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एसआईआर में सहयोग के लिये हेल्प डेस्क स्थापित

मध्यप्रदेश निर्वाचन सदन भोपाल में मतदाताओं को मार्गदर्शन एवं सहयोग करेगी हेल्प डेस्क प्रदेश के सभी कलेक्टर्स एवं ईआरओ कार्यालय में भी प्रारंभ भोपाल  भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मध्यप्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य किया जा रहा है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र श्री संजीव कुमार झा के निर्देश पर प्रदेश के मतदाताओं को एसआईआर में मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए मध्यप्रदेश निर्वाचन सदन भोपाल में हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में कलेक्टर तथा ईआरओ कार्यालय में हेल्प डेस्क स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हेल्प डेस्क पर आने वाले मतदाताओं को सही मार्गदर्शन एवं पूरा सहयोग किया जाना सुनिश्चित करें जिससे मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता से पूरा किया जा सके।  

क्लेम खारिज करना पड़ा भारी, बीमा कंपनी पर MP आयोग ने लगाया बड़ा जुर्माना

भोपाल अक्सर लोग स्वास्थ्य बीमा इसलिए कराते हैं,ताकि जब कभी भी बीमारी उन्हें घेरे तो इलाज के लिए उन्हें आर्थिक तौर पर परेशान ना होना पड़े। बीमा उपचार के दौरान बड़ा मददगार साबित होता है, लेकिन कई बार बीमा कंपनी अलग-अलग बहाना बनाकर बीमा राशि देने से इन्कार कर देती है। ऐसे ही मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के एक फैसले का उल्लेख कर कहा कि बीमा कंपनी बीमारियों के संबंध में महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाने के लिए दावे को अस्वीकार कर सकती है, लेकिन इसे प्रमाणित करने की जिम्मेदारी खुद बीमा कंपनी की है, इसलिए उपभोक्ता क्लेम का अधिकारी है। मामले में आयोग ने क्लेम की राशि पांच लाख रुपये सात फीसद ब्याज की दर से और मानसिक क्षतिपूर्ति राशि 15 हजार रुपये दो माह में देने के आदेश दिए हैं।   यह है पूरा मामला कोलार रोड स्थित मंदाकिनी कालोनी निवासी स्व. देवदास सैनी की पत्नी नुरूननिशा और बेटी सीमा सैनी ने 29 जून 2024 को केयर हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ जिला उपभोक्ता आयोग में याचिका लगाई थी। शिकायत की है कि कंपनी के बीमा एजेंट अंकित सोनी ने साल 2020 में उनके घर आकर मृतक उपभोक्ता को बीमा लेने के लिए राजी किया। उन्हें कहा गया कि यदि कोई बीमारी हुई तो आपको इलाज में एक भी रुपया खर्च नहीं करना पड़ेगा। इस आश्वासन के साथ उपभोक्ता का पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा करा दिया। अगले साल भी उपभोक्ता ने इसे 15,450 रुपये का भुगतान कर रिन्यू किया। बीमा अवधि में 23 सितंबर 2021 को तबीयत खराब होने पर देवदास सैनी को भोपाल के निजी अस्पताल में दिखाया तो यहां उन्हें निमोनिया बताकर दवाई देकर भेज दिया गया। तबीयत फिर बिगड़ने पर डाक्टर ने किडनी और यूरिन में इंफेक्शन के कारण निमोनिया होने पर भर्ती होने के लिए कहा। इसकी सूचना बीमा कंपनी को दी और अस्पताल द्वारा दस्तावेज भी भेजे गए। बीमा का पैसा न मिलने पर परिवार ने उधार लेकर इलाज जारी रखा, लेकिन जनवरी 2022 को उनकी मृत्यु हो गई। परिवार ने आवेदन में जानकारी दी कि उपभोक्ता के इलाज में कुल छह लाख 90 हजार रुपये का खर्च हुआ। बीमा कंपनी का तर्क बीमा कंपनी ने तर्क रखा कि उपभोक्ता को पहले से हाई बीपी की बीमारी थी। इसके संबंध में चार वर्ष की वेटिंग पीरियड का एक्सक्लूजन क्लाज बीमा पालिसी में डाला गया है और इसी आधार पर क्लेम खारिज किया गया है। हालांकि, देवदास सैनी की मेडिकल हिस्ट्री में कहीं भी हाई बीपी का जिक्र नहीं था। इलाज के दौरान भी पूर्व में हाई बीपी का जिक्र किसी भी अस्पताल ने नहीं किया था। ऐसे में बीमा कंपनी इस बात को साबित नहीं कर पाई।

शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के शिक्षकों के भत्तों को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए प्रस्ताव करें तैयार: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भर्ती प्रक्रिया, अधोसंरचना विकास एवं चिकित्सकीय सेवाओं की गुणवत्ता सुधार के दिए निर्देश भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में चिकित्सा शिक्षा संस्थानों, अधोसंरचना विकास परियोजनाओं, भर्ती प्रक्रिया तथा अस्पताल सेवाओं से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि विभाग में पारदर्शिता और गति सुनिश्चित करने के लिए पीईबी एवं मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से संचालित भर्ती प्रक्रियाओं को त्वरित और समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि भर्ती कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो और प्रत्येक चरण की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने विभागीय अधोसंरचना विकास परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों, उपकरणों की स्थापना तथा नई स्वास्थ्य इकाइयों के क्रियान्वयन से संबंधित परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। यदि किसी भी स्तर पर तकनीकी या प्रशासनिक समस्या आती है तो उसे प्राथमिकता से अग्रेषित कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए, जिससे परियोजनाओं का समय पर निष्पादन हो सके और जनता को लाभ मिले। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने अस्पतालों में ओ.पी.डी. में चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को समय पर चिकित्सा परामर्श मिले, इसके लिए निर्धारित समय में चिकित्सकों की उपस्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के शिक्षकों के भत्तों को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट शिक्षकों की उपलब्धता और शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए यह कदम आवश्यक है। इससे मेडिकल शिक्षा संस्थानों में दक्ष मानव संसाधन को बनाए रखने में सहायता मिलेगी। बैठक में अपर मुख्य सचिव (वित्त) श्री मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव (लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा) श्री संदीप यादव सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

ऊर्जा संरक्षण का जन जागरण हर व्यक्ति की महती जिम्मेदारी- राज्यपाल पटेल

राज्यपाल ने ऊर्जा संरक्षण की राज्य स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को प्रदान किए पुरस्कार भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण किसी एक संस्था, संगठन और सरकार की चिंता का विषय नहीं है बल्कि हम सभी के बेहतर जीवन का अनिवार्य पहलू है। ऊर्जा की बचत ही ऊर्जा का उत्पादन है। ऊर्जा संरक्षण के महत्व को जन जागरण का मुद्दा बनाना केवल सरकार के साथ समाज के हर व्यक्ति की महती जिम्मेदारी है। राज्यपाल श्री पटेल विद्युत मंत्रालय भारत सरकार के ऊर्जा संरक्षण अभियान 2025 के अंतर्गत ऊर्जा संरक्षण की राज्य स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दो श्रेणियों में प्रतिभागियों और विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए और बधाई दी। राष्ट्रीय चित्रकला प्रतियोगिता के लिए चयनित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल के सदस्यों का भी सम्मान किया। राज्य स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन ऊर्जा दक्षता ब्यूरो, एन.एच.डी.सी. लिमिटेड और मध्यप्रदेश सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वाधान में सुभाष भवन भोपाल में किया गया था। ऊर्जा की हर यूनिट की बचत, राष्ट्र विकास में योगदान राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि चित्रकला, अंतर्मन की मार्मिक अभिव्यक्ति है। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों द्वारा ऊर्जा संरक्षण पर बनाए गए चित्र अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने उपस्थित जनों से अपील की कि वे चित्रकला प्रदर्शनी का अवलोकन ज़रूर करें। प्रतिभावान बाल चित्रकारों की रचनात्मकता और ऊर्जा संरक्षण संदेशों को समझे, उनका अनुसरण करें। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि ऊर्जा बचत की शुरूआत हमें अपने घर से करना चाहिए। सुबह से शाम तक हर क्षण, सजग रहकर ऊर्जा बचत करना होगा। घर के बड़े-बुजूर्गों द्वारा बच्चों को ऊर्जा के महत्व, जरूरत और बचत का संस्कार बचपन से ही दिया जाना चाहिए। ऊर्जा की हर यूनिट की बचत, प्रकृति संरक्षण के साथ राष्ट्र विकास में योगदान है। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि ऊर्जा की जरूरत और संरक्षण के महत्व को शैक्षणिक पाठ्यक्रम और गतिविधियों में शामिल किया जाना चाहिए। ताकि भावी पीढ़ी को ऊर्जा साक्षर नागरिक के रूप में तैयार किया जा सके। उन्होंने कहा कि दूरस्थ अंचलों से लेकर शहरों तक ऊर्जा संरक्षण के ऐसे प्रयास हो कि आम नागरिक, ऊर्जा बचत की सावधानियों, उपायों और प्रयासों को सजगता, संवेदनशीलता और सक्रियता के साथ दैनिक जीवन में लागू करें। राज्यपाल श्री पटेल ने प्रदेश में ऊर्जा संरक्षण अभियान को कुशलता और समर्पण से गति देने और राज्य की ऊर्जा क्षमताओं को नई ऊंचाई तक ले जाने के प्रयासों के लिए एन.एच.डी.सी. की सराहना की। ऊर्जा संरक्षण और अच्छे स्वास्थ्य के लिए अनुशासन जरूरी राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि जिस प्रकार ऊर्जा संरक्षण प्रकृति के लिए जरुरी है। सतत जागरूकता और सक्रिय प्रयासों से ऊर्जा की बचत की जा सकती है। उसी प्रकार तेजस्वी जीवन के लिए स्वस्थ शरीर भी जरूरी है। उन्होंने कहा की अच्छा खान-पान, नियमित व्यायाम, भरपूर पानी और नींद उत्तम स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। इसलिए विद्यार्थी अपनी दिन चर्या में अनुशासन का पालन करें। संतुलित दिनचर्या अपनाकर नियमित अध्ययन करें। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को संयमित जीवन, अनुशासन और पौष्टिक आहार का महत्व जरूर बताएं। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने राज्य स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन कर किया। उनका NHDC के प्रबंध निदेशक श्री राजीव जैन ने पौधा और शॉल भेंट कर स्वागत तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। श्री राजीव जैन ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के आयोजन की विस्तृत जानकारी दी। मुख्य महाप्रबंधक मानव संसाधन श्री अशोक कुमार ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में NHDC के पदाधिकारी, निर्णायक मंडल के सदस्य, प्रतिभागी बच्चे और उनके अभिभावक उपस्थित थे। 

बिहार में सत्ता बदलने का संकेत! अखिलेश बोले—तेजस्वी की ही बनेगी सरकार

बरेली यूपी के बरेली पहुंचे सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा, पिछले चुनाव में भाजपा ने अपने हिसाब से अधिकारियों की जगह-जगह पोस्टिंग करा दी थी। उन्होंने आरोप लगाया, लोकसभा चुनाव में भाजपा के एजेंट बनकर अधिकारियों ने वोटिंग कराई थी। लाखों लोगों को वोट डालने से वंचित कर दिया था। अखिलेश यादव बरेली में बहेड़ी विधायक अताउर रहमान की बेटी की शादी में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। शादी समारोह निपटाने के बाद अखिलेश ने प्रेस कान्फ्रेंस की। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव के रिजल्ट पर भी विस्तार से चर्चा की। एग्जिल पोल में दिख रही एनडीए की जीत को अखिलेश ने गलत बताया। उन्होंने कहा, शुक्रवार को वोटिंग की गिनती शुरू होने के साथ ही एग्जिट पोल के सभी नतीजे धराशाई हो जाएंगे।   बिहार में तेजस्वी यादव की ही सरकार बनेगी। लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव बोले, अगर अधिकारी धांधली न करते तो परिणाम कुछ और होता। अखिलेश ने चुनाव आयोग पर भी गंभीर आरोप लगाए। बोले-धांधली को लेकर हमने कई बार शिकायत की लेकिन चुनाव आयोग ने कोई ध्यान नहीं दिया। भाजपा सरकार हमेशा से लोगों का ध्यान असल मुद्दों से भटकाती रही है। एसआईआर को लेकर अखिलेश यादव ने कहा, उत्तर प्रदेश में एसआईआर का काम शुरू करके तीन महीने के लिए सभी राजनीतिक पार्टियों को उलझा दिया है। प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान अखिलेश ने सपा कार्यकर्ताओं को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा, पीडीए प्रहरी बनकर हर वोट की रक्षा करें। किसी का वोट बने से ना छूटने पाए। हमें उम्मीद है कि चुनाव आयोग इस बार भाजपा का आयोग बनकर नहीं रहेगा। अखिलेश बोले, बरेली के लिए समाजवादी पार्टी आगामी चुनाव में अपना अलग मेनिफेस्टो खुद तैयार करेगी। सपा जिला अध्यक्ष अगम मौर्य के यहां पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के आने पर कुछ देर के लिए भगदड़ मच गई। अखिलेश यादव से मिलने, हाथ मिलाने के चक्कर में जुटी भीड़ अनियंत्रित हो गई। लोगों में धक्कामुक्की होने लगी और आवास में घुसने की कोशिश के चलते अफरातफरी मच गई। भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस को भी पसीना छूट गया। गेट पर सीढ़ी और रैंप पर कई लोग फिसल गए। भगदड़ में एक सिपाही, सपा की कार्यकत्री समेत कई लोग गिरकर घायल हो गए।  

दिल्ली ब्लास्ट आरोपियों पर महिपाल ढांडा का विवादित बयान, कही 72 हूरों वाली बात

पानीपत  दिल्ली ब्लास्ट को लेकर हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा का सख्त बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा एजेंसियां और सरकार पूरी ताकत से कार्रवाई कर रही हैं, जिससे आरोपी डरे हुए हैं और छिपने की कोशिश कर रहे हैं। मंत्री ने कहा कि यह नया भारत है, ऐसे लोगों की जगह या तो जेल में होगी या 72 हूरों के पास। ढांडा ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद फैलाने वालों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा और एक-एक कड़ी जोड़कर सभी को कानून के शिकंजे में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले यह कहते थे कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, अब सच्चाई सबके सामने है। अल फलहा यूनिवर्सिटी पर उठे सवालों के जवाब में मंत्री ने कहा कि कोई भी शिक्षण संस्थान गलत विचारधारा नहीं सिखाता, लेकिन युवाओं का ब्रेनवॉश करने वाले मौलवियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि भारत किसी भी आतंकी गतिविधि या हमले को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। 

मुख्यमंत्री ने 1.33 लाख से अधिक किसानों के खातों में 233 करोड़ रुपए भावांतर राशि अंतरित की

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भावांतर भुगतान, अन्नदाता के उत्थान का पर्याय है। अन्नदाता को दी गई एमएसपी की गारंटी की पूर्ति करते हुए सोयाबीन भावांतर योजना में 1 लाख 33 हजार किसानों के खाते में 233 करोड रुपए की राशि अंतरित की गई है। यह इस बात का प्रमाण है कि हमने जो कहा उसे कर दिखाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में अनेक किसान हितैषी योजनाएं संचालित की जा रही है। मध्यप्रदेश किसानों को उपज का उचित लाभ दिलवाने के लिए भावान्तर योजना लागू करने वाला देश का पहला राज्य है। पिछले साल सोयाबीन का भाव 4800 रुपए था, इस बार किसानों को 500 रुपए प्रति क्विंटल का लाभ देकर 5300 रुपए से अधिक कीमत पर सोयाबीन खरीदा जा रहा है। भावान्तर योजना के लिए प्रदेश में 9 लाख से अधिक किसानों ने सोयाबीन बेचने के लिए पंजीयन किया। आज 1.33 लाख किसानों के खाते में राशि भेजी गई है। हमारी सरकार ने योजना की शुरुआत करने के 15 दिन में ही किसानों से किया वादा पूरा किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को देवास से प्रदेश के 1.33 लाख सोयाबीन उत्पादक किसानों को भावान्तर योजना के अंतर्गत 233 करोड़ रुपए की राशि अंतरित करने के बाद विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ कर कन्या-पूजन भी किया। वंदे मातरम के गान ने वातावरण को देशभक्ति की भावना का संचार किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवास जिले के सर्वांगीण विकास के लिए 183.25 करोड़ लागत के विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। साथ ही हितग्राहियों को जैविक खेती, कृषि यंत्र एवं पीएमएफएमई सहित विभिन्न योजनाओं में हितलाभ वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि यंत्रों एवं जैविक खेती को प्रोत्साहित करने वाली प्रदर्शनी का शुभारंभ कर अवलोकन किया। 220 से अधिक मुख्य और 80 उप मंडियों में की जा रही खरीदी : सारी प्रक्रिया ई-मंडी पोर्टल पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में वर्ष-2026 को कृषि आधारित उद्योग वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भावांतर योजना पंजीकृत किसान 15 जनवरी तक अपनी सोयाबीन मंडियों में बेच सकेंगे। पूरे प्रदेश में 220 से अधिक मुख्य मंडियों और 80 उप मंडियों में खरीदी की जा रही है। रेट पारदर्शी तरीके से तय हो रहे हैं, सारी प्रक्रिया ई-मंडी पोर्टल पर है, किसान का डाटा अपने आप दिख रहा है, पैसा सीधे ऑनलाइन खाते में पहुंचने की व्यवस्था की गई है और हर कदम पर रियल टाइम एंट्री और सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है। किसानों की सुविधा के लिए भावांतर कॉल सेंटर भी स्थापित किया गया है। भावांतर योजना लागू होने से फसल बेचने में किसानों को होने वाली कई परेशानियां दूर हो गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक दिसंबर को गीता जयंती भी पूरी भव्यता के साथ मनाई जाएगी। प्रदेश के नगरों में गीता भवन बनाए जा रहे हैं। साथ ही प्रत्येक विकासखंड में वृंदावन ग्राम बनाए जाएंगे। नरवाई की समस्या के निदान के लिए लगाए जा रहे हैं कम्प्रेस्ट बायो गैस प्लांट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे लिए धरती पुत्र किसान और सीमा पर जवान, दोनों समान सम्मान का भाव रखते हैं। धरती पुत्र किसानों से देश की विशेष पहचान बनी है। किसानों की समृद्धि के लिए राज्य सरकार खेती के साथ-साथ गोपालन को भी प्रोत्साहित कर रही है। किसान प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए पंजीयन कराएं और 4 हजार रुपए प्रति एकड़ अनुदान का लाभ उठाएं। प्रदेश में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना शुरू की गई है। योजना में अगर कोई किसान 40 लाख रूपए लागत का डेयरी व्यवसाय शुरू करता है तो राज्य सरकार की ओर से 10 लाख रुपए की सब्सिडी दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के लिए नरवाई की समस्या खत्म करने की दिशा में कदम उठाते हुए प्रदेश में कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट का शुभारंभ किया गया है। बहनों का आर्थिक सशक्तिकरण सनातन संस्कृति का गौरव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार 12 नवम्बर को लाड़ली बहनों को जारी बढ़ी हुई राशि का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की बहनों और किसानों को लगातार सौगातें मिल रही हैं। बहनों का आर्थिक सशक्तिकरण सनातन संस्कृति का गौरव है। भारत दुनिया का एक मात्र देश है, जो मातृ सत्ता को स्वीकार करता है। उन्होंने कहा कि जहां देवियों का वास है, वही देवास है। उन्होंने देवास स्थित नोट प्रेस का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां के नोट दुनिया में भारत का मान बढ़ाते हैं। भले ही नोट अर्थव्यवस्था को गति देते हों, लेकिन सोयाबीन, कपास और गेहूं का उत्पादन देश की अर्थव्यवस्था को आधार प्रदान करता है। कृषि उत्पादन में मध्यप्रदेश का योगदान देश में महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार ने मोटे अनाज 'श्रीअन्न' पर दिया बोनस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने मोटा अनाज 'श्रीअन्न' खरीदने के लिए मंडला, बालाघाट, जबलपुर सहित 11 जिलों के लिए किसानों को कोदो-कुटकी पर 1000 रुपए प्रति क्विंटल बोनस दिया है। धान और गेहूं उत्पादक किसानों को भी बोनस का लाभ मिला है, चरणबद्ध रूप से गेहूं की कीमतें बढ़ाई जा रही है। संकल्प पत्र में किये वादे को पूरा करते हुए लाड़ली बहना योजना में बहनों के लिए भी राशि बढ़ाकर 1500 रुपए कर दी गई है। किसानों को सोलर पंप लगाने के लिए अनुदान का लाभ दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब प्रत्येक 7 दिन में प्रदेशवासियों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत राशि अंतरित की जाएगी। प्रदेश में औद्योगीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार को पिछले दिनों भारत सरकार की ओर से 4 पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। देवास जिले में भावान्तर योजना के लिए सबसे अधिक हुआ पंजीयन कृषि मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि मध्यप्रदेश किसानों के लिए भावान्तर योजना संचालित करने वाला देश का इकलौता राज्य है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य में किसान हितैषी सरकार है। मुख्यमंत्री का किसान मोर्चा और नागरिकों ने किया स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. यादव के देवास पहुँचने पर … Read more

ट्रकों की अवैध पासिंग के नाम पर उगाही! 7000 रुपए लेते पकड़े गए RTO-खनन विभाग के अधिकारी

लखनऊ यूपी एसटीएफ (UPSTF) ने ओवरलोड ट्रकों को अवैध तरीके से पास कराने वाले एक बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। इस रैकेट में परिवहन विभाग और खनन विभाग के कई अधिकारियों की मिलीभगत सामने आई है। जांच में खुलासा हुआ है कि बालू और मौरंग से लदे ओवरलोड ट्रकों को बिना चेकिंग के यूपी में चलाने के लिए दलाल एक ट्रक से 7000 रुपये वसूलते थे। इसमें से 5000 रुपये सीधे आरटीओ और खनन विभाग के अफसरों तक पहुंचते थे। कई जिलों में छापेमारी, एफआईआर दर्ज UPSTF ने लखनऊ, फतेहपुर, उन्नाव और रायबरेली में एक साथ छापेमारी की। जांच के बाद एआरटीओ, पीटीओ और खनन अधिकारियों समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। लखनऊ के मड़ियांव थाने में एआरटीओ राजू बंसल, पीटीओ मनोज भारद्वाज समेत 9 लोगों पर मुकदमा दर्ज। फतेहपुर के खनन अधिकारी देशराज पटेल सहित 6 लोगों पर एफआईआर। रायबरेली, एआरटीओ पुष्पांजली और एक अन्य आरोपी को नामजद किया गया है। वहीं, उन्नाव के शहर कोतवाली में मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर में अफसरों के साथ उनके गनर और ड्राइवरों के नाम भी शामिल हैं, जो इस अवैध वसूली में भूमिका निभा रहे थे। ऐसे चलता था वसूली का खेल एसटीएफ की जांच में सामने आया कि बांदा-हमीरपुर से लेकर लखनऊ तक ओवरलोड ट्रकों को पास कराने का पूरा नेटवर्क चल रहा था। दलाल रात में ही अधिकारियों को ट्रक नंबर और वसूली गई रकम की जानकारी भेज देते थे ताकि सुबह किसी भी चेकिंग में ट्रक को न रोका जाए। अगर कोई ट्रक पकड़ा भी जाता, तो बिना चालान के छोड़ दिया जाता था। इस कार्रवाई के बाद यूपी एसटीएफ ने पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए आगे की जांच तेज कर दी है। अधिकारी अब यह पता लगा रहे हैं कि इस सिंडिकेट से जुड़े और कौन-कौन से अफसर और कर्मचारी हैं।

भीषण सड़क हादसा: बाइक टक्कर में एक की जान गई, तीन घायल

कवर्धा जिले में तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला, जब मोटरसाइकिलों में जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हुए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई। जानकारी के अनुसार, यह हादसा कूकदूर थाना क्षेत्र के चितरहीन मंदिर मोड़ के पास हुआ है। मृतक की पहचान रामकुमार यादव, निवासी नागाडबरा के रूप में हुई है। घायलों में दो युवक मध्यप्रदेश के बजाग जिले के निवासी बताए गए हैं। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने मर्ग कायम कर मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्च्यूरी भेज दिया है और मामले की जांच की जा रही है।

विमान दुर्घटना में पायलट निर्दोष: जांच रिपोर्ट पर केंद्र की सफाई

नई दिल्ली  केंद्र ने बृहस्पतिवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि 12 जून को हुए विमान हादसे के संबंध में एएआईबी की प्रारंभिक रिपोर्ट में एअर इंडिया के पायलट को दोषी नहीं ठहराया गया है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ को बताया कि विमान दुर्घटना की जांच के लिए विमान दुर्घटना जांच बोर्ड की जांच टीम का गठन अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के तहत किया गया था और इसके लिए वैधानिक प्रावधान है। न्यायमूर्ति बागची ने कहा, ‘‘एएआईबी जाँच किसी पर दोष मढ़ने के लिए नहीं है। यह केवल कारण स्पष्ट करने के लिए है ताकि ऐसा दोबारा न हो।'' मामले में एक गैर सरकारी संगठन की ओर से पेश हुए अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि इतने बड़े पैमाने की दुर्घटना की ‘कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी' की तरह समानांतर जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पायलट फेडरेशन ने कहा है कि इन विमानों पर भरोसा नहीं किया जा सकता और इनमें उड़ान भरने वाले लोगों के लिए बहुत बड़ा खतरा है। न्यायमूर्ति कांत ने कहा कि यह कार्यवाही एक एअरलाइन बनाम दूसरी एअरलाइन के बीच लड़ाई नहीं बननी चाहिए। उन्होंने मेहता से मृतक के पिता द्वारा दायर याचिका पर जवाब दाखिल करने को कहा। पीठ ने मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद के लिए स्थगित कर दी। इस साल 12 जून को, एअर इंडिया की उड़ान संख्या एआई 171 वाला बोइंग 787-8 विमान लंदन के गैटविक हवाई अड्डे के लिए अहमदाबाद से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद एक मेडिकल हॉस्टल परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिससे इसमें सवार 241 लोगों सहित कुल 265 लोगों की मौत हो गई थी। विमान में सवार मरने वाले लोगों में से 169 भारतीय, 52 ब्रिटिश, सात पुर्तगाली और एक कनाडाई नागरिक तथा चालक दल के 12 सदस्य शामिल थे। दुर्घटना में जीवित बचे एकमात्र व्यक्ति ब्रिटिश नागरिक विश्वाशकुमार रमेश थे।