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64 गैंगस्टर एक साथ ढेर! पुलिस ऑपरेशन बना देश का अब तक का सबसे बड़ा एनकाउंटर

ब्राजील देश में कई बड़े-बड़े एनकाउंटर हुए हैं. लेकिन, बीते दिन इतिहास का एक सबसे बड़ा एनकाउंटर हुआ, जिसमें कम से कम 64 क्रिमिनल्स को पुलिस ने ढेर कर दिया. इस एक्शन में हालांकि पुलिस के भी कुछ जवानों को अपनी जान देनी पड़ी. यह घटना अपने देश का नहीं बल्कि हजारों मील दूर ब्राजील की है. दरअसल, ब्राजील के रियो डी जेनेरो में संगठित अपराध के खिलाफ की गई अब तक की सबसे बड़ी पुलिस कार्रवाई में कम से कम 64 लोगों की मौत हो गई. सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि मृतकों में चार ब्राजीलियाई पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं. यह कार्रवाई शहर के उत्तरी इलाकों, विशेष रूप से एलेमाओ और पेनहा कॉम्प्लेक्स फेवेला क्षेत्रों में केंद्रित थी, जहां कमांडो वर्मेल्हो (रेड कमांड) नामक अपराधी संगठन का वर्चस्व है. रियो डी जेनेरो के गवर्नर क्लाउडियो कास्ट्रो ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पुलिस ने कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में ड्रग्स जब्त किए. अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि कम से कम 42 राइफलें भी बरामद की गईं. मंगलवार दोपहर को एक्स पर एक पोस्ट में कास्ट्रो ने इस कार्रवाई को रियो डी जेनेरो के इतिहास की सबसे बड़ी ऑपरेशन करार दिया. राज्य सरकार ने एक्स पर एक लंबे थ्रेड में बताया कि यह अभियान कमांडो वर्मेल्हो के क्षेत्रीय विस्तार का मुकाबला करने के लिए एक साल से अधिक समय से तैयार किया जा रहा था. इसमें 2,500 से अधिक सैन्य और सिविल पुलिसकर्मी शामिल थे. कमांडो वर्मेल्हो ब्राजील का सबसे पुराना सक्रिय अपराधी संगठन है, जिसका नाम रेड कमांड 1985 तक चले सैन्य तानाशाही के दौरान जेलों में बने वामपंथी कैदियों के संगठन से प्रेरित है.   इनसाइट क्राइम थिंक टैंक के अनुसार, यह संगठन अब एक विशाल ट्रांसनेशनल अपराधी नेटवर्क बन चुका है, जो ड्रग तस्करी और वसूली में लिप्त है. हाल के वर्षों में राज्य की कार्रवाइयों और अन्य अपराधी मिलिशिया के साथ बढ़ती हिंसा से यह जूझ रहा है. कार्रवाई के दौरान स्थिति बेहद तनावपूर्ण रही. रॉयटर्स द्वारा जारी वीडियो में एलेमाओ फेवेला से काले धुएं के विशालकाय स्तंभ उठते दिखाई दिए. बाद में ली गई तस्वीरों से पता चला कि ये धुएं जले हुए वाहनों से निकल रहे थे, जिन्हें गैंग ने बैरिकेड के रूप में इस्तेमाल किया था. रियो डी जेनेरो पुलिस विभाग ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि मंगलवार को कम से कम 81 लोग गिरफ्तार किए गए.अधिकारीयों का दावा है कि गैंग ने कार्रवाई का जवाब देने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया. राज्य सरकार ने एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि प्रतिशोध में अपराधियों ने पेनहा कॉम्प्लेक्स में पुलिस अधिकारियों पर ड्रोन से हमला किया.  

लालू और सोनिया पर अमित शाह का तंज — सीएम-पीएम की कुर्सियाँ रिज़र्व नहीं है

पटना गृह मंत्री अमित शाह आज बिहार दौरे पर हैं। उन्होंने दरभंगा के अलीनगर में चुनावी रैली को संबोधित किया। भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी मैथिली ठाकुर के लिए वोट मांगने पहुंचे अमित शाह ने मिथिलावासियों से लोकगायिका को वोट देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मिथिला की धरती से मैं स्वर कोकिला स्वर्गीय शारदा सिन्हा को प्रमाण कर अपने संबोधन की शुरुआत कर रहा हूं। कहा कि पीएम मोदी ने जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न और स्वर कोकिला स्व. शारदा सिन्हा को पद्म विभूषण देकर मिथिलावासियों को सम्मान देने का काम किया। गृह मंत्री ने राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि लालू और सोनिया को मैं कहना चाहता हूं कि सीएम या पीएम की सीट खाली नहीं है। वहां पीएम मोदी हैं और यहां पर सीएम नीतीश कुमार हैं। देश और बिहार में कोई भी सीट खाली नहीं है। आप लोग बताओ लालू और राबड़ी ने बिहार के लिए कुछ किया है? मैं बताता हूं कि लालू-राबड़ी ने लैंड फॉर जॉब, बाढ़ राहत घोटला समेत कई घोटले किए। कांग्रेस पार्टी ने 2004 से 2014 तक 12 लाख करोड़ के घोटाले किए। लालू प्रसाद को दिया यह मैसेज पीएम मोदी ने कहा कि मिथिलावासियों को मैं धन्यवाद देता हूं कि पिछले चुनाव में आपलोगों ने 10 में से 9 विधानसभा सीट एनडीए की झोली में डाली थी। इस बार एक सीट भी नहीं छोड़ना है। 10 के 10 सीटों को एनडीए की झोली में डालना है। आपको मिथिला की बेटी को जिताना है। मैं पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव की पार्टी को कहना चाहता हूं कि अलीनगर से मिथिला की बेटी मैथिली ठाकुर ही जीतेगी और पूरी दुनिया में यहां का सम्मान बढ़ाएगी। इसलिए आप लोग दरभंगा की 10 के 10 सीट एनडीए की झोली में डालकर पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार को मजबूती दीजिए। बिना राजनीतिक बैकग्राउंड वाली मैथिली को टिकट दिया गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भाजपा ने राजनीति में युवाओं को हमेशा मौका दिया। पीएम मोदी ने कहा कि एक लाख युवाओं को भाजपा पंच, सरपंच, विधायक और सांसद का टिकट देकर चुनाव लड़वाएगी। लालू जी पार्टी वाले पूछते हैं कि भाजपा ने किसको टिकट दिया। हमने 25 साल की युवा मैथिली ठाकुर को बिना कोई राजनीतिक बैकग्राउंड के टिकट दिया। आप बताओ क्या राजद कांग्रेस में ऐसा हो सकता है। लालू यादव अपने बेटे तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री और सोनिया गांधी अपने बेटे राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं। केवल भाजपा ही है जो परिवारवाद की राजनीति को नहीं मानती है। भाजपा ही केवल युवाओं को मौका दे सकती है। पीएम मोदी ने पीएफआई वालों को जेल भेजा गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हमारी ही सरकार ने पीएफआई वालों को जेल भेजा। मोदी सरकार ने इस देश में आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब देने की परंपरा कायम की। पटना के फुलवारीशरीफ में पीएफआई वाले पहुंचे गए। कांग्रेस की सरकार में पीएफआई बना लेकिन किसी ने बैन नहीं लगा। लेकिन, पीएम मोदी ने पीएफआई पर बैन लगाया और सलाखों के पीछे भेज दिया। आप बताइए क्या लालू और राहुल की सरकार बनी तो पीएफआई वाले जेल में रहेंगे क्या? सरकार बनते ही पीएफआई वालों को जेल से बाहर निकाल देंगे। दरभंगा में मेट्रो ट्रेन की सेवा शुरू होगी गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 2027 में हमलोग संसार का तीसरे नंबर का अर्थतंत्र बन जाएगा। दरभंगा में पीएम मोदी ने 216 करोड़ की लागत से शोभन-बायपास बनाया। पूर्णिया-पटना एक्सप्रेस-वे की नींव रखी। कमला नदी पर नया पुल बनाया। आजादी के बाद पहली बार कमला नदी पर पुल बना। रेलवे स्टेशन बनाया जा रहा है। अब जल्द ही दरभंगा में मेट्रो भी आने वाली है। इसके अलावा वंदे भारत, अमृत भारत ट्रेनें दरभंगा से चलाई जा रही है। दरभंगा के लिए एम्स बनने की भी शुरुआत हो गई है। किसी को दिल्ली जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कोई भी बीमारी आएगी तो दरभंगा एम्स में इलाज होगा। पीएम नरेंद्र मोदी ने पांच लाख तक का इलाज मुफ्त कर दिया है। इतना ही नहीं 44 लाख गरीबों के घर बन चुके हैं। और, 20 लाख घर अप्रूव किए गए हैं। वह भी जल्द मिल जाएगा। मखाना बोर्ड की स्थापना किया जा रहा है। बाढ़ मुक्त बनाने के लिए पश्चिमी कोसी नहर बनाया जा रहा है। सीएम नीतीश कुमार ने एक करोड़ 25 लाख जीविका दीदियों के खाते में 10-10 हजार रुपये दिए गए। इसके बाद गृह मंत्री ने छह नवंबर और 12 नवंबर को एनडीए को वोट देने की अपील की। कहा कि पहले मतदान करें फिर जलपान करें। आप सभी एनडीए के प्रत्याशी को वोट करें।  

अल्काराज पेरिस मास्टर्स के दूसरे दौर में बाहर

पेरिस दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी कार्लोस अल्काराज ने पहला सेट जीतने के बाद लगातार गलतियां की जिसके कारण उन्हें पेरिस मास्टर्स टेनिस टूर्नामेंट के दूसरे दौर में बाहर का रास्ता देखना पड़ा। अल्काराज को गैरवरीय कैमरून नॉरी ने 4-6, 6-3, 6-4 से हराया। छह बार के ग्रैंड स्लैम विजेता ने मंगलवार को दूसरा सेट हारने के बाद कोच जुआन कार्लोस फेरेरो के साथ भी चर्चा की। अल्काराज ने मैच के बाद कहा, ‘‘मैं अपने खेल से वास्तव में निराश हूं। आज मुझे अच्छा नहीं लग रहा था और मैंने बहुत सारी गलतियां की।’’ इस हार के साथ ही अल्काराज़ का मास्टर्स प्रतियोगिताओं में 17 मैचों से चला आ रहा विजय अभियान भी टूट गया। यही नहीं उन्हें अपनी नंबर एक रैंकिंग से भी हाथ धोना पड़ सकता है क्योंकि अगर दूसरे स्थान पर काबिज़ यानिक सिनर यह टूर्नामेंट जीत जाते हैं तो एटीपी रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंच जाएगे। अल्काराज ने इस सत्र में आठ खिताब जीते हैं जिसमें फ्रेंच ओपन और अमेरिकी ओपन के अलावा तीन मास्टर्स टूर्नामेंट भी शामिल हैं। नॉरी का अगला मुकाबला बुधवार को वैलेन्टिन वाचेरोट और आर्थर रिंडरक्नेच के बीच होने वाले मैच के विजेता से होगा। वाचेरोट ने मंगलवार को पहले दौर में 14वीं वरीयता प्राप्त जिरी लेहेका को 6-1, 6-3 से हराया। पांचवीं वरीयता प्राप्त बेन शेल्टन ने फ्लेवियो कोबोली को 7-6 (4), 6-3 से हराकर तीसरे दौर में प्रवेश किया। अब उनका सामना आंद्रे रुबलेव से होगा। नौवीं वरीयता प्राप्त फेलिक्स ऑगर अलियासिमे और 11वें नंबर के दानिल मेदवेदेव ने भी जीत हासिल की।  

कृषि मंत्री को मंच पर जगह नहीं मिली, नीचे बैठकर जीत लिया जनता का दिल — देखें पूरा मामला

कैथल  कैथल में प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा के कार्यक्रम में जमकर प्रोटोकॉल टूटे। मंत्री को बैठने के लिए मंच पर कुर्सी तक नहीं मिली। मंत्री से पहले अन्य पदाधिकारियों को मंच पर उपस्थित होना चाहिए था, लेकिन वे खुद ही मंत्री के पहुंचने के बाद लगभग 15- 20 मिनट बाद पहुंचे। जब पार्टी के पदाधिकारी लेट पहुंचे और उन्हें मंच पर कुर्सी नहीं मिली तो पूर्व जिला अध्यक्ष अशोक गुर्जर के कहने पर मंत्री भी मंच से नीचे आकर दर्शकों में बैठ गए। उनके साथ-साथ सभी अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मंच से नीचे उतर गए।  इसके बाद जिन पदाधिकारियों का नाम बोला गया, केवल वही लोग ही मंच पर बैठे। बाद में कृषि एवं कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने अवस्था को हंसी मजाक में टाल दिया और बोले की स्टेज लकड़ी की थी और हमारे कार्यकर्ता हैं भारी-भारी, कहीं टूट ना जाए इसीलिए नीचे आकर बैठ गए. उन्होंने ये भी कहा की हमारी पार्टी अनुशासन का पालन करती है और इसीलिए हम नीचे आकर बैठ गए तो सभी ने अनुशरण किया। बता दें कृषि मंत्री मंगलवार को पुरानी अनाज मंडी चीका में स्थित मार्केट कमेटी कार्यालय में नवनियुक्त मार्केट कमेटी चीका के चेयरमैन जगमाल सिंह राणा व वाइस चेयरमैन मांगे राम जिंदल को पदग्रहण करवाने पहुंचे थे। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नव नियुक्त चेयरमैनों को कुर्सी पर बैठाने की जिम्मेदारी दी थी, इसके लिए यहां उपस्थित हुए हैं। हरियाणा में किसानों, मजदूरों व आढ़तियों की समस्याओं का प्राथमिकता के साथ समाधान किया जाता है। नव नियुक्त चेयरमैन व उप चेयरमैन भी मंडियों का पूरा ख्याल रखेंगे और सड़क, पानी, बिजली आदि व्यवस्था पर पूरी निगरानी करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में देश व प्रदेश नई ऊंचाइयों को छू रहा है। भारत को विकसित देश बनाने के लिए हम सभी की भागीदारी जरूरी है। सरकार हर वर्ग के लोगों के कल्याण के लिए नित नई-नई योजनाएं क्रियान्वित कर रही है और यह जरूरतमंद व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ भी सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि किसान हित हमेशा से सरकार की प्राथमिकता रही है और उनके जीवन में समृद्धि लाना हमारा संकल्प है। सरकार किसानों की फसलों को एमएसपी पर खरीद रही है। उन्होंने कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर उन्हें खुशहाल बनाना सरकार का लक्ष्य है। किसानों, मजदूरों व आढ़तियों की सुनी समस्याएं इस अवसर पर कृषि मंत्री श्याम सिंह ने किसानों, मजदूरों व आढ़तियों की समस्याएं सुनी। जिसमें आढ़त बढ़ाने की मांग पर उन्होंने केंद्र और मुख्यमंत्री से बात करने का आश्वासन दिया। अन्य शिकायत में पुरानी अनाज मंडी में पानी निकासी के कार्य को पूरा करवाया जाएगा। पंजाब की तर्ज पर स्थाई लाइसेंस करना, नई अनाज मंडी में सुविधाएं प्रदान करना, पुरानी अतिरिक्त अनाज मंडी में किसान भवन बनाना, भागल मंडी में शेड, पानी, बिजली आदि संबंधित समस्याएं सुनी और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।    

हर दिन बढ़ रहे मरीज, अस्पतालों में बेड की किल्लत! शहर में फैल रही ये बीमारी बनी चिंता का कारण

अहमदगढ़  शहर में डेंगू का प्रकोप दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है, जिसके चलते शहर के सभी अस्पतालों में डेंगू के मरीजों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है लेकिन नगर परिषद अहमदगढ़ इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। नगर परिषद डेंगू मच्छरों से छुटकारा दिलाने के लिए कोई छिड़काव नहीं करवा रही है जिसके चलते डेंगू का प्रकोप दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। यहां यह बताना जरूरी है कि शहर के धार्मिक और सामाजिक कामों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाली संस्था श्री सालासर बाला जी सेवा मंडल पिछले कई दिनों से डेंगू से बचाव के लिए शहर के अलग-अलग इलाकों में दवा का छिड़काव करवा रही है। लेकिन करीब 40 हजार की आबादी वाले शहर में एक मशीन होना काफी नहीं है, वह भी प्राइवेट मशीन में। शहर में डेंगू के कारण सैंल कम होने का ट्रेंड दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है, जिससे प्रभावित मरीज को बचाने के लिए लुधियाना से भारी खर्च पर सैंल मंगाकर मरीज को लगाए जा रहे है। जिसके कारण सैंल कम होने से एक डेंगू मरीज पर कम से कम 25 हजार का खर्च आ रहा है। अगर यह प्रोसेस दो बार किया जाए तो 50 हजार तक का खर्च लगभग तय है जिसके कारण शहरवासियों में डर का माहौल है। यहां देखने वाली बात यह है कि नगर परिषद शहरवासियों को इस बीमारी से लड़ने के लिए ओर कितना समय खुला छोड़ेगी या जल्द ही छिड़काव करके डेंगू को कम करने या खत्म करने में सफल होगी। 

मध्य प्रदेश: सागर के दो मोहल्लों में हिंदू परिवार मजबूरी में अन्य जगहों पर पलायन

सागर  मध्य प्रदेश के सागर में शनिचरी और शुक्रवारी इलाकों से पिछले 10 सालों में हिंदू परिवारों का पलायन चिंता का विषय बन गया है। पिछले दशक में यहां हिंदू आबादी में 4.88 प्रतिशत की गिरावट आई है। एक खास वर्ग की बढ़ती आबादी कैसे अपने पड़ोस के दूसरे वर्ग को परेशान कर देती है, सागर में इसकी चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। यहां के दो पुराने मोहल्लों शुक्रवारी और शनीचरी में हिंदू परिवार अपनी संपत्ति बेचकर दूसरे मोहल्लों और कॉलोनियों में रहने को मजबूर हो गए। दोनों मोहल्लों में कभी मिश्रित आबादी थी। पिछले कुछ समय में यहां मुस्लिम आबादी इतनी तेजी से बढ़ी कि दोनों क्षेत्र अब मुस्लिम बहुल हो चुके हैं। यहां हिंदुओं का पलायन इतनी तेजी से हो रहा है कि जिला प्रशासन ने दोनों मोहल्लों में संपत्ति की खरीद-बिक्री यानी पंजीयन पर फिलहाल रोक लगा दी है। 41 परिवारों ने संपत्ति मुस्लिम परिवारों को बेची विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष अजय दुबे का कहना है कि इन क्षेत्रों में धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए हिंदू घरों के बाहर मांस फेंका जाना, महिलाओं का उत्पीड़न और लव जिहाद के प्रयासों के कारण हिंदू समुदाय के लिए यहां घुटन वाली स्थिति पैदा की गई। जिन लोगों से बन पड़ा वे औने-पौने दाम में संपत्ति बेचकर अन्य क्षेत्रों में जाकर बस गए। बताया जा रहा है कि वर्ष 2020-21 से अब तक 68 हिंदू परिवारों के 288 लोग दोनों मोहल्ले छोड़ चुके हैं। उनमें से 41 परिवारों ने अपनी संपत्तियां मुसलमानों को बेची, क्योंकि वहां दूसरा कोई खरीदने को तैयार भी नहीं है। इसकी शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तक भी पहुंची थी। बता दें, दोनों मोहल्लों में करीब सात हजार मतदाता हैं। पंजीयन से पहले एसडीएम करेंगे सौदे की जांच कलेक्टर संदीप जीआर ने जिला पंजीयक को पत्र जारी कर शनिचरी और शुक्रवारी क्षेत्र के हिंदू समाज के लोगों की संपत्तियों की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी है। आदेश है कि यहां के लोग मकानों के क्रय-विक्रय के लिए पंजीयन कार्यालय में स्लाट बुक कराएं तो उसकी जानकारी एसडीएम को दी जाए। एसडीएम दोनों पक्षों का बयान लेकर यह जांच करेंगे कि इस सौदे में उनकी सहमति है या मजबूरन ऐसा करना पड़ रहा है। एसडीएम के संतुष्ट हो जाने के बाद ही संबंधित संपत्ति का पंजीयन होगा। पिछले पांच सालों में 41 हिंदू परिवारों ने अपने घर बेचकर ये इलाके छोड़ दिए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि ये सभी मकान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने खरीदे हैं। पिछले एक दशक में 63 हिंदू परिवारों के 228 लोग यहां से जा चुके हैं, और अभी भी कई घरों पर बिकाऊ के बैनर लगे हुए हैं। रहवासी ने बताया कि उनके 150 साल पुराने पुश्तैनी मकान को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने घेर लिया और परेशान करने लगे। घर पर केवल महिलाएँ थीं। मजबूरी में उन्हें अपना 18 लाख रुपये का मकान मात्र 5.30 लाख रुपये में बेचना पड़ा। रहवासी ने बताया कि उनके घर के बाहर मीट के टुकड़े और अंडे के छिलके फेंके जाते थे। जिससे वहां रहना मुश्किल हो गया था। उनका 625 वर्गफीट का मकान दो साल तक नहीं बिका, आखिर में उन्हें कम कीमत में बेचना पड़ा। एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि उनकी बेटी को एक मुस्लिम युवक ने प्रेम-प्रसंग में फँसाया, जिससे मजबूरन उसे अपनी बेटी की शादी उस युवक से करानी पड़ी। बाद में बेटी को प्रताड़ित किया गया और मकान बेचने पर मजबूर किया गया। संतोष कुमार साहू ने बताया कि उनके आसपास सिर्फ 1-2 हिंदू परिवार बचे थे। मुस्लिम लोगों के मकान अधिक होने से उनके बच्चों की शादियाँ नहीं हो रही थीं। वहां के माहौल के चलते रिश्ते नहीं आ रहे थे। उन्हें अपने 30 लाख रुपये के मकान को 22 लाख रुपये में बेचना पड़ा। शनिचरी चौगना इलाके की एक हिंदू महिला ने बताया कि पति के न होने पर उन्हें अपनी दो बेटियों की सुरक्षा का डर रहता था। मुस्लिम समुदाय के लोगों से विवाद के बाद उन्होंने अपने 22 लाख रुपये के मकान को 14 लाख रुपये में बेचा। विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष अजय दुबे ने कहा कि क्षेत्र में माहौल खराब होने के कारण हिंदू परिवार अपने मकान बेचकर जा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से पलायन रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है और यह भी कहा कि उनका संगठन परेशान परिवारों की मदद के लिए तैयार है। यह मुद्दा प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है, जिस पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है। हिंदू संगठनों ने बढ़ाई सक्रियता पलायन की बात सामने आने के बाद हिंदू संगठनों ने इन मोहल्लों में सक्रियता बढ़ा दी है। शिव सेना के उप राज्य प्रमुख पप्पू तिवारी ने बताया कि हम उनसे बाहरी दबाव और परेशान करने वाली हरकतों की जानकारी साझा करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं ताकि समय रहते उनकी सहायता की जा सके। पता लगाया जाएगा कोई दबाव तो नहीं     कलेक्टर का आदेश आया है, जिसमें शुक्रवारी और शनिचरी मोहल्लों में संपत्ति के क्रय-विक्रय के पंजीयन को लेकर कहा गया है कि ऐसे मामलों की पहले एसडीएम जांच करेंगे। ऐसा इसलिए ताकि पता लगाया जा सके कि कोई किसी के दबाव में तो अपनी संपत्ति नहीं बेच रहा है। – निधि जैन, जिला पंजीयक, सागर  

सैलरी में बंपर बढ़ोतरी — अब ₹1 लाख वालों की इनकम होगी इतनी ज्यादा!

नई दिल्ली आठवें वेतन आयोग  को लेकर अब नई जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर 2.86 रखा जा सकता है। इसी आधार पर सैलरी स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव संभव है। ₹19,000 महीना तक बढ़ेगा वेतन रिपोर्ट के अनुसार, इस फिटमेंट फैक्टर के हिसाब से कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में लगभग ₹19,000 प्रति माह का इजाफा हो सकता है। यानी जो कर्मचारी अभी ₹1 लाख मासिक वेतन प्राप्त कर रहा है, उसकी तनख्वाह बढ़कर करीब ₹1.14 लाख प्रति माह तक पहुंच सकती है। क्या है फिटमेंट फैक्टर का फॉर्मूला? वेतन निर्धारण के लिए आयोग “फिटमेंट फैक्टर” का उपयोग करता है। फॉर्मूला है — नई बेसिक सैलरी = वर्तमान बेसिक सैलरी × फिटमेंट फैक्टर (2.86) यानी यदि किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक पे ₹25,500 है, तो बढ़ोतरी के बाद यह ₹72,930 तक जा सकती है। कब लागू होगी नई सैलरी? आठवें वेतन आयोग को अपनी सिफारिशें 18 महीने के भीतर सरकार को सौंपनी हैं। उसके बाद केंद्र द्वारा मंजूरी मिलने पर नया वेतन ढांचा लागू किया जाएगा। अनुमान है कि 2026 की शुरुआत तक यह लागू हो सकता है। कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत इस फैसले से करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 69 लाख पेंशनर्स को सीधा लाभ मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बढ़ोतरी से न केवल कर्मचारियों की आय में सुधार होगा, बल्कि बाजार में उपभोग और मांग भी बढ़ेगी।  

गत चैंपियन टिन्नी गिलिस को हराकर अनाहत सेमीफाइनल में

टोरंटो (कनाडा) भारत की 17 वर्षीय उभरती खिलाड़ी अनाहत सिंह ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए बेल्जियम की गत चैंपियन और दूसरी वरीयता प्राप्त टिन्नी गिलिस को हराकर यहां कनाडा महिला ओपन स्क्वाश टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में प्रवेश किया। गैर वरीयता प्राप्त अनाहत ने मंगलवार की रात को 36 मिनट तक चले क्वार्टर फ़ाइनल मैच में दुनिया की सातवें नंबर की अपनी प्रतिद्वंद्वी को 3-0 (12-10, 11-9, 11-9) से हराया। यह भारतीय खिलाड़ी वर्तमान में विश्व रैंकिंग में 43वें स्थान पर है। यह अनाहत की अपने करियर की सबसे बड़ी और शीर्ष 10 खिलाड़ियों के खिलाफ पहली जीत है। वह इस टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में हैं, जो कि पीएसए टूर सिल्वर लेवल की प्रतियोगिता है। उन्होंने प्री-क्वार्टर फाइनल में फ्रांस की विश्व की 20वें नंबर की खिलाड़ी मेलिसा अल्वेस को हराया था। अब सेमीफाइनल में उनका मुकाबला इंग्लैंड की विश्व की 10वें नंबर की खिलाड़ी और चौथी वरीयता प्राप्त जीना कैनेडी से होगा। अनाहत ने जीत हासिल करने के बाद कहा, ‘‘मैं वास्तव में उत्साहित हूं और वह (टिन्नी गिलिस) शीर्ष 10 खिलाड़ियों में से एक है और यह पहली बार है जबकि मैं शीर्ष 10 में शामिल किसी खिलाड़ी को हराने में सफल रही।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने अभी तक इस टूर्नामेंट में जिस तरह का प्रदर्शन किया है उससे मैं बहुत खुश हूं। मैंने आज सुबह अपने कोच से बात की और उन्होंने कहा कि अगर मैं पिछले दौर की तरह प्रदर्शन करती हूं तो किसी भी खिलाड़ी को हरा सकती हूं। मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की मानसिकता के साथ यहां आई थी और इससे मुझे फायदा मिला।’’  

भारत बंद की चेतावनी! ट्रैक्टरों में राशन-दवाइयां लेकर किसान बैठे धरने पर

नागपुर महाराष्ट्र की सियासत और सड़कें दोनों इन दिनों गर्म हैं। पूर्व मंत्री और प्रहार जनशक्ति पार्टी के प्रमुख बच्चू कडू की अगुवाई में हजारों किसान अब “मीटिंग नहीं, आंदोलन से न्याय” के नारे के साथ सड़कों पर उतर आए हैं। नागपुर-हैदराबाद हाईवे पर किसानों ने डेरा डाल दिया है — ट्रैक्टरों की कतारें, सड़क पर पड़े कांटेदार पेड़ और हर ओर गूंजते नारे… दृश्य किसी जनक्रांति से कम नहीं। करीब 25 किलोमीटर तक हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग चुकी हैं और पुलिस बल हालात संभालने में जुटा है। जब तक कर्ज माफी नहीं, तब तक आंदोलन जारी बच्चू कडू ने साफ कहा है कि यह संघर्ष अब पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर किसानों की मांगें नहीं मानी गईं, तो अगला कदम ट्रेन रोकने और भारत बंद का होगा। उनका कहना है कि वर्षों से किसानों को भरोसे और वादों के सहारे रखा गया, लेकिन अब वे अपने अधिकार की लड़ाई निर्णायक मोड़ तक ले जाएंगे। कडू ने कहा- अब सरकार की मीटिंग नहीं, जनता की सड़कें न्याय देंगी। यह आंदोलन सिर्फ महाराष्ट्र नहीं, पूरे देश के किसानों की आवाज बनेगा।  किसानों की चार प्रमुख मांगें किसानों ने अपने आंदोलन के लिए चार स्पष्ट मांगें रखी हैं — -संपूर्ण कर्जमाफी -बारिश और फसल नुकसान का उचित मुआवजा -राज्य के दिव्यांग नागरिकों को ₹6,000 मासिक भत्ता -सभी फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी -कडू का कहना है कि ये मांगे किसानों के अस्तित्व से जुड़ी हैं, किसी राजनीतिक सौदेबाजी का हिस्सा नहीं। हाईवे पर जाम, प्रशासन अलर्ट मोड में प्रदर्शनकारियों ने जब से हाईवे जाम किया है, तब से ट्रैफिक व्यवस्था चरमराई हुई है। कई जगह यात्रियों को वैकल्पिक रास्तों से डायवर्ट किया गया है। पुलिस और प्रशासन ने प्रदर्शन स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है, ताकि स्थिति बेकाबू न हो।   आंदोलन के लिए तैयार किसान इस बार किसान लंबी लड़ाई के लिए पूरी तैयारी के साथ आए हैं। ट्रैक्टरों में राशन, दवाइयां, पानी और तंबू तक मौजूद हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि वे “खाली हाथ घर नहीं लौटेंगे” – चाहे उन्हें कितने भी दिन रुकना पड़े।  बच्चू कडू का बढ़ता जनसमर्थन कडू बीते महीनों से लगातार किसानों की समस्याओं को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साध रहे हैं। उन्होंने देशभर के किसानों को नागपुर बुलाकर इस आंदोलन को “महाएलगार” का नाम दिया है। ग्रामीण इलाकों में उनका यह रुख तेजी से चर्चा में है – एक तरफ सरकार इसे कानून-व्यवस्था की चुनौती मान रही है, तो दूसरी तरफ कई किसान संगठन अब खुले समर्थन में उतर आए हैं।  

IND vs AUS Semifinal: मेग लैनिंग ने बताया किस टीम का पलड़ा रहेगा भारी, दिया चौंकाने वाला जवाब!

मुंबई पूर्व कप्तान मेग लैनिंग का मानना ​​है कि भारत के खिलाफ गुरुवार को नवी मुंबई में होने वाले महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा भारी रहेगा क्योंकि सात बार की चैंपियन टीम में अविश्वसनीय गहराई है। गत चैंपियन ऑस्ट्रेलिया टूर्नामेंट में अपने रिकॉर्ड आठवें खिताब की तलाश में है और वह टूर्नामेंट में एकमात्र अजेय टीम है। ऑस्ट्रेलिया ने लीग चरण में भारत को तीन विकेट से हराया था।   लैनिंग ने आईसीसी रिव्यू से कहा, ‘‘मुझे लगता है कि ऑस्ट्रेलिया के पास अविश्वसनीय गहराई है। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में दिखाया है कि वे एक या दो खिलाड़ियों पर निर्भर नहीं हैं।’’ दो बार की विश्व कप विजेता लैनिंग ने कहा, ‘‘ऑस्ट्रेलिया अगर शुरू में कुछ विकेट को भी देता है तब भी उसके पास आगे बहुत अच्छे बल्लेबाज हैं और यही वजह है कि उसका पलड़ा भारी नजर आता है।’’ भाग्य के सहारे अंतिम चार में जगह बनाने वाली भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया की कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा और उसे उम्मीद रहेगी कि कप्तान हरमनप्रीत कौर आठ साल पहले खेली गई जादुई पारी जैसा करिश्मा दिखाने में सफल रहेंगी। हरमनप्रीत की 2017 में इंग्लैंड के डर्बी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में 115 गेंदों में नाबाद 171 रन की पारी एक महत्वपूर्ण क्षण था, जिसने महिला क्रिकेट को सुर्खियों में ला दिया था। ऑस्ट्रेलिया पर जीत से न केवल भारत का आत्मविश्वास बढ़ेगा बल्कि आईसीसी खिताब जीतने की उसकी उम्मीदों को भी पंख लग जाएंगे। भारतीय टीम के प्रदर्शन में अभी तक निरंतरता का अभाव रहा है और उसके पास ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम को पराजित करने का यह सुनहरा मौका है लेकिन इसके लिए उसके खिलाड़ियों को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। वर्तमान विश्व कप में भारतीय टीम का प्रदर्शन अभी तक उतार चढ़ाव वाला रहा है। पहले दो मैच में जीत के बाद उसे लगातार तीन मैच में हार का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद उसने अच्छी वापसी की और सेमीफाइनल में जगह बनाने में सफल रही। लेकिन इस दौरान प्रतीका रावल चोटिल होकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई जो भारतीय टीम के लिए करारा झटका है क्योंकि यह सलामी बल्लेबाज अच्छी फॉर्म में चल रही थी।