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1 नवंबर से बदले 7 बड़े नियम: GST, बैंकिंग और गैस सिलिंडर तक, आपकी जेब पर सीधा असर!

नई दिल्ली  हर महीने की शुरुआत में कई नियम बदल जाते हैं। 1 नवंबर 2025 से भी कई नियमों में बदलाव हो गया है। जिसका असर आप पर पड़ेगा। बता दें, बैंक नॉमिनी से लेकर जीएसटी से जुड़े नियमों में आज से बदलाव हो रहा है। 1. बैंक नॉमिनी नियमों में बदलाव आज यानी एक नवंबर से बैंक ग्राहकों को चार नॉमिनी जोड़ने का विकल्प देगा। यानी अब कोई भी व्यक्ति अपने एक अकाउंट, लॉकर आदि के लिए चार नॉमिनी जोड़ सकेगा। इस बदलाव के पीछे बैंक का कहना है कि आपातकालीन स्थिति में फंड्स का सदुपयोग हो जाए इसलिए यह फैसला किया गया है। बता दें, नॉमिनी जोड़ने की प्रक्रिया को भी सरल कर दिया गया है। 2- नए जीएसटी स्लैब आज से प्रभावी भारत सरकार की तरफ से बीते महीने जो जीएसटी स्लैब की घोषणा की गई थी। जोकि आज से लागू हो गया है। सरकार ने पहले के चार जीएसटी स्लैब को हटाकर अब 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत के दो जीएसटी स्लैब ही रखा है। वहीं, लक्जरी आइट्स पर 40 प्रतिशत का जीएसटी लगेगा। 3- UPS के लिए बढ़ी डेडलाइन ऐसे कर्मचारी जो एनपीएस की जगह यूपीएस लेना चाहते हैं उनके लिए डेडलाइन बढ़ा दी गई है। कर्मचारियों के पास अब 30 नवंबर तक इसका चयन करने का विकल्प रहेगा। 4- पेंशनर्स को देना होगा जीवित प्रमाण पत्र हर एक रिटायर कर्मचारी को जीवित प्रमाण पत्र नवंबर के अंत में जमा करवाना होगा। पेंशनभोगी यह प्रक्रिया बैंक या फिर जीवन प्रमाण पोर्टल के जरिए करवा सकेंगे। अगर समय रहते यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई तो पेंशन आने में रुकावट आ सकती है। 5- पीएनबी बदल रहा लॉकर चार्ज इस महीने पंजाब नेशनल बैंक की तरफ से लॉकर पर लिए जाने वाले शुल्क में बदलाव किया जा सकता है। उम्मीद है कि इसका ऐलान जल्द हो जाएगा। हालांकि, इसके लागू होने में कम से कम 30 दिन का समय रहेगा। 6- एसबीआई कार्डहोल्डर्स को देनी इन पेमेंट्स पर 1% फीस मोबिक्विक या फिर क्रेड जैसे थर्ड पार्टी ऐप्स से अगर एजुकेशन से जुड़े पेमेंट्स एसबीआई कार्ड होल्डर्स करते हैं तो उन्हें 1 प्रतिशत फीस देनी होगी। इसके अलावा एक हजार रुपये से अधिक पैसा डिजिटल वालेट में जोड़ने पर एसबीआई कार्ड होल्डर्स को 1 प्रतिशत फीस देनी होगी। 7- आधार कार्ड अपडेट चार्ज बच्चों को बायोमेट्रिक अपडेट के लिए अब कोई पैसा नहीं देना होगा। पहले 125 रुपये की फीस लगती थी। ध्यान रहे कि यह फीस की छूट 1 साल के तक के बच्चों को ही मिलेगी। कोई वयस्क अगर आधार कार्ड में नाम, जन्म तिथि, एड्रेस या मोबाइन नंबर अपडेट करता है तो उसे 75 रुपये ही देने होंगे। वहीं, फिंगरप्रिंट या फिर रेटिना से जुड़े अपडेट के लिए 125 रुपये खर्च करने होंगे।  

अब रोज़ मिलेगा कुछ नया! पंजाब के स्कूलों में मिड डे मील का मेन्यू बदला, बच्चे हुए खुश

लुधियाना पंजाब सरकार ने प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत सरकारी स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन के साप्ताहिक मेन्यू में बड़ा बदलाव किया है। नया मेन्यू 1 नवंबर से 30 नवंबर तक लागू रहेगा। सरकार का कहना है कि यह बदलाव बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर करने और भोजन को अधिक स्वास्थ्यवर्धक बनाने के उद्देश्य से किया गया है। शिक्षा विभाग के नए निर्देश शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेशों के अनुसार सभी स्कूलों में भोजन बच्चों को लाइन में बैठाकर परोसा जाएगा। इसकी पूरी ज़िम्मेदारी मिड-डे मील इंचार्ज की होगी। सभी स्कूलों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार ही खाना तैयार करना होगा। सरकार ने साफ कहा है कि यदि किसी स्कूल में इन निर्देशों की अनदेखी या लापरवाही पाई जाती है तो उसकी ज़िम्मेदारी संबंधित स्कूल प्रबंधन की होगी। नया मिड-डे मील मेन्यू (1 से 30 नवंबर तक) दिन                   मेन्यू सोमवार            दाल और रोटी मंगलवार           राजमा-चावल और मौसमी फल   बुधवार             काले-सफेद चने (आलू के साथ) और पूरी/रोटी गुरुवार           कढ़ी (आलू और प्याज़ के पकौड़े के साथ) और चावल शुक्रवार          मौसमी सब्ज़ी के साथ रोटी शनिवार          साबुत मांह की दाल के साथ चावल और खीर सरकार का कहना है कि इस नए मेन्यू से बच्चों को संतुलित आहार, प्रोटीन, और विटामिन्स की पर्याप्त मात्रा मिलेगी। साथ ही, स्कूलों में भोजन वितरण की पारदर्शिता और गुणवत्ता पर भी सख्त निगरानी रखी जाएगी।  

अफीम तस्करी पर ईडी का शिकंजा, चार राज्यों में एक साथ कार्रवाई

जयपुर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अंतरराज्यीय ड्रग रैकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शनिवार को राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA)-2002 के तहत चंडीगढ़ जोनल ऑफिस द्वारा की गई। ईडी ने इस ऑपरेशन में गोपाल लाल अंजना (चित्तौड़गढ़, राजस्थान), छिंदरपाल सिंह उर्फ केवल (हरियाणा), उनके भतीजे यादविंदर सिंह और अन्य आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी। तलाशी के दौरान एजेंसी को आपत्तिजनक दस्तावेज, संपत्ति रिकॉर्ड, और करोड़ों रुपये की कीमत वाली दो आवासीय संपत्तियों व कई कृषि भूमि के प्लॉट मिले, जिन्हें जब्त कर लिया गया। जांच में खुलासा हुआ कि यह नेटवर्क अवैध अफीम व्यापार से अर्जित धन को वैध दिखाने (ब्लैक मनी रूटिंग) का काम करता था। ईडी का दावा है कि जब्त संपत्तियां “अपराध की आय” हैं, जो मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित की गईं। यह कार्रवाई हरियाणा पुलिस की एनडीपीएस एक्ट, 1985 के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई, जिसमें गोपाल अंजना, छिंदरपाल, यादविंदर, भोला सिंह और हरजीत सिंह के खिलाफ चार्जशीट दायर है। एजेंसी की जांच में पता चला कि गोपाल अंजना ने अपने परिवार को मिले वैध अफीम लाइसेंस का दुरुपयोग कर अवैध अफीम सप्लाई चेन बनाई। छिंदरपाल और यादविंदर ने उससे अफीम खरीदी और आगे भोला सिंह, जसमीत सिंह और हरजीत सिंह को बेची। ईडी अधिकारियों के अनुसार, यह नेटवर्क कई वर्षों से सक्रिय था। छिंदरपाल सिंह पहले भी एनडीपीएस एक्ट की धारा 17 और 18 के तहत दोषी ठहराया जा चुका है। अब ईडी इस पूरे रैकेट की मनी ट्रेल और अंतरराज्यीय फंडिंग चैनल्स की जांच कर रही है।  

नवंबर की शुरुआत के साथ लागू हुए नए नियम: टैक्स, बैंक और सर्विस चार्ज में बड़ा बदलाव

नई दिल्ली  हर महीने की शुरुआत में कई नियम बदल जाते हैं। 1 नवंबर 2025 से भी कई नियमों में बदलाव हो गया है। जिसका असर आप पर पड़ेगा। बता दें, बैंक नॉमिनी से लेकर जीएसटी से जुड़े नियमों में आज से बदलाव हो रहा है। 1. बैंक नॉमिनी नियमों में बदलाव आज यानी एक नवंबर से बैंक ग्राहकों को चार नॉमिनी जोड़ने का विकल्प देगा। यानी अब कोई भी व्यक्ति अपने एक अकाउंट, लॉकर आदि के लिए चार नॉमिनी जोड़ सकेगा। इस बदलाव के पीछे बैंक का कहना है कि आपातकालीन स्थिति में फंड्स का सदुपयोग हो जाए इसलिए यह फैसला किया गया है। बता दें, नॉमिनी जोड़ने की प्रक्रिया को भी सरल कर दिया गया है। 2- नए जीएसटी स्लैब आज से प्रभावी भारत सरकार की तरफ से बीते महीने जो जीएसटी स्लैब की घोषणा की गई थी। जोकि आज से लागू हो गया है। सरकार ने पहले के चार जीएसटी स्लैब को हटाकर अब 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत के दो जीएसटी स्लैब ही रखा है। वहीं, लक्जरी आइट्स पर 40 प्रतिशत का जीएसटी लगेगा। 3- UPS के लिए बढ़ी डेडलाइन ऐसे कर्मचारी जो एनपीएस की जगह यूपीएस लेना चाहते हैं उनके लिए डेडलाइन बढ़ा दी गई है। कर्मचारियों के पास अब 30 नवंबर तक इसका चयन करने का विकल्प रहेगा। 4- पेंशनर्स को देना होगा जीवित प्रमाण पत्र हर एक रिटायर कर्मचारी को जीवित प्रमाण पत्र नवंबर के अंत में जमा करवाना होगा। पेंशनभोगी यह प्रक्रिया बैंक या फिर जीवन प्रमाण पोर्टल के जरिए करवा सकेंगे। अगर समय रहते यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई तो पेंशन आने में रुकावट आ सकती है। 5- पीएनबी बदल रहा लॉकर चार्ज इस महीने पंजाब नेशनल बैंक की तरफ से लॉकर पर लिए जाने वाले शुल्क में बदलाव किया जा सकता है। उम्मीद है कि इसका ऐलान जल्द हो जाएगा। हालांकि, इसके लागू होने में कम से कम 30 दिन का समय रहेगा। 6- एसबीआई कार्डहोल्डर्स को देनी इन पेमेंट्स पर 1% फीस मोबिक्विक या फिर क्रेड जैसे थर्ड पार्टी ऐप्स से अगर एजुकेशन से जुड़े पेमेंट्स एसबीआई कार्ड होल्डर्स करते हैं तो उन्हें 1 प्रतिशत फीस देनी होगी। इसके अलावा एक हजार रुपये से अधिक पैसा डिजिटल वालेट में जोड़ने पर एसबीआई कार्ड होल्डर्स को 1 प्रतिशत फीस देनी होगी। 7- आधार कार्ड अपडेट चार्ज बच्चों को बायोमेट्रिक अपडेट के लिए अब कोई पैसा नहीं देना होगा। पहले 125 रुपये की फीस लगती थी। ध्यान रहे कि यह फीस की छूट 1 साल के तक के बच्चों को ही मिलेगी। कोई वयस्क अगर आधार कार्ड में नाम, जन्म तिथि, एड्रेस या मोबाइन नंबर अपडेट करता है तो उसे 75 रुपये ही देने होंगे। वहीं, फिंगरप्रिंट या फिर रेटिना से जुड़े अपडेट के लिए 125 रुपये खर्च करने होंगे।  

भारत से अमेरिका तक फैला मानव तस्करी नेटवर्क! विक्रांत-इंदु दंपति पर गिरी गाज

वाशिंगटन  भारत में जन्मे एक दंपति विक्रांत भारद्वाज और उनकी पत्नी इंदु रानी अब अमेरिकी वित्त मंत्रालय की जांच के घेरे में हैं। अमेरिका के ट्रेजरी विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने गुरुवार को इन दोनों को एक बड़े मानव तस्करी नेटवर्क का मास्टरमाइंड घोषित किया है। यह कार्रवाई उस समय सामने आई जब अमेरिका ने 'भारद्वाज ह्यूमन स्मगलिंग ऑर्गनाइजेशन' (HSO) के खिलाफ व्यापक प्रतिबंध लगाए। यह गिरोह कथित तौर पर हजारों अवैध प्रवासियों को अमेरिका में दाखिल कराने का काम करता था। इनमें भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, OFAC ने बताया कि विक्रांत और इंदु रानी नई दिल्ली में जन्मे भारतीय नागरिक हैं, जो अब मेक्सिको के कैनकुन में एक आलीशान जीवन जी रहे थे। उनका नेटवर्क तीन देशों में फैला हुआ था, जिसमें कम से कम चार भारतीय कंपनियां और 16 फ्रंट एंटिटीज शामिल थीं। इनकी मदद से गिरोह मेक्सिको से अमेरिका तक क्रॉस-कॉन्टिनेंटल स्मगलिंग रूट संचालित करता था। अमेरिका ने अब इन दोनों के सभी अमेरिकी संपत्तियों को फ्रीज कर दिया है और अमेरिकी नागरिकों व कंपनियों को इनके साथ किसी भी वित्तीय लेनदेन से प्रतिबंधित किया गया है। तस्करी का खाका अमेरिकी एजेंसियों के अनुसार, गिरोह का कामकाज बेहद संगठित था। प्रवासी यात्रियों को पहले मेक्सिको के कैनकुन इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचाया जाता था, जहां एयरपोर्ट के कुछ अधिकारियों को रिश्वत देकर प्रक्रिया आसान की जाती थी। इसके बाद उन्हें होटलों और हॉस्टलों में ठहराया जाता, जो स्वयं भारद्वाज गिरोह के नियंत्रण में थे। फिर इन प्रवासियों को लक्जरी यॉट्स और जमीनी रास्तों से सिनालोआ कार्टेल की मदद से अमेरिका-मेक्सिको सीमा तक पहुंचाया जाता था। रिपोर्ट के मुताबिक, यह नेटवर्क विशेष रूप से हाई-वैल्यू क्लाइंट्स पर केंद्रित था- यानी एशिया, यूरोप, मध्य पूर्व और दक्षिण अमेरिका के ऐसे लोग जो अमेरिका में दाखिल होने के लिए हजारों डॉलर तक देने को तैयार रहते थे। भारत में बनी कंपनियां बनी मनी लॉन्ड्रिंग का जरिया OFAC की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में स्थित कई कंपनियां इस नेटवर्क की मनी लॉन्ड्रिंग मशीन के रूप में काम कर रही थीं। इनमें वीणा शिवानी एस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड जैसी रियल एस्टेट कंपनियां शामिल हैं, जिनके जरिए गैरकानूनी कमाई को प्रॉपर्टी डील्स के जरिए साफ दिखाया जाता था। इसी तरह, यूएई में स्थित ब्लैक गोल्ड प्लस एनर्जीज ट्रेडिंग एलएलसी नाम की कंपनी ऊर्जा कारोबार के नाम पर तस्करी की कमाई को छिपाने का काम करती थी। मेक्सिको में सहयोगी और सुरक्षा नेटवर्क मेक्सिकन अधिकारियों ने खुलासा किया है कि भारद्वाज दंपति ने स्थानीय सहयोगियों की एक मजबूत टीम बना रखी थी। इसमें जोसे जर्मन वलादेज फ्लोरेस, कैनकुन के एक व्यापारी शामिल थे। पूर्व क्विंटाना रू पुलिस अधिकारी जॉर्ज अलेजांद्रो मेंडोजा विललेगास के एयरपोर्ट और सुरक्षा विभागों में गहरे संपर्क बताए गए हैं। गिरोह का मेक्सिको मुख्यालय बाहरी तौर पर एक कानूनी व्यापारिक साम्राज्य जैसा दिखता था- जिसमें यॉट सेवाएं, सुपरमार्केट, रेस्टोरेंट और ऊर्जा व्यापार जैसे कारोबार चल रहे थे। मगर अधिकारियों के मुताबिक, यह सब नकदी के प्रवाह और मादक पदार्थों की तस्करी को छिपाने का तरीका था। अमेरिका की सख्त कार्रवाई अमेरिकी वित्त मंत्रालय के अंडरसेक्रेटरी फॉर टेररिज्म एंड फाइनेंशियल इंटेलिजेंस, जॉन के. हर्ली, ने कहा कि यह फैसला इस नेटवर्क की क्षमता को बाधित करता है, जो अवैध रूप से प्रवासियों को अमेरिका लाने का काम कर रहा था। ट्रंप प्रशासन अमेरिकी लोगों की सुरक्षा के लिए ऐसे ट्रांसनेशनल अपराध संगठनों को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि, अभी तक किसी गिरफ्तारी या औपचारिक आपराधिक मुकदमे की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन यह कार्रवाई अमेरिका, मेक्सिको और भारत की एजेंसियों के संयुक्त अभियान का हिस्सा बताई जा रही है। क्या होगा आगे? OFAC की इस घोषणा के बाद, भारद्वाज दंपति की सभी अमेरिकी संपत्तियां तुरंत फ्रीज हो गई हैं। अंतरराष्ट्रीय बैंकों को चेतावनी दी गई है कि अगर वे इनसे जुड़े लेनदेन करेंगे तो उन्हें भी सेकेंडरी सैंक्शंस का सामना करना पड़ सकता है। यह मामला भारतीय नागरिकों से जुड़ी अब तक की सबसे बड़ी मानव तस्करी जांचों में से एक माना जा रहा है- जो यह दिखाता है कि किस तरह भारतीय कंपनियों का दुरुपयोग कर अंतरराष्ट्रीय तस्करी रैकेट संचालित किए जा रहे हैं।

बिहार चुनावी माहौल में गूंजा ‘मोदी-मोदी’, PM के वीडियो ने मचाया धमाल

मुजफ्फरपुर बिहार विधानसभा चुनाव के माहौल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुजफ्फरपुर यात्रा ने नई राजनीतिक चर्चा छेड़ दी है. शुक्रवार को जब पीएम मोदी का हेलिकॉप्टर मुजफ्फरपुर में उतरा, तो हजारों समर्थकों की भीड़ 'मोदी, मोदी' के नारों से गूंज उठी. तपती दोपहर में उमस भरे माहौल के बीच प्रधानमंत्री ने अपनी पहचान बन चुके मधुबनी प्रिंट वाले गमछे को लहराकर लोगों का अभिवादन किया. इसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. करीब 30 सेकंड तक प्रधानमंत्री ने मुस्कुराते हुए गमछा लहराया और भीड़ की ओर हाथ हिलाते रहे. इसके बाद वे अपनी अगली जनसभा के लिए छपरा रवाना हो गए. यह पहली बार नहीं है जब पीएम मोदी को बिहार में इस तरह गमछा लहराते देखा गया हो. अगस्त में भी उन्होंने औंटा-सिमरिया पुल का उद्घाटन करने के बाद इसी अंदाज में समर्थकों का अभिवादन किया था. पीएम मोदी की परंपरा रही है कि वे स्वतंत्रता दिवस जैसे मौकों पर भी पारंपरिक परिधानों, पगड़ियों और गमछों के ज़रिए स्थानीय संस्कृति को सम्मान देते हैं. गमछे के पीछे का संदेश राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बिहार में पीएम मोदी का गमछा लहराना एक प्रतीकात्मक संदेश है. बिहार और बंगाल जैसे गर्म और आर्द्र राज्यों में गमछा आम आदमी, खासकर किसानों और मजदूर वर्ग की पहचान माना जाता है. यह सिर्फ पसीना पोंछने का कपड़ा नहीं, बल्कि मेहनतकश वर्ग की जीवनशैली का हिस्सा है. खेतों में काम या रोजमर्रा के कामों में काम में आता है गमछा गमछा सिर पर बांधकर धूप से बचाव, खेतों में काम या रोजमर्रा के कामों में काम आता है. इसी कारण राजनीतिक दलों ने इसे जनसंपर्क के प्रतीक के रूप में अपनाया है. पीएम मोदी का गमछा लहराना उसी वर्ग से जुड़ाव का संदेश देता है – यह बताने के लिए कि वे किसानों और श्रमिकों के साथ खड़े हैं. आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक, बिहार की करीब 53.2% आबादी कृषि क्षेत्र से जुड़ी है. इसके अलावा बड़ी संख्या में भूमिहीन मजदूर और प्रवासी कामगार हैं जो चुनावी समीकरणों को निर्णायक रूप से प्रभावित करते हैं.  

बच्चों से लेकर रोमियो तक, 5 लाख फर्जी कॉल्स ने 108 एम्बुलेंस की सेवा बाधित की, FIR प्रक्रिया शुरू

भोपाल  भोपाल समेत पूरे मध्यप्रदेश में आपातकाली 108 एम्बुलेंस सेवा को लोगों ने मजाक बना दिया है. पिछले छह महीनों में 5.72 लाख से ज्यादा फर्जी कॉल्स आने से न केवल कॉल सेंटर का स्टाफ परेशान है, बल्कि करीब 1500 घंटे की एम्बुलेंस सेवा भी बर्बाद हो गई है. कई कॉलर गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप, अकेलापन या मस्ती के लिए एम्बुलेंस सेवा पर फोन करते हैं. इन फर्जी कॉल्स की वजह से जरूरमतमंद मरीजों को कई बार समय पर एम्बुलेंस नहीं मिल पाती है. अब इन फर्जी कॉलर्स पर एक्शन लेने की तैयारी की जा रही है.  एम्बुलेंस बुलाकर समय खराब किया भोपाल के कोलार रोड इलाके में गुरुवार को एक व्यक्ति पर एम्बुलेंस सेवा पर कॉल किया और कहा कि उसकी तबीयत खराब है. एम्बुलेंस 15 मिनट में घर पहुंची, लेकिन वहां कोई बीमार नहीं मिला. जब ईएमटी ने कॉलर को फोन किया तो उसने कहा कि अब सब ठीक है, इसकी जरूरत नहीं. करीब 30 मिनट बर्बाद हो गए. इस तरह के सैकड़ों कॉल हर रोज आते हैं. इन फर्जी कॉल से निपटने की तैयारी की जा रही है. जय अंबे हेल्थकेयर के सीनियर मैनेजर तरुण सिंह परिहार ने बताया कि अब ऐसे कॉलर्स पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी.  जय अंबे हेल्थकेयर के सीनियर मैनेजर तरुण सिंह परिहार ने मीडिया बताया कि अब ऐसे कॉलर्स पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इन कॉल्स के कारण कई बार जरूरतमंद मरीजों को समय पर एम्बुलेंस नहीं मिल पाती। 108 सेवा आपातकालीन है। इसे मजाक या टाइमपास के लिए इस्तेमाल करना अपराध है। जानकारी के अनुसार गुरुवार को भोपाल के कोलार रोड से एक व्यक्ति ने 108 पर कॉल किया कि उसकी तबीयत बहुत खराब है। एम्बुलेंस 15 मिनट में घर पहुंची, लेकिन न कोई बीमार मिला, न परिवारजन। जब ईएमटी ने कॉलर को फोन किया तो उसने कहा अब सब ठीक है, जरूरत नहीं। करीब 30 मिनट ऐसे ही बर्बाद हो गए। यह अकेला मामला नहीं, ऐसे हजारों कॉल रोज आते हैं। कॉल सेंटर के आंकड़ों के मुताबिक, कुछ कॉलर्स तो 150 से 200 बार बिना वजह फोन करते हैं। इनमें बच्चे, नशे में धुत युवक और रोमियो टाइप लोग शामिल हैं। कुछ कॉलर्स तो कॉल सेंटर में बैठी महिला स्टाफ से बातचीत करने या उन्हें परेशान करने के लिए बार-बार कॉल करते हैं। इन कॉलर्स के नंबर ट्रैक कर भविष्य में सीधा कानूनी एक्शन लिया जाएगा। इसके लिए कंपनी एक स्टडी कर रही है, जिससे इनकी पहचान की जा सके। 108 कॉल सेंटर की हर लाइन कुछ सेकेंड के लिए व्यस्त होती है। एक झूठे कॉलर के कारण असली मरीज की कॉल मिस हो जाती है। औसतन हर दिन एम्बुलेंस को 50-60 किलोमीटर तक झूठी सूचनाओं के चलते दौड़ लगानी पड़ती है। तरुण सिंह परिहार के मुताबिक, “एक झूठी कॉल किसी जरूरतमंद की मौत की वजह बन सकती है। क्योंकि जब तक हमारी एम्बुलेंस वापस लौटती है, किसी और को मदद की ज़रूरत पड़ जाती है।" पहले बुलाई एम्बुलेंस फिर कहा अब जरूरत नहीं गुरुवार को कोलार रोड के एक व्यक्ति ने 108 पर कॉल किया कि उसकी तबीयत बहुत खराब है। एम्बुलेंस 15 मिनट में घर पहुंची, लेकिन न कोई बीमार मिला, न परिवारजन। जब ईएमटी ने कॉलर को फोन किया तो उसने कहा अब सब ठीक है, जरूरत नहीं। करीब 30 मिनट ऐसे ही बर्बाद हो गए। यह अकेला मामला नहीं, ऐसे सैकड़ों कॉल रोज आते हैं। फर्जी कॉलर्स की पहचान के लिए हो रही स्टडी कॉल सेंटर के आंकड़ों के मुताबिक, कुछ कॉलर्स तो 150 से 200 बार बिना वजह फोन करते हैं। इनमें बच्चे, नशे में धुत युवक और रोमियो टाइप लोग शामिल हैं। कुछ कॉलर्स तो कॉल सेंटर में बैठी महिला स्टाफ से बातचीत करने या उन्हें परेशान करने के लिए बार-बार कॉल करते हैं। इन कॉलर्स के नंबर ट्रैक कर भविष्य में सीधा कानूनी एक्शन लिया जाएगा। इसके लिए कंपनी एक स्टडी कर रही है, जिससे इनकी पहचान की जा सके। कैसे फर्जी कॉल्स बिगाड़ रहे सिस्टम 108 कॉल सेंटर की हर लाइन कुछ सेकेंड के लिए व्यस्त होती है। एक झूठे कॉलर के कारण असली मरीज की कॉल मिस हो जाती है। औसतन हर दिन एम्बुलेंस को 50-60 किलोमीटर तक झूठी सूचनाओं के चलते दौड़ लगानी पड़ती है। तरुण सिंह परिहार के मुताबिक, “एक झूठी कॉल किसी जरूरतमंद की मौत की वजह बन सकती है। क्योंकि जब तक हमारी एम्बुलेंस वापस लौटती है, किसी और को मदद की ज़रूरत पड़ जाती है।”

अब एडवांस पेमेंट जरूरी! MP में सरकारी दफ्तरों और मंत्रियों के आवासों की बिजली कट सकती है

भोपाल मंत्रियों के बंगले हों या सरकारी कार्यालय, यदि बिजली चाहिए तो अग्रिम भुगतान करना होगा। प्रदेश के सरकारी भवनों में अब प्री पेड मीटर लगाने पर बिजली तभी मिलेगी जब अग्रिम भुगतान कर रिचार्ज करवाया जाएगा। इसके लिए वल्लभ भवन मंत्रालय से लेकर तहसील स्तरीय सरकारी कार्यालयों तक में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। प्रदेश की विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय से मिले दिशा-निर्देशों के अनुपालन में यह कार्य किया जा रहा है। पारदर्शी बिलिंग, मीटर रीडिंग प्रणाली में सुधार और सटीक ऊर्जा लेखांकन के लिए केंद्र सरकार की आरडीएसएस (पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना) अंतर्गत स्मार्ट मीटर लगाने के कार्य किए जा रहे हैं।   वितरण कंपनियों द्वारा संभाग, जिला व ब्लाक मुख्यालयों के शासकीय कार्यालयों में भी स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। योजनांतर्गत प्रदेश में 45,191 शासकीय कार्यालयों के विद्युत कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिसमें से 18,177 कनेक्शनों पर प्रीपेड बिलिंग की सुविधा शुरू हो गई है। वल्लभ भवन, सतपुड़ा और विंध्याचल भवन के अलावा प्रीपेड स्मार्ट मीटर मंत्रियों के बंगलों में भी लगेंगे। 10 हजार रुपये का एक प्रीपेड स्मार्ट मीटर है। प्रदेश में कुल 55 लाख मीटर लगाए जाएंगे। इनमें घरेलू उपभोक्ता भी शामिल हैं। इस कार्य पर मप्र में 15 हजार करोड़ रुपये व्यय होंगे। इन प्रीपेड स्मार्ट मीटर से बिजली लेने के लिए मोबाइल की तरह पहले रिचार्ज करना होगा उसके बाद ही विद्युत सप्लाई मिलेगी।        मप्र में कुल 413 नगर निकाय हैं। यहां छह -छह माह से विद्युत बिल भुगतान लंबित रहता है।     कई बार तो साल भर का विद्युत बिल भुगतान न होने पर विद्युत वितरण कंपनियों को निकायों को नोटिस जारी करना पड़ता है।     निकायों को विद्युत बिल भुगतान के लिए चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि दी जाती है, लेकिन समय पर राशि न मिलने से कई बार बिल भुगतान लंबित रहता है।     निकायों के अलावा पंचायतों की भी यही स्थिति हैं। अब अगर समय पर बिल भुगतान नहीं किया तो विद्युत प्रवाह रोक दिया जाएगा।     नगरीय विकास एवं आवास विभाग, महिला बाल विकास विभाग एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का लगभग 800 करोड़ रुपये का बकाया है।     अन्य विभागों को मिलाकर कुल शासकीय विभाग का 1300 करोड़ रुपये का बिल भुगतान बकाया है।

BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल की मांग—दिल्ली का नाम बदला जाए, हो ‘इंद्रप्रस्थ’

नई दिल्ली  राजधानी दिल्ली को महाभारत कालीन नाम 'इंद्रप्रस्थ' से नवाजने की मांग तेज हो गई है। चांदनी चौक से बीजेपी सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली का नाम 'इंद्रप्रस्थ' करने का सुझाव दिया है। पत्र में उन्होंने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के आधार पर यह प्रस्ताव रखा, जिसमें महाभारत के पांडव काल से जुड़े प्रमाणों का उल्लेख किया गया है।  खंडेलवाल ने पत्र में कहा कि दिल्ली का वर्तमान नाम 'दिल्ली' मुगल काल से जुड़ा है, जबकि इसका प्राचीन नाम 'इंद्रप्रस्थ' है, जो पांडवों द्वारा स्थापित राजधानी के रूप में जाना जाता है। उन्होंने चार सुझाव दिए हैं..     दिल्ली का नाम 'इंद्रप्रस्थ' रखा जाए।     पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन का नाम 'इंद्रप्रस्थ जंक्शन' हो।     दिल्ली में मौजूदा हवाई अड्डे को 'इंद्रप्रस्थ एयरपोर्ट' नाम दिया जाए।     दिल्ली के प्रमुख स्थलों पर पांडवों की प्रतिमाएं लगाई जाएं। महाभारत की विरासत से जोड़ने की अपील खंडेलवाल ने पत्र में महाभारत के सन्दर्भों का हवाला देते हुए कहा कि इंद्रप्रस्थ (लगभग 3000 ईसा पूर्व) पांडवों की राजधानी थी, जो पुरातात्विक साक्ष्यों से सिद्ध है। उन्होंने मुगल प्रभाव वाले नामों को हटाने की वकालत की, ताकि शहर की 5000 वर्ष पुरानी हिंदू सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित किया जा सके। यह मांग कोई नई नहीं है। हाल ही में विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने भी दिल्ली सरकार को इसी तरह का पत्र लिखा था, जिसमें इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम बदलने की बात कही गई। 2021 में डॉ. सुब्रह्मण्यम स्वामी और क्षत्रिय महासभा ने भी ऐसी मांगें उठाई थीं। हालांकि, विपक्षी दलों ने ऐसी पहलों को 'राजनीतिक स्टंट' बताकर खारिज किया है।  

अब बेहतर महसूस कर रहे श्रेयस अय्यर, बीसीसीआई ने बताई भारत वापसी की तारीख

नई दिल्ली टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज और वनडे टीम के उप-कप्तान श्रेयस अय्यर को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। बीसीसीआई ने शनिवार, 1 नवंबर को अय्यर की इंजरी पर तीसरा अपडेट जारी कर बताया कि उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज मिल गया है। हालांकि वह अभी भारत नहीं लौटेंगे। श्रेयस अय्यर आगे की जांच के लिए फिलहाल सिडनी में ही रहेंगे और उड़ान भरने के लिए फिट पाए जाने पर भारत लौट आएंगे। श्रेयस अय्यर को 25 अक्टूबर 2025 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे के दौरान फील्डिंग करते समय पेट में गंभीर चोट लगी थी   बीसीसीआई ने रिलीज में लिखा, श्रेयस अय्यर को 25 अक्टूबर 2025 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे के दौरान फील्डिंग करते समय पेट में गंभीर चोट लग गई, जिससे उनकी तिल्ली में चोट लग गई और इंटरनल ब्लीडिंग होने लगी। चोट की तुरंत पहचान कर ली गई और एक मामूली ऑपरेशन के बाद इंटरनल ब्लीडिंग तुरंत बंद कर दिया गया। इसके लिए उनका उचित चिकित्सा उपचार किया गया है। अब उनकी हालत स्थिर है और वे अच्छी तरह से ठीक हो रहे हैं। सिडनी और भारत के विशेषज्ञों के साथ-साथ बीसीसीआई की मेडिकल टीम उनके स्वास्थ्य लाभ से खुश है और उन्हें आज अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। बीसीसीआई सिडनी में डॉ. कौरौश हाघीगी और उनकी टीम के साथ-साथ भारत में डॉ. दिनशॉ पारदीवाला का हार्दिक आभार व्यक्त करता है, जिन्होंने श्रेयस को उनकी चोट का सर्वोत्तम उपचार सुनिश्चित किया। श्रेयस आगे की जांच के लिए सिडनी में ही रहेंगे और उड़ान भरने के लिए फिट पाए जाने पर भारत लौट आएंगे। बता दें, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैच की वनडे सीरीज के दौरान ही अय्यर को टीम इंडिया का उप-कप्तान बनाया गया था। रिपोर्ट्स हैं कि वह इस चोट की वजह से लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रह सकते हैं। ऐसे में वह टी20 वर्ल्ड कप 2026 की दौड़ से भी बाहर माने जा रहे हैं। उम्मीद लगाई जा रही है कि वह अब वह सीधा आईपीएल में ही वापसी करेंगे।