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16 लाख किसानों को बड़ी सौगात: हरियाणा सरकार ने बांटे 15,728 करोड़ रुपये, जानें किस जिले को सबसे ज्यादा लाभ

चंडीगढ़  प्रदेश के लाखों किसानों को बड़ी राहत मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त जारी कर दी। इस किस्त के तहत देशभर के करोड़ों किसानों के खातों में मदद राशि भेजी गई, जिसमें हरियाणा के लगभग 16 लाख किसान भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इस कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़े और किसानों को मिली इस राहत पर खुशी व्यक्त की। सीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री की अगुवाई में कृषि क्षेत्र में लगातार सुधार हो रहे हैं और किसान कल्याण को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होनें कहा कि आज हरियाणा के 15 लाख 82 हजार किसानों के बैंक खातों में सम्मान निधि भेजी गई।  वहीं, पलवल जिले के 74,299 किसानों को कुल 14 करोड़ 86 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई है। इसके अतिरिक्त, पूरे राज्य में फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसानों को 15,728 करोड़ रुपये की सहायता राशि जारी की गई है, जिससे प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित कई किसानों को राहत मिली है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा सरकार जैविक खेती को बढ़ावा दे रही है और प्रदेश उन चुनिंदा राज्यों में शामिल है जो 24 फसलों की खरीद MSP पर सुनिश्चित करते हैं। किसानों को समय पर भुगतान मिल सके इसके लिए राज्य सरकार ने ई-खरीद एप्लिकेशन की शुरुआत की है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म की मदद से किसान घर बैठे अपनी फसल बिक्री के लिए ई-गेट पास बनवा सकते हैं और 48 घंटे के भीतर भुगतान प्राप्त कर सकते हैं।

योगी सरकार में ओडीओपी और नीतिगत सुधार बन रहे आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम

ओडीओपी से बदला महिलाओं का आर्थिक परिदृश्य, लाखों हस्तशिल्पियों को मिला वैश्विक मंच स्वयं सहायता समूह व मुद्रा ऋण से मजबूत हुई ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति परंपरागत कलाओं को पुनर्जीवित कर महिलाओं ने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया उत्तर प्रदेश का मान मिशन शक्ति से लेकर ई–कॉमर्स लिंकेज तक, नीतिगत सुधारों से महिलाओं की सशक्त भागीदारी हुई सुनिश्चित लखनऊ, उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए प्रतिबद्ध योगी सरकार की सर्व समावेशी नीतियां अब राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी अपना व्यापक प्रभाव दिखा रही हैं। इसी का सकारात्मक परिणाम अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला (आईआईटीएफ) में भी देखने को मिल रहा है। इस वृहद आयोजन में इस वर्ष उत्तर प्रदेश की महिलाओं की असाधारण भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि योगी सरकार की योजनाएँ महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण में निर्णायक भूमिका निभा रही हैं। मिशन शक्ति, मुद्रा ऋण, कन्या सुमंगला, महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के विस्तार और ओडीओपी जैसी पहल ने महिलाओं को न केवल स्वरोजगार से जोड़ा है बल्कि उन्हें वैश्विक मंच तक पहुँचाने का मार्ग भी प्रशस्त किया है। यही कारण है कि आईआईटीएफ के ओडीओपी पवेलियन में 60% भागीदारी महिलाओं की रही है, जहां उनकी पारंपरिक कलाओं, हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों ने देश–विदेश के खरीदारों का ध्यान आकर्षित किया है। ओडीओपी और सरकारी नीतियों ने लुप्त होती कलाओं को पुनर्जीवित कर महिलाओं की आय, सम्मान और पहचान तीनों में वृद्धि की है। योगी सरकार की नीतियां बदल रहीं महिलाओं की तकदीर महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता दिलाने के लिए योगी सरकार ने मिशन शक्ति को बड़े स्तर पर लागू किया है। इसके तहत 15.35 लाख महिलाओं को विभिन्न योजनाओं से जोड़कर स्वरोजगार उपलब्ध कराया गया है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 में 1.14 करोड़ से अधिक खाते स्वीकृत हुए, जिनमें 80% से अधिक लाभार्थी महिलाएँ थीं। वहीं, कन्या सुमंगला योजना के माध्यम से 15 लाख से अधिक बालिकाओं को शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें विकास की मुख्यधारा में जोड़ा गया। इन नीतियों से महिलाओं की श्रम भागीदारी दर में भी तेजी से सुधार हुआ  है, जो 2017 के 10.6% से बढ़कर 2023 में 17.5% से अधिक हो चुकी है। सरकार की योजनाओं ने महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता व उद्यमिता को सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक आधार दोनों प्रदान किए हैं। ओडीओपी से महिलाएं बनीं बड़े स्तर की उद्यमी, आईआईटीएफ में दिखा प्रभाव उत्तर प्रदेश की ओडीओपी योजना महिलाओं के लिए आर्थिक परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम बनकर उभरी है। ओडीओपी के जरिए लाखों महिला कारीगरों, बुनकरों और उद्यमियों को लाभ मिला है। इनमें चिकनकारी, जरी-जरदोजी, पीतल उद्योग, बनारसी सिल्क, टेराकोटा, लकड़ी के खिलौने और अनेक पारंपरिक शिल्प शामिल हैं। 60,000 से अधिक महिला कारीगरों को फ्री प्रशिक्षण और आधुनिक टूलकिट प्रदान किए जाने से उनकी उत्पादकता और गुणवत्ता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। ई-कॉमर्स के माध्यम से हजारों महिला एमएसएमई उद्यमियों को अमेजॉन, फ्लिपकार्ट और अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्मों से जोड़कर वैश्विक बाजारों तक पहुँचाया गया, जिससे निर्यात में वृद्धि हुई और आय में स्थायी सुधार दर्ज हुआ। आईआईटीएफ के ओडीओपी पवेलियन में 60% महिलाएं शामिल हुईं, जिन्होंने अपनी कला से उत्तर प्रदेश को देश–विदेश में पहचान दिलाई। यह न सिर्फ राज्य की परंपरागत कला के पुनरुत्थान का सबूत है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक उत्थान का भी। महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार के सतत प्रयास बने बदलाव की आधारशिला महिलाओं की आर्थिक मजबूती सुनिश्चित करने के लिए योगी सरकार ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लाखों महिलाओं को स्वावलंबन की दिशा में अग्रसर किया है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 4.5 लाख से अधिक महिला स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय वर्ष 2022-23 में ₹1,000 करोड़ से अधिक का ऋण उपलब्ध कराया गया। योगी सरकार के सकारात्मक प्रयासों का संपूर्ण प्रभाव आईआईटीएफ में साफ नजर आया, जहां महिला उद्यमियों ने न केवल बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था, संस्कृति और हस्तशिल्प को वैश्विक पहचान दिलाई। झांसी की वंदना व शिवानी शर्मा का उदाहरण अनुकरणीय है। इन्होंने ओडीओपी केटेगरी के अंतर्गत न केवल प्रशिक्षण व वित्तीय सहायता प्राप्त की, बल्कि घर आधारित काम को संगठित उद्यम में बदला। इसका परिणाम है कि आईआईटीएफ में उनके पारंपरिक खिलौना उत्पादों को न केवल बड़े ऑर्डर मिल रहे हैं बल्कि आर्थिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं। यह इस बात का भी उदाहरण है कि कैसे परंपरागत कलाओं को नया जीवन और महिलाओं को नई उड़ान देने में योगी सरकार की नीतियां निर्णायक साबित हुई हैं।

खड़गवां में नशा मुक्ति अभियान

​   खड़गवाँ विकासखंड में जनपद पंचायत के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलकर एक महत्वपूर्ण नशा मुक्ति अभियान चलाया। ​इस अभियान का उद्देश्य समाज को नशे के गंभीर परिणामों के प्रति जागरूक करना और एक स्वस्थ भविष्य की ओर कदम बढ़ाना है। ​जनपद पंचायत की पूरी टीम ने स्थानीय गांवों और बस्तियों का दौरा किया। उन्होंने लोगों को विस्तार से बताया कि तम्बाकू, शराब और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन उनके स्वास्थ्य, परिवार और आर्थिक स्थिति पर कितना बुरा असर डालता है। ​अधिकारियों ने नशे की लत छोड़ने के फायदे और इसके लिए उपलब्ध सरकारी सुविधाओं और काउंसलिंग के बारे में भी जानकारी दी। ​इस पहल से यह स्पष्ट होता है कि MCB जिले के प्रशासनिक अधिकारी सामाजिक जिम्मेदारी को समझते हुए जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं। उम्मीद है कि यह अभियान खड़गवाँ विकासखंड को नशा मुक्त बनाने में एक निर्णायक कदम साबित होगा और अन्य क्षेत्रों को भी प्रेरणा देगा।

भारतीय टीम को मिली राहत: गिल फिट, गुवाहाटी मैच में रहेंगे टीम के साथ

मुंबई भारत और साउथ अफ्रीका के बीच शनिवार से दूसरे टेस्ट मैच की शुरुआत होगी, जिसके लिए भारतीय कप्तान शुभमन गिल बुधवार को टीम के साथ गुवाहाटी जाएंगे। हालांकि, सीरीज के निर्णायक मुकाबले में गिल के खेलने पर अभी तक मुहर नहीं लगी है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल को साउथ अफ्रीका के खिलाफ कोलकाता टेस्ट के दूसरे दिन गर्दन में चोट लग गई थी। दिन का खेल खत्म होने के बाद उन्हें जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया, जिसके बाद निगरानी में रखा गया और अगले दिन छुट्टी दे दी गई। शुभमन को दिए गए उपचार का अच्छा असर हो रहा है। वह 19 नवंबर को टीम के साथ गुवाहाटी जाएंगे। बीसीसीआई की मेडिकल टीम उनकी निगरानी करती रहेगी और दूसरे टेस्ट में उनकी भागीदारी पर उसी के अनुसार फैसला लिया जाएगा।” कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले के दूसरे दिन बल्लेबाजी के दौरान गिल चोटिल हुए थे। भारतीय पारी के 35वें ओवर में साउथ अफ्रीकी ऑफ स्पिनर साइमन हार्मर की गेंद पर चौका लगाने के बाद गिल को गर्दन में परेशानी महसूस हुई, जिसके बाद उन्हें रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा। इसके बाद भारतीय कप्तान मैच में दोबारा बल्लेबाजी के लिए नहीं उतर सके। दूसरे दिन का खेल समाप्त होने के बाद गिल को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी गर्दन में सर्वाइकल कॉलर लगा हुआ था। तीसरे दिन की शुरुआत से पहले बीसीसीआई ने घोषणा कर दी थी कि कप्तान गिल मैच के शेष हिस्से से बाहर हो गए हैं। भारतीय टीम को इस रोमांचक मुकाबले में 30 रन से हार का सामना करना पड़ा था। इसी के साथ साउथ अफ्रीका ने दो मुकाबलों की सीरीज में 1-0 से बढ़त बना ली। अब सीरीज बराबरी पर खत्म करने के लिए टीम इंडिया को गुवाहाटी टेस्ट जीतना होगा। इससे पहले अक्टूबर 2024 में गिल गर्दन में अकड़न की समस्या से जूझते नजर आए थे। न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट से पहले उन्हें यह समस्या हुई, जिसके कारण वह मैच से बाहर हो गए थे। इसी समस्या के कारण गिल जुलाई 2024 में श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में भी नहीं खेल सके थे।  

सीएम योगी की नीतियों से अनुसूचित जनजातीय गांवों में संतृप्ति आधारित विकास को मिला बल

आवास, भूमि अधिकार, रोजगार और शिक्षा बनीं व्यापक कल्याण का माध्यम ऊदा देवी सहित महिला वीरांगनाओं के नाम पर तीन पीएसी बटालियन का गठन बिरसा मुंडा, सुहेलदेव जैसे उपेक्षित नायकों को पहचान दिलाकर सांस्कृतिक पुनर्जागरण को दिशा दे रहीं योगी सरकार की नीतियां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियाँ समाज के अंतिम पायदान पर स्थित वंचितों को मुख्यधारा में लाने का बन रहीं मजबूत आधार लखनऊ, उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार सामाजिक न्याय, सांस्कृतिक सम्मान और अवसरों की समानता को शासन का आधार बनाते हुए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग को मुख्यधारा में प्रतिष्ठित करने की दिशा में निर्णायक कदम उठा रही है। इसी का परिणाम है कि जनजातीय गांवों में संतृप्ति आधारित विकास, महिलाओं की सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण, युवाओं की शिक्षा और रोजगार के अवसर सृजित करने के साथ ही योगी सरकार उपेक्षित नायकों, धरती आबा बिरसा मुंडा, महाराजा सुहेलदेव और वीरांगना ऊदा देवी को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की पहल पर कार्य कर रही है। इससे कमजोर वर्गों में आत्मविश्वास और सम्मान की नई भावना पैदा हुई है। मुख्यमंत्री योगी की नीतियाँ विकास और सम्मान दोनों के संतुलित सूत्र पर आधारित हैं, जिनका लक्ष्य प्रदेश के हर वंचित परिवार को सशक्त बनाना है। जनजातीय गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर योगी सरकार की जनजातीय विकास नीति धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के रूप में मूर्त रूप ले चुकी है। इसके जरिए 26 जिलों के 517 जनजातीय बहुल गांवों में संतृप्ति आधारित विकास लागू किया गया है, जिससे सरकारी योजनाओं की सार्वभौमिक पहुँच सुनिश्चित हो सके। थारू और बुक्सा समेत विभिन्न जनजातियों से जुड़े 11 लाख से अधिक लोगों को सड़क, बिजली, आवास और स्वच्छ जल जैसी बुनियादी सुविधाएँ प्रदान की गई हैं। विशेष रूप से 815 बुक्सा परिवारों को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत सुरक्षित आवास उपलब्ध कराए गए हैं। उल्लेखनीय है कि वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत 13 जिलों के 23,000 से अधिक वनवासी परिवारों के भूमि दावों को रिकॉर्ड में दर्ज कर उनकी पीढ़ियों से लंबित मांगों को पूरा किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में 1.5 लाख से अधिक जनजातीय विद्यार्थियों को छात्रवृत्तियाँ और शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ मिला, जबकि लखीमपुर खीरी और बलरामपुर के नौ आश्रम पद्धति विद्यालय 2,000 से अधिक बच्चों को गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। युवाओं के लिए अवसर, महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ावा योगी सरकार ने युवाओं को प्रशासनिक सेवाओं और सरकारी नौकरियों में व्यापक अवसर देते हुए प्री एग्जामिनेशन ट्रेनिंग सेंटर योजना के तहत 6,500 युवाओं को प्रशिक्षण उपलब्ध कराया, जिनमें से 700 से अधिक उम्मीदवार प्रशासनिक पदों के लिए चयनित हुए हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 में पुलिस विभाग में 60,244 पदों की भर्ती प्रक्रिया में अनुसूचित जनजाति वर्ग के सभी आरक्षित पद भरे जाना इस परिवर्तन का बड़ा प्रमाण है। वहीं महिला सुरक्षा और सम्मान को नई पहचान देने के लिए योगी सरकार ने तीन पीएसी बटालियनों का गठन वीरांगनाओं के नाम पर किया है, जिनमें 1857 की बहादुर दलित नायिका ऊदा देवी का नाम शामिल है। ऊदा देवी के ही नाम पर प्रदेश की राजधानी में प्रतिमा की स्थापना भी की गई है, जो पासी समाज के गौरवशाली अतीत का प्रतिनिधित्व कर रही है। यह कदम न केवल सुरक्षा बलों में महिला प्रतिनिधित्व को बढ़ाता है, बल्कि इतिहास की उन स्त्रियों को सम्मान देता है जिन्हें लंबे समय तक उपेक्षित रखा गया। इसी के साथ थारू हस्तशिल्प कंपनी ने 371 महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को राष्ट्रीय बाजार से जोड़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता की राह को मजबूत किया है। नट और बंजारा जैसे विमुक्त घुमंतू समुदायों के लिए 101 आश्रम विद्यालय और 9 सर्वोदय स्कूल सामाजिक सुरक्षा और स्थिरता के केंद्र के रूप में विकसित किए गए हैं। सामाजिक एकता और आत्मगौरव का संदेश योगी सरकार ने ऐतिहासिक उपेक्षा का शिकार रहे जननायकों और नायिकाओं को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का मिशन चलाया है। मिर्जापुर और सोनभद्र में धरती आबा बिरसा मुंडा के नाम पर निर्मित संग्रहालय और बलरामपुर में थारू संग्रहालय जनजातीय विरासत को सहेजने के महत्वपूर्ण केंद्र बने हैं। महाराजा सुहेलदेव के सम्मान में किए गए सरकारी उपक्रमों ने ओबीसी समाज में गौरव और आत्मसम्मान को मजबूत आधार दिया है। यह सांस्कृतिक पुनर्जागरण केवल इतिहास को पुनर्स्थापित नहीं कर रहा, बल्कि सामाजिक एकता और आत्मगौरव का नया संदेश दे रहा है। स्कूल पाठ्यक्रम में सुधार, छात्रवृत्तियों का विस्तार, महिला सुरक्षा ढांचे का सुदृढ़ीकरण और कमजोर वर्गों की सांस्कृतिक पहचान को प्रतिष्ठा देना, ये सभी कदम मिलकर स्पष्ट करते हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित वर्गों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं।

दीपक बैज की चेतावनी: 400 यूनिट हाफ बिजली बिल लागू नहीं हुआ तो होगा CM हाउस का घेराव

रायपुर दिल्ली दौरे से लौटे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने छत्तीसगढ़ में बिजली बिल को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। बैज ने कहा, सरकार ने 200 यूनिट हॉफ कर जनता को फिर धोखा दिया है। कांग्रेस की 400 यूनिट बिल हॉफ योजना को बंद किया गया। चार बार बिजली की दरें बढ़ाई गईं। स्मार्ट मीटर लगाकर अतिरिक्त वसूली की जा रही है। उन्होंने कहा कि 30 नवंबर तक 400 यूनिट हॉफ बिजली बिल योजना लागू नहीं की गई तो CM हाउस का घेराव करेंगे। बैज ने कहा, कोयला सस्ता हुआ, उस पर लगने वाला सेस खत्म हुआ, इसलिए अब 400 यूनिट बिजली बिल फ्री करना चाहिए।पीएम सूर्य घर योजना को लेकर पीसीसी चीफ बैज ने कहा, ये योजना छत्तीसगढ़ में फेल है। पीएम सूर्यघर योजना छत्तीसगढ़ में सफल नहीं है, इसे जबरन थोपा जा रहा है। दिल्ली में बैठक को लेकर दीपक बैज ने कहा, दिल्ली में 2 घंटे की महत्वपूर्ण बैठक हुई। AICC की बैठक में 12 राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष मौजूद रहे। SIR को लेकर कांग्रेस गंभीर है। बिहार में वोटर काटे गए और चुनाव से पहले नए वोटर जोड़े गए। इन मुद्दों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने कहा, घर-घर जाकर मतदाताओं को जागरूक करने की रणनीति तैयार की जाएगी। सचिन पायलट प्रदेश के 3 हिस्सों में बैठक लेंगे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को निगरानी का मूल मंत्र दिया जाएगा। जल्द जारी होगी जिलाध्यक्षों की सूची कांग्रेस जिलाध्यक्षों की सूची को लेकर बैज ने कहा, जिलाध्यक्षों की सूची अंतिम चरण में है। छत्तीसगढ़, राजस्थान, तेलंगाना की सूची लगभग तैयार है। बहुत जल्द जिलाध्यक्षों की लिस्ट जारी होगी। झीरम घाटी हमले को बताया राजनीतिक षड्यंत्र झीरम घाटी हमले के मास्टरमाइंड हिड़मा के मारे जाने से क्या न्याय मिला? इस मामले में पीसीसी चीफ बैज ने कहा, आंध्रप्रदेश की सीमा पर उसका एनकाउंटर हुआ, बड़ी सफलता है, इसके लिए बधाई। झीरम घाटी की सच्चाई अब तक सामने नहीं आई है। वैसे भी यह राजनीतिक षड्यंत्र है।

Bigg Boss 19: अरमान को देखकर फूट-फूटकर रोए अमल मलिक, शहबाज पर छूटी हंसी

मुंबई रियलिटी शो 'बिग बॉस 19' में फैमिली वीक काफी दिलचस्प बीच रहा है। अशनूर के पिता, कुनिका के बेटे और पोतियों के आने के बाद शो में फरहाना भट्ट की मां और गौरव खन्ना की पत्नी आकांक्षा ने घरवालों को हंसी से लोटपोट कर दिया। और अब प्रणित के भाई-भाई और भतीजों के अलावा, अमल मलिक के भाई अरमान मलिक की भी एंट्री हो गई है, जो कि सभी के लिए शॉकिंग रही। क्योंकि सिंगर के भाई को न तो ये शो कभी पसंद था और न ही वह इसे फॉलो करते थे। 'बिग बॉस 19' के लेटेस्ट प्रोमो में जहां फरहाना भट्ट की मां घरवालों को रोस्ट करती नजर आ रही हैं। वहीं, दूसरे प्रोमो में सिंगर अरमान मलिक का स्वागत भी हो रहा। एक्ट्रेस की मम्मी जहां एक रात रुकी थीं। वहीं, आकांक्षा चमोला अपने वर्क कमिटमेंट्स की वजह से कुछ देर रहकर चली गई थीं। अब अमल मलिक के भाई अरमान मलिक की जब एंट्री होती है तो हर कोई उस वक्त फ्रीज रहता है। अरमान-अमल के मोमेंट में शहबाज ने खींचा ध्यान अरमान सीधे गार्डन एरिया में आते हैं और भाई अमल से गले मिलते हैं और इस दौरान डब्बू मलिक के बड़े बेटे और शो के कंटेस्टेंट फूट-फूटकर रोने लगते हैं। फिर बिग बॉस उन्हें रिलीज करते हैं। हालांकि इस दौरान सबसे ज्यादा ध्यान शहबाज पर जाता है, जो पूल के पास अपनी हाफ पैंट में खड़े नजर आते हैं और हाथ में तौलिया होता है और बदन पर कुछ नहीं। इस इमोशनल मोमेंट में उनको देख हंसी छूट जाती है। अमल-अरमान का लाइव कॉन्सर्ट वहीं, कुछ क्लिप्स सामने आई है, जहां पर बिग बॉस रह-रहकर कुछ-कुछ घरवालों को फ्रीज कर देते हैं। इस क्रम में उन्होंने एक बार अरमान को भी फ्रीज कर दिया था। 'बिग बॉस तक' के मुताबिक, घर की शाम और भी रंगीन रही क्योंकि अमल-अरमान का लाइव कॉन्सर्ट हुआ, जहां भाइयों ने साथ में नेशनल टीवी पर साथ में परफॉर्म करके समा बांध दिया।

ECI को AAP की बड़ी शिकायत: शिअद के ‘चुनाव चिह्न’ पर रोक लगाने की अपील

चंडीगढ़  आम आदमी पार्टी ने शिरोमणि अकाली दल (SAD) पर गंभीर आरोप लगाए हैं. AAP ने SAD के चुनाव चिह्न को तुरंत रद्द करने की मांग की है. AAP ने इस मामले को लेकर चुनाव आयोग को एक पत्र भी लिखा है जिसमें SAD की उपचुनाव उम्मीदवार कंचनप्रीत कौर पर अवैध तरीके से भारत में घुसने के आरोप लगाए गए हैं. AAP का कहना है कि कंचनप्रीत कौर के खिलाफ इमिग्रेशन/फॉरेनर्स एक्ट के तहत FIR दर्ज है. FRRO रिकॉर्ड के अनुसार दिसंबर 2023 के बाद कंचनप्रीत की भारत वापसी का कोई रिकॉर्ड नहीं है. AAP ने आरोप लगाया है कि कंचनप्रीत ने कनाडा आधारित गैंगस्टर की मदद से कवरिंग कैंडिडेट बनीं और चुनाव को प्रभावित किया. मिली जानकारी के अनुसार, कंचनप्रीत कौर के खिलाफ इमिग्रेशन/फॉरेनर्स एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई है. कंचनप्रीत के लिव-इन पार्टनर गैंगस्टर अमृतपाल बाठ पर 20 से ज्यादा आपराधिक केस लंबित हैं.   अमृतपाल बाठ पर मतदाताओं को मारने की धमकी देकर SAD के पक्ष में वोट कराने का भी आरोप है. इसके अलावा व्हाट्सऐप कॉल्स से मतदाताओं को डराने-धमकाने के सबूत सामने आए हैं. जिनकी जांच की जा रही है. SAD का चुनाव चिह्न रद्द करने की मांग AAP ने चुनाव आयोग से इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने और SAD के चुनाव चिह्न को रद्द करने की मांग की है. AAP का कहना है कि SAD ने एक आपराधिक पृष्ठभूमि वाली महिला को चुनाव में उतारकर लोकतंत्र का अपमान किया है.  

किसानों को सीधा फायदा: हरियाणा के 15 जिलों में जौ-गेहूं के लिए शुरू हुई विशेष सब्सिडी योजना

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने रबी सीजन में किसानों को मजबूत सहारा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के तहत राज्य में जौ और गेहूं की फसलों के लिए बीज वितरण से लेकर प्रदर्शन प्लांट और पौध व मृदा संरक्षण प्रबंधन तक पर अनुदान दिया जाएगा। यह पहल किसानों की उत्पादकता बढ़ाने, बेहतर किस्मों को बढ़ावा देने और मिट्टी की उर्वरता कायम रखने में मदद करेगी। जौं की खेती को बढ़ावा देने के लिए पंचकूला, रोहतक, भिवानी, सिरसा, हिसार, झज्जर और चरखी दादरी जिलों को चुना गया है। इन जिलों में किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज, फसल प्रदर्शन इकाइयों और मृदा प्रबंधन तकनीकों पर सरकारी सहायता दी जाएगी। इच्छुक किसान कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसी तरह गेहूं के लिए अम्बाला, भिवानी, हिसार, झज्जर, मेवात, पलवल, चरखी दादरी और रोहतक जिलों में अनुदान मंजूर किया गया है। इस स्कीम का उद्देश्य अधिक उत्पादन और वैज्ञानिक तरीके से खेती को बढ़ाना है। किसान बिजाई की समय-सारणी के अनुसार ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि उन्नत बीज, आधुनिक कृषि तकनीक और मृदा संरक्षण उपायों से फसल की पैदावार बढ़ेगी और किसानों के लाभ में भी इजाफा होगा। आवेदन प्रक्रिया हुई बेहद आसान दोनों फसलों के लिए किसान विभाग की वेबसाइट पर कुछ सरल चरणों में आवेदन पूरा कर सकते हैं। साथ ही, हर जिले के कृषि विकास अधिकारी, ब्लॉक कृषि अधिकारी, उप-मंडल कृषि अधिकारी और उप कृषि निदेशक के कार्यालयों में जानकारी और सहायता उपलब्ध रहेगी।

फॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट में छत्तीसगढ़ का जलवा: लगातार 13वीं बार ओवरऑल खिताब अपने नाम

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मेडिकल कॉलेज परिसर में ऑल इंडिया फ़ॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट में लगातार 13वीं बार ओवरऑल चैंपियन बनने वाले छत्तीसगढ़ के विजेता खिलाड़ियों से मुलाकात की। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को इस शानदार उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री साय ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से उन्होंने छत्तीसगढ़ का मान पूरे देश में ऊंचा किया है और उनकी यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उल्लेखनीय है कि देहरादून में 12 से 16 नवंबर तक आयोजित 28वीं ऑल इंडिया फ़ॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट में छत्तीसगढ़ ने अपना दबदबा कायम रखते हुए लगातार 13वीं बार ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी जीती। यह विजय छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपरा, अनुशासन, कठिन परिश्रम और टीम की अदम्य प्रतिबद्धता का प्रतीक है। भव्य समापन समारोह में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह और वन मंत्री सुबोध उनियाल ने संयुक्त रूप से ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी प्रदान की, जिसे छत्तीसगढ़ की ओर से आईएफएस शालिनी रैना एवं दल की नोडल अधिकारी ने ग्रहण किया। उनके नेतृत्व में टीम की एकजुटता और उत्कृष्ट प्रदर्शन इस उपलब्धि की प्रमुख वजह रहा। इन खिलाड़ियों ने किया शानदार प्रदर्शन इस वर्ष 253 सदस्यों की मजबूत टीम के साथ छत्तीसगढ़ ने अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए कुल 150 पदक और 578 अंक हासिल किए, जो पहले रनर-अप से 221 अंकों की ऐतिहासिक बढ़त है। टीम ने 74 स्वर्ण, 34 रजत और 42 कांस्य पदक जीतकर प्रतियोगिता में अपना सर्वांगीण प्रभुत्व स्थापित किया। कई खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन कर राज्य का गौरव बढ़ाया, जिनमें निखिल ज़ाल्को ने तैराकी में पांच स्वर्ण जीतकर सर्वश्रेष्ठ पुरुष खिलाड़ी का खिताब प्राप्त किया। वहीं संगीता राजगोपालन ने बैडमिंटन और टेनिस में चार स्वर्ण एवं एक रजत जीतकर सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी का सम्मान हासिल किया। इसी प्रकार थोटा संकीर्तन ने पांच स्वर्ण जीतकर महिला ओपन वर्ग में सर्वश्रेष्ठ एथलीट बनीं। सुखनंदन लाल ध्रुव और चारुलता गजपाल ने वेटरन श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया। राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया खेल भावना और उत्कृष्टता का नया मानक यह ऐतिहासिक सफलता वन मंत्री केदार कश्यप के दूरदर्शी मार्गदर्शन और वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव के प्रेरक नेतृत्व का परिणाम है। उनके निरंतर सहयोग, दिशा और प्रोत्साहन ने टीम को हर बार नई ऊंचाइयों तक पहुंने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। छत्तीसगढ़ वन विभाग की यह विजय केवल एक खेल उपलब्धि नहीं, बल्कि एक स्वर्णिम अध्याय है, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर खेल भावना और उत्कृष्टता का नया मानक स्थापित किया है। राज्य ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि उसकी खेल परंपरा, मेहनत और जज़्बा उसे लगातार चैंपियन बनाए रखते हैं। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, नान के चेयरमैन संजय श्रीवास्तव, योग आयोग के अध्यक्ष रूप नारायण सिन्हा, छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम, वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम राज, वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव सहित लघु वनोपज संघ के सदस्य तथा बड़ी संख्या में विजेता खिलाड़ी उपस्थित थे।