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सोना हुआ सस्ता! भारत में 10 दिन में ₹10,000 की गिरावट, लेकिन पाकिस्तान में अब भी आसमान छू रहे दाम

इंदौर  सोना-चांदी की कीमत भारत में बीते कुछ दिनों से तेजी से क्रैश (Gold-Silver Price Crash) हुई है. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि घरेलू मार्केट में 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड रेट महज 10 कारोबारी दिनों में ही 10,000 रुपये से ज्यादा कम हो चुका है. न सिर्फ भारत, बल्कि दुनिया भर में सोने का दाम फिसला है. पाकिस्तान में तगड़ी गिरावट के बाद भी सिर्फ एक तोला गोल्ड की कीमत (Pakistan Gold Rate) इतनी है, जिसमें भारत में एक ऑल्टो कार खरीदी जा सकती है.  भारत में ऐसे फिसल रहा सोना सबसे पहले बताते हैं भारत में Gold-Silver Rate के बारे में, तो बुधवार को कमोडिटी मार्केट से लेकर शेयर बाजार तक बंद हैं, लेकिन बीते कारोबारी दिन मंगलवार को सोना-चांदी तेजी से फिसले थे. MCX पर 5 दिसंबर की एक्सपायरी वाला सोना कारोबार के दौरान 1600 रुपये फिसलने के बाद सुधार के बावजूद 500 रुपये टूटकर 1,19,749 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. वहीं चांदी 3000 रुपये से ज्यादा फिसलकर 1.44 लाख रुपये तक पहुंच गई थी.  घरेलू मार्केट में 11 दिन में ₹10000 सस्ता बात घरेलू मार्केट की करें, तो साप्ताहिक अवकाश और दीवाली की छुट्टी को हटा दें, तो इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट पर अपडेट रेट्स के मुताबिक सिर्फ 10 दिन में ही सोना 10,455 रुपये सस्ता हुआ है. दरअसल, बीते 17 अक्टूबर की सुबह कारोबार शुरू होने पर 24 कैरेट सोना 1,30,874 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो बीते कारोबारी दिन मंगलवार की शाम को 1,20,419 रुपये पर बंद हुआ था.  चांदी की कीमतों में आए बदलाव पर गौर करें, तो इस अवधि में Silver Price में 25,125 रुपये की तगड़ी गिरावट दर्ज की गई है. इसका भाव इन कारोबारी दिनों में 1,71,275 से कम होकर 1,46,150 रुपये पर आ गया है.     पाकिस्तान में 1 तोला Gold कितने का?  अब बताते हैं पाकिस्तान में सोने की कीमत के बारे में, तो 5 नवंबर को देश में 10 ग्राम 24 कैरेट गोल्ड का रेट बीते कुछ दिनों में आई गिरावट के बावजूद 3,60,645 पाकिस्तानी रुपये है. जबकि चंद दिन पहले पाकिस्तान 1 तोला सोने का भाव 4,20,650 रुपये था. वहीं चांदी का लेटेस्ट रेट देखें, तो ये 4,41,000 रुपये प्रति किलो चल रही है.  मतलब जितनी पाकिस्तान में एक तोला Gold और एक किलो Silver का रेट है, उतने रुपये में तो भारत में एक ऑल्टो कार खरीद सकते हैं और पैसे भी बचेंगे. बता दें कि भारत में इस पॉपुलर हैचबैक कार Alto K10 की शुरुआती कीमत 3.70 लाख रुपये है. हालांकि, दोनों देशों की मुद्राओं में बड़ा अंतर है. Pakistan Currency (PKR) में चांदी का भाव 4.41 लाख रुपये, भारतीय करेंसी में 1.40 लाख रुपये होता है, जबकि एक तोला सोने का भाव Indian Currency में 1.32 लाख रुपये के आस-पास होता है. 

इंदौर में मेट्रो का नया 12 किमी अंडरग्राउंड रूट, लागत में जुड़ा एक हजार करोड़ का अतिरिक्त खर्च

इंदौर  इंदौर में मेट्रो प्रोजेक्ट की सारी डिजाइन तय होने और काम शुरू होने के बाद मध्य हिस्से के अंडग्राउंड रुट में बदलाव की तैयारी के कारण मेट्रो प्रोजेक्ट का काम और पिछड़ सकता है, साथ ही लागत भी बढ़ेगी।   शहर विकास को लेकर सोमवार को हुई बैठक में मेट्रो ट्रेन का रूट खजराना क्षेत्र से ही अंडरग्राउंड करने का निर्णय गया। पहले इंदौर में मेट्रो का रुट का अंडरग्राउंड हिस्सा 8.7 किलोमीटर था, लेकिन यदि बदलाव होता है तो अब अंडग्राउंड हिस्सा 12 किलोमीटर हो जाएगा। मंत्री विजयवर्गीय ने भले ही यह कहा कि रूट के बदलाव में जो लागत बढ़ेगी, उसकी भी व्यवस्था की जाएगी, लेकिन इससे डिजाइन में बड़ा बदलाव करना होगा और स्टेशनों में भी बदलाव होगा, जबकि केंद्र सरकार की तरफ से स्टेशनों का नोटिफिकेशन हो चुका है और प्रशासन ने जरुरत के हिसाब से जमीन भी आवंटित की है। बदलाव के बाद नए सिरे से सर्वे होगा, फिर डिजाइन में बदलाव के बाद कैबिनेट बैठक में इस बारे में अनुमति लेना होगी। इसके बाद केंद्र सरकार से भी मंजूरी मिलेगी। फिर काम नए सिरे से शुरू होगा।   एक हजार करोड़ ज्यादा खर्च मेट्रो ट्रेक की प्लानिंग में बदलाव के कारण अब एक हजार करोड़ रुपये ज्यादा खर्च होंगे। अभी मेट्रो प्रोेजेक्ट की लागत पंद्रह हजार करोड़ है। बदलाव के बाद  लागत और बढ़ेगी। मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट पूरा होने में भी देरी होगी। इसके अलावा अंडग्राउंड हिस्से में अलग से मिट्टी परीक्षण व अन्य परीक्षण होंगे। बंगाली चौराहे वाले हिस्से से अब मेट्रो ट्रेन अंडरग्राउंड होगी। शहर का यह हिस्सा पथरीला है। यहां निर्माण में भी ज्यादा समय लग सकता है। मेट्रो ट्रेन-फैक्ट फाइल -इंदौर में मेट्रो का रुट 31 किलोमीटर का है। सुपर काॅरिडोर से रिंग रोड, एमजी रोड, एरोड्रम रोड होते हुए ट्रेन एयरपोर्ट तक जाएगी। -इंदौर मेट्रो एयरपोर्ट, दो बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन को कवर करेगी। शहर के मध्य हिस्से के ट्रैफिक को कम करने में मददगार साबित होगी। -हर 30 मिनट के अंतर से मेट्रो ट्रेन चलेगी।शहर में कुल 28 स्टेशनों से ट्रेन गुजरेगी। फिलहाल 15 जगह स्टेशनों का काम चल रहा है। 20 से लेकर 80 रुपये तक मेट्रो ट्रेन का किराया होगा। मेट्रो ट्रेन कार्पोेरेशन ने किराए के लिहाज से मेट्रो रुट को पांच जोन में बांटा है। -मेट्रो ट्रेन का संचालन सुबह आठ बजे से शुरू होगा और रात आठ बजे तक चलेगी। । फिलहाल मेट्रो का संचालन सात किलोमीटर हिस्से में होगा। यहां मेट्रो का किराया अधिकतम 30 रुपये होगा। – 20 से ज्यादा मेट्रो ट्रेन का संचालन होगा। एक ट्रेन में साढ़े चार सौ यात्री संवार हो सकेंगे। बैठने के अलाए खड़े रहकर सफर करने में भी आसानी होगी।  

आपबीती: पाक ने 14 हिंदू परिवारों के साथ की बदसलूकी, मंदिर दर्शन की राह हुई बाधित

अटारी  आज गुरु नानक जयंती है. इसे प्रकाश गुरुपर्व भी कहा जाता है. श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व में शामिल होने के लिए भारतीय श्रद्धालुओं का पहला जत्था पाकिस्तान गया. श्रद्धालुओं में सिख और हिंदू दोनों शामिल थे. मगर पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया. उसने धर्म-कर्म के मामले में भी अपनी नीच हरकत दिखाई. पाकिस्तान ने ननकाना साहिब गुरुद्वारा गए सिख श्रद्धालुओं का तो फूलों से स्वागत किया, मगर हिंदू श्रद्धालुओं को सीमा पार करने की इजाजत नहीं दी. सिख श्रद्धालुओं के जत्थे में गए हिंदू श्रद्धालुओं को अपमानित करके पाकिस्तानी अधिकारियों ने वापस लौटा दिया. ऐसे 14 परिवार हैं, जिनके साथ पाकिस्तान ने बदसलूकी की है. कहां के हिंदू परिवारों को लौटाया? दरअसल, पहली पातशाही श्री गुरु नानक देव जी का प्रकाश गुरुपर्व मनाने के लिए भारत से सिख श्रद्धालुओं के जत्थे में शामिल होकर पाकिस्तान गए हिंदू परिवारों के सदस्यों को पाकिस्तान इमीग्रेशन ने वापस लौटा दिया. पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा लौटाए गए ये हिंदू परिवार दिल्ली, लखनऊ और नवां शहर के हैं. पाकिस्तान से लौटाए जाने पर उन्होंने अपनी आपबीती बताई है. उन्होंने बताया है कि कैसे पाकिस्तानी रेंजर्स ने उनका अपमान किया. उनके साथ बदसलूकी की. पाकिस्तान ने किया अपमानित पाकिस्तान से भारत लौटने पर अटारी बॉर्डर पर बातचीत करते हुए हिंदू श्रद्धालुओं के सदस्य श्री गंगा राम और श्री अमर चंद ने बताया कि उन्होंने दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से पाकिस्तान गुरुधामों की यात्रा के लिए वीजा लगवाया था और वे भारत से सिख जत्थे में शामिल होकर पाकिस्तान गए थे. लेकिन पाकिस्तान वाघा पर स्थित पाकिस्तानी इमीग्रेशन और पाकिस्तानी रेंजरों के अधिकारियों ने उनके साथ बहुत बदसलूकी की. उन्हें सिर्फ इस वजह से वापस लौटा दिया क्योंकि वे हिंदू थे. पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा, ‘आप हिंदू हैं और सिख जत्थे में शामिल होकर क्यों जा रहे हैं.’ ‘अपने मंदिरों में जाओ’ उनका कहना था कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने उन्हें अपमानित करते हुए यह तक कहा कि ‘आप अपने मंदिरों में जाओ, सिखों के गुरुद्वारों में क्या लेने जा रहे हो.’ हालांकि, पाकिस्तानी अधिकारियों से उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी को सिर्फ सिख ही नहीं बल्कि सबसे ज्यादा हिंदू श्रद्धालु भी पूजा करते हैं और उनके बताये मार्ग पर चलते हैं. मगर वे बात नहीं माने और उन्होंने वापस लौटा दिया. सिख श्रद्धालुओं के जत्थे में गए हिंदू श्रद्धालुओं को अपमानित करके पाकिस्तानी अधिकारियों ने वापस लौटाया दुखी मन से रोतो हुए वापस लौटे श्रद्धालु कुल 14 परिवारों के इन सदस्यों ने बताया कि उन्हें बहुत दुखी मन के साथ पाकिस्तान से रोते हुए वापस भारत लौटना पड़ा, जिससे उनका मन बेहद उदास है. उन्होंने बताया कि उनका और परिवार के कई सदस्यों का जन्म पाकिस्तान में हुआ था, लेकिन वे लंबे समय से भारत में स्थायी नागरिक बनकर पासपोर्ट के साथ रह रहे हैं. वे दिल्ली के फतेहपुर बेरी इलाके में बस चुके हैं. परिवार की इच्छा थी कि वे श्री गुरु नानक देव जी का प्रकाश गुरुपर्व उनके जन्मस्थान ननकाणा साहिब (पाकिस्तान) जाकर मनाए, लेकिन पाकिस्तानी सरकार ने उन्हें इसकी इजाज़त नहीं दी. भारत ने लिया है संज्ञान भारत लौटाए गए हिंदू श्रद्धालुओं में दिल्ली, लखनऊ और नवां शहर (पंजाब) के परिवार शामिल थे. बहरहाल, सूत्रों ने जानकारी दी है कि पाकिस्तान द्वारा भारतीय श्रद्धालुओं को वापस लौटाने का मामला भारत के संज्ञान में है. पाकिस्तान के साथ भारत इस मुद्दे को उठाएगा. सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान ऑपरेशन सिंदूर से बौखला गया है. वह हिंदू और सिखों के बीच खाई पैदा करना चाहता है. यही कारण है कि पाकिस्तान के इस कदम को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद हिन्दुओं और सिखों के बीच दरार पैदा करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.

लॉरेंस गैंग का खौफनाक हमला: लुधियाना में कबड्डी प्लेयर को गोली मारकर मौत के घाट उतारा गया

लुधियाना  पंजाब के लुधियाना में कबड्डी प्लेयर गुरविंदर सिंह की हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ले ली है सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर बताया गया कि इस मर्डर के पीछे बिश्नोई गैंग का ही हाथ है। पोस्ट में चेतावनी भी दी कि जो दुश्मनों का साथ, उसका भी यही हाल करेंगे। बीते दिन लुधियाना जिले के समराला ब्लॉक में कबड्डी प्लेयर की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। मृतक खिलाड़ी की पहचान गुरविंदर सिंह (उम्र 23 साल) के तौर पर हुई है। पुलिस के अनुसार, चार नकाबपोश हमलावर बाइक पर सवार होकर आए और गुरविंदर सिंह और उसके साथियों पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी। बाइक सवार बदमाशों ने बरसाई गोलियां जानकारी के अनुसार घटना के समय गुरविंदर और उनके धर्मवीर और लवप्रीत सिंह गांव के एक मेडिकल स्टोर के पास सामुदायिक कार्यक्रम की तैयारी में जुटे थे। इसी दौरान अचानक वहां हमलावर आए और ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी। मौके से पुलिस के हाथ कई खाली कारतूस लगे हैं। लॉरेंस गैंग ने सोशल मीडिया पोस्ट में क्या लिखा.. मानकी समराला में जो मर्डर हुआ है, उसकी जिम्मेदारी हैरी बॉक्सर और आरजू बिश्नोई (लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप) लेते हैं। ये मर्डर हमारे भाइयों करन मदपुर और तेजी चक ने किया है। बब्बू समराला और उसके साथ वाले, जो हमारे दुश्मन का साथ दे रहे हैं, कान खोलकर सुन लो, तुम्हारे में जो भी मिल गया, उसका भी यही हाल करेंगे। ये चेतावनी सबके लिए है जाे-जो हमारे दुश्मनों का साथ दे रहे हैं या तो सुधर जाओ या तैयार हो जाओ, अगली गोली तुम्हारी छाती में मारेंगे। हमारी नजर सबके ऊपर है। हमे सबका पता है। कौन किसकी मदद कर रहा है। अच्छा यही रहेगा खुद पीछे हट जाओ नहीं तो हम हटाना अच्छी तरह से जानते हैं। पोस्ट के अंत में गैंगस्टरों के नाम लिखे हुए हैं। बिश्नोई गैंग ने ली जिम्मेदारी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर बिश्नोई गैंग ने इस हत्या की जिम्मेदारी ली है। फेसबुक पर अनमोल बिश्नोई नाम के अकाउंट से पोस्ट कर कहा गया, "जो कबड्डी खिलाड़ी का मर्डर हुआ है, उसकी जिम्‍मेदारी हरि बॉक्‍सर और आरजू बिश्‍नोई (लॉरेंस बिश्‍नोई ग्रुप) लेते हैं। हमारे भाइयों करण मादपुर और तेज चक ने ये हत्या की है।" पोस्ट में चेतावनी देते हुए कहा गया, "बाबू समराला और उसके साथ वाले जो-जो हमारे दुश्‍मनों का साथ दे रहे हैं, वो कान खोलकर सुन लो> तुम्‍हारे में से जो भी मिल गया, उसका भी यही हाल करेंगे। ये चेतावनी सबके लिए है, जो-जो हमारे दुश्‍मनों का साथ दे रहे हैं या तो सुधर जाओ या तैयार रहो, अगली गोली तुम्‍हारी…।" गौरतलब है कि लुधियाना में लगातार हो रही कबड्डी प्लेयर की हत्याओं से डर और दहशत का माहौल है। इससे पहले 31 अक्टूबर को भी कबड्डी प्लेयर तेजपाल की हत्या कर दी गई थी। सोमवार रात को नकाबपोश हमलावरों ने की थी हत्या 3 नवंबर, सोमवार देर रात गांव की पुली पर 3 दोस्त नगर कीर्तन को लेकर सड़क की सफाई कर रहे थे। अचानक चार नकाबपोश आए और उन्होंने ताबड़तोड़ गोलियां चलाई। गुरविंदर को पेट में गोली लगी और जबकि उसके साथी धर्मपाल को भी गोली लगी। उन्हें समराला सिविल अस्पताल ले गए और उनकी गंभीर स्थित को देखते हुए पीजीआई रेफर कर दिया गया। इस दौरान गुरविंदर की रास्ते में ही मौत हो गई। धर्मपाल पीजीआई चंडीगढ़ में दाखिल है। पिता ने कहा- गुरविंदर की रंजिश नहीं थी, गिरफ्तारी तक संस्कार नहीं करेंगे कबड्‌डी प्लेयर गुरविंदर के पिता राजिंदर सिंह का कहना है कि उनके बेटे की किसी के साथ निजी दुश्मनी नहीं थी। उन्होंने कहा क उसके साथ जो युवक थे, उनकी दुश्मनी थी। उनके चक्कर में गुरविंदर की जान चली गई। गुरविंदर की मौत के बाद उसका शव सिविल अस्पताल समराला में रखा गया है। पुलिस ने बुधवार को शव का पोस्टमॉर्टम करना था लेकिन उसके परिजनों ने पुलिस को साफ कह दिया कि जब तक उन्होंने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया तब तक वो शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। पुलिस बोली- कबड्‌डी प्लेयर नहीं था, पुलिस का इनकार खन्ना के एसपी पवनजीत सिंह ने कहा कि गुरविंदर सिंह कबड्‌डी का खिलाड़ी नहीं था बल्कि वह कबूतर पालने का शौकीन था। इसके जवाब में पिता ने एतराज जताते हुए कहा कि उनका बेटा स्थानीय स्तर पर कबड्डी खेलता था और वह कबूतर पालने का शौक भी रखता था। उसने घर में कबूतर भी पाले हुए थे। पुलिस के यह कहने पर उन्हें सख्त एतराज है कि गुरविंदर कबड्‌डी का प्लेयर नहीं था। कांग्रेस बोली- खिलाड़ियों को मेडल के बजाय मिल रही गोलियां कांग्रेस के विधायक व हॉकी टीम के पूर्व कप्तान परगट सिंह ने कबड्‌डी खिलाड़ियों पर हो रही फायरिंग पर गंभीर सवाल खड़े किए। परगट सिंह ने कहा क पंजाब में हमारे कबड्डी खिलाड़ी मेडल जीतने के बजाय अब गोलियों का निशाना बन रहे हैं। पहले संदीप सिंह, फिर तेजपाल सिंह और अब गुरिंदर सिंह। सरकार कितने परिवार उजाड़ने के बाद जागेगी? कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। इन लगातार हो रहे हत्याओं की जिम्मेदारी कौन लेगा?।

वोट चोरी विवाद पर सियासी संग्राम: BJP ने कहा- कांग्रेस की हार का बहाना

चंडीगढ़  भाजपा ने बुधवार को हरियाणा विधानसभा चुनावों में बड़े पैमाने पर वोट चोरी के राहुल गांधी के आरोपों को झूठा और निराधार करार दिया और कांग्रेस नेता पर अपनी नाकामियों को छिपाने और देश के लोकतंत्र को बदनाम करने के लिए चुनाव आयोग पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का यह पलटवार राहुल गांधी द्वारा हरियाणा की मतदाता सूची के आंकड़ों का हवाला देते हुए यह दावा करने के कुछ घंटों बाद आया कि 25 लाख वोट फर्जी थे। केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद किरण रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस के अपने नेता हरियाणा चुनाव के दौरान कह रहे थे कि पार्टी अपनी वजह से हारी है, जबकि राहुल गांधी का कहना कि वोट चोरी से हारे, इस पर आखिर कौन भरोसा करेगा।   किरेन रिजिजू ने कहा, 'हरियाणा में चुनाव चल रहा था, तब कांग्रेस की वरिष्ठ नेता कुमारी शैलजा ने खुद कहा था कि कांग्रेस वहां नहीं जीत पाएगी, क्योंकि उसके अपने नेता ही पार्टी को हराना चाहते हैं। इसके बाद कांग्रेस के एक पूर्व मंत्री ने इस्तीफा देकर साफ कहा कि कांग्रेस हरियाणा में इसलिए हारी क्योंकि उसके नेता ही जमीन पर काम नहीं कर रहे थे। वहीं प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने माना कि कांग्रेस पार्टी में ग्रासरूट स्तर पर तालमेल ही नहीं है, फिर कांग्रेस कैसे जीत सकती है? उनके अपने नेता कह रहे हैं कि कांग्रेस अपनी वजह से हारी है, जबकि राहुल गांधी का ये कहना कि वो वोट चोरी से हारे, इस पर आखिर कौन भरोसा करेगा?' उन्होंने आगे कहा, 'राहुल गांधी ने कहा कि एग्जिट पोल में कांग्रेस की जीत रही थी। 2004 के चुनाव के दौरान भी एग्जिट पोल और ओपिनियन पोल भाजपा और एनडीए को जिता रहे थे, लेकिन मतगणना के नतीजों में एनडीए हार गई। हमने परिणाम को स्वीकार किया और यूपीए को बधाई दी, लेकिन हमने चुनाव आयोग को गाली नहीं दी। लोकतंत्र में जीत और हार, दोनों को स्वीकार करना पड़ता है। लेकिन एग्जिट पोल जब कांग्रेस के पक्ष में होता है, तब वाहवाही करते हैं और जब विरोध में जाता है, तब मीडिया को गाली देते हैं।' 'महिला ने राहुल गांधी को लगाई थी फटकार' रिजिजू ने नेता विपक्ष को घेरते हुए कहा कि पिछले संसद सत्र के दौरान राहुल गांधी, एक महिला की तस्वीर टी-शर्ट पर छपवाकर पूरे संसद परिसर में घूमते रहे और उसके नाम को उछाला। शाम तक उस महिला ने ही राहुल गांधी को कड़ी फटकार लगाई। और अब, अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी फिर से प्रेस वार्ता कर रहे हैं। बिहार में दो दिन बाद मतदान है, लेकिन आज राहुल गांधी हरियाणा की कहानी सुना रहे थे। इससे साफ है कि बिहार में तो मुद्दा बचा ही नहीं, इसलिए ध्यान भटकाने के लिए हरियाणा का मुद्दा गढ़ा जा रहा है।  

वाराणसी की तर्ज पर सागर में देव दीपावली, लाखा बंजारा झील पर प्रज्वलित होंगे 1 लाख 11 हजार 111 दीप

सागर इस साल की कार्तिक पूर्णिमा सागर के इतिहास में दर्ज होने जा रही है. आज बुधवार को यहां पर पहली बार वाराणसी की तर्ज पर देव दीपावली का आयोजन किया जा रहा है. खास बात ये है कि लाखा बंजारा झील के प्रसिद्ध घाट, जहां प्राचीन मंदिर स्थित है. वहां पर देव दीपावली का आयोजन किया जा रहा है. यहां एक साथ एक लाख 11 हजार 111 दीप प्रज्वलित किए जाएंगे. नगर निगम की ये पहल लाखा बंजारा झील के प्रति शहर के लोगों के प्रेम के साथ-साथ घाटों पर बने मंदिर की धार्मिक आस्था को एक नया स्वरूप देना है. सागर में पहली बार ऐसा आयोजन सागर की लाखा बंजारा झील का स्मार्ट सिटी मिशन द्वारा जीर्णोद्धार के बाद यहां हर सोमवार को गंगा आरती का आयोजन किया जाता है. जिसमें शहर के लोग बड़ी संख्या में सहभागिता करते हैं और अपनी झील को गंगा की तरह सम्मान देते हैं. अब पहली बार सागर नगर निगम झील के चकराघाट, विट्ठल घाट और भट्ट खाट पर देव दीपावली का आयोजन कार्तिक पूर्णिमा को करने जा रहा है. 1 लाख 11 हजार 111 दीपों से रोशन होगा चकराघाट  खास बात ये है कि, ये देव दीपावली वाराणसी की तरह आयोजित होगी और इसमें नगर निगम द्वारा एक लाख 11 हजार 111 दीप घाटों पर प्रज्वलित किए जाएंगे. नगर निगम आयुक्त का मानना है कि देव दीपावली के आयोजन से सागर की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के इतिहास में एक नयी उपलब्धि जुडे़गी. काशी की तरह लाखा बंजारा झील का ये आयोजन शहर के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने में मददगार होगा. आमजनों से आटे के दीपक लाने की अपील नगर निगम द्वारा आयोजित देव दीपावली में 1 लाख 11 हजार 111 मिट्टी के दीपकों की व्यवस्था की गयी है. साथ ही साथ नगर के लोगों से अपील की गयी है कि वो ज्यादा से ज्यादा संख्या में देव दीपावली मनाने के लिए पहुंचे और अपने साथ एक आटे का दीपक लाएं, ताकि आयोजन में शहरवासियों की सहभागिता हो. नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री कहते हैं कि, ''वाराणसी पर गंगा के घाटों पर लाखों दीप जलाकर देव दीपावली मनायी जाती है. कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर नगर निगम लाखा बंजारा झील पर ये आयोजन कर लोगों को देव दीपावली की परंपरा से जोडने की पहल कर रहा है.''

मिलावटखोरों पर शिकंजा: इंदौर की मोमो फैक्ट्री में गंदगी और अजीनोमोटो का भारी उपयोग पाया गया

इंदौर  खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने खातीपुरा में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 'चिंटू मोमो' फैक्ट्री पर छापा मारा। निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री में भारी अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद इसे तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है। चिंटू मोमो फैक्ट्री में मिली भारी गंदगी खातीपुरा में संचालित 'चिंटू मोमो' फैक्ट्री, जिसके प्रोपराइटर दीपक चौरे हैं, शहर के विभिन्न फास्ट फूड संचालकों को मोमोस सप्लाई करती है। अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान परिसर में भारी गंदगी मिली। रॉ मटेरियल (कच्चे माल) का भंडारण भी उचित तरीके से नहीं किया गया था। बच्चों के लिए 'जहर' अजीनोमोटो का जखीरा टीम को मौके पर बड़ी मात्रा में अजीनोमोटो (Ajinomoto) मिला। प्रभारी वर्षा खराटे ने पुष्टि की कि इस अजीनोमोटो का इस्तेमाल मोमोस बनाने में किया जा रहा था। यह स्पष्ट है कि खाद्य पदार्थों में तय सीमा से अधिक अजीनोमोटो का उपयोग हो रहा था, जो विशेष रूप से 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से हानिकारक हो सकता है। लाइसेंस नहीं, फैक्ट्री सील सबसे गंभीर बात यह पाई गई कि परिसर में खाद्य पदार्थ निर्माण के लिए आवश्यक वैध अनुज्ञप्ति (फूड लाइसेंस) ही नहीं थी। जन स्वास्थ्य और नियमों के उल्लंघन को देखते हुए, परिसर में खाद्य कारोबार को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया और फैक्ट्री को सील कर दिया गया। टीम ने मौके से 04 प्रकार के मोमोस, मसाला, अजीनोमोटो, तंदूरी मसाला और चीज़ सहित कुल 07 नमूने जांच के लिए भेजे हैं और लगभग 150 किलोग्राम खाद्य पदार्थ जब्त किया है। बायपास के रेस्टोरेंट भी रडार पर एक अन्य टीम ने तहसीलदार योगेश मेश्राम के नेतृत्व में इंदौर बायपास स्थित पपाया ट्री रेस्टोरेंट से पनीर और चना दाल के नमूने लिए। वहीं, जुरू रेस्टोरेंट (बायपास) से पनीर, पनीर लबाबदार और सेवइयां के सैंपल लिए गए। इसके अलावा, राउ स्थित यूडब्लयूसी फूड प्राइवेट लिमिटेड, जो चिप्स निर्माण का काम करती है, से चिप्स और आलू पाउडर के नमूने भी लिए गए हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि नागरिकों को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी सैंपलों को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया है, जिनकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। 

गुरुनानक देव की जयंती पर मोहन यादव ने गुरुद्वारा में मत्था टेका, देशभक्ति और बलिदान की बात कही

भोपाल  गुरुनानक देव का 556वां प्रकाशपर्व राजधानी भोपाल में धूमधाम से मनाया गया. इस अवसर पर हमीदिया रोड स्थित गुरुद्वारे में मत्था टेकने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी पहुंचे. इस दौरान उन्होंने देश और प्रदेश वासियों को प्रकाश पर्व की शुभाकामनांए दी. साथ ही गुरु तेग बहादुर की 350वीं जन्मजयंती को भी धूमधाम से मनाने का आश्वासन दिया. सीएम ने कहा कि गुरु तेग बहादुर की जन्म जयंती पिछली बार भी प्रदेश में धूमधाम से मनाई गई थी, इस बार भी सरकार इसके लिए कटिबद्ध है. गुरुनानक ने अपने जीवन से किया लोगों को प्रेरित हमीदिया रोड स्थित गुरुद्वारे पहुंचकर सबसे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मत्था टेका. इसके बाद कुछ देर गुरुद्वारे में बैठकर कीर्तन सुना. इसके बाद वहां उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि "हम लोग कार्तिक पूर्णिमा को ऐसे गुरुद्वारे में मना रहे हैं, जो साक्षात ईश्वर के समान थे. उन्होंने कहा कि गुरुनानक एक ऐसा विराट व्यक्तित्व थे, जिसने मानवता को सेवा, कीर्तन और शिक्षा के माध्यम से ने केवल साहस दिया बल्कि अपने जीवन के जरिए उन्होंने सीख भी दी." अरब देशों में जाकर भी किया एक ओंकार का प्रसार सीएम मोहन यादव ने कहा कि "संत गुरुनानक पूरे देश में पदयात्रा करते थे. वर्तमान देश ही नहीं, उस समय के अफगानिस्तान और अरब देशों में भी जाकर उन्होंने निडरता के साथ एक ओंकार सतनाम वाहे गुरु का मंत्र दिया. उस दौर में अरब देशों में ऐसा करना कोई सोच भी नहीं सकता था, लेकिन गुरुनानक ने वहां जाकर भी प्रचार किए कि ईश्वर एक है. गुरुनानक का अरब और अफगानिस्तान में जो भाव था, वह बाबर के सामने भी रहा. देश को बचाने के लिए सिक्ख समाज ने किया बलिदान उन्होंने कहा कि संत गुरुनानक ने लोगों को बताया कि नाम जप से अयात्मिक और मानसिक उर्जा मिलती है. इसीलिए उन्होंने नाम जप और संकीर्तन के लिए लोगों को प्रेरित किया. उन्होंने सामाजिक समरसता के लिए सब लोगों को एक पंगत में लेकर आए. उनका मानना था कि जातिगत विभिन्नताओं से समाज कमजोर होता है. इन समाज में दूरियां बढ़ती हैं. अन्याय करने वालों के साथ दृड़ता से खड़े रहने का जो पाठ गुरुनानक ने सिखाया, उसे गुरु तेग बहादुर से लेक गुरु गोविंद सिंह तक ने मजबूती से निभाया. चाहे अफगानी रहे हो या मुगल या अंग्रेज, सिक्ख समाज ने देश को बचाने के लिए हमेशा बलिदान किया." हमीदिया रोड में 15 हजार लोगों का लंगर गुरुनानक के 556वें प्रकाश पर्व के अवसर पर अरेरा कॉलोनी, हमीदिया रोड और पिपलानी स्थित गुरुद्वारों को रंगबिरंगी रोशनी और फूलों से सजाया गया है. वहीं हमीदिया रोड गुरुद्वारे पर 15 हजार लोगों के लिए लंगर की व्यवस्था की गई है. यहां 35 से 40 क्विंटल खाद्य सामग्री का उपयोग इस विशाल लंगर में किया जाएगा. शहर के 5 से 6 गुरुद्वारों से रोटियां व अन्य सामग्री भी बनाकर हमीदिया रोड गुरुद्वारे में लंगर के लिए भेजी जाएगी.

नवंबर में भारत और पाकिस्तान की दो भिड़ंतें तय, दोहा में मुकाबला और फाइनल में संभावना

मुंबई  एसीसी राइजिंग स्टार्स टूर्नामेंट (ACC Rising Stars tournament) 14 नवंबर से शुरू हो रहा है. इसमें भारत-पाकिस्तान भिड़ंत 16 नवंबर को होनी है. पहले एसीसी इमर्जिंग टीमें एशिया कप के नाम से जाने जाने वाला यह टूर्नामेंट अब टी20 फॉर्मेट में खेला जाएगा.  टूर्नामेंट की शुरुआत 14 नवंबर से होगी, जबकि भारत और पाकिस्तान के बीच हाई-वोल्टेज मुकाबला 16 नवंबर को खेला जाएगा.  लेकिन यहां थोड़ी रुकिए, इस टूर्नामेंट में यह लीग मुकाबला तो दोनों देशों के बीच खेला जाएगा, वहीं इस टूर्नामेंट का शेड्यूल को जब हमने देखा तो समझ आया कि दोनों ही च‍िर प्रत‍िद्वंद्वियों के दो मुकाबले इस टूर्नामेंट में एक-दूसरे से हो सकते हैं. दोनों ही देशों के बीच इस टूर्नामेंट का 23 नवंबर को होने वाला फाइनल मुकाबला भी हो सकता है.  भारत और पाकिस्तान की टीम दो बार इस टूर्नामेंट में कैसे भ‍िड़ सकती हैं तो वो समझें. ग्रुप A में अफगानिस्तान, बांग्लादेश, हांगकांग, श्रीलंका की टीम है. वहीं ग्रुप B में भारत, ओमान, पाकिस्तान, यूएई की टीम है. 21 नवंबर को दो सेमीफाइनल हैं. पहले सेमीफाइनल में ग्रुप A की नंबर 1 टीम बनाम ग्रुप B की नंबर 2 टीम के बीच भ‍िड़ंत होगी, वहीं दूसरे सेमीफाइनल में ग्रुप B की नंबर 1 टीम बनाम ग्रुप A की नंबर 2 टीम है. इसके बाद फाइनल में 23 नवंबर को भ‍िड़ंत होगी.  चूंकि ग्रुप बी में भारत और पाकिस्तान के अलावा ओमान और यूएई जैसी कमजोर टीमें हैं. ऐसे में यह माना जा सकता है कि ओमान और यूएई सेमीफाइनल के लिए क्वाल‍िफाई नहीं कर पाएंगी. ऐसे में भारत और पाकिस्तान की टीम ग्रुप बी की दो टीमें होगी, जो ग्रुप ए की दो टीमों से सेमीफाइनल में भ‍िड़ेंगी. जिसके बाद अगर भारत और पाक‍िस्तान की टीमें सेमीफाइनल में जीत दर्ज करती हैं, तो वो फाइनल मुकाबला खेल सकती हैं.  एश‍िया कप के बाद पहली बार भ‍िड़ेंगे दोनों भारत-PAK  यह मुकाबला भारत और पाकिस्तान की पुरुष टीमों के बीच सितंबर में हुए एशिया कप के बाद पहला क्रिकेटिंग आमना-सामना होगा. हालांकि दोनों देशों की महिला टीमें हाल ही में खेले गए वनडे वर्ल्ड कप में आमने-सामने हुई थीं. जब पुरुष टीमों ने एशिया कप खेला था, तब दोनों देशों के खिलाड़ियों के बीच ना हैंडशेक हुआ था, ना किसी तरह का औपचारिक अभिवादन हुआ था.  उस टूर्नामेंट का अंत इस तरह हुआ कि भारत, खिताब जीतने के बावजूद, दुबई से ट्रॉफी लिए बिना ही रवाना हो गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय टीम ने एसीसी प्रमुख मोहसिन नकवी (जो पाकिस्तान के गृहमंत्री और पीसीबी के चेयरमैन भी हैं) से ट्रॉफी न लेने का फैसला किया था. लंबे इंतजार के बाद, जब यह स्पष्ट हो गया कि भारतीय खिलाड़ी मंच पर नहीं आएंगे, तब एक एसीसी अधिकारी ने ट्रॉफी को वहां से हटा दिया था.  एसीसी इमर्जिंग टीम्स टूर्नामेंट की शुरुआत 2013 में हुई थी और अब तक इसके छह संस्करण खेले जा चुके हैं. यह टूर्नामेंट पहले अंडर-23 स्तर पर खेला जाता था, लेकिन बाद में इसे ‘ए’ टीमों की प्रतियोगिता में बदल दिया गया.  अब तक पाकिस्तान और श्रीलंका ने इसे दो-दो बार जीता है, जबकि भारत और अफगानिस्तान ने एक-एक बार खिताब जीता है. पिछला संस्करण 2024 में ओमान में खेला गया था, जहां अफगानिस्तान ने श्रीलंका को सात विकेट से हराकर खिताब जीता था. इस बार यह टूर्नामेंट दोहा में हो रहा है.  भारत ए की राइजिंग एशिया कप टीम: प्रियांश आर्य, वैभव सूर्यवंशी, नेहल वढेरा, नमन धीर (उपकप्तान), सूर्यांश शेजडे, जितेश शर्मा (कप्तान, विकेटकीपर), रमनदीप सिंह, हर्ष दुबे, आशुतोष शर्मा, यश ठाकुर, गुरजपनीत सिंह, वैशाख विजय कुमार , युद्धवीर सिंह चरक, अभिषेक पोरेल (विकेटकीपर), सुयश शर्मा स्टैंडबाय खिलाड़ी: गुरनूर सिंह बरार, कुमार कुशाग्र, तनुश कोटियन, समीर रिजवी और शेख रशीद. ग्रुप A: अफगानिस्तान, बांग्लादेश, हांगकांग, श्रीलंका ग्रुप B: भारत, ओमान, पाकिस्तान, यूएई एसीसी राइजिंग स्टार्स टूर्नामेंट शेड्यूल 14 नवंबर: ओमान बनाम पाकिस्तान; भारत बनाम यूएई 15 नवंबर: बांग्लादेश बनाम हांगकांग; अफगानिस्तान बनाम श्रीलंका 16 नवंबर: ओमान बनाम यूएई; भारत बनाम पाकिस्तान 17 नवंबर: हांगकांग बनाम श्रीलंका; अफगानिस्तान बनाम बांग्लादेश 18 नवंबर: पाकिस्तान बनाम यूएई; भारत बनाम ओमान 19 नवंबर: अफगानिस्तान बनाम हांगकांग; बांग्लादेश बनाम श्रीलंका 21 नवंबर: सेमीफाइनल – ग्रुप A की नंबर 1 टीम बनाम ग्रुप B की नंबर 2 टीम                                    ग्रुप B की नंबर 1 टीम बनाम ग्रुप A की नंबर 2 टीम 23 नवंबर: फाइनल 

मध्य प्रदेश बिजली विवाद: 10 घंटे वाले सर्कुलर के बाद चीफ इंजीनियर को हटाया, CM ने लिया सख्त निर्णय

भोपाल  एमपी में किसानों को बिजली आपूर्ति के लिए तय की गई समय सीमा को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद सीएम मोहन यादव एक्शन में दिखे। उन्होंने नए फरमान कि 10 घंटे से ज्यादा आपूर्ति पर अफसरों का वेतन काटे जाने के मामले को तूल पकड़ता देख चीफ इंजीनियर को हटाने के निर्देश दिए हैं। यहां पढ़ें पूरा मामला दरअसल एमपी की विद्युत वितरण कंपनी, मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड और कुछ क्षेत्रीय वितरण कंपनी ने कृषि फीडरों को लेकर एक फरमान जारी किया था, जिसमें कृषि उपभोक्ताओं को प्रतिदिन 10 घंटे बिजली दिया जाना निश्चित किया गया। इस नये फरमान के मुताबिक यदि किसी क्षेत्र में तय समय सीमा के 10 घंटे से ज्यादा बिजली आपूर्ति की जाती है, उस क्षेत्र के अधिकारियों और कर्मचारियों की सैलरी काटी जाएगी और अतिरिक्त बिजली का भुगतान लिया जाएगा। ये अधिकारी और कर्मचारी उसी क्षेत्र के फीडर और नेटवर्क के होंगे। वहीं दूसरी ओर कंपनी ने कहा है कि किसानों को रोजाना 10 घंटे की बिजली लगातार दी जा रही है। विपक्ष ने बोला हमला इस फरमान के बाद विपक्ष ने बीजेपी को जमकर घेरा। विपक्ष ने सवाल उठाया है कि क्या प्रदेश में बिजली की इतनी कमी है कि बिजली कंपनी को ये सर्कुलर जारी करना पड़ा कि 10 घंटे से 1 मिनट भी बिजली आपूर्ति ज्यादा दिखी, तो संबंधित अफसरों और कर्मचारियों पर तुरंत कार्रवाई करते हुए उनका वेतन काटा जाएगा। संक्षिप्त में जानें विवाद     कृषि विद्युत आपूर्ति को 10 घंटे में सीमित करना     अधिक बिजली देने पर अधिकारियों का वेतन काटा जाना     कंपनी का ये कहना कि 10 घंटे से ज्यादा आपूर्ति कर्मचारियों और अधिकारियों के तनाव का कारण बन सकती है।     विपक्ष इसे अस्पष्ट, अनुचित दबाव वाला कदम बता रहा है।     यह मामला राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील है, क्योंकि किसानों की बिजली आपूर्ति और सब्सिडी से जुड़ा है। ऐसे निर्णय सीधे ग्रामीण इलाकों की दैनिक कृषि-क्रियाओं को प्रभावित करते हैं। सीएम ने लिया एक्शन इस मामले के तूल पकड़ने के बाद सीएम मोहन यादव ने जहां किसानों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए पर्याप्त आपूर्ति देने का आश्वासन दिया है। वहीं कृषि फीडरों को 10 घंटे बिजली आपूर्ति के निश्चित किए गए समय और अफसरों के वेतन काटे जाने के फरमान का जारी किए गए सर्कुलेशन को लेकर भी सख्त एक्शन में नजर आए। उन्होंने मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के चीफ इंजीनियर को हटाने के निर्देश दे दिए हैं। सीएम मोहन यादव का ये कदम दायित्व परक रवैये का संकेत माना जा रहा है। वहीं सीएम का एक्शन एक संदेश है कि सरकार किसानों की बिजली आपूर्ति को हल करने के लिए सक्रिय है।