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भाजपा संगठन में बदलाव की आहट: नए अध्यक्ष और मोदी कैबिनेट विस्तार की संभावना

नई दिल्ली बिहार में बीजेपी को बंपर जीत मिली है। पहली बार प्रदेश में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। यही नहीं राज्य में एनडीए ने 2010 के बाद वहां सबसे बड़ी सफलता हासिल की है। ऐसे में अब पार्टी के संगठन से लेकर सरकार तक में बड़े बदलाव की चर्चा शुरू हो चुकी है। बीजेपी को नए राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलने का पिछले साल लोकसभा चुनावों से पहले से ही इंतजार है। बिहार के शानदार चुनाव परिणाम के बाद लगता है कि अब इसके दिन ज्यादा दूर नहीं रह गए हैं। साथ ही मोदी सरकार भी नए रंग-रूप में नजर आ सकती है। इसी महीने बीजेपी को मिल सकता है नया अध्यक्ष बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी और एनडीए को अप्रत्याशित जीत मिली है। 243 सीटों में से गठबंधन 202 सीटें जीता है और 89 सीटें जीतकर बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनी है। इसी साल की शुरुआत में पार्टी दिल्ली में सरकार बना चुकी है। लोकसभा चुनावों के बाद पार्टी ने जो जीत का सिलसिला शुरू किया है, वह अब परवान पर है। अगले साल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव होने हैं, जो पार्टी के लिए मौजूदा दौर में सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में जानकारी है कि पार्टी अब राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में और ज्यादा देर नहीं करेगी और यह इसी महीने हो सकता है। 'शीतकालीन सत्र से पहले नया अध्यक्ष मिल सकता है' बीजेपी के एक भरोसेमंद सूत्र ने एनबीटी ऑनलाइन से कहा है "राष्ट्रीय अध्यक्ष का नाम इसी महीने तय हो सकता है। 1 दिसंबर से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है। उसके बाद बहुत देर हो जाएगी। अगले साल की शुरुआत में बंगाल में चुनाव भी होने हैं।" उन्होंने आगे कहा कि "अगले साल मई तक लगातार चुनाव होने से पार्टी को समय नहीं मिलेगा। इसलिए इसी महीने यह हो जाना चाहिए।" 'धर्मेंद्र प्रधान के अध्यक्ष बनने की 99% संभावना' बीजेपी सूत्र ने बताया है कि "बिहार चुनाव की सफलता के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम लगभग तय माना जा रहा है। उनके नाम की चर्चा पहले से होती रही है, लेकिन अब 99% वही लग रहे हैं। उन्होंने संगठन में बहुत काम किया है। अगले साल बंगाल सहित अन्य प्रदेशों के चुनाव भी हैं, जिसे पार्टी अपने लिए बहुत महत्वपूर्ण मानती है।" मोदी सरकार में भी बड़े फेरबदल की संभावना यही नहीं लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मंत्रिपरिषद को भी नया रूप दे सकते हैं। बीजेपी सूत्र के अनुसार कई नेता जो आज सरकार में हैं, उन्हें संगठन की जिम्मेदारी दी जा सकती है और जो संगठन में हैं, उन्हें सरकार में लाया जा सकता है। उनके अनुसार धर्मेंद्र प्रधान के नाम की चर्चा भी इसी बदलाव की अटकलों की एक बड़ी कड़ी है। जेपी नड्डा भी सरकार से आ सकते हैं बाहर पार्टी सूत्र ने जो कुछ कहा है उसके हिसाब से अभी सिर्फ राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और शिवराज सिंह चौहान के ही निश्चित तौर पर मौजूदा कैबिनेट में बने रहने की संभावना है। यहां तक कि मौजूदा पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी सरकार से निकल सकते हैं। उनके अनुसार बीजेपी में एक व्यक्ति एक पद की व्यवस्था है। लेकिन, परिस्थितियों के कारण नड्डा के पास अभी तीन-तीन पद है। वे राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, स्वास्थ्य मंत्री भी हैं और राज्यसभा में नेता सदन भी हैं। ऐसे में उन्हें सिर्फ तीसरे पद का ही उत्तरदायित्व दिए जाने की संभावना है। रूडी को फिर से मिल सकता है मौका जहां तक मोदी सरकार में पार्टी से नए लोगों को जगह दिए जाने की संभावना है तो पार्टी सूत्र की मानें तो एक बार फिर से राजीव प्रताप रूडी को जगह मिल सकती है। इनके अलावा प्रधानमंत्री कुछ ताजे नए चेहरे को सरकार का हिस्सा बना सकते हैं। पूरी संभावना है कि सरकार से संगठन तक में यह बदलाव संसद का सत्र शुरू होने से पहले हो जाए।

धनकुटाई पर किसान की तरकीब सफल, पुलिस ने धान चोर को किया गिरफ्तार

बहादुरपुर थाना क्षेत्र के गीलारोपा गांव में एक युवक धान की चोरी करते हुए पकड़ाया है। जिसे पुलिस ने 151 की क़ायमी कर जेल भेज दिया है। बताया गया है कि गीलारोपा निवासी श्रीराम पटेल बड़े किसान हैं। उनकी जमीन में करीब एक हजार क्विंटल धान का उत्पादन हुआ है। यह धान किसान के घर के आगे मैदान में फैलाकर सूखने के लिए करीब पंद्रह से रखी है। बीते कुछ दिनों से धान के ढेरियों में से चोरी का संदेह किसान को हो रहा था। ऐसे में किसान ने बीते शुक्रवार को सीसीटीवी कैमरे लगवाए। शाम को टेक्नीशियन कैमरे लगा कर गया। रात में एक युवक आया और धान की ढेरियों में से बोरियां भर कर ले गया। यह घटना कैमरे में कैद हो गई। किसान ने सुबह कैमरे चेक किए तो यह घटना दिखाई दी।   एक ही दिन में किसान का चोरी हुआ डेढ़ दो क्विंटल धान युवक की पहचान प्रीतम पुत्र रामकिशन अहिरवार उम्र 25 वर्ष निवासी गीलारोपा के तौर पर हुई, जिसे किसान और उसके परिजन पकड़ कर पुलिस थाने ले गए। जहां पुलिस ने युवक पर 151 कायम कर मुंगावली एसडीएम कार्यालय भेजा। जहां से युवक को जेल भेज दिया गया है। किसान का कहना है कि शुक्रवार रात को करीब डेढ़ दो क्विंटल धान चोरी हुई है। उन्हें शक है कि युवक लगातार धान चोरी कर रहा था, जिससे और पूछताछ होनी चाहिए।

अल्जाइमर का खतरा: शुरुआती संकेतों की पहचान अब संभव नई तकनीक से

नई दिल्ली  क्या कोई बीमारी अपने लक्षण दिखने से कई साल पहले ही पकड़ी जा सकती है। अल्जाइमर के मामले में अब यह संभव होता दिखाई दे रहा है। शोधकर्ताओं ने ऐसा उन्नत मॉडल तैयार किया है, जो बीमारी का जोखिम लक्षण आने से लगभग 10 वर्ष पहले ही बता सकता है। यह खोज मेडिकल साइंस के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि समय रहते रोकथाम और उपचार की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं। क्या है यह नया भविष्यवाणी मॉडल? अमेरिकाके वैज्ञानिकों ने एक प्रेडिक्शन मॉडल विकसित किया है, जो कई प्रमुख कारकों का विश्लेषण कर अल्जाइमर या हल्की संज्ञानात्मक हानि का खतरा बताता है। यह मॉडल व्यक्ति के मस्तिष्क स्वास्थ्य की जाँच कर लंबे समय तक होने वाली संज्ञानात्मक गिरावट का अनुमान लगाता है। इस मॉडल में शामिल प्रमुख कारक उम्र और लिंग आनुवांशिक जोखिम (APOE e4 वेरिएंट) मस्तिष्क में एमिलॉयड प्रोटीन का स्तर PET स्कैन की रिपोर्ट इन सभी संकेतों के आधार पर यह उपकरण किसी व्यक्ति के 10 वर्षों या पूरे जीवनकाल में बीमारी के खतरे का आकलन करता है। 5,858 लोगों के डेटा पर आधारित शोध यह अध्ययन द लैन्सेट न्यूरोलॉजी में प्रकाशित हुआ है। शोधकर्ताओं ने कुल 5,858 प्रतिभागियों के लंबे समय से एकत्र किए गए डेटा का विश्लेषण किया, जो Mayo Clinic Study of Aging से लिया गया था। ध्यान रखने योग्य बातें     APOE e4 जीन वाले लोगों में अल्जाइमर का खतरा अधिक पाया गया।     महिलाएं, पुरुषों की तुलना में जीवनभर हल्की संज्ञानात्मक हानि या अल्जाइमर के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकती हैं।     PET स्कैन में यदि एमिलॉयड स्तर अधिक मिले, तो डिमेंशिया या स्मृति हानि का जोखिम भी बढ़ जाता है। कैसे काम करता है यह उपकरण? PET स्कैन मस्तिष्क में जमा एमिलॉयड प्रोटीन की पहचान करता है, जो अल्जाइमर के शुरुआती बदलावों का मुख्य संकेत है। नया मॉडल इसी जानकारी को उम्र, आनुवांशिक जोखिम और अन्य कारकों के साथ मिलाकर एक स्पष्ट जोखिम प्रोफाइल तैयार करता है। यह मॉडल बताने में सक्षम है कि अगले 10 वर्षों में व्यक्ति को हल्की संज्ञानात्मक हानि होगी या नहीं। उसके पूरे जीवनकाल में डिमेंशिया विकसित होने की संभावना कितनी है। इससे डॉक्टर समय रहते आवश्यक हस्तक्षेप, दवाइयां, ब्रेन एक्सरसाइज, शारीरिक सक्रियता या जीवनशैली सुधार की सलाह दे सकते हैं। डॉक्टरों और रोगियों के लिए बड़ी उपलब्धि शोधकर्ताओं के अनुसार, यह तकनीक व्यक्तिगत स्वास्थ्य देखभाल को एक नई दिशा दे सकती है। जिस तरह कोलेस्ट्रॉल देखकर हार्ट अटैक के जोखिम का आकलन किया जाता है, उसी प्रकार यह मॉडल भी मस्तिष्क स्वास्थ्य का व्यक्तिगत पूर्वानुमान देने में सक्षम होगा। हालांकि अभी यह शोध चरण में है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह अल्जाइमर की शुरुआती पहचान और रोकथाम में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। क्यों है यह खोज महत्वपूर्ण? अल्जाइमर का अभी कोई पूर्ण उपचार नहीं है, लेकिन यदि शुरुआती जोखिम समय से पहले पता चल जाए तो बीमारी की प्रगति को धीमा किया जा सकता है, जीवनशैली में आवश्यक बदलाव किए जा सकते हैं, मरीज और परिवार मानसिक रूप से तैयार हो सकते हैं।  

सरकारी क्रेडिट कार्ड स्कीम: कितनी मिलेगी खर्च करने की सीमा? पूरी डिटेल पढ़ें

नई दिल्ली  केंद्र की कई ऐसी स्कीम हैं जिसमें सरकार लोगों को क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराती है। ऐसी ही स्कीम प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) भी है। बीते साल के आम बजट में सरकार ने इस स्कीम के तहत यूपीआई लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड मुहैया कराने का ऐलान किया था। इसकी लिमिट 30 हजार रुपये तक की तय की गई है। यूपीआई-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड की शुरुआत से स्ट्रीट वेंडरों को किसी भी आकस्मिक व्यावसायिक और व्यक्तिगत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तत्काल ऋण उपलब्ध हो सकेगा। इसके अलावा, स्ट्रीट वेंडर खुदरा और थोक लेनदेन करने पर 1,600 रुपए तक के कैशबैक प्रोत्साहन का लाभ उठा सकते हैं। प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि योजना की शुरुआत कोरोना काल में हुई थी। इसके तहत स्ट्रीट वेंडर्स को लोन दिया जाता है ताकि वे अपना काम कर सकें। यह योजना 31 मार्च, 2030 तक के लिए है। पहले योजना के तहत पहली किस्त के तौर पर 10 हजार रुपये दिया जाता था लेकिन बीते अगस्त महीने में सरकार ने इसे बढ़ाकर 15,000 रुपये कर दिया। इसी तरह, पहले लोन की दूसरी किस्त 20,000 रुपये होती थी। इसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया। वहीं, तीसरी किस्त पहले की तरह 50,000 रुपये पर है। अगस्त में क्या बदला था? बीते अगस्त महीने में सरकार ने बताया था कि इस योजना का कुल परिव्यय 7,332 करोड़ रुपए है। पुनर्गठित योजना का लक्ष्य 50 लाख नए लाभार्थियों सहित 1.15 करोड़ लाभार्थियों को लाभ देना है। इस योजना के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी, आवास एवं शहरी मंत्रालय और वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) पर संयुक्त रूप से रहेगी। इसमें डीएफएस की भूमिका, बैंकों/वित्तीय संस्थानों और उनके जमीनी स्तर के अधिकारियों के माध्यम से ऋण/क्रेडिट कार्ड तक पहुंच को सुविधाजनक बनाने की रहेगी। पुनर्गठित योजना की प्रमुख विशेषताओं में पहली और दूसरी किस्त में बढ़ी हुई ऋण राशि, दूसरा ऋण चुकाने वाले लाभार्थियों के लिए यूपीआई-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड का प्रावधान और खुदरा एवं थोक लेनदेन के लिए डिजिटल कैशबैक प्रोत्साहन शामिल हैं। इस योजना का दायरा चरणबद्ध तरीके से जनगणना कस्बों व अर्ध-शहरी क्षेत्रों आदि बढ़ाया जा रहा है।  

अयोध्या बनेगी डेवलपमेंट का रोल मॉडल: 2031 तक आधुनिक सुविधाओं से लैस आध्यात्मिक सिटी का खाका तैयार

लखनऊ अयोध्या आज विश्व के मानचित्र पर धार्मिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और विकसित शहर के रूप में समृद्धि और विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है. अयोध्या के विकास का श्रेय उत्तर प्रदेश के दूरदर्शी और दृढ़संकल्पित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जाता है. श्रीराम मंदिर के निर्माण के पहले से ही सीएम योगी अयोध्या को उसके गौरवशाली इतिहास को पुन: वापस दिलाने के लिए योजना पर काम कर रहे हैं. अयोध्या में आज देशी विदेशी पर्यटक बड़ी तादाद में आ रहे हैं और अर्थव्यवस्था के विकास में अपना योगदान दे रहे हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा निर्देश में रामनगरी के विकास के लिए अनेकों प्लान बनाए गए हैं और उसको विभिन्न विभागों के साथ मिलकर धरातल पर उतारा जा रहा है. अयोध्या मास्टर प्लान 2031 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया और उसके क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों को कड़े निर्देश दिए. शहर के नगर नियोजन के लिए 1000 करोड़ से ज्यादा धनराशि उपलब्ध कराकर एक व्यापक शहरी खाका खींचा. ये मास्टर प्लान 133.67 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विकास की योजनाओं को मूर्त रूप दे रहा है. इसे भी पढ़ें- जेब भारी रखना, क्योंकि ढ़ीली होने वाली है… टोल टैक्स भुगतान के नियमों में बदलाव, FASTag फेल हुआ तो लगेगी तगड़ी चपत इसके जरिए अयोध्या को एक आधुनिक, सतत, और आध्यात्मिक नगर के रूप में विकसित किया जा रहा है. इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा है कि रामनगरी में बढ़ती पर्यटकों की संख्या के अनुसार इंफ्रास्ट्रक्चर को तैयार किया जाए. अयोध्या में जनवरी-जून, 2025 के बीच करीब 24 करोड़ पर्यटक आए. अनुमान लगाया जा रहा है कि साल के अंत तक पर्यटकों की संख्या का आंकड़ा 50 करोड़ पार कर जाएगा. यही वजह है कि अयोध्या में पर्यटकों की हर सुख सुविधा का ध्यान रखा जा रहा है. इसमें इस बात का खास ध्यान रखा गया है कि सड़कों, जल निकासी, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, आवास और हरित क्षेत्रों के उन्नयन पर विशेष फोकस रहे. अयोध्या ग्रीनफील्ड टाउनशिप अयोध्या ग्रीनफील्ड टाउनशिप के तहत 1407 एकड़ में 2180 करोड़ रुपये की ज्यादा लागत से स्मार्ट और पर्यावरण-अनुकूल टाउनशिप विकसित हो रही है. इस टाउनशिप योजना का विकास वैदिक प्रस्तार योजना के तहत हो रहा है. इसका उद्देश्य भविष्य में बढ़ने वाले पर्यटकों की संख्या और जनसंख्या दबाव को संतुलित ढ़ंग से प्रबंधित करना है. महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अयोध्या में हर साल पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है. रामलला के दर्शन के लिए न केवल देश बल्कि विदेशी श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में आ रहे हैं. ऐसे में अयोध्या में एक अत्याधुनिक हवाई अड्डे की भी आवश्यकता थी. इसी को ध्यान में रखते हुए डबल इंजन सरकार ने 1450 करोड़ की लागत से आधुनिक एयरपोर्ट का विकास किया. महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा 2023 से सफलतापूर्वक संचालित है. इस एयरपोर्ट में 6000 वर्ग मीटर का टर्मिनल और बड़े विमानों के लिए रनवे है. यह एयरपोर्ट अयोध्या को भारत के प्रमुख शहरों और अंतरराष्ट्रीय शहरों से जोड़ता है. अयोध्या धाम जंक्शन रेलवे स्टेशन अयोध्या में आने वाले पर्यटकों की सुविधा का ध्यान रखने के लिए रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास और आधुनिकीकरण किया गया है. रेलवे स्टेशन को तीन मंजिला बनाया गया है. इस रेलवे स्टेशन में लिफ्ट, एस्केलेटर, फूड प्लाजा और प्रतीक्षालय जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं. ये रेलवे स्टेशन लाखों की संख्या में आने वाले पर्यटकों को सुविधाएं प्रदान कर रहा है. आउटर रिंग रोड अयोध्या शहर में ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए 67.17 किलोमीटर लंबी, 4/6 लेन की अयोध्या आउटर रिंग रोड परियोजना पर काम हो रहा है. यह परियोजना लगभग 3,935 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है. इसका उद्देश्य शहर में बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को कम करना और पड़ोसी जिलों लखनऊ, रायबरेली, सुल्तानपुर, बाराबंकी, बस्ती और गोंडा से आने वालों को सुविधाजनक यातायात व्यवस्था देना है. इसके जरिए राष्ट्रीय राजमार्गों सुविधाजनक संपर्क स्थापित करना है. राम की पैड़ी का आधुनिकीकरण पर्यटकों को अयोध्या आकर दिव्यता और भव्यता का अनुभव हो इसके लिए करीब 24 करोड़ की लागत से राम की पैड़ी का कायाकल्प किया गया है. इसमें 350 मीटर लंबी सीढ़ी, 20000 दर्शकों के लिए विशाल दर्शक दीर्घा और मिनी एम्पीथिएटर को बनाया गया है. इसमें दर्शकों के लिए एक सेल्फी प्वाइंट का निर्माण किया गया है जिसमें भगवान राम की भव्य मूर्तियां स्थापित की गई हैं. गुप्तार घाट पुनर्विकास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन का ही परिणाम है कि जो गुप्तार घाट पहले उपेक्षित था आज वही घाट सुंदरता का प्रतिमान बन गया है. लगभग 77 करोड़ की लागत से गुप्तार घाट को पुनर्विकसित किया गया है. इसमें लगभग 1 किमी लंबा तटबंध, खुला रंगमंच, पार्क और आधुनिक जलक्रीड़ा और नौकायन सुविधाएं उपलब्ध हैं. होटल और आवास सुविधाएं करोड़ों की संख्या में आने वाले पर्यटकों को सुख सुविधा प्रदान करने के लिए प्रमुख होटल कंपनियां 350 करोड़ से अधिक का निवेश कर रही हैं. इससे अयोध्या में न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा. अयोध्या की प्राचीनता को अक्षुण्ण रखने के लिए योगी सरकार का विशेष निर्देश है. इसी वजह से राम कथा संग्रहालय, तुलसी स्मारक भवन, परिक्रमा मार्ग विकास को संरक्षित और संवर्धित किया गया है. इसी तरह पर्यटकों को वाहन पार्किंग में असुविधा न हो उसके लिए मल्टी लेवल कार पार्किंग का भीड़भाड़ वाली जगहों पर निर्माण किया जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या के विकास को लेकर दृढ़संकल्पित हैं. आने वाले समय में अयोध्या का विकास पूरी दुनिया में रोल मॉडल बनकर उभरने वाला है.

266 करोड़ की केशकाल बाइपास सड़क परियोजना में अड़चन

रायपुर बस्तर की लाइफ लाइन कहे जाने वाले नेशनल हाईवे क्रमांक 30 में केशकाल घाट के विकल्प के रूप में 266 करोड रुपए की लागत से बनने वाली फोरलेन सड़क 7 साल बाद भी अधूरी पड़ी है. इस परियोजना को बनाने के लिए राजमार्ग विभाग को स्क्रीनिंग कमेटी नई दिल्ली से हरी झंडी का इंतजार है. इधर केशकाल घाट में लगने वाले जाम से प्रतिदिन कम से कम 20 हजार लोग परेशान हो रहे हैं. 11.38 किमी लंबी फोरलेन युक्त बाइपास सड़क को बनाने का कार्य 7 साल पहले शुरू किया गया था, किंतु ठेकेदार काम छोड़कर भाग गया, इसलिए कार्य अधूरा पड़ा है. बताया गया कि वर्ष 1918 में केशकाल घाट के चौथे मोड़ से लेकर सिंघनपुर की तरफ 11.38 किमी लंबी बाइपास सड़क बनाने का ठेका राजमार्ग विभाग ने मुंबई की वालेचा कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया था. उसने अपना यह कार्य चेन्नई की किसी श्रीराम कंट्रक्शन को दे दिया था. करीब ढाई किमी लंबा अर्थवर्क करने के बाद यह कंपनी कारोबार समेटकर भाग गई है. तब से बाइपास का निर्माण अधूरा पड़ा है. 6 महीने पहले भेजी गई है फाइल बताया गया कि 266 करोड रुपए की लागत से 11.38 किमी लंबी बाईपास सड़क को फोर लाइन करना है. इस मार्ग में दो बड़े पुल और सात मध्यम पुल का निर्माण भी किया जाना है. पूरी फॉर्मेलिटी करने के बाद रिपोर्ट नईदिल्ली स्थित स्क्रीनिंग कमेटी को भेजी गई है. बताया गया की 6 महीने पहले भेजी गई इस रिपोर्ट पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है इसलिए बाईपास निर्माण शुरू नहीं हो पाया है. 20 हजार से अधिक लोगों की आवाजाही इधर केशकाल घाट में लगातार जाम लगने की वजह से हजारों लोग परेशान हो रहे हैं बताया गया कि प्रतिदिन कम से कम 20 हजार लोग केशकाल घाट होकर आना-जाना करते हैं इसलिए नेशनल हाईवे क्रमांक 30 को बस्तर की जीवन रेखा कहा जाता है. इस संदर्भ में बस्तर का नागरिकों का कहना है कि बाईपास निर्माण के लिए भी बड़े आंदोलन की दरकार है. 6.97 करोड से संवर रही बस्तर की सड़क केशकाल नगरवासियों द्वारा आंदोलन और चक्का जाम करने के बाद अब राजमार्ग विभाग ने केशकाल की सड़क मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है. इसके लिए 6 कार्य तेजी से जारी है. इस संदर्भ में लोगों का कहना है कि शासन को लोगों की समस्या नजर क्यों नहीं आती. हर बार सरकार को जगाने के लिए जनआंदोलन जरूरी हो गया है.

Vivo X300 सीरीज़ जल्द भारत में लॉन्च: कैमरा फीचर्स बनेंगे बड़ी खासियत

नई दिल्ली वीवो की फ्लैगशिप X300 सीरीज का आगाज इंडिया में होने जा रहा है। कंपनी ने बताया है कि 2 दिसंबर को वह भारत में vivo X300 सीरीज के स्‍मार्टफोन पेश करेगी। अभी 2 फोन लाए जाने की बात सामने आ रही है। इनमें vivo X300 और vivo X300 प्रो मॉडल शामिल हैं। प्रो मॉडल को ड्यून ब्राउन और फैंटम ब्‍लैक कलर्स में लाया जाएगा। बेस मॉडल यानी एक्‍स300 को समिट रेड, फैंटम ब्‍लैक और मिस्‍ट ब्‍लू कलर्स में लॉन्‍च किया जाएगा। वीवो एक्‍स सीरीज कंपनी की प्रीमियम सीरीज है। चीन में इसे पहले ही लॉन्‍च किया जा चुका है। ग्‍लोबल लॉन्‍च भी शुरू हो गए हैं। अब भारत की बारी है। दोनों फोन में 200 मेगापिक्‍सल कैमरा अब तक आई जानकारी के अनुसार, Vivo X300 सीरीज के दोनों मॉडलों में 200 मेगापि‍क्‍सल का मेन रियर कैमरा दिया जाएगा। एक्‍स300 मॉडल में मिलने वाला 200 एमपी का मेन कैमरा, सैमसंग एचपीबी सेंसर होगा। उसके साथ 50 मेगापिक्‍सल का अल्‍ट्रा-वाइड कैमरा और 50 मेगापिक्‍सल का LYT602 पेरिस्‍कोप टेलिफोटो कैमरा दिया जाएगा और टेल‍िमैक्रो को भी सपोर्ट करेगा। वहीं, प्रो मॉडल में मेन कैमरा 50 मेगापिक्‍सल का LYT828 सेंसर होगा। उसके अलावा 50 मेगापिक्‍सल का अल्‍ट्रा-वाइड कैमरा दिया जाएगा। तीसरा कैमरा 200 मेगापिक्‍सल का सैमसंग एचपीबी सेंसर होगा। दोनों ही फोन्‍स में कंपनी ने 50 मेगापिक्‍सल का सेल्‍फी कैमरा देने की तैयारी की है। वनप्‍लस 15 से बड़ा सेल्‍फी कैमरा वीवो एक्‍स 300 सीरीज में हाल में लॉन्‍च हुए वनप्‍लस 15 स्‍मार्टफोन से बड़ा सेल्‍फी कैमरा मिलने वाला है। वनप्‍लस 15 में 32 मेगापिक्‍सल का सेल्‍फी कैमरा दिया गया है, जबकि वीवो एक्‍स 300 सीरीज में 50 मेगापिक्‍सल सेल्‍फी कैमरा मिलने जा रहा है। मीडियाटेक का डाइमेंसिटी 9500 प्रोसेसर वीवो एक्‍स300 सीरीज को चीन में मीडियाटेक डाइमेंसिटी 9500 प्रोसेसर के साथ लॉन्‍च किया गया था। भारत में भी यह स्‍मार्टफोन इसी चिपसेट के साथ आएंगे। इन दिनों स्‍मार्टफोन कंपनियां फोटोग्राफर किट को काफी प्रमोट कर रही हैं। वीवो ने भी एक्‍स300 सीरीज के साथ प्रो मॉडल के लिए किट उतारी है। यह फोन की कैमरा क्षमता को बेहतर बनाती है। हालांकि अगर भारत में यह किट लाई जाती है तो बाकी देशों की तरह ही इसे अलग से बेचा जाएगा। माना जा रहा है कि दिसंबर से ही वीवो एक्‍स300 सीरीज खरीदारी के लिए उपलब्‍ध हो जाएगी। इसे ऑनलाइन और ऑफलाइन बेचा जाएगा।

अगस्त 2026 सूर्य ग्रहण: भारत में दिखाई नहीं देगा, सूतक नियमों का पालन आवश्यक

12 अगस्त 2026 को सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। भारत में यह ग्रहण दृश्य नहीं होगा इसलिए अनेक शुभ/अशुभ विधान उसी के अनुरूप होंगे। चूंकि यह भारत में दिखाई नहीं दे रही, इसलिए सूतक काल का पालन अनिवार्य नहीं माना जाता पर धार्मिक विचार से सावधानी बरतना शुभ माना जाता है। पूजन एवं मंगल कर्म ग्रहण समाप्ति के बाद सूर्यदेव, भगवान विष्णु व गणेश जी की आराधना करें। दीपक जलाएं, धूप दें और ॐ सूर्याय नमः, ॐ नमो भगवते विष्णवे जैसे मंत्रों का उच्चारण करें। दान करें जैसे गरीबों को भोजन देना, वस्त्र दान करना। स्वच्छता एवं पुनर्स्थापना ग्रहण के बाद घर एवं मंदिरों में सफाई एवं शुद्धिकरण करें। पूजा-मंडप, मंदिर परिसर या अपने पूजा स्थान को विशेष रूप से धोएं, धूप दें और गंगाजल से शुद्ध करें। अभीष्ट कार्यों की आरंभ ग्रहण समाप्ति के बाद शुभ कार्य जैसे ओरछना, नामकरण, गृह प्रवेश आदि आरंभ करना शुभ माना जाता है। नए व्यापार या निवेश के लिए समय अनुकूल हो सकता है पर ग्रहण समय में शुरू किये गए कार्यों से कुछ बाधा आ सकती है। गृह वास्तु और मनोदशा ग्रहण के समय घर के दरवाजे-खिड़कियां बंद रखें, भोजन न पकाएं। ग्रहण बाद घर की वातावरण को सकारात्मक बनाएं। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं को विश्रांति व आराधना में आवश्यक रूप से शामिल करें। 12 अगस्त 2026 को पड़ने वाला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा इसलिए सूतक काल का प्रभाव भारतीय स्थिति में बहुत सीमित है। फिर भी धार्मिक दृष्टि से इस समय का शुद्धि-पुनर्स्थापना का अवसर माना जा सकता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के बाद शुभ कार्य करें पूजन-दान, शुद्धि, शुभ आरंभ तो इसका सकारात्मक फल प्राप्त हो सकता है।

बिजली बिल में मिलने वाली राहत की तैयारी पूरी: 14 जिलों में 1 दिसंबर से शुरू होगी नई व्यवस्था

लखनऊ उत्तर प्रेदश में योगी सरकार 14 जिलों के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने जा रही है। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड से जुड़े मेरठ समेत 14 जिलों के बिजली उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिलेगा। उत्तर प्रदेश राज्य सरकार की ओर से बिजली बिल राहत योजना 2025-26 लागू की जाने वाली है। प्रदेश के 14 जिलों में एक दिसंबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक तीन चरणों में यह योजना संचालित की जाएगी। पविविवनिलि के प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता से मिली जानकारी के अनुसार, इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं (एल एम वी- वन) को मिलेगा। इन उपभोक्ताओं के दो किलोवाट तक श्रेणी भार के नेवर पेड एवं लांग अनपेड और विद्युत चोरी के समस्त प्रकरणों में राजस्व निर्धारण में छूट दी जाएगी। योजना से जुड़े प्रमूख बातें     पंजीकरण प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रहेगी। उपभोक्ता www.uppcl.org, यूपीपीसीएल कंज्यूमर ऐप या जन सुविधा केंद्र के माध्यम से पंजीकरण कर सकेंगे।     ओवर बिल उपभोक्ताओं को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। ऐसे उपभोक्ताओं के बिल औसत खपत के आधार पर संशोधित कर राहत दी जाएगी।     पंजीकरण करने वाले उपभोक्ताओं को बकाया बिलों पर विलंब शुल्क की 100 प्रतिशत माफी मिलेगी।     समय से एकमुश्त भुगतान करने पर अतिरिक्त 15 प्रतिशत से 25 प्रतिशत तक की छूट भी दी जाएगी। वाणिज्यिक श्रेणी के उपभोक्ताओं को भी मिलेगा लाभ इसके साथ ही वाणिज्यिक श्रेणी के (एल एम वी- टू) एक किलोवाट श्रेणी भार उपभोक्ताओं को भी ऐसी ही छूट का लाभ मिलेगा। यदि उपभोक्ता निर्धारित समयावधि में पंजीकरण कर अपने बिजली बिल का भुगतान करेंगे, उन्हें 25 प्रतिशत तक की राहत और समय पर भुगतान करने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन प्राप्त होगा।

अयोध्या: 25 नवंबर को रामलला दर्शन स्थगित, पीएम मोदी के कार्यक्रम की तैयारी में बदलाव

अयोध्या 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्रीराम मंदिर आ रहे हैं. यहां वे मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण करेंगे. इस बीच ध्वजारोहण कार्यक्रम को लेकर राम मंदिर ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से अपील की है. मंदिर ट्रस्ट ने कहा है कि 25 नवंबर को भक्तों को रामलला के दर्शन नहीं होंगे. ये इसलिए क्योंकि 25 नवंबर के राम मंदिर में पीएम मोदी का कार्यक्रम है. उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और संघ प्रमुख मोहन भागवत मौजूद रहेंगे. बता दें कि 25 नवंबर को होने वाले कार्यक्रम से पहले सुरक्षा एजेंसियां मंदिर परिसर पहुंचेंगी. इसी कड़ी में पीएम के प्रवास से 10 दिन पहले यानी आज से मंदिर परिसर की सुरक्षा स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) अपने हाथों में ले लेगी. इस संबंध में एसपीजी ने मंदिर निर्माण एजेंसी को भी 12 नवंबर तक परिसर खाली करने का निर्देश दिया था. जानकारी के मुताबिक मंदिर का काम लगभग पूरा हो चुका है. निर्माण कार्य भी बंद कर दिया गया है. अब फिनिशिंग आदि का कार्य चल रहा है. पीएम मोदी ध्वजारोहण के बाद मंदिर परिसर में भ्रमण करेंगे. लिहाजा पूरे परिसर को खाली कराया जा रहा है. रखी हुई निर्माण सामाग्रियों को भी दूसरी जगह पर रखा जा रहा है. साथ ही परिसर में साज-सज्जा का काम भी शुरू हो चुका है.