samacharsecretary.com

बिहार कैबिनेट विस्तार से पहले अटकलें तेज: मैथिली ठाकुर पर BJP लगा सकती है बड़ा दांव

रांची बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा (JDU) और जदयू (JDU) मंत्रियों के नाम पर मंथन कर रही है। बात करें भाजपा की तो वह इस बार युवा, महिलाएं और सामाजिक रूप से प्रभावशाली वर्गों को कैबिनेट में बड़ा प्रतिनिधित्व देने की तैयारी में है। इसी रणनीति के तहत मैथिली ठाकुर, श्रेयसी सिंह समेत कई नए चेहरों के नाम लगातार सुर्खियों में हैं। दरभंगा के अलीनगर से जीतकर आईं 25 वर्षीय लोकगायिका और BJP MLA मैथिली ठाकुर नई कैबिनेट के सबसे चर्चित नामों में शामिल हो गई हैं। पहली बार चुनाव लड़कर उन्होंने RJD उम्मीदवार विनोद मिश्रा को 11,730 वोटों से हराया और 2025 के चुनाव में सबसे युवा विधायकों में जगह बनाई। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, उनकी बढ़ती लोकप्रियता, सांस्कृतिक पहचान और युवाओं में गहरी पकड़ को देखते हुए यह स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि वे कला-संस्कृति, युवा मामलों या सामाजिक न्याय जैसे अहम विभागों की दावेदार हो सकती हैं। शपथ ग्रहण में साफ होगा कैबिनेट का चेहरा नीतीश कुमार अपनी 10वीं पारी के रूप में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। नए मंत्रिमंडल में कौन-कौन शामिल होंगे, इसका खुलासा शपथ ग्रहण समारोह में होगा, लेकिन मौजूदा संकेत बताते हैं कि बिहार की नई राजनीति में मैथिली ठाकुर की एंट्री प्रभावशाली साबित हो सकती है।

दिल्ली-एनसीआर में घुटन भरी हवा, ग्रेटर नोएडा का AQI खतरनाक स्तर पर पहुंचा

नोएडा  दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति पर पहुंच चुका है और हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। ग्रेटर नोएडा देश के सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में पहले स्थान पर दर्ज किया गया है। मंगलवार को जहां एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 454 तक पहुंचा था, वहीं बुधवार सुबह नॉलेज पार्क–V स्टेशन पर एक्यूआई बढ़कर 473 तक जा पहुंचा, जो सीजन का सबसे भयावह स्तर है। यह स्तर ‘गंभीर श्रेणी’ से भी आगे निकल चुका है और स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे जीवन के लिए अत्यंत हानिकारक बता रहे हैं। दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद की स्थिति भी कम गंभीर नहीं है।  दिल्ली के कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर एक्यूआई 400 से 450 के बीच रिकॉर्ड किया गया, जबकि नोएडा में सेक्टर-125, सेक्टर-116 और सेक्टर-1 जैसे क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर 430 से 445 के बीच बना हुआ है। गाजियाबाद में संजय नगर और लोनीमें एक्यूआई 440 से ऊपर दर्ज किया गया, जो दिन-प्रतिदिन बढ़ती प्रदूषण की भयावह तस्वीर पेश करता है। ऐसे हालत तब बने हैं जब दिल्ली-एनसीआर में ग्रेप -3 (ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान) के नियम लागू हैं। इस चरण में कंस्ट्रक्शन गतिविधियों पर रोक, जेनरेटर सेट पर प्रतिबंध, डीजल ट्रकों की एंट्री पर नियंत्रण और सड़क पर पानी का छिड़काव जैसे कई सख्त कदम उठाए जाते हैं। बावजूद इसके, प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण नहीं लग रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ते वाहन, कचरा जलाना, निर्माण कार्य, औद्योगिक धुंआ और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने जैसी वजहें लगातार हवा की गुणवत्ता को और खराब कर रही हैं। उधर मौसम विभाग के अनुसार इस सप्ताह तेज़ हवाओं या बारिश की संभावना नहीं है, वहीं न्यूनतम तापमान लगभग 11 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने तथा दिनभर कोहरे की स्थिति बनी रहने से प्रदूषक कण वातावरण में फंसे रहेंगे। इसका मतलब है कि आगामी दिनों में प्रदूषण से राहत की संभावना बेहद कम दिखाई दे रही है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि वर्तमान स्तर की हवा बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और हृदय या श्वास संबंधी रोगियों के लिए अत्यंत खतरनाक है। उन्होंने लोगों को घर के बाहर अनावश्यक न निकलने, मास्क पहनने और सुबह-शाम की सैर टालने की सलाह दी है। 

पैक्सों और व्यापार मंडलों के माध्यम से फरवरी 2026 तक होगी धान की खरीद

खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के अंतर्गत किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा धान साधारण धान 2369 रुपए और ग्रेड 'A' 2389/ रुपये प्रति क्विंटल की दर पर खरीदा जाएगा धान की खरीदारी को लेकर सहकारिता विभाग पैक्स एवं व्यापार मंडलों के लिए जारी कर चुका है आवश्यक निर्देश धान अधिप्राप्ति कार्यक्रम से संबंधित जानकारी के लिए किसान कर सकते हैं टॉल फ्री नंबर 1800 1800 110 पर फोन पटना  सहकारिता विभाग ने कहा है कि राज्य में किसानों से धान की अधिप्राप्ति नवंबर 2025 से फरवरी 2026 तक चलेगी। अर्थात किसानों से धान की खरीदारी फरवरी तक की जाएगी। खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के अन्तर्गत पंचायत स्तर पर पैक्स एवं प्रखंड स्तर पर व्यापार मंडल के माध्यम से किसानों से धान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद किया जाएगा। जिसमें साधारण धान की खरीद 2369 रुपए प्रति क्विंटल की दर से होगी। वहीं ग्रेड-'A' धान के लिए किसानों को 2389 रुपए प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जाएगा। पैक्सों और व्यापार मंडलों के जरिए होने वाली इस धान की खरीदारी से किसानों को बिचौलियों के शोषण से सुरक्षा मिलती है। साथ ही साथ किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलने से अच्छी आय भी होती है। धान क्रय के बाद राशि का भुगतान सीधे किसान के नामित खाते में पीएफएमएस के माध्यम से किया जायेगा। कृषि विभाग के पोर्टल dbtagriculture.bihar.gov.in पर किसान निबंधन कराकर धान की बिक्री कर सकते हैं। इसके लिए इच्छुक किसानों के लिए कृषि विभाग के पोर्टल पर धान की संभावित मात्रा एवं भूमि संबंधी अद्यतन विवरणी प्रविष्ट करना आवश्यक होगा। कृषि विभाग के पोर्टल पर निबंधन 15 सितम्बर, 2025 से ही प्रारंभ है। भंडारण की व्यवस्था सुनिश्चित करें पैक्स या व्यापार मंडल सहकारिता विभाग ने कुछ दिनों पूर्व ही अपने एक निर्देश में पैक्सों और व्यापार मंडलों को कहा था कि धान अधिप्राप्ति कार्य प्रारंभ होने के पहले सभी पैक्स/व्यापार मंडल भंडारण की व्यवस्था, नमी मापक यंत्र, माप-तौल यंत्र का नवीकरण, किसानों का आधार आधारित सत्यापन के लिए आवश्यक उपकरण, बैनर-पोस्टर के माध्यम से प्रचार-प्रसार कराना आदि सुनिश्चित कर लें। धान खरीद का काम अंकेक्षित तथा गैर-प्रमादी पैक्स/व्यापार मंडलों के माध्यम से किया जाएगा। वहीं विभाग ने कहा है कि निबंधन/अधिप्राप्ति कार्य में असुविधा होने पर या कोई जानकारी लेने के लिए किसान टॉल फ्री नम्बर-1800 1800 110 पर फोन कर सकते हैं।

स्कूल परिसर में काला जादू विवाद: प्रबंधन ने तीन छात्राओं को किया सस्पेंड

लातेहार झारखंड के लातेहार से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक विद्यालय में कक्षा 8 की तीन छात्राओं पर काला जादू, झाड़- फूंक और तंत्र- विद्या करने का आरोप लगा है। मामला जिले के रवाडीह प्रखंड के मंगरा रोड स्थित कल्याण विभाग द्वारा संचालित एकलव्य मॉडल विद्यालय का है। स्कूल प्रबंधन द्वारा दावा किया जा रहा है कि छात्राओं ने रात के समय हॉस्टल व महिला शिक्षा कर्मियों के कमरों के बाहर काले जादू से संबंधित गतिविधियां कीं। वहीं, इस आधार पर प्रिंसिपल और अन्य शिक्षकों ने छात्राओंं को स्कूल से निकाल दिया। प्रिंसिपल और शिक्षकों ने गार्जियन को बुलाकर छात्राओं की करतूत बताई। बच्चियों को जबरन स्कूल से बाहर किया गया है मामले में छात्राओंं के परिजनों का कहना है कि उन्हें स्कूल बुलाकर उनकी बच्चियों पर झाड़- फूंक और तंत्र–विद्या करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए, जबकि छात्राओं को ऐसी किसी गतिविधि की जानकारी तक नहीं है। परिजनों ने प्रिंसिपल से माफी भी मांगी और पढ़ाई जारी रखने का अनुरोध किया, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने उनकी बात नहीं मानी। परिजनों का कहना है कि बच्चियों को जबरन स्कूल से बाहर किया गया है।  

निवेश का नया केंद्र बना उत्तर प्रदेश: नीतियों और सुधारों से बढ़ी उद्योगों की रफ्तार

योगी सरकार की नीतियों से स्टार्टअप इकोसिस्टम भी हुआ मज़बूत वैश्विक निवेशकों की पहली पसंद बना उत्तर प्रदेश, 6.77 लाख करोड़ के LOC से बढ़ी विकास की गति 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश: उद्योग, निवेश और स्टार्टअप्स की नई छलांग योगी सरकार की नीतियों का असर– यूपी में तेज़ी से बढ़ रहे उद्योग, लाखों युवाओं को मिला रोजगार लखनऊ, उत्तर प्रदेश आज देश के सबसे आकर्षक निवेश गंतव्यों में तेजी से उभर रहा है। राज्य की निवेश-अनुकूल नीतियाँ, पारदर्शी प्रोत्साहन व्यवस्था, सुदृढ़ कानून-व्यवस्था और उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल ने घरेलू व वैश्विक निवेशकों के बीच विश्वास को और मजबूत किया है। पिछले आठ वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एक सशक्त औद्योगिक इकोसिस्टम का निर्माण हुआ है, जिसने ईज आफ डूइंग बिजनेस के मानकों को उल्लेखनीय रूप से बेहतर किया है। निवेश मित्र पोर्टल जैसे ऑनलाइन सिंगल विंडो सिस्टम ने निवेश अनुमोदन प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और त्वरित बनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी विजन के तहत उत्तर प्रदेश 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य की ओर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार ने निवेश बढाने के लिए 33 से अधिक क्षेत्र विशिष्ट नीतियाँ लागू की हैं, जो उभरते औद्योगिक क्षेत्रों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं। राज्य की फ्लैगशिप “औद्योगिक निवेश और रोजगार प्रोत्साहन नीति 2022”, एफडीआई/एफसीआई नीति 2023 के साथ ही सेमीकंडक्टर, रक्षा उत्पादन, इलेक्ट्रिक वाहन, ऊर्जा और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों की नीतियों ने उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेशकों के लिए विश्वसनीय और संभावनाओं से भरपूर गंतव्य बना दिया है। निवेश उपरांत प्रोत्साहनों को सरल और तेज बनाने के लिए प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण किया गया है। वही एक उच्च-स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति (HLEC) द्वारा हर महीने औसतन 10 लेटर ऑफ कम्फर्ट (LOC) भी जारी किये जा रहे है। वर्ष 2025 में ही औद्योगिक निवेश और रोजगार प्रोत्साहन नीति 2022 के तहत 6.77 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 70 से अधिक LOC स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही एफडीआई/एफसीआई नीति 2023 के अंतर्गत 12,000 करोड़ रुपये से अधिक के LOC जारी किए जा चुके हैं, जो वैश्विक स्तर पर उत्तर प्रदेश की बढ़ती प्रतिष्ठा को प्रदर्शित करता है। इन नीतिगत सुधारों और पारदर्शी प्रक्रियाओं का परिणाम है कि प्रदेश में निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ उन्हें जमीन पर उतारने में भी उल्लेखनीय सफलता मिल रही है। आगामी भूमि पूजन समारोह (GBC-5) के लिए सरकार 5  लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश को धरातल पर उतारने की तैयारी कर रही है। इससे पहले आयोजित चार ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी ने उत्तर प्रदेश को औद्योगिक विकास के नए दौर में प्रवेश कराया है। वर्ष 2018 से अब तक आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, ऊर्जा, रक्षा, कौशल विकास, आवास और विनिर्माण समेत विभिन्न क्षेत्रों में 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश को मूर्त रूप दिया जा चुका है, जो राज्य की नीतिगत स्थिरता और निवेश-अनुकूल वातावरण का प्रमाण है। जिसकी वजह से पिछले आठ वर्षों में सैमसंग, वीवो, डिक्सन, एसीसी, जेके सीमेंट, डालमिया सीमेंट, अदानी पावर, टाटा पावर, Azure, SLMG एसएलएमजी (कोका-कोला बॉटलर्स), वरुण बेवरेजेज (पेप्सी बॉटलर्स), एसटी  टेलीमीडिया, माइक्रोसॉफ्ट और एडोब जैसी कंपनियों ने उत्तर प्रदेश में निवेश कर हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा किए हैं। उद्यमिता प्रोत्साहन: उत्तर प्रदेश सरकार की स्टार्टअप पहल बड़े निवेश के साथ प्रदेश में ईज आफ डूइंग बिजनेस का इकोसिस्टम मजबूत होने से वर्तमान में करीब 18127 स्टार्टअप है, जिसमें से 7800 से अधिक स्टार्टअप महिला संचालित है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए छोटे छोटे स्टार्टअप्स को भी आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है।जिससे छोटे छोटे शहरों के युवाओं उद्यमियों को अपने स्टार्टअप्स को शुरू करने में प्रोत्साहन मिल रहा है। केस स्टडी 1: मनुपुरा फूड्स प्राइवेट लिमिटेड (प्रवीन वर्मा) झांसी के प्रवीन वर्मा द्वारा स्थापित इस स्टार्टअप को योगी सरकार ने ₹11 लाख का फंड (जिसमें से ₹4.5 लाख प्रदान किए गए) स्वीकृत किया है। प्रवीन लगभग दस वर्षों से मशरूम की खेती कर रहे हैं और नाबार्ड की मदद से एक फार्म संचालित करते हैं। उनका स्टार्टअप मशरूम से ड्राई मशरूम, बिस्किट, चॉकलेट, लड्डू, अचार आदि जैसे विविध मूल्य-वर्धित उत्पाद तैयार करता है, जिनकी बाजार में काफी मांग है। यह पहल कृषि-आधारित नवाचार और ग्रामीण उद्यमिता को प्रोत्साहित करती है। केस स्टडी 2: सिहारी लैब्स प्राइवेट लिमिटेड (वैशाली कुशवाहा) जालौन की वैशाली कुशवाहा के इस स्टार्टअप को ₹3.14 लाख का फंड (जिसमें से ₹78,000 प्रदान किए गए) स्वीकृत किया गया है। सिहारी लैब्स एक एआई-आधारित टूल विकसित कर रहा है जो लघु और मध्यम उद्यमियों को उनके उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान में मदद करेगा। यह टूल न केवल उपभोक्ता से बातचीत कर सकता है, बल्कि जटिल मामलों में प्रतिष्ठान के मालिक या प्रबंधक से भी बात करा सकता है। यह तकनीकी नवाचार 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' और ग्राहक सेवा को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

जिले की स्वच्छता यात्रा:खुले में शौच से ओडीएफ और सस्टेनेबल स्वच्छता की ओर

विश्व शौचालय दिवस आज बिलासपुर,  स्वच्छ  भारत मिशन के जिले में बेहतर क्रियान्वयन से अब कभी खुले में शौच की समस्या से जूझते ग्रामीण इलाकों की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है और एक बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है। शौचालय निर्माण से लेकर ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन तक आम जनता की भागीदारी से स्वच्छ भारत का सपना अब साकार होता नजर आ रहा है स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण से गांवों में स्वच्छता अभियान ने जोर पकड़ा है ग्रामीण क्षेत्रों में योजना के तहत शौचालय निर्माण से ग्रामीणों को राहत मिली है।     स्वच्छ भारत मिशन के पहले चरण में ग्रामीण परिवारों की  व्यक्तिगत शौचालय की आवश्यकता थी लेकिन संसाधन और जागरूकता की कमी बड़ी चुनौती थी। प्रशासन, पंचायतों और आम नागरिकों के संयुक्त प्रयास से जिले में 2,03,091 व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण हुआ। इनमें स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत 1 लाख 38 हजार 770, मनरेगा के तहत 30 हजार 574, डीएमएफ 5 हजार 68 एवं अन्य योजनाएँ 28 हजार 679 शौचालय शामिल है। इन शौचालयों के निर्माण ने हजारों परिवारों को गरिमा, सुरक्षा और स्वच्छ जीवन जीने की राह दिखाई। महिलाएँ, जो पहले अंधेरा होने का इंतज़ार करती थीं, अब उनके पास अपने घर में सुरक्षित और सम्मानजनक सुविधा उपलब्ध है। इसी चरण ने जिले को ओडीएफ की ओर अग्रसर करने की मजबूत नींव रखी।      बिल्हा ब्लॉक के ग्राम नवगंवा की श्रीमती गायत्री खरे और रानी सूर्यवंशी कहती है कि शौचालय निर्माण से उनकी एक बड़ी समस्या का समाधान हो गया है अब उन्हें किसी भी मौसम में बाहर जाना नहीं पड़ता।।मस्तूरी ब्लॉक के  ग्राम ढेका निवासी युवा खुशबू राजपूत ने कहा कि सरकार द्वारा शौचालय निर्माण महिलाओं की  गरिमा का सम्मान है।  स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण में जिले ने केवल शौचालय निर्माण तक खुद को सीमित नहीं रखा। यहाँ लक्ष्य था स्वच्छता को स्थायी और सस्टेनेबल बनाना। पहले से निर्मित शौचालयों के अलावा इस चरण में भी 13,987 नए शौचालयों का निर्माण किया गया, जिससे नई बस्तियों और जरूरतमंद परिवारों को सुविधा मिली। ग्राम बाजार, हाट-बाजार और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में 512 सामुदायिक शौचालयों ने स्वच्छता को और सुदृढ़ किया। गाँवों में गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण और प्रबंधन की दिशा में 636 इकाइयाँ स्थापित की गईं। अब कचरा नालियों या सड़कों में इकट्ठा नहीं होता कृ व्यवस्थित निपटान से गाँवों की स्वच्छता स्तर पहले से कई गुना बढ़ गया है। जिले के 4 विकासखण्डों में 4 यूनिट्स स्थापित की गईं, जहाँ प्लास्टिक कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया जाता है। यह कदम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण उपलब्धि है। फिकल स्लज निपटान हेतु एक क्रियाशील और एक निर्माणाधीन इकाई स्थापित की गई है। यह ग्रामीण स्वच्छता के उन्नत स्तर की ओर बड़ा कदम है, जिससे जल स्रोतों के प्रदूषण में भारी कमी आई है। जिले में 8 बायोगैस संयंत्र क्रियाशील हैं। इससे न केवल कचरे का उपयोग हो रहा है, बल्कि स्वच्छ, धुआँ-रहित ऊर्जा भी ग्रामीण परिवारों को मिल रही है।     उल्लेखनीय है कि विश्व शौचालय दिवस हर वर्ष 19 नवंबर को मनाया जाता है। यह दिन स्वच्छता, स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन के महत्व के प्रति जागरूकता के लिए समर्पित है। संयुक्त राष्ट्र ने इस दिवस की शुरुआत दुनिया भर में मौजूद स्वच्छता संकट की ओर ध्यान दिलाने के लिए किया।सुरक्षित शौचालय की सुविधा न होने से विभिन्न प्रकार की बीमारियाँ फैलती हैं और लोगों के जीवन की गुणवत्ता पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।

सोनपुर मेला: राजस्व विभाग के स्टॉल पर मिल रहा भूमि का नक्शा और आवश्यक दस्तावेज

काउंटर के माध्यम से दी जा रही ऑनलाइन सेवाओं की जानकारी पटना  विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला में आने वाले लोगों को भरपूर मनोरंजन करने के साथ ही अपनी जमीन के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अपना खास स्टॉल लगाया है। यहां लोगों को जमीन से संबंधित नक्शा भी हाथों-हाथ उपलब्ध कराया जा रहा है। जहां लोग 150 रुपये प्रति पेज की दर से अपने जमीन का नक्शा प्राप्त कर रहें हैं। विभाग केइस स्टॉल से जमीन से संबंधित सभी ऑनलाइन सेवाओं के बारे में भी रैयत जानकारी ले सकते हैं। गंडक नदी के किनारे 9 नवंबर से 10 दिसंबर तक चलने वाले इस विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला में आने वाले लोगों को भूमि से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने के लिए राजस्व विभाग अपना स्टॉल लगाया है। इस स्टॉल पर भूमि से संबंधित पुस्तिकाएं भी सस्ती दर पर उपलब्ध हैं। इसमें कैथी लिपि सिखने के लिए पुस्तिका, राजस्व अभिलेखों से संबंधित जानकारी के लिए बिहार भूमि पुस्तिका और ऑनलाइन सेवाओं के बारे में जानकारी के लिए पुस्तिका उपलब्ध है। ये सभी पुस्तिकाएं आम लोगों को राजस्व अभिलेखों और ऑनलाइन प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी लेने में सहायक होगी।   सीएससी के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही सभी ऑनलाइन सेवाएं राजस्व विभाग की तरफ से उपलब्ध दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस एवं अन्य ऑनलाइन राजस्व सेवाएं भी निर्धारित शुल्क पर सीएससी के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है। यह ऐसी सुविधा है जो ग्रामीणों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। क्योंकि उन्हें अब अपनी भूमि से जुड़ी अधिकांश ऑनलाइन सेवाएं मेले में ही आसानी से मिल जाएंगी। मेला में आने वाले लोगों से विभाग ने किया सुविधाएं प्राप्त करने का आग्रह राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला में आने वाले सभी लोगों से आग्रह किया है कि मेला में लगे स्टॉल पर पहुंचकर इन सुविधाओं का लाभ उठाएं। यह मेला इस बार सांस्कृतिक और मनोरंजन के साथ ही जनसुविधाओं के मामले में भी खास बन गया है और भूमि सेवाओं के लिए यह पहल लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है।

गुरुद्वारा चट्टी पातशाही साहिब में श्रद्धा का सागर, कीर्तन दरबार में शामिल हुए भगवंत मान और केजरीवाल

चंडीगढ़  आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के सीएम सरदार भगवंत सिंह मान श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के 350वीं शहीदी दिवस के अवसर पर श्रीनगर के गुरुद्वारा श्री चट्टी पातशाही साहिब में आयोजित कीर्तन दरबार में शामिल हुए. इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गुरु साहिब जैसा बलिदान इतिहास में नहीं मिलता है. हिन्दू धर्म को बचाने के लिए श्री गुरु तेग बहादुर साहिब ने दिल्ली के चांदनी चौक में अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया. उन्होंने कहा कि बुधवार को श्रीनगर से यात्रा रवाना होगी और 22 नवंबर को आनंदपुर साहिब पहुंचेगी. सभी से अपील है कि पंजाब सरकार द्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के 350वीं शहीदी दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों में ज्यादा से ज्यादा लोग शामिल हों. इस अवसर पर पंजाब सरकार की पूरी कैबिनेट समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे. मैं बहुत सौभाग्यशाली हूं- केजरीवाल अरविंद केजरीवाल ने कीर्तन दरबार में शामिल होने पर खुद को सौभाग्यशाली बताते हुए कहा कि वैसे तो लोग श्रीनगर पर्यटन और काम को लेकर आते हैं. मैं बहुत सौभाग्यशाली हूं कि मैं पहली बार श्रीनगर आया हूं और इस पवित्र स्थल का दर्शन करने के लिए आया हूं. हम सभी लोग एक पवित्र आत्मा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के 350वें शहादत दिवस पर एकत्र हुए हैं. श्री गुरु तेग बहादुर साहिब को शहीदों का सरताज और हिंद की चादर कहा जाता है. पूरी दुनिया में किसी भी धर्म में श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जैसी शहादत कभी नहीं देखी गई है. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि किस तरह कश्मीरी पंडितों पर बहुत जुल्म हो रहे थे. कश्मीरी पंडित श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के पास आनंदपुर पहुंचे और मदद मांगी. हिन्दू लोगों के धर्म को बचाने के लिए श्री गुरु तेग बहादुर साहिब ने दिल्ली के चांदनी चौक में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया. इतिहास में इस तरह का बलिदान देखने को नहीं मिलता है. उनकी शहादत को हम सभी नमन और उनका सम्मान करते हैं. श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के 350वें शहादत दिवस के अवसर पर पंजाब सरकार ने बहुत सारे कार्यक्रम आयोजित किए हैं. मेरी सभी लोगों से अपील है कि आनंदपुर साहिब में होने वाले कार्यक्रम में ज्यादा से ज्यादा पहुंचे. साथ ही, अलग-अलग कार्यक्रमों में भी शामिल हों. अरविंद केजरीवाल ने कहा यह हम सभी लोगों की जिम्मेदारी है कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब की शहादत को पीढ़ी दर पीढ़ी बढ़ाना है. हमें अपने बच्चों को उनकी शहादत के बारे में बताना है. उनकी शहादत सभी लोगों तक पहुंचनी चाहिए, ताकि उनकी शहादत से हम लोगों को प्रेरणा मिले और उनके संदेश के हिसाब से हम अपने जीवन को ढाल सकें. अरविंद केजरीवाल ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि बुधवार को श्रीनगर से यात्रा रवाना होगी और 22 नवंबर की रात यह यात्रा आनंदपुर साहिब पहुंचेगी. इस यात्रा की शुरुआत के अवसर पर सीएम भगवंत मान के साथ मुझे भी उपस्थित रहने का मौका मिला. इसके लिए मैं अपने आपको सौभाग्यशाली समझता हूं. गुरु साहिब से प्रार्थना करता हूं कि आप सभी को खूब खुशियां दें, स्वस्थ रखें और आपके परिवार को खुश रखें. ये कुर्बानियां छोटी नहीं हैं- भगवंत मान भगवंत मान ने कहा कि इतिहास की किताबें पढ़ीं तो पता चला कि त्यागमल से तेग बहादुर कैसे बने. बाबा बकाले से गुरु लाडो रे तक का सफर और फिर लखी शाह बनजारा ने अपने घर में आग लगाकर गुरु साहिब के पार्थिव शरीर का संस्कार किया. भाई जैता जी (जिन्हें बाद में भाई जीवन सिंह जी के नाम से जाना गया) ने कितनी कठिनाइयों से शीश दिल्ली से लाकर अमृतसर पहुंचाया. गुरु गोबिंद सिंह जी ने उन्हें किताब भेंट की. ये कुर्बानियां छोटी नहीं हैं. आज की पीढ़ी माध्यम बदलने से शायद इन्हें पूरी तरह समझ न पाए, इसलिए लाइट एंड साउंड शो और यूट्यूब जैसे आधुनिक तरीकों से मर्यादा बनाए रखते हुए अगली पीढ़ी तक इन बलिदानों की जानकारी पहुंचानी चाहिए. भगवंत मान ने आगे कहा कि ऐसी मिसालें दुनिया में कहीं नहीं मिलतीं. शहीदा के सरताज श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी ने कश्मीरी पंडितों की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया. पंडित कृपा राम जी के नेतृत्व में जत्था दिल्ली आया और गुरु साहिब ने उनकी अरदास स्वीकार की. भाई सेवा सिंह जी ने विस्तार से बताया और भाई हजेंद्र सिंह जी श्रीनगर वाले तथा भाई बलविंदर सिंह जी रंगीला की कथाएं सुनकर हम बड़े हुए हैं. बचपन में भाई मती दास जी की कथा सुनकर छोटी उम्र में ही दो मंजे जोड़कर स्पीकर लगाकर धार्मिक कीर्तन सुनता था.

विश्वविद्यालय कर्मियों का नवंबर की वेतन राशि जारी

शिक्षा विभाग ने 11 परंपरागत विश्वविद्यालयों के लिए अद्यतन डीए के साथ 109.7735 करोड़ रुपये जारी किया पटना शिक्षा विभाग ने राज्य के 11 परंपरागत विश्वविद्यालयों में कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मियों के नवंबर माह के वेतन भुगतान के लिए 109 करोड़ 7 हजार 735 रुपये जारी की है, जिसमें डीए (महंगाई भत्ता) की राशि भी शामिल है।     आधिकारिक जानकारी के मुताबिक राज्य के सभी 11 परंपरागत विश्वविद्यालयों में कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के लिए डीए 58 फीसदी राशि के साथ वेतन की राशि जारी कर दी गई है। इसमें पटना विश्वविद्यालय को 10.58 करोड़, मगध विश्वविद्यालय को 14.67 करोड़, बीआरए बिहार विश्वविद्यालय को 17.5 करोड़, जयप्रकाश विश्वविद्यालय को 13.7635 करोड़, भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय को 6.97 करोड़, तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय को 11.42 करोड़, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय को 5.26 करोड़, मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय को 0.69 करोड़, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय को 20.85 करोड़, पूर्णियां विश्वविद्यालय को 5.23 करोड़ और मुंगेर विश्वविद्यालय को 2.84 करोड़ रुपये वेतन मद में राशि जारी की गई है। उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. एनके अग्रवाल ने बताया कि नवंबर के वेतन की राशि के साथ ही 58 फीसदी डीए की राशि भी विमुक्त किया गया है।

भक्ति यात्रा की शुरुआत: राजनांदगांव से अयोध्या हेतु भारत गौरव स्पेशल ट्रेन ने भरी दौड़

सरकार की निशुल्क सुविधाओं से तीर्थयात्रियों को मिलेगा रामलला व काशी विश्वनाथ के दर्शनों का शुभ अवसर रायपुर, रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत आज भारत गौरव स्पेशल ट्रेन राजनांदगांव से अयोध्या धाम की ओर रवाना हुई। इस अवसर पर सांसद श्री संतोष पांडे, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा और महापौर श्री मधुसूदन यादव ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया।     दुर्ग स्टेशन पर विधायक ललित चंद्राकर ने तीर्थ यात्रियों का स्वागत व अभिनंदन किया। स्टेशन पर तीर्थयात्रियों का जोश और उत्साह देखते ही बन रहा था। जिला प्रशासन के अधिकारी, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड और आईआरसीटीसी के प्रतिनिधियों ने भव्य स्वागत किया। स्टेशन पर माहौल भक्तिमय था, जहां ढोल-नगाड़ों की थाप पर तीर्थयात्री अभिवादन से अभिभूत नजर आए। यात्रियों ने इस पावन अवसर को यादगार बताते हुए अपनी भावनाओं को साझा किया।     तीर्थयात्री भोला राम यादव ने कहा कि सरकार द्वारा दी गई सभी सुविधाएं हमारे लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। आने-जाने, रहने व भोजन  की बेहतरीन व्यवस्था ने हमारी यात्रा को सुखद और यादगार बना दिया है। वहीं एक तीर्थ यात्री अमरौतिन बाई ने भावुक होकर कहा कि स्टेशन पर भव्य स्वागत और श्रद्धा का माहौल देखकर मन गदगद हो गया है। एक बुजुर्ग तीर्थयात्री केजा बाई ने आशीर्वाद भरे स्वर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय व पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल को श्रवण बेटा संबोधित कर तीर्थयात्रा कराने के लिए धन्यवाद दिया। तीर्थयात्रियों को अयोध्या धाम में रामलला के दर्शनों के साथ-साथ काशी विश्वनाथ के दर्शन भी कराए जाएंगे। छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से तीर्थयात्रियों के आने-जाने, रहने, खाने, ठहरने और चिकित्सा सुविधा सभी निशुल्क प्रदान की जा रही है। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड, समाज कल्याण विभाग और रेलवे के कर्मचारी तीर्थयात्रियों की सेवा के लिए हर समय तत्पर दिखे।