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घोषणापत्र लॉन्च कर 26 सेकेंड में गायब हुए NDA, कांग्रेस ने कहा – जनता को दिखा दिया सच

पटना बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर एनडीए के ‘संकल्प पत्र 2025’ पर विपक्ष ने जबरदस्त हमला बोला है। कांग्रेस के वरीय पर्यवेक्षक अशोक गहलोत ने इसे झूठ का पुलिंदा करार दिया। उन्होंने कहा, “सिर्फ 26 सेकेंड में घोषणापत्र जारी किया गया और फिर मीडिया के सवालों से बचकर भाग खड़े हुए। यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।” पटना के होटल मौर्या में आयोजित प्रेस वार्ता में गहलोत ने सवाल उठाते हुए कहा, “बीस साल से सरकार में रहकर एनडीए ने क्या काम किए, कौन-से वादे पूरे हुए, इसका जवाब क्यों नहीं दे रहे? और इस मौके पर नीतीश कुमार कहां थे? क्या वे बीमार हैं, या फिर उन्हें खुद अपने वादों पर भरोसा नहीं रहा?” गहलोत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस से भागने का लगाया आरोप उन्होंने कहा कि कांग्रेस जो वादे कर रही है, उसे निभाने का साहस रखती है। गहलोत ने कहा, “हम हर वादा कैबिनेट से पास कराकर पूरा करेंगे। जनता अब जुमले नहीं, जवाब चाहती है।” मोकामा कांड की जांच हो: अनुपम कांग्रेस नेता अनुपम ने मोकामा में हुई हत्या की घटना पर कहा कि “एनडीए प्रत्याशी के काफिले में हथियार कहां से आया? इसकी न्यायिक जांच जरूरी है।” आरजेडी बोली- एनडीए का घोषणापत्र एक थका हुआ भाषण है कांग्रेस की बातों का समर्थन देते हुए आरजेडी प्रवक्ता चितरंजन गगन ने कहा कि एनडीए का घोषणापत्र एक थका हुआ भाषण है जिसमें न योजना है, न नीयत। उन्होंने कहा, “महागठबंधन के काम को कॉपी करके अपने नाम पर बेचने की कोशिश की जा रही है। मगर जनता अब समझ चुकी है कि असली मुद्दा रोजगार, शिक्षा और उद्योग का है, और उस पर एनडीए के पास कोई जवाब नहीं।” गगन ने तंज करते हुए कहा, “नीतीश कुमार अब एनडीए में मुख्यमंत्री कम, मेहमान ज्यादा लग रहे हैं। बीजेपी ने उन्हें किनारे कर दिया है, और जनता इसे साफ देख रही है।”  

लखनऊ संभाग के उन्नाव, रायबरेली और लखनऊ में भी शनिवार से की जाएगी खरीद

पूर्वी उत्तर प्रदेश में पहली नवंबर से होगी धान खरीद  लखनऊ संभाग के उन्नाव, रायबरेली और लखनऊ में भी शनिवार से की जाएगी खरीद  धान (कॉमन)-2369 और (ग्रेड ए) का 2389 रुपये प्रति कुंतल एमएसपी तय पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 फरवरी 2026 तक चलेगी खरीद   पश्चिम उत्तर प्रदेश में पहली अक्टूबर से चल रही धान खरीद 48 घंटे के भीतर किसानों को भुगतान करा रही योगी सरकार दो महीने में 2.17 लाख से अधिक किसानों ने करा लिया पंजीकरण लखनऊ  खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत पहली नवंबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में धान खरीद शुरू होगी, 28 फरवरी 2026 तक चलेगी। इस अवधि में लखनऊ संभाग के उन्नाव, रायबरेली और लखनऊ में भी धान खरीद होगी। वहीं पहली अक्टूबर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और लखनऊ संभाग के हरदोई, लखीमपुर खीरी, सीतापुर जनपद में धान खरीद चल रही है। डबल इंजन सरकार ने इस वर्ष धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि भी की है। धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (कॉमन)-2369 और (ग्रेड ए) का 2389 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है। वहीं योगी सरकार की नीतियों पर समर्थन जताते हुए दो महीने में 2.17 लाख से अधिक किसानों ने बिक्री के लिए पंजीकरण भी करा लिया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश व लखनऊ संभाग के इन जनपदों में पहली नवंबर से शुरू होगी खरीद पूर्वी उत्तर प्रदेश के संभागों में पहली नवम्बर से धान खरीद शुरू होगी। यह खरीद पूर्वी उत्तर प्रदेश के चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मीरजापुर व प्रयागराज संभाग में होगी। इसके साथ ही लखनऊ संभाग के लखनऊ, रायबरेली व उन्नाव में भी पहली नवंबर से खरीद होगी, जो 28 फरवरी 2026 तक चलेगी। दो महीने में 2.17 लाख से अधिक किसानों ने करा लिया पंजीकरण धान बिक्री के लिए पहली सितंबर से पंजीकरण प्रारंभ हो गया था। 31 अक्टूबर (सुबह 11 बजे) तक 2,17,625 किसानों ने पंजीकरण करा लिया। वहीं पश्चिम उत्तर प्रदेश के 17 हजार से अधिक किसानों से एक महीने के भीतर 1.06 लाख मीट्रिक टन से अधिक की धान खरीद की जा चुकी है। योगी सरकार के निर्देश पर तेज गति से चल रहे कार्य की बदौलत 3920 क्रय केंद्र भी खुल गए हैं।  fcs.up.gov.in या UP KISAN MITRA  पर पंजीकरण अनिवार्य  धान बिक्री के लिए किसानों का पंजीकृत होना अनिवार्य है। किसानों को खाद्य व रसद विभाग की वेबसाइट fcs.up.gov.in या मोबाइल ऐप UP KISAN MITRA पर पंजीकरण कराना होगा। खरीद पंजीकृत किसानों से ही होगी। खाद्य व रसद विभाग के मुताबिक किसान किसी भी सहायता या जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 18001800150 नंबर पर कॉल या अपने जनपद के जिला खाद्य विपणन अधिकारी, तहसील के क्षेत्रीय विपणन अधिकारी व ब्लॉक के विपणन निरीक्षक से भी संपर्क साध सकते हैं। योगी सरकार ने 48 घंटे के भीतर किसानों को भुगतान का निर्देश दिया है।    

पंजाब के निलंबित DIG भुल्लर को जेल भेजा गया, CBI ने रिमांड की नहीं की मांग

चंडीगढ़  भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किए गए पंजाब के निलंबित DIG एचएस भुल्लर को शुक्रवार को अदालत ने 14 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। CBI ने भुल्लर का रिमांड बढ़ाने की मांग नहीं की, जिसके बाद अदालत ने यह फैसला सुनाया। भुल्लर की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से करवाई गई। CBI ने 16 अक्टूबर को एचएस भुल्लर को रिश्वत लेते हुए रंगे-हाथों गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद CBI ने उनके आवास पर करीब 21 घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया। इसमें 7 करोड़ 36 लाख 50 हजार रुपए नकद, लगभग 2 करोड़ 32 लाख रुपए मूल्य के सोने-चांदी के गहने और 26 महंगी ब्रांडेड घड़ियां बरामद की गई थीं। इस कार्रवाई के बाद CBI ने भुल्लर के कथित बिचौलिये कृष्णु को भी हिरासत में लिया था, जो फिलहाल CBI रिमांड पर है। शुक्रवार को अदालत में पेशी के दौरान CBI ने भुल्लर का रिमांड नहीं मांगा, बल्कि न्यायिक हिरासत की मांग की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। अब भुल्लर को 14 नवंबर को दोबारा CBI कोर्ट में पेश किया जाएगा। संपत्ति पुश्तैनी और नौकरी से पहले की भुल्लर के वकील एचएस धनोआ ने अदालत में कहा कि उनके मुवक्किल के खिलाफ गलत तथ्य सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जा रहे हैं। उन्होंने अदालत से सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही झूठी जानकारियों को नियंत्रित करने की अपील भी की। धनोआ ने कहा कि भुल्लर की सारी संपत्ति उनकी नौकरी शुरू होने से पहले की है और पुश्तैनी है। उन्होंने दावा किया कि समय आने पर सभी दस्तावेज और तथ्य अदालत में प्रस्तुत किए जाएंगे। CBI की जांच जारी CBI अधिकारियों के अनुसार, भुल्लर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच जारी है। एजेंसी फिलहाल जप्त किए गए दस्तावेजों, नकदी और कीमती सामानों की जांच-पड़ताल कर रही है। भुल्लर की गिरफ्तारी ने पंजाब पुलिस विभाग में हलचल मचा दी है और मामले ने राज्य में उच्च अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

एकता के संदेश के साथ दौड़ा पूरा जिला — बलौदाबाजार-भाटापारा में ‘रन फॉर यूनिटी’ आयोजित

बलौदाबाजार-भाटापारा राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आज जिले के सभी थाना क्षेत्रों में ‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द को बनाए रखना, नागरिकों में एकता की भावना को सशक्त करना तथा अपराध एवं नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए जनजागरण फैलाना रहा। पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देशन में सुबह 7:30 बजे से जिलेभर में रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, स्कूली छात्र-छात्राएं और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम के पश्चात साइबर सुरक्षा, यातायात जागरूकता एवं नशा मुक्ति विषयों पर व्याख्यान आयोजित किया गया। इसमें विशेषज्ञों ने लोगों को डिजिटल युग में सतर्क रहने, यातायात नियमों का पालन करने और नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ भी दिलाई गई, जिसमें देश की अखंडता और एकता को बनाए रखने का संकल्प लिया गया।

हाई कोर्ट ने कहा, बहू को घर में रहने का अधिकार, संपत्ति का नहीं

 नई दिल्ली दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक ऐसा फैसला सुनाया जो परिवार के झगड़ों में बुजुर्ग माता-पिता की शांति को सबसे ऊपर रखता है। कोर्ट ने कहा कि बुजुर्गों को अपने घर में शांति और गरिमा से रहने का पूरा अधिकार है। परिवारिक विवाद में भी यह हक कोई नहीं छीन सकता। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा। इसमें बहू को सास-ससुर के स्व-अर्जित घर से बाहर निकालने का निर्देश था। बहू का घर में रहने का हक कोर्ट ने घरेलू हिंसा से महिलाओं की रक्षा कानून (PWDV एक्ट) के तहत बहू के रहने के अधिकार को माना, लेकिन जोर देकर कहा कि यह सिर्फ 'कब्जे का हक' है, मालिकाना हक नहीं। जजों की बेंच ने टिप्पणी की, "कानून को ऐसा चलना चाहिए कि सुरक्षा भी बनी रहे और शांति भी।" अदालत ने दोनों पक्षों के हक को संतुलित करने पर जोर दिया गया। क्या है मामला? विवादित संपत्ति एक ही मकान थी। इसमें सीढ़ियां और रसोई साझा थे। कोर्ट ने कहा कि ऐसे में अलग रहना व्यावहारिक नहीं है। बुजुर्ग दंपति ने बहू के लिए वैकल्पिक घर का प्रस्ताव दिया। इसमें 65,000 रुपये मासिक किराया, मेंटेनेंस, बिजली-पानी बिल और सिक्योरिटी डिपॉजिट शामिल थे। सब खर्च वे खुद वहन करेंगे। कोर्ट ने अपील खारिज करते हुए कहा, “हक टकराने पर नाजुक संतुलन जरूरी है। किसी की गरिमा या सुरक्षा प्रभावित न हो।” PWDV एक्ट महिलाओं को बेघर होने से बचाता है। लेकिन बुजुर्गों को जीवन के अंतिम वर्ष शांतिपूर्वक बिताने का हक भी मजबूत है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि चार हफ्तों में बहू के लिए दो कमरों वाला फ्लैट ढूंढा जाए। इलाका पुराने घर जैसा हो। उसके दो हफ्ते बाद बहू को विवादित घर खाली करना होगा।

जुबिन गर्ग की अंतिम फिल्म ‘रोई-रोई बिनाले’ बनी ब्लॉकबस्टर, 800 स्क्रीन पर जारी जलवा

असमिया सिंगर जुबिन गर्ग की आखिरी फिल्म रोई-रोई बिनाले आज 31 अक्टूबर को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है. बीती 19 सितंबर को सिंंगापुर में स्कूबा इाइविंग के दौरान डूबने से सिंगर की मौत हो गई थी. जुबिन की मौत पर असम के साथ-साथ पूरा देश रोया था. जुबिन के अंतिम संस्कार पर जनसैलाब उमड़ा था और यह गेदरिंग दुनिया की चौथी सबसे बड़ी गेदरिंग थी. ऐसे में अब जुबिन की आखिरी फिल्म रोई-रोई बिनाले को देखने के लिए उनसे फैंस की भारी भीड़ थिएटर्स के लिए दौड़ रही है. जुबिन गर्ग की आखिरी फिल्म का क्रेज यह एक म्यूजिकल रोमांटिक ड्राम फिल्म है, जिसके लिए जुबिन लगभग 19 सालों से इस पर प्लान बना रहे थे. यह उनकी आखिरी ऑन-स्क्रीन उपस्थिति है और यह फिल्हम उनकी मौत से कुछ ही दिन बात पूरी हुई है. असम में रोई-रोई बिनाले को लेकर जुबिन के फैंस में इतना शानदार क्रेज है कि वो सुबह 4 बजे से फिल्म की टिकट लेने के लिए भारी बारिश के बीच खड़ रहे. असम में हर थिएटर हाउसफुल चल रहा है और फिल्म रोई-रोई बिनाले के लिए अगले एक हफ्ते के लिए एडवांब टिकट बुक हो चुके हैं रोई-रोई बिनाले असम के सासथ-साथ भारत की 30 सिटी की 800 स्क्रीन पर रिलीज हुई है और सभी हाउसफुल चल रही हैं. फिल्म की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए असम में लगभग आठ नए स्क्रीन खोले गए हैं, जिनके शो सुबह 5 बजे से आधी रात तक चलने वाले हैं इसी के साथ असम में रोई-रोई बिनाले के अलावा कोई भी फिल्म थिएटर में नहीं दिखाई जाएगी, जुबिन के लिए यह एक बहुत बड़ी ट्रिब्यूट है. फिल्म के प्रति जुबिन के फैंस का यह क्रेज देखने के बाद उम्मीद की जा सकती है कि फिल्म 100 करोड़ रुपये का बिजनेस जरूर कर सकती है और जो असमिया सिनेमा में बड़ा बदलाव ला सकती है. जुबिन गर्ग का स्पेशल ट्रिब्यूट देने के लिए असम सरकार ने घोषणा की है कि फिल्म की रिलीज से प्राप्त राज्य जीएसटी कलेक्शन को कलागुरु आर्टिस्ट्स फाउंडेशन को दी जाएगी, जिसकी स्थापना जुबिन गर्ग ने की थी. 'यह ऐतिहासिक है' 'रोई रोई बिनाले' के डायरेक्टर राजेश भुयान ने बताया, 'यह जुबिन की फिल्म नहीं बल्कि लोगों की फिल्म है, लोग सुबह 4 बजे फिल्म रिलीज के लिए आए, यह ऐतिहासिक है'. फिल्म निर्माता श्यामंतक गौतम ने कहा, 'अभूतपूर्व प्रतिक्रिया, हर स्क्रीनिंग हाउसफुल, हमें विदेशों से भी फिल्म की डिमांड आ रही है, यह फिल्म देश भर में इस फिल्म की 800 से ज्यादा स्क्रीनिंग हो चुकी हैं'. बता दें, रोई-रोई बिनाले एक म्यूजिकल फिल्म है, तो इसमें जुबिन गर्ग की 'मूल आवाज' की भी रिकॉर्डिंग शामिल है.

सोने और चांदी के दामों में तेजी, 22-24 कैरेट गोल्ड की नई कीमतें

इंदौर  अक्टूबर महीने के अंतिम दिन शुक्रवार, 31 अक्टूबर को सोना-चांदी की कीमतों में उछाल आया है. आज भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 1 लाख 20 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम से अधिक है. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, गुरुवार 30 अक्टूबर की शाम को 916 शुद्धता यानी 22 कैरेट गोल्ड का दाम 109571 रुपये प्रति 10 ग्राम था जो 31 अक्टूबर को 110667 रुपये तक पहुंच गया है. Gold-Silver Price Today 31 October: सोना-चांदी का लेटेस्ट रेट                                     शुद्धता        गुरुवार शाम का रेट                शुक्रवार सुबह का रेट        कितना महंगा हुआ गोल्ड/सिल्वर सोना (प्रति 10 ग्राम)     999 (24 कैरेट)     119619                                120815                          1196 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम)     995 (23 कैरेट)     119140                                  120331                       1191 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम)     916 (22 कैरेट)     109571                                  110667                       1096 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम)     750 (18 कैरेट)     89714                                   90611                           897 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम)     585 (14 कैरेट)     69977                                   70677                         700 रुपये महंगा चांदी (प्रति 1 किलो)     999                   146783                                 149142                         2359 रुपये महंगी IBJA रेट (गुरुवार, 30 अक्टूबर 2025) कल गुरुवार, 30 अक्टूबर को भी सुबह के मुकाबले शाम को सोना-चांदी के दाम में बढ़ोतरी हुई थी. सोने का भाव(999 शुद्धता): सुबह का रेट: ₹119253  प्रति 10 ग्राम शाम का रेट: ₹119619 प्रति 10 ग्राम चांदी का भाव (999 शुद्धता): सुबह का रेट: ₹145600 प्रति किलो शाम का रेट: ₹146783 प्रति किलो इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन द्वारा जारी किए गए दाम देश में सर्वमान्य हैं लेकिन इनकी कीमतों में जीएसटी शामिल नहीं होती है. गहने खरीदते समय सोने या चांदी के रेट टैक्स समेत होने की वजह से ज्यादा होते हैं. IBJA की ओर से केंद्र सरकार द्वारा घोषित रेट शनिवार और रविवार के साथ-साथ केंद्र सरकार की छुट्टियों पर जारी नहीं किए जाते. इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की ओर से जारी कीमतों से अलग-अलग प्योरिटी के सोने के स्टैंडर्ड भाव की जानकारी मिलती है. ये सभी रेट टैक्स और मेकिंग चार्ज के पहले के हैं.  

ड्रायर कर रहा है खटखट? अपनाएं ये 5 टिप्स और मशीन फिर से चल पड़ेगी स्मूदली

वॉशिंग मशीन का इस्तेमाल करने से काफी सहूलियत हो जाती है। टाइम भी बचता है और मेहनत भी। सेमी ऑटोमेटिक और फुल ऑटोमेटिक वॉशिंग मशीन के साथ ड्रायर भी आता है, जो कपड़े सुखाता है। लेकिन कभी-कभी इसमें समस्या आ जाती है। जैसे ड्रायर खटपट करता है और घूमता नहीं। इससे बहुत परेशानी होती है। कपड़े अच्छे से नहीं सूखते, शोर बहुत होता है और मशीन खराब हो सकती है। ड्रायर का ड्रम घूमना बंद हो जाए या धीमा हो जाए, तो कपड़े गीले रह जाते हैं। बिजली का बिल भी ज्यादा आता है क्योंकि मशीन ज्यादा लोड लेती है। लेकिन आप चाहें तो इस खटपट की आवाज से मुक्ति पा सकते हैं और खराब पड़े ड्रायर को ठीक कर सकते हैं। बेयरिंग चेक करें कूल ब्लू की रिपोर्ट बताती है कि अगर स्पिन करते समय खटखट की आवाज आ रही है तो बेयरिंग खराब हो सकते हैं। बेयरिंग मशीन के ड्रम को सहारा देते हैं। खाली ड्रम को हाथ से घुमाकर देखें। अगर आसानी से घूमता है तो बेयरिंग ठीक हैं। अगर ड्रम हिलता है या जंग लगा महसूस होता है तो बेयरिंग बदलने का समय है। वारंटी में है तो सप्लायर को फोन करें। वे मुफ्त ठीक कर देंगे। शॉक एब्जॉर्बर चेक करें शॉक एब्जॉर्बर और स्प्रिंग कमजोर हो जाएं तो ड्रम ज्यादा हिलता है। ड्रम को आगे-पीछे हिलाकर देखें। अगर आवाज आए तो ये खराब हैं। इन्हें बदलकर समस्या ठीक हो जाएगी। फिल्टर साफ करें टिकटिक की आवाज अक्सर फिल्टर से आती है। जेब में छोड़ी बटन या हेयर क्लिप ड्रम में चली जाती हैं। हर कुछ महीने में फिल्टर साफ करें। इससे आवाज बंद हो जाएगी। वॉटर हैमर अरेस्टर लगाएं पानी की पाइप से आवाज या कंपन आ रहा है तो पाइप में हवा ज्यादा है। इसे वॉटर हैमर कहते हैं। वॉटर हैमर अरेस्टर खरीदें। पहले मैन वाल्व बंद करें। मशीन का पानी बंद कर फिर खोलें। टी-यूनिट से अरेस्टर लगाएं। टी-यूनिट पर सीलिंग टेप लगाएं। सेफ्टी बोल्ट हटाकर देखें जब आप नई मशीन खरीदते हैं तो इसमें सेफ्टी के लिए बोल्ट लगे आते हैं. यदि इन्हें नहीं हटाया जाता है तो वॉशिंग मशीन स्पिन करते हुए जोर-जोर से हिलने लगती है। इसलिए जरूरी है कि पहले ही यूजर मैनुअल को ध्यान से पढ़ते हुए इसके बोल्ट निकाल लें। बता दें कि ऐसा बार-बार नहीं करना पड़ेगा। आप जब मशीन खरीदकर लाएं और इसे इंस्टॉल करें, तभी ही ये काम कर लें। मोटर में हो सकती है खराबी अगर ड्रायर का ड्रम बिल्कुल नहीं घूमता, लेकिन मशीन चालू होती है, तो मोटर में दिक्कत हो सकती है। पुरानी मशीनों में मोटर के ब्रश घिस जाते हैं। इससे मोटर चलती है लेकिन ड्रम को नहीं घुमाती। मशीन बंद करके पीछे का पैनल खोलें और बेल्ट देखें। नई बेल्ट सस्ती मिलती है। ब्रश चेक करने के लिए मोटर निकालें। ब्रश छोटे होते हैं, घिसे हों तो नए लगाएं।

सरकार का बड़ा फैसला: हरियाणा में TGT शिक्षकों की सेवा अवधि 30 नवंबर तक बढ़ी

चंडीगढ़  हरियाणा के TGT (ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर) के लिए राहत भरी खबर आई है। राज्य सरकार ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से नियुक्त सभी अनुबंधित TGT का कार्यकाल 30 नवंबर तक बढ़ाने का फैसला किया है। साथ ही, शिक्षा विभाग ने सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि बिना विभागीय अनुमति के किसी भी अध्यापक को कार्यमुक्त न किया जाए। मौलिक शिक्षा के महानिदेशक की ओर से जारी आदेशों में कहा गया है कि यह निर्णय मुख्य सचिव की स्वीकृति से लिया गया है, ताकि विद्यालयों में शिक्षण कार्य बिना किसी रुकावट के जारी रहे। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि आर्ट और फिजिकल एजुकेशन असिस्टेंट पदों पर कार्यरत शिक्षकों का कार्यकाल भी 30 नवंबर तक बढ़ाया है। इससे उन हजारों शिक्षकों को राहत मिलेगी, जो पहले कार्यकाल समाप्त होने की स्थिति में अनिश्चितता का सामना कर रहे थे। निदेशालय ने यह भी कहा है कि जिन शिक्षकों की सेवाएं पहले बढ़ाई जा चुकी थीं, वे भी इसी अवधि तक कार्यरत रहेंगे। सभी स्कूल प्रधानाचार्यों व मुख्याध्यापकों को सख्त रूप से निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने स्तर पर यह सुनिश्चित करें कि कोई भी शिक्षक बिना अनुमति के कार्यमुक्त न किया जाए। कार्यमुक्त से पहले अनुमति जरूरी विभाग ने कहा है कि यदि किसी भी कारण से किसी शिक्षक को कार्यमुक्त करने की आवश्यकता महसूस होती है, तो संबंधित जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से प्रस्ताव भेजा जाए और निदेशालय से पूर्व अनुमति प्राप्त की जाए। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कौशल रोजगार निगम के माध्यम से लगे अध्यापकों के कार्यकाल बढ़ाने संबंधी यह आदेश पूर्व निर्धारित शर्तों और नियमों के तहत ही प्रभावी रहेगा।

कल है देवउठनी एकादशी: जानें आपकी राशि के लिए कौन सा उपाय खोलेगा भाग्य के द्वार!

सनातन धर्म में देवउठनी एकादशी का विशेष महत्व है. इसे देवोत्थान एकादशी और प्रबोधिनी एकादशी भी कहा जाता है. चार महीने की योगनिद्रा के बाद, इस दिन सृष्टि के पालनहार भगवान विष्णु जागृत होते हैं और इसी के साथ सभी मांगलिक कार्य जैसे विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश आदि फिर से शुरू हो जाते हैं. इस दिन भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी, तुलसी माता और भगवान शालिग्राम की पूजा का विशेष महत्व होता है. यह दिन अक्षय पुण्य कमाने और अपनी मनोकामनाओं को पूरा करने के लिए बहुत शुभ माना जाता है. पंचांग के अनुसार, साल 2025 में देवउठनी एकादशी का व्रत 1 नवंबर, शनिवार को रखा जाएगा. आइए जानते हैं साल के इस पावन दिन राशि अनुसार कौन- कौन से उपाय करने चहिए. देवउठनी एकादशी पर राशि अनुसार करें ये विशेष उपाय! मान्यता के अनुसार, इस पावन अवसर पर अपनी राशि के अनुसार कुछ विशेष उपाय करने से भगवान श्रीहरि विष्णु शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं. मेष शाम को तुलसी जी को लाल फूल और लाल चंदन अर्पित करें. भगवान विष्णु को खीर का भोग लगाएं और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का 11 बार जाप करें. वृषभ तुलसी माता को दूध-चावल की खीर का भोग लगाएं. शालिग्राम भगवान को दूध से स्नान कराएं. शाम को दीपक जलाकर ‘ॐ ह्रीं लक्ष्म्यै नमः’ का जाप करें. मिथुन हरी मूंग दाल का दान करें. माता तुलसी का पूजन करें और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें. साथ ही ‘ॐ बुं बुधाय नमः’ मंत्र का जाप करें. कर्क भगवान विष्णु का दूध से अभिषेक करें. विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें. हल्दी की गांठें अर्पित करें. सिंह भगवान को गुड़ और गन्ने का भोग लगाएं. सूर्यदेव को जल अर्पित करें और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें. कन्या गरीब और जरूरतमंदों को हरे वस्त्र या फल दान करें. तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं. तुला मां लक्ष्मी और श्रीहरि को मिश्री और सफेद मिठाई का भोग लगाएं. तुलसी के पौधे पर लाल कलावा बांधें. वृश्चिक विष्णु मंदिर में जाकर पीले रंग के वस्त्र और फल दान करें. तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं और विष्णु चालीसा का पाठ करें. धनु भगवान विष्णु को पीले फूल, पीले वस्त्र और चने की दाल अर्पित करें. ‘ॐ नमो नारायणाय’ मंत्र का जाप करें. मकर भगवान विष्णु को पंचामृत से स्नान कराएं. पूजा में नीले रंग के आसन का प्रयोग करें. ‘ॐ महात्मने नमः और ऊँ लक्ष्म्यै नमः’ मंत्र का जप करें. कुंभ पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं. गरीबों को तिल या ऊनी वस्त्र दान करें. ‘ॐ महाकायाय नमः और ऊँ वसुधायै नमः’ मंत्र का जप करें. मीन भगवान विष्णु को केले और हल्दी अर्पित करें. विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें. ‘ॐ निर्गुणाय नमः और ऊँ कमलायै नमः’ मंत्र का जप करें. देवउठनी एकादशी पर इन कार्यों को करना न भूलें! तुलसी विवाह: इस दिन भगवान शालिग्राम और माता तुलसी का विवाह संपन्न कराया जाता है, जो कन्यादान के समान पुण्यकारी माना जाता है. देवों को जगाना: शंख, घंटा-घड़ियाल बजाकर श्रीहरि विष्णु और अन्य देवों को उनकी योगनिद्रा से जगाएं और उनसे शुभ कार्यों को पुनः आरंभ करने की प्रार्थना करें. दान-पुण्य: इस दिन अन्न, धन, वस्त्र, ऋतुफल (गन्ना, सिंघाड़ा आदि) का दान करना अक्षय पुण्य प्रदान करता है और दरिद्रता दूर होती है. दीपदान: शाम के समय घर के मुख्य द्वार और तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक अवश्य जलाएं. इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर घर में वास करती हैं.