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महागठबंधन का बड़ा दांव: तेजस्‍वी यादव ने जारी किया घोषणापत्र, युवाओं और किसानों को लुभाने की कोशिश

पटना बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले महागठबंधन ने आज अपना साझा घोषणा पत्र जारी कर दिया। इसका नाम रखा गया है ‘बिहार का तेजस्वी प्रण’। इस घोषणा पत्र में युवाओं को रोजगार, महिलाओं को सम्मान और आम लोगों को राहत देने वाले कई वादे किए गए हैं। महागठबंधन ने दावा किया है कि यह घोषणा पत्र सिर्फ चुनावी वादों का पुलिंदा नहीं, बल्कि बिहार के पुनर्निर्माण की रूपरेखा है।  घोषणा पत्र जारी करने के मौके पर मंच पर राजद नेता तेजस्वी यादव, कांग्रेस के पवन खेड़ा, वीआइपी सुप्रीमो मुकेश सहनी, वाम दलों के प्रतिनिधि और अन्य सहयोगी दलों के नेता मौजूद थे। तेजस्वी यादव ने कहा यह सिर्फ हमारा घोषणापत्र नहीं, यह बिहार की जनता का प्रण है। हम इस राज्य को बेरोजगारी, पलायन और भ्रष्टाचार से मुक्त करेंगे। पवन खेड़ा ने कहा कि घोषणापत्र से स्‍पष्‍ट है कि कौन बिहार के लिए गंभीर है। कौन दिन-रात सोच रहा है। सरकार बनने के पहले दिन से क्‍या-क्‍या करना है। 20 वर्षों में जो बिहार पीछे चला गया है। उन्‍होंने कहा कि मैनिफेस्‍टो कमेटी भी बधाई की पात्र है। उन्‍होंने कहा कि इस मैनिफेस्‍टो को पावन दिन में जारी किया गया है। मैनिफेस्‍टो में वक्‍फ कानून पर रोक लगाने की बात कही गई है। गरीबों को पांच सौ रुपये में गैस सिलेंडर दिया जाएगा। शराबबंदी कानून की समीक्षा भी की जाएगी। कहा गया है कि सरकार बनने के 20 दिनों के अंदर हर परिवार के एक सदस्‍य को सरकारी नौकरी देने का अधिनियम लाया जाएगा। 20 महीने के अंदर नौकरी देने की प्र‍क्रि‍या शुरू कर दी जाएगी। सभी जी‍विका दी‍दियों को स्‍थायी कर सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाएगा। आइटी पार्क, स्‍पेशल इकोनो‍मिक जोन, डेयरी एवं कृष‍ि आधा‍र‍ित उद्याेग, स्‍वास्‍थ्‍य सेवा ,फूड प्राेसे‍सिंग आदि की नीत‍ि बनाई जाएगी। पुरानी पेंशन योजना लागू की जाएगी। मनरेगा की मजदूरी प्रत‍िद‍िन 255 की जगह तीन सौ रुपये किया जाएगा।    

रेलवे ने जारी की चेतावनी: यात्रा के दौरान यह गलती की तो हो सकता है बड़ा नुकसान

गुड़गांव अगर आप भी ट्रेन में सफर करते हो तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। ऐसा न हो कि सफर करने के दौरान आपकी एक छोटी सी गलती से आपको भारी नुकसान का सामना करना पड़े। ऐसा ही एक मामला राजकीय रेलवे पुलिस ने दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, मूल रूप से महेंद्रगढ़ के रहने वाले अमित कुमार ने बताया कि वह 26 अक्टूबर को बीकानेर एक्सप्रेस (22472) में दिल्ली से महेंद्रगढ़ जाने के लिए सवार हुआ था। वह अपने दोस्त से फोन पर बात करने लगा और बात करते हुए वह ट्रेन के गेट पर आकर खड़ा हो गया। जब ट्रेन गुड़गांव से रेवाड़ी जाने के लिए चली तो रेलवे लाइन के पास कुछ युवक खड़े हुए थे जिन्होंने एक रस्सी में कुछ भारी सामान बांधा हुआ था।   उन्होंने यह रस्सी उनके हाथ पर मारी जिसके कारण उनका मोबाइल नीचे रेलवे लाइन पर गिर गया। ट्रेन की स्पीड ज्यादा होने के कारण वह न तो ट्रेन से उतर सके और न ही किसी से मदद ले सके। ऐसे में वह युवक मोबाइल लेकर फरार हो गए। महेंद्रगढ़ पहुंचते ही उन्होंने जीआरपी को अपनी शिकायत दी। जीआरपी महेंद्रगढ़ ने मामले में जीरो एफआईआर दर्ज कर गुड़गांव जीआरपी को भेज दी। जीआरपी गुड़गांव के अधिकारियों ने बताया कि मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 304(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।   

मेसी का ‘डबल धमाका’, इंटर मियामी ने प्लेऑफ के पहले मैच में नैशविले को हराया

मियामी  लियोनेल मेसी के शानदार प्रदर्शन के साथ इंटर मियामी ने 'एमएलएस कप' के पहले राउंड के प्लेऑफ सीरीज के शुरुआती मैच में शानदार जीत दर्ज की। मेसी के दो गोल ने इंटर मियामी को नैशविले एससी पर 3-1 से शानदार जीत दिलाई। यह मुकाबला शुक्रवार रात फोर्ट लॉडरडेल में खेला गया। आठ बार के बैलन डी'ओर विजेता लियोनेल मेसी को मैच शुरू होने से पहले 28 मुकाबलों में 29 गोल करने के लिए 'गोल्डन बूट' पुरस्कार से सम्मानित किया गया। नैशविले एससी के खिलाफ मुकाबले के 19वें मिनट में मेसी ने लुइस सुआरेज के क्रॉस पर डाइविंग हेडर लगाकर गोल किया। इसी के साथ मैच का खाता भी खुला। यह शानदार मूव सर्जियो बुस्केट्स के साइडलाइन के पास गेंद छीनने से शुरू हुआ, जिन्होंने फिर रोड्रिगो डे पॉल को पास दिया। डे पॉल ने मेसी और सुआरेज के साथ शानदार तालमेल बनाते हुए यह गोल किया। मुकाबले के 62वें मिनट इंटर मियामी ने अपनी बढ़त दोगुनी कर ली। जब इयान फ्रे की मदद से तादेओ अलेंदे ने हेडर से गोल करके मियामी को 2-0 से बढ़त दिलाई। मेसी ने 90+6 मिनट में मुकाबले का अपना दूसरा गोल दागकर स्कोर 3-0 कर दिया, लेकिन अतिरिक्त समय के 11वें मिनट में हनी मुख्तार ने गोल करते हुए आखिरकार नैशविले का खाता खोला। इस जीत से मियामी ने बेस्ट-ऑफ-थ्री सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। दूसरा मैच 1 नवंबर को नैशविल में खेला जाएगा। मेसी ने 3 साल के अनुबंध विस्तार पर हस्ताक्षर करने के ठीक एक दिन बाद यह मैच खेला। वह अब साल 2028 तक फ्लोरिडा में बने रहेंगे। मैच से पहले मेसी को गोल्डन बूट ट्रॉफी प्रदान करने वाले एमएलएस कमिश्नर डॉन गार्बर ने अमेरिकी फुटबॉल पर मेसी के प्रभाव की बहुत प्रशंसा करते हुए कहा, "मुझे नहीं लगता कि हमने कभी सोचा भी होगा कि लियो इस क्लब, इस शहर और इस लीग के लिए इतना अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे। उन्होंने मेजर लीग सॉकर की दिशा बदल दी है। हम पहले से ही काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे। मुझे लगता है कि तीन और साल का समय मिलना एक और तोहफा होगा।"

पंजाब में बड़ा सड़क हादसाः यात्रियों से खचाखच भरी रोडवेज बस पलटी, मचा चीख-पुकार

खन्ना  सवारियों से भरी पंजाब रोडवेज की एक बस के भीषण हादसे का शिकार हो जाने की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि बस में बैठी ज्यादातर सवारियों में छात्र शामिल थे। इस हादसे में करीब एक दर्जन सवारियां घायल बताई जा रही हैं। यह हादसा खन्ना में नेशनल हाईवे पर मैकडॉनल्ड्स के पास हुआ। सवारियों से भरी पंजाब रोडवेज की बस एक ट्रॉली से टकरा गई। इस हादसे में 10 से ज्यादा सवारियां घायल हुई हैं, जिन्हें तुरंत खन्ना के सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। यह बस लुधियाना से पटियाला जा रही थी और उसमें ज्यादातर छात्र सवार थे। दूसरी तरफ से आ रहा एक तेज रफ्तार ट्रॉला डिवाइडर पार कर बस से टकरा गया। हादसे की सूचना मिलते ही थाना सिटी 2 की पुलिस, सड़क सुरक्षा फोर्स और 108 एम्बुलेंस के कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। वहीं हादसे के कारण नेशनल हाईवे पर लंबा जाम लग गया। ट्रैफिक पुलिस मौके पर पहुंच गई है और यातायात सुचारू कर रही है। 

प्रोजेक्ट्स और कम्युनिटी डेवलपमेंट के लिए मोहन सरकार ने लिया कर्ज, चालू वित्त वर्ष का ऋण 42600 करोड़ तक

भोपाल  मध्य प्रदेश की मोहन सरकार आज ₹5200 करोड़ का कर्ज लेने जा रही है, जिसका भुगतान 29 अक्टूबर को सरकार को होगा। भाईदूज पर प्रदेश की 1.27 करोड़ लाड़ली बहनों के खाते में ₹250 जमा करने से चूकने के बाद, सरकार यह कर्ज 1 नवंबर को होने वाले मध्य प्रदेश स्थापना दिवस, लाड़ली बहना योजना और अन्य सरकारी परियोजनाओं के भुगतान के लिए ले रही है। चालू वित्त वर्ष का कुल कर्ज ₹42600 करोड़ हुआ आज लिए जा रहे कर्ज की पहली राशि ₹2700 करोड़ और दूसरी ₹2500 करोड़ की होगी। ये चालू वित्त वर्ष के क्रमशः बीसवें और इक्कीसवें कर्ज हैं। इस नए लोन के बाद, चालू वित्त वर्ष में सरकार द्वारा लिया गया कुल कर्ज बढ़कर ₹42600 करोड़ हो जाएगा। इसके साथ ही, एमपी सरकार पर मौजूदा कुल कर्ज ₹4,64,340 करोड़ तक पहुंच जाएगा। लंबी अवधि के लिए लिया जा रहा है कर्ज पहला कर्ज ₹2700 करोड़ का है, जो 21 साल की अवधि के लिए लिया जा रहा है और इसका ब्याज भुगतान अक्टूबर 2046 तक होगा। दूसरा कर्ज ₹2500 करोड़ का है, जो 22 साल की अवधि के लिए होगा और इसका भुगतान अक्टूबर 2047 तक ब्याज के रूप में किया जाएगा। एमपी का चालू वित्त वर्ष का कर्ज बढ़कर पहुंच जाएगा 42,600 करोड़ गौरतलब है ताजा 5200 करोड़ रुपए लोन के बाद एमपी सरकार का कुल चालू वित्त वर्ष का कर्ज बढ़कर 42,600 करोड़ रुपए पहुंच जाएगा. इससे पहले, मोहन सरकार ने दशहरे से पहले 3000 करोड़ रुपए का लोन लिया था. नए 5200 करोड़ रुपए के लोन से एमपी सरकार का कुल सरकारी कर्ज बढ़कर 4 लाख 64 हजार 340 करोड़ रुपए हो जाएगा.  कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए केंद्र की मंजूरी सरकार ने बताया है कि केंद्र सरकार ने आरबीआई के माध्यम से लिए जाने वाले कर्ज की यह राशि कैपिटल एक्सपेंडिचर ऑन प्रोडक्टिव स्कीम के लिए मंजूर की है। इन योजनाओं में मुख्य रूप से सिंचाई परियोजनाएं, सिंचाई और पावर प्रोजेक्ट्स, और कम्युनिटी डेवलपमेंट्स प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। सरकार देव उठनी एकादशी (1 नवंबर) से पहले यह कर्ज ले रही है। पिछले कर्जों का ब्यौरा इससे पहले मोहन सरकार ने दशहरा पर्व के ठीक पहले 1 अक्टूबर को ₹3000 करोड़ का कर्ज लिया था, जिसके लिए 30 सितंबर को ऑक्सन किया गया था। सितंबर माह में 9 सितंबर को ₹4000 करोड़ के तीन कर्ज और 23 सितंबर को ₹1500-1500 करोड़ के दो कर्ज लिए गए थे। सरकार ने अपनी राजस्व स्थिति को संतोषजनक बताया है और कहा है कि लिया जा रहा यह कर्ज लोन की लिमिट के भीतर है। वित्त वर्ष 2023-24 में सरकार ₹12487.78 करोड़ के राजस्व अधिशेष (रेवेन्यू सरप्लस) में थी, जबकि 2024-25 में यह आय ₹1025.91 करोड़ सरप्लस बताई गई है। क्यों ले रही कर्ज? सूत्रों के मुताबिक यह राशि कई प्रोजेक्ट्स और कम्युनिटी डेवलपमेंट स्कीम्स के लिए ली जा रही है। वहीं, आगामी 1 नवंबर को स्थापना दिवस, लाड़ली बहना योजना और अन्य सामाजिक योजनाओं के भुगतान के लिए भी इस धनराशि का उपयोग किया जाएगा। पहले लिया था 3 हजार करोड़ का कर्ज  आपको बता दें कि इससे पहले भी सरकार ने 1 अक्टूबर को दशहरा से पहले 3000 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। और अब 5200 करोड़ कर्ज के साथ मध्यप्रदेश सरकार पर कुल कर्ज बढ़कर 4 लाख 64 हजार 340 करोड़ रुपए हो जाएगा।  लोन लेने की लिमिट बरकरार सरकार ने अपनी रेवेन्यू को लेकर कहा है कि वित्त वर्ष 2023-24 में सरकार 12487.78 करोड़ के रेवेन्यू सरप्लस में थी। इसमें आमदनी 234026.05 करोड़ और खर्च 221538.27 करोड़ रहा। इसके विपरीत वित्त वर्ष 2024-25 में प्रदेश सरकार की रिवाइज्ड आमदनी 262009.01 करोड़ और खर्च 260983.10 करोड़ बताया है। इस तरह पिछले वित्त वर्ष में भी सरकार की आय 1025.91 करोड़ सरप्लस बताई गई है। जो भी लोन लिया जा रहा है वह लोन की लिमिट के भीतर है। मोहन सरकार ने कब-कब लिया कर्ज     30 सितंबर को 1500-1500 करोड़ के दो कर्ज लिए गए थे जिसका भुगतान एक अक्टूबर को हुआ। यह कर्ज 20 साल और 23 साल की अवधि के लिए हैं।     23 सितंबर को 1500-1500 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए गए हैं जो 18 साल और 21 साल की अवधि के हैं।     नौ सितंबर को तीन कर्ज लिए गए थे जो 1500-1500 करोड़ तथा एक हजार करोड़ रुपए के थे। यह कर्ज 17 साल, 19 साल और 20 साल की अवधि के लिए हैं।     26 अगस्त को मोहन सरकार ने 2500 करोड़ और 2300 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए थे। यह लोन 20 साल और 18 साल की अवधि के लिए हैं।     5 अगस्त को 3 कर्ज लिए थे, जिसका भुगतान छह अगस्त को हुआ। इसमें पहला कर्ज 18 साल के लिए 1600 करोड़ का था। दूसरा कर्ज 20 साल के लिए 1400 करोड़ और तीसरा कर्ज 23 साल के लिए 1000 करोड़ रुपए का था। इस तरह कुल 4000 करोड़ रुपए का कर्ज लिया गया था।     30 जुलाई को 4300 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए। दोनों ही कर्ज 17 साल और 23 साल के लिए आरबीआई के माध्यम से लिए गए, जिसका भुगतान सालभर में दो बार कूपन रेट के जरिए ब्याज के रूप में किया जाएगा। ये दोनों ही कर्ज चालू वित्त वर्ष में लिए 7वें और 8वें कर्ज रहे हैं। अप्रैल के बाद ये कर्ज भी लिए     8 जुलाई को 2500 और 2300 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए थे। दोनों ही कर्ज 16 साल और 18 साल के लिए आरबीआई के माध्यम से लिए, जिसका भुगतान सालभर में दो बार कूपन रेट के जरिए ब्याज के रूप में किया जाएगा।     आरबीआई के माध्यम से 2 लोन 4 जून को लिए। पहला लोन 16 साल के लिए 2000 करोड़ रुपए का था। सरकार ब्याज के साथ इसकी अदायगी 4 जून 2041 तक करेगी। दूसरा लोन 18 साल के लिए 2500 करोड़ रुपए का था। यह 4 जून 2043 तक ब्याज के साथ चुकाया जाएगा।     सरकार ने चालू वित्त वर्ष का पहला कर्ज 7 मई को लिया था। इस दिन दो कर्ज ढाई-ढाई हजार करोड़ रुपए के लिए … Read more

कर्मचारियों के लिए खुशखबरी: 8वें वेतन आयोग को कैबिनेट की हरी झंडी, अध्यक्ष नियुक्त

नई दिल्ली 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है. 8वें वेतन आयोग को लागू करने के लिए अध्‍यक्ष को चुन लिया गया है. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई को आठवें वेतन आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है. साथ ही कैबिनेट ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के सभी टर्म और कंडीशन की मंजूरी भी दे दी है.  इस आयोग के गठन के बाद वेतन आयोग 18 महीने में अपनी रिपोर्ट पेश करेगा, जिसके आधार पर 8वें वेतन आयोग को लागू कर दिया जाएगा. केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशें जनवरी 2026 से लागू किए जाने की हैं.  8वां केंद्रीय वेतन आयोग एक अस्थायी निकाय होगा, जिसमें  एक अध्यक्ष , एक पार्ट टाइम सदस्य एक सदस्य-सचिव होंगे. यह आयोग अपने गठन की तारीख से 18 महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट और सिफारिशें पेश करेगा. इन सिफारिशों के आधार पर 8th Pay Commission देश में लागू किया जाएगा. किन बातों का ध्‍यान रखेगा आयोग?      8वां केंद्रीय वेतन आयोग अपनी रिपोर्ट पेश करते वक्‍त तमाम बातों का खास ख्‍याल रखेगा.      देश की आर्थिक स्थिति और राजकोषीय अनुशासन (Fiscal Prudence) की आवश्यकता कितनी होगी?      यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता कि विकासात्मक व्यय (Developmental Expenditure) और कल्याणकारी उपायों (Welfare Measures) के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हों.     गैर-योगदान आधारित पेंशन योजनाओं (Non-Contributory Pension Schemes) की अवित्तपोषित लागत (Unfunded Cost).     आयोग की सिफारिशों का राज्य सरकारों के वित्त (State Governments finances) पर संभावित प्रभाव, जो आमतौर पर इन सिफारिशों को कुछ संशोधनों के साथ अपनाती हैं.     केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (Central Public Sector Undertakings) और निजी क्षेत्र (Private sector) के कर्मचारियों को उपलब्ध वेतन संरचना (Emolument Structure), लाभ (Benefits) और कार्य स्थितियां (Working Conditions). गौरतलब है कि केंद्रीय वेतन आयोग समय-समय पर गठित किए जाते हैं, ताकि केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को महंगाई के हिसाब से वेतन, रिटायरमेंट बेनिफिट्स और अन्य सर्विस का लाभ मिल सके. अभी देश में 7वां वेतन आयोग लागू है, जिसके आधार पर साल में दो बार महंगाई भत्ता दिया जाता है. केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता अभी 58 फीसदी है.  कब लागू होगा 8वां वेतन आयोग?  आम तौर पर वेतन आयोगों की सिफारिशें हर 10 साल के अंतराल पर लागू की जाती हैं. इस हिसाब से देखा जाए तो 8वें वेतन आयोग जनवरी 2026 से लागू हो सकता है. वहीं केंद्रीय मंत्री अश्‍विनी वैष्‍णव ने भी जनवरी से सिफारिशें लागू होने की उम्‍मीद जताई हैं. सरकार ने जनवरी 2025 में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन का ऐलान किया था, ताकि केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के वेतन और अन्य लाभों में आवश्यक परिवर्तन की समीक्षा कर सिफारिशें दी जा सकें.      गौरतलब है कि केंद्रीय वेतन आयोग समय-समय पर गठित किए जाते हैं, ताकि केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को महंगाई के हिसाब से वेतन, रिटायरमेंट बेनिफिट्स और अन्य सर्विस का लाभ मिल सके. अभी देश में 7वां वेतन आयोग लागू है, जिसके आधार पर साल में दो बार महंगाई भत्ता दिया जाता है. केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता अभी 58 फीसदी है. 

विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने राज्यपाल बागडे से की मुलाकात

जयपुर राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे से मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने राजभवन पहुंचकर मुलाकात की। राज्यपाल से उनकी यह शिष्टाचार भेंट थी। राज्यपाल श्री बागडे से बाद में उन्होंने राज्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर संवाद भी किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव: कर्मचारियों के सहयोग के बिना सरकार की सफलता अधूरी

सरकार की सफलता कर्मचारियों के सहयोग के बिना संभव नहीं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के सच्चे कर्मयोगी हैं कर्मचारी कर्मचारियों के कल्याण के लिए राज्य सरकार सदैव तत्पर वेतन विसंगति, ग्रेड पे और पदनाम परिवर्तन के लिए नया आयोग बनाया जाएगा यूपीएससी की तर्ज पर एक परीक्षा कराई जाएगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दीपावली मिलन समारोह में कर्मचारियों को संबोधन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सरकार की सफलता कर्मचारियों के सहयोग के बिना संभव नहीं है। प्रदेश के विकास में अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। शासकीय कर्मचारियों के चेहरे की खुशी ही हमारे विकास का आधार है। कर्मचारी प्रदेश के सच्चे कर्मयोगी हैं जो प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना को जमीन पर उतारने में अहम भूमिका निभाते हैं। राज्य सरकार कर्मचारियों के हितों के लिए हर कदम पर साथ खड़ी है। कर्मचारियों के कल्याण के कार्यों के लिए राज्य सरकार सदैव तत्पर है। राज्य शासन ने 1 जनवरी 2005 को या उसके बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए एकीकृत पेंशन योजना लागू करने के लिए समिति गठित करने का निर्णय लिया है, इससे पेंशन की विसंगतियों को दूर करने में मदद मिलेगी। राज्य सरकार सभी वर्गों का समान रूप से ध्यान रख रही है। विभिन्न कर्मचारी संवर्गों की वेतन विसंगति, ग्रेड पे, पदनाम परिवर्तन के लिए सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों को सम्मलित कर नया आयोग बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जन सामान्य के कार्यो का त्वरित रूप से निराकरण और अपने कर्त्तव्यों के प्रति प्रतिबद्धता, शासकीय अधिकारियों, कर्मचारियों का दायित्व है। शासन-प्रशासन परस्पर सहयोग से प्रदेश को तेज गति से सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य कर्मचारी संघ द्वारा मंत्रालय स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में आयोजित दीपावली मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीपावली मिलन समारोह के अयोजन पर प्रसन्न्ता व्यक्त की। नई भर्ती आरंभ कर 2 लाख नए पद सृजित किए जाएंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखते हुए राज्य सरकार ने 9 साल से लंबित हाउस रेंट अलाउंस का निराकरण कराया है। सरकार की मंशा है कि सभी पात्र अधिकारी-कर्मचारियों के प्रमोशन हों लेकिन प्रकरण अभी कोर्ट में लंबित है। हमें विश्वास है कि प्रदेश के लगभग 4 लाख अधिकारी-कर्मचारियों को जल्द ही पदोन्नति का लाभ मिलेगा। साथ ही नई भर्ती आरंभ कर 2 लाख नए पद भी सृजित किए जाएंगे। यूपीएससी की तर्ज पर एक परीक्षा कराई जाएगी, जिससे अलग-अलग पदों को भरने के लिए कई परीक्षाएं न कराना पड़े। पुलिस भर्ती में तेजी लाने के लिए पुलिस भर्ती बोर्ड बनाया जा रहा है। पुलिस विभाग में 20 हजार पद भरे जाएंगे। भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। आंगनबाड़ी पर्यवेक्षकों के 476 नए पद स्वीकृत किए गए हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाओं के 19,504 नए पदों पर पहली बार डिजिटल पद्धति से भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही हैं। कर्मचारियों के हित में जल्द ही निर्णय लेगी राज्य सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के समान राज्य कर्मचारियों को भी 55 प्रतिशत महंगाई भत्ते का लाभ दिया है और एरियर का भुगतान भी 5 समान किस्तों में जून से अक्टूबर 2025 तक कर्मचारियों को किया जा चुका है। जल्द ही राज्य सरकार के दो साल पूरे होने जा रहे हैं कर्मचारियों के हित में हर संभव निर्णय लिए जाएंगे। अब तक कर्मचारियों को स्मार्ट सिटी परियोजना के 366 आवास आवंटित किए जा चुके हैं। नए 300 से अधिक आवास भी बनकर तैयार हैं जल्द ही इन्हें सिंगल क्लिक के माध्यम से अधिकारियों-कर्मचारियों को आवंटित किया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को भी जीवन ज्योति बीमा और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का लाभ देने की स्वीकृति दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छठ पर्व की बधाई और मंगलकामनाएं भी दीं। कार्यक्रम में विधायक भगवानदास सबनानी, भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह, मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत वास्तव,प्रदेश महामंत्री जितेंद्र सिंह सहित विभिन्न कर्मचारियों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

भव्य आयोजन के लिए तैयार राज्योत्सव, 1 लाख लोगों के जुटने का अनुमान, BJP नेता करेंगे भीड़ इकट्ठा

रायपुर  छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष में आयोजित होने जा रहे राज्योत्सव 2025 को इस बार बेहद भव्य बनाने की तैयारी चल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 नवंबर को नवा रायपुर में आयोजित मुख्य समारोह में शामिल होंगे। कार्यक्रम स्थल पर इस बार अस्थायी पीएमओ (प्रधानमंत्री कार्यालय) भी बनाया गया है, जहां से पीएम विजिट की मॉनिटरिंग की जाएगी। पीएम इसी अस्थाई कार्यालय में लंच भी लेंगे। बताया जा रहा है कार्यक्रम में करीब 1 लाख लोगों की भीड़ जुटेगी। इसकी जिम्मेदारी भाजपा नेताओं को दी गई है। PM साढ़े तीन लाख परिवारों को देंगे घर की चाबी इस बार राज्योत्सव में पीएम मोदी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत साढ़े तीन लाख परिवारों को घर की चाबी सौंपेंगे। साथ ही करीब 1250 करोड़ रुपए हितग्राहियों के खातों में अंतरित करेंगे। बस्तर, सरगुजा और अन्य जिलों के 5 से 10 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री मंच से खुद चाबी प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न स्थलों का किया निरीक्षण मुख्यमंत्री साय ने सबसे पहले नवा रायपुर स्थित श्री सत्य साईं हॉस्पिटल का निरीक्षण किया. उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा, सभागार व्यवस्था, मंच और आमंत्रित अतिथियों के बैठने की व्यवस्था का जायजा लिया. इसके पश्चात मुख्यमंत्री साय प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ध्यान केंद्र पहुंचे, जहांउन्होंने प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम की बिंदुवार समीक्षा की. उन्होंने ध्यान केंद्र के सभागार, मेडिटेशन रूम एवं बाहरी परिसर का निरीक्षण करते हुए सभी व्यवस्थाओं को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए. ट्राइबल म्यूज़ियम बनेगा जनजातीय अस्मिता का अमर प्रतीक मुख्यमंत्री साय ने शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का निरीक्षण किया. उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय जनजातीय समाज की वीरता, बलिदान और अस्मिता का अमर प्रतीक बनेगा. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि संग्रहालय के प्रत्येक अनुभाग को इस प्रकार तैयार किया जाए कि वह आगंतुकों को छत्तीसगढ़ के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली अध्याय से गहराई से परिचित करा सके. उन्होंने प्रदर्शनी दीर्घाओं, मल्टीमीडिया गैलरी, स्मृति कक्ष और बाहरी परिसर की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की. राज्य स्थापना दिवस समारोह को सफल और ऐतिहासिक बनाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय लगातार समीक्षा बैठकें कर रहे हैं। कार्यक्रम की निगरानी की जिम्मेदारी डिप्टी सीएम अरुण साव, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी और वन मंत्री केदार कश्यप को दी गई है। वहीं पार्टी संगठन की ओर से प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी और क्रेडा चेयरमैन भूपेंद्र सिंह सवन्नी को कार्यकर्ताओं की व्यापक उपस्थिति सुनिश्चित करने का दायित्व सौंपा गया है। अनुमान है कि इस आयोजन में करीब एक लाख लोग शामिल होंगे। राज्योत्सव स्थल बनेगा छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का दर्पण मुख्यमंत्री साय ने नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव स्थल का भी दौरा किया और तैयारियों की जानकारी ली. उन्होंने मुख्य मंच, पार्किंग क्षेत्र, विभागीय डोम, प्रदर्शनी दीर्घा, वीआईपी दीर्घा और आमजन के लिए बनाए गए मार्गों का निरीक्षण किया. उन्होंने कहा कि राज्योत्सव छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, संस्कृति और आत्मविश्वास का उत्सव है, इसलिए यह आयोजन उत्कृष्टता की नई मिसाल बने. मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएं और सुरक्षा, स्वच्छता तथा आमजन की सुविधा से जुड़े सभी बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाए. इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, सचिव श्री राहुल भगत सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे. सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सख्त प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। एडीजी दीपांशु काबरा को सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके साथ 5 से अधिक आईजी, 12 डीआईजी, और करीब 2000 पुलिस जवान तैनात रहेंगे। 29 अक्टूबर से फोर्स नवा रायपुर में तैनाती शुरू करेगी। 1 नवंबर से भारी वाहनों की नो एंट्री 1 नवंबर को भारी वाहनों और बसों की नो-एंट्री रहेगी। आम लोगों के मार्ग भी बदले जाएंगे। प्रधानमंत्री का रूट एयरपोर्ट से सेक्टर-24, फिर सत्य साईं अस्पताल, विधानसभा भवन और ट्राइबल म्यूजियम तक रहेगा। एयरपोर्ट का मुख्य द्वार बंद रहेगा और यात्रियों को पुराने टर्मिनल से आवाजाही करनी होगी। 16 पार्किंग स्थल बनाए गए भीड़ और जाम से बचने के लिए प्रशासन ने 16 पार्किंग स्थल बनाए हैं, जो मेला स्थल से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर होंगे। यहां 10 हजार बाइक, 5 हजार बसें और 3 हजार कारें पार्क की जा सकेंगी। पार्किंग से लोगों को लाने-ले जाने 100 ई-रिक्शे लगेंगे राज्योत्सव समारोह में आने वाले लोग कहीं भी ट्रैफिक जाम न फंसे और आने-जाने वालों को कोई दिक्कत न हो। इसलिए नवा रायपुर में 16 जगहों पर पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। ये सभी पार्किंग मेला स्थल से एक से सवा किमी दूरी पर हैं। पार्किंग से मेला स्थल पहुंचने के लिए लोगों को किसी भी तरह की तकलीफ न हो इसलिए वहां हर दिन 100 ई-रिक्शों के साथ ही बसें भी तैनात की जाएंगी। लोग इन पर निशुल्क यात्रा कर मेला स्थल में पहुंच सकेंगे। 30 स्टॉलों में सरकारी योजनाओं की झलक राज्योत्सव के दौरान छत्तीसगढ़ शासन की अलग-अलग योजनाओं और उपलब्धियों को दर्शाने के लिए 30 आकर्षक स्टॉलों की प्रदर्शनी लगाई जा रही है। शिल्पग्राम में झलकेगी लोकसंस्कृति की पहचान राज्योत्सव मेला ग्राउंड के दूसरे हिस्से में शिल्पग्राम और प्रदर्शनी क्षेत्र का निर्माण किया जा रहा है। यहां प्रदेश के कई जिलों से आए शिल्पकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे और हस्तशिल्प उत्पादों की बिक्री भी कर सकेंगे। शिल्पग्राम में प्रवेश से लेकर निकास तक आगंतुकों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और परंपरा की झलक देखने मिलेगी। नवा रायपुर की दिशा से आने वाले दर्शक पहले गेट से सीधे शिल्पग्राम में प्रवेश कर पाएंगे। फन पार्क बनेगा आकर्षण का केंद्र राज्योत्सव में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ फन पार्क और मीनाबाजार दर्शकों के लिए मुख्य आकर्षण रहेंगे। फन पार्क में मनोरंजक गेम जोन बनाए गए हैं, जबकि मीनाबाजार में पारंपरिक झूले और खेलों का आनंद लिया जा सकेगा। दर्शकों की सुविधा के लिए इनके समीप फूड कोर्ट तैयार किया गया है, जहां लोग स्थानीय और पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद ले सकेंगे। इनमें सभी प्रमुख विभागों की योजनाएं प्रदर्शित होंगी। कार्यक्रम स्थल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और संबंधित विभागीय मंत्रियों के बड़े कटआउट्स भी लगाए जाएंगे। सरकारी विभागों के … Read more

सफलता और शुभ फल पाने के लिए सुबह करें ये शक्तिशाली मंत्रों का जाप

सुबह का समय दिन का सबसे पवित्र समय माना जाता है. कहा जाता है कि जिस व्यक्ति की दिन की शुरुआत सकारात्मक ऊर्जा और भगवान के स्मरण से होती है, उसके जीवन में खुशियां, शांति और सफलता बढ़ती हैं. ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हर सुबह मंत्रों का जाप करने से नकारात्मकता दूर रहती है और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है. सुबह उठते ही जाप करने वाले विशेष मंत्र     ॐ सूर्याय नम: माना जाता है कि इस मंत्र के जाप से स्वास्थ्य में सुधार होता है और कामों में सफलता मिलती है.     ॐ नमः शिवाय: यह मंत्र मन को शांत करता है, तनाव कम करता है और नकारात्मक विचारों को दूर करता है.     ॐ गं गणपतये नमः विघ्नहर्ता गणेश जी का यह मंत्र हर कार्य में आने वाली रुकावटों को दूर करने में सहायक होता है.     गायत्री मंत्र सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती है, बुद्धि और निर्णय शक्ति का विकास होता है.     हनुमान चालीसा के दोहे साहस, आत्मविश्वास और सुरक्षा का भाव बढ़ता है. क्यों है सुबह मंत्र जाप का महत्व?     सुबह का समय शांत और शुद्ध होता है, जिससे मंत्रों का प्रभाव अधिक होता है.     मन और शरीर दोनों ताजगी से भरे होते हैं.     यह दिनभर सकारात्मक सोच बनाए रखने में मदद करता है.     मन की एकाग्रता और आध्यात्मिक ऊर्जा में वृद्धि होती है. मंत्र जाप का सही तरीका सुबह स्नान या हाथ-मुँह धोकर किसी शांत स्थान पर बैठें. दीपक जलाकर भगवान का स्मरण करते हुए मंत्र का जाप करें. क्या सुबह मंत्र जाप करना जरूरी है? सुबह का समय पवित्र माना जाता है. इस समय मंत्र जाप करने से मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास बढ़ता है. कितने समय तक मंत्र जाप करना चाहिए? 5 से 10 मिनट भी पर्याप्त हैं. यदि समय हो तो अधिक कर सकते हैं. क्या स्नान से पहले मंत्र जाप कर सकते हैं? बेहतर है स्नान या कम से कम हाथ-मुँह धोकर जाप करें ताकि शरीर और मन दोनों शुद्ध रहें.