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खाकी वर्दी में छिपा ‘शातिर चोर’! सेना के घरों में ही करता था चोरी, चौंकाने वाली वजह आई सामने

अंबाला  अंबाला में पिछले कुछ दिनों में सेना अधिकारियों के घर में एक-एक कर 4 चोरियां हो गई। जिसको लेकर पुलिस ने चोर को पकड़ने के लिए कार्रवाई शुरू की तो पुलिस ने यूपी मेरठ से राजेश नाम के युवक को गिरफ्तार किया जो राजोरी जम्मू का रहने वाला है और सेना से बर्खास्त है।  पकड़ा गया चोर राजेश सिर्फ सेना अधिकारियों के घर ही चोरी करता था वो भी इसलिए कि उसे सेना से बर्खास्त किया गया था। उसे लगता था कि अधिकारियों की वजह से ही उसे सेना से हटाया गया है। पुलिस की माने तो राजेश का डिसिप्लिन सेना में ठीक नही था इसलिए उसे सेना से हवलदार के पद से बर्खास्त कर दिया गया था। उसके बाद उसने मन में बदले की भावना रख ली और टारगेट कर सेना के अधिकारियों के घर चोरियां शुरू कर दी। राजेश ने कुछ दिनों में अंबाला कैंट के तोपखाना इलाके में सेना अधिकारियों के घर से एक एक कर 4 चोरियां कर डाली। पुलिस ने राजेश के पास से 5 लाख 31 हजार रुपय चोरी का बरामद किया है। पुलिस का कहना है राजेश अभी तक 20 चोरियां कबूल कर चुका है जो इसने अंबाला, जबलपुर, पोंटा साहिब व मेरठ में की है।

चैंपियंस लीग : फिल फोडेन ने दागे 2 गोल, डॉर्टमुंड के खिलाफ मैनचेस्टर सिटी की आसान जीत

नई दिल्ली मैनचेस्टर सिटी ने बोरुसिया डॉर्टमुंड पर 4-1 से शानदार जीत दर्ज की। इसी के साथ टीम ने चैंपियंस लीग स्टैंडिंग में चौथा स्थान हासिल कर लिया है। फिल फोडेन इस मुकाबले के हीरो रहे, जिन्होंने दो गोल दागे। डॉर्टमुंड ने शुरुआती समय में मैनचेस्टर सिटी को रोके रखा, लेकिन 22वें मिनट फिल फोडेन ने बॉक्स के किनारे से एक सटीक लो शॉट लगाकर मैच का रुख बदल दिया। इसके 7 मिनट बाद एर्लिंग हालैंड ने डोकू के क्रॉस पर एक जोरदार शॉट लगाकर सिटी की बढ़त को दोगुना कर दिया। यहां से डॉर्टमुंड मुकाबले में 0-2 से पिछड़ गई थी। शानदार शुरुआत के बावजूद मेहमान टीम सिटी की गति और मूवमेंट को संभालने में नाकाम रही। हाफ टाइम से पहले गोलकीपर ग्रेगोर कोबेल को बार-बार एक्शन में आना पड़ा। फिल फोडेन ने 57वें मिनट में फिर से गोल दागते हुए स्कोर 3-0 कर दिया। मुकाबले के 72वें मिनट डॉर्टमुंड ने जवाब दिया। वाल्डेमर एंटोन ने एक शॉर्ट फ्री किक के बाद वॉली मारकर गोल किया। मैच खत्म होने में 20 मिनट से भी कम समय शेष रह गया था। मुकाबले का स्कोर 3-1 था। इस बीच बुंडेसलीगा टीम ने आगे बढ़कर हमला किया। करीम एडेयेमी दो बार गोल के करीब पहुंचे, लेकिन सब्स्टीट्यूट रेयान चेर्की ने स्टॉपेज टाइम (90+1) में गोल करके नतीजा पक्का कर दिया। मैनचेस्टर सिटी चैंपियंस लीग स्टैंडिंग में अब टॉप-3 टीमों बायर्न म्यूनिख, आर्सेनल और इंटर से सिर्फ 2 प्वाइंट पीछे है। अब डॉर्टमुंड इस महीने के आखिर में विलारियल की मेजबानी करने से पहले अपनी पहली चैंपियंस लीग हार से उबरने की कोशिश करेगा। डॉर्टमुंड के कोच निको कोवाक ने कहा, “हमने देखा है कि सिटी साफतौर पर बेहतर टीम है। हमने अच्छी शुरुआत की, लेकिन काफी मौके नहीं बना पाए और कुल मिलाकर बहुत पैसिव रहे। यह मुकाबला सिटी के खिलाफ था, लेकिन चार गोल खाना फिर भी थोड़ा ज्यादा है, आखिर में गोलों का अंतर भी मायने रख सकता है।”  

पवित्र स्नान बना त्रासदी: कार्तिक पूर्णिमा पर नदी में 9 डूबे, 4 की मौत की पुष्टि

झारखण्ड  कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर बीते बुधवार को धनबाद-बोकारो फोरलेन स्थित तेलमोच्चो पुल के नीचे दामोदर नदी में हुए हादसे में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अब तक स्थानीय गोताखोरों की मदद से 4 युवकों का शव नदी से बाहर निकाला जा चुका, जबकि 2 युवकों की तलाश अब भी जारी है। पानी में बहे 9 युवक घटना के संबंध में अब तक मिली जानकारी के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर 10 युवकों की दो अलग-अलग टोली तेलमच्चो स्थित दामोदर नदी में पुण्य स्नान करने पहुंची थी जिसमें पहली टोली बाघमारा स्थित भीमकनाली के युवकों की थी। बुधवार सुबह करीब 11 बजे भीमकनाली से आए 5 युवक नदी में स्नान के लिए नदी में उतरे और अचानक वे सभी नदी की तेज धारा में बहने लगे। तभी वहां मौजूद स्थानीय ग्रामीणों ने किसी तरह उनमें से तीन युवकों को बचाकर नदी से बाहर निकाला जबकि भीमकनाली के दो युवक सुमित राय (17) और सनी चौहान (21) नदी की तेज धारा में कहीं गायब हो गए। वहीं बीते बुधवार को ही दिन के करीब 12 बजे भूली ए ब्लॉक के 5 युवक विजय यादव, रोहित उर्फ छोटू, रोहन उर्फ गोलू, प्रियांशू और अनीश दो अलग-अलग बाइक पर सवार होकर तेलमोच्चो स्थित दामोदर नदी में स्नान करने पहुंचे थे। इनमें से चार युवक नदी में स्नान करने चले गए। काफी देर बाद तक उनके वापस नहीं लौटने पर उनके साथी ने उन्हें ढूंढना शुरू किया, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चल पाया। 4 शव बरामद, दो अभी भी लापता तब तक लापता हुए भीमकनाली के दो युवकों की तलाश के लिए स्थानीय गोताखोरों द्वारा नदी में सर्च अभियान शुरू किया जा चुका था। इसी बीच गोताखोरों ने एक शव को नदी से बाहर निकाला। निकाले गए शव की पहचान भूली ए ब्लॉक निवासी स्वर्गीय उपेंद्र यादव के पुत्र विजय यादव के रूप में हुई। इसके बाद पता चला कि भूली के चार युवक जो नदी में नहाने उतरे थे, वे भी नदी में डूब चुके हैं। वहीं गुरुवार सुबह तक लापता युवकों का शव नदी से बाहर नही निकाले जाने से आक्रोशित हुए स्थानीय ग्रामीणों और युवकों के परिजनों ने धनबाद-बोकारो मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और जिला प्रशासन ने लोगों को समझा बुझाकर शांत करा सड़क जाम खत्म कराया।

सीएम डॉ. मोहन यादव बोले – अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के विकास और कल्याण के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत

अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के विकास और कल्याण के लिए राज्य सरकार कर रही है निरंतर कार्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय संसदीय समिति के सदस्यों से चर्चा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के सामाजिक-आर्थिक और शैक्षणिक विकास तथा कल्याण के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना हमारा उद्देश्य है। योजनाओं और कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए राज्य शासन विभिन्न सुझावों के प्रति संवेदनशील और नवाचारों के लिए तत्पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री  फग्गन सिंह कुलस्ते की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री निवास पहुंची अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण के लिए गठित केंद्रीय संसदीय समिति के सदस्यों के साथ चर्चा में यह बात कही। केन्द्रीय समिति के अध्यक्ष  कुलस्ते ने बताया कि अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय समिति द्वारा मैदानी स्तर पर समीक्षा की जा रही है। साथ ही कर्मचारियों के सेवा में प्रतिनिधित्व और उनके लिए संचालित कल्याणकारी गतिविधियों की प्रगति का भी आंकलन किया जा रहा है। योजनाओं व कार्यक्रमों के संबंध में समिति ने स्थानीय समुदायों, प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से संवाद किया है। समिति द्वारा तैयार की जा रही यह रिपोर्ट संसद में प्रस्तुत की जाएगी। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय समिति प्रदेश के दो दिवसीय प्रवास पर थीं। समिति में राज्यसभा सांसद  मिथलेश कुमार, मती ममता ठाकुर, मती सुमिता वाल्मिकी,  देवेन्द्र प्रताप सिंह, मती फूलो देवी नेताम,  रवांगारा नार्जरी, लोकसभा सांसद  हरीश मीना,  अरूण कुमार, मती प्रोतिमा मंडल,  जगन्नाथ सरकार,  गोविंद करजोल,  डी. प्रसाद राव और  विष्णु दयाल राम शामिल थे।  

Gen-Z का बगावत मोड ऑन! पाकिस्तान में शहबाज-मुनीर की सत्ता पर उठे सवाल

इस्लामाबाद  नेपाल के बाद अब पाकिस्तान की नई पीढ़ी यानी जेन-जी में भी अपनी सरकार के खिलाफ आक्रोश उफान पर है. पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में कुछ हफ्तों पहले ही हिंसक विरोध-प्रदर्शन हुए थे और एक बार फिर विरोध की आग धधक उठी है. इस बार इसकी अगुवाई कर रही है जेनरेशन Z, यानी छात्र वर्ग, जो शिक्षा सुधारों को लेकर सड़कों पर उतर आया है. शुरुआत में यह विरोध बढ़ती फीस और मूल्यांकन प्रक्रिया के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन के रूप में शुरू हुआ था, लेकिन अब यह शहबाज शरीफ सरकार के खिलाफ एक बड़े आंदोलन में बदल गया है. यह आंदोलन कब्जे वाले क्षेत्र में पाकिस्तान के प्रति युवा पीढ़ी के गहरे असंतोष को दिखाता है. इन विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत इस महीने की शुरुआत में हुई थी और यह शुरू में शांतिपूर्ण रहे. लेकिन स्थिति तब बिगड़ गई जब एक अज्ञात बंदूकधारी ने छात्रों के एक ग्रुप पर गोली चला दी, जिसमें एक छात्र घायल हो गया. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि मुजफ्फराबाद में एक व्यक्ति प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग कर रहा है, जिससे इलाके में अफरातफरी मच गई. हालांकि, वीडियो की पुष्टि नहीं की जा सकी है. रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में हुई. यह घटना आंदोलन का टर्निंग पॉइंट साबित हुई- गुस्साए छात्रों ने टायर जलाए, आगजनी और तोड़फोड़ की, और पाकिस्तान सरकार के खिलाफ नारे लगाए. इन प्रदर्शनों में नेपाल और बांग्लादेश में हुए जेन जी आंदोलनों की झलक देखी जा सकती है. प्रदर्शन की शुरुआत कैसे हुई? यह आंदोलन मुजफ्फराबाद की एक प्रमुख यूनिवर्सिटी में बढ़ती फीस और बेहतर सुविधाओं की मांग को लेकर शुरू हुआ था. जैसे-जैसे आंदोलन ने जोर पकड़ा, प्रशासन ने यूनिवर्सिटी में सभी राजनीतिक गतिविधियों पर रोक लगा दी. ऐसा ही एक विरोध जनवरी 2024 में भी हुआ था, जब छात्रों ने हर तीन–चार महीने में लाखों रुपये फीस के नाम पर वसूले जाने का आरोप लगाया था. उस समय PoK के शिक्षक और प्रशासनिक कर्मचारी भी वेतन वृद्धि की मांग को लेकर आंदोलन में शामिल हुए थे. छात्रों की मांगें क्या हैं? इस बार इंटरमीडिएट स्तर के छात्र भी प्रदर्शन में शामिल हुए हैं. उनकी मुख्य नाराजगी नई ई-मार्किंग या डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को लेकर है, जिसे इस साल शैक्षणिक सत्र से लागू किया गया है. 30 अक्टूबर को इंटरमीडिएट फर्स्ट ईयर के रिजल्ट्स घोषित किए गए, छह महीने की देरी के बाद लेकिन रिजल्ट्स में कई छात्रों को बेहद कम मार्क्स दिए जाने पर नाराजगी भड़क उठी. कुछ छात्रों ने तो यह भी दावा किया कि उन्हें उन विषयों में पास कर दिया गया जिनकी परीक्षा उन्होंने दी ही नहीं थी. सरकार ने इस मामले पर अभी तक कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है, लेकिन मीरपुर शिक्षा बोर्ड ने ई-मार्किंग प्रक्रिया की समीक्षा के लिए एक समिति गठित की है. छात्रों ने रीचेकिंग फीस माफ करने की भी मांग की है, जो फिलहाल 1,500 रुपये प्रति विषय रखी गई है. यानी जिन छात्रों को सभी सात विषयों की कॉपियां दोबारा जांचवानी हैं, उन्हें 10,500 रुपये तक देने होंगे. यह मुद्दा अब लाहौर जैसे पाकिस्तानी शहरों तक पहुंच गया है, जहां इंटरमीडिएट छात्रों ने लाहौर प्रेस क्लब के बाहर धरना दिया. लेकिन अब छात्रों की शिकायतें केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रहीं, जर्जर इंफ्रास्ट्रक्चर, खराब स्वास्थ्य सेवाएं और परिवहन की कमी ने युवा पीढ़ी की नाराजगी को और बढ़ा दिया है. JAAC का समर्थन और बढ़ती ताकत इस आंदोलन को ताकत दी है जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने, जिसने अक्टूबर में हुए हिंसक प्रदर्शनों की अगुवाई की थी. अक्टूबर में फैले विरोध प्रदर्शनों में 12 से अधिक नागरिक मारे गए थे. ये प्रदर्शन 30 मांगों वाले चार्टर को लेकर शुरू हुए थे जिनमें टैक्स राहत, आटे और बिजली पर सब्सिडी और अधूरे विकास कार्यों को पूरा करने की मांग शामिल थी. लेकिन जब पाकिस्तानी सरकार ने आंदोलन को कुचलने के लिए गोलीबारी का सहारा लिया, तो यह गुस्सा सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़े आंदोलन में बदल गया. आंदोलन के चलते पूरा पीओके ठप हो गया. आखिरकार शहबाज शरीफ सरकार को झुकना पड़ा और सरकार ने प्रदर्शनकारियों की कई प्रमुख मांगें मान लीं. नेपाल से लेकर श्रीलंका तक, Gen-Z सड़कों पर PoK का यह नया आंदोलन अलग है, इसे अब राजनीतिक कार्यकर्ताओं नहीं, बल्कि जेनरेशन Z ने संभाला है. यह समय भी अहम है, क्योंकि पड़ोसी नेपाल में हाल ही में हुए जेन जी आंदोलन ने केपी शर्मा ओली सरकार को गिरा दिया था. वहां भी सोशल मीडिया बैन के खिलाफ शुरू हुआ विरोध जल्द ही भ्रष्टाचार-विरोधी जनआंदोलन में बदल गया था. नेपाल में गुस्सा इतना था कि लगभग सभी मंत्रियों के घरों को आग के हवाले कर दिया गया और संसद भवन तक जला दी गई. 2024 में बांग्लादेश में भी ऐसा ही युवा आंदोलन देखने को मिला, जिससे शेख हसीना सरकार गिर गई. 2022 में श्रीलंका में भी घरेलू संकटों पर जनता का गुस्सा भ्रष्टाचार विरोधी विद्रोह में बदल गया था. 

हेमंत सरकार एक्शन में: ‘मोंथा’ तूफान से प्रभावित किसानों की मदद को प्रशासन जुटा रहा नुकसान का आंकड़ा

रांची झारखंड में मोंथा तूफान की वजह से बड़ा नुकसान हुआ है। किसानों की सारी मेहनत पर बारिश का पानी फिर गया। वहीं, सरकार ने मोंथा चक्रवात की तबाही के बाद फसलों को हुए नुकसान का पूरा ब्यौरा जुटाने की तैयारी शुरू कर दी है। कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग ने सभी जिलों के उपायुक्तों को इस संबंध में आदेश जारी किया है। निर्देश में कहा गया है कि जिले के अधिकारी गांव-गांव जाकर खेतों की स्थिति का वास्तविक आकलन करें। कितनी फसलें बर्बाद हुईं और किसानों को कितना आर्थिक नुकसान हुआ इसका पूरा ब्यौरा तैयार कर तुरंत गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग को भेजा जाए। इसकी एक प्रति कृषि विभाग को भी भेजने के निर्देश हैं। विभाग ने बताया कि मोंथा चक्रवात से हुई भारी बारिश के कारण किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। इसलिए रिपोर्ट पूरी तरह तथ्यों पर आधारित और समय पर होनी चाहिए। इसके साथ ही कृषि निदेशक और जिला कृषि पदाधिकारियों को भी रिपोर्ट तैयार करने में जिला प्रशासन की मदद करने का निर्देश दिय गया है।  

भारतीय गेंदबाजों का कमाल: ऑस्ट्रेलिया ताश के पत्तों की तरह बिखरी, सुंदर-शिवम-अक्षर छाए

कैरारा भारत ने ऑस्ट्रेलिया को चौथे टी20 मैच में 48 रन से हराकर 2-1 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। अब दोनों टीमों का सामना आखिरी मुकाबले में आठ नवंबर को होगा, जिसमें जीत हासिल कर भारत 3-1 से अपने नाम करना चाहेगा। बता दें कि, कैरारा में खेले गए चौथे मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में आठ विकेट पर 167 रन बनाए। जवाब में ऑस्ट्रेलिया की टीम 18.2 ओवर में ही 119 रन के स्कोर पर ऑलआउट हो गई। भारत के लिए वाशिंगटन सुंदर ने तीन और अक्षर पटेल व शिवम दुबे को दो-दो सफलताएं मिलीं। वहीं, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह और वरुण चक्रवर्ती ने एक-एक विकेट अपने नाम किया। घर में ऑस्ट्रेलिया की शर्मनाक हार पांच मैचों की सीरीज के चौथे मुकाबले में मेजबान ऑस्ट्रेलिया अपने घर में टी20 अंतरराष्ट्रीय के दूसरे सबसे छोटे स्कोर पर ऑलआउट हो गई। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया 2022 में सिडनी में न्यूजीलैंड के खिलाफ 111 के स्कोर पर ऑलआउट हो गई थी। वहीं, भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्हीं की सरजमीं पर दूसरा सबसे बड़ा लक्ष्य सफलतापूर्व डिफेंड किया। इससे पहले 2020 में भारत ने 162 रनों का लक्ष्य डिफेंड किया था। ऑस्ट्रेलिया की पारी 168 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं पाई और 18.2 ओवर में सिर्फ 119 रन पर सिमट गई। टीम की ओर से कप्तान मिचेल मार्श (30) ही 30 रन का आंकड़ा छू सके, जबकि मैथ्यू शॉर्ट (25) ने शुरुआत में कुछ आक्रामक शॉट लगाए। अक्षर पटेल ने शॉर्ट को एलबीडब्ल्यू आउट कर भारत को पहली सफलता दिलाई, फिर जोश इंग्लिस (12) को बोल्ड किया। इसके बाद शिवम दुबे ने मिचेल मार्श और टिम डेविड (14) को आउट कर ऑस्ट्रेलिया को बैकफुट पर धकेल दिया। ग्लेन मैक्सवेल (2) और जोश फिलिप (10) जल्दी लौट गए। आखिर में वाशिंगटन सुंदर ने कहर बरपाया। उन्होंने लगातार गेंदों पर मार्कस स्टोइनिस (17) और जेवियर बार्टलेट (0) को आउट करने के बाद अगली ओवर में एडम जंपा (0) को भी चलता किया। सुंदर ने मात्र तीन रन देकर तीन विकेट झटके, जबकि अक्षर पटेल ने 20 रन पर दो विकेट और शिवम दुबे ने भी 20 रन पर दो विकेट लिए। अर्शदीप सिंह और जसप्रीत बुमराह को भी एक-एक सफलता मिली। भारत की पारी भारत की ओर से गिल के अलावा कोई और नहीं चला। उन्होंने सबसे ज्यादा 46 रन की पारी खेली।  अभिषेक शर्मा 21 गेंद में तीन चौके और एक छक्के की मदद से 28 रन बनाकर आउट हुए। वहीं, शुभमन गिल ने 39 गेंद पर चार चौके और एक छक्के की मदद से 46 रन की पारी खेली। वहीं, शिवम दुबे 18 गेंद में 22 रन बनाकर आउट हुए। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 10 गेंद में दो छक्के की मदद से 20 रन की पारी खेली। तिलक वर्मा पांच रन और जितेश शर्मा तीन रन बनाकर आउट हुए। वॉशिंगटन सुंदर भी 12 रन ही बना सके। अर्शदीप खाता खोले बिना पवेलियन लौटे। आखिर में अक्षर पटेल ने जरूर कुछ आक्रामक शॉट्स खेले। वह 11 गेंद में 21 रन बनाकर नाबाद रहे। ऑस्ट्रेलिया के लिए नाथन एलिस और जैम्पा ने तीन-तीन विकेट लिए। इसके अलावा जेवियर बार्टलेट और स्टोइनिस को एक-एक विकेट मिला।  

सरकारी कर्मचारियों की खुशखबरी: नई वेतन संरचना से 3 गुना तक बढ़ सकता है पे-स्केल!

नई दिल्ली  केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए खुशखबरी आई है। लंबे इंतज़ार के बाद आखिरकार आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) का गठन औपचारिक रूप से कर दिया गया है। यह आयोग सरकारी कर्मचारियों के वेतन, पेंशन, भत्ते और अन्य वित्तीय लाभों की समीक्षा करेगा और ज़रूरी सुधारों की सिफारिश केंद्र को सौंपेगा। इस फैसले से करीब 1 करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेंशनर्स को सीधा फायदा पहुंचने की संभावना है। आयोग का काम क्या होगा? सरकार ने आयोग के साथ उसका टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) भी जारी किया है। इसके तहत आयोग को कई अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं — मौजूदा वेतन ढांचे, सेवा शर्तों और रिटायरमेंट लाभों की गहन समीक्षा करना। देश की आर्थिक स्थिति, मुद्रास्फीति (महंगाई) और विकास दर को ध्यान में रखते हुए वेतन और पेंशन में संशोधन के सुझाव देना। सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ और कर्मचारियों की आय — दोनों के बीच संतुलन बनाए रखना। हर 10 साल में सरकार नया वेतन आयोग गठित करती है ताकि कर्मचारियों की आय को महंगाई और आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप समायोजित किया जा सके। कब लागू होंगे नए वेतन नियम? पिछला, यानी सातवां वेतन आयोग, 1 जनवरी 2016 से प्रभावी हुआ था। उसी क्रम में माना जा रहा है कि आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू हो सकती हैं। सरकार ने आयोग को 18 महीने का समय दिया है ताकि वह सभी मंत्रालयों, विभागों और कर्मचारी संगठनों से विचार-विमर्श कर रिपोर्ट सौंप सके। अगर रिपोर्ट में देरी होती है, तो कर्मचारियों को एरियर (arrears) के रूप में बढ़ा हुआ वेतन मिल सकता है। कितना बढ़ेगा वेतन और पेंशन? कर्मचारियों के लिए सबसे अहम रहेगा फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) — यानी पुराने वेतन से नए वेतन में कितनी गुना बढ़ोतरी होगी। सातवें वेतन आयोग में यह 2.57 था। जानकारों का अनुमान है कि इस बार यह 2.8 से 3.0 के बीच रह सकता है। अगर ऐसा होता है तो कर्मचारियों के बेसिक पे (Basic Pay) में उल्लेखनीय इज़ाफा देखा जा सकता है। इसके साथ ही, महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और अन्य Allowances में भी बदलाव संभव है, जिससे पेंशनर्स को भी सीधा लाभ मिलेगा।    क्यों अहम है यह फैसला? सरकार का उद्देश्य है कि वेतन वृद्धि आर्थिक रूप से टिकाऊ (Fiscally Sustainable) हो — यानी न तो सरकारी बजट पर असंतुलित दबाव पड़े और न ही कर्मचारियों की वास्तविक आय घटे। 8वां वेतन आयोग इसलिए खास है क्योंकि यह एक ऐसे दौर में आ रहा है जब महंगाई दर बढ़ रही है, और सरकारी कर्मचारियों के लिए यह राहत भरी खबर साबित हो सकती है।  

पर्यावरण नियमों की अनदेखी भारी पड़ी, NGT ने लगाया 50 हजार का फाइन

लुधियाना  कारकस प्लांट चालू करने में हो रही देरी को लेकर एन.जी.टी. ने सरकार पर 50 हजार का जुर्माना ठोका है। यहां बताना उचित होगा कि सतलुज दरिया के किनारे स्थित ह़ड्डारोड़ी की वजह से हो रहे प्रदूषण से संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एन.जी.टी) द्वारा मृत जानवरों के निपटारे के लिए कारकस प्लांट के निर्देश दिए गए थे जिसके आधार पर नगर निगम द्वारा स्मार्ट  सिटी मिशन के फंड में से नूरपुर बेट में कारकस प्लांट लगाने का फैसला किया गया लेकिन गांव के लोगों द्वारा कोर्ट में केस रद्द होने के बावजूद प्रोजैक्ट का उद्घाटन नहीं होने दिया और पक्के तौर पर धरना जिसके विरोध में सांसद बिट्टू द्वारा प्लांट को ताला लगा दिया गया जिसके बाद से प्लांट चालू करने की प्रक्रिया अधर में लटकी हुई है। जहां तक एन.जी.टी. में चल रहे केस की सुनवाई का सवाल है, पहले दो मंत्रियों की कमेटी बनाने और नई साइट की तलाश करने की रिपोर्ट दी गई जिसके बावजूद कारकस प्लांट चाल करने में हो रही देरी को लेकर एन.जी.टी. ने सरकार पर 50 हजार का जुर्माना ठोका है। इसके साथ ही केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय, प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड से रिपोर्ट मांगी गई है।   

जनजातीय गौरव वर्ष के तहत विभिन्न गतिविधियों का हो रहा आयोजन

माडा क्षेत्र की ग्राम सभाओं में भगवान बिरसा मुंडा को दी गई पुष्पांजलि भगवान बिरसा मुंडा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को आत्मसात करने की ली शपथ जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रदेशभर में भगवान बिरसा मुंडा जयंती के उपलक्ष्य में जनजातीय गौरव वर्ष के तहत विभिन्न कार्यक्रमों एवं गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशानुसार गुरुवार को बस्सी पंचायत समिति में खिलौना बनाने की कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार एवं नवाचार से जोड़ना था। कार्यशाला में प्रशिक्षकों ने बड़ी तादाद प्रतिभागियों को खिलौने बनाने की बारीकियों से रूबरू करवाया। वहीं, कार्यक्रम के तहत माडा क्षेत्र की ग्राम पंचायतों की ग्राम सभा में विशेष संगोष्ठियों का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी तादाद में प्रतिभागियों ने भगवान बिरसा मुंडा को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए भगवान बिरसा मुंडा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को आत्मसात करने की शपथ ली। मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतिभा वर्मा ने बताया कि 1 से 15 नवम्बर 2025 तक भगवान बिरसा मुंडा जयंती के उपलक्ष्य में जनजातीय गौरव वर्ष के तहत विविध कार्यक्रमों की श्रृंखला प्रारम्भ हुई है। राज्य सरकार द्वारा यह आयोजन भगवान बिरसा मुंडा के आदर्शों, संघर्ष और योगदान को जन-जन तक पहुँचाने के साथ-साथ समाज के वंचित वर्गों को योजनाओं का लाभ पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आगामी कार्यक्रमों के तहत 7 नवम्बर को कृषकों की संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा जिसमें कृषि विभाग के अधिकारी विभागीय गतिविधियों योजनाओं एवं भगवान बिरसा मुण्डा की जीवनी पर प्रकाश डालेंगे। वहीं, 8 नवंबर को वन विभाग के माध्यम से वनोपज, वनधन, एफआरए एवं लसोड़ा के विषय में जानकारी प्रदान करने के लिए जागरुकता कार्यक्रमों का आयोजन होगा साथ ही, राजीविका द्वारा संबंधित ब्लॉक में स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जाएगा। 9 नवंबर को टीएडी के आवासीय विद्यालयों एवं आश्रम छात्रावासों में भगवान बिरसा मुंडा पर आधारित भाषण, निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इसप्रकार 15 नवम्बर तक जनजातीय गौरव वर्ष के अंतर्गत विभिन्न जन जागरण, सांस्कृतिक एवं विकासपरक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती प्रतिभा वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार विकास को जनसहभागिता का अभियान बना रही है। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर आरम्भ हुई यह श्रृंखला समाज के आदिवासी गौरव, स्वाभिमान और संस्कृति को सम्मान देने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल है।