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हिन्दुत्व की रक्षा के लिए बना ‘सनातन धर्म परीक्षण बोर्ड’, तिरुपति लड्डू विवाद से उठे सवाल

नई दिल्ली  आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी मंदिर में लड्डू (प्रसादम) में इस्तेमाल होने वाले कथित नकली घी विवाद के बीच राज्य के उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण ने हिन्दुत्व और सनातन धर्म की रक्षा के लिए 'सनातन धर्म परीक्षण बोर्ड' की स्थापना का आह्वान किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर मंगलवार को साझा की गई एक पोस्ट में पवन कल्याण ने कहा कि सनातनियों की भावनाओं और प्रथाओं का मजाक उड़ाया जा रहा है और उन्हें कमतर आंका जा रहा है, इससे भक्तों का विश्वास कम हो रहा है। उप-मुख्यमंत्री ने लिखा, "वैश्विक हिंदू समुदाय के लिए, तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम एक तीर्थस्थल से कहीं बढ़कर है; यह एक पवित्र आध्यात्मिक प्रवास है। तिरुपति लड्डू सिर्फ एक मिठाई नहीं है; यह एक साझा भावना है। हम इसे दोस्तों, परिवार और अजनबियों के बीच समान रूप से बाँटते हैं, क्योंकि यह हमारी सामूहिक आस्था और गहन विश्वास का प्रतीक है।" सालाना लगभग 2.5 करोड़ भक्त तिरुमाला आते हैं उन्होंने आगे लिखा, “औसतन, हर साल लगभग 2.5 करोड़ भक्त तिरुमाला आते हैं और जब सनातनियों की भावनाओं और प्रथाओं का मजाक उड़ाया जाता है या उन्हें कमतर आंका जाता है, तो यह न केवल आहत करने वाला होता है; बल्कि यह दुनिया भर के लाखों लोगों के विश्वास और श्रद्धा को भी चकनाचूर कर देता है। धर्मनिरपेक्षता दोतरफा होनी चाहिए।” सभी हितधारकों की सहमति से बने बोर्ड सनातन धर्म के लिए एक संरक्षण निकाय की स्थापना का आह्वान करते हुए, उन्होंने कहा कि बोर्ड का गठन सभी हितधारकों की सहमति से किया जाना चाहिए। उन्होंने लिखा, "हमारी आस्था की सुरक्षा और सम्मान से समझौता नहीं किया जा सकता। हमारा सनातन धर्म सबसे प्राचीन और निरंतर विकसित होती सभ्यताओं में से एक है, और अब समय आ गया है कि हम सभी हितधारकों की सहमति से सनातन धर्म परीक्षण बोर्ड की स्थापना करें।" 5 साल में 250 करोड़ के नकली घी का इस्तेमाल एक अन्य एक्स पोस्ट में उन्होंने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें आरोप लगाया गया है कि 2019 से 2024 के बीच तिरुपति लड्डुओं में 250 करोड़ रुपये के मिलावटी घी का इस्तेमाल किया गया है। यह मामला तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के पूर्व कार्यकारी अधिकारी धर्म रेड्डी के मिलावटी घी मामले में विशेष जांच दल (SIT) के समक्ष पेश होने के बाद आया है। उनसे मिलावटी घी की खरीद के संबंध में पूछताछ की गई है। चंद्रबाबू पिछली सरकार पर रहे हमलावर इस बीच, SIT ने TTD के पूर्व अध्यक्ष वाईवी सुब्बा रेड्डी को ऑनलाइन नोटिस जारी कर 13 नवंबर को पूछताछ के लिए पेश होने का निर्देश दिया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने एक हफ्ते का समय मांगा है और कहा है कि वह 15 नवंबर के बाद पेश होंगे। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली टीडीपी ने कथित मिलावट के लिए पिछली वाईएसआरसीपी सरकार की आलोचना की है। टीडीपी ने एक्स पर लिखा, "घी बनाने के लिए दूध की जरूरत होती है। खासकर तिरुमला के लड्डुओं में इस्तेमाल होने वाले शुद्ध घी के लिए, यह गाय के दूध से बनाया जाता है। लेकिन YSRCP सरकार के दौरान, लड्डुओं में इस्तेमाल होने वाला मिलावटी घी कथित तौर पर असली दूध का इस्तेमाल किए बिना, रसायनों और जानवरों की चर्बी से और नकली तेलों से बनाया गया था।"

दिल्ली HC ने DU से पूछा—PM मोदी की डिग्री सार्वजनिक करने में दिक्कत क्या है?

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री का मामला फिर सुर्खियों में है। दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) को निर्देश दिया कि अपील में देरी माफ करने की अर्जी पर अपना ऑब्जेक्शन तीन हफ्ते में दाखिल करें। यह अपीलें CIC के 2016 के उस फैसले को चुनौती देती हैं, जिसमें मोदी की डिग्री की जानकारी सार्वजनिक करने का आदेश दिया गया था। चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की बेंच ने मामले की सुनवाई की। अपीलकर्ताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट शादान फरासत ने दो मुख्य मुद्दे उठाए। पहला, क्या RTI एक्ट की धारा 8 के तहत डिग्री की जानकारी छिपाई जा सकती है। दूसरा, क्या इसे सार्वजनिक करना बड़े जनहित में है। कोर्ट ने नोट किया कि अपीलें देरी से दाखिल हुई हैं। DU की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वे देरी और मामले की योग्यता दोनों पर विस्तृत जवाब देंगे। बेंच ने कहा, "ऑब्जेक्शन दाखिल करें।" अपीलकर्ताओं को जवाब के लिए दो हफ्ते का समय मिलेगा। अगली सुनवाई 16 जनवरी 2026 को होगी। सिंगल जज ने क्यों पलटा CIC का आदेश? 25 अगस्त 2024 को जस्टिस सचिन दत्ता ने CIC के दिसंबर 2016 के फैसले को रद्द कर दिया। CIC ने DU को 1978 के सभी BA पास छात्रों के रिकॉर्ड दिखाने का आदेश दिया था, जिसमें पीएम मोदी भी शामिल थे। जज ने कहा कि डिग्री और मार्कशीट पर्सनल जानकारी हैं। इन्हें RTI की धारा 8(1)(j) के तहत संरक्षित रखा जाएगा। बिना बड़े जनहित के खुलासा नहीं हो सकता। यूनिवर्सिटी और छात्र का रिश्ता विश्वास पर आधारित है। थर्ड पार्टी को रिकॉर्ड दिखाना गोपनीयता का उल्लंघन होगा। कौन है अपीलकर्ता? इस मामले में AAP नेता संजय सिंह, RTI कार्यकर्ता नीरज शर्मा और एडवोकेट मोहम्मद इरशाद अपीलकर्ता हैं। कोर्ट ने पूछा कि क्या CBSE इस मामले में पक्षकार है, क्योंकि एक जुड़े केस में स्मृति ईरानी की 10वीं-12वीं मार्कशीट मांगी गई थी। अपीलकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि CBSE इस अपील में शामिल नहीं है।  

अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत द्वारा ग्राहक प्रबोधन का कार्यक्रम संपन्न

भोपाल भोपाल में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत द्वारा आज एल.एन. आयुर्वेद महाविद्यालय, भोपाल में ग्राहक जागरूक के संबंध में ग्राहक प्रबोधन का कार्यक्रम का आयोजन किया गया,जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के राष्ट्रीय संगठन मंत्री दिनकर सबनीस, अध्यक्ष मध्यभारत प्रान्त विवेक भटनागर, प्रान्त कार्यकारणी सदस्य डॉ अनूप कुमार श्रीवास्तव एवं प्रांत कार्यालयप्रभारी दीपकबाबू श्रीवास्तव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। एल एन आयुर्वेद महाविद्यालय से डायरेक्टर डॉ विशाल शिवहरे, प्राचार्य डॉ सपन जैन और उपप्राचार्य डॉ वर्षा  वजारी उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता माननीय दिनकर सबनीस ने बताया कि जब तक कंपनियों में ग्राहक के प्रति डर नहीं होगा वे ग्राहक को ठगती रहेंगी, मूर्ख बनाएंगी l लेकिन जैसे ही ग्राहक ने डर दिखाना शुरू कर दिया तो कंपनियां उसके साथ कभी धोखा नहीं कर सकती हैं l कहा भी गया है भय बिन होय प्रीत। यानी बिना भय की प्रीत नहीं होती हैं। यह तभी होगा जब आप किसी भी समान के गलत या त्रुटिपूर्ण होने पर शिकायत करेंगे। अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत का उद्देश्य भी यही हैं कि हर ग्राहक के मन में यह बात हो कि वह शांत नहीं बैठेगा। गलत होने पर उसके विरोध में आवाज उठाएगा। दिनकर सबनीस ने कहा कि हमें संगठन का ऐसा जाल बिछाना है कि पीड़ित ग्राहक सरलता से संपर्क कर सके और स्वयं को अकेला न समझे। उसे यह अहसास हो कि ग्राहक पंचायत हमारे पास है। हमारा उद्देश्य ग्राहक आंदोलन खड़ा करना है। चेतना जगाना है कि हम चौबीस घंटे ग्राहक हैं। सुबह जब हम नींद से जागते हैं तो हम ग्राहक होते हैं। सुबह उठते ही हमें टूथपेस्ट की होते जरूरत पड़ती है और जब हम सोते हैं तो गुड नाइट जलाकर सोते हैं। यानि सुबह से रात तक हर समय हम ग्राहक हैं। इसके बाद भी हम सजग नहीं हैं। मुख्य वक्ता ने आगे कहा कि आंदोलन का मतलब है, मन में आंदोलन सर्वांगीण चेतना। आज जितने साइबर अपराध होते हैं वे लालच के कारण होते हैं। पहले लॉटरी निकलती थी। लौटरी में लालच में फंसकर लोग ठगी के शिकार होते थे। लॉटरी का चलन कम हुआ तो फिल्म के लिंक आने लगे उसके बाद एप आने लगे। अब लालच के साथ डर भी दिखाया जाने लगा है। डिजिटल अरेस्ट की घटनाएं हम सुनते ही हैं, भारत के प्रधानमंत्री ने भी कहा कि डिजिटल अरेस्ट जैसा कुछ नहीं है। इसके बाद भी बहुत बड़े अधिकारी डिजिटल अरेस्ट हो गए और ठगों ने उनके करोड़ों रुपए ठग लिए। इसलिए जरूरी है कि सजग रहें, सतर्क रहें और डरें नहीं। अगर ये बातें हमनें  ग्राहक को सिखा दी तो ग्राहक आंदोलन खड़ा हो जाएगा। धोखे वाले एप हर मोबाइल में मिलेंगे मुख्य वक्ता ने कहा आज कल हर मोबाइल में धोखे वाले ऐप मिल जाएंगे लेकिन कंज्यूमर एप दो-चार मोबाइल में ही देखने को मिलेगा। ज्ञात हो कि उपभोक्ता मंत्रालय ने ग्राहक शिकायत समाधान प्रणाली को आरंभ किया है। पहले हर विभाग की शिकायत के लिए अलग-अलग जाना पड़ता था। इसलिए ग्राहक पंचायत ने मांग की थी कि ग्राहक मंत्रालय पृथक बनाओ ताकि ग्राहक को विभिन्न विभागों के चक्कर न लगाना पड़ें। उपभोक्ता मंत्रालय ने एप जारी किया। बाद में टोल फ्री नंबर भी जारी किया गया। भ्रामक विज्ञापनों से बचें और सुरक्षित रहें दिनकर सबनीस ने कहा कि आज भ्रामक विज्ञापनों की वजह से लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं। इसकी शिकायत गामा पोर्टल पर या सीसीपीए पर कर सकते हैं। एक भ्रामक विज्ञापन को लेकर सीसीपीए ने एक शिकायत के सही पाए जाने पर 10 लाख रुपए का जुर्माना संबंधित कंपनी पर लगाया था। यह तभी संभव हुआ जब उस विज्ञापन की शिकायत सीसीपीए में की गई। कंपनियों को डर होना चाहिए कि ग्राहक सतर्क है। बिना शिकायत के कुछ नहीं होगा। उन्होंने बताया कि कंपनियां फ्यूचर के सपने या असफलता का भय या फैशन के नाम पर बहुत आसानी से ग्राहक को अपने जाल में फंसा लेते हैं। हमें अपने ऊपर होने वाले इन तमाम बौद्धिक, संवेदनात्मक और मनोवैज्ञानिक आक्रमणों को भी समझने पड़ेंगे क्योंकि ये दवे पांव आते हैं। ग्राहक पंचायत द्वारा मांग की जाती रही है कि मनमानी एमआरपी प्रिंट करने के स्थान पर कॉस्ट आफ प्रोडक्शन के आधार पर इसके लिए कोई सूत्र सरकार को बनाना चाहिए। इसको लेकर सभी से सहभागिता करने की अपील की। अंत में श्रोताओं की जिज्ञासाओं का समाधान और अतिथियों के आभार के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

दिल्ली कार ब्लास्ट में पायल घोष की स्कूल फ्रेंड की मौत, एक्ट्रेस बोलीं – अब तक यकीन नहीं हो रहा

नई दिल्ली दिल्ली के लाल किले के पास सोमवार, 10 नवंबर को हुए कार ब्लास्ट ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. इस हादसे में 12 लोगों की जान गई है और कई अन्य लोग घायल हैं. इसी हादसे में एक्ट्रेस पायल घोष ने अपनी करीबी स्कूल फ्रेंड सुनीता मिश्रा को खो दिया है, उनकी भी जान चली गई है. बता दें कि इसस बम धमाके से ठीक एक हफ्ते पहले एक्ट्रेस पायल घोष ने अपनी दोस्त सुनीता मिश्रा से बातचीत किया था. इस बारे में मीडिया से बात करते हुए एक्ट्रेस ने कहा- ‘मुझे अभी भी विश्वास नहीं हो रहा कि वो अब नहीं रहीं. हमने एक हफ्ते पहले ही बात की थी. वो जिंदगी से भरी हुई थीं, हमेशा मुस्कुराती थीं, हमेशा सकारात्मकता फैलाती थीं. इतनी दयालु आत्मा का इतने क्रूर तरीके से चले जाना अवास्तविक लगता है.’ अपने रिश्ते पर एक्ट्रेस पायल घोष  ने आगे कहा- ‘वो सिर्फ दोस्त नहीं थीं. वो परिवार थी. हम साथ बड़े हुए. सपने, हंसी और संघर्ष शेयर किए. उन्हें इस तरह खोना. इसके लिए शब्द नहीं हैं.’ एक्ट्रेस ने इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के समर्थन और एकजुटता के लिए जनता से अपील किया है.

पंजाब में मौसम का कहर! IMD ने जारी किया अलर्ट, अगले 4 दिन तक बरसात और शीतलहर की चेतावनी

चंडीगढ़ पंजाब में इस बार कड़ाके की सर्दी पड़ने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग (IMD) ने पंजाब सहित पूरे उत्तर भारत के लिए कड़ी ठंड और शीत लहर की भविष्यवाणी की है। इस साल ठंड बढ़ने का सबसे बड़ा कारण 'ला-नीना' बताया गया है, जो प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह के तापमान में गिरावट के कारण बनता है। ला-नीना के प्रभाव से ठंडी हवाएं अधिक सक्रिय हो जाती हैं, जिसका असर पंजाब में पड़ेगा।  विभाग का अनुमान है कि दिसंबर महीने में रात का तापमान सामान्य से लगभग दो डिग्री सेल्सियस तक नीचे जा सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, अगले 3 से 4 दिनों में पंजाब समेत कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान 7 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। IMD ने चेतावनी दी है कि आने वाले दो महीनों में पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में घनी धुंध, शीत लहर और न्यूनतम तापमान में तेज गिरावट देखने को मिल सकती है। पहाड़ी इलाकों में होने वाली बर्फबारी का असर जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में होने वाली बर्फबारी के कारण पंजाब जैसे मैदानी इलाकों में ठंडी हवाएं और धुंध बढ़ जाएगी। इससे सुबह के समय धुंध और नमी में भी इजाफा होगा। ला-नीना का असर सिर्फ तापमान तक सीमित नहीं है; यह बारिश और हवाओं के पैटर्न को भी प्रभावित करता है।  

एकनाथ शिंदे के खिलाफ BJP का नया दांव? गणेश नायक की एंट्री से बढ़ी चर्चा

मुंबई  महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति में सबकुछ ठीक नहीं है। इसके संकेत हाल ही में भारतीय जनता पार्टी की तरफ से मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में की चुनाव प्रभारी की नियुक्ति से मिलते हैं। दरअशल, भाजपा ने राज्य सरकार में वन मंत्री गणेश नाइक को 7 जिलों का प्रभारी बनाया है, जिनमें ठाणे भी शामिल है। खास बात है कि नाइक को उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे का प्रतिद्वंद्वी भी माना जाता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नाइक को बड़े नेताओं को चुनौती देने और मुश्किल राजनीतिक हालात में खड़े रहने वाला माना जाता है। खास बात है कि वह अविभाजित शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे से अलग हो गए थे और इसके बाद भी ठाणे में अपनी पार्टी के लिए खड़े रहे। इस सीट पर शिंदे के गुरु माने जाने वाले आनंद दीघे का दबदबा था। कहा जाता है कि उनका मजबूत जनाधार युवाओं और मजदूरों के बीच है। उनके समर्थन से ही नाइक वाशी, नेरुल, एरोली, तुर्भे, घंसोली और TTC बेल्ट यानी ट्रांस ठाणे क्रीक में शिवसेना के चेहरे बन गए थे। 1980 के दशक में वह नवी मुंबई में बड़े नेता के तौर पर स्थापित हो चुके थे। रिपोर्ट के अनुसार, जैसे-जैसे शिवसेना का विस्तार हो रहा था, तो नाइक का क्षेत्र दीघे से ज्यादा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में ठाकरे को हस्तक्षेप करना पड़ा और नवी मुंबई को नाइक का क्षेत्र घोषित किया गया। सरकार और बाल ठाकरे दोनों से असहमति जताई 1990 के विधानसभा चुनाव में नाइक ने बेलापुर से पहली बार बड़ी चुनावी जीत हासिल की थी। इसके 5 साल बाद वह मनोहर जोशी की अगुवाई वाली सरकार में मंत्री भी बने। हालांकि, यहां भी जोशी और ठाकरे से उनका टकराव जारी रहा। रिपोर्ट के अनुसार, नाइक ने इस्तीफा देने से मना कर दिया था और बाद में जोशी ने उन्हें सरकार से बाहर कर दिया। एनसीपी से मिलाया हाथ 1990 में नाइक ने अविभाजित NCP यानी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से हाथ मिलाया, लेकिन इसके बाद हुए विधानसभा चुनाव में हार गए। साल 2004 में उन्हें फिर सफलता मिली और वह एक्साइज मंत्री बन गए। 2014 में उन्हें भाजपा उम्मीदवार मंदा म्हात्रे के हाथों हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 2019 में उन्हें भाजपा से हाथ मिला लिया और एरोली में जीत हासिल की। रिपोर्ट के अनुसार, शिंदे के प्रतिद्वंद्वी होने के चलते भाजपा उन्हें कैबिनेट में शामिल नहीं कर सकी थी। क्यों है भाजपा के लिए खास रिपोर्ट के अनुसार, टीटीसी में लंबे समय से मौजूदगी, कामगारों और ठेकेदारों से संपर्क के चलते माना जाता है कि वह जल्द समर्थन जुटा सकते हैं। वहीं, कई बड़े नेताओं से सीधी टक्कर लेने की उनकी क्षमता भी उन्हें चुनिंदा नेताओं में से एक बनाती है, जो शिंदे को उनके ही गढ़ में चुनौती दे सकते हैं। इसके अलावा नाइक के जरिए भाजपा नवी मुंबई और ठाणे के उन इलाकों में समर्थन मिलता है, जहां शिंदे की पहुंच सीमित है। रिपोर्ट के अनुसार, गुजरातियों, मुस्लिम, उत्तर भारतीयों और अन्य पिछड़ा वर्गों में भी उनका मजबूत जनाधार है। अलग-अलग चुनाव लड़ने के संकेत अक्तूबर में महाराष्ट्र में शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल भाजपा ने ठाणे और नवी मुंबई में आगामी नगर निकाय चुनाव अकेले लड़ने का संकेत दिया है, जिसका उद्देश्य इन नगर निकायों में अपने महापौर बनाना है। मुंबई के इन दो बड़े नगरों में भाजपा द्वारा अकेले चुनाव लड़ने के इस संकेत के बाद शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने भी इसका जवाब देने के लिए ऐसी ही रणनीति तैयारी करनी शुरू कर दी है। शिवसेना का ठाणे क्षेत्र में खासा प्रभाव है।  

दर्द से कराहती शर्लिन ने ब्रेस्ट इम्प्लांट्स हटवाने का किया ऐलान

मुंबई    एक्ट्रेस शर्लिन चोपड़ा तकलीफ में हैं. वो कई दिनों से बदन के कई हिस्सों में दर्द से जूझ रही थीं, चेकअप करवाने पर उन्हें पता चला कि ये सब उनके ब्रेस्ट इम्प्लांट सर्जरी की वजह से हो रहा है. एक्ट्रेस ने अब इसे हटाने का फैसला लिया है. इसकी जानकारी उन्होंने खुद एक पोस्ट के जरिए दी.  फिलर्स के बाद ब्रेस्ट इम्प्लांट रिमूवल सर्जरी कराएंगी शर्लिन शर्लिन ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि वो अपनी जिंदगी में एक बड़ा बदलाव ला रही हैं. अगस्त 2023 में उन्होंने अपने चेहरे से सभी फिलर्स हटवा दिए थे, ताकि वो अपने असली रूप में दिख सकें. अब उन्होंने ब्रेस्ट इम्प्लांट रिमूवल सर्जरी कराने का फैसला किया है. शर्लिन ने वीडियो शेयर कर लिखा,'आज मैं अपने शरीर से हर तरह का अतिरिक्त बोझ हटाना चाहती हूं. ये पोस्ट किसी भी फिलर्स या सिलिकॉन इम्प्लांट या उनके चाहने वालों की आलोचना के लिए नहीं है. ये सिर्फ मेरे अपने फैसले के बारे में है- खुद को वैसे ही अपनाने का, जैसी मैं हूं.' लंबे समय से तकलीफ में थीं शर्लिन शर्लिन चोपड़ा ने वीडियो में बताया, ‘दोस्तों में पिछले कुछ महीनों से लगातार पीठ दर्द, सीने में दर्द, कंधे में दर्द और सीने में दबाव की दिक्कतों से जूझ रही हूं. ये दर्र बहुत गहरा है. मैंने कई मेडिकल टेस्ट करवाए. डॉक्टरों और जांच के बाद मुझे ये पता चला है कि इस दर्द की वजह मेरे ये भारी ब्रेस्ट हैं. जो मैंने हेवी ब्रेस्ट इम्प्लांट कराया था ये सब उसकी वजह से ही हो रहा है. इसके बाद मैंने अपनी एनर्जी, सहनशक्ति और लाइफ में एक्टिव रहने के लिए तय किया है कि मैं हमेशा के लिए इन ब्रेस्ट इम्पलांट्स को हटवा दूंगी.' शर्लिन करेंगी नई शुरुआत शर्लिन ने आगे कहा कि, 'क्या मैं घबरा रही हूं- बहुत ज्यादा. लेकिन एक्साइटेड भी हूं. लेकिन मैं इंतजार नहीं कर सकती उस पल का जब मैं इस फालतू के भारीपन से फ्री होकर अपनी नई जिंदगी की शुरुआत करूंगी. मैं दुआ करती हूं कि भगवान मुझे आशीर्वाद दें, और उन डॉक्टर्स के हाथों को भी जो मेरे ब्रेस्ट इम्प्लांट को हटाने की सर्जरी करने वाले हैं.' बता दें, कि शर्लिन चोपड़ा 38 साल की हैं. वो हिंदी से लेकर तेलुगु फिल्मों में काम कर चुकी हैं. एक्ट्रेस अपने एडल्ट कंटेंट के लिए भी मशहूर हैं. 

NH-80 पर दर्दनाक हादसा: घने कोहरे में XUV-पिकअप की टक्कर, एक की मौत, दो घायल

भागलपुर बिहार के भागलपुर जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, जहां कोहरे के कारण नेशनल हाईवे-80 पर एक सड़क दुर्घटना घटित हुई। वहीं इस घटना में एक की मौत हो गई जबकि 2 युवक गंभीर रुप से घायल हो गए। मिली जानकारी के अनुसार, घटना मंगलवार देर रात मुफस्सिल थाना क्षेत्र के उदयपुर के पास की है। मृतक की पहचान भागलपुर निवासी 25 वर्षीय राहुल कुमार के रुप में हुई है। वहीं घायलों में राहुल कुमार के दो दोस्त नवनीत और ऋतुराज शामिल है। मंगलवार देर रात 1 बजे के करीब राहुल अपने दोनों दोस्तों के साथ सुल्तानगंज से मुंगेर की ओर जा रहा था। रात में कोहरे की वजह से विजीबिलटी कम थी जिस कारण सामने से आ रही एक पिकअप वैन के साथ कार की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भयानक थी कि राहुल की मौके पर ही मौत हो गई और कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। राहुल के दोनों दोस्त नवनीत और ऋतुराज बुरी तरह से घायल हो गए। इधर सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं मृतक के घर में हाहाकार मच गया है।

मुजफ्फरपुर में सनसनी: सरपंच के घर पर अंधाधुंध फायरिंग, इलाके में दहशत

. मुजफ्फरपुर बिहार के मुजफ्फरपुर से एक सनसनीखेज वारदात की खबर सामने आ रही है। दरअसल यहां बदमाशों ने ग्राम सरपंच के घर पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई। मिली जानकारी के अनुसार, वारदात हरिनारायणपुर वार्ड संख्या 9 में ग्राम पंचायत के सरपंच सतीश कुमार सिंह के घर की है। बताया जा रहा है कि मंगलवार देर शाम कुछ बदमाश उनके आवास स्थान पर पहुंचे। इसके बाद वहां आकर ताबड़तोड़ फायरिंग करनी शुरु कर दी। वहीं गोलियों की आवाज से पूरा इलाका थर्रा उठा। पर गनीमत रही कि इस हमले में सरपंच और उनके परिवार को कोई हानि नहीं पहुंची। हालांकि वारदात के पीछे के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हुआ। इधर घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से 6 खोखे भी बरामद किए हैं। पुलिस हमलावरों की तलाश में जुट गई है।

काउंटिंग और जीत जुलूस को लेकर आयोग ने जारी की नई गाइडलाइन्स, नियमों का उल्लंघन होगा दंडनीय

पटना  दो फेज में हुई वोटिंग के बाद अब काउंटिंग को लेकर व्यवस्थाओं को टाइट किया जा रहा. 14 नवंबर को सुबह साढ़े 9 बजे से ही रूझान आने लगेंगे. लेकिन काउंटिंग के बीच गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी. इसके साथ ही जीतने वाली पार्टी के समर्थक जुलूस नहीं निकाल सकेंगे.  14 नवंबर को होने वाली काउंटिंग को लेकर अभी से ही तमाम व्यवस्थाएं टाइट की जा रही हैं. एएन कॉलेज में पटना जिले के सभी 14 विधानसभा में पड़े वोटों की गिनती होनी है. इसके लिए 1050 कर्मियों को लगाया गया है. अन्य कर्मी भी सहयोग के लिए तैनात किये गए हैं. वोटों की गिनती के दौरान हर एक टेबल पर प्रत्याशी के एक एजेंट रहेंगे, ताकि कंट्रोल यूनिट से वोटों की गिनती शुरू होने पर वे देख सकें. जुलूस निकालने पर रहेगी रोक वोटों की गिनती पर किसी तरह के सवाल खड़े ना हो, इसे देखते हुए एजेंटों को कंट्रोल यूनिट दिखाने के बाद गिनती शुरू की जायेगी. वोटों की गिनती के लिए सभी विधानसभा में 14-14 टेबल लगाये जायेंगे. इस हिसाब से एक प्रत्याशी के 14 एजेंट रहेंगे. एएन कॉलेज में स्ट्रांग रूम में रखे ईवीएम की सीसीटीवी से हो रही निगरानी का डिस्प्ले देखने के लिए भी एजेंटों को अनुमति दी गयी है. जबकि प्रत्याशियों को जीत का प्रमाण पत्र मिलने के बाद समर्थकों की तरफ से जुलूस निकालने पर रोक रहेगी. गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई पटना के डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम के मुताबिक, 14 नवंबर को वोटों की गिनती के दौरान गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी. प्रत्याशियों के एजेंटों की तरफ से गलत तरीके से किसी तरह की गतिविधि होने पर कानूनी कार्रवाई की जायेगी. मोकामा और दानापुर विधानसभा क्षेत्र के वोटों की गिनती के दौरान खास नजर रहेगी. तीन लेयर में सुरक्षा व्यवस्था पटना के डीएम ने सुरक्षा को लेकर बताया कि मतगणना केंद्र की तीन लेयर में सुरक्षा की जा रही है. केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल, बिहार विशेष सशस्त्र बल और जिला सशस्त्र पुलिस की व्यवस्था की गयी है. सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है. तीन एएसपी, डीएसपी और 13 पुलिस पदाधिकारियों की 24 घंटे तैनाती रहेगी. कंट्रोल रूम भी एक्टिव है. सीसीटीवी कैमरा कंट्रोल रूम में तीन पुलिस पदाधिकारी और 12 मजिस्ट्रेट मुस्तैद हैं. सुबह साढ़े 9 बजे से आने लगेंगे रूझान जानकारी के मुताबिक, एएन कॉलेज में काउंटिंग के दिन 14 नवंबर को मतदानकर्मियों को काउंटिंग शुरू होने के दो घंटे पहले सुबह 6 बजे पहुंचना होगा. रैंडमाइजेशन के आधार पर प्रतिनियुक्त टेबल पर कर्मियों को जाना होगा. वोटों की गिनती सुबह आठ बजे से होगी. सुबह 9:30 बजे से रूझान मिलने लगेगा और देर शाम तक अंतिम परिणाम आयेगा.