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भारत निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के 16 नगर पालिक निगम के आयुक्तों को बनाया अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 का देखेंगे कार्य भोपाल भारत निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के 16 नगर पालिक निगम आयुक्तों को अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी बनाया है। इस संबंध में आयोग द्वारा निर्देश भी जारी किए गए हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजीव कुमार झा ने बताया कि प्रदेश की 16 नगर पालिक निगम भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, मुरैना, रीवा, सतना, सिंगरौली, सागर, उज्जैन, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, रतलाम, कटनी और छिंदवाड़ा के आयुक्त को विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 की अवधि के लिए अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी बनाया गया है। श्री झा ने बताया कि प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 का कार्य शुरू हो गया है। ऐसे में अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी बनाए गए नगर पालिक निगम के आयुक्त एसआईआर में सहयोग करेंगे। उनकी नियुक्ति पदाधिकारी लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 13CC के अंतर्गत की गई है। 

ताजमहल में बाल विदुषी ने किया शिव तांडव पाठ, वायरल वीडियो पर मचा बवाल

आगरा विश्व धरोहर ताजमहल एक बार फिर चर्चा में है। दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वायरल हो रहा है। जिसमें एक बाल विदुषी को ताजमहल के अंदर ‘शिव तांडव स्तोत्र’ का पाठ करते हुए नजर आ रही है। वहीं, वीडियो के वायरल होने के बाद ताजमहल की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कई लोग इसे असली इतिहास का संदेश बताते हुए समर्थन कर रहे हैं, वहीं कुछ इसे विरासत स्थल के नियमों की अनदेखी मान रहे हैं। बॉलीवुड फिल्म द ताज स्टोरी के समर्थन में बाल विदुषी लक्ष्मी ने यह वीडियो बनाया है। जिसमें वह कहते हुए नजर आ रही है, ‘ताजमहल नहीं, तेजोमहालय है।’ वीडियो के वायरल होने के बाद एएसआई (Archaeological Survey of India) के अधिकारियों में भी हलचल है। ताजमहल परिसर में धार्मिक गतिविधि को लेकर सुरक्षा और नियमों की निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल एएसआई ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि वीडियो कब और कैसे शूट किया गया। मेटा पर शेयर किया वीडियो बाल विदुषी लक्ष्मी ने युवती ने मेटा (फेसबुक) पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा है, ‘आप सभी लोग ज़्यादा से ज़्यादा फिल्म द ताज स्टोरी देखें और अपने इतिहास को जाने वर्तमान में जो ताजमहल है वो तेजोमहालय था, जिसकी सच्चाई सामने एक दिन ज़रूर आएगी बीते दिनों अपने जन्मदिन के अवसर पर जीवन में प्रथम बार मैं ताजमहल तेजोमहालय गई थी स्वास्थ्य खराब होने की वजह से ये वीडियो अपलोड नहीं कर पाई, अब मेरी आप सभी से यह अपील है कि इस फिल्म को ज़्यादा से ज्यादा देखें और हिट करवाएं!’ हिंदू संगठनों ने युवती का किया समर्थन ताजमहल के अंदर शिव तांडव पाठ को लेकर हिंदूवादी संगठनों, संत-साधु और धार्मिक नेताओं ने बाल विदुषी के समर्थन में किया है। वीडियो जारी करते हुए कई प्रमुख संतों ने इसे सनातन संस्कृति के जागरण की शुरुआत बताया है। महंत मोहिनी बिहारी शरण जी महाराज सहित कई संतों ने बाल विदुषी लक्ष्मी की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘एक नाबालिग बालिका ने भारत की असली पहचान को दुनिया के सामने रखा है।’ वहीं कुंवर अजय तोमर ने कहा, ‘बाल विदुषी ने सच्चाई का बिगुल बजाया है, अब इतिहास को छिपाया नहीं जा सकेगा।’

फेरे खत्म होते ही दूल्हे ने किया कुछ ऐसा कि सोशल मीडिया पर हो गया वायरल!

फतेहाबाद दहेज प्रथा के खिलाफ फतेहाबाद के रतिया उपमंडल में एक अनोखी और प्रेरणादायक मिसाल पेश की गई। यहां एक विवाह ऐसा हुआ, जिसमें दहेज नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सादगी का संदेश दिया गया। रतिया के एमिनेंट पर्सन, सीएम विंडो सदस्य, भाजपा जिला कार्यकारिणी सदस्य एवं धानक समाज उत्थान सभा हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील इन्दौरा ने अपनी बेटी अंजना रानी का विवाह यमुनानगर निवासी कमल सिंह खटक, पुत्र ईश्वर सिंह खटक के साथ सादगीपूर्ण रीति से संपन्न कराया। दहेज में मांगे सिर्फ एक रुपया और पांच पौधे शादी के दौरान जब दहेज की बात आई तो लड़के पक्ष ने कहा कि उन्हें दहेज में केवल एक रुपया और पांच पेड़-पौधे चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक यह परंपरा निभाई नहीं जाएगी, शादी संपन्न नहीं की जाएगी। इसके बाद दोनों परिवारों ने मिलकर पीपल, बरगद, नीम, अमरूद और अंजीर के पौधों को दहेज के प्रतीक रूप में ग्रहण किया। यह दृश्य उपस्थित लोगों के लिए प्रेरणादायक रहा। सादगी से हुई शादी, समाज को दिया संदेश  कमल सिंह खटक एमटेक डिग्रीधारक हैं और हनीवेल कंपनी में इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं, जबकि अंजना रानी एमसीए हैं। शादी रतिया में पूर्ण सादगी के साथ सम्पन्न हुई, जिसमें कन्यादान मात्र एक रुपया और पांच पौधों के साथ किया गया। सुनील इन्दौरा ने कहा कि समाज को रूढ़िवादी परंपराओं से मुक्त कराने के लिए ऐसे उदाहरण अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि जब तक लड़के वाले दहेज लेना बंद नहीं करेंगे, तब तक दहेज प्रथा खत्म नहीं हो सकती। समाज में परिवर्तन लाने के लिए हमें खुद से शुरुआत करनी होगी।

मध्यप्रदेश की ग्रामीण सड़कों के रख-रखाव पर दें ध्यान : मंत्री पटेल

पहले चरण में निर्मित समस्त सड़कों में बने रपटे आवागमन के लिए हों बारहमासी मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की कार्यकारिणी समिति की हुई बैठक भोपाल  मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के तहत बनी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़कों के रख रखाव पर प्राधिकरण पूरा ध्यान दे। योजना के पहले चरण में निर्मित समस्त सड़कों में बने रपटे में बारहमासी आवागमन सुनिश्चित रहे। यह निर्देश पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने मंगलवार को मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण समिति की 26वीं बैठक में दिये। बैठक में अपर मुख्य सचिव ग्रामीण विकास श्रीमती दीपाली रस्तोगी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण श्री दीपक आर्य सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री श्री पटेल ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित सड़कों के संधारण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग के इंजीनियर्स को गुणवत्तापूर्ण कार्यों के लिए मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क अकादमी में प्रशिक्षित भी किया जाए। नवीन तकनीक के उपयोग से उन्‍हें अवगत कराया जाए। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित सड़कों के संधारण का दायित्व प्राधिकरण को सौंपा गया है। प्राधिकरण द्वारा अब तक 88 हजार 517 किलोमीटर लंबाई के 25 हजार 331 मार्गों का निर्माण किया जा चुका है। प्राधिकरण द्वारा अभी तक कुल 66 हजार 292 किलोमीटर बिटुमिन नवीनीकरण किया गया है। इनमें से लगभग 15 हज़ार 900 किलोमीटर लंबाई का नवीनीकरण वेस्ट प्लास्टिक तकनीकी का उपयोग करते हुए किया गया है। संधारण के अंतर्गत स्व सहायता समूहों द्वारा 14 ज़िलों के 114 मार्गों पर संधारण कार्य किया जा रहा है। ख़ास बात यह है कि ऐसे 115 स्व-सहायता समूह में 1270 महिलाएँ भी कार्य कर रही है। बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना अंतर्गत सड़क सम्पर्कता प्रदान करने के लिए लगभग 30 हजार 900 किलोमीटर मार्ग निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसकी लागत 21 हजार 630 करोड़ रुपये है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क के चतुर्थ चरण का कार्य दिसंबर 2024 से प्रारंभ हुआ है। इसमें 868 सड़कों का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। इनकी कुल लंबाई 1849 किलोमीटर और लागत 1545 करोड़ रुपये है। इन सड़कों के बनने से ग्रामीण क्षेत्र की 878 बसाहटें लाभान्वित होंगी। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में भारी वाहनों के आवागमन से क्षतिग्रस्त सड़कों के उन्नयन पर ध्यान दिया जाए। 

हेगसेथ की साउथ कोरिया यात्रा के दौरान नॉर्थ का दहशतभरा संदेश — दागे कई रॉकेट

वाशिंगटन  दक्षिण कोरिया ने खुलासा किया है कि उत्तर कोरिया ने अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ की सीमा पर यात्रा से महज एक घंटा पहले करीब 10 तोपखाने के रॉकेट दागे। ये रॉकेट पीली सागर (Yellow Sea) की दिशा में छोड़े गए थे, जो उत्तर कोरियाई मल्टी-रॉकेट लॉन्चर सिस्टम से फायर किए गए। दक्षिण कोरियाई संयुक्त स्टाफ (JCS) के मुताबिक, यह घटना हेगसेथ और उनके दक्षिण कोरियाई समकक्ष अह्न ग्यु-बैक के संयुक्त सुरक्षा क्षेत्र (JSA) में दौरा शुरू होने से ठीक पहले घटी, जो डीएमजेड (Demilitarized Zone) का हिस्सा है।   रिपोर्ट के अनुसार, 1 नवंबर को दोपहर करीब 3 बजे उत्तर कोरिया ने 'करीब 10 और तोपखाने के रॉकेट गोले' दागे, जब दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) शिखर सम्मेलन के दौरान ग्योंगजू में द्विपक्षीय शिखर वार्ता कर रहे थे। उधर, हेगसेथ ने मंगलवार को अह्न ग्यु-बैक के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वाशिंगटन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वादे को पूरा करने के लिए दक्षिण कोरिया को अमेरिकी शिपयार्ड में न्यूक्लियर-पावर्ड सबमरीन बनाने में सहायता देने के लिए 'जानबूझकर' अंतर-विभागीय प्रयास करेगा। जब दक्षिण कोरिया में तैनात अमेरिकी सेनाओं को ताइवान जलडमरूमध्य में किसी आपात स्थिति में तैनाती की संभावना के बारे में पूछा गया, तो पेंटागन प्रमुख ने कहा कि अमेरिका क्षेत्रीय संकटों के लिए अपने सैनिकों के 'लचीलापन' पर विचार करेगा और जोर दिया कि फोकस उत्तर कोरिया को रोकने पर बना रहेगा। बता दें कि दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने पिछले सप्ताह APEC शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से अनुरोध किया था कि सियोल को पारंपरिक हथियारों से लैस पनडुब्बियों के लिए न्यूक्लियर ईंधन की सप्लाई की अनुमति दी जाए, ताकि उत्तर कोरियाई और चीनी जहाजों पर बेहतर निगरानी रखी जा सके। योनहाप की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि हम अपने सहयोगियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं और यह सुनिश्चित करने पर केंद्रित हैं कि डीपीआरके (उत्तर कोरिया) का खतरा कोरिया गणराज्य (दक्षिण कोरिया) के लिए खतरा न बने। हम परमाणु निवारण को पहले की तरह मजबूती से जारी रखेंगे। उन्होंने उत्तर कोरिया को उसके आधिकारिक नाम डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया के संक्षिप्त रूप से संबोधित किया। योनहाप के अनुसार, ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्होंने दक्षिण कोरिया को फिलाडेल्फिया शिपयार्ड में न्यूक्लियर-पावर्ड सबमरीन (SSN) बनाने की मंजूरी दे दी है, जिसका संचालन दक्षिण कोरियाई कंपनी हनवा ओशन द्वारा किया जाता है। 29 अक्टूबर को एक सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने ऐलान किया कि दक्षिण कोरिया-अमेरिका गठबंधन पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो गया है और इसी आधार पर, मैंने उन्हें न्यूक्लियर-पावर्ड सबमरीन बनाने की स्वीकृति दे दी है। एक अन्य पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि दक्षिण कोरिया अपनी न्यूक्लियर-पावर्ड सबमरीन का निर्माण फिलाडेल्फिया शिपयार्ड में करेगी, जो अच्छे पुराने अमेरिका में स्थित है।

वन अधिकार दावों के निराकरण में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएं : मंत्री डॉ. शाह

भोपाल  जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा है राज्य सरकार जनजातीय बंधुओं के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से वन अधिकार संबंधी दावों के निराकरण में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने को कहा। मंत्री डॉ. शाह मंत्रालय में वन अधिकार अधिनियम एवं पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए गठित टास्क फोर्स की उप समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में वन ग्रामों में वन अधिकारों की मान्यता एवं वन ग्रामों के राजस्व गांव में परिवर्तन की संशोधित प्रक्रिया पर चर्चा हुई। टास्क फोर्स के सदस्यों के झाबुआ, खंडवा, बुरहानपुर और दमोह जिलों के भ्रमण के बाद की भी अनुशंसाओं पर चर्चा की गई। बैठक में तय किया गया कि ग्राम स्तरीय वन अधिकार समितियों को विकासखंड स्तर पर प्रशिक्षण देने के लिए संबंधित जिला कलेक्टर द्वारा प्रशिक्षण कैलेंडर तैयार किया जाएगा। प्रशिक्षण जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स द्वारा दिया जाएगा। वन अधिकार पत्र धारकों के दावों के लिए सैटलाइट इमेजरी पब्लिक डोमेन में उपलब्ध कराए जाने की ताजा स्थिति एवं संपूर्ण डिजिटाइजेशन प्रक्रिया पर भी समिति ने विचार किया। सामुदायिक वन संसाधनों के संरक्षण और प्रबंधन के ग्रामवार लंबित दावों की समीक्षा की गई। इसके अलावा उपखंड एवं ग्राम स्तरीय वन अधिकार समितियों के प्रशिक्षण कैलेंडर पर भी विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक वर्णवाल, अपर मुख्य सचिव ग्रामीण विकास श्रीमती दीपाली रस्तोगी एवं प्रमुख सचिव जनजाति कार्य श्री गुलशन बामरा एवं टास्क फोर्स के सदस्य उपस्थित थे।  

हेलीकॉप्टर और बोमा तकनीक से पकड़े गए 846 कृष्णमृग और 67 नीलगाय

मुख्यमंत्री के निर्देश पर चलाया गया सफलतापूर्वक अभियान भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर किसानों की फसलों को नुकसान से बचाने के लिये शाजापुर, उज्जैन और आस-पास के इलाकों में हेलीकॉप्टर और बोमा तकनीक का सफल प्रयोग वन्य जीवों को सुरक्षित पकड़ कर स्थानांतरित करने के लिए किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक बार फिर संवेदनशीलता दर्शाते हुए लंबे समय से कृष्णमृगों और नीलगायों द्वारा फसलों को पहुंचाये जा रहे भारी नुकसान से बचाने के लिये निर्देश जारी किये थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर किसानों की इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए देश में अपनी तरह का पहला प्रयास किया गया। अभियान के अंतर्गत वन्य जीवों को बिना हानि पहुँचाए अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से पकड़ कर सुरक्षित क्षेत्रों में छोड़ा गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, “यह अभियान वन्य जीव संरक्षण और किसानों की सुरक्षा, दोनों के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। मध्यप्रदेश में हम ऐसा संतुलन स्थापित करना चाहते हैं जहाँ प्रकृति, वन्य जीव और किसान, तीनों सामंजस्य के साथ आगे बढ़ें।” उन्होंने वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा टीम ने दीपावली के दौरान भी इस अभियान में हिस्सा लिया, जो उनके सेवा और वन्य जीव संरक्षण के प्रति समर्पण भाव का प्रतीक है। हेलीकॉप्टर और बोमा तकनीक का अभिनव प्रयोग अभियान में दक्षिण अफ्रीका की ‘कंजरवेशन सॉल्यूशंस’ कंपनी के 15 विशेषज्ञों ने भागीदारी की। विशेषज्ञों ने प्रदेश में वन विभाग की टीम को प्रशिक्षित किया और उनके सहयोग से 10 दिन तक लगातार अभियान चलाया गया। अभियान में रॉबिन्सन-44 हेलीकॉप्टर का उपयोग किया गया। इसे इस तरह के अभियानों के लिए विशेष रूप से उपयुक्त माना जाता है। हेलीकॉप्टर से पहले खेतों और खुले क्षेत्रों में वन्य जीवों की लोकेशन का सर्वे किया गया। इसके बाद रणनीतिक रूप से ‘बोमा’ बनाया गया। हेलीकॉप्टर की सहायता से फिर धीरे-धीरे हांका लगाकर जानवरों को सुरक्षित रूप से एक फनल (शंकु) आकार की बाड़ में प्रवेश कराया गया, जो जानवरों को भयभीत होने से बचाने के लिए घास और हरे जाल से ढकी होती है। बोमा में आये वन्य जीवों को वाहनों से सुरक्षित रूप से अभयारण्य तक पहुँचाया गया। अभियान में अनुभवी दक्षिण अफ्रीकी पायलट के साथ भारतीय पायलट भी शामिल थे। अभियान में सफलता पूर्वक 913 वन्य जीवों का किया गया सुरक्षित पुनर्वास लगभग दस दिनों तक चले इस अभियान में कुल 913 वन्य जीवों को सफलतापूर्वक पुनर्वास कराया गया। इनमें 846 कृष्णमृग और 67 नीलगाय शामिल हैं। सभी नीलगायों को गांधीसागर अभयारण्य के 64 वर्ग किलोमीटर के विशाल क्षेत्र में छोड़ा गया। साथ ही कृष्णमृगों को गांधीसागर, कूनो और नौंरादेही अभयारण्यों के उपयुक्त स्थानों पर पुनर्स्थापित किया गया। अभियान में वन्य जीवों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। सभी वन्य जीव अब अपने नए आवासों में स्वच्छंद होकर विचरण कर रहे हैं। प्रशिक्षण और भविष्य की रणनीति वन विभाग ने वन्य जीवों के पुनर्वास के चलाये गये अभियान में एक विशेष प्रशिक्षित दल तैयार किया, जो दक्षिण अफ्रीकी विशेषज्ञों के साथ प्रशिक्षण प्राप्त कर चुका है। यह दल भविष्य में राज्य के अन्य जिलों में भी इस प्रकार के कैप्चर ऑपरेशन्स संचालित करेगा। जिला प्रशासन और ग्रामीण समुदाय ने इस अभियान में सक्रिय सहभागिता की। अभियान के दौरान यह स्पष्ट रूप से देखा गया कि इस तकनीक से किसी भी वन्य जीव को बेहोश (ट्रैंक्युलाइज) करने की आवश्यकता नहीं पड़ी। वन्य जीवों की पुनर्स्थापना की, जिससे पूरी प्रक्रिया और अधिक सुरक्षित और प्राकृतिक बनी रही। अभियान से किसानों को मिली राहत नीलगायों और कृष्णमृग के पुनर्वास अभियान के परिणामस्वरूप उज्जैन, शाजापुर और आसपास के क्षेत्रों के किसानों ने राहत की सांस ली है। कृष्णमृग और नीलगायों द्वारा फसलों को रौंदने और खाने की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है। इससे किसानों की आर्थिक हानि में कमी आयेगी और वन्य जीव-मानव के बीच सह-अस्तित्व की भावना भी सशक्त होगी। अभियान न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे भारत के लिए एक नवीन उदाहरण प्रस्तुत करता है। यह सिद्ध करता है कि आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञता और जनसहयोग से मानव-वन्य जीव संघर्ष को मानवीय और वैज्ञानिक तरीकों से हल किया जा सकता है। भविष्य में वन विभाग ऐसे और अभियानों को अन्य जिलों में भी चलाने की योजना बना रहा है, जिससे किसानों को राहत मिले, वन्य जीव सुरक्षित रहें और पर्यावरणीय संतुलन कायम रहे। अभियान को सफल बनाने में वन विभाग, दक्षिण अफ्रीका की ‘कंजरवेशन सॉल्यूशंस’ टीम, स्थानीय प्रशासन, पुलिस विभाग, और ग्रामीणों का अभूतपूर्व सहयोग रहा। प्रशासनिक और विशेषज्ञों की निगरानी में चला अभियान अभियान की हर गतिविधि की सतत् निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की गई। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्य जीव अभिरक्षक श्री शुभरंजन सेन, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं क्षेत्र संचालक (चीता प्रोजेक्ट) श्री उत्तम शर्मा और मुख्य वन संरक्षक उज्जैन श्री एम.आर. बघेल स्वयं अभियान स्थल पर उपस्थित रहे। इस अभियान में वाइल्ड लाइफ एवं फॉरेस्ट्री सर्विस के डॉ. कार्तिकेय ने तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे इससे पहले गौर (बाइसन) ट्रांसलोकेशन प्रोजेक्ट में भी सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं। शाजापुर विधायक श्री अरुण भीमावद ने भी अभियान स्थल पर पहुंचकर इस अभिनव पहल की सराहना की। अभियान की सफलता पर एसीएस फॉरेस्ट श्री अशोक बर्णवाल और वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्हीएन अम्बाडे भी टीम को बधाई दी गई। 

उत्तर प्रदेश में SIR सर्वे की शुरुआत! अधिकारी घर-घर जाकर करेंगे डेटा कलेक्शन

लखनऊ मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के तहत उत्तर प्रदेश में मंगलवार से अगले एक महीने तक बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर गणना पत्र उपलब्ध कराएंगे और मतदाताओं को ये प्रपत्र भरने में मदद करेंगे। निर्वाचन आयोग द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के मुताबिक, एसआईआर अभियान के तहत बीएलओ चार नवंबर से आगामी चार दिसंबर तक घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फॉर्म) उपलब्ध कराएंगे। बीएलओ गणना प्रपत्र की दो प्रतियां मतदाताओं को उपलब्ध कराएंगे और इसे भरने में भी मदद करेंगे। बीएलओ मतदाताओं द्वारा भरे हुए गणना प्रपत्र एकत्र करेंगे और उसकी रसीद देंगे। आयोग ने मतदाताओं से अनुरोध किया है कि वे गणना प्रपत्र भर कर और उस पर हस्ताक्षर करके जल्द से जल्द अपने बीएलओ को उपलब्ध कराएं। मतदाता गणना प्रपत्र की दोनों प्रतियों को भरें, अपनी नवीनतम तस्वीर लगाएं और हस्ताक्षर करें। आयोग के मुताबिक, मतदाता निर्वाचन आयोग पोर्टल से भी अपना गणना प्रपत्र डाउनलोड कर सकते हैं। अधिक जानकारी एवं सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। आयोग के अनुसार, निर्वाचक नामावली का प्रकाशन आगामी नौ दिसंबर को होगा जिस पर अगले साल आठ जनवरी तक दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी। नोटिस, सुनवाई और सत्यापन एवं निस्तारण का काम नौ दिसंबर से अगले साल 31 जनवरी तक किया जाएगा। निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन अगले साल सात फरवरी को किया जाएगा।  

PM मोदी का दावा: इस बार बिहार में NDA की जीत होगी ऐतिहासिक, टूटेंगे सारे रिकॉर्ड

नई दिल्ली  बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेता भी चुनाव मैदान में उतर गए हैं। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बिहार की मातृशक्ति के साथ ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत- महिला संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन हुआ। पीएम मोदी ने ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत- महिला संवाद’ कार्यक्रम में कहा कि इस चुनाव में मुझे जहां-जहां जाने का मौका मिला और जब-जब कार्यकर्ताओं से बात करने का अवसर मिला, मैं देख रहा हूं कि इस बार बिहार का कार्यकर्ता जी-जान से जुटा हुआ है। आप सभी बहुत परिश्रम कर रहे हैं। हर रैली पहले वाली रैली का रिकॉर्ड तोड़ रही है, और उसमें भी हमारी बहनें-बेटियां बहुत बड़ी संख्या में आ रही हैं। बिहार भाजपा की महिला कार्यकर्ताएं 'मेरा बूथ, सबसे मजबूत' संकल्प के साथ बहुत शानदार काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में ये पक्का हो चुका है कि एनडीए की विजय हो रही है, बहुत भारी विजय हो रही है। आज बिहार में जो विकास हो रहा है, वो गरीब, दलित, महादलित, पिछड़ा, अति-पिछड़ा, सभी के मन में रच-बस गया है। बिहार के लोग मन बना चुके हैं कि इस बार एनडीए की जीत का पिछले 20 साल का रिकॉर्ड तोड़ देंगे। वही जंगलराज वालों को अब तक की सबसे करारी हार मिलेगी। बिहार का विकास एनडीए ही कर सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बिहार में एनडीए सरकार ही बहनों-बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की गारंटी है, इसलिए बिहार की हर नारीशक्ति कह रही है- फिर एक बार एनडीए सरकार, फिर एक बार सुशासन की सरकार। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार महिलाओं के जीवन को आसान बनाने और उन्हें सशक्त करने के लिए लगातार काम कर रही है। बिहार में बिजली का खर्च कम हुआ है। सीएम नीतीश कुमार ने तय यूनिट बिजली मुफ्त कर दी है। इससे लोगों को बहुत लाभ हो रहा है। हमने बिहार के कई शहरों में मेट्रो चलाने की तैयारी की है। उन्होंने कहा कि जंगलराज के दौर में बेटियों का बाहर निकलना मुश्किल था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। आज रात के समय में भी अस्पतालों में, रेलवे स्टेशनों पर, और अनेक जगहों पर बेटियां बिना डर के काम कर रही हैं। बिहार की महिलाएं जंगलराज के सामने दीवार बनकर खड़ी हो गई हैं। उन्होंने ठान लिया है कि जंगलराज की वापसी कभी नहीं होने देंगी, इसलिए जंगलराज वाले बिहार की महिलाओं को तरह-तरह के झूठ बोलने में जुटे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि जब सुशासन होता है, कानून व्यवस्था का राज होता है तो महिलाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिलते हैं, इसलिए बिहार की बेटियां अब स्वरोजगार के जरिए नौकरी देने वाली भी बन रही हैं। मुद्रा योजना ने छोटे व्यापार के सपने पूरे किए हैं। जीविका दीदी और डेयरी योजनाओं ने आत्मनिर्भरता की ताकत दी है। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में ऐसी विजय देनी है कि जिन्होंने झूठ बोला है, छठी मईया का अपमान किया है, और बिहार को जिन्होंने जंगलराज में रखा था, उनकी जमानत जब्त होनी चाहिए।

अम्बिकापुर : धान उपार्जन की तैयारी को लेकर प्रशिक्षण संपन्न – कलेक्टर ने दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

अम्बिकापुर खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान उपार्जन की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के संबंध में प्रशिक्षण कार्यक्रम आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर श्री विलास भोसकर की उपस्थिति में संपन्न हुआ। कलेक्टर ने आगामी 15 नवंबर 2025 से प्रारंभ हो रही धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को दुरुस्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री विनय कुमार अग्रवाल, अपर कलेक्टर श्री सुनील नायक, श्री राम सिंह ठाकुर, तथा सभी एसडीएम उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान धान खरीदी की मानक संचालन प्रक्रिया एवं निगरानी हेतु जारी सतर्क ऐप, भौतिक सत्यापन ऐप, समिति स्तर पर धान आवक व गेट पास ऐप, तथा किसानों को धान का टोकन जारी करने हेतु तुहर टोकन ऐप के उपयोग के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनरों द्वारा जिला स्तरीय अधिकारियों एवं तहसीलदारों को इन सभी प्रक्रियाओं पर विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया, ताकि आगामी धान उपार्जन सत्र में पारदर्शिता एवं सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।