव के दर्शन के लिए सभी बहुत उत्साहित थे। छठ घाट पर आए कलाकारों के द्वारा धार्मिक गीतों की सुंदर प्रस्तुति से सब का मन झूम उठा।  धार्मिक गीतों से सूर्य देव के दर्शन मिलते ही श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखने को मिला भगवान सूर्यदेव एवं छठ मैय्या के जयकारों से पूरा घाट गुजायमान हो गया। तत्पश्चात सभी ने धार्मिक विधि विधान से छठ पूजन,छठ कथा,आरती कर भगवान सूर्य देव के दर्शन कर दूध जल से निर्मित अर्घ्य अर्पण किया। व्रती ने इस अवसर पर छठी मैया से अपने परिवार एवं समाज की सुख-समृद्धि, संतान की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और जीवन में नई ऊर्जा की कामना की. इसी के साथ चार दिनों के कठिन तप और 36 घंटे का निर्जला उपवास का आज समापन हुआ. अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण कर बनाए गए प्रसाद के रूप में ठेकुआ, गुड़, केला, नारियल और मौसमी फल ग्रहण किया। इस अवसर पर उत्तर विधान सभा के विधायक श्री पुरंदर मिश्रा जी ने घाट पर नौका विहार कर सभी श्रद्धालुओं का अभिवादन कर सभी को छठ पर्व की शुभकामनाएं दी साथ ही जवाहर नगर मंडल अध्यक्ष श्री संदीप जंघेल जी,तात्यापारा वार्ड की पार्षद एवं जोन 7 अध्यक्ष श्रीमती श्वेता विश्वकर्मा जी,इंदिरा गांधी वार्ड के पार्षद mic सदस्य श्री अवतार सिंह बागल जी,पूर्व पार्षद श्रीमती भारती बागल,कांग्रेस प्रवक्ता श्री सुबोध हरितवाल जी, सचिव अमित तिवारी,अमित शर्मा (लल्लू), युवा मोर्चा महामंत्री अर्पित सूर्यवंशी,मंत्री अश्विनी विश्वकर्मा,मीडिया प्रभारी प्रणीत जैन विशेष रूप से उपस्थित थे।

हम अपने डॉक्टरों की सुरक्षा नहीं करेंगे तो समाज हमें माफ नहीं करेगा: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली  उच्चतम न्यायालय ने निजी क्लीनिक, औषधालयों और गैर-मान्यता प्राप्त अस्पतालों में कोविड-19 से लड़ते हुए जान गंवाने वाले चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को बीमा पॉलिसी में शामिल नहीं किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। लेकिन अदालत के रुख से स्पष्ट है कि वह डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को बीमा पॉलिसी में शामिल न करने के खिलाफ है। बेंच ने मंगलवार को कहा कि यदि न्यायपालिका चिकित्सकों का ध्यान नहीं रखेगी और उनके लिए खड़ी नहीं होगी तो समाज उसे माफ नहीं करेगा। न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आर महादेवन की पीठ ने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बीमा कंपनियां वैध दावों का निपटारा करें और यह धारणा सही नहीं है कि निजी चिकित्सक मुनाफा कमाने के लिए काम कर रहे हैं। पीठ ने कहा, ‘अगर हम अपने चिकित्सकों का ध्यान नहीं रखेंगे और उनके लिए खड़े नहीं होंगे तो समाज हमें माफ नहीं करेगा…।’ अदालत ने कहा, ‘अगर आपके अनुसार यह शर्त पूरी होती है कि वे कोविड-19 से निपटने के लिए काम कर रहे थे और कोविड के कारण उनकी मौत हुई है तो आपको बीमा कंपनी को भुगतान करने के लिए बाध्य करना चाहिए। सिर्फ इसलिए कि वे सरकारी ड्यूटी पर नहीं थे, यह धारणा सही नहीं है कि वे मुनाफा कमा रहे थे।’ शीर्ष अदालत ने केंद्र को प्रधानमंत्री बीमा योजना के अलावा उपलब्ध अन्य समान या समानांतर योजनाओं के बारे में प्रासंगिक आंकड़े और जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। पीठ ने कहा, ‘हमें आंकड़े और प्रधानमंत्री योजना के अलावा उपलब्ध अन्य समानांतर योजनाओं के बारे में कुछ जानकारी दीजिए। हम सिद्धांत निर्धारित करेंगे और उसके आधार पर बीमा कंपनी से दावे किए जा सकेंगे। बीमा कंपनी को हमारे फैसले के आधार पर विचार करना और आदेश पारित करना है।’ शीर्ष अदालत मुंबई उच्च न्यायालय के नौ मार्च 2021 के आदेश के खिलाफ दायर प्रदीप अरोड़ा और अन्य की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। किसकी अर्जी पर SC ने पलट दिया हाई कोर्ट का फैसला मुंबई उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में कहा था कि निजी अस्पताल के कर्मचारी बीमा योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के हकदार नहीं हैं, जब तक कि राज्य या केंद्र सरकार द्वारा उनकी सेवाओं की मांग न की जाए। किरण भास्कर सुरगड़े नाम की महिला ने उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की थी जिनके पति – जो ठाणे में एक निजी क्लिनिक चलाते थे – की 2020 में कोरोना वायरस के कारण मौत हो गई थी। बीमा कंपनी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत किरण के दावे को इस आधार पर खारिज कर दिया कि उनके पति के क्लिनिक को कोविड-19 अस्पताल के रूप में मान्यता नहीं दी गई थी।  

इतिहास में पहली बार: इजरायल-पाकिस्तान वार्ता के पीछे आखिर क्या है आसिम मुनीर की मजबूरी?

नई दिल्ली  पाकिस्तान में इजरायल का नाम लेना भी गुनाह माना जाता है। कोई भी पाकिस्तानी इजरायल नहीं जा सकता है। इजरायल को पाकिस्तान की ओर से एक मुल्क के तौर पर मान्यता ही नहीं है, लेकिन खुद पाकिस्तान अपनी नीति से पलटता दिख रहा है। पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के अधिकारियों से मुलाकात की है। इस मीटिंग में अमेरिकी एजेंसी सीआईए के अधिकारी भी मौजूद थे। इस मीटिंग में इजरायल ने पाकिस्तान की ओर से गाजा में अपने 20 हजार सैनिक भेजने पर सहमति जताई है। यह सैनिक इंटरनेशनल स्टैबिलाइजेशन फोर्स का हिस्सा होंगे। इस फोर्स में मिस्र, अजरबैजान, तुर्की जैसे कई अन्य मुसलमान देशों के सैनिक भी शामिल होंगे। खबर मिली है कि मिस्र में एक गुप्त मीटिंग हुई थी, जिसमें आसिम मुनीर की मुलाकात मोसाद के कई सीनियर अधिकारियों से हुई। पाकिस्तान के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है, जब उसने इजरायल से बात की है। इस मीटिंग में अमेरिकी एजेंसी के लोग भी बैठे थे। यह अहम है क्योंकि पाकिस्तान कभी इजरायल को मान्यता नहीं देता। कहा जा रहा है कि पाकिस्तान के सामने इजरायल ने कुछ चीजें स्पष्ट भी कर दी हैं। जैसे नेतन्याहू प्रशासन ने साफ किया है कि पाकिस्तान की सेना गाजा में सिर्फ शांति व्यवस्था कायम करेगी। वहां किसी तरह के संघर्ष आदि में हिस्सा नहीं लेगी। इसके अलावा हमास से हथियार वापस लेने की जिम्मेदारी भी पाकिस्तान समेत कई मुसलमान देशों के सुरक्षा बलों की रहेगी। इस योजना में पाकिस्तान, इंडोनेशिया और अज़रबैजान के साथ मिलकर काम कर रहा है, जिन्हें पश्चिमी और अरब देशों के नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल किया जा रहा है। सूत्रों से पता चलता है कि इस समझौते की शर्तों के तहत पाकिस्तानी सैनिक इज़रायल और गाजा के शेष उग्रवादी गुटों के बीच एक बफर बल के रूप में कार्य करेंगे, पुनर्निर्माण और संस्थागत पुनर्गठन को सुगम बनाते हुए एक सुरक्षा कवच प्रदान करेंगे। खुफिया सूत्रों ने आगे खुलासा किया कि पाकिस्तान के सहयोग को अस्थायी राजनयिक राहत के साथ 'चुपचाप पुरस्कृत' भी किया जा रहा है। इसमें नियंत्रण रेखा पर भारतीय सैन्य दबाव में कमी और पाकिस्तान की चल रही घरेलू कार्रवाई और खुफिया ज्यादतियों पर पश्चिमी मानवाधिकार निकायों की मौन आलोचना शामिल है। एक सूत्र ने इसे 'एक अस्तित्व-रक्षा सौदा – पश्चिमी सुरक्षा सेवा के बदले में आर्थिक राहत और वैश्विक वैधता' बताया।