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काल भैरव की आराधना से पहले जान लें — इन लोगों को पूजा से रहना चाहिए दूर

सनातन धर्म में भगवान कालभैरव का स्वरूप अत्यंत शक्तिशाली, रौद्र और न्यायप्रिय माना जाता है.उनकी पूजा से भय, नकारात्मकता और संकटों का नाश होता है और जीवन में साहस, सुरक्षा और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है. पंचांग के अनुसार, इस साल कालभैरव जयंती 12 नवंबर 2025, बुधवार को मनाई जाएगी. हालांकि, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हर व्यक्ति इस पूजा के योग्य नहीं होता.कुछ लोगों के लिए उनकी पूजा करना अनुकूल नहीं माना जाता, क्योंकि इसे बिना श्रद्धा, संयम और शुद्ध हृदय के करने पर नकारात्मक परिणाम भी हो सकते हैं. इस लेख में हम जानेंगे किन परिस्थितियों में कालभैरव की आराधना से बचना चाहिए. शारीरिक और मानसिक शुद्धि का महत्व काल भैरव की पूजा में शुद्धता अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है.शास्त्रों के अनुसार, जो व्यक्ति स्नान किए बिना, अशुद्ध वस्त्र पहनकर या अशुद्ध मनोभाव के साथ पूजा करता है, उसे पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता.पूजा से पूर्व शरीर, मन और विचारों की शुद्धि आवश्यक है. स्नान करना, साफ और शांत वातावरण तैयार करना, पूजा स्थल को स्वच्छ रखना और मन को एकाग्र करना, यह सभी तैयारी भगवान के प्रति श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक है. शुद्ध हृदय और शुद्ध मानसिकता के साथ ही भक्त कालभैरव की कृपा और सुरक्षा प्राप्त कर सकता है. मानसिक संतुलन और भावनात्मक तैयारी काल भैरव देव न्याय, अनुशासन और भय निवारण के प्रतीक हैं. इसलिए पूजा के समय भक्त का मानसिक संतुलन अत्यंत आवश्यक है.जो व्यक्ति अत्यधिक क्रोध, द्वेष, अहंकार या लोभ में रहता है, उसे पूजा से परहेज करना चाहिए.नकारात्मक भावनाओं या अशांत मनस्थिति में की गई आराधना उल्टा प्रभाव डाल सकती है. पूजा से पूर्व मन को शांत करना, भय और द्वेष को त्यागना, भावनाओं को नियंत्रित करना और केवल श्रद्धा और भक्ति से पूर्ण भाव रखना आवश्यक है. यही मानसिक तैयारी भगवान कालभैरव की कृपा और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा सुनिश्चित करती है. सत्य और ईमानदारी का पालन काल भैरव देव कर्तव्य और न्याय के देवता हैं.उनकी उपासना में सत्य, ईमानदारी और निष्ठा का होना अनिवार्य है.जो व्यक्ति झूठ बोलता है, दूसरों को धोखा देता है या छल करता है, उसे पहले आत्मनिरीक्षण करना चाहिए.केवल वही भक्त उनकी कृपा प्राप्त कर सकता है, जो अपने कर्मों और विचारों में सत्य और संयम का पालन करता है. पूजा के समय पूर्ण निष्ठा, सच्चाई और भक्ति के साथ उपस्थित होना आवश्यक है. यह न केवल पूजा को सफल बनाता है, बल्कि जीवन में भी धर्म, साहस और न्याय की स्थापना करता है.

दिल्ली धमाका: पहली बार सामने आया वीडियो, गाड़ियों के बीच ब्लास्ट का खौफनाक दृश्य

नई दिल्ली दिल्ली कार ब्लास्ट का नया वीडियो सामने आया है.यह वीडियो उस वक्त का है जब ब्लास्ट हुआ था. वीडियो में एक आई 20 कार नजर आ रही है जो पार्किंग से निकलते ही ब्लास्ट हो जाती है. पुलिस जांच कर रही है और नए सीसीटीवी फुटेज सामने आ रहे हैं. माना जा रहा है कि यह पैनिक में किया गया अटैक था और टारगेट कुछ और था. ब्लास्ट का असर पूरे इलाके में देखा गया. लाल किले के पास सोमवार शाम हुए कार धमाके का वीडियो पहली बार सामने आया है। सीसीटीवी वीडियो में वह मंजर कैद हुआ है जब विस्फोटक लदे कार में जोरदार धमाके ने 12 लोगों की जिंदगी छीन ली और बहुतों को बुरी तरह जख्मी कर दिया। सीसीटीवी फुटेज पर 10 नवंबर 2025 की तारीख है तो समय 18:50:52 सेकेंड दिखता है। अंधेरा हो चुका है और चौराहे पर काफी ट्रैफिक है। बाइक, कार और ऑटो की कतारें हैं। ट्रैफिक सिग्नल भी ग्रीन हो चुका होता है और गाड़ियां धीमे-धीमे आगे बढ़ रही हैं तभी अचानक वहां एक आग का गोला उठता है और फिर अंधेरा छा जाता है। सोमवार शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास ट्रैफिक सिग्नल पर धीमी गति से चल रही कार में धमाका हुआ था। इस धमाके में 12 लोगों की मौत हो गई जबकि 20 अन्य घायल हो गए। धमाके की चपेट में आने कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। इससे पहले कुछ वीडियो सामने आए थे जिसमें लोग धमाके के बाद इधर, उधर भागते हुए दिखे थे। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि विस्फोटक से लदी कार को जानबूझकर व्यस्त चौराहे पर लाया गया था। जांच में ये भी पता चला है कि ये विस्फोट हड़बड़ी में हुआ। मुख्य आरोपी के रूप में डॉक्टर उमर नबी का नाम सामने आया है, जो जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले का रहने वाला एक डॉक्टर है और संदेह है कि वह ही कार चला रहा था जब धमाका हुआ। उसके परिवार के सदस्यों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है, जबकि फरीदाबाद में छापेमारी से बरामद अमोनियम नाइट्रेट जैसे विस्फोटक पदार्थों से इस घटना का लिंक जोड़ा जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क को उजागर करने के लिए कश्मीर से दिल्ली-एनसीआर तक सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। पुलिस की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है, जिसमें राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को केस सौंप दिया गया है, और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब संदिग्धों की तलाश में लगी हुई है।इस तरह की घटना ने राजधानी में आतंकवाद की पुरानी यादों को ताजा कर दिया है, जहां पहले भी इसी तरह के हमलों ने आम जनजीवन को प्रभावित किया था।

स्लीपर सेल हुई सक्रिय, अयोध्या-काशी और राम मंदिर पर था आतंकी हमला तय

लखनऊ अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक अयोध्या का राम मंदिर और वाराणसी आतंकियों के निशाने पर था, जिसके लिए उन्होंने मॉड्यूल तैयार कर रखा था. अयोध्या में भी आतंकी विस्फोट करना चाहते थे. इसके लिए गिरफ्तार हो चुकी शाहीन ने अयोध्या के स्लीपर मॉड्यूल को एक्टिवेट कर रखा था. अयोध्या में ये सारे घटनाक्रम को अंजाम तक पंहुचाते उससे पहले ही इन आतंकियों की गिरफ्तारी और विस्फोटक बरामद हो गए. सूत्र बताते हैं की दरअसल, लाल किला में ब्लास्ट करने की योजना नहीं थी. ऐसा अभी तक जांच में लग रहा है. क्योंकि विस्फोटक में टाइमर या किसी दूसरी चीज़ो का इस्तेमाल नहीं किया गया. हड़बड़ी और जल्दबाज़ी में ब्लास्ट हो गया. अस्पताल और भीड़भाड़ वाली जगहें निशाने पर थीं आतंकियों से पूछताछ में पता चला है की ये मॉड्यूल अस्पतालो को टारगेट करना चाहता था ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को नुकसान हो. इन आतंकियों के हिट लिस्ट में अस्पताल और भीड़ भाड़ वाली जगह थी. लगातार छापेमारी के बाद भारी मात्रा में विस्फोटक व हथियार बरामद करने के बाद सुरक्षा एजेंसीज के सामने इस वक़्त सबसे बड़ी चुनौती है बचे हुए 300 किलोग्राम के अमोनियम नाइट्रेट को बरामद करना. जिसका अभी तक पता नहीं चल पाया है. सूत्रों की माने तो 2900 किलोग्राम विस्फोटक अबतक एजेंसी बरामद कर चुकी है. 300KG अमोनियम नाइट्रेट की खोज जारी अलग-अलग जरियों से आया 300 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट अभी भी आतंकियों ने कहीं छिपा रखा है, जिसके लिए देश के कई हिस्सों में छापेमारी चल रही है. जांच और सुरक्षा एजेंसियां लगातार छापेमारी कर पूरे मॉड्यूल का खुलासा करने की कोशिश कर रही है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार आतंकियों तक ये विस्फोटक बांग्लादेश के रास्ते नेपाल और फिर हिन्दुस्ततान आया था. किसी फर्टीलाइजर से उक्त अमोनियम नाइट्रेट को चोरी से हासिल किया गया है. आतंकियों द्वारा कुल 3200 किलोग्राम की खेप आई है.  

इलाज के दौरान कॉलेज छात्रा की मौत, बिलासपुर रेल दुर्घटना में अब तक 12 की जान गई

बिलासपुर बिलासपुर रेल हादसे में घायल हुई डीपी विप्र कॉलेज की छात्रा महविश परवीन की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. उसका अपोलो अस्पताल में इलाज चल रहा था. वह बिलासपुर के डीपी विप्र कॉलेज में बीएससी गणित की नियमित छात्रा थी. अब रेल हादसे में मौत की संख्या बढ़कर 12 हो चुकी है. जानकारी के मुताबिक, महविश अपने चचेरे भाई की शादी के लिए अपने घर जांजगीर गई हुई थी. 4 नवंबर को छात्रा कोरबा-बिलासपुर मेमू से बिलासपुर आ रही थी. मेमू ट्रेन लालखदान के बाद मालगाड़ी से टकरा गई. वह ट्रेन के महिला कोच में सवार थी. भीषण हादसे में उसके दोनों पैर लोहे के एंगल के नीचे दब गए थे. उसके पैर पर मल्टीपल फ्रैक्चर थे. झटका लगने से कॉलर बोन और पसली के चार हड्डियां भी फ्रैक्चर हुई थीं. हादसे के बाद तुरंत बाद उसे सिम्स अस्पताल लाया गया था, जहां से डॉक्टरों ने अपोलो रेफर कर दिया था. एक सप्ताह से डॉक्टर लगातार महविश का इलाज कर रहे थे.

दिल्लीवासियों के लिए राहत: ट्रैफिक चालान माफी, सरकार की नई एमनेस्टी स्कीम से जुर्माने होंगे माफ

नई दिल्ली  राजधानी दिल्ली के वाहन मालिकों के लिए बड़ी राहत की खबर है. दिल्ली सरकार बीते दस वर्षों में जारी हुए लंबित चालानों को माफ करने की एमनेस्टी स्कीम (Amnesty Scheme) लाने की तैयारी में है. परिवहन विभाग ने इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए राज्य कैबिनेट को भेज दिया है. कैबिनेट बैठक में होगा फैसला आधिकारिक सूत्रों के अनुसार बुधवार को सीएम रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी. यदि कैबिनेट से हरी झंडी मिल जाती है, तो वाहनों के करीब 2.46 करोड़ चालान माफ हो जाएंगे. हालांकि यह राहत केवल गैर-गंभीर (non-serious) चालानों पर ही लागू होगी, जो कुल लंबित चालानों का लगभग 60 से 70 प्रतिशत हिस्सा हैं. किन चालानों को मिलेगी छूट जानकारी के मुताबिक सरकार ने इस योजना में सिर्फ कंपाउंडेबल चालानों को शामिल किया है, यानी वे चालान जिनका निपटारा कोर्ट के बाहर किया जा सकता है. वहीं, ड्रंकन ड्राइविंग, अनअथराइज्ड ड्राइविंग, बिना लाइसेंस वाहन चलाना, रैश ड्राइविंग और अन्य गंभीर उल्लंघनों को इसमें शामिल नहीं किया गया है. सरकार दे रही अंतिम मौका यह योजना 2015 से लेकर अक्टूबर 2025 तक के सभी गैर-गंभीर चालानों पर लागू होगी. सरकार चाहती है कि वाहन मालिक लंबित चालानों का निपटारा इस अंतिम मौके के तहत कर लें. योजना समाप्त होने के बाद अगर चालान लंबित पाए गए, तो भविष्य में किसी तरह की छूट नहीं दी जाएगी. लगातार चालान न भरने वालों के वाहन पंजीकरण (registration) तक रद्द किए जा सकते हैं. दिल्ली में लंबित चालानों का यह है ब्योरा दिल्ली परिवहन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल राजधानी में कुल 2,46,76,302 चालान लंबित हैं. इनमें सबसे ज्यादा 1.84 करोड़ चालान वर्चुअल कोर्ट (नोटिस ब्रांच) में हैं. इसके अलावा 58.68 लाख ऑन द स्पॉट,1.66 लाख डिजिटल कोर्ट, 43,633 इवनिंग कोर्ट और करीब एक लाख रेगुलर कोर्ट में लंबित हैं.  सबसे अधिक बिना हेलमेट चालान आंकड़ों के मुताबिक बिना लाइसेंस के 2 लाख से अधिक, बिना पीयूसी (PUC) के 3.73 लाख से अधिक और बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने के 2.59 लाख से अधिक चालान अभी भी लंबित हैं. क्या है एमनेस्टी स्कीम? एमनेस्टी योजना एक सरकारी पहल है जिसका उद्देश्य बकाया करों पर जुर्माना और ब्याज कम करके करदाताओं को राहत प्रदान करना है. इसका उद्देश्य करदाताओं को न्यूनतम जुर्माने के साथ अपना बकाया चुकाने का अवसर प्रदान करके कर नियमों के पालन करने को प्रोत्साहित करना है. 

IPS गौरव राजपूत का बुलंद संकल्प: ड्रग माफिया की कमर तोड़ने तक नहीं रुकेंगे

सतना जिले में  पुलिस अधिकारियों की एक उच्च-स्तरीय बैठक में रीवा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) गौरव राजपूत ने नशा माफिया के खिलाफ 'आर-पार की लड़ाई' का ऐलान कर दिया है। उन्होंने अपने अधीनस्थ अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश देते हुए कहा कि विंध्य क्षेत्र में 'कोरेक्स' (नशीली कफ सिरप) की बिक्री किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आईजी ने मीडिया से बात करते हुए साफ कहा कि वे ड्रग माफिया की 'कमर तोड़ने' तक नहीं रुकेंगे। 'ऑपरेशन प्रहार 2.0' की समीक्षा बैठक में आईजी गौरव राजपूत ने जिले भर के सभी थाना प्रभारियों से उनके क्षेत्रों में 'ऑपरेशन प्रहार 2.0' के तहत की गई कार्रवाइयों का हिसाब लिया। उन्होंने नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने पर जोर दिया और सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने इलाके में हर तरह के नशे की बिक्री और तस्करी पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसपी ने दिया कार्रवाई का ब्यौरा इस दौरान, सतना पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने आईजी को जिले में की गई अब तक की कार्रवाइयों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि 'ऑपरेशन प्रहार 2.0' के तहत नशे के धंधे में लिप्त कई छोटे-बड़े सप्लायर्स पर कार्रवाई की गई है। एसपी ने आईजी को आश्वस्त करते हुए जिले से नशे के इस नेटवर्क को जड़ से खत्म करने का संकल्प दोहराया। कौन हैं गौरव राजपूत गौरव सिंह राजपूत 2004 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और विदिशा जिले के निवासी हैं। मात्र 41 वर्ष की आयु में वे प्रदेश के दूसरे सबसे कम उम्र के आईजी बने हैं। उन्होंने 24 साल की उम्र में आईपीएस की सेवा में प्रवेश किया था। आईपीएस बनने के बाद, गौरव सिंह राजपूत ने अनूपपुर, मंडला, देवास, मुरैना और कटनी जैसे जिलों में पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्य किया है। इन दौरान उन्होंने एक सख्त अधिकारी के रूप में अपनी पहचान बनाई। पुलिस अधीक्षक के पद से पदोन्नति के बाद, वे इंदौर में महिला अपराध के डीआईजी बने। इसके बाद उन्होंने रतलाम में डीआईजी का कार्यभार संभाला और फिर सीआईडी में अपनी सेवाएं दीं। इसके बाद उन्हें गृह विभाग के सचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हाल ही में वे भोपाल में डीआईजी सेनानी 25वीं वाहिनी विसबल के पद पर कार्यरत थे। अब उन्हें रीवा रेंज का आईजी नियुक्त किया गया है। माफियाओं को नही होने देंगे सक्सेसफुल आईजी गौरव राजपूत ने नशे को लेकर सख्त लहजे में कहा कि हमारा सिर्फ एक ही उद्देश्य है कि जीरो टॉलरेंस। हम इस पूरे क्षेत्र से कोरेक्स को समाप्त करके ही दम लेंगे। विंध्य की पावन धरा में कोई भी कोरेक्स नही बिकने देंगे। माफियाओं को भी सक्सेसफुल नही होने देंगे। बिल्कुल कमर तोड़कर रख देंगे। कोलगवां थाने का किया निरीक्षण इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवेश सिंह बघेल, प्रेमलाल कुर्वे, सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह सहित सभी राजपत्रित अधिकारी और थाना प्रभारी मौजूद रहे। क्राइम मीटिंग समाप्त होने के बाद, आईजी गौरव राजपूत ने कोलगवां थाने का औचक निरीक्षण भी किया। उन्होंने वहां के रिकॉर्ड्स, रजिस्टरों का जायजा लिया और थाने की कार्यप्रणाली की समीक्षा की।  

छत्तीसगढ़िया स्वाद और संस्कृति की गूंज से भर गया एकता नगर, पर्यटन मंडल के स्टॉल का CM साय ने लिया जायजा

रायपुर   गुजरात के केवड़िया स्थित एकता नगर में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित भारत पर्व में छत्तीसगढ़ की झलक हर आगंतुक के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भारत पर्व का अवलोकन किया तथा छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण किया। उन्होंने पर्यटन मंडल के अधिकारियों से राज्य के प्रमुख पर्यटक स्थलों और योजनाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, परंपराएं और लोककला पूरे भारत में अपनी अनोखी पहचान रखती हैं। छत्तीसगढ़ अब तेजी से भारत के उभरते हुए पर्यटन केंद्र के रूप में पहचान बना रहा है।” छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजन खींच रहे हैं आगंतुकों का ध्यान, CM ने भी लिया व्यंजनों का स्वाद कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्टूडियो किचन में पर्यटन मंडल छत्तीसगढ़ द्वारा संचालित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, रायपुर की छात्राओं द्वारा तैयार पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया। अमारी का शरबत, करील के कबाब, चौसेला रोटी, बफौरी और फरा जैसे व्यंजनों ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध पाक-कला और संस्कृति की झलक पेश की। मुख्यमंत्री  साय ने आईएचएम रायपुर की छात्राओं की सराहना करते हुए कहा कि “ये छात्राएं छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर की संवाहक हैं, जो अपनी प्रतिभा से राज्य का गौरव बढ़ा रही हैं।” इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य एवं जीएम वेदव्रत सिरमौर भी उपस्थित थे। हस्तकला और लोकसंस्कृति पर गर्व मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंबिकापुर के बुनकरों द्वारा तैयार कोसा वस्त्रों की खरीदारी की और शिल्पियों से बातचीत की। उन्होंने भारत पर्व में प्रस्तुति देने आए छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक दल से भी मुलाकात कर उन्हें प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि “छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति, वेशभूषा और लोकनृत्य हमारी पहचान का अभिन्न हिस्सा हैं। हमारा उद्देश्य है कि इन परंपराओं को राष्ट्रीय मंच पर और सशक्त रूप से प्रस्तुत किया जाए।” भारत पर्व में छत्तीसगढ़ के लोकनृत्य, हस्तशिल्प, पारंपरिक खानपान और समृद्ध पर्यटन स्थलों की झलक देखने के लिए बड़ी संख्या में आगंतुक पहुंच रहे हैं और राज्य की सजीव संस्कृति से अभिभूत हो रहे हैं।

उच्च रक्तचाप वालों के लिए डाइट अलर्ट: क्या न खाएँ और क्यों?

दुनियाभर में हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के आंकड़ों के अनुसार करीब हर 4 में से 1 व्यक्ति हाई बीपी की समस्या से जूझ रहा है. ब्लड प्रेशर बढ़ने पर हार्ट पर दबाव बढ़ जाता है, जिससे हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी डैमेज का खतरा बढ़ सकता है. यह समस्या सिर्फ उम्रदराज़ लोगों तक सीमित नहीं है, कम उम्र में भी हाई बीपी के केस बढ़ रहे हैं. खासकर गलत डाइट, तनाव, कम नींद, मोटापा और एक्सरसाइज की कमी इसके प्रमुख कारण बनते हैं. हाई ब्लड प्रेशर के खास कारणों में खानपान बहुत बड़ा फैक्टर है. ऐसे में हाई बीपी वालों के लिए डाइट कंट्रोल करना सबसे जरूरी कदम है. सही खानपान से दवा की जरूरत भी कम हो सकती है और ब्लड प्रेशर को बैलेंस रखने में आसानी होती है. खाना अगर बार-बार बाहर का, जंक बेस्ड और इंस्टेंट फूड वाला हो तो शरीर में सोडियम और खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, जिससे बीपी तेजी से ऊपर जाता है. इसलिए हाई बीपी वाले मरीजों को खानपान का ध्यान रखना चाहिए हाई बीपी के मरीजों को कौन सी चीजें नहीं खानी चाहिए? दिल्ली एमसीडी में डॉ. अजय कुमार बताते हैं कि हाई बीपी वाले लोगों को सबसे पहले ज्यादा नमकीन चीजों से दूरी बनाने की जरूरत होती है. चिप्स, नमकीन स्नैक्स, अचार, पापड़, प्रोसेस्ड मीट, इंस्टेंट नूडल्स, और पैक्ड सूप जैसे आइटम्स में सोडियम की मात्रा बहुत अधिक होती है. ऐसे फूड ब्लड वेसल्स को सख्त करते हैं और बीपी को तेजी से ऊपर ले जाते हैं. साथ ही, ज्यादा तली-भुनी चीजें, बेकरी प्रोडक्ट्स, मैदा बेस्ड स्नैक्स और हाई शुगर वाली मिठाइयां भी हार्ट पर भार बढ़ाती हैं. रेड मीट और ट्रांस फैट्स वाले फास्ट फूड का नियमित सेवन भी नुकसानदायक है. कार्बोनेटेड ड्रिंक्स, पिज्जा, बर्गर, फ्रेंच फ्राइज जैसे फूड भी हाई बीपी वालों के लिए गलत विकल्प हैं. ऐसे में जितना हो सके, फ्रेश और लो-सोडियम भोजन को प्राथमिकता देना जरूरी है. हाई बीपी वाले क्या खाएं? कम नमक वाला खाना लें. ताजे फल और सब्जियां रोज खाएं. ओट्स, दलिया, मल्टीग्रेन रोटी जैसे फाइबर वाले अनाज लें. लो फैट डेयरी प्रोडक्ट्स चुनें. ऑलिव ऑयल, सरसों तेल जैसे हेल्दी ऑयल का इस्तेमाल करें. पानी ज्यादा पीएं, पर्याप्त नींद लें.  

3 करोड़ नकदी के साथ दो गिरफ्तार, कार में कैश ले जा रहे थे रायपुर से नागपुर

बालोद बालोद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए महाराष्ट्र पासिंग हुंडई क्रेटा गाड़ी से तीन करोड़ रुपए कैश बरामद किया है. पुलिस मामले में गाड़ी में सवार दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. जानकारी के अनुसार, बालोद कोतवाली पुलिस ने जांच के दौरान थाना क्षेत्र अंतर्गत पकड़ीभाट गांव के पास महाराष्ट्र पासिंग क्रेटा (MH 04 MA 8035) को रोककर तलाशी ली, जिसमें गाड़ी में करीबन तीन करोड़ रुपए कैश बरामद किया. गाड़ी में सवार दो लोग रकम के संबंध में जानकारी देने में नाकामयाब रहे. मामला संदिग्ध देख पुलिस टीम गाड़ी को कोतवाली थाना लेकर पहुंची. थाने में दोनों गाड़ी सवार को हिरासत में लेकर रकम के संबंध में पूछताछ की जा रही है. प्रथम दृष्टया रकम हवाला का प्रतीत हो रहा है. जिसे रायपुर से एकत्रित कर नागपुर ले जाया जा रहा था.

मध्य प्रदेश में हाईवे लूट का पर्दाफाश, नागा साधु बनकर वारदात करने वाले सात आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

उज्जैन  नागा साधु का वेश बनाकर हाईवे पर कार चालकों को रोककर लूटने वाला गिरोह पुलिस के हत्थे चढ़ा है। बदमाशों ने शाजापुर में लाल घाटी, घट्टिया थाना क्षेत्र में जैथल व भैरवगढ़ क्षेत्र में गरोठ हाईवे पर तीन वारदातों को अंजाम दिया है। सूचना मिलने के आधे घंटे के अंदर ही नरवर पुलिस ने आरोपितों को पालखंदा में घेराबंदी कर रोक लिया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से पांच हजार रुपये व सोने की दो अंगूठियां बरामद की गई है। एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि मंसूर पुत्र बहादुर अली पटेल उम्र 41 वर्ष निवासी ग्राम कालियादेह भैरवगढ़ ने मंगलवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे डायल 112 पर सूचना दी कि सात अज्ञात बदमाशों द्वारा साधु के वेश में उसकी कार रोककर मारपीट एवं लूटपाट की गई। पटेल ने बताया कि वह अपनी पत्नी हीना बी व दो बच्चों के साथ अपनी कार क्रमांक एमपी 09 जेडवी से कालियादेह से होते हुए इंदौर जा रहा था। पंवासा ओवरब्रिज पार कर नीमनवासा मोड़ पर पहुंचने पर अचानक छह व्यक्ति जिनमें चार साधु के वेश में थे हाईवे पर कार के सामने आ गए। गाड़ी रोकते ही सभी ने कार को घेर लिया और चारों साधु वेशधारी व्यक्ति धमकाने लगे कि पैसे व जेवर दे दो, नहीं तो भस्म कर देंगे। सभी आरोपितों ने पटेल व उसकी पत्नी के साथ मारपीट करते हुए जबरदस्ती सोने की दो अंगूठियां एवं पांच हजार रुपये लूट लिए थे। इसके बाद कार क्रमांक डीएल 2 सीएएक्स में बैठकर फरार हो गए। भागते समय उन्होंने पटेल को धमकी दी कि किसी को बताया तो जान से खत्म कर देंगे। घटना के बाद पटेल ने पंवासा थाने में केस दर्ज करवाया। नरवर टीआई ने आधे घंटे में किया गिरफ्तार कंट्रोल रूम पर सूचना मिलते ही वायरलैस सेट पर जानकारी दी गई थी। नरवर टीआई बल्लू मंडलोई व टीम देवास रोड पर पालखंदा में वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। सूचना मिलते ही घेराबंदी कर कार को घेरकर उसमें सवार सात बदमाशों को तत्काल गिरफ्तार कर लिया। सूचना मिलने पर नागझिरी व पंवासा पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई थी। यह बदमाश पकड़े गए बदमाशों ने अपने नाम अलीनाथ पुत्र धर्मवीर नाथ उम्र 20 वर्ष निवासी मंगल कॉलोनी देहा बस्ती, करनाल रुरल, हरियाणा, मगन पुत्र दिलीप नाथ उम 19 वर्ष निवासी धर्मपुरा कालोनी, नजफगढ़, दिल्ली, अरुण नाथ पुत्र मीणा नाथ उम्र 25 वर्ष निवासी आरके कॉलोनी मुर्यला, जिला सोनीपत, हरियाणा, राजेश पुत्र ऋषिपाल नाथ उम्र 41 वर्ष निवासी धर्मपुरा एक्स नजफगढ़, साउथ वेस्ट दिल्ली, रूमालनाथ पुत्र फूलनाथ उम्र 60 वर्ष निवासी लाल मंदिर के पास, रंगपुरी पहाड़ी नाला कैंप, थाना बसंतकुंज, दिल्ली, बिरजू नाथ पुत्र मिश्री नाथ, उम्र 45 वर्ष निवासी इन्द्रा विकास कालोनी, थाना मुखर्जी नगर, दिल्ली, राकेश कुमार पुत्र सुरेंद्र सिंह उम्र 45 वर्ष निवासी नंद नगरी, साहिबाबाद बताए हैं। यहां भी की वारदातें आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने शाजापुर के लालघाटी, घटिया थाना क्षेत्र के जैथल, देवास में भी करना स्वीकार किया है। सभी बदमाश अपराधिक प्रवृत्ति के है। दो बदमाश बिरजूनाथ व अलीनाथ के खिलाफ थाना मोती नगर दिल्ली व करनाल सदल हरियाणा में केस दर्ज हैं।