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जबलपुर से सिहोरा की 2 दिन की बच्ची एयर एंबुलेंस से जाएगी मुंबई, बाल हृदय योजना के तहत इलाज

जबलपुर जबलपुर से दो दिन की बच्ची को एयर एंबुलेंस से मुंबई ले जाया जा रहा है. बच्ची के दिल में छेद है और उसका इलाज मुंबई के नारायण अस्पताल में होगा. बच्ची को मुंबई तक पहुंचाने के लिए सरकारी कर्मचारियों ने बुधवार को छुट्टी के दिन भी कागजी तैयारी पूरी की. गुरुवार को दोपहर 12:00 बजे बच्ची जबलपुर से मुंबई के लिए रवाना हुई . बच्ची के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है लेकिन सरकार की बाल हृदय योजना के तहत उसे यह सुविधा दी जा रही है. दो दिन पहले जन्में जुड़वा बच्चे, 1 के दिल में छेद सिहोरा के रहने वाले सत्येंद्र दहिया और शशि दहिया को जबलपुर के एक निजी अस्पताल में 2 दिन पहले जुड़वा बच्चे हुए थे. जब बच्चे हुए तब तक सब कुछ ठीक-ठाक था, लेकिन कुछ ही देर में जब बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तो पता लगा कि इनमें से एक बच्ची के दिल में छेद है. इस बात की जानकारी तुरंत सरकारी अस्पताल को भी पहुंचा दी गई. बाल हृदय योजना के तहत होगा इलाज मध्य प्रदेश सरकार की बाल हृदय योजना के तहत जिन बच्चों के दिल में छेद होता है, उनका इलाज राज्य सरकार करवाती है. इसके लिए राज्य सरकार ऐसे बच्चों के इलाज के साथ उनके परिवहन की व्यवस्था भी करती है. लेकिन गुरु नानक जयंती की वजह से बुधवार को अवकाश था, ऐसी स्थिति में सरकार ने एक टीम बनाई है जो छुट्टी के दिन भी आपात स्थिति में लोगों की मदद करे. इस टीम ने एक बार फिर तत्परता से काम किया और सत्येंद्र दहिया और शशि दहिया के 2 दिन की बेटी को मुंबई ले जाने के लिए एयर एंबुलेंस की व्यवस्था करवाई. मुंबई पहुंचते ही शुरु हो जाएगा इलाज स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त संचालक डॉक्टर संजय मिश्रा ने बताया कि, ''यह एयर एंबुलेंस गुरुवार दोपहर 12:00 बजे जबलपुर से मुंबई के लिए रवाना होगी. इसके लिए पेपर वर्क पूरा कर लिया गया है और जैसे ही बच्ची मुंबई पहुंचेगी तुरंत उसका इलाज भी शुरु हो जाएगा. सत्येंद्र दहिया एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं और उनके लिए यह इलाज संभव नहीं था. सरकार की योजना की वजह से अब सत्येंद्र की बच्ची को जीवन भर कष्ट नहीं भोगना होगा.'' वहीं, डॉक्टर संजय मिश्रा ने बताया कि, ''यह पहला मौका है जब 2 दिन की बच्ची के लिए सरकार एयर एम्बुलेंस उपलब्ध करवाने जा रही है.'' सत्येंद्र को जिस तत्परता से मदद मिली, उसकी जरूरत हर उस आदमी को है जो सरकारी अस्पताल में इलाज करवाने के लिए जा रहा है. क्योंकि सरकारी अस्पताल में इलाज करवाने वहीं पहुंचता है जिसके पास निजी अस्पतालों में इलाज करवाने का पैसा नहीं है. स्वास्थ्य विभाग में जो कोशिश सत्येंद्र की बच्ची के लिए की है इस तरह की कोशिश यदि हर आम आदमी के लिए हो जाए तो सच में राम राज्य की कल्पना साकार हो जाएगी.

अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ा: ट्रंप ने दागी मिसाइल, पुतिन ने किया युद्ध का संकेत

मॉस्को  रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन बुधवार को परमाणु हथियार परीक्षण दोबाना शुरू करने को कह दिया है. उन्होंने न्यूक्लियर टेस्ट के लिए प्रस्ताव तैयार करने का आदेश दिया है. ये आदेश पुतिन का ऐलान-ए-जंग माना जा रहा है क्योंकि कुछ घंटों पहले ही अमेरिका ने अपनी न्यूक्लियर मिसाइल दागी है. पिछले हफ्ते ट्रंप ने ये दावा करते हुए अमेरिका में न्यूक्लियर टेस्ट शुरू करवाया था कि रूस, चीन और पाकिस्तान परमाणु परीक्षण करवा रहे हैं. इसके बाद पुतिन ने भी जवाबी कार्रवाई करनी शुरू कर दी है. उन्होंने ट्रंप को न्यूक्लियर टेस्ट बैन समझौता भी याद दिलाया है. Putin क्यों हुए आग बबूला? पुतिन ने कहा कि रूस ने हमेशा व्यापक परमाणु परीक्षण बैन समझौते (CTBT) के तहत अपने दायित्वों का सख्ती से पालन किया है, लेकिन अगर संयुक्त राज्य अमेरिका या कोई अन्य परमाणु शक्ति देश ऐसे हथियार का परीक्षण करता है, तो रूस भी ऐसा जरूर करेगा. पुतिन ने कहा, ‘मैं विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय… विशेष सेवाओं और संबंधित नागरिक एजेंसियों को निर्देश दे रहा हूं कि वे इस मुद्दे पर अतिरिक्त जानकारी जुटाने, सुरक्षा परिषद में इसका विश्लेषण करने, और परमाणु हथियार परीक्षणों की तैयारी के लिए काम शुरू करें और सहमत प्रस्ताव बनाने के लिए हर संभव प्रयास करें’. Russia कहां करेगा न्यूक्लियर हथियारों का परीक्षण? रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव ने पुतिन को बताया कि अमेरिका की हालिया टिप्पणियों और एक्शन्स को देखते हुए ‘बड़े पैमाने पर परमाणु परीक्षणों की तैयारी तुरंत करना सही कदम होगा’. बेलौसोव ने कहा कि रूस के आर्कटिक परीक्षण स्थल नोवाया जेमल्या (Novaya Zemlya) में जल्द ही परमाणु हथियारों के परीक्षण का काम शुरू किया जाएगा. America ने ऐसा क्या किया? बता दें कि हाल ही में अमेरिका ने भी 50 साल पुरानी न्यूक्लियर मिसाइल Minuteman 3 का परीक्षण किया है. इस मिसाइल की रेंज 14000 किमी बताई जा रही है, यानी ये रूस और चीन जैसे देशों तक आसानी से पहुंच सकती है. अमेरिका ने ये भी कह दिया है कि मिनटमैन 3 को रिप्लेस करने वाले वर्जन को तैयार किया जा रहा है, जो 2030 तक पूरा होगा और तब तक ऐसे परीक्षण चलते रहेंगे.

UP को मिली नई वंदे भारत एक्सप्रेस: लखनऊ से सहारनपुर तक सफर होगा और तेज, जारी हुआ पूरा शेड्यूल

मुरादाबाद आठ नवंबर को हाइ स्पीड ट्रेन लखनऊ से सहारनपुर के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस का शुभारंभ हो रहा है। इसको लेकर बुधवार को डीआरएम कार्यालय में तैयारियां तेज हो गई हैं। अवकाश के दिन भी अधिकारी प्लेटफार्म, स्वागत मंच, अतिथियों की सूची, सांस्कृतिक कार्यक्रम की रूपरेखा और सुरक्षा प्रबंधों पर अहम चर्चा हुई। सांसद रुचि वीरा व क्षेत्रीय विधायकगण को आमंत्रित किया गया है।लखनऊ में उद्घाटन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअली हिस्सा लेंगे। यह ट्रेन लखनऊ से सुबह 5 बजे रवाना होगी और मुरादाबाद में सुबह 9:27 बजे प्रवेश करेगी, इसके बाद दोपहर 12:45 बजे सहारनपुर पहुंचेगी। लखनऊ से मुरादाबाद तक का मार्ग लगभग 325 किमी है। इस ट्रैक पर वंदे भारत ट्रेन को मुरादाबाद तक पहुंचने में लगभग 4 घंटे 37 मिनट का समय लगेगा। इस वजह से सामान्य ट्रेनों की तुलना में मुरादाबाद तक पहुंचने में करीब एक घंटे की बचत होगी। यह ट्रेन सप्ताह में सोमवार को छोड़कर छह दिन चलेगी और इसमें कुल सात स्टेशन पर ठहराव होगा। लखनऊ, सीतापुर, शाहजहांपुर,बरेली, मुरादाबाद,नजीबाबाद, रुड़की, सहारनपुर। सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता का कहना है कि लखनऊ से मुरादाबाद आगमन पर आठ नवंबर को वंदे भारत एक्सप्रेस का स्वागत किया जाएगा। इसकी तैयारियां तेजी पर हैं। जिम्मेदारियों सौंप दी गई हैं।  लखनऊ से सहारनपुर के बीच समय सारिणी लखनऊ (प्रस्थान) सुबह 05:00 बजे सीतापुर सुबह 05:55 बजे शाहजहाँपुर जंक्शन सुबह 07:10 बजे बरेली जंक्शन सुबह 08:08 बजे मुरादाबाद जंक्शन सुबह 09:27 बजे नजीबाबाद जंक्शन सुबह 10:45 बजे रुड़की दोपहर 11:40 बजे सहारनपुर (अंतिम) दोपहर 12:45 बजे वापसी रूट सहारनपुर से 15:00 बजे रवाना, रुड़की 15:35, नजीबाबाद 16:40, मुरादाबाद 18:10, बरेली 19:33, शाहजहाँपुर 20:38, सीतापुर 21:50, लखनऊ 23:00।   मंडल को मिली चौथी वंदेभारत एक्सप्रेस मुरादाबाद रेल मंडल को चौथी वंदेभारत एक्सप्रेस मिली है। मेरठ से वाराणसी, देहरादून से लखनऊ, दिल्ली से देहरादून अब चौथी लखनऊ से मुरादाबाद होकर सहारनपुर के लिए वंदेभारत एक्सप्रेस मिली है।  

मैक्रों ने किया फैसला, फ्रांस में ड्रैगन की सेक्स डॉल को लेकर भड़का विवाद

पेरिस  बच्चों जैसी दिखने वाली सेक्स डॉल्स की बिक्री को लेकर उठे विवाद के बाद फ्रांस सरकार ने चीनी मूल की फास्ट-फैशन कंपनी शीन (Shein) की वेबसाइट पर कार्रवाई करते हुए उसके ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है. वित्त मंत्रालय ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा कि यह कदम तब तक लागू रहेगा, जब तक कंपनी यह साबित नहीं कर देती कि उसकी ऑनलाइन सामग्री फ्रांसीसी कानूनों के अनुरूप है. मंत्रालय ने फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया कि इस निर्णय से पेरिस स्थित शीन के पहले स्थायी स्टोर पर कोई प्रभाव पड़ेगा या नहीं. बता दें कि यह फैसला उस समय आया जब पेरिस में स्थित प्रतिष्ठित बीएचवी मरैस डिपार्टमेंटल स्टोर में शीन के पहले स्टोर के उद्घाटन पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी. उद्घाटन के कुछ ही घंटों बाद सरकार ने यह कदम उठाया. उद्घाटन कार्यक्रम के बाहर कई पर्यावरण संगठनों और बाल संरक्षण समूहों ने विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने कंपनी पर नैतिकता और श्रम उल्लंघन के आरोप लगाते हुए #BoycottShein के नारे लगाए. कंपनी ने दी सफाई विवाद तब भड़का जब यह खुलासा हुआ कि शीन की वेबसाइट पर बच्चों जैसी दिखने वाली सेक्स डॉल्स बिक्री के लिए सूचीबद्ध थीं. आलोचना के बाद कंपनी ने सफाई दी कि उसने ऐसे सभी उत्पादों पर तुरंत प्रतिबंध लगा दिया है और अपने वयस्क उत्पाद सेक्शन को अस्थायी रूप से समीक्षा के लिए हटा दिया है. साथ ही कंपनी ने यह जांच शुरू की है कि प्लेटफॉर्म के फिल्टरिंग सिस्टम को कैसे दरकिनार किया गया. कंपनी की इस सफाई के बावजूद, फ्रांसीसी सरकार ने शीन के ऑनलाइन संचालन पर रोक लगा दी है.  वहीं, बीएचवी मरैस स्टोर के मालिक समूह (SGM) ने इस विवाद को अस्वीकार्य बताया, लेकिन शीन की त्वरित प्रतिक्रिया की सराहना की. समूह के सीओओ कार्ल-स्टीफन कॉटेंडिन ने कहा कि हमें खुशी है कि कंपनी ने अपनी जिम्मेदारी दिखाई. हमने यह सुनिश्चित किया है कि उनके सभी उत्पाद यूरोपीय और फ्रांसीसी नियमों का पालन करें. बता दें, शीन की शुरुआत 2012 में चीन में हुई थी और जिसका मुख्यालय अब सिंगापुर में है. शीन वैश्विक स्तर पर फास्ट-फैशन उद्योग का बड़ा नाम बन चुका है. हालांकि, कंपनी को लंबे समय से पर्यावरण प्रदूषण, सस्ते श्रम शोषण और शिनजियांग प्रांत में जबरन मजदूरी जैसे गंभीर आरोपों का सामना करना पड़ रहा है. फ्रांस ने हाल ही में फास्ट-फैशन कंपनियों पर सख्त निगरानी शुरू की है. सरकार एक नए कानून पर काम कर रही है जो सस्ते आयातित उत्पादों पर टैक्स, विज्ञापन प्रतिबंध, और अपशिष्ट प्रबंधन नियमों को कड़ा करेगा. यह कानून शीन, टेमू और अलीएक्सप्रेस जैसी एशियाई ई कॉमर्स कंपनियों को सीधे प्रभावित करेगा. इस बीच, फ्रांसीसी फैशन उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों ने इस विवाद को उद्योग के लिए काला दिन बताया. फ्रेंच वुमेंस रेडी-टू-वियर फेडरेशन के अधिकारी थिबॉट लेडुनोइस ने कहा कि शीन फ्रांस में अपने लिए एक शानदार शोकेस तैयार कर रहा है, लेकिन यह उन सभी भयावह व्यावसायिक प्रथाओं को वैध ठहराता है जो वह दुनिया भर में लागू कर रहा है. फिलहाल फ्रांस सरकार ने शीन से स्पष्ट जवाब मांगा है और चेतावनी दी है कि यदि कंपनी फ्रांसीसी साइबर और नैतिक मानकों का पालन करने में विफल रहती है, तो उस पर स्थायी प्रतिबंध लगाया जा सकता है. 

दिनदहाड़े शर्मनाक हरकत! मेक्सिको की राष्ट्रपति से छेड़खानी की कोशिश, सुरक्षा पर उठे सवाल

मेक्सिको मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम संग सड़क हुई पर छेड़छाड़ के बाद उन्होंने बुधवार को पूरे देश में यौन उत्पीड़न को अपराध घोषित करने की मांग की है। हमले के बाद पूरे देश में महिलाओं के सामने मौजूद खतरों को लेकर नई बहस भी शुरू हो गई है। इससे पहले 63 वर्षीय शीनबाम पर हमला तब हुआ जब वे मंगलवार को मेक्सिको सिटी में राष्ट्रपति भवन के पास समर्थकों का अभिवादन स्वीकार कर रही थीं। जानकारी के मुताबिक क्लाउडिया एक सार्वजनिक कार्यक्रम में जा रही थीं। तभी अचानक एक शराबी शख्स उनके पास आया, उनके कंधे पर हाथ रखा और दूसरे हाथ से उनकी छाती को छुआ, साथ ही उनकी गर्दन को चूमने की कोशिश की। हालांकि राष्ट्रपति सुरक्षा दल के एक सदस्य ने उसे तुरंत दूर खींच लिया। यह घटना कैमरे में कैद हो गई और बाद में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। अब देश भर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल पूछे जा रहे हैं। इस मामले में मेक्सिको के रिकॉर्ड भी चिंताजनक हैं। देश में यौन उत्पीड़न आम है और अधिकार समूह गंभीर संकट की चेतावनी दे रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार 15 वर्ष और उससे अधिक आयु की लगभग 70 प्रतिशत मेक्सिकन महिलाओं को अपने जीवन में कम से कम एक बार यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि मेक्सिको में हर दिन औसतन 10 महिलाओं की हत्या होती है। घटना के बाद अब शीनबाम ने बुधवार को कहा है कि सरकार यौन उत्पीड़न से संबंधित राष्ट्रव्यापी कानून की जल्द से जल्द समीक्षा करेगी। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, "मेरी सोच यह है। अगर मैं शिकायत दर्ज नहीं कराउंगी, तो बाकी मैक्सिकन महिलाओं का क्या होगा? अगर राष्ट्रपति के साथ ऐसा हुआ, तो हमारे देश की सभी महिलाओं का क्या होगा?" राष्ट्रपति ने कहा, "यह एक आपराधिक अपराध होना चाहिए और हम इसके लिए एक अभियान शुरू करने जा रहे हैं।"

टाटा मोटर्स का सम्मान: वर्ल्ड चैंपियन बेटियों को गिफ्ट में दी जाएगी Sierra एसयूवी

मुंबई  भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाने के लिए टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल ने एक अनोखा कदम उठाया है. कंपनी टीम की हर सदस्य को जल्द लॉन्च होने वाली नई Tata Sierra की एक-एक यूनिट भेंट करेगी. यह सिर्फ एक तोहफ़ा नहीं, बल्कि उनके अदम्य साहस, समर्पण और देश को गौरवान्वित करने की भावना के प्रति एक सच्चा सम्मान होगा. बीते 2 नवंबर को हुए वूमेंस वर्ल्ड कप फाइनल में भारतीय टीम ने साउथ अफ्रीका को 52 रनों से करारी शिकस्त दी थी. यह पहला मौका था जब भारतीय महिला टीम ने वर्ल्ड कप जीता था. इस प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ियों ने गेंद और बल्ले से वो करिश्मा कर दिखाया था, जिसका इंतजार सालों से था. अब मौका है इस ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाने का और इन खिलाड़ियों को सम्मानित करने का.  टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल लिमिटेड के एमडी और सीईओ शैलेश चंद्र ने कहा, “भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपने असाधारण प्रदर्शन और शानदार जीत से पूरे देश को गर्व का एहसास कराया है. उनका सफर दृढ़ निश्चय और विश्वास की ताकत का प्रतीक है, जो हर भारतीय को प्रेरित करता है. टाटा मोटर्स के लिए यह गर्व की बात है कि हम इन लीजेंड्स को एक और लीजेंड – Tata Sierra – भेंट कर रहे हैं. यह दो दिग्गजों की साझी भावना और अनंत प्रेरणा का प्रतीक है.” टीम के हर मेंबर को मिलेगा टॉप मॉडल टाटा मोटर्स ने ऐलान किया है कि, भारत को विश्वविजयी बनाने वाली महिला क्रिकेट टीम के हर सदस्य को एक-एक टाटा सिएरा एसयूवी भेंट की जाएगी. टाटा सिएरा को आगामी 25 नवंबर 2025 को लॉन्च किया जाना है. कंपनी टाटा सिएरा के फर्स्ट बैच को तोहफे में देगी और इसमें एसयूवी का टॉप मॉडल शामिल होगा.   कैसी है नई Tata Sierra  भारत में 90 के दशक का ऑटोमोबाइल इतिहास जब लिखा जाएगा, तो Tata Sierra का नाम उसमें सुनहरे अक्षरों में दर्ज रहेगा. यह वही एसयूवी थी जिसने देश को पहली बार 'लाइफस्टाइल व्हीकल' की झलक दिखाई थी. अब तीन दशक बाद, टाटा मोटर्स इस दिग्गज ब्रांड को फिर से जीवंत करने रही है और टाटा सिएरा को बिल्कुल नए अंदाज में पेश करने की तैयारी है.   एक्सटीरियर डिज़ाइन नई Sierra अपने डिज़ाइन में अतीत की झलक और मॉर्डन टेक्नोलॉजी का अद्भुत मिश्रण लेकर आएगी. इसमें स्कल्प्टेड बोनट, शार्प एंगल लाइन्स, और ब्लैक्ड-आउट ग्रिल पर उकेरा गया ‘SIERRA’ नेमप्लेट है. इसके साथ फ्रंट में कनेक्टेड LED लाइट बार, डुअल-टोन अलॉय व्हील्स और पिलर्स पर दिया गया कलर डिटेलिंग, पुराने Sierra के मशहूर 'रैप-अराउंड ग्लास' लुक को आधुनिक अंदाज़ में पेश करती है. कैसा होगा केबिन इंटीरियर की बात करें तो नई Sierra में ट्रिपल-स्क्रीन सेटअप होगा, जिसमें डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, इंफोटेनमेंट यूनिट और को-पैसेंजर डिस्प्ले शामिल है. SUV में Level-2 ADAS, पैनोरमिक सनरूफ, वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, डुअल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल और एडवांस्ड कनेक्टिविटी जैसे फीचर्स मिलेंगे. इंजन ऑप्शन टाटा की मल्टी-पावरट्रेन स्ट्रैटेजी के तहत, Sierra को पहले अलग-अलग इंजन विकल्पों के साथ पेश किया जाएगा. और अगले साल इसके ऑल-इलेक्ट्रिक वेरिएंट के रूप को भी बाजार में उतारा जाएगा. इसमें 1.5-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन और 2.0-लीटर टर्बो डीज़ल इंजन मिलने की उम्मीद है, जो मैनुअल और ऑटोमैटिक दोनों ट्रांसमिशन के साथ आएंगे. क्या होगी कीमत हालांकि लॉन्च से पहले Tata Sierra की कीमत के बारे में कुछ भी कहना थोड़ी जल्दबाजी होगी. लेकिन इसकी कीमतें 13.50 लाख से 24 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) के बीच होने की उम्मीद है. बाजार में इसका मुकाबला Mahindra Thar Roxx और MG Hector जैसी एसयूवी से होगा.

महादेव ऐप घोटाले में UAE ने दी झटका, आरोपी को सौंपने से इनकार कर भारत को निराश किया

दुबई महादेव बेटिंग ऐप से जुड़े 6000 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्य आरोपी रवि उप्पल दुबई से गायब हो गया है। इस घटनाक्रम से भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच मजबूत संबंधों पर पहली बार दरार पड़ने के संकेत मिले हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की लंबित प्रत्यर्पण याचिका के बावजूद उप्पल की रिहाई और उसके गायब होने से भारतीय जांच एजेंसियां हैरान हैं। यूएई ने उसके ठिकाने को लेकर भी भारत को कोई जानकारी नहीं दी है। बताया जा रहा है कि यूएई ने न तो भारत को उसकी रिहाई के बारे में पहले से जानकारी दी और न ही यह बताया कि वह अब किस देश में चला गया है। रवि उप्पल को भारतीय एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा था, क्योंकि वह महादेव ऐप के अवैध सट्टेबाजी सिंडिकेट के प्रमुख संचालकों में से एक हैं। इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) सहित कई एजेंसियां कर रही हैं। जांच में यह भी सामने आया था कि कथित तौर पर 500 करोड़ रुपये से अधिक की रिश्वतें पूर्व छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल से जुड़ी थीं। दिसंबर 2023 में हुई थी गिरफ्तारी  रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर 2023 में इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर दुबई पुलिस ने रवि उप्पल को गिरफ्तार किया था। इसके बाद भारत सरकार ने आधिकारिक राजनयिक चैनलों के माध्यम से यूएई को उनका प्रत्यर्पण अनुरोध भेजा था। परंतु अब यह मामला विवाद में आ गया है। भारत के पास उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार, यूएई को प्रत्यर्पण अनुरोध "समय पर और सत्यापनीय प्रमाणों के साथ" भेजा गया था। हालांकि, यूएई अधिकारियों ने बाद में दावा किया कि उन्हें ऐसा कोई अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ, और उन्होंने उप्पल को रिहा कर दिया। भारत हैरान, यूएई की चुप्पी रहस्यमय भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, यह दावा यूएई की ओर से उपलब्ध दस्तावेजों के विपरीत है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि MEA के दिशा-निर्देशों के अनुसार, किसी आरोपी की गिरफ्तारी के बाद 45 से 60 दिनों के भीतर प्रत्यर्पण अनुरोध भेजा जाना चाहिए और यदि आरोपी को रिहा भी कर दिया गया हो, तो बाद में दोबारा गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण संभव है। इस बीच, प्रवर्तन निदेशालय ने विदेश मंत्रालय (MEA) से अनुरोध किया है कि इस मामले को “सर्वोच्च कूटनीतिक स्तर” पर उठाया जाए ताकि यूएई द्वारा प्रत्यर्पण संधि की शर्तों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। अधिकारियों को यह समझ नहीं आ रहा कि इतने हाई-प्रोफाइल आरोपी को औपचारिक प्रत्यर्पण अनुरोध लंबित रहते हुए और इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस सक्रिय होने के बावजूद हिरासत से कैसे रिहा कर दिया गया। साथी आरोपी भी है हिरासत में महादेव ऐप सिंडिकेट के दूसरे प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को भी इंटरपोल के समान रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर हिरासत में लिया गया है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की एक विशेष अदालत ने दोनों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था, जिसके बाद इंटरपोल नोटिस और प्रत्यर्पण अनुरोध जारी किए गए थे। महादेव ऐप घोटाला महादेव ऑनलाइन बुक ऐप को कथित तौर पर भारत में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी, हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए इस्तेमाल किया जाता था। इसका नेटवर्क भारत के कई राज्यों में फैला हुआ था और करोड़ों रुपये की गैरकानूनी कमाई को विदेशी खातों में ट्रांसफर किया जा रहा था। MEA अब यूएई से औपचारिक स्पष्टीकरण की प्रतीक्षा कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, भारत इस मामले को कूटनीतिक स्तर पर उठाने की तैयारी कर रहा है ताकि यूएई यह स्पष्ट करे कि रवि उप्पल को रिहा क्यों किया गया और वह वर्तमान में कहां हैं।

यह सम्मेलन छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण की जीवंत तस्वीर-राज्यपाल डेका

रायपुर : लखपति दीदी महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण समृद्धि की मिसाल – उपराष्ट्रपति  राधाकृष्णन यह सम्मेलन छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण की जीवंत तस्वीर-राज्यपाल  डेका राजनांदगांव में लखपति दीदी सम्मेलन में शामिल हुए उपराष्ट्रपति राज्यपाल और मुख्यमंत्री रायपुर राजनांदगांव के स्टेट हाई स्कूल मैदान में आयोजित लखपति दीदी सम्मेलन में देश के उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल श्री रमेन डेका, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि शामिल हुए। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने महतारी वंदन योजना और नियद नेल्लानार योजना के तहत 69 लाख 15 हजार 273 हितग्राहियों को कुल 647 करोड़ 28 लाख 36 हजार 500 रुपए की राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति श्री राधाकृष्णन ने कहा कि लखपति दीदी आत्मनिर्भरता और सम्मान का प्रतीक हैं। यह केवल आय का कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास और समाज में उनके बढ़ते प्रभाव का उत्सव है। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव जिला महिला सशक्तिकरण का उदाहरण बन चुका है, जहां महिलाएं आर्थिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर अग्रसर हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए चल रहे प्रयासों की सराहना की और कहा कि छत्तीसगढ़ आज बिजली उत्पादन, स्वास्थ्य, शिक्षा और अधोसंरचना के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि लखपति दीदी आंदोलन दिखाता है कि जब महिलाएं संगठित होती हैं, तो परिवर्तन की गाथाएं स्वयं लिखती हैं। अपने संबोधन में राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि लखपति दीदी सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि यह आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की जीवंत तस्वीर है। यह सम्मेलन इस बात का प्रमाण है कि ग्रामीण महिलाओं की मेहनत, संकल्प और आत्मबल से कैसे समृद्धि का नया अध्याय लिखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज हर जिले में महिलाएं स्वसहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक रूप से सक्षम हो रही हैं। बलरामपुर में महिलाएं बाड़ी विकास और विपणन में, बस्तर में वनोपज से जैविक उत्पाद तैयार करने में, और कोण्डागांव में फूड प्रोसेसिंग, सिलाई-कढ़ाई जैसे कार्यों में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं। राजनांदगांव जिले में ही लगभग 40 हजार लखपति दीदियां बनी हैं, जिनमें से 208 दीदियां सालाना 5 लाख रुपए से अधिक और 26 दीदियां 10 लाख रुपए से अधिक का व्यवसाय कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा केवल आर्थिक उपलब्धि नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हर दीदी की कहानी प्रेरणा है। जब संकल्प और सामूहिक प्रयास जुड़ते हैं, तो आत्मनिर्भरता केवल सपना नहीं रहती, वह हकीकत बन जाती है। राज्यपाल ने पद्मश्री फूलबासन बाई यादव जैसी महिलाओं के कार्यों को आदर्श बताते हुए कहा कि उनके प्रयासों से नारी सशक्तिकरण का मार्ग और सशक्त हुआ है।  राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिला उद्यमिता और स्वरोजगार के लिए देशभर में अनेक योजनाएं चल रही हैं, और छत्तीसगढ़ ने उन्हें ज़मीन पर उतारकर एक “सशक्त भारत, सशक्त छत्तीसगढ़” की मिसाल पेश की है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश में 7 लाख 82 हजार लखपति दीदी बनाने का है, जिनमें से अब तक 4 लाख 93 हजार दीदियां आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना से 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपए की सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि नियद नेल्लानार योजना से बस्तर के दूरस्थ इलाकों में बिजली, पानी और सड़क जैसी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि लखपति दीदी सम्मेलन नारी शक्ति की पहचान और आत्मनिर्भरता की मिसाल है। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव जिले ने विकास की दिशा में नई ऊंचाइयां हासिल की हैं  चाहे वह पीएम आवास निर्माण हो, जल संरक्षण या कुपोषण उन्मूलन का अभियान। उन्होंने महिलाओं को सशक्त बनाने और आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित करने हेतु पद्मश्री फूलबासन बाई यादव के योगदान की भी प्रशंसा की। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, श्रम कल्याण मंडल अध्यक्ष योगेशदत्त मिश्रा, पूर्व सांसद प्रदीप गांधी, सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में महिला स्वसहायता समूह की दीदियां उपस्थित थीं।

छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव-2025 : उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने 37 विभूतियों और 4 संस्थाओं को अलंकरण से किया सम्मानित

रायपुर : छत्तीसगढ रजत महोत्सव-2025 : उप राष्ट्रपति  सीपी राधाकृष्णन ने छत्तीसगढ़ के 34 अलंकरण से 37 विभूतियों एवं 4 संस्थाओं को किया सम्मानित रायपुर उप राष्ट्रपति  सीपी राधाकृष्णन ने नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के राज्य अलंकरण समारोह में छत्तीसगढ़ के 34 अलंकरण से विभिन्न क्षेत्रों से उत्कृष्ट योगदान देने वाले 37 विभूतियों एवं 4 संस्थाओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्यपाल  रमेन डेका ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय अलंकरण समारोह के अति विशिष्ट अतिथि तथा विशिष्टि अतिथि के रूप में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा, मंत्रीगण, सांसद एवं विधायकगण उपस्थित थे। राज्य अलंकरण समारोह में उप राष्ट्रपति  राधाकृष्णन एवं मुख्यमंत्री  साय ने शहीद वीरनारायण सिंह पुरस्कार  हिरेश सिन्हा जिला कांकेर को प्रदान किया। यति यतनलाल सम्मान भारतीय कुष्ठ निवारक संघ, कात्रे नगर सोठी जिला जांजगीर-चांपा, गुण्डाधूर सम्मान सु ज्ञानेश्वरी यादव राजनांदगांव, मिनीमाता सम्मान मती ललेश्वरी साहू दुर्ग, गुरूघासीदास सम्मान संयुक्त रूप से  भुवनदास जांगड़े बेमेतरा एवं  शशि गायकवाड़ बलौदाबाजार-भाटापारा,  ठाकुर प्यारेलाल सिंह पुरस्कार प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति डोमा जिला धमतरी, हबीब तनवीर सम्मान डॉ. कुंज बिहारी शर्मा जिला रायपुर, महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव सम्मान सु चांदनी साहू जिला बिलासपुर को प्रदान किया गया।  इसी प्रकार पंडित रविशंकर शुक्ल सम्मान  राजेश अग्रवाल जिला रायपुर, पंडित सुंदरलाल शर्मा सम्मान डॉ. चिंतरंजन कर जिला रायपुर, चक्रधर सम्मान पंडित कीर्ति माधव लाल व्यास जिला दुर्ग, दाऊ मंदराजी सम्मान  रिखी क्षत्रिय जिला दुर्ग, डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार संयुक्त रूप से  थनेन्द्र कुमार साहू जिला धमतरी एवं  वामन कुमार टिकरिहा जिला बलौदाबाजार, महाराजा अग्रसेन सम्मान  राजेन्द्र अग्रवाल राजू जिला बिलासपुर, चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार प्रिंट मीडिया हिन्दी डॉ. संदीप कुमार तिवारी रायपुर एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया हिन्दी का पुरस्कार संयुक्त रूप से डॉ. सोमेश कुमार पटेल एवं  अभिषेक शुक्ला रायपुर, मधुकर खेर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार प्रिंट मीडिया अंग्रेजी सु भावना पाण्डेय जिला दुर्ग, दानवीर भामाशाह सम्मान  नीरज कुमार बाजपेयी जिला राजनांदगांव, धन्वन्तरि सम्मान डॉ. अजय कृष्ण कुलश्रेष्ठ, मती बिलासादेवी केंवट मत्स्य विकास पुरस्कार  सुखदेव दास जिला रायपुर को प्रदान किया गया। इसी तरह डॉ. भंवरसिंह पोर्ते आदिवासी सेवा सम्मान जंगो रायतार विद्या केतुल शिक्षण संस्था ग्राम दमकसा जिला कांकेर, रामानुज प्रताप सिंहदेव स्मृति श्रम यशस्वी पुरस्कार संयुक्त रूप से  मिथलेश कुमार आदिल एवं अग्रसर टीम जिला दुर्ग तथा एनटीपीसी लिमि. लारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट पुसौर जिला रायगढ़ , पंडित लखनलाल मिश्र सम्मान  योगेश कुमार साहू जिला कांकेर, छत्तीसगढ़ अप्रवासी भारतीय सम्मान  मनीष तिवारी जिला रायपुर, देवदास बंजारे स्मृति पंथी नृत्य पुरस्कार  रोहित कुमार कोसरिया जिला महासमुंद, किशोर साहू सम्मान  सुनील सोनी जिला रायपुर, लक्ष्मण मस्तुरिया सम्मान  राकेश तिवारी जिला रायपुर, लाला जगदलपुरी साहित्य पुरस्कार डॉ. विनोद कुमार वर्मा जिला बिलासपुर, किशोर साहू राष्ट्रीय अलंकरण  अनुराग बसु मुम्बई को प्रदान किया गया।   बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल सम्मान संयुक्त रूप से  खेमचंद जैन राजनांदगांव, डॉ. सुरेश मणि त्रिपाठी, डॉ. भूपेन्द्र करवंदे एवं  भरतलाल सोनी रायपुर को, वीरांगन अवंतिबाई लोधी स्मृति पुरस्कार मती प्रेमशीला बघेल महासमुंद को, माता बहादुर कलारिन सम्मान मती शिल्पा पाण्डेय सृष्टि जिला सरगुजा को, पंडित माधव राव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान  अवधेश कुमार नई दिल्ली तथा संस्कृत भाषा सम्मान डॉ. दादू भाई त्रिपाठी जिला रायपुर को प्रदान किया गया। 

बीजापुर में विकास की नई पहल: माओवाद प्रभावित सात गांवों में पहली बार आयोजित हुआ मेगा हेल्थ कैंप

 बीजापुर में विकास की दस्तकः धुर माओवाद प्रभावित क्षेत्र के सात गांवों में पहली बार लगा मेगा हेल्थ कैंप 989 ग्रामीणों को मिला उपचार का लाभ रायपुर कभी माओवाद की छाया में सिमटे बीजापुर जिले के भैरमगढ़ ब्लॉक के इन्द्रावती नदी पार बसे गांवों में अब विकास की नई सुबह दिखने लगी है। छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति 2025 के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर नजर आने लगे हैं। बड़ी संख्या में माओवादियों के आत्मसमर्पण के बाद अब इन दुर्गम इलाकों में प्रशासन ने पहली बार सात गांवों में एक साथ मेगा हेल्थ कैंप का आयोजन किया, जिसने ग्रामीणों के जीवन में उम्मीद की नई किरण जगा दी। इस अभियान में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम शामिल रही। टीम ने उसपरी, बेलनार, सतवा, कोसलनार, ताड़पोट, उतला और इतामपार गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाए। कुल 989 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। कैंप में सामान्य जांच के 777, रक्तचाप 371, मुख कैंसर 344, ब्रेस्ट कैंसर 112, नेत्र जांच 199, दंत जांच 154, टीकाकरण 14, संपूर्ण टीकाकरण 8, मलेरिया 156, क्षय रोग 7 तथा उल्टी-दस्त के 24 प्रकरणों की जांच की गई। इनमें 54 वरिष्ठ नागरिक भी शामिल रहे।  विशेषज्ञों ने एक बालक को हृदय रोग से ग्रस्त पाया, जिसे ‘चिरायु योजना’ के तहत उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाएगी। कैंप के दौरान बीमार ग्रामीणों का मौके पर ही उपचार कर मुफ्त दवाइयों का वितरण किया गया। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुरूप साहू और डॉ. बी.एस. साहू ने बताया कि अब दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाएं सुलभ हो रही हैं, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है। ग्रामीणों में भी अब भय की जगह विश्वास और आशा का माहौल दिखाई दे रहा है। वे शासन-प्रशासन से जुड़कर शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के प्रति सजग हो रहे हैं। बीजापुर कलेक्टर  संबित मिश्रा ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को बधाई देते हुए कहा “शासन के निर्देशानुसार प्रशासन अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए संकल्पित है। ‘नियद नेल्लानार योजना’ के तहत अंदरुनी क्षेत्रों में विकास कार्यों में तेजी आई है और प्रशासन की टीमें पूरी तत्परता से काम कर रही हैं।”जिससे बीजापुर में अब सकारात्मक बदलाव नजर आ रहे है। बीजापुर में यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को बढ़ाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है, बल्कि यह संदेश भी दे रही है कि अब माओवाद नहीं, मुख्यधारा और विकास ही बीजापुर की नई पहचान बनेगा।