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आज का राशिफल (6 नवम्बर 2025): मकर राशि को मिलेगी खुशखबरी, देखें बाकी राशियों का भविष्यफल

मेष: 6 नवंबर के दिन प्यार के मामले में विकल्प खुले रखें। ऐसे नए काम हाथ में लें, जो आपको ऑफिस में लगन से काम करने में मदद करें। आपके स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। रोमांस से जुड़े मुद्दों को कंट्रोल से बाहर न जाने दें। आज प्रोफेशनल एक्सपेक्टेशन पर खरे उतरें। वृषभ: 6 नवंबर का दिन थोड़ा बिजी-बिजी रहने वाला है। कामकाज के चक्कर में अपनी पर्सनल लाइफ से समझौता करना ठीक नहीं है। पैसे कमाने में कोई प्रॉब्लम नहीं आएगी। मिथुन: 6 नवंबर के दिन आपको डेडलाइन के भीतर टास्क कंप्लीट कर लेने की सलाह दी जाती है। किसी भी बहस में पड़ने से बचें। आज धन का आगमन होगा। सेहत के मामले में फिटनेस पर ध्यान दें। अचानक खर्चे सामने आ सकते हैं। कर्क: 6 नवंबर के दिन कुछ लोगों को ओवरटाइम करना पड़ सकता है। परिवार और दोस्तों के लिए भी समय निकालें। इससे स्ट्रेस दूर होगा। वर्क-लाइफ बैलेंस मेन्टेन करके आगे बढ़ें। प्रोग्रेस करने के लिए बैलेंस की आवश्यकता होती है। सिंह: 6 नवंबर के दिन प्रोडक्टिव बने रहें। आज अपनी मेंटल हेल्थ पर फोकस करना चाहिए। काम का प्रेशर ज्यादा लेने से मेंटल हेल्थ और फिजिकल हेल्थ भी प्रभावित होती है। आज किसी पुराने इनवेस्टमेंट से तगड़ा प्रॉफिट मिल सकता है। कन्या: 6 नवंबर के दिन पार्टनर के साथ आपकी दूरियां धीरे-धीरे खत्म हो जाएंगी। सेहत आपका साथ देगी। ये दिन विकास, भावनात्मक सफलता और आश्चर्यजनक अवसरों का वादा करता है। अपनी हेल्थ पर ध्यान दें। तुला: 6 नवंबर के दिन पॉजिटिव सोच बनाए रखें। अप्रत्याशित चुनौतियां सामने आ सकती हैं, फिर भी खुद को संतुलित करते हुए आगे बढ़ते रहें। अपने लॉंग टर्म लक्ष्यों पर कायम रहना आपके लिए अच्छा रहेगा। स्ट्रेस से दूर रहें। वृश्चिक: 6 नवंबर के दिन जिम्मेदारियों को नजरअंदाज न करें। करियर के मामले में नए टास्क पाने के लिए खुद को तैयार कर लें। लव के मामले में उतार-चढ़ाव की सिचूऐशन बनी रहेगी। तनाव कम करने की कोशिश करें। धनु: 6 नवंबर के दिन आपका दिन इनोवेटिव विचारों पर फोकस करने वाला दिन है। अपने प्रोफेशनल जीवन में चुनौतियों के साथ-साथ रचनात्मकता की उम्मीद करें। नई शुरुआत को खुली बांहों से अपनाएं। डाइट को हेल्दी रखें। मकर: 6 नवंबर का दिन लव के मामले में रोमांटिक रहेगा। आज का आपका दिन शानदार रहने वाला है। जिन लोगों को जॉब की तलाश थी, उनका सपना पूरा होता नजर आएगा। लव के मामले में कुछ लोगों को पेरेंट्स का सपोर्ट मिलेगा। कुंभ: 6 नवंबर के दिन धन-वृद्धि के योग बन रहे हैं। कुछ व्यापारियों को नई पार्टनरशिप भी मिल सकती है। दिन शुभ माना जा रहा है। पैसों के मामले में आज लेन-देन करते वक्त सावधानी बरतने की एडवाइस दी जाती है। मीन: 6 नवंबर का दिन विकास और रोमांस के अवसरों से भरपूर रहेगा। वहीं, वित्त के मामले में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। नए अनुभवों के लिए खुले रहें लेकिन जहां आवश्यक हो वहां, सतर्क भी रहें। पॉजिटिव दृष्टिकोण बनाए रखें।

राष्ट्रीय अध्यक्ष कब चुना जाएगा? अमित शाह ने बता दी टाइमलाइन, अटकलों पर लगा विराम

नई दिल्ली बीजेपी का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन होगा, इस पर लंबे समय से अटकलें लग रही हैं। जल्द ही पार्टी का नया अध्यक्ष चुना जा सकता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसके संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव के बाद नए अध्यक्ष के नाम का ऐलान हो सकता है। बिहार चुनाव के बीच 'आजतक' को दिए गए एक इंटरव्यू में जब अमित शाह से पूछा गया कि बीजेपी का अध्यक्ष कब तक चुना जाएगा, तो उन्होंने जवाब दिया, 'अभी चुनाव (बिहार चुनाव) तक तो नहीं होगा, चुनाव के बाद करने का प्रयास करेंगे।' शाह से पूछा गया कि क्या फैसला ले लिया गया है, तो इस पर उन्होंने कहा कि मैं अकेला फैसला नहीं कर सकता, पार्टी करती है। लेकिन मुझे लगता है कि चुनाव के बाद होगा। बता दें कि इस समय जेपी नड्डा बीजेपी की कमान संभाल रहे हैं और इससे पहले उनके कार्यकाल को विस्तार मिल चुका है। कौन कौन रेस में? सूत्रों की मानें तो बीजेपी का अध्यक्ष बनने की रेस में कई नाम हैं। इसमें केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मनोहर लाल खट्टर, भूपेंद्र यादव, धर्मेंद्र प्रधान आदि के नाम शामिल हैं। हालांकि, पार्टी हमेशा से चौंकाने वाले फैसले लेने के लिए जानी जाती रही है, ऐसे में कोई नया नाम भी इस लिस्ट में शामिल हो सकता है। फिलहाल बीजेपी ने किसी नाम की पुष्टि नहीं की है और अटकलों का दौर जारी है।  

विकास की नई राह: बीजापुर के माओवाद प्रभावित गांवों में पहली बार लगा मेगा हेल्थ कैंप

989 ग्रामीणों को मिला उपचार का लाभ रायपुर, कभी माओवाद की छाया में सिमटे बीजापुर जिले के भैरमगढ़ ब्लॉक के इन्द्रावती नदी पार बसे गांवों में अब विकास की नई सुबह दिखने लगी है। छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति 2025 के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर नजर आने लगे हैं। बड़ी संख्या में माओवादियों के आत्मसमर्पण के बाद अब इन दुर्गम इलाकों में प्रशासन ने पहली बार सात गांवों में एक साथ मेगा हेल्थ कैंप का आयोजन किया, जिसने ग्रामीणों के जीवन में उम्मीद की नई किरण जगा दी। इस अभियान में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम शामिल रही। टीम ने उसपरी, बेलनार, सतवा, कोसलनार, ताड़पोट, उतला और इतामपार गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाए। कुल 989 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। कैंप में सामान्य जांच के 777, रक्तचाप 371, मुख कैंसर 344, ब्रेस्ट कैंसर 112, नेत्र जांच 199, दंत जांच 154, टीकाकरण 14, संपूर्ण टीकाकरण 8, मलेरिया 156, क्षय रोग 7 तथा उल्टी-दस्त के 24 प्रकरणों की जांच की गई। इनमें 54 वरिष्ठ नागरिक भी शामिल रहे। विशेषज्ञों ने एक बालक को हृदय रोग से ग्रस्त पाया, जिसे ‘चिरायु योजना’ के तहत उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाएगी। कैंप के दौरान बीमार ग्रामीणों का मौके पर ही उपचार कर मुफ्त दवाइयों का वितरण किया गया। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुरूप साहू और डॉ. बी.एस. साहू ने बताया कि अब दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ हो रही हैं, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है। ग्रामीणों में भी अब भय की जगह विश्वास और आशा का माहौल दिखाई दे रहा है। वे शासन-प्रशासन से जुड़कर शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के प्रति सजग हो रहे हैं। बीजापुर कलेक्टर श्री संबित मिश्रा ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को बधाई देते हुए कहा “शासन के निर्देशानुसार प्रशासन अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए संकल्पित है। ‘नियद नेल्लानार योजना’ के तहत अंदरुनी क्षेत्रों में विकास कार्यों में तेजी आई है और प्रशासन की टीमें पूरी तत्परता से काम कर रही हैं।”जिससे बीजापुर में अब सकारात्मक बदलाव नजर आ रहे है। बीजापुर में यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को बढ़ाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है, बल्कि यह संदेश भी दे रही है कि अब माओवाद नहीं, मुख्यधारा और विकास ही बीजापुर की नई पहचान बनेगा।

साउथ अफ्रीका टेस्ट सीरीज: पंत फिर टीम में शामिल, मोहम्मद शमी को नहीं मिली जगह

नई दिल्ली  बीसीसीआई ने बुधवार को दक्षिण अफ्रीका टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय स्कॉड का ऐलान कर दिया। 15 सदस्यीय टीम की कमान शुभमन गिल संभालेंगे। दो मैचों की सीरीज 14 नवंबर से कोलकाता में शुरू होगी। विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत की वापसी हुई है। वह इंग्लैंड दौरे पर पांचवें और आखिरी टेस्ट में चोटिल हो गए थे। उनके दाहिने पैर में फ्रैक्चर हो गया था। वह भारतीय टेस्ट टीम के उपकप्तान हैं। पंत फिलहाल दक्षिण अफ्रीका ए के खिलाफ सीरीज में भारत ए की कप्तानी कर रहे हैं। तेज गेंदबाज आकाश दीप की भी टीम में वापसी हुई है। वह कंधे की चोट के कारण वेस्टइंडीज के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज में नहीं खेल पाए थे।   आकाश भारत ए टीम का भी हिस्सा हैं, जो गुरुवार से बेंगलुरू में शुरू हो रहे दूसरे चार दिवसीय मैच में दक्षिण अफ्रीका ए से खेलेगी। केएल राहुल, साई सुदर्शन, ध्रुव जुरेल, देवदत्त पडिक्कल, कुलदीप यादव और मोहम्मद सिराज भी भारत ए टीम का हिस्सा हैं। पंत की अनुपस्थिति में विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभालने वाले ध्रूव जुरेल दक्षिण अफ्रीका सीरीज में दूसरे विकेटकीपर हैं। राहुल, यशस्वी जायसवाल, सुदर्शन और कप्तान शुभमन शीर्ष चार में खेल सकते हैं जबकि पंत के पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करने की संभावना है। रवींद्र जडेजा, वॉशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल स्पिन ऑलराउंडर हैं। कुलदीप यादव अन्य स्पिन विकल्प हैं। तेज गेंदबाजी आक्रमण में जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज शामिल हैं। वहीं, अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को चयनकर्ताओं ने एक बार फिर नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने आखिरी इंटरनेशनल मैच मार्च 2025 में खेला था। शमी को ऑस्ट्रेलिया के सीमित ओवरों के दौरे के लिए भारतीय टीम में नहीं चुना गया था, जिसके बाद चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर और अनुभवी गेंदबाज के बीच बयानबाजी हुई थी। अगरकर ने कहा था कि उन्हें शमी की फिटनेस का कोई अपडेट नहीं है। शमी ने कहा कि वह टखने की सर्जरी से ठीक होने के बाद वह पूरी तरह फिट हैं और सभी फॉर्मेट के लिए उपलब्ध हैं। उन्होंने रणजी ट्रॉफी के दो मैचों में 15 लेकर दमखम दिखाया लेकिन वह तीसरे मैच में कोई सफलता हासिल नहीं कर सके। दक्षिण अफ्रीका टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय स्क्वॉड: शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (विकेटकीपर) (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, देवदत्त पडिक्कल, ध्रुव जुरेल, रवींद्र जडेजा, वॉशिंगटन सुंदर, जसप्रीत बुमराग, अक्षर पटेल, नीतीश रेड्डी, मोहम्मद सिराज, कुलदीप यादव, आकाश दीप।  

हरियाणा की सियासत में नई चाल: संपत सिंह अब इनेलो में, बेटे को सौंपी विशेष जिम्मेदारी

चंडीगढ़  कांग्रेस को छोड़ने वाले प्रो. संपत सिंह बुधवार को इनेलो में शामिल हो गए। इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चाैटाला की मौजूदगी में पूर्व मंत्री पार्टी में शामिल हुए। संपत सिंह को इनेलो का राष्ट्रीय संरक्षक बनाया गया है।    बुधवार को संपत सिंह के समर्थक और उनके बेटे गाैरव सिंह ने भी इनेलो की सदस्यता ग्रहण की। उनके बेटे गौरव संपत को युवा संगठन में बड़ी जिम्मेदारी मिलेगी। रविवार को प्रो. संपत सिंह ने कांग्रेस छोड़ने की घोषणा की थी। कांग्रेस छोड़ने के तीसरे दिन ही वह इनेलो में शामिल हो गए।  इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला पहले ही संकेत दे चुके थे कि संपत सिंह हमारे पुराने साथी हैं, जिन्होंने हमेशा चौ. देवीलाल की नीतियों को आगे बढ़ाने का काम किया। मुझे पूरा भरोसा है कि वे जनता के बीच जाकर फिर संघर्ष की राह अपनाएंगे। अब बुधवार का दिन उस भरोसे को औपचारिक रूप देने वाला होगा। सूत्र बताते हैं कि दोनों नेताओं के बीच बीते दिनों लंबी बातचीत हो चुकी है और यह ‘राजनीतिक पुनर्मिलन’ अब इनेलो के लिए नई ऊर्जा लेकर आएगा। प्रो़ संपत सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजे चार पन्नों के सधे, तीखे और बेबाक इस्तीफे में हरियाणा कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने लिखा कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है, जहां गुटबाजी, निजी स्वार्थ और अवसरवाद ने संगठन को खोखला कर दिया है। टिकट वितरण में उपेक्षा और स्थानीय नेतृत्व से मतभेद अब असहनीय हो चुके थे।प्रो़ संपत सिंह का राजनीतिक करियर देवीलाल की विचारधारा से ही शुरू हुआ था। वे इनेलो में लंबे समय तक सक्रिय रहे और ओमप्रकाश चौटाला की सरकार में वित्त मंत्री रहते हुए अपनी प्रशासनिक दक्षता के लिए जाने गए। कांग्रेस में शामिल होने के बाद भी उन्होंने कभी अभय चौटाला के खिलाफ कटु बयान नहीं दिया। यही सौहार्द अब उनके ‘घर लौटने’ की जमीन बन गया है।  

महिला सशक्तिकरण की ओर बड़ा कदम: पंजाब में चलेंगे स्वास्थ्य और रोजगार मेगा कैंप

चंडीगढ़/मलोट पंजाब की समाजिक सुरक्षा, महिला और बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने एक मेगा जागरूकता शिविर का उद्घाटन कर महिलाओं के लिए स्वास्थ्य जांच और रोजगार शिविरों की राज्यस्तरीय श्रृंखला का शुभारंभ किया। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि आज मलोट से शुरू हुए इस शिविर की तर्ज पर पूरे पंजाब में महिलाओं को स्वास्थ्य, स्वच्छता और रोजगार के अवसरों के बारे में जागरूक करने के लिए शिविर लगाए जाएंगे। मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि इन शिविरों में महिला और बाल विकास तथा समाजिक सुरक्षा विभागों के अलावा जरूरतमंदों के लिए रोजगार सृजन, कौशल विकास, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, ग्रामीण विकास और स्थानीय निकाय विभागों की सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।  उन्होंने बताया कि इन सेवाओं में ऑर्थो, गायनेकोलॉजी, नेत्र, ई.एन.टी. की मुफ्त जांच, ब्लड प्रेशर चेकअप, शुगर टेस्ट, एनीमिया जांच और मुफ्त दवाओं का वितरण शामिल होगा। इन शिविरों में महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों, गर्भनिरोधक तरीकों, परिवार नियोजन, यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (यू.ट.आई.), मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता और किशोरावस्था की स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में भी जागरूक किया जाएगा। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि ये शिविर महिलाओं द्वारा संचालित स्वयं सहायता समूहों (एस एच जीएस) को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और बेचने के लिए एक मंच भी प्रदान करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार महिलाओं के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने और उन्हें बेहतर रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए हर संभव सहायता देगी। शिविर के दौरान लगभग 500 युवतियों ने जिला रोजगार और उद्यम ब्यूरो के हेल्प डेस्क पर पंजीकरण कराया, जिनमें से 295 का चयन हुआ और 72 से अधिक को मौके पर ही नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। उल्लेखनीय है कि इस मेगा जॉब फेयर में 16 कंपनियों ने भाग लिया। इसके अलावा, श्री मुक्तसर साहिब जिले की होनहार छात्राओं को भी नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर एस.डी.एम. मलोट जगराज सिंह काहलों, डी.पी.ओ. रतनदीप कौर संधू, डीईजीटीओ वैशाली वधवा, सी.डी.पी.ओ. राजवंत कौर, डी.सी.पी.ओ. सिवानी नागपाल सहित अन्य प्रमुख अधिकारी भी उपस्थित रहे। 

सरकारी कर्मचारियों को बड़ी खुशखबरी? OPS पर 8th Pay Commission ने बढ़ाई उम्मीद

नई दिल्ली  केंद्रीय और राज्य सरकारों के लाखों कर्मचारी, भारतीय सशस्त्र बलों को छोड़कर, लगातार यह मांग कर रहे हैं कि पुरानी पेंशन योजना (OPS) को दोबारा लागू किया जाए। दरअसल, जनवरी 2004 में केंद्र सरकार ने नई नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) लागू की थी, जिससे दशकों पुरानी गारंटीड और गैर-योगदान आधारित OPS को समाप्त कर दिया गया। OPS बहाली की मांगों के बीच केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल 2025 को एक नई पेंशन योजना यूनिफाइड पेंशन योजना (UPS) की शुरुआत की। यह योजना NPS और OPS दोनों की विशेषताओं का मिश्रण है। UPS में कर्मचारियों और सरकार दोनों का योगदान रहेगा, ठीक वैसे ही जैसे NPS में होता है। साथ ही, UPS न्यूनतम गारंटीड पेंशन भी प्रदान करती है, बशर्ते कर्मचारी निर्धारित सेवा अवधि पूरी करे। सरकार का कहना है कि UPS से कर्मचारियों को सुरक्षा की गारंटी भी मिलेगी और सरकारी वित्तीय ढांचे पर अत्यधिक बोझ भी नहीं पड़ेगा। OPS फिर बनी प्रमुख मांग इस साल जनवरी 2025 में केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग की घोषणा की। इसके बाद सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से जुड़े मुद्दों पर कर्मचारी संगठनों से सुझाव मांगे। इन सुझावों में पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली प्रमुख मांगों में से एक रही। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि NPS के तहत पेंशन 'बाजार पर निर्भर' है और निश्चित नहीं है, जबकि OPS में जीवनभर गारंटीड पेंशन मिलती थी। क्या है सरकार का रुख हालांकि, केंद्र सरकार ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि OPS की वापसी की कोई संभावना नहीं है। हाल ही में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक (जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की) में 8वें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस(ToR) को मंजूरी दी गई। 8वें वेतन आयोग की शर्तों में छिपा संकेत सरकार द्वारा मंजूर किए गए Terms के अनुसार, 8वां वेतन आयोग अपनी रिपोर्ट 18 महीनों के भीतर देगा। 8वें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस में “non-contributory pension” का ज़िक्र सरकार की यही नीति दर्शाता है कि पुरानी पेंशन योजना अब अतीत का हिस्सा बन चुकी है। आयोग को देश की आर्थिक स्थिति, राजकोषीय अनुशासन, विकास व्यय और कल्याण योजनाओं के लिए उपलब्ध संसाधन जैसे कारकों को ध्यान में रखना होगा। इसका मतलब साफ है कि आयोग उन योजनाओं पर विचार नहीं करेगा जिनसे राजकोषीय संतुलन बिगड़ सकता है और OPS ठीक वैसी ही एक योजना है। OPS अब इतिहास केंद्र सरकार ने कई बार स्पष्ट किया है कि OPS की वापसी नहीं होगी। हालांकि कुछ राज्य सरकारें जैसे राजस्थान, छत्तीसगढ़, पंजाब और झारखंड (गैर-एनडीए शासित राज्य) अपने स्तर पर OPS बहाल कर चुकी हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने इसे राजकोषीय रूप से अनुचित बताया है। वित्त मंत्रालय और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने कई मौकों पर कहा है कि OPS अब केंद्रीय कर्मचारियों के लिए लागू नहीं की जाएगी और NPS तथा UPS ही भविष्य की पेंशन प्रणाली रहेंगी।

शटडाउन का कहर: 36वें दिन भी अमेरिका में सरकारी दफ्तर बंद, जनता परेशान

वाशिंगटन  अमेरिका की संघीय सरकार बुधवार को 36वें दिन भी ठप रही जो देश के इतिहास में अब तक इस तरह के सबसे लंबे गतिरोध का रिकॉर्ड है। कांग्रेस द्वारा बजट को मंजूरी नहीं दिये जाने की वजह से संघीय कार्यक्रमों में कटौती, उड़ान में देरी तथा देश भर में संघीय कर्मचारियों का वेतन भुगतान ठप पड़ गया है और इससे लाखों अमेरिकियों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डेमोक्रेट्स के साथ उनकी मांगों पर बातचीत करने से इनकार कर दिया है। विपक्षी डेमोक्रेट पार्टी स्वास्थ्य बीमा सब्सिडी को समाप्त करने की योजना को ढंडे बस्ते में डालने की मांग कर रही है और जब तक यह पूरा नहीं होता कांग्रेस (संसद) में बजट को समर्थन देने से इनकार कर दिया है। ट्रंप के पहले कार्यकाल में संघीय सरकार के ठप होने का पिछला रिकॉर्ड बना था। उस समय मैक्सिको की सीमा पर सुरक्षा दीवार के लिए धन मुहैया कराने को लेकर गतिरोध बना था और संघीय सरकार करीब 35 दिनों तक ठप रही थी। रिपब्लिकन सीनेटर बुधवार को इस संकट पर चर्चा के लिए नाश्ते पर मिलने वाले हैं। लेकिन डेमोक्रेट्स के साथ कोई बातचीत निर्धारित नहीं है।   

सुरक्षा का नया अलार्म — ऑपरेशन सिंदूर के छह माह बाद लश्कर-जैश फिर सक्रिय?

नई दिल्ली पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और सेना ने अमेरिका के साथ बेहतर संबंधों का लाभ उठाते हुए अपने आतंकियों को छिपे ठिकानों से बाहर लाने और एक बार फिर आतंकी गतिविधियों को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया है। कई आतंकी संगठन विशेष रूप से जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा आपरेशन सिंदूर के बाद से चुप थे। आपरेशन सिंदूर के दौरान जैश, लश्कर और हिज्बुल मुजाहिदीन को उनके मुख्यालय और प्रशिक्षण स्थलों के नष्ट होने के बाद काफी नुकसान उठाना पड़ा था। भारतीय इंटेलिजेंस ब्यूरो (आइबी) के अधिकारियों का कहना है कि आतंकी सरगना मसूद अजहर और हाफिज सईद ज्यादातर घर के अंदर ही छिपे रहे। वे भारतीय हमले के डर से बाहर नहीं निकल रहे थे।   ISI पुनर्जीवित कर रहा आतंकी संगठन आतंकी नेता ISI और सेना से भी निराश रहे क्योंकि ये अपने लोगों की सुरक्षा करने में असमर्थ हैं। वर्तमान में ISI क्षति नियंत्रण मोड में है। आइएसआइ जानती है कि इन आतंकी संगठनों का कोई भी कैडर तब तक काम नहीं करेगा जब तक उनके नेता खुलकर सामने नहीं आते। वे उनसे भारत के खिलाफ गरजते हुए भाषण देने की उम्मीद करते हैं। हालांकि, कैडर धीरे-धीरे संदेह करने लगे और सवाल पूछने लगे। इसके बाद सेना और आइएसआइ ने आतंकी सरगनाओं से संपर्क कर उन्हें आश्वासन दिया कि वे खुलकर अपने आपरेशन शुरू कर सकते हैं। उन्हें बताया गया कि अमेरिका और पाकिस्तान के बीच मजबूत संबंध हैं, जिसका मतलब है कि पाकिस्तान सुरक्षित है। अजहर और सईद ने लाहौर में अपने सुरक्षित घरों में आइएसआइ अफसरों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। जैश और लश्कर की हमले की योजना ISI ने अमेरिकी कार्ड का इस्तेमाल कर दोनों को आश्वासन दिया कि भारत पाकिस्तान के खिलाफ कोई आपरेशन नहीं करेगा और यदि ऐसा हुआ, तो अमेरिका दखल देगा। दोनों आतंकी सरगनाओं ने फिलहाल सहमति जताई है, केवल अजहर मसूद ने एक संक्षिप्त सार्वजनिक उपस्थिति की। जैश के चैनल अब अजहर के संदेशों के साथ सक्रिय हैं। भारत की पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी ये संदेश भारत के खिलाफ हैं और कैडरों से जम्मू-कश्मीर में युद्ध को फिर भड़काने का आह्वान किया है। जबकि भारतीय अफसरों का कहना है कि यदि पाकिस्तान ने कोई गलत कदम उठाया, तो भारत समान कार्रवाई करेगा। वह इस बात से स्वतंत्र होगा कि पाकिस्तान किस देश की ओर देखता है। भारत ने स्पष्ट किया कि किसी भी आतंकी गतिविधि को युद्ध के रूप में लिया जाएगा। भारतीय एजेंसियां सीमा क्षेत्रों और देश के भीतर इन आतंकी संगठनों के माड्यूल पर करीबी नजर रख रही हैं। भारतीय सेना सीमावर्ती क्षेत्रों की निगरानी कर रही है। पाकिस्तान के कब्जेवाले गुलाम जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में 80 से अधिक आतंकी लांच पैड हैं। घुसपैठ के प्रयासों को भारतीय बलों ने विफल कर दिया।  

सड़क पर चीख-पुकार: ट्राले से टकराई बाइक, दंपति और दो अन्य ने मौके पर ही दम तोड़ा

डिंडौरी शहपुरा जबलपुर से अमरकंटक मुख्य मार्ग में ग्राम कोहानी देवरी के पास बुधवार की दोपहर ट्राला के पीछे तेज रफ्तार बाइक घुस गई। हादसे में बाइक सवार पति-पत्नी सहित एक 12 वर्षीय भतीजी और एक महिला की भी मौत होना सामने आया है। ट्राला चालक मौके से फरार हो गया। साढे तीन घंटे बाद पुलिस मृतकों की पहचान कर पाई। जिले के थाना शहपुरा क्षेत्र अंतर्गत जबलपुर मार्ग पर ग्राम कोहानी देवरी से आगे बम बम नाला के पास यह दुर्घटना हुई। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि पति पत्नी सहित एक महिला ने मौके पर ही दम तोड दिया, जबकि एक गंभीर रूप से घायल बालिका को उपचारके लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शहपुरा लाया गया, जहां डॉक्टर द्वारा उसे मृत घोषित कर दिया गया।   मृतकों की पहचान नान सिंह पिता बलदेव सिंह परस्ते उम्र 28 वर्ष उनकी पत्नी सरोज पति नान सिंह परस्ते उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम धनौली चौकी बिछिया जिला डिंडौरी के तौर पर हुई है। मृतकों में चंपा बाई पिता जेठू सिंह वरकड़े उम्र 19 वर्ष निवासी ग्राम शाहदरा थाना कुंडम जिला जबलपुर का नाम भी शामिल है। अस्पताल में जिस बालिका की मौत हुई उसकी पहचान प्रिया परस्ते पिता अनूप परस्ते उम्र लगभग 12 वर्ष के तौर पर की गई है। दुर्घटना करने वाले ट्राला वाहन क्रमांक एमपी 04 जीबी 2944 को पुलिस द्वारा थाना परिसर में खड़ा कराया गया है। वाहन चालक घटना के बाद से मौके से फरार हो गया है, जिसकी तलाश पुलिस द्वारा की जा रही है। बताया गया कि बाइक में चार लोग सवार होकर बिछिया की ओर से कुंडम की ओर जा रहे थे। ट्राला भी कुंडम की ओर ही जा रहा था।