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14 नवंबर 2025 राशिफल: मकर राशि को मिलेगा भाग्य का साथ, देखें सभी राशियों की भविष्यवाणी

मेष-मन प्रसन्न रहेगा, परंतु आत्मविश्वास में कमी रहेगी। परिवार में धर्मिक या मांगलिक कार्य हो सकते हैं। भवन के रख-रखाव या साज-सज्जा के कार्यों पर खर्च बढ़ेंगे। नौकरी में बदलाव की संभावना बन रही है। आने वाला समय आपके लिए उत्तम रहेगा। वृषभ-इस समय सभी कामों पर फोकस करें, जिन्हें आप आमतौर पर जल्दी-जल्दी निपटाते हैं। लाइफ पार्टनर को स्पेस दें और उसके साथ अधिक से अधिक समय बिताएं। पॉजिटिव रहें और सभी का सम्मान करें। आपके लिए दिन उत्तम लेकिन सावधान रहें। मिथुन-आपको इस समय छोटा-मोटा लाभ मिल सकता है, इस समय किसी भी प्रलोभन से बचें। हड्डियों और पीठ के निचले हिस्से में दिक्कत हो सकती है। सेहत का ध्यान रखें, तनाव को कम करने के लिए एक्सरसाइज करें। सेहत का ध्यान रखें। कर्क-बेवजह के मुद्दों पर बहस करने में समय बर्बाद करने से बचें। अपनी एनर्जी को पॉजिटिव काम में लगाएं। जीवनसाथी को वैल्यू दें। उसके लिए समय दें। घर में रेनोवेशन करा सकते हैं। खर्च पर नजर रखें। आपके लिए समय उत्तम है। सिंह-अपनी एनर्जी और पैसों को उन चीजों पर फोकस करें जो वाकई मायने रखती हैं। आपके घर को नए रूप-रंग की जरूरत है, इसलिए खरीददारी कर सकते हैं। निवेश से पहले आपको थोड़ा रुककर सोचना चाहिए। जल्दबाजी में फैसला लेने से बचें। तुला-किसी पुरानी आर्थिक समस्या को लेकर सोल्यूशन निकालने की कोशिश करें। इस समय किसी को भी उधार देने से बचें। अगर लवलाइफ में दिक्कतें आ रही हैं, तो आपको खुलकर पार्टनर से बात करनी चाहिए। हेल्थ का खास ध्यान रखें। कहीं बाहर जा रहे हैं, तो सावधान रहें, चोट लग सकती है। धनु-आपका कोई भी कदम आगे चलकर आपको लाभ करा सकता है। लंबे समय की पार्टनरशिप आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। साझेदारियों के मामले में। दूसरों के मामलों में दखल न दें। इस समय कुछ आर्थिक मामलों में डिप्लोमेटिक होना जरूरी है। मकर-14 नवंबर के दिन छात्रों को मन लगाकर पढ़ाई करने की सलाह दी जाती है। आज सेहत दुरुस्त रहने वाली है। आपको अपने पार्टनर के साथ क्वॉलिटी टाइम बिताने का मौका मिलेगा। जब पढ़ाई या काम लंबा लगे तो छोटे-छोटे ब्रेक लें। कुंभ-कॉम्पीटीशन की कमी के चलते आपकी प्रोडक्टिविटी पर भी असर पड़ सकता है।कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिल सकते हैं। प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट करना आपके लिए बेहतर साबित हो सकता है। सूझ-बुझ के साथ ही निर्णय लें। कन्या- 14 नवंबर के दिन अच्छा रहेगा। पारिवारिक बंधन मजबूत होंगे। दिन कपल्स के लिए रोमांस से भरपूर रहने वाला है। स्वास्थ्य ठीक रहने वाला है। अपने प्रेम-संबंधों को मजबूत बनाने के लिए पार्टनर से खुलकर बाचीत करें और उन्हें समय दें। वृश्चिक– इस राशि के लोगों के लिए आज का दिन मिला-जुला असर लेकर आएगा। छोटी-मोटी वित्तीय समस्याएं आ सकती हैं लेकिन वे गंभीर नहीं होंगी। आज ऑफिस में आप अपनी प्रतिभा चमकाएंगे। छोटी-मोटी आर्थिक समस्याएं आ सकती हैं, जिनका समाधान आप आसानी से हल निकाल लेंगे। मीन-नयी प्रॉपर्टी खरीदने के आसार नजर आ रहे हैं। आपको खुद पर ध्यान देना चाहिए। कुछ सिंगल जातकों को जीवनसाथी की तलाश में निराशा झेलनी पड़ सकती है। अपनी फैमिली मेंबर्स के साथ वक्त बिताएं।

दिल्ली नगर निगम में घोटाला उजागर: CBI ने JE को 10 लाख की रिश्वत संग पकड़ा

नई दिल्ली  सीबीआई ने गुरुवार को दिल्ली नगर निगम के नजफगढ़ क्षेत्र के एक कनिष्ठ अभियंता को बिल पास करने के एवज में दस लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। सीबीआई ने इस बाबत 11 नवंबर को नजफगढ़ जोन के कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। शिकायतकर्ता एक ठेकेदार है, जिसके लगभग तीन करोड़ रुपए के बिल लंबित थे। आरोपियों ने इन बिलों को पास करने के लिए कुल 25.42 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलते ही सीबीआई ने जाल बिछाया और कनिष्ठ अभियंता को शिकायतकर्ता से दस लाख रुपए की किस्त लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। उसे तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद सीबीआई ने आरोपियों के घरों और कार्यालयों पर छापे मारे। तलाशी में भारी मात्रा में कैश, सोने-चांदी के आभूषण और संपत्ति से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए। इन दस्तावेजों से पता चलता है कि आरोपी लंबे समय से गलत तरीके से धन कमा रहे थे। जांच अभी जारी है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकती है। यह मामला दिल्ली नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार की गंभीर तस्वीर पेश करता है। ठेकेदारों से बिल पास करने के नाम पर रिश्वत लेना आम बात हो गई थी। शिकायतकर्ता ने हिम्मत दिखाकर सीबीआई से संपर्क किया, जिसके बाद यह कार्रवाई हुई। सीबीआई का कहना है कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। सीबीआई ने लोगों से अपील की है कि अगर कोई सरकारी अधिकारी रिश्वत मांगे या भ्रष्टाचार करे तो बिना डरे शिकायत करें। सीबीआई की इस सख्त कार्रवाई से सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और ईमानदार काम करने वालों को प्रोत्साहन मिलेगा। जांच पूरी होने पर दोषियों को कड़ी सजा मिलने की संभावना है।

दिल्ली विस्फोट पर उमर अब्दुल्ला की प्रतिक्रिया: कश्मीरी होने का मतलब आतंकी होना नहीं है

जम्मू  जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि हर कश्मीरी को आतंकवाद से जुड़ा बताना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर का हर निवासी आतंकवादी नहीं है या आतंकवादियों से जुड़ा नहीं है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में नई दिल्ली के लाल किले के पास हुए आतंकी हमले की निंदा की, जिसमें कम से कम 12 लोग मारे गए हैं। उन्होंने कहा, "घटना की जितनी निंदा की जाए कम है। बेगुनाह लोगों का कत्ल करने की इजाजत कोई मजहब नहीं देता है। कार्रवाई चल रही है और जांच होती रहेगी, लेकिन हमें ख्याल रखना होगा कि जम्मू-कश्मीर का हर नागरिक आतंकवादी नहीं है और न ही वह आतंकियों के साथ है।" उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सिर्फ चंद लोग हैं, जिन्होंने यहां अमन और भाईचारे को बिगाड़ने की कोशिश की है। उन्होंने यह भी कहा कि जब हम जम्मू-कश्मीर के हर निवासी और हर कश्मीरी मुसलमान को एक ही विचारधारा से देखते हैं और सोचते हैं कि उनमें से हर एक आतंकवादी है, तो लोगों को सही रास्ते पर रखना मुश्किल हो जाता है। दिल्ली कार ब्लास्ट के आतंकियों के पेशेवर पृष्ठभूमि (जिनमें डॉक्टर भी शामिल हैं) से होने पर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पढ़े-लिखे लोग भी ऐसी चीजों में शामिल नहीं होते हैं। उन्होंने कहा, "क्या हमने इससे पहले विश्वविद्यालयों के प्रोफेसरों को नहीं देखा? मैं इस बात से स्तब्ध हूं कि उन्हें नौकरी से निकाल तो दिया गया, लेकिन उसके बाद किस तरह की जांच की गई? मुकदमा क्यों नहीं चलाया गया?" इस दौरान, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इस हादसे के लिए कसूरवार को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए, लेकिन बेगुनाह लोगों को इससे बाहर रखना होगा। उन्होंने फिर से दोहराया कि वे सिर्फ चंद लोग हैं जो हमले के लिए जिम्मेदार हैं। बता दें कि दिल्ली कार ब्लास्ट और फरीदाबाद में आतंकी मॉड्यूल के खुलासे के दौरान पकड़े गए संदिग्ध आतंकियों में से अधिकतर जम्मू-कश्मीर के निवासी हैं।

‘सर्वेसर्वा’ बने असीम मुनीर! सुप्रीम कोर्ट की शक्तियां सीमित, राजनीति में मचा तूफ़ान

नई दिल्ली  पाकिस्तान में 27वें संविधान संशोधन को मंजूरी दे दी गई है। ऐसे में पाकिस्तानी सेना के प्रमुख असीम मुनीर अब तीनों सेना के प्रमुख बन गए हैं। पाकिस्तान के इतिहास में यह बड़ा बदलाव हुआ है। पाकिस्तानी असेंबली में इस बिल को 234 मतों के साथ पास किया गया। असीम मुनीर चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (सीडीएफ) होंगे। असीम 27 नवंबर से इस पद का कार्यभार संभालेंगे। इसके बाद परमाणु हथियारों का भी कमांड उन्हीं के हाथों में होगा। हैरानी की बात यह है कि इस संशोधन के साथ ही मुनीर की शक्तियां बढ़ गईं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की शक्तियों में कमी आई है। इस संशोधन के प्रावधान के तहत मुनीर अब अपने कार्यकाल को समाप्त करने के बाद भी इन शक्तियों का इस्तेमाल कर सकेंगे। वह ना तो रिटायर होंगे, ना उनसे यह पद लेकर किसी और को दिया जाएगा। आसान सी भाषा में कहें, तो अब वह सर्वेसर्वा होंगे। संशोधन के अनुसार, सभी संवैधानिक मामलों को कोर्ट से हटाकर फेडरल कांस्टीट्यूशनल कोर्ट (एफसीसी) में शिफ्ट किया जाएगा। इसके तहत अब जजों की नियुक्ति भी सरकार ही करेगी। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, 27वें संशोधन में आखिरी समय में कुछ बदलाव किया गया। इसके तहत फिलहाल वर्तमान चीफ जस्टिस ऑफ पाकिस्तान (सीजेपी) याह्या अफरीदी अपने कार्यकाल के दौरान सीजेपी के पद पर ही रहेंगे। सीजेपी अफरीदी ने अक्टूबर 2024 में 30वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी, ऐसे में उनका कार्यकाल तीन साल बाद खत्म होगा। संशोधन के अनुसार सीजेपी का मतलब दोनों मुख्य न्यायाधीशों में से वरिष्ठ न्यायाधीश है। यह प्रावधान अफरीदी के अपने पद से सेवानिवृत्त होने के बाद लागू होगा। यहां तक कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से भी उनकी ताकत छीन ली गई है। मुनीर पहले पर्दे के पीछे से सरकार संभाल रहे थे, लेकिन अब लग रहा है कि वह पर्दे से बाहर आकर सत्ता संभालेंगे। दरअसल, नेशनल कमांड अथॉरिटी पहले परमाणु हथियारों और मिसाइल सिस्टम की निगरानी और कंट्रोल करती थी। इसकी अध्यक्षता पाकिस्तान के प्रधानमंत्री करते थे। हालांकि, इस पर भी मुनीर का कंट्रोल होगा। विपक्ष इस संशोधन के खिलाफ आवाज उठा रहा है। पूर्व पीएम इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ जमकर इसका विरोध कर रही है। पीटीआई नेताओं ने ना केवल सत्र का बहिष्कार किया, बल्कि विधेयक की प्रतियां भी फाड़ दी। तहरीक तहफ्फुज-ए-आइन-ए-पाकिस्तान ने इस संशोधन के खिलाफ जन आंदोलन का ऐलान भी किया है। हालांकि, यह आंदोलन कब होगा, इसे लेकर फिलहाल कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

अनिल विज का तंज: चुनावी हार से घबराई कांग्रेस, अभी से शुरू किया रोना

चण्डीगढ हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने दिल्ली लाल किला क्षेत्र में हुए आतंकी बम ब्लास्ट पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक गंभीर आतंकी घटना है जिसमें निर्दाेष लोगों की जान गई है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और तत्परता के कारण एक बड़ी तबाही टल गई। उन्होंने कहा कि “हमारी पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते एक भयंकर साजिश को विफल किया। मैं सभी सुरक्षा बलों को सैल्यूट करता हूँ जिन्होंने एक बहुत बड़ी दुर्घटना होने से देश को बचाया।” विज आज मीडिया कर्मियों के सवालों का जवाब दे रहे थे। विज ने इस हमले में आतंकी उमर की संलिप्तता की पुष्टि होने पर कहा कि करीब 3000 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया गया है, जो किसी भी बड़े शहर को नष्ट कर सकता था।  अनिल विज ने बताया कि सभी सुरक्षा एजेंसियां इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कौन लोग इस साजिश के पीछे थे, किसने विस्फोटक सामग्री मुहैया करवाई, और यह पूरी प्लानिंग कहां से की गई। विज ने कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का स्पष्ट संदेश है कि जो भी आतंकवादी घटनाओं में शामिल होगा या उन्हें अंजाम देने में मदद करेगा, उसे किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।” “कांग्रेस को हार की आदत है, अब रोने की नई स्कीम लेकर आई है”  बिहार चुनाव को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए विज ने व्यंग्य किया कि कांग्रेस ने “हारने के बाद रोने की परंपरा” को अपनी आदत बना लिया है। उन्होंने कहा कि “कांग्रेस अपने स्कूल में कई तरह के रोने के तरीके सीख चुकी है एक, चुनाव हारने के बाद सियापा करना और दूसरा, वोट चोरी के आरोप लगाना। अगर वोट दो बन भी गईं, तो यह क्यों नहीं बताते कि कितनी डाली गईं और किसे पड़ीं? असली फायदा-नुकसान तो वोट डालने के बाद ही तय होता है।”   अंबाला में कांग्रेस द्वारा आयोजित ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ कार्यक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए विज ने कांग्रेस के नेताओं (भूपेन्द्र सिंह हुडडा) पर तंज कसते हुए कहा कि “ ये तो (हुड्डा) तो चाबी वाले खिलौने हैं। जैसे ही राहुल गांधी चाबी भरते हैं, ये चलने लगते हैं, और जब वह रोक देते हैं, तो ये भी थम जाते हैं।

हरियाणा में वायु प्रदूषण का कहर: कक्षा 1 से 5 तक स्कूल रहेंगे बंद

हरियाणा  दिल्ली-NCR क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण के मद्देनज़र हरियाणा सरकार ने एहतियाती कदम उठाए हैं। ग्रैप-3 (GRAP-3) के तहत लागू पाबंदियों के बाद शिक्षा निदेशालय ने 5वीं तक के बच्चों की ऑफलाइन कक्षाएं बंद करने के निर्देश जारी किया है। शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों के उपायुक्तों (DCs) को अधिकार दिए हैं कि वे अपने जिले में वायु गुणवत्ता की स्थिति के अनुसार निर्णय लें। निदेशालय द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि दिल्ली-NCR में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) लगातार ख़राब हो रहा है और यह गंभीर स्तर पर पहुँच गया है। गाइडलाइन के अनुसार, अब 5वीं तक के छात्रों की कक्षाएं ऑनलाइन मोड में संचालित की जाएंगी। यह व्यवस्था सरकारी और निजी दोनों स्कूलों पर लागू होगी।   शिक्षा निदेशालय के अनुसार, हरियाणा के दिल्ली-NCR क्षेत्रों में प्रदूषण चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है। सभी जिलों के डीसी को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने जिले के AQI का आकलन करें और उसके आधार पर 5वीं तक के स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी करें। डीसी का आदेश सरकारी और निजी दोनों स्कूलों पर लागू होगा। साथ ही, बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए ऑनलाइन या हाइब्रिड मोड अपनाने की सलाह दी गई है। निदेशालय ने कहा है कि प्रत्येक शहर में AQI का स्तर अलग-अलग होता है, इसलिए निर्णय लेते समय शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति का विशेष ध्यान रखा जाए। इसके अलावा, सभी जिलों के डीसी को अपने निर्णय की जानकारी "एकेडमिक हरियाणा" को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। बता देंहरियाणा सरकार का यह कदम बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। वायु गुणवत्ता में सुधार होने पर स्कूलों को पुनः खोलने पर निर्णय लिया जाएगा।  

गिल बनाम शमी! चयन का फैसला अब सेलेक्टर्स के हाथों में

नई दिल्ली  भारतीय टेस्ट कप्तान शुभमन गिल ने कहा है कि आगामी दक्षिण अफ्रीका टेस्ट सीरीज के लिए चुनी गई स्क्वॉड से मोहम्मद शमी को बाहर रखना मुश्किल फैसला था। गिल ने अपने बयान में युवा तेज गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन और भविष्य की योजना पर जोर दिया, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि शमी का टेस्ट करियर अब ढलान पर हो सकता है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज के लिए मोहम्मद शमी को टीम में शामिल न किए जाने पर काफी बहस हुई, जबकि इस अनुभवी तेज गेंदबाज ने बंगाल के लिए रणजी ट्रॉफी मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया था। गिल ने कहा कि शमी जैसे कुशल गेंदबाज का चयन नहीं कर पाना हमेशा मुश्किल होता है। भारत के कप्तान शुभमन गिल ने कहा, ‘‘अधिकतर गेंदबाज उनके स्तर के नहीं हैं। लेकिन जो गेंदबाज खेल रहे हैं उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया है। कभी-कभी शमी भाई जैसे खिलाड़ियों का टीम से बाहर होना मुश्किल होता है। चयनकर्ता ही आपको इसका बेहतर जवाब दे पाएंगे।‘‘ उन्होंने कहा, “हमारे लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि अगली सीरीज कहां है और हम कहां खेल रहे हैं। आगे की योजना बनाने के लिए। किस तरह के तेज गेंदबाज हमें सर्वश्रेष्ठ मौका दे सकते हैं? जहां तक फिटनेस और चयन मामलों का सवाल है, चयनकर्ता इस पर स्पष्ट जवाब देने की बेहतर स्थिति में होंगे।” मोहम्मद शमी ने शुरुआती दो मैचों में शानदार प्रदर्शन किया और 15 विकेट चटकाए। इसके बावजूद उन्हें नजरअंदाज किया गया। वहीं शमी ने हाल में अपनी फिटनेस पर उठाए गए सवालों के जवाब भी दिए थे और चयनकर्ताओं पर निशाना साधा था। अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति इस 35 वर्षीय तेज गेंदबाज को नजरअंदाज कर चुकी है जिनकी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आगामी दो टेस्ट मैच की श्रृंखला के लिए अनदेखी की गई है। वह पिछली बार मार्च में चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की ओर से खेले थे।  

स्वास्थ्य में क्रांति: पंजाब सरकार देगी 10 लाख रुपये तक का फ्री ट्रीटमेंट

जालंधर पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना’ के तहत हर परिवार को 10 लाख रुपये तक के इलाज की मुफ़्त सुविधा दी जा रही है। मान सरकार का उद्देश्य है कि राज्यवासियों को अधिक से अधिक स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और कागज़ रहित इलाज सुनिश्चित किया जा सके। राज्यवासियों का कहना है कि मान सरकार द्वारा चलाई गई यह योजना लोगों के लिए एक बेहतरीन पहल है। इस योजना के तहत हर व्यक्ति, चाहे वह गरीब हो या अमीर, अपना इलाज करवा सकता है। इस योजना से गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिली है। अब गरीब परिवार भी बड़े-बड़े अस्पतालों में अपना इलाज करवा सकते हैं, जबकि पहले वहां इलाज के लिए पहले पैसे देखे जाते थे और फिर इलाज होता था।  

एलजी मनोज सिन्हा का बड़ा बयान: ‘आतंकवाद विकास की राह में सबसे बड़ी बाधा

जम्मू  जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को जम्मू यूनिवर्सिटी के 19वें (द्वितीय विशेष) दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान, उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वालों और स्वर्ण पदक विजेताओं को सम्मानित किया। जम्मू यूनिवर्सिटी के विशेष दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कुलाधिपति और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने छात्रों और शिक्षकों से बदलाव को अपनाने और कौशल-प्रधान पाठ्यक्रम पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। इसके साथ ही, उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था और समाज की मांगों को पूरा करने के लिए उभरते रुझानों के साथ तालमेल बनाए रखने समेत अलग-अलग विषयों में सहयोग करने की भी अपील की। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कार्यक्रम के दौरान दिल्ली ब्लास्ट में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, "10 नवंबर को दिल्ली में हुए बम विस्फोटों में जिन लोगों को हमने खोया है, मैं उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।" उन्होंने कहा, "मेरा मानना ​​है कि आतंकवाद विकास का सबसे बड़ा दुश्मन है। जम्मू-कश्मीर के लोग लंबे समय से इस आतंक का दंश झेल रहे हैं। अब वहां के युवा नए सपने देख रहे हैं और हमें उन्हें उन मुकामों तक पहुंचने के लिए पंख देने में मदद करनी चाहिए, जिनकी देश और दुनिया का हर युवा आकांक्षा रखता है।" मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी वहां मौजूद जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वालों और स्वर्ण पदक विजेताओं को बधाई दी और सभी विषयों में छात्राओं की उल्लेखनीय उपलब्धियों की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा में परिवर्तनकारी सुधारों पर जोर दिया और जम्मू-कश्मीर के विश्वविद्यालयों में पहुंच, गुणवत्ता और प्रासंगिकता बढ़ाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'मिशन युवा' शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार और मानसिक स्वास्थ्य के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार की प्रमुख पहल है, जो उन्हें न सिर्फ रोजगार के लिए, बल्कि नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण के लिए भी तैयार करती है। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "शिक्षा परिवर्तन का मूल है। विश्वविद्यालय ने आपमें निवेश किया है। अब अपने आसपास की दुनिया में निवेश करें। सफलता इसमें नहीं है कि आप अपने लिए क्या हासिल करते हैं, बल्कि इसमें है कि आप समाज के लिए क्या योगदान देते हैं।"

अलर्ट! तेजी से फैल रही गंभीर बीमारियाँ, मरीजों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

चंडीगढ़  विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यू,एच.ओ.) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, मधुमेह जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों ने भारत में नई चुनौतियां पैदा कर दी हैं और भारत मधुमेह की राजधानी बनता जा रहा है। 2025 तक 7 करोड़ से ज्यादा लोग इससे पीड़ित होने की आशंका है। ज्यादातर मौतें हृदय रोग के कारण होती हैं। पिछले 30 सालों में हृदय रोगियों की संख्या दोगुनी हो गई है। हृदय रोग पहले पांचवें नंबर पर था, लेकिन अब यह देश की सबसे बड़ी बीमारी बन गया है। एक अध्ययन के अनुसार, पिछले तीन दशकों में भारत में लोगों के स्वास्थ्य को हुए नुकसान में हृदय, सी.ओ.पी.डी., मधुमेह और स्ट्रोक जैसी बीमारियों का सबसे बड़ा योगदान रहा है। डब्ल्यू.एच.ओ. की रिपोर्ट के अनुसार, देश में 70 प्रतिशत ओ.पी.डी. सेवाएं, 58 प्रतिशत भर्ती मरीज और 90 प्रतिशत दवाइयां और जांचें निजी हाथों में हैं। अच्छा इलाज आम आदमी की पहुंच से बाहर है। भारत में सरकारी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की आवश्यकता है। गैर-संचारी रोगों से होने वाली मौतों में 50 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। दक्षिण एशियाई क्षेत्र में लोगों के जीवन का एक बड़ा हिस्सा खराब स्वास्थ्य के कारण होता है और गैर-संचारी (एन.सी.डी.) रोग इसका एक प्रमुख कारण बनकर उभरे हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि भारत की स्वास्थ्य प्रणाली पर रोगों का 58 प्रतिशत बोझ गैर-संचारी रोगों के कारण है, जो 1990 में 29 प्रतिशत था। वायु प्रदूषण, उच्च रक्तचाप और खराब आहार इसके मुख्य कारण हैं। 1970 में औसत जीवन प्रत्याशा 47.7 वर्ष थी, जो 2020 में बढ़कर 69.6 वर्ष हो गई है। डॉक्टरों और नर्सों के अनुपात में अपेक्षाकृत सुधार हुआ है, लेकिन समग्र स्थिति अभी भी कमजोर है। 10,000 लोगों पर केवल 9 डॉक्टर और 24 नर्स हैं। इतने ही लोगों पर केवल नौ फार्मासिस्ट हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी अस्पतालों में हृदय रोग विशेषज्ञों की कमी यहां यह उल्लेखनीय है कि ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी अस्पतालों में हृदय रोग विशेषज्ञों की भारी कमी है, जिसके कारण गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को अपना इलाज कराने में कठिनाई होती है, क्योंकि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर नहीं होते और वे निजी अस्पतालों में महंगा इलाज नहीं करा पाते। सरकारों को इस ओर ध्यान देना चाहिए। मधुमेह रोगियों की संख्या बढ़ रही है भारत में कुल 11.4 प्रतिशत लोग मधुमेह और 36 प्रतिशत उच्च रक्तचाप के रोगी हैं। 15.3 प्रतिशत लोग प्री-डायबिटीज के रोगी हैं। पंजाब में उच्च रक्तचाप के रोगियों की संख्या सबसे अधिक है, जो 51.8 प्रतिशत है। मद्रास डायबिटीज रिसर्च फाउंडेशन ने भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के सहयोग से यह अध्ययन किया। इसमें यह भी पाया गया कि भारत में 28.6 प्रतिशत लोग मोटे हैं। राज्यों में, गोवा में मधुमेह के सबसे अधिक मामले (26.4 प्रतिशत) हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में सबसे कम (4.8 प्रतिशत) हैं। अध्ययन में कहा गया है कि 2017 में भारत में लगभग 7.5 प्रतिशत लोग मधुमेह से पीड़ित थे। इसका मतलब है कि तब से यह संख्या 50 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गई है। गैर-संचारी रोगों में तेजी से वृद्धि का मुख्य कारण खराब खान-पान, शारीरिक गतिविधि की कमी और तनाव को माना जा सकता है। दिल का दौरा जानलेवा: डॉ. अमनप्रीत सिंह डॉ. अमनप्रीत सिंह ने कहा कि दिल का दौरा एक जानलेवा स्थिति है। जो पिछले कुछ वर्षों में काफी आम हो गई है। सीने में दर्द दिल के दौरे का सबसे आम चेतावनी संकेत है। दिल के दौरे के लक्षण सीने में दर्द या बेचैनी, सांस लेने में तकलीफ, बांहों, कंधों या गर्दन में दर्द, पसीना आना, चक्कर आना। कई लोगों को दिल के दौरे के चेतावनी संकेतों का बिल्कुल भी एहसास नहीं होता। दिल का दौरा तब पड़ता है जब हृदय तक रक्त की आपूर्ति बंद हो जाती है। अगर ऑक्सीजन युक्त रक्त हृदय तक नहीं पहुंच पाता, तो यह हृदय को नुकसान पहुंचाता है। परिणामस्वरूप हृदय की मांसपेशियां काम करना बंद कर देती हैं। जब आपके हृदय को पर्याप्त रक्त और ऑक्सीजन नहीं मिलती, तो वह ठीक से काम नहीं कर पाता। उन्होंने कहा कि हर साल लाखों लोग दिल के दौरे से मरते हैं। ऐसा माना जाता है कि सर्दियों के मौसम में दिल के दौरे का खतरा ज़्यादा होता है। सर्दी शुरू होते ही दिल के दौरे के मामले बढ़ने लगते हैं। दिल का दौरा किसी भी मौसम में पड़ सकता है, लेकिन सर्दियों में इसका खतरा ज़्यादा होता है। सर्दियों में दिल के दौरे के मामले बढ़ जाते हैं। सर्दियों में कम तापमान के कारण, हमारे हृदय को रक्त पहुंचाने वाली धमनियां सिकुड़ जाती हैं। इस वजह से हृदय तक रक्त धीरे-धीरे पहुंचता है। दिल के दौरे से बचने के लिए, उचित गर्म कपड़े पहनने चाहिए। सुबह और रात में जब तापमान सबसे कम होता है, घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। अगर आप बाहर जाते भी हैं, तो उचित कपड़े पहनें।