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11 मामलों का बोझ और चुनाव की जंग: दुलारचंद यादव हत्या केस में नामजद अनंत सिंह

पटना बिहार विधानसभा चुनाव की वोटिंग से पहले मोकामा से जेडीयू के प्रत्याशी एवं बाहुबली पूर्व विधायक अनंत सिंह मर्डर केस में फंस गए हैं। मोकामा से जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्षी के समर्थन में प्रचार के दौरान दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में अनंत सिंह को नामजद आरोपी बनाया गया है। गुरुवार को मोकामा के टाल इलाके में स्थित हुए इस हत्याकांड के बाद क्षेत्र से मोकामा में विधानसभा का चुनाव खूनी रंजिश में बदल गया। टाल क्षेत्र में तनाव का माहौल है, पुलिस गांवों में कैंप कर रही है।  रात मृतक दुलारचंद यादव के पोते के बयान पर पुलिस ने अनंत सिंह, उनके दो भतीजों रणवीर और कर्मवीर समेत 5 लोगों पर हत्या की नामजद प्राथमिकी दर्ज की। मृतक के परिजनों का आरोप है कि अनंत सिंह के लोगों ने पहले गोली मारी और फिर गाड़ी चढ़ाकर दुलारचंद की हत्या कर दी। हालांकि, अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पटना के एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने बताया कि मोकामा के तारतर गांव के पास दो पक्षों के बीच मारपीट हुई। पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां 2 से 3 गाड़ियां खड़ी मिलीं। गाड़ियों के शीशे टूटा हुआ था। इसमें से एक गाड़ी में दुलारचंद यादव का शव पाया गया। दुलारचंद इस क्षेत्र के पूर्व में अपराधी रहे हैं। उन पर हत्या और आर्म्स एक्ट के कई मामले दर्ज हैं। हालांकि, जदयू प्रत्याशी अनंत सिंह ने हत्या के आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि जब वह चुनाव प्रचार कर लौट रहे थे तो आगे निकल गए। पीछे रह गई उनके काफिले की गाड़ियों को जन सुराज पार्टी समर्थकों ने घेर लिया और ईंट पत्थर से हमला कर दिया था। अनंत सिंह ने इसे राजद नेता सूरजभान सिंह की साजिश बताया है। वहीं, सूरजभान ने अनंत सिंह के आरोप पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। अनंत सिंह ने यह भी कहा कि झगड़े की पहल दुलारचंद यादव ने की थी।  दुलारचंद पर दर्ज हैं हत्या, रंगदारी सहित 11 मामले दुलारचंद पर हत्या, रंगदारी जैसे 11 संगीन मामले दर्ज थे. 80 के दशक में दुलारचंद का टाल इलाके में दहशत का सामराज्य था. वे माओवादी विचार का समर्थक रहे थे. 1990 मे वह कोर्ट से जमानत के बाद राजनीतिक जीवन बीता रहा थे और हाल के दिनों में जनसुराज के प्रत्याशी पीयूष के साथ चुनाव प्रचार कर रहे थे. दुलारचंद व अनंत सिंह के बीच पुरानी अदावत थी. 1990 में अनंत सिंह के भाई दिलीप सिंह के खिलाफ वे चुनाव भी लड़े थे, पर हार गये थे. कई दिनों से दोनों के बीच जुबानी जंग चल रही थी. कोल सप्लाइ के व्यवसाय से आर्थिक मजबूती मिली मूल रूप से मोकामा के घोसवरी निवासी दुलारचंद यादव किसान परिवार से आते थे. पिता रामकृष्ण यादव स्थानीय स्तर पर समाजसेवी माने जाते थे. दुलारचंद ने शुरुआती दिनों में ठेकेदारी और कोल सप्लाई के व्यवसाय के जरिये आर्थिक रूप से खुद को मजबूत किया. दुलारचंद यादव पर हत्या, रंगदारी, अवैध हथियार, भूमि विवाद, और चुनावी हिंसा जैसे आरोप शामिल है. 2009 के मोकामा विधानसभा चुनाव के दौरान गोलाबारी और बूथ कब्जे की घटना मे भी उनका नाम चर्चाओं में रहा. कांग्रेस नेता की हत्या में भी नामजद थे दुलारचंद 1991 में 16 नवंबर को लोकसभा पंडारक स्थित मतदान केंद्र पर कांग्रेस नेता सीताराम सिंह की गोली मारकर हत्या हो गयी थी. इस मामले में दुलारचंद समेत चार को नामजद अभियुक बनाया गया था. हालांकि बाद में दो लोगों को बरी कर दिया गया था. 2015 में बाढ़ अनुमंडल में हुए संजय सिंह हत्या कांड और 2018 में मोकामा थाना कांड संख्या- 152/18 (आर्म्स एक्ट) में भी उनका नाम उभरा था. हालांकि कई मामलों में वे बरी हो गए, लेकिन पुलिस रिकॉर्ड में स्थानीय दबंग नेता के रूप में उनका नाम लंबे समय तक बना रहा. मोकामा में कैसे हुआ बवाल? दुलारचंद यादव का बाढ़ और मोकामा के टाल इलाके में काफी दबदबा था। खुशहाल चक के निकट प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी गुरुवार दोपहर बाद करीब 3:30 बजे अपने समर्थकों के साथ प्रचार कर रहे थे। दुलारचंद यादव भी उनके साथ थे। उसी रास्ते से अनंत सिंह अपने समर्थकों के साथ गुजर रहे थे। बताया जाता है कि दोनों पार्टियों के समर्थकों के बीच गाली गलौज शुरू हो गई। बात बढ़ने पर ईंट-पत्थर चलाना शुरू कर दिया। बाद में गोली भी चली और दुलारचंद यादव की मौत हो गई।

यूजर्स के लिए नई सुविधा: Galaxy AI और अन्य अपडेट से स्मार्टफोन का इस्तेमाल अब आसान और सुरक्षित

मुंबई  Samsung यूजर्स के लिए दो बड़े और शानदार अपडेट आए हैं, जो उनके स्मार्टफोन के इस्तेमाल को और भी आसान और सुरक्षित बना देंगे. पहला अपडेट Galaxy AI के लिए है, इसमें गुजराती भाषा को जोड़ा गया है. दूसरा Samsung Wallet में भी नअ बदलाव किए गए है जिसने डिजिटल पेमेंट के तरीके को बदल दिया है. Galaxy AI अब आपकी लोकल भाषा को समझेगा Samsung ने Galaxy AI में दो नई भाषाओं गुजराती और फिलिपीनो का सपोर्ट जोड़ा है, जिससे अब यह कुल 22 भाषाओं को सपोर्ट करेगा. यह अपडेरोल आउट हो रहा है. इस कदम से भारत में गुजराती बोलने वाले लाखों यूजर्स अब अपनी लोकल भाषा में सैमसंग की एडवांस्ड AI टेक्नोलॉजी का फायदा उठा पाएंगे. आप अपने स्मार्टफोन की सेटिंग्स ऐप से इन भाषाओं को डाउनलोड करके Galaxy AI के Live Translate फीचर में इस्तेमाल कर सकते हैं. गुजराती और फिलिपीनो भाषा मॉडल को सैमसंग ने भारत और इंडोनेशिया के रिसर्च सेंटर्स के साथ मिलकर तैयार किया है. सैमसंग इंडिया के सीनियर डायरेक्टर के अनुसार, लोकल भाषा को जोड़ना उनके मिशन का हिस्सा है. इससे अलग-अलग भाषा बोलने वाले भारतीय यूजर्स मोबाइल AI का पूरा फायदा आसानी से उठा सकें. Samsung Wallet में एडवांस फीचर्स  Samsung Wallet ऐप में आए नए फीचर्स ने डिजिटल पेमेंट को पहले से भी ज्यादा तेज और सुरक्षित बना दिया है. अब कोई भी यूजर अपना नया गैलेक्सी स्मार्टफोन सेटअप करते ही सैमसंग वॉलेट के जरिए UPI रजिस्ट्रेशन करके तुरंत पेमेंट कर पाएगा. सबसे बड़ा अपडेट यह है कि अब यूपीआई पेमेंट्स के लिए पिन डालने की जरूरत नहीं होगी. इस फीचर को हाल ही में NPCI की मंजूरी मिली थी. अब यह फीचर सैमसंग वॉलेट ऐप में उपलब्ध होगा. सुरक्षित पेमेंट  आप सिर्फ अपने फिंगरप्रिंट या फेस रेकग्निशन के जरिए सुरक्षित तरीके से भुगतान कर पाएंगे. इसके साथ ही यह ऐप अब आपकी सभी डिजिटल चाबियों, पेमेंट्स, ID और कार्ड्स को एक ही जगह सुरक्षित रखने की सुविधा भी देती है. जिससे आपका स्मार्टफोन एक्सपीरियंस और भी स्मार्ट और स्मूथ हो जाता है. 

चंडीगढ़ मामला: सेना अधिकारी को मिली सजा, पीड़िता ने रखी अपनी प्रतिक्रिया

चंडीगढ़ सेना की एक जनरल कोर्ट मार्शल (GCM) ने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स (EME) कोर के एक कर्नल को बुधवार को सेवा से बर्खास्त करने का आदेश दिया। अधिकारी को अपने एक साथी कर्नल की पत्नी के साथ अवैध संबंध रखने का दोषी पाया गया। यह कोर्ट मार्शल मई में चंडीगढ़ स्थित ‘एन’ एरिया में शुरू हुआ था। अदालत ने आरोपी अधिकारी को चार में से तीन आरोपों में दोषी करार दिया। यह पूरी प्रक्रिया सेना अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत संचालित हुई। आरोप और फैसला इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पहला आरोप सेना अधिनियम की धारा 45 के तहत था, जो “एक अधिकारी द्वारा अपने पद और चरित्र के अनुरूप न होने वाले आचरण” से संबंधित है। आरोप था कि सितंबर 2021 से अगस्त 2022 के बीच आरोपी कर्नल ने अपने साथी अधिकारी की पत्नी से रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच फोन पर लगातार संपर्क रखा। इस आरोप में कोर्ट मार्शल ने आरोपी को दोषमुक्त पाया। महिला के पति ने अदालत में बताया कि उसे अपनी पत्नी के कॉल डिटेल्स एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए पैकेट में प्राप्त हुए थे। दूसरा और तीसरा आरोप भी धारा 45 के तहत था। इनमें कहा गया था कि आरोपी कर्नल सितंबर 2021 में हरिद्वार के होटल रेडिसन ब्लू और अप्रैल 2022 में देहरादून के होटल एनजे पोर्टिको में अपने साथी अधिकारी की पत्नी के साथ रुका था। इन दोनों आरोपों में आरोपी को दोषी ठहराया गया। चौथा आरोप सेना अधिनियम की धारा 69 के तहत था, जिसमें कहा गया कि आरोपी ने धोखाधड़ी से उस महिला का ‘डिपेंडेंट कार्ड’ इस्तेमाल किया, जबकि वह जानता था कि यह जाली है। इस आरोप में भी अधिकारी को दोषी पाया गया। गवाही और तर्क शिकायत करने वाले कर्नल ने गवाही में कहा कि दिसंबर 2006 में उनका विवाह हुआ था और वे सुखी दांपत्य जीवन जी रहे थे। लेकिन हरिद्वार की छुट्टी से लौटने और लेह यात्रा के बाद उनकी पत्नी के व्यवहार में बदलाव आने लगा। लेह यात्रा के दौरान महिला उसी आवास में ठहरी थी जिसकी व्यवस्था खुद आरोपी कर्नल ने की थी। क्या बोली महिला? वहीं, संबंधित महिला ने अदालत में बताया कि वह अपने पति के साथ पिछले 16 वर्षों से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेल रही थी और अब वह उसके साथ नहीं रह सकती। उसने यह भी कहा कि आरोपी कर्नल उसका बचपन का सहपाठी है और एक 42 वर्षीय एडल्ट के रूप में यह उसका अधिकार है कि वह किससे बात करे या न करे। महिला ने आरोपी कर्नल के साथ किसी भी होटल में ठहरने के आरोपों से इनकार किया है। कोर्ट मार्शल की अध्यक्षता मुख्यालय यूनिफॉर्म फोर्स के ब्रिगेडियर जगमिंदर सिंह गिल ने की, जबकि छह कर्नल इस मामले के सदस्य थे। यह कार्रवाई 8 माउंटेन डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल के. महेश के आदेश पर शुरू की गई थी। कोर्ट मार्शल द्वारा सुनाई गई सेवा से बर्खास्तगी की सजा अब कन्वीनिंग अथॉरिटी की पुष्टि के बाद अंतिम रूप लेगी। सेना के नियमों के अनुसार, किसी भी ऐसे निर्णय की पुष्टि से पहले संबंधित अधिकारी को अपील का अवसर प्रदान किया जाता है।

रायपुर में जनजातीय गौरव का नया केंद्र: केन्द्रीय मंत्री ओराम ने संग्रहालय लोकार्पण तैयारियों की समीक्षा की

रायपुर : केन्द्रीय मंत्री ओराम ने जनजातीय संग्रहालय के लोकार्पण की तैयारियों का लिया जायजा राज्योत्सव पर 1 नवम्बर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे संग्रहालय का उद्घाटन रायपुर केन्द्रीय जनजातीय मामले के मंत्री जोएल ओराम ने आज शाम निर्माण स्थल पहुंच कर नवा रायपुर, अटल नगर मे छत्तीसगढ़ के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेननियों के शौर्य गाथा की स्मृति में तैयार भव्य एवं आकर्षक शहीद वीरनारायण सिंह स्मारक सह-संग्रहालय के लोकार्पण की तैयारियों का जायजा लिया। गौरतलब है कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी राजयोत्सव के मौके पर 01 नवंबर को शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मारक सह-संग्रहालय का उदघाटन करेंगे। केन्द्रीय मंत्री ओराम ने इस दृष्टिकोण से सुरक्षा सहित अन्य अवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। छत्तीसगढ़ सरकार में आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम और विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने इस दौरान केन्द्रीय मंत्री जोएल ओराम को छत्तीसगढ़ मे हुए जनजातीय विद्रोहों और स्थापित गैलरियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। मंत्री ओराम ने जनजातीय संस्कृति एवं परंपराओं पर बने संग्रहालय का भी निरीक्षण किया । मंत्री नेताम ने ओराम को बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आव्हान पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जनजाति के वर्ग के ऐतिहासिक घटनाओं और परंपराओं के संरक्षण व संर्वधन के उद्देश्य से इन संग्रहालय के निर्माण का बिडा उठाया है, जो बनकर तैयार है। छत्तीसगढ़ रजत जंयती वर्ष, राज्योत्सव के मौके पर 1 नवम्बर को प्रधानमंत्री मोदी के करकमलों से इस संग्रहालय का लोकार्पण होगा। केन्द्रीय मंत्री ओराम ने जनजाति नायक-नायिकाओं के वीरगाथाओं पर तैयार इस जीवंत संग्रहालय की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जनजातीय वर्गों के ऐतिहासिक गौरव गाथा, शौर्य और बलिदान का प्रतीक यह स्मारक सह-संग्रहालय लोगों के समर्पित होगा है और यह संग्रहालय नई पीढ़ियों को पुरखों की वीर गाथाओं को अवस्मरणीय बनाएगा। उल्लेखनीय है कि शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मारक सह-संग्रहालय 50 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया जा रहा है। यहां 16 गैलरियों में अंग्रेजी हुकूमत काल में जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की मूर्तियां लगाई गई है। जनजातीय विद्रोहों के बारे में लोग आसानी से समझ सके इस लिहाज से डिजीटली व्यवस्था भी की गई है। इस अवसर पर उनके साथ विधायक किरण सिंह देव, आदिम जाति विकास विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, टीआरटीआई संचालक मती हिना अनिमेष नेताम सहित निर्माण कार्य में लगे अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की पहल से शिवनंदनपुर में 4 करोड़ के विकास कार्यों को हरी झंडी

रायपुर सूरजपुर जिले के शिवनंदनपुर नगर में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए लगभग 4 करोड़ रुपए के महत्वपूर्ण विकास कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई है। महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि इन योजनाओं से आमजन को प्रत्यक्ष राहत मिलेगी और क्षेत्र की बुनियादी जरूरतों को पूरा किया जाएगा।मंत्री मती राजवाड़े ने कहा कि जनता की सुविधा हमारी पहली प्राथमिकता है। विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ाए जा रहे हैं ताकि लोगों को जल्द से जल्द लाभ मिल सके। अधिकारियों ने बताया कि स्वीकृत प्रमुख कार्य में वार्ड 6 और वार्ड 13 में घाट निर्माण के लिए लगभग 21.87 करोड़ रुपए की लागत से स्वीकृति मिली है।जिससे धार्मिक व सामाजिक गतिविधियों के लिए सुरक्षित पहुंच और श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणों को नदी से जुड़ी सुविधाएँ मिल सकेगी। वार्ड 12 में फुटपाथ निर्माण कार्य के लिए लगभग 27.23 करोड़ की मंजूरी मिली है।स्वीकृति से महिलाओं, बच्चों और आम लोगों के लिए सुरक्षित आवागमन प्राप्त होगा।  वार्ड 13 में लगभग 52.94 लाख की स्वीकृति से नई चौपाटी की स्वीकृति मिली है। जिससे परिवारों व युवाओं के लिए नया मनोरंजन स्थल और स्थानीय व्यापार व रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।  अन्य बुनियादी कार्यों में बी.टी. रोड निर्माण के लिए 1.28 करोड़ रुपए ,सी.सी. रोड निर्माण  के लिए 3.14 करोड़ रुपए, आर.सी.सी. नाली निर्माण के लिए 1.64 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। सड़कों व नालियों के बनने से जलभराव की परेशानी कम होगी साथ ही आवागमन सुगम होगा। नागरिकों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि,ये कार्य वर्षों से लंबित थे। इनसे शहर की तस्वीर बदलेगी, छोटे व्यापारी, महिलाएँ व स्कूली बच्चे सबसे अधिक लाभान्वित होंगे। मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े ने हमारी चिंताओं को समझकर बड़ा कदम उठाया है।

रन फॉर यूनिटी में युवा जुटे, सीएम बोले- सरदार पटेल ने विभाजनकारी रियासतों को जोड़ा

भोपाल  सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती पर भोपाल के शौर्य स्मारक पर एकता दिवस का कार्यक्रम हुआ। इस कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी। दो हजार युवाओं ने लगाई दौड़ शौर्य स्मारक से लाल परेड ग्राउंड तक करीब दो हजार युवाओं ने दौड़ लगाकर एकता का संदेश दिया। सीएम डॉ. मोहन यादव ने शौर्य स्मारक से रन फॉर यूनिटी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जम्मू कश्मीर का मुद्दा यूएन में ले जाना बड़ी गलती थी सीएम ने कहा कि जम्मू कश्मीर का मुद्दा, धारा 370 के मुद्दे को यूएन में ले जाना ये उस समय की बहुत बड़ी गलती थी। उस घटना पर सरदार पटेल ने कहा था कि देश के मसले को देश के लोग सुलझाएंगे। पड़ोस के देश में कोई विवाद होगा तो पड़ोसी देश के नेता और हमारे नेता बैठकर हल करेंगे। इसमें तीसरे पंचायत की जरूरत नहीं हैं। वो हम सबने भोगा है। सीएम ने कहा – आज भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरदार पटेल के इस भाव पर कायम हैं कि हमें कोई थर्ड पार्टी नहीं चाहिए, वन टू वन बात होना चाहिए। चाहे ऑपरेशन सिंदूर हो या कुछ भी हो ये सरदार पटेल की उसी भावना का प्रकटीकरण है। राष्ट्र को समर्थ होना चाहिए। सरदार पटेल ने अंग्रेजों को टैक्स देने की प्रथा के खिलाफ आंदोलन किया कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरदार पटेल किसान परिवार से आते थे उनके बडे़ भाई बिट्‌ठल भाई पटेल थे। इन दोनों भाईयों की जोड़ी ने नाम कमाया। बिट्‌ठल भाई तो उस समय के बडे़ नेता थे, लेकिन वल्लभ भाई ने वकालत के जीवन के दौरान कई आश्चर्य जुडे़ हैं। सरदार पटेल का कहना था कि अगर अकाल पड़ गया है लोग भूखे मर रहे हैं तो अंग्रेजों को टैक्स नहीं देना चाहिए। उस समय आक्रोशित भाव से सरदार पटेल, महात्मा गांधी के पास गए और गांधी जी ने सहजता से उस आंदोलन में साथ देकर भूमिका निभाई। पटेल को मिली सरदार की उपाधि सीएम ने कहा कि बारडोली के आंदोलन के बाद वल्लभ भाई पटेल सरदार पटेल के नाम से जाने गए। नमक आंदोलन जो गांधी जी ने शुरू किया था। आजादी के हर आंदोलन की सफलता में कोई रहा तो वह नाम है सरदार वल्लभ भाई पटेल है। पटेल ने देश को एकता के सूत्र में बांधा सीएम ने कहा जब अंग्रेजों ने तय कर लिया कि भारत छोड़कर जाना है और अंग्रेज एक भयंकर षड्यंत्र करके देश के टुकडे़-टुकडे़ करना चाहते थे। विभाजन की विभीषिका में देश को कैसे सुरक्षित रखा जाए, ये पटेल ने सोचा। भारत, पाकिस्तान के विभाजन की विभीषिका लिख दी गई उसके साथ ही 562 रियासतों को फ्री करने का निर्णय लिया। उन रियासतों में हमारा भोपाल भी एक है। राजा भारत का पैसा पाक के बैंक में भिजवा देते थे सीएम ने कहा कि हमारे भारतीय स्टेट बैंक की तरह पाकिस्तान का जो बैंक है उस समय यहां का पैसा उठाकर पाकिस्तान में भिजवा देते थे। भोपाल सहित हैदराबाद, जूनागढ़ ऐसी कई स्टेट थीं जो भारत में मिलने से मना कर रही हैं। लेकिन ये अपने आप में केवल कागज पर नहीं थे। सर्वसुविधायुक्त सैन्य शक्ति से संपन्न थे जिन्हें अंग्रेजों ने यह कहकर छोड़ दिया था कि आपकी इच्छा हो तो मिलो अन्यथा आप स्वतंत्र हो। रियासतों को जोड़ने का काम पटेल ने किया सीएम ने कहा कि आजादी के साथ ही एक नेता जिसने भारत पाकिस्तान के विभाजन के समय में अपनी युक्ति बुद्धि से भारत की एक-एक रियासत के सारे राजा-महाराजाओं को समझाकर जोड़ते जा रहे थे। जोड़ते हुए ये अहसास किया कि आज जोड़ रहे हैं, लेकिन कल क्या होगा? भारतीय प्रशासनिक सेवा के आईएएस, आईपीएस अफसरों की रचना भी उन्होंने बनाई थी। जब वे गृह मंत्री थे उन्होंने सारे प्रबंध किए नियमावली बनाई। सोमनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार करके एक हजार साल पुराना विवाद सुलझाया था। सरकारी मदद के बगैर इतना बड़ा मंदिर बनाकर देश का स्वाभिमान जगाने का काम किया। जब देश आजादी की तरफ कदम बढ़ाता है तब ऐसे महापुरुष रहते हैं भविष्य में उनकी बातों की कीमत रहती है।

मध्यप्रदेश में वन्यजीव संरक्षण को नई उड़ान: नौरादेही में भी बसेंगे चीते – सीएम डॉ. यादव

नौरादेही अभयारण्य में भी चीते छोड़ने की योजना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने मां नर्मदा में मगरमच्छ छोड़ने के बाद मीडिया को दी जानकारी भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है। मध्यप्रदेश में ईश्वर के आशीर्वाद से थलचर, जलचर और नभचर सभी प्रकार के जीव स्वच्छंद रूप से अपना जीवन यापन करते हैं। आज ओंकारेश्वर में मां नर्मदा के निर्जन स्थान पर मगरमच्छ प्राकृतिक आवास पर छोड़े गए हैं। मां नर्मदा के वाहन मगरमच्छ हैं, जो मध्यप्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में पाए जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को खण्डवा में मां नर्मदा के तट पर मगरमच्छ छोड़ने के बाद मीडिया कर्मियों से चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर वन मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जो चीता पूरे एशिया से गायब हो गया था उन चीतों के पुनर्स्थापन का प्रयास विश्व में कई जगह हुआ, लेकिन हमें खुशी है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के आशीर्वाद से मध्यप्रदेश में चीता पुनर्स्थापन का ऐतिहासिक कार्य हुआ। यह पुनर्स्थापना पहले पालपुर कूनो और बाद में राज्य के अंदर ही गांधी सागर में हुआ है। बहुत जल्द नौरादेही एक और अभयारण्य बनने वाला है। इसमें अफ्रीका, नामीबिया से चीते लाकर छोड़े जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मां नर्मदा के प्रवाह में चार मादा दो नर मगर छोड़े गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में घड़ियाल और मगरमच्छ, चम्बल, सोन बरगी और अन्य नदियों में हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल का ईको -सिस्टम पर्यावरण की भी रक्षा करता है। जिस प्रकार मां नर्मदा का आशीर्वाद सबको मिलता है, मां नर्मदा अपने वाहन मगर को भी आशीर्वाद दे और प्राकृतिक रूप से स्वच्छता का यह कार्य होता रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खंडवा जिले में हुए इस शुभ कार्य के लिए और प्रदेश की स्थापना दिवस के लिए प्रदेशवासियों को बधाई दी।  

डिजिटल व्यापार में मध्यप्रदेश की बड़ी छलांग: जेम प्लेटफॉर्म पर 86 हजार से अधिक विक्रेताओं की प्रोफाइल पूर्ण

भोपाल मध्यप्रदेश में गवर्मेंट ई-मार्केट (जेम) का दायरा लगातार बढ़ रहा है। राज्य के 86 हजार से ज्यादा विक्रेताओं ने इस प्लेटफॉर्म पर अपनी प्रोफाइल पूरी कर ली है। मध्यप्रदेश के सूक्ष्म और लघु उद्यमों को राज्य के खरीदारों से 5,523 करोड़ रुपए, अन्य राज्यों के खरीदारों से 2,030 करोड़ रुपए और केंद्रीय खरीदारों से 20,298 करोड़ रुपए के ऑर्डर मिले हैं। यह मजबूत भागीदारी, राष्ट्रीय सार्वजनिक खरीद प्रणाली में राज्य के बढ़ते एकीकरण को दर्शाती है और स्थानीय उद्यमों को व्यापक सरकारी बाजार तक पहुंच प्रदान करने में जेम की भूमिका को उजागर करती है। गवर्मेंट ई-मार्केटप्लेस-जेम और मध्यप्रदेश सरकार ने गुरूवार को भोपाल में जेम प्लेटफॉर्म को बढ़ावा देने के उपायों पर चर्चा की। गवर्मेंट ई-मार्केटप्लेस (जेम) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी  मिहिर कुमार ने मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव  अनुराग जैन से भोपाल में मुलाकात की और राज्य में जेम प्लेटफॉर्म को अपनाने की भावी रणनीतियों पर चर्चा की। बैठक में केंद्रीय और राज्य मंत्रालयों, विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, स्वायत्त निकायों, स्थानीय संस्थानों और पंचायती राज संस्थाओं सहित सभी सरकारी खरीदारों के लिए एकीकृत पारदर्शी और कुशल ऑनलाइन खरीद प्रणाली प्रदान करने के जेम के मुख्य उद्देश्य के बारे में जानकारी दी गई। दोनों पक्षों ने राज्य के भीतर सार्वजनिक खरीद में पारदर्शिता, समावेशिता और जवाबदेही को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए अधिक मजबूत और सुव्यवस्थित खरीद ढांचा विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इसे अपनाने में तेजी लाने की अपनी राष्ट्रीय रणनीति के तहत जेम ने उच्च संचयी सकल व्यापारिक मूल्य वाले राज्यों के साथ सीईओ-स्तरीय बातचीत सहित कई केंद्रित कार्यक्रम शुरू किए हैं। केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री  पीयूष गोयल ने भी मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर राज्यों के खरीद नियमों को सामान्य वित्तीय नियमों और जेम के नियमों व शर्तों के अनुरूप बनाने के लिए प्रोत्साहित किया है। गृह मंत्रालय को भी पत्र लिखकर यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि केंद्र शासित प्रदेशों में खरीद जेम के माध्यम से ही हो। मध्यप्रदेश में जेम के संचयी सकल व्यापारिक मूल्य के नई उपलब्धि हासिल करने के साथ, मध्यप्रदेश में यह भागीदारी राज्य के खरीद व्यवस्था को मजबूत करने और सभी विक्रेताओं के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में एक और कदम है। जेम निष्पक्षता, डिजिटल अखंडता और समावेशिता की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे प्रत्येक विक्रेता, विशेष रूप से छोटे और उभरते उद्यम, भारत के पारदर्शी, प्रौद्योगिकी-संचालित सार्वजनिक खरीद ढांचे में सार्थक रूप से भाग ले सकेंगे।  

आईटी पार्क से बदलेगा विंध्य का विकास परिदृश्य: उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने जताया विश्वास

विंध्य क्षेत्र की प्रगति में आईटी पार्क होगा एक महत्वपूर्ण सोपान: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल आईटी कंपनियाँ टियर-2 शहरों की ओर बढ़ रही हैं, इस अवसर का उठायें अधिकतम लाभ रीवा में प्रस्तावित आईटी पार्क निर्माण की प्रगति की समीक्षा की भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय भोपाल में रीवा में प्रस्तावित आईटी पार्क के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि आईटी पार्क को स्टेट ऑफ द आर्ट सुविधाओं से युक्त किया जाये, जिससे देश और विदेश की अग्रणी कंपनियाँ यहाँ सुविधाजनक रूप से कार्य कर सकें। उन्होंने कहा कि रीवा में वायु परिवहन सेवाओं का तीव्र गति से विस्तार हो रहा है। यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता, शांतिपूर्ण वातावरण और आवश्यक नागरिक सुविधाएँ इसे आईटी एवं सेवा क्षेत्र के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाती हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में आईटी कंपनियाँ टियर-2 शहरों की ओर बढ़ रही हैं, ऐसे में हमें इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाना चाहिए। यह परियोजना विंध्य क्षेत्र के औद्योगिक एवं तकनीकी विकास का एक नया अध्याय सिद्ध होगी। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने औद्योगिक पार्क गुढ़ के विकास कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अधोसंरचना विस्तार कार्य, विशेषकर जल सुविधा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए। तकनीकी समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए, जिससे उद्योगों को शीघ्र सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें। बैठक में एमपीआईडीसी के प्रबंध संचालक  चंद्रमौली शुक्ल तथा निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बताया गया कि प्रस्तावित आईटी पार्क में एक लाख वर्गफीट से भी अधिक कार्यस्थल (वर्कस्पेस) विकसित किया जा रहा है। लगभग 2,500 व्यक्ति यहाँ कार्य कर सकेंगे। 10 मंज़िला इस अत्याधुनिक भवन में 4,500 वर्गफीट के 25 मॉड्यूल होंगे, जिन्हें कंपनियों की आवश्यकता अनुसार कस्टमाइज़ किया जा सकेगा। स्टार्टअप्स के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर, प्लग एंड प्ले सुविधा तथा रेंटल मॉड्यूल्स जैसी व्यवस्थाएँ भी पार्क में उपलब्ध कराई जा रही हैं।  

लखनऊ में ‘रन फॉर यूनिटी’ के शुभारंभ पर बोले मुख्यमंत्री, सरदार पटेल के आदर्शों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि

राष्ट्र की अखंडता के साथ कोई खिलवाड़ स्वीकार्य नहींः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में ‘रन फॉर यूनिटी’ के शुभारंभ पर बोले मुख्यमंत्री, सरदार पटेल के आदर्शों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रनिर्माताओं को सम्मान देने की परंपरा स्थापित हुईः मुख्यमंत्री सीएम बोले- सरदार पटेल ने 563 रियासतों को जोड़कर गढ़ा अखंड भारत का स्वरूप प्रधानमंत्री मोदी ने धारा 370 हटाकर पटेल के संकल्प को साकार कियाः सीएम योगी जातिवाद, परिवारवाद और छुआछूत के विरुद्ध एकता की मशाल जलाएंः मुख्यमंत्री सीएम योगी का आह्वान, जातिवाद, परिवारवाद या छुआछूत के आधार पर समाज को बांटने वालों का करें विरोध सरदार पटेल से प्रेरणा लेकर हर उस शक्ति का विरोध करना चाहिए जो राष्ट्र की एकता को कमजोर करने का प्रयास करेः सीएम मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय एकता दिवस पर लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण भारत रत्न सरदार पटेल को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित कर प्रदेशवासियों को एकता दिवस की दी बधाई लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ में ‘भारत रत्न’ सरदार वल्लभभाई पटेल जी की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और कहा कि भारत की अखंडता और एकता के लिए जिन्होंने अपना जीवन समर्पित किया, उन लौह पुरुष सरदार पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम उनके आदर्शों को अपने आचरण में उतारें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन, समर्पण और त्याग आज भी हर भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है। आइए, इस राष्ट्रीय एकता दिवस पर हम संकल्प लें कि जाति, भाषा, धर्म और क्षेत्र से ऊपर उठकर भारत की एकता और अखंडता को सुदृढ़ बनाएंगे। सरदार पटेल के आदर्शों को आचरण में लाना ही सच्ची श्रद्धांजलि मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 से ही देश में उन महान सपूतों को सम्मान देने की परंपरा शुरू हुई है, जिन्होंने भारत को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया। उन्होंने बताया कि आज पूरे देश में 600 से अधिक स्थानों पर ‘रन फॉर यूनिटी’ के माध्यम से युवाओं में राष्ट्रभक्ति और एकता की भावना को प्रबल करने का यह अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी भारतीय परंपरा में कहा गया है कि“शिवो भूत्वा शिवं यजेत”, अर्थात जिसे हम पूजते हैं, उसके अनुरूप हमें स्वयं को ढालना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल भाषणों में नहीं, बल्कि व्यवहार में भी एकता और अखंडता के मूल्यों को अपनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केवड़िया (गुजरात) में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के रूप में सरदार पटेल की स्मृति को जीवंत बनाया गया है, जो आज राष्ट्रीय प्रेरणास्थली बन चुकी है। 563 रियासतों को जोड़कर अखंड भारत की नींव रखी मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने स्वतंत्रता के बाद ब्रिटिश साजिशों को नाकाम करते हुए 563 रियासतों को भारत गणराज्य में शामिल कर अखंड भारत का निर्माण किया। उन्होंने कहा कि जब हैदराबाद और जूनागढ़ की रियासतों ने भारत में विलय से इनकार किया, तब लौह पुरुष ने पहले संवाद का रास्ता अपनाया, लेकिन जब राष्ट्र की अखंडता पर संकट आया, तब उन्होंने कठोर निर्णय लेकर भारत की एकता को सुरक्षित किया। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि भारत की अखंडता के साथ कोई खिलवाड़ स्वीकार्य नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर अखंड भारत के उस संकल्प को साकार किया, जो सरदार पटेल ने देखा था। यह उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। उत्तर प्रदेश से केवड़िया जाएगा सांस्कृतिक दल मुख्यमंत्री ने बताया कि सरदार पटेल की 150वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में उत्तर प्रदेश से एक सांस्कृतिक दल और हस्तशिल्पियों का प्रतिनिधिमंडल केवड़िया जाएगा। राज्यपाल महोदया के नेतृत्व में 12 नवंबर को केवड़िया में सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करने का कार्यक्रम आयोजित होगा। उन्होंने कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘स्वदेशी अभियान’ को मज़बूती देने के साथ उत्तर प्रदेश के कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने का यह अवसर भी है। 75 जिलों में गूंजी राष्ट्रीय एकता की भावना मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी 75 जनपदों में आज ‘रन फॉर यूनिटी’ के कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें लाखों युवाओं, विद्यार्थियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, प्रशासनिक अधिकारियों और नागरिकों ने भाग लेकर राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि भारत की एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है। जातिवाद, परिवारवाद और छुआछूत से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में कार्य करें मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि हमें उन सभी कुत्सित प्रयासों का विरोध करना चाहिए जो जातिवाद, परिवारवाद या छुआछूत के आधार पर समाज को बांटने का काम करते हैं। राष्ट्रीय एकता दिवस का यही संदेश है कि हम सब मिलकर भारत की अखंडता को सशक्त बनाएं और सामाजिक एकता को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा लेकर हमें हर उस शक्ति का विरोध करना चाहिए जो राष्ट्र की एकता को कमजोर करने का प्रयास करती है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद बृजलाल एवं विधायक गण उपस्थित रहे। एक्स पर भी मुख्यमंत्री ने दी लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल को श्रद्धांजलि इससे पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर भी प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएं दीं और भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल को विनम्र श्रद्धांजलि दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, "महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, लौह पुरुष, 'भारत रत्न' सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि एवं प्रदेश वासियों को 'राष्ट्रीय एकता दिवस' की हार्दिक बधाई। भारत की आंतरिक सुरक्षा और अखण्डता हेतु 'सरदार साहब' द्वारा किए गए अथक प्रयास हमें 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' की संकल्पना की सिद्धि हेतु सदैव प्रेरित करते रहेंगे।"