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मुख्यमंत्री विजयन की घोषणा: केरल में अब नहीं है कोई ‘अत्यंत गरीब’, सरकार ने मिटाई गरीबी की रेखा

केरल  केरल की चर्चा शिक्षा के क्षेत्र में अक्सर होती रही है। अब यह राज्य गरीबी दूर करने के लिए जाना जाने लगा है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने शनिवार को राज्य विधानसभा में घोषणा की कि केरल ने चरम गरीबी (Extreme Poverty) को समाप्त कर दिया है। वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार का दावा है कि ऐसा करने वाला केरल देश का पहला राज्य है। मुख्यमंत्री ने यह ऐलान राज्य गठन दिवस के अवसर पर विधानसभा के विशेष सत्र में किया।   2021 में शुरू की गई चरम गरीबी उन्मूलन परियोजना के तहत राज्य सरकार ने 64,006 परिवारों को अत्यंत गरीब के रूप में चिन्हित किया था। इन परिवारों को चार वर्ष तक चलने वाली इस योजना के अंतर्गत आवास, भोजन, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़ी सहायता दी गई। स्थानीय स्वशासन मंत्री एम. बी. राजेश ने बताया कि नीति आयोग के अध्ययन में पहले ही यह पाया गया था कि केरल की गरीबी दर देश में सबसे कम 0.7% है। उन्होंने कहा, “हमने सर्वेक्षणों के जरिए 64,006 परिवारों के 1,03,099 व्यक्तियों को चरम गरीबी में पाया और उन्हें योजनाओं से जोड़ा।” विपक्षी कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने सरकार के दावे को पूर्ण धोखाधड़ी बताते हुए सदन से वॉकआउट किया। विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन ने कहा कि मुख्यमंत्री का बयान संसदीय नियमों का उल्लंघन है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री विजयन ने कहा, “यूडीएफ जब धोखाधड़ी कहता है, तो वह अपने आचरण की बात कर रहा है। हमने वही किया है जो हमने कहा था।”  

अजीत डोभाल ने कहा— अब नहीं बची आतंक की जमीन, नक्सलवाद भी ढलान पर

नई दिल्ली  राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने कहा कि भारत में आतंकवाद पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है और जम्मू-कश्मीर को छोड़कर देश के बाकी हिस्सों में अंतिम बड़ा आतंकी हमला वर्ष 2013 में हुआ था। सरदार पटेल स्मृति व्याख्यान में बोलते हुए डोभाल ने कहा, “तथ्य स्पष्ट हैं और उनसे इनकार नहीं किया जा सकता। देश में आतंकवाद को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया गया है। 1 जुलाई 2005 को बड़ा हमला हुआ था और अंतिम घटना 2013 में। इसके बाद, जम्मू-कश्मीर को छोड़कर देश के बाकी हिस्सों में कोई आतंकी हमला नहीं हुआ।”   उन्होंने कहा कि इस दौरान दुश्मनों की गतिविधियां जारी रहीं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने कई प्रयासों को नाकाम किया, लोगों को गिरफ्तार किया और विस्फोटक बरामद किए। डोभाल ने बताया कि वामपंथी उग्रवाद भी 2014 की तुलना में अब घटकर सिर्फ 11% क्षेत्रों तक सीमित रह गया है। उन्होंने कहा, “ज्यादातर जिले, जिन्हें पहले उग्रवाद प्रभावित घोषित किया गया था। अब सुरक्षित हैं।” एनएसए ने कहा कि भारत ने एक ऐसी ‘डिटरेंस क्षमता’ विकसित की है जो किसी भी राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे का उचित जवाब देने में सक्षम है। उन्होंने यह भी कहा कि सुशासन के लिए महिलाओं और हाशिए पर रहने वाले वर्गों की सुरक्षा व सशक्तिकरण बेहद आवश्यक है। डोभाल ने कहा, “महिलाओं की सुरक्षा, समानता और सशक्तिकरण आधुनिक शासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।”  

जनता दर्शन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सुनीं 200 लोगों की समस्याएं

जनता की समस्याओं के समाधान को संकल्पित है सरकार : मुख्यमंत्री जनता दर्शन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सुनीं 200 लोगों की समस्याएं अधिकारियों को दिए निर्देश – शीघ्रता से करें समस्याओं का निस्तारण गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान शनिवार सुबह जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जनता की समस्याओं के समाधान को संकल्पबद्ध है। किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। इस दौरान उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया वे तत्परता और संवेदनशीलता से यह सुनिश्चित करें कि हर पात्र को जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले, जबरन जमीन कब्जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो। अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और बिना भेदभाव सबको न्याय मिले।  प्रतिकूल मौसम के चलते इस बार जनता दर्शन का आयोजन गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में किया गया था। जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं। सीएम से मिलकर अपनी समस्या बताने वालों में महिलाओं की संख्या अधिक रही। सभागार में कुर्सियों पर बैठे लोगों के पास सीएम योगी खुद गए। उनकी समस्याओं व शिकायतों को इत्मीनान से सुना और समझा। सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित और संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए दृढ़ संकल्पित है। अपराध से संबंधी शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।  हर बार की तरह इस बार भी जनता दर्शन में कई लोग गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए थे। उनसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी जरूरतमंद हैं, प्रशासन उनके उच्च स्तरीय इलाज का इस्टीमेट शीघ्रता से बनवाकर उपलब्ध कराए। इस्टीमेट मिलते ही सरकार तुरंत धन उपलब्ध कराएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश स्थापना दिवस पर जनता को दी हार्दिक शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दी राज्य के स्थापना दिवस की शुभकामनाएं विकास की 70 साल की लंबी यात्रा आत्मनिर्भर, समृद्ध और सशक्त बनता मध्यप्रदेश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को मध्यप्रदेश के 70 वें स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अब 70 साल का हो गया है। अपनी गौरवशाली विकास यात्रा का 70वां स्थापना दिवस मना रहा है। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर 1956 को गठित यह राज्य न केवल भारत के हृदय में स्थित है, बल्कि देश के विकास मानचित्र पर भी अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की यह 70 वर्षीय यात्रा समर्पण, संकल्प और सतत् विकास की सुखद यात्रा रही है। यह दिन हमें हमारे पूर्वजों की मेहनत, उनके जज्‍बे, जनभागीदारी से विकास और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी एवं हम सभी की आस्था और निष्ठा की याद दिलाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीते सात दशकों में मध्यप्रदेश ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। कभी “बीमारू” कहे जाने वाले इस राज्य ने आज कृषि, सिंचाई, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। हमारा मध्यप्रदेश आज देश का “फूड बास्केट” कहलाता है, जहां अन्न उत्पादन में आत्मनिर्भरता के साथ ही किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में अनेक योजनाएं सफलतापूर्वक लागू की गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन” और “लाड़ली लक्ष्मी योजना” जैसी योजनाएं महिला सशक्तिकरण की मिसाल बन गई हैं। युवाओं के लिए “मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना” और “स्टार्टअप मध्यप्रदेश” जैसे कार्यक्रम रोजगार और नवाचार के नए द्वार खोल रहे हैं। वहीं प्रदेश में सुशासन एवं नवाचारों ने शासन को जनता के द्वार तक पहुंचाने का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश अब “विकसित भारत @ 2047” के विज़न और संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। स्मार्ट शहरों, हरित ऊर्जा, जल संरक्षण, डिजिटल गवर्नेंस और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में तेज गति से काम हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र को आत्मसात करते हुए मध्यप्रदेश आज एक आत्मनिर्भर प्रदेश के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश अब केवल भौगोलिक रूप से ही नहीं, बल्कि सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और पर्यटन राज्य के रूप में भी देश के हृदय और धमनियों के रूप में धड़क रहा है। विकास को लेकर हमारी दिशा और लक्ष्य स्पष्ट है कि प्रदेश के हर नागरिक तक विकास का लाभ पहुंचे, हर हाथ को काम मिले, हर घर में खुशहाली हो और हर मन में मध्यप्रदेशवासी होने के गर्व का भाव जागे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का यह 70वां स्थापना दिवस एक अवसर है अतीत की उपलब्धियों को स्मरण करने और भविष्य के स्वर्णिम लक्ष्य तय करने का। स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी नागरिकों से आह्वान किया कि हम सब एकजुट होकर “विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त मध्यप्रदेश” के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। सामूहिक सहभागिता से अपनी मिट्टी को, अपनी मातृभूमि को, अपने प्रदेश को हर क्षेत्र में सबसे आगे रखकर अग्रणी बनाने का यही सही अवसर है‌।

24 कैरेट गोल्ड से बना टॉयलेट जल्द होगा नीलाम, कीमत सुनकर उड़ जाएंगे होश!

वाशिंगटन  आपने पेंटिंग या पुरानी कलाकृतियों की नीलामी की खबरें अकसर सुनी होंगी लेकिन शायद ही कभी टॉयलट शीट की नीलामी की बात सोची भी हो। लंदन में बना एक बेहद कीमती सोने का टॉइलट सीट नीलामी के लिए तैयार है। खास बात यह है कि यह शीट एकदम ठोस सोने से बनी हुई है। मशहूर इटैलियन कलाकार मॉरिजियो कैटेलन ने इसे बनाया है। गौर करने वाली बात है कि उन्होंने इसका नाम 'अमेरिका' रखा है। न्यूयॉर्क के सॉथबी नीलामी घर में इस गोल्ड टॉइलेट की नीलामी होगी। इसकी शुरुआती कीमत ही 10 मिलियन डॉलर यानी करीब 83 करोड़ रुपये रखी गई है। कैटेलन ना कहना है कि यह टॉइलट संदेश देता है कि अमीर लोगों, दिखावे की जिंदगी का कोई फायदा नहीं है। टॉइलेट चाहे सोने का हो या फिर मिट्टी का, उसमें काम एक ही हो सकता है। यह एक कलाकृति ही है जो कि समाज में ऊंच-नीच और गरीब-अमीर के फर्क को रेखांकित करती है। बनाने में लगा 101 किलो सोना इस टॉइलेट शीट को बनाने में करीब 101 किलो सोने का इस्तेमाल किया गया है। जानकारी के मुताबिक टॉइलट केवल डिजाइनर नहीं बल्कि पूरी तरह से फंक्शनल है। 2019 में ब्लेनहीम पैलेस में भी इसी तरह का एक टॉइलट रखा गया था जो कि चोरी हो गया था। इसके बाद इसकी काफी चर्चा हुई थी। 2016 में इसे गगनहाइम म्यूजियम में लगाया गया था और लोगों के लिए खोला गया था। तब एक लाख से ज्यादा लोगों ने इसका इस्तेमाल किया था। डोनाल्ड ट्रंप को भी ऑफर दिया गया था कि वह इसे वाइट हाउस में रख सकते हैं। हालांकि उन्होंने ऑफर ठुकरा दिया। इस टॉइलट को बनाने वाले मॉरिजियो कैटेन का नाम कई बार विाद में रहा है। उन्होंने एक बार एक केले को दीवार से टेप लगाकर चिपकाकर कमीडियन नाम से बेच दिया था। एक कलाकृति में उन्होंने घुटनों पर बैठे हुए हिटलर को दिखाया था। यह 17.2 मिलियन डॉलर में बिकी थी।  

14 साल का सनसनी वैभव सूर्यवंशी! IPL चीफ बोले- टीम इंडिया का अगला स्टार तैयार

नई दिल्ली  IPL 2025 के जरिए वर्ल्ड क्रिकेट का ध्यान अपनी ओर खींचने वाले वैभव सूर्यवंशी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। वैभव ने आईपीएल के बाद अंडर-19 टीम के लिए खूब रन बनाए, लिमिटेड ओवर क्रिकेट के अलावा उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में भी अपना जलवा बिखेरा। उनके इस लाजवाब प्रदर्शन को देखने के बाद फैंस उत्साहित हैं कि वह कब भारतीय टीम के लिए डेब्यू करेंगे। क्या वैभव सूर्यवंशी टीम इंडिया के लिए तैयार है? आईपीएल चीफ अरुण धूमल ने हाल ही में अपने एक बयान में कहा है कि 14 साल के वैभव सूर्यवंशी टीम इंडिया के लिए दरवाजे खटखटा रहे हैं।   अरुण धूमल ने टीम इंडिया की प्रभावशाली बेंच स्ट्रेंथ की तारीफ की और 14 साल के प्रतिभाशाली खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा को उजागर किया। उन्होंने इस दौरान रोहित शर्मा और विराट कोहली की भी उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन, दृढ़ विश्वास और कार्यशैली के लिए सराहना की। धूमल को भरोसा है कि रोहित और कोहली ODI फॉर्मेट में अभी बहुत आगे हैं, और उन्होंने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ संपन्न तीन मैचों की वनडे सीरीज में रोहित की शानदार बल्लेबाजी की सराहना की, जहां उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया था। अरुण धूमल ने कहा, “हम लंबे समय से भारतीय टीम की इस बेंच स्ट्रेंथ के बारे में बात कर रहे हैं। लेकिन इस टीम को देखिए, एक 14 साल का अद्भुत खिलाड़ी, वैभव सूर्यवंशी, टीम का हिस्सा बनने के लिए दरवाजा खटखटा रहा है। और फिर आपके पास रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे महान खिलाड़ी हैं, जिनके बारे में लोग सोचते हैं कि वे जा रहे हैं, लेकिन वे नहीं जा रहे हैं। वे यहीं रहने वाले हैं।” उन्होंने आगे कहा, "और जिस तरह से रोहित ने इस वनडे सीरीज में अपनी क्लास दिखाई है, उस उम्र में, फाइनल मैच में प्लेयर ऑफ द मैच और फिर प्लेयर ऑफ द सीरीज़ बनकर, यह दर्शाता है कि उनमें किस तरह का दृढ़ विश्वास है, वे किस तरह की कड़ी मेहनत करते हैं। जब टीम इंडिया की बात आती है, तो वे अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहेंगे। और यही एक खिलाड़ी की सच्ची झलक है। और मेरी उन दोनों को शुभकामनाएं। उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट को अपना जीवन दिया है।"  

IMD अलर्ट: नवंबर में गिरेगी झमाझम बारिश, दिन रहेंगे ठंडे लेकिन रातें रहेंगी गर्म

नई दिल्ली  भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने नवंबर महीने के लिए अपना मौसमी पूर्वानुमान जारी कर दिया है। विभाग के अनुसार, देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से ज्यादा वर्षा होने की संभावना है, जबकि दिन के तापमान में कमी आएगी और रातें अपेक्षाकृत गर्म रहेंगी। यह पूर्वानुमान ला नीना प्रभाव, उत्तर-पश्चिमी हवाओं और समुद्री स्थितियों पर आधारित है, जो सर्दियों की शुरुआत में मौसम को प्रभावित करेगा। IMD) ने अनुमान जताया है कि तमिलनाडु, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश के कुछ भागों में बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, नवंबर में जारी रहने वाली वर्षा गतिविधियों के कारण दिन का तापमान सामान्य से नीचे रहेगा, जिससे दिन के समय मौसम ठंडा महसूस होगा। लेकिन बादल छाए रहने और आसमान में ओवरकास्ट स्थितियों के कारण रात का तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है, जिससे नवंबर की रातें अपेक्षाकृत गर्म रहेंगी। दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्व मॉनसून से सामान्य वर्षा की उम्मीद रिपोर्ट के मुताबिक, मौसम विभाग ने बताया कि सर्दियों के महीनों में दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में उत्तर-पूर्व मॉनसून के दौरान सामान्य वर्षा की संभावना है। यह मॉनसून तमिलनाडु के लिए मुख्य वर्षा ऋतु माना जाता है। IMD ने कहा कि तमिलनाडु, कराईकल, पुडुचेरी, तटीय आंध्र प्रदेश, यानम, रायलसीमा, केरल, माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में नवंबर माह में सामान्य वर्षा होने की उम्मीद है, जो लंबी अवधि के औसत के 77 से 123 प्रतिशत के बीच रह सकती है। अक्टूबर बना हाल के वर्षों का सबसे अधिक बरसाती महीना देशभर में अक्टूबर माह इस साल हाल के वर्षों में सबसे अधिक बरसाती महीनों में से एक साबित हुआ। अक्टूबर की शुरुआत में पूर्वी भारत में बने गहरे डिप्रेशन और महीने के अंत में आए चक्रवात ‘मोंथा’ ने वर्षा को काफी बढ़ा दिया। पिछले महीने उत्तर हिंद महासागर बेसिन (जिसमें बंगाल की खाड़ी और अरब सागर शामिल हैं) में दो चक्रवात आए- ‘शक्ति’ और ‘मोंथा’। उल्लेखनीय है कि जनवरी से सितंबर 2025 तक इस बेसिन में कोई चक्रवात नहीं बना था। IMD के महानिदेशक मृत्युंजय मोहापात्रा ने बताया कि 2025 कोई अपवाद नहीं है। इससे पहले भी 1938, 1949, 1980, 1983, 1984, 1986, 1988, 1993, 1995, 2011 और 2012 में जनवरी से सितंबर के बीच कोई चक्रवात विकसित नहीं हुआ था। 24 घंटे में 350 मिमी बारिश अक्टूबर 28 से 30 के बीच चक्रवात ‘मोंथा’ के कारण तटीय आंध्र प्रदेश, यानम, ओडिशा, रायलसीमा, तेलंगाना और गंगीय पश्चिम बंगाल में 24 घंटे में करीब 350 मिमी तक अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई। देशभर में अक्टूबर माह में औसतन 112.2 मिमी वर्षा हुई, जो सामान्य से लगभग 50% अधिक थी। यह 2001 के बाद दूसरा सबसे अधिक बरसाती अक्टूबर रहा और 1901 के बाद से 16वां सबसे अधिक वर्षा वाला अक्टूबर बना। उत्तर-पश्चिम भारत, जहां अक्टूबर तक मॉनसून पूरी तरह से वापस लौट जाता है, ने भी इस बार 160 मिमी की औसत वर्षा दर्ज की- जो 2001 के बाद तीसरी सबसे अधिक और 1901 के बाद दसवीं सबसे अधिक रही। मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है, जिससे देश के अधिकांश हिस्सों में ठंडक भरा मौसम महसूस किया जा सकता है, हालांकि रातें सामान्य से कुछ अधिक गर्म रह सकती हैं।  

छत्तीसगढ़ राज्य के स्थापना दिवस पर CM योगी का संदेश – ‘प्रगति और शांति की दिशा में आगे बढ़े प्रदेश’

लखनऊ  आज छत्तीसगढ़ राज्य अपना 25वां स्थापना दिवस मना रहा है। देशभर के तमाम बड़ नेता छत्तीसगढ़ वासियों को राज्य स्थापना दिवस की बधाई दे रहे है। इसी बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी छत्तीसगढ़ राज्य के स्थापना दिवस की प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। प्रगति और शांति की दिशा में अग्रसर रहे सीएम योगी ने एक्स हैंडल पर लिखा कि संस्कृति, सौंदर्य और प्राकृतिक संपदा से समृद्ध छत्तीसगढ़ राज्य के स्थापना दिवस की प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह राज्य निरंतर प्रगति और शांति की दिशा में अग्रसर रहे, मां दंतेश्वरी से यही कामना है। बता दें कि छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के मौके पर आज पीएम नरेंद्र मोदी रायपुर आ रहे हैं। वे सुबह करीब 9:30 बजे प्रदेश की राजधानी पहुंचेंगे। इस दौरान वे 14,260 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे।

IRCTC नियमों में बड़ा बदलाव: लोअर बर्थ पर मिलेगी प्राथमिकता, यात्रियों के लिए नया स्लीप टाइम तय

नई दिल्ली  भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए टिकट बुकिंग प्रक्रिया को और आसान और पारदर्शी बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इस साल की शुरुआत में रेलवे ने ‘RailOne’ ऐप लॉन्च किया था, जो एक सुपर ऐप के रूप में कार्य करता है। इस ऐप के माध्यम से यात्री न केवल आरक्षित बल्कि अनारक्षित टिकट भी बुक कर सकते हैं। इसके साथ ही यह ऐप रेलवे से जुड़ी विभिन्न यात्री सेवाओं के लिए एक वन-स्टॉप सॉल्यूशन के रूप में काम करता है।   अक्सर यात्री ऑनलाइन टिकट बुकिंग के दौरान 'लोअर बर्थ प्रेफरेंस' का विकल्प चुनने के बावजूद साइड अपर, मिडिल या अपर बर्थ पर सीट मिलने की शिकायत करते हैं। ऐसे में यात्रियों के लिए यह जरूरी है कि वे भारतीय रेलवे के नए लोअर बर्थ आरक्षण नियमों को अच्छी तरह समझें। भारतीय रेलवे के कंप्यूटरीकृत आरक्षण प्रणाली में वरिष्ठ नागरिकों, 45 वर्ष से अधिक आयु की महिला यात्रियों तथा गर्भवती महिलाओं को लोअर बर्थ आवंटित करने की विशेष व्यवस्था की गई है। हालांकि, यह सुविधा सीट की उपलब्धता पर निर्भर करती है। टीटीई को भी मिला अधिकार रेलवे के नियमों के अनुसार, यदि बुकिंग के समय लोअर बर्थ उपलब्ध नहीं होती और किसी वरिष्ठ नागरिक या पात्र महिला को ऊपरी या मध्य बर्थ दी जाती है, तो ट्रेन में टिकट चेकिंग स्टाफ (TTE) को अधिकार है कि यदि कोई लोअर बर्थ यात्रा के दौरान खाली होती है, तो उसे ऐसे यात्रियों को आवंटित कर सके। लोअर बर्थ बुकिंग के लिए विशेष विकल्प ऑनलाइन टिकट बुकिंग करते समय यात्रियों के पास यह विकल्प भी होता है कि वे 'बुक ओनली इफ लोअर बर्थ इज अवेलेबल' (केवल तभी बुक करें जब लोअर बर्थ उपलब्ध हो) को चुनें। यदि यात्री यह विकल्प चुनता है और लोअर बर्थ उपलब्ध नहीं होती, तो टिकट बुक नहीं किया जाएगा। इससे यात्रियों को अपनी सीट पसंद के अनुसार यात्रा की सुविधा मिल सकती है। लोअर बर्थ पर बैठने और सोने के नियम भारतीय रेलवे के नियमों के अनुसार, रिजर्व्ड कोचों में रात 10:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक सोने का समय निर्धारित है। इस अवधि में यात्रियों को अपनी निर्धारित बर्थ पर सोने की अनुमति होती है। दिन के समय में सीट पर बैठने की व्यवस्था रहती है। विशेष रूप से, RAC टिकट वाले यात्रियों के लिए यह व्यवस्था है कि साइड लोअर बर्थ पर RAC यात्री और साइड अपर बर्थ पर बुक यात्री दोनों दिन के समय बैठने के लिए सीट शेयर करेंगे। लेकिन रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लोअर बर्थ का अधिकार केवल लोअर बर्थ वाले यात्री का होगा। अग्रिम आरक्षण अवधि (ARP) में बदलाव रेलवे ने हाल ही में आरक्षित टिकटों की अग्रिम आरक्षण अवधि (ARP) को 120 दिनों से घटाकर 60 दिन कर दिया है। यानी अब यात्री अपनी यात्रा की तारीख से 60 दिन पहले तक टिकट बुक कर सकते हैं।  

जाति जनगणना आज से शुरू, अब लोग खुद भर सकेंगे अपनी सामाजिक जानकारी ऑनलाइन

नई दिल्ली  भारत में पहली बार डिजिटल और जाति आधारित जनगणना की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए जनगणना 2027 के पहले चरण का प्री-टेस्ट (पूर्व परीक्षण) आज से शुरू होने वाला है। इस दौरान गणनाकर्मी (एन्यूमरेटर) अपने-अपने क्षेत्रों में प्रमुख नागरिकों के घर जाकर उन्हें ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से विवरण भरने में मदद करेंगे। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी का कहना है कि यह अभ्यास स्व-गणना मॉड्यूल की प्रभावशीलता जांचने के लिए किया जा रहा है। यह देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी और स्वतंत्र भारत में पहली बार जाति आधारित गणना भी शामिल की जाएगी। अधिकारियों के हवाले से कहा कि स्व-गणना पोर्टल और मोबाइल ऐप को 1 से 10 नवंबर और 10 से 30 नवंबर के बीच सीमित क्षेत्रों में परखा जाएगा। इनका लिंक सार्वजनिक रूप से साझा नहीं किया जाएगा, ताकि उपयोगिता परीक्षण बिना किसी बाधा के हो सके। इस चरण में घरों से संबंधित लगभग 30 प्रश्न पूछे जाएंगे। जैसे भवन संख्या, मकान की छत और फर्श का प्रमुख पदार्थ, परिवार प्रमुख का नाम और लिंग, घर में रहने वाले व्यक्तियों की संख्या, पेयजल का मुख्य स्रोत, बिजली व्यवस्था, शौचालय की उपलब्धता, खाना पकाने में उपयोग होने वाला ईंधन, टीवी, कंप्यूटर, मोबाइल, वाहन आदि की जानकारी ली जाएगी। रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त ने 16 अक्टूबर को अधिसूचना जारी कर बताया था कि हाउस लिस्टिंग एंड हाउसिंग जनगणना (HLO) का यह प्री-टेस्ट 10 से 30 नवंबर तक सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के चयनित क्षेत्रों में किया जाएगा, जबकि स्व-गणना की सुविधा 1 से 7 नवंबर तक उपलब्ध रहेगी। अधिकारी के अनुसार, “एन्यूमरेटर पहले चयनित नागरिकों को पोर्टल का पता साझा करेंगे ताकि वे स्वयं ऑनलाइन प्रश्नावली भर सकें। इसके बाद 10 से 30 नवंबर के बीच वे उन्हीं घरों का दोबारा दौरा करेंगे और शेष घरों की जानकारी मोबाइल ऐप पर एकत्र करेंगे।” इन दोनों मॉड्यूल्स को जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली से जोड़ा गया है। कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित जनगणना 2021 को अब जनगणना 2027 के रूप में आयोजित किया जाएगा, जिसकी अंतिम गिनती 1 अप्रैल 2026 से 28 फरवरी 2027 के बीच पूरी होगी। पिछली जनगणना प्रक्रिया में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) को भी अद्यतन किया गया था, लेकिन सरकार ने लोकसभा में स्पष्ट किया है कि इस बार NPR को अपडेट नहीं किया जाएगा। NPR का डेटा वर्ष 2015-16 में अंतिम बार संशोधित किया गया था। सूत्रों के अनुसार, जाति आधारित प्रश्नों की रूपरेखा अभी अंतिम रूप में तय नहीं की गई है, इसलिए फिलहाल केवल HLO चरण का परीक्षण किया जा रहा है। 2019 में प्रस्तावित जनगणना 2021 के लिए ऐसा परीक्षण 76 जिलों में 26 लाख लोगों को शामिल कर किया गया था।