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उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा की अध्यक्षता में विधायकों और पूर्व विधायकों के वेतन-भत्ते व पेंशन पर हुई बैठक

भोपाल उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा की अध्यक्षता में विधायकों और पूर्व विधायकों के वेतन भत्ते, पेंशन आदि के संबंध में गठित समिति की द्वितीय बैठक गुरूवार को मंत्रालय में हुई। बैठक में विधायक सर्व अजय विश्नोई एवं  सचिन सुभाषचंद्र यादव उपस्थित रहे। समिति ने महाराष्ट्र, गुजरात एवं छत्तीसगढ़ के राज्यों में विधायक एवं पूर्व विधायक को मिलने वाली वेतन भत्ते एवं पेंशन राशि पर विस्तृत चर्चा की गई। समिति ने यह निर्णय लिया कि अगामी बैठक में मध्यप्रदेश के विधायकों/पूर्व विधायकों को मिलने वाली सुविधा पर अंतिम निर्णय लिया जायेगा। समिति के सदस्य सचिव अपर मुख्य सचिव,  अनुपम राजन, अपर मुख्य सचिव वित्त, मनीष रस्तोगी, विधान सभा के प्रमुख सचिव  अरविन्द शर्मा एवं अपर सचिव  वीरेन्द्र कुमार उपस्थित रहे।  

ईडी की बड़ी कार्रवाई: पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे की ₹61.20 करोड़ की संपत्ति जब्त

नई दिल्ली प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की चल रही जांच के तहत बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की ₹61.20 करोड़ की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क कर ली है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत की गई है। धन शोधन के मामलों की जांच के तहत कार्रवाई ईडी के अनुसार, कुर्क की गई संपत्तियों में ₹59.96 करोड़ मूल्य की 364 आवासीय भूखंडों और कृषि भूमि के रूप में अचल संपत्तियां शामिल हैं। इसके अलावा, ₹1.24 करोड़ की चल संपत्तियां बैंक बैलेंस और सावधि जमा के रूप में पाई गई हैं। यह कदम छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाले से जुड़े धन शोधन के मामलों की जांच के दौरान उठाया गया है। ईडी की कार्रवाई से राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। ईडी ने इन संपत्तियों को कुर्क किया     59.96 करोड़ रुपये मूल्य के 364 आवासीय भूखंडों और कृषि भूमि के रूप में अचल संपत्तियां     1.24 करोड़ रुपये मूल्य की बैंक बैलेंस और सावधि जमा के रूप में चल संपत्तियां।     अनुसूचित अपराधों के माध्यम से अर्जित 2500 करोड़ रुपये की अपराध आय (पीओसी)। ईडी ने बताया- चैतन्य बघेल शराब सिंडिकेट के शीर्ष पर थे ईडी के अनुसार पीएमएलए के तहत की गई जांच से पता चला है कि भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल शराब सिंडिकेट के शीर्ष पर तैनात थे। मुख्यमंत्री के पुत्र होने के नाते, उन्हें शराब सिंडिकेट का नियंत्रक और अंतिम अधिकारी बनाया गया था। वह सिंडिकेट की ओर से एकत्रित सभी अवैध धन का हिसाब रखते थे। ये धन (अपराध की आय या पीओसी) के संग्रह, चैनलाइजेशन और वितरण से संबंधित सभी बड़े फैसले उनके निर्देशों के तहत लिए जाते थे। चैतन्य बघेल को हुई अपराध की आय ईडी की जांच में यह पता चला कि चैतन्य बघेल के पास अपराध से हुई आय गई। इसे उन्होंने अपने रियल एस्टेट व्यवसाय के माध्यम से बढ़ाया और बेदाग संपत्ति के रूप में पेश किया। चैतन्य बघेल ने शराब घोटाले से प्राप्त पीओसी का उपयोग अपनी स्वामित्व वाली कंपनी मेसर्स बघेल डेवलपर्स के तहत अपनी रियल एस्टेट परियोजना विट्ठल ग्रीन के विकास के लिए किया। चैतन्य बघेल को ईडी ने 18 जुलाई 2025  को गिरफ्तार किया और वे वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं। इस मामले में पूर्व आबकारी मंत्री की हो चुकी है गिरफ्तारी इससे पहले, इस मामले में अनिल टुटेजा (पूर्व आईएएस), अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, अरुण पति त्रिपाठी (आईटीएस) और कवासी लखमा (विधायक और छत्तीसगढ़ के तत्कालीन आबकारी मंत्री) को ईडी ने गिरफ्तार किया था। ईडी ने बताया कि 61.20 करोड़ रुपये की वर्तमान कुर्की, लगभग 215 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियों की पूर्व में की गई कुर्की का ही एक हिस्सा है। आगे की जांच जारी है।  

RBI का नया नियम: बदल गए आपके बैंक के डोमेन नेम, जानें क्या है नया वेब एड्रेस

मुंबई  अगली बार जब आप अपने बैंक की वेबसाइट खोलने जाएं, तो एक पल रुकिए। अगर आपकी उंगलियां sbi.com या hdfcbank.com टाइप करने जा रही हैं, तो यह खबर आपके और आपके पैसों के लिए बेहद जरूरी है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के सख्त निर्देश पर देश के सभी बड़े-छोटे बैंकों ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट का डोमेन नाम बदल दिया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई), एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक सहित तमाम बैंक अब '.bank.in' डोमेन पर शिफ्ट हो गए हैं। यह कदम साइबर फिशिंग हमलों से ग्राहकों की गाढ़ी कमाई बचाने के लिए उठाया गया अब तक का सबसे मजबूत उपाय है। फिशिंग का बढ़ता खतरा आरबीआई के इस फैसले की जड़ में ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड के बढ़ते मामले हैं। फिशिंग अपराधी बैंक की असली वेबसाइट से मिलती-जुलती नकली साइट बनाकर यूजर्स को ठगते थे। उदाहरण के तौर पर, अगर असली साइट 'mybank.com' थी, तो ठग 'mybank.co.in' या 'mybank-online.com' जैसी फर्जी साइट बना लेते। ये साइट्स रंग-रूप, लोगो और डिजाइन में पूरी तरह असली जैसी लगती थीं। अपराधी एसएमएस या ईमेल भेजकर डराते या लालच देते – जैसे 'आपका अकाउंट ब्लॉक हो गया', 'KYC एक्सपायर हो गई' या '50,000 रुपये की लॉटरी जीत गए'। लिंक पर क्लिक करते ही यूजर नकली साइट पर पहुंचता और यूजरनेम, पासवर्ड, ओटीपी डाल देता। नतीजा? ठग खाता खाली कर देते। पुराने '.com' या '.in' डोमेन कोई भी आसानी से खरीद सकता था, इसलिए रोकना मुश्किल था। नया सुरक्षा कवच कैसे काम करेगा? आरबीआई ने फिशिंग के इस जाल को तोड़ने के लिए '.bank.in' डोमेन अनिवार्य किया है। यह सामान्य डोमेन नहीं, बल्कि हाई-सिक्योरिटी जोन है। '.com', '.in' या '.org' जैसे टॉप-लेवल डोमेन (TLD) कोई भी रजिस्टर करा सकता है, लेकिन '.bank.in' केवल आरबीआई से लाइसेंस प्राप्त वित्तीय संस्थानों को ही मिलेगा। कड़ी सत्यापन प्रक्रिया: बैंक को आरबीआई की सभी शर्तें पूरी करनी होंगी। फर्जी साइट्स पर रोक: अब कोई ठग '.bank.in' से मिलती-जुलती नकली वेबसाइट नहीं बना पाएगा। गारंटीड सुरक्षा: यह डोमेन खुद एक पहचान पत्र की तरह है, जो पुष्टि करता है कि आप असली और वेरिफाइड बैंकिंग पोर्टल पर हैं। यह ठीक वैसा ही है जैसे सरकारी साइट्स के लिए 'gov.in' या 'nic.in' विश्वसनीयता की गारंटी देते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव से फिशिंग अटैक में भारी गिरावट आएगी और ग्राहक निश्चिंत होकर ऑनलाइन बैंकिंग कर सकेंगे। आरबीआई ने बैंकों को निर्देश दिया है कि पुरानी साइट्स से यूजर्स को स्वचालित रूप से नई '.bank.in' साइट पर रीडायरेक्ट किया जाए। ग्राहकों से अपील है कि हमेशा ब्राउजर में '.bank.in' चेक करें और संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।  

मुख्यमंत्री साय ने दिखाई संवेदना, जनदर्शन में श्रवण बाधित रमन को दी त्वरित मदद

रायपुर संवेदनशीलता और जनसेवा का एक और उदाहरण पेश करते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में रायपुर निवासी रमन निर्मलकर को श्रवण यंत्र प्रदान किया। मुख्यमंत्री की इस त्वरित पहल ने एक व्यक्ति की जिंदगी बदल दी रमन ने भावुक होकर कहा, “अब फिर से सुन पा रहा हूं।” ब्राह्मणपारा वार्ड निवासी रमन निर्मलकर लंबे समय से श्रवण समस्या से जूझ रहे थे। कुछ महीनों पहले उनकी सुनने की क्षमता पूरी तरह समाप्त हो गई थी। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे श्रवण यंत्र खरीदने में असमर्थ थे। ऐसे में जब वे मुख्यमंत्री जनदर्शन में पहुंचे और अपनी समस्या बताई, तो मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिना किसी देरी के तुरंत श्रवण यंत्र दिलाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री की पहल के बाद मौके पर ही उन्हें नया श्रवण यंत्र प्रदान किया गया। यंत्र लगाने के कुछ ही क्षण बाद रमन की आंखों में खुशी के आंसू झलक उठे। उन्होंने मुख्यमंत्री साय का आभार जताते हुए कहा, “मुख्यमंत्री जी ने मेरी परेशानी को दिल से समझा। आज मैं फिर से सुन पा रहा हूं, यह मेरे लिए नई जिंदगी की शुरुआत है। उनका दिल से धन्यवाद करता हूं।” गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा जनदर्शन में आमजन की समस्याओं पर तुरंत संज्ञान लेकर सहायता प्रदान करने की यह पहल जनकल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भी मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय क्षमता की सराहना की। अधिकारियों ने बताया कि जनदर्शन में आने वाले आम नागरिकों की समस्याओं को मुख्यमंत्री स्वयं सुनते हैं और संबंधित विभागों को तत्काल समाधान के निर्देश देते हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया

जनदर्शन में वूमेन्स सेल्फ डिफेंस ऑर्गनाइजेशन के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात रायपुर, मुख्यमंत्री निवास में आज आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में वूमेन्स सेल्फ डिफेंस ऑर्गनाइजेशन छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपकर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कराटे, कुश्ती और ताइक्वांडो जैसे खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों के लिए स्वेच्छानुदान स्वीकृत करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने संगठन के पदाधिकारियों और खिलाड़ियों द्वारा रखे गए सुझावों और मांगों को ध्यानपूर्वक सुना। खिलाड़ियों ने बताया कि वे देश और विदेश में विभिन्न प्रतियोगिताओं में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं तथा आगे भी राज्य का नाम और ऊंचा करने के लिए निरंतर प्रशिक्षण और सहयोग की आवश्यकता है। खिलाड़ियों ने खेल उपकरण, प्रशिक्षण सुविधाओं और प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने खिलाड़ियों की भावनाओं की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं के सम्मान और प्रोत्साहन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर यथासंभव सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा और खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भी बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

‘प्राइवेसी की इज्जत करो, ये शर्मनाक है’…फेक न्यूज पर भड़के राकेश बेदी

  मुंबई,  अभिनेता और कमीडियन राकेश बेदी ने सोशल मीडिया पर फेक न्यूज और लोगों की निजता भंग करने पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपलोड वीडियो में न केवल मीडिया, बल्कि फेक न्यूज फैलाने वाले लोगों को भी फटकार लगाई। इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का उल्लेख करते हुए लोगों से अपील की कि बिना पुष्टि के कोई खबर न फैलाएं, खासकर जब बात किसी की निजी जिंदगी और स्वास्थ्य की हो। राकेश बेदी ने अपने वीडियो में कहा, “दोस्तों, धरम जी के मामले में जो कुछ हुआ, उसे लेकर जो खबरें चल रही हैं, वो पूरी तरह गलत हैं। मुझे बहुत दुख हो रहा है। मीडिया, सोशल मीडिया हो या आम लोग कोई भी बिना सत्यता जांचे खबरें फैला रहा है। जिन लोगों ने मुझे ये फेक न्यूज भेजी, मैंने उनसे साफ कहा कि इसे आगे न भेजें। जब तक 100 प्रतिशत पुष्टि न हो, किसी भी खबर को शेयर करना गलत है।” अभिनेता ने खास तौर पर अस्पताल में रिकॉर्ड किए गए निजी वीडियो पर गुस्सा जताया। उन्होंने कहा, “ऊपर से किसी की प्राइवेट बातचीत, हॉस्पिटल के वीडियो को लोग चटकारे लेकर फॉरवर्ड कर रहे हैं। ये बहुत शर्मनाक है। चाहे कोई स्टार, सेलिब्रिटी हो या आम इंसान, हर किसी की प्राइवेसी की इज्जत करनी चाहिए। ये बिल्कुल गलत है। मैं बहुत अपसेट हूं।” राकेश बेदी ने अपने फैंस और फॉलोअर्स से अनुरोध किया कि सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी से काम करें। उन्होंने कहा, “बात गंभीर है। कृपया ऐसी अफवाहें न फैलाएं। सच्चाई पता करें, तब ही शेयर करें। किसी की मुश्किल में मजा लेना इंसानियत के खिलाफ है।” इस वीडियो के बाद फैंस राकेश बेदी की बात का समर्थन करते नजर आए। एक फैन ने लिखा, “फेक न्यूज रोकने के लिए सबको जागरूक होना चाहिए।” दूसरे ने लिखा, “अफवाह खतरनाक हो सकती हैं, इससे दूर रहना चाहिए।”  

सूरजपुर के नन्हे वैज्ञानिकों की बड़ी उपलब्धि: चार मॉडल राज्य स्तरीय प्रदर्शनी के लिए चुने गए

विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत विषय पर आधारित है यह कार्यक्रम रायपुर, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद नई दिल्ली के आदेशानुसार प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी बच्चों के लिए जोन स्तरीय राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी, पश्चिम भारत विज्ञान मेला एवं विज्ञान नाटिका प्रतियोगिताओं का आयोजन शा.बहु.उ.मा.वि. अंबिकापुर जिला सरगुजा में संपन्न हुआ। इस प्रतियोगिता में सूरजपुर जिले के चार विद्यार्थियों का बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में राज्य स्तर के लिए चयन हुआ है। इस वर्ष छत्तीसगढ़ के 9 जोन के प्रतिभागियों का राज्य स्तरीय कार्यक्रम जशपुर जिले के स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय जयपुर में 12 सितंबर 2025 से 15 सितंबर 2025 तक आयोजन किया गया। इस वर्ष कार्यक्रम का विषय विकसित और आत्मनिर्भर भारत है, जिसके अंतर्गत सात उप विषय सतत कृषि, अपशिष्ट प्रबंधन और प्लास्टिक के विकल्प, हरित ऊर्जा, उभरती हुई प्रौद्योगिकी, मनोरंजक गणितीय मॉडलिंग, स्वास्थ्य और स्वच्छता एवं जल संरक्षण और प्रबंधन है। इस प्रतियोगिता में शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामानुजनगर के छात्र अविनाश सिंह (कक्षा 12वीं) और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कारवां की छात्रा गीता सिंह (कक्षा 12वीं) का स्वास्थ्य और स्वच्छता पर प्रादर्श बनाने के लिए, नवल साय (कक्षा 10वीं) का सतत कृषि के लिए प्रादर्श बनाने एवं सेजेस जयनगर के छात्र मोहम्मद आसिफ अंसारी (कक्षा 8वीं) का उभरती हुई प्रौद्योगिकी के लिए प्रादर्श बनाकर प्रस्तुति दी गई। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छात्रों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नए विचारों को तलाशने और विकसित करने के लिए प्रेरित करना है। यह मेला विकसित भारत तथा आत्मनिर्भर भारत जैसे विषयों पर केंद्रित है जिसका लक्ष्य विद्यार्थियों के रचनात्मक सोच, संचार कौशल और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना है।

धीरेंद्र शास्त्री की बिगड़ी तबीयत, कल भी था 100 डिग्री बुखार

फरीदाबाद  हरियाणा में बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ‘सनातन एकता पदयात्रा’ का आज आखिरी दिन है। आज दोपहर बाद यात्रा बॉर्डर को क्रॉस कर यूपी में एंटर कर जाएगी। पदयात्रा के दौरान बड़ी खबर सामने आ रही है कि धीरेंद्र शास्त्री की तबीयत फिर से खराब हो गई है। उन्हें सड़क पर ही लेटाया गया है। बता दें कि बीते दिन बुधवार को भी धीरेंद्र शास्त्री की तबीयत खराब हो गई थी। उन्हें 100 डिग्री बुखार था। वह सड़क पर ही लेट गए थे। डॉक्टरों ने उनका वहीं इलाज किया और उन्हें 2 दिन आराम करने की सलाह दी थी, लेकिन धीरेंद्र शास्त्री ने यात्रा नहीं रोकी, उसे जारी रखा। 

सफल ऑपरेशन: सुरक्षाबलों ने कुख्यात माओवादी दंपती सहित 6 नक्सलियों को मार गिराया, 27 लाख का इनाम था घोषित

बीजापुर मंगलवार को नेशनल पार्क के जंगलों में हुए मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। सुरक्षाबलों ने 27 लाख रुपये के इनामी 6 कुख्यात माओवादियों को मार गिराया है। वहीं घटना स्थल से भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और माओवादी सामग्री बरामद हुई है। इस नक्सल ऑपरेशन में मोस्ट वांटेड DVCM कन्ना और पापाराव की पत्नी उर्मिला के आतंक का अध्याय अब समाप्त हो गया है। जानकारी के अनुसार, DKSZCM पापाराव, मद्देड़ एरिया कमेटी इंचार्ज DVCM कन्ना ऊर्फ बुचन्ना, DVCM उर्मिला, DVCM मोहन कड़ती और पश्चिम बस्तर डिवीजन के 50-60 माओवादियों की मौजूदगी की सूचना पर डीआरजी बीजापुर, डीआरजी दंतेवाड़ा और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। यह मुठभेड़ कांदुलनार-कचलारम और गुज्जाकोंटा के जंगलों में हुई, जो सुबह 10 बजे से शुरू हुई और करीब शाम तक चली। बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव ने बताया कि नेशनल पार्क क्षेत्र के कांदुलनार, कचलारम एवं गुज्जाकोंटा के जंगलों में SZCM पापाराव, मड्डेड़ एरिया कमेटी के इंचार्ज DVCM कन्ना ऊर्फ बुचन्ना, डीवीसीएम उर्मिला, DVCM मोहन कड़ती और पश्चिम बस्तर डिवीजन के 50-60 माओवादियों की मौजूदगी की सूचना पर सर्च अभियान शुरू किया गया। इस अभियान के दौरान 11 नवंबर 2025 की सुबह 10 बजे से डीआरजी बीजापुर, डीआरजी दंतेवाड़ा एवं एसटीएफ की संयुक्त टीमों और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग जारी रही। सर्च ऑपरेशन के दौरान मुठभेड़ स्थल से 6 माओवादियों के शव, ऑटोमैटिक हथियार (इंसास, 9एमएम कार्बाइन, .303 राइफल सहित), विस्फोटक सामग्री एवं माओवादी साहित्य बरामद हुआ। आज बीजापुर जिला मुख्यालय में पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुंदरराज पी., पुलिस उप महानिरीक्षक दंतेवाड़ा रेंज कमलोचन कश्यप, पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेंद्र कुमार यादव, पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा गौरव राय, पुलिस अधीक्षक एसटीएफ स्मृतिक राजनाला एवं उप महानिरीक्षक केआरपीएफ ऑप्स राकेश चौधरी ने नेशनल पार्क एरिया में संचालित अभियान और मुठभेड़ के संबंध में जानकारी दी। मुठभेड़ में बरामद शव की पहचान DVCM कन्ना उर्फ बुचन्ना – उम्र 35 वर्ष, गुडडीपाल थाना, मोदकपाल जिला बीजापुर। मद्देड़ एरिया कमेटी का प्रभारी। इनाम 8 लाख रुपये। कई नक्सली वारदातों का मास्टरमाइंड, जिसमें ग्रामीणों की हत्या, IED ब्लास्ट, आगजनी, डकैती, मोबाइल टावर जलाना और शिक्षादूतों का अपहरण शामिल है।     DVCM कन्ना उर्फ बुचन्ना, उम्र 35 वर्ष, निवासी गुडडीपाल, थाना मोदकपाल, जिला बीजापुर। पदनाम: डीव्हीसीएम, प्रभारी मद्देड़ एरिया कमेटी। इसपर 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था। कन्ना उर्फ बुचन्ना माओवादियों के बड़े कैडर में शामिल था और कई नक्सली वारदातों का मास्टरमाइंड रहा। पिछले एक दशक में उसने पुलिस, आम नागरिक और विकास कार्यों को निशाना बनाने वाली कई घटनाओं को अंजाम दिया। उसके खिलाफ बीजापुर जिले के विभिन्न थानों में 42 आपराधिक मामले और 18 स्थायी वारंट लंबित हैं। DVCM कन्ना ऊर्फ बुचन्ना ऊर्फ बुचन्ना कुड़ियम के खिलाफ दर्ज प्रमुख घटनाएं कैंप अटैक – जुलाई 2008 में कोंगुपल्ली पुलिस पोस्ट और जनवरी 2016 में नुकनपाल कैम्प हमला में शामिल, जो सुरक्षाबलों की तत्परता से असफल रही। ग्रामीणों की हत्या – पुलिस मुखबिरी के संदेह में 20 से ज्यादा ग्रामीणों की हत्या में शामिल, जिनमें वर्ष 2016 में ग्राम पंचायत चिन्नाकोडेपाल के उपसरपंच की हत्या भी शामिल है। IED ब्लास्ट – कुल छह आईईडी विस्फोटों का मुख्य योजनाकार था । नवंबर 2017 में थाना भद्रकाली क्षेत्र में हुए एक विस्फोट में आरक्षक संतोष यादव शहीद हुए थे। आगजनी – फरवरी 2018 में कांकेर रोडवेज़ की यात्री बस सहित चार वाहनों को आग लगाने की घटनाओं का मास्टरमाइंड था। डकैती – दिसंबर 2024 में थाना फरसेगढ़ क्षेत्र के ग्राम गुज्जाकोंटा में डकैती की वारदात को अंजाम दिया। मोबाइल टावर जलाना – चिन्नाकवाली (अप्रैल 2025), आदेड़ (मई 2024) और कांदुलनार (जून 2025) में संचार टावर जलाने की घटनाओं का संचालन किया, ताकि जनता के संपर्क तंत्र को बाधित किया जा सके। शिक्षादूतों का अपहरण और हत्या – वर्ष 2025 में नेशनल पार्क एरिया में पील्लूर एवं टेकामेटा के दो शिक्षादूतो का अपहरण कर हत्या करने की घटना में शामिल था। कन्ना उर्फ बुचन्ना की मौत से क्षेत्र में फैले आतंक का लंबा अध्याय समाप्त हुआ। घटनास्थल से बरामद दस्तावेज़ और डिजिटल सामग्री से पता चलता है कि उसका अर्बन नेटवर्क से गहरा संबंध था। पुलिस अब इस नेटवर्क के तार खंगालने में जुटी है।     DVCM उर्मिला, पत्नी पापाराव (DKSZCM), निवासी चिंतलनार, जिला सुकमा। पदनाम: सचिव, पामेड़ एरिया कमेटी। इसपर 8 लाख रुपये का इनाम था। उर्मिला मोस्ट वांटेड माओवादी कैडर थी और पापाराव की पत्नी थी। वह पामेड़ एरिया कमेटी की सचिव थी और संगठन की सबसे हिंसक एरिया कमेटियों में सक्रिय रही। उसने माओवादी विचारधारा का प्रचार-प्रसार किया और PLGA बटालियन की रसद व्यवस्था संभाली। उसकी मौत से पामेड़ एरिया कमेटी और संगठन की आपूर्ति व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ा।     ACM जगत तामो उर्फ मोटू, निवासी फुल्लोड़, थाना जांगला, जिला बीजापुर। पदनाम: एसीएम, मद्देड़ एरिया कमेटी। 5 लाख रुपये का इनाम था।     PM देवे, निवासी मीनागट्टा, थाना पामेड़, जिला बीजापुर। पदनाम: पार्टी सदस्य, पामेड़ एरिया कमेटी। 2 लाख रुपये का इनाम।     PM भगत, निवासी भैरमगढ़, जिला बीजापुर। पदनाम: पार्टी सदस्य, मद्देड़ एरिया कमेटी। 2 लाख रुपये का इनाम ।     PM मंगली ओयाम, निवासी पेद्दोजोजेर, थाना गंगालूर, जिला बीजापुर। पदनाम: पार्टी सदस्य। 2 लाख रुपये का इनाम। मुठभेड़ स्थल से बरामद सामग्री     2 नग इंसास रायफल,05 मैग्जीन, 68 कारतूस     1 नग 9mm काबाईन, 03 मैग्जीन, 22 कारतूस     1 नग .303 रायफल, 01 मैग्जीन 13 कारतूस     1 नग Single Shot Rifle,     1 नग 12 बोर बंदूक, 08 कारतूस     रेडियो, स्केनर, मल्टीमीटर, हेण्ड ग्रेनेड,सेफ्टी फ्यूज, माओवादी साहित्य, पोच, माओवादी वर्दी, मेडिकल सामग्री एवं अन्य सामग्री जनवरी 2024 से अब तक कुल 202 माओवादी ढेर पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि वर्ष 2025 में जिले में हुए अलग-अलग मुठभेड़ों में 144 माओवादी को मार गिराने में सुरक्षा बलों को सफलता मिली है । वही अलग अलग थाना क्षेत्रों में चलाये गये अभियान में 499 माओवादी गिरफ्तार हुए एवं 560 माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया । जनवरी 2024 से अब तक जिले में चलाए गए माओवादी विरोधी अभियान में कुल 202 माओवादी मारे गए, 1002 माओवादी गिरफ्तार हुए और 749 माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हुए।

वृंदावन में होगी मंदिर की तकनीकी जांच, आईआईटी रुड़की ने संभाली कमान

मथुरा  यूपी में मथुरा के वृंदावन स्थित बांके बिहारी मंदिर की इमारत को किसी सुधार की जरूरत है या नहीं इसके लिए आईआईटी रुड़की की टीम ने गुरुवार सुबह बांके बिहारी मंदिर का सर्वे किया। गुरुवार को पहुंची आईआईटी रुड़की की टीम ने मंदिर के हर हिस्से को देखा। गौरतलब है कि बांके बिहारी मंदिर हाईपावर कमेटी ने बांके बिहारी मंदिर का स्ट्रक्चर ऑडिट कराने का निर्णय लिया था। इसी के तहत आईआईटी रुड़की की टीम गुरुवार को यहां पहुंची।   इस बारे में जानकारी देते हुए जिलाधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि हाईपावर कमेटी की टीम द्वारा लिये गये निर्णय के तहत आईआईटी रुड़की से इंजीनियरों की टीम यहां पहुंची है और उसने सर्वे किया है। उन्होंने कहा कि बांके बिहारी मंदिर में लाखों श्रद्धालु दर्शन को पहुंचते हैं। मंदिर का स्ट्रक्चर कैसा है, इसमें सुधार की कोई जरूरत तो नहीं है, यह देखने के लिए टीम को बुलाया गया है। टीम दो दिन यहां सर्वे करेगी। आईआईटी रुड़की की टीम मंदिर में सर्वे करने के बाद इसके स्थायी समाधान भी खोजेगी ताकि भीड़ पर नियंत्रण रखा जा सके। रुड़की से आई टीम ने आज आकर अपना सर्वे शुरू किया है। टीम के द्वारा सर्वे रिपोर्ट को तैयार किया जाएगा। उसे आगामी 19 नवंबर को हाई पावर्ड कमेटी की बैठक में रखा जाएगा। जिस पर कमेटी कोई ठोस फैसला ले सकती है। बताया जा रहा है कि गुरुवार को ठाकुर श्री बांके बिहारी मंदिर में सर्वे के लिए आईआईटी रुड़की की टीम ने प्रवेश के बाद ठाकुर श्रीबांके बिहारी जी के दर्शन किए। टीम लीडर प्रो. संजय के साथ आईआईटी रुड़की से एक सहायक, सेवायत दिनेश गोस्वामी और मंदिर के मैनेजर मुनीश शर्मा भी रहे। उन्होंने श्रद्धालुओं के प्रवेश करने और निकलने के सभी रास्तों दिखाया। गुरुवार को मंदिर के दोनों जगमोहन, पीछे का आंगन और चबूतरे का बारीकी से अध्यन किया है।