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चोरी गया ट्रक मिला: बिहार भेजने की साजिश में शामिल गिरोह पकड़ा गया

दुमका झारखंड के दुमका जिले के सरैयाहाट के पास से पुलिस ने लोहे की छड़ से लदे एक लापता ट्रक को बरामद कर लिया है। एक अधिकारी ने  यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि 16 नवंबर को गिरिडीह जिले से ट्रक चालक का शव बरामद कर लिया गया था। बगोदर के थाना प्रभारी विनय कुमार यादव ने बताया कि उन्हें 16 नवंबर की रात को 25 वर्षीय एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। यादव ने कहा, "दुमका में ट्रक की बरामदगी के बाद ही ट्रक चालक की पहचान से जुड़ा सुराग मिलना संभव हो पाया है। चालक की पहचान बिहार के खगड़िया जिले के रहने वाले धीरज कुमार के रूप में हुई है।'' उन्होंने कहा, ‘‘हम इस घटना की जांच कर रहे हैं। अपराधियों ने लोहे की छड़ों से लदे ट्रक को गायब करने के इरादे से शायद चालक की हत्या की होगी, लेकिन पकड़े जाने के डर से उन्हें दुमका में ट्रक को लावारिस छोड़ना पड़ा।" पुलिस अधिकारी ने बताया कि ट्रक मालिक रणजीत रॉय ने उन्हें बताया कि 15 नवंबर को रानीगंज में ट्रक में सामान लादा गया था और घटना के समय वह उत्तर प्रदेश के बनारस जा रहा था। ट्रक मालिक पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले के रहने वाले हैं। ट्रक मालिक ने यह भी दावा किया कि 16 नवंबर को चालक का मोबाइल बंद पाए जाने के बाद से उनका उससे संपर्क टूट गया था। सरैयाहाट थाने के प्रभारी जय प्रकाश दास ने बताया कि रॉय ने ट्रक में लगे जीपीएस की मदद से ट्रक का पता लगाया, जिसके बाद वह सरैयाहाट के एनएच-133 पर भलुआ मोड़ पहुंचे, जहां उन्हें ट्रक लावारिस पड़ा मिला। दास ने कहा, "ट्रक मालिक ने हमसे संपर्क किया। हमने ट्रक को जब्त कर बगोदर पुलिस से संपर्क किया, जिन्होंने हमें चालक के शव की बरामदगी के बारे में सूचित किया। इस संबंध में बगोदर पुलिस थाने में एक मामला दर्ज किया गया है। हम ट्रक को बगोदर पुलिस को सौंप देंगे।" पुलिस सूत्रों ने बताया कि अपराधियों ने चालक की हत्या कर ट्रक को बगोदर से बिहार ले जाने की योजना बनाई थी।

धान विक्रय में हुई सुगमता से प्रसन्नचित है बुजुर्ग किसान कोल्हु राम साहू

मोबाईल एप्प से मिला टोकन और उपार्जन केन्द्र निपानी में आसानी से किया धान का विक्रय   रायपुर, बालोद जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य सुगमता और पारदर्शिता के साथ जारी है। जिले के ग्राम निपानी के बुजुर्ग किसान कोल्हु राम साहू ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि शासन-प्रशासन की व्यवस्था बहुत अच्छी है, इसका परिणाम है कि उनका लगभग 80 क्विंटल धान आसानी से विक्रय हो गया है। उन्होंने बताया कि धान खरीदी का कार्य शुरू होने के पूर्व ही उन्होंने अपने फसल की कटाई, मिंटाई आदि कार्य पूरा कर लिया था। धान खरीदी के एक दिन पूर्व ही उन्होंने अपने नाती के सहयोग से मोबाईल में तुंहर टोकन एप्प के माध्यम से अपने धान के विक्रय हेतु टोकन प्राप्त किया था। उन्होंने बताया कि पहले सोसायटी में टोकन के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती थी, लेकिन अब मोबाईल के माध्यम से ही घर बैठे ऑनलाईन टोकन प्राप्त करने की बड़ी सुविधा मिली है, जो कि उनके जैसे बुजुर्गों के लिए काफी सुविधाजनक साबित हुआ है।     बुजुर्ग किसान साहू ने बताया कि उन्होंने 17 नवम्बर को 80 क्विंटल धान विक्रय के लिए टोकन लिया था, उस दिन वे धान खरीदी केन्द्र खुलते ही अपना धान लेकर आ गए थे। जिसके पश्चात् समय पर ही उनके धान की आदर््ता माप कर, पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध कराया गया। बारदाना में धान भरने, तौलाई, सिलाई तथा स्टेक में रखने हेतु खरीदी केन्द्र में पर्याप्त मात्रा में कर्मचारी उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से समय पर ही उनका धान विक्रय हुआ है। उन्होंने बताया कि शासन प्रशासन की इस व्यवस्था से ही उनके धान का विक्रय आसानी से समय पर सुनिश्चित हुआ है, जिससे वे बहुत ही संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केन्द्र में पहुॅचने वाले किसानों के लिए बैठक, पेयजल, शौचालय आदि की भी व्यवस्था है, जो उन्हें धान खरीदी के कार्य में काफी सुविधाजनक लगा। उन्होंने किसान हितैषी योजनाओं एवं निर्णयों की सराहना करते हुए कहा कि 3100 रूपये प्रति क्विंटल में धान की खरीदी तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल की खरीदी से सभी किसानों के लिए खेती का कार्य काफी लाभदायक बन चुका है। उन्होंने किसान हितैषी योजनाओं के बेहतर संचालन के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को विशेष रूप से धन्यवाद देते हुए शासन प्रशासन का आभार जताया।

रानी लक्ष्मीबाई की 197वीं जयंती पर झांसी में महिलाओं ने हाथ में तलवारें और बाइक लेकर किया प्रदर्शन

 झांसी बुंदेलखंड की ऐतिहासिक धरती झांसी में बुधवार को एक अनोखा दृश्य देखने को मिला. वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की 197वीं जयंती पर 500 से 600 महिलाओं ने रानी के परिधान पहनकर दोपहिया वाहनों पर भव्य रैली निकाली. यह रैली न केवल रानी लक्ष्मीबाई के साहस की याद दिला रही थी, बल्कि आधुनिक महिला शक्ति का एक सामूहिक रूप भी दिखा रही थी. समर्पण सेवा समिति द्वारा आयोजित इस वीरांगना वाहन रैली को उत्तर प्रदेश सरकार की मंत्री बेबी रानी मौर्य ने हरी झंडी दिखाकर शुरू किया. रैली झांसी किले की तलहटी से शुरू हुई. सुबह से ही रानी के स्वरूप में सजी महिलाओं का उत्साह देखने लायक था. डीजे पर बजते गीतों की धुन पर महिलाएं तलवारें हाथ में लिए पूरी ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रही थीं. वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की 197वीं जयंती रैली झांसी किला, इलाइट चौराहा, झांसी होटल, सदर बाजार और गोविंद चौराहा होते हुए रानी लक्ष्मीबाई पार्क में संपन्न हुई. पूरे मार्ग पर लोगों ने जगह जगह पुष्पवर्षा करके महिलाओं का स्वागत किया. रानी के भेष में स्कूटी और बाइक पर सवार महिलाएं शहर के लिए आकर्षण का केंद्र बन गईं. समर्पण सेवा समिति की अध्यक्ष अपर्णा दुबे ने कहा कि यह रैली सिर्फ शोभायात्रा नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण का संदेश है. उन्होंने बताया कि सभी महिलाएं रानी लक्ष्मीबाई के परिधान में थीं और यह दृश्य आधुनिक नारी की ताकत को दर्शाता है. रानी के रूप में सजी हिमांशी समाधिया ने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे उस भूमि से हैं जहां रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी थी. महिलाएं तलवारें हाथ में लिए पूरी ऊर्जा के साथ आगे बढ़ीं युवती रितु ने कहा कि स्कूटी पर रानी के रूप में बैठना एक विशेष अनुभव है और वह इस रैली में शामिल होकर खुश हैं. झांसी की सड़कों पर महिलाओं की यह रैली वीरांगना के साहस और आधुनिक नारी की शक्ति को एक साथ दिखाती रही.

श्री सत्य साईं बाबा के जन्म शताब्दी समारोह में ऐश्वर्या राय ने पीएम मोदी के पैर छूकर आशीर्वाद लिया

पुट्टपर्थी बॉलीवुड की ब्यूटी क्वीन ऐश्वर्या राय हाल ही में आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी स्थित श्री सत्य साईं बाबा के जन्म शताब्दी समारोह का हिस्सा बनीं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मुख्य अतिथि के तौर पर इस ऐतिहासिक अवसर में शामिल हुए. इस दौरान ऐश्वर्या राय ने पीएम मोदी से खास मुलाकात की और उनके पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया. पीएम मोदी संग ऐश्वर्या राय की मुलाकात का ये लम्हा हर किसी के लिए यादगार बन गया है.  ऐश्वर्या ने लिया पीए मोदी का आशीर्वाद ऐतिहासिक समारोह में ऐश्वर्या राय ने धर्म और जाति पर खास स्पीच दी. उन्होंने धर्म, जाति को लेकर अपनी राय दुनिया के सामने रखी. लेकिन स्पीच देने से पहले एक्ट्रेस ने स्टेज पर मौजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया. ऐश्वर्या के संस्कारों ने फैंस का दिल जीत लिया है. फैंस उनकी तारीफ करते थक नहीं रहे हैं.  सत्य साईं बाबा की महासमाधि पर पीएम मोदी हुए नतमस्तक, श्रद्धासुमन किया अर्पित  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को आंध्र प्रदेश के श्री सत्यसाई जिले स्थित प्रशांति निलयम में दिवंगत आध्यात्मिक गुरु श्री सत्य साई बाबा के जन्म शताब्दी समारोह में भाग लिया। इस दौरान पीएम मोदी ने सत्य साई बाबा की महासमाधि पर जाकर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की और श्रद्धासुमन भेंट किए। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने श्री सत्य साई बाबा के जीवन, शिक्षाओं और विरासत के सम्मान में 100 रुपये का विशेष स्मारक सिक्का तथा डाक टिकटों का एक सेट जारी किया। सचिन तेंदुलकर और ऐश्वर्या राय भी रहे मौजूद इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण, पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी, के. राम मोहन नायडू तथा बॉलीवुड अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा, “प्रशांति निलयम के साईं कुलवंत हॉल में श्री सत्य साई बाबा को श्रद्धांजलि अर्पित की और ओंकार हॉल में दर्शन किए। इन पवित्र स्थलों में आना उनकी असीम करुणा और मानवता के उत्थान के प्रति आजीवन समर्पण की याद दिलाता है। निस्वार्थ सेवा का उनका संदेश आज भी लाखों लोगों को प्रेरित करता है।” पीएम मोदी ने आगे लिखा कि श्री सत्य साई सेंट्रल ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे अनेक जनकल्याणकारी कार्यों में पशु कल्याण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। आज गौदान समारोह में शामिल हुआ, जिसमें जरूरतमंद किसानों को गायें वितरित की जा रही हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि हम श्री सत्य साई बाबा के दिखाए मार्ग पर चलते हुए समाज के कल्याण के लिए निरंतर कार्य करते रहें। विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु थे सत्य साई बाबा श्री सत्य साई बाबा भारत ही नहीं, विश्व के प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु, शिक्षाविद् और मानवतावादी थे। वे प्रेम, सेवा, शांति और एकता के संदेश के लिए जाने जाते थे। उनके लाखों अनुयायी उन्हें शिरडी साईं बाबा का पुनर्जन्म और दिव्य अवतार मानते हैं। उनके भक्तों में सचिन तेंदुलकर से लेकर ऐश्वर्या राय बच्चन जैसी हस्तियां शामिल हैं। जन्म शताब्दी समारोह के तहत प्रशांति निलयम में पूरे वर्ष विभिन्न धार्मिक और सेवा संबंधी आयोजन हो रहे हैं। प्रधानमंत्री का यह दौरा सत्य साई बाबा की शिक्षाओं और विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्पीच में क्या बोलीं ऐश्वर्या राय? ऐश्वर्या राय ने फिर मानवता, धर्म, जाति पर जबरदस्त स्पीच भी दी. एक्ट्रेस की स्पीच का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. अपनी स्पीच में ऐश्वर्या ने कहा- सिर्फ एक ही जाति है, वो है मानवता की जाति. केवल एक ही धर्म है, वो है प्यार का धर्म. केवल एक ही भाषा है, वो है दिल की भाषा, और केवल एक ही ईश्वर है, जो हर जगह मौजूद है.  पीएम मोदी के लिए क्या बोलीं ऐश्वर्या राय ऐश्वर्या राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद कहा. एक्ट्रेस बोलीं- मैं पीएम नरेंद्र मोदी जी का दिल से शुक्रिया अदा करती हूं, क्योंकि वो आज हमारे साथ समारोह में शामिल हुए हैं. उन्होंने इस खास मौके की शोभा बढ़ाई है. मैं आपके बुद्धिमान और प्रेरणादायक शब्दों को सुनने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रही हूं. आपका यहां होना इस जन्म शताब्दी समारोह को और भी पवित्र और खास बना रहा है. यह हमें स्वामी के उस संदेश की याद दिलाता है कि असली नेतृत्व सेवा करना है और इंसान की सेवा ही भगवान की सबसे बड़ी सेवा है. ऐश्वर्या राय की स्पीच का वीडियो भी सोशल मीडिया पर छाया हुआ है.  इस समारोह में श्री सत्य साईं बाबा की विरासत को भी याद किया गया. उनका जन्म 23 नवंबर, 1926 को पुट्टपर्थी में सत्यनारायण राजू के रूप में हुआ था. दया, एकता और निस्वार्थ सेवा जैनी शिक्षाओं के कारण वो दुनियाभर में मशहूर हुए थे. श्री सत्य साईं बाबा का 24 अप्रैल, 2011 को 84 साल की उम्र में निधन हो गया था. वो अपने लाखों भक्तों के लिए एक अनमोल विरासत छोड़ गए. दुनिया के करोड़ों लोग उन्हें एक महान आध्यात्मिक गुरु के रूप में याद करते हैं.

हलफनामे पर उठे सवाल: कसबा विधानसभा में नया राजनीतिक बवाल

पूर्णिया पूर्णिया जिले के 058-कसबा विधानसभा क्षेत्र में चुनावी हलचल के बीच एनडीए उम्मीदवार और नव निर्वाचित विधायक नितेश कुमार सिंह के लिए नई मुश्किल खड़ी हो गई है। उनके चुनावी हलफनामे में कथित तौर पर गलत या अधूरी जानकारी दिए जाने को लेकर एक गंभीर शिकायत दर्ज की गई है, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। भूभूमि सुधार उप समाहर्ता सह 58-कसबा की निर्वाची पदाधिकारी प्रीति कुमारी ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए इसे तात्कालिक प्रभाव से उप निर्वाचन पदाधिकारी, पूर्णिया को विस्तृत जांच के लिए अग्रसारित कर दिया है। डीसीएलआर कार्यालय द्वारा 12 नवंबर को जारी पत्रांक-87 में उप निर्वाचन पदाधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि वे शिकायत पर गहन जांच करते हुए निष्कर्ष के आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करें। इस पूरे मामले पर विधायक नितेश कुमार सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हमें इस शिकायत की जानकारी नहीं थी। एक एप्लीकेशन आया जिसमें कहा गया कि कुछ डिटेल्स पर्याप्त नहीं हैं। हम अपने हलफनामे में दी गई सभी जानकारी पर पूरी तरह आश्वस्त हैं, इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है।” यह शिकायत जिला अधिवक्ता संघ, पूर्णिया के अधिवक्ता अनिल कुमार झा द्वारा दर्ज कराई गई है। हालांकि शिकायत के विस्तृत बिंदु सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन पत्र के विषय से स्पष्ट होता है कि यह मामला नितेश कुमार सिंह के नामांकन के साथ संलग्न शपथ पत्र में दी गई सूचनाओं की सत्यता से जुड़ा है। सूत्रों के अनुसार, जांच में हलफनामे में अंकित संपत्ति, देनदारियों या आपराधिक विवरण जैसी जानकारियों की सत्यता की पुष्टि की जाएगी। जांच रिपोर्ट के परिणाम का कसबा सीट की चुनावी राजनीति पर सीधा असर पड़ सकता है।

हरमनप्रीत कौर का ब्रांड पोर्टफोलियो तीन गुना होने की उम्मीद, विश्व कप का दिखा प्रभाव

नई दिल्ली  विश्व कप जीतने के बाद विभिन्न ब्रांड भारतीय महिला क्रिकेटरों में भी दिलचस्पी दिखाने लग गए हैं। इन खिलाड़ियों में कप्तान हरमनप्रीत कौर भी शामिल हैं, जिनके विज्ञापन पोर्टफोलियो में आने वाले महीनों में तीन गुना वृद्धि होने की उम्मीद है। नवी मुंबई में खेले गए फाइनल में नादिन डी क्लार्क का कैच लेकर भारत को दक्षिण अफ्रीका पर जीत दिलाने वाली हरमनप्रीत विश्व कप से पहले आठ से ज़्यादा ब्रांड से जुड़ी थीं लेकिन उनकी मैनेजर नूपुर कश्यप ने बताया कि अब यह बदलाव आ रहा है।  कश्यप ने  कहा, ‘विश्व कप से पहले हरमनप्रीत आठ दस ब्रांड से जुड़ी थी लेकिन विश्व कप के बाद उनकी कीमत और ब्रांड की संख्या में तीन गुना वृद्धि होने की उम्मीद है। गैर-खेल पारंपरिक क्षेत्र के ब्रांड उनसे संपर्क कर रहे हैं और उनके साथ जुड़ने के लिए तैयार हैं।'  कश्यप ने कहा कि 2017 का फाइनल भारत में महिला क्रिकेट के लिए एक बड़ी उपलब्धि थी, लेकिन आठ साल बाद खिताबी जीत ने खेल की लोकप्रियता और ब्रांड की रुचि को दूसरे स्तर पर पहुंचा दिया है। उन्होंने कहा, ‘खिलाड़ियों की बिजनेस मैनेजर होने के कारण मैंने देखा है कि विशेष कर विश्व कप जीतने के बाद महिला क्रिकेट में रुचि और निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पहले महिला खिलाड़ियों को कुछ ब्रांड तक सीमित रखा जाता था लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब हम मानसिकता में बहुत बदलाव देख रहे हैं।'  कश्यप ने कहा, ‘अब स्थिति बदल रही है और ब्रांड महिला क्रिकेटरों को मजबूत, सक्षम और निपुण खिलाड़ियों के रूप में प्रदर्शित करने के महत्व को पहचानने लगे हैं। ऐसा करके वे न केवल महिला एथलीटों के बारे में सोच बदल रहे हैं, बल्कि अधिक समावेशी और सहायक खेल संस्कृति में भी योगदान दे रहे हैं।'   

मीटिंग में विवाद के नारे, तेजस्वी यादव ने संजय यादव का लिया पक्ष—जानें क्या कहा

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद हालात ऐसे हैं कि भाजपा और जेडीयू की जोरदार जीत से ज्यादा आरजेडी की हार के चर्चे हैं। खासतौर पर तेजस्वी यादव और उनके दो करीबियों संजय यादव और रमीज नेमत खान को लेकर तमाम सवाल उठ रहे हैं। तेजस्वी की बहन रोहिणी आचार्य समेत पार्टी के कई लोगों ने संजय यादव और रमीज को लेकर सवाल उठाए हैं। आरोप हैं कि संजय यादव की सलाह पर ही तेजस्वी सारे फैसले लेते हैं और पार्टी के काडर एवं पुराने नेताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। इस बीच सोमवार को जब हार की समीक्षा और विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए तेजस्वी यादव के आवास पर मीटिंग हुई, तब भी यह मसला उठा। पटना के 1, पोलो रोड स्थित तेजस्वी के आवास पर मीटिंग से पहले आरजेडी के कुछ कार्यकर्ताओं ने राज्यसभा सांसद संजय यादव के खिलाफ नारेबाजी भी की। संजय यादव हरियाणा जाओ के नारे लगे। इस बीच जब मीटिंग शुरू हुई तो संजय यादव का बचाव करने के लिए तेजस्वी खुद आगे आए। अपने करीबी पर लगातार हो रहे हमलों को लेकर तेजस्वी यादव ने कहा कि संजय ने बहुत मेहनत की है। उन्होंने कहा कि संजय यादव ने पार्टी के लिए जितना मेहनत किया, वह हम जानते हैं। दूसरे लोग इस बारे में नहीं जानते। इस दौरान संजय यादव भी मौजूद थे और सभी नेता चुपचाप सुनते रहे। आरजेडी की यह मीटिंग भी कम घटनाक्रम वाली नहीं रही। तेजस्वी यादव ने तो भावुक होकर खुद के विधायक दल का नेता ना बनने तक का प्रस्ताव रख दिया था। उनका कहना था कि यदि आप लोगों को लगता है कि कोई और नेता पार्टी के हितों के लिए ज्यादा बेहतर होगा तो उसे ही चुन लिया जाए। इस पर लालू यादव ने खुद दखल दिया और विधायकों से उन्हें मनाने के लिए कहा। यही नहीं लालू यादव ने इस दौरान परिवार में उपजे विवाद को भी निपटाने की बात कही। उन्होंने विधायकों से कहा कि आप लोग पार्टी को मजबूत करने के लिए प्रयास करें। परिवार के विवाद आंतरिक मसले हैं और इन्हें हम खत्म कर लेंगे। गौरतलब है कि संजय यादव हरियाणा के रहने वाले हैं, वहीं रमीज नेमत खान यूपी के बलरामपुर के हैं। आरोप है कि तेजस्वी यादव इन्हीं सलाहकारों से घिरे हुए हैं और पार्टी के अन्य अहम लोगों से दूर हो गए हैं। इसके अलावा टिकट बंटवारे में भी इन्हीं लोगों की सलाह पर काम करने का आरोप है। ऐसे में अब जब नतीजे विपरीत आए हैं तो तेजस्वी के दोनों सलाहकार विरोधियों के निशाने पर हैं।  

मांगों को लेकर MPHW कर्मी नाराज़, ब्लैक बैज के साथ ड्यूटी; 11 ऑनलाइन पोर्टल बंद

चंडीगढ़  हरियाणा में बहु उद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी (MPHW) वर्ग ने सरकार की उपेक्षा के खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। लंबित मांगों को लगातार अनदेखा किए जाने से नाराज़ कर्मचारियों ने बुधवार को प्रदेशभर में काली पट्टी बांधकर टीकाकरण किया और चेतावनी दी कि जनवरी तक हर बुधवार यही प्रतीकात्मक विरोध जारी रहेगा। एसोसिएशन की प्रदेश अध्यक्ष शर्मिला, महासचिव सहदेव आर्य और उपाध्यक्ष सुदेश रानी ने कहा कि सरकार केवल आश्वासन दे रही है, कार्रवाई नहीं। बार-बार पत्र लिखने और ज्ञापन देने के बावजूद मांगों पर कोई ठोस कदम न उठाए जाने से कर्मचारियों में गहरा रोष है। राज्य प्रेस सचिव संदीप कुंडू ने बताया कि अत्यधिक ऑनलाइन कार्यों का बोझ एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों को मानसिक तनाव में धकेल रहा है। इसी कारण 25 अक्टूबर से कर्मचारी ऑनलाइन पोर्टलों का बहिष्कार कर चुके हैं। इसके चलते अनमोल, एनसीडी, डिज़ीज़ सर्वेलेंस, निरोगी हरियाणा, आयुष्मान भारत, एनीमिया मुक्त भारत, सुरक्षित नारी सुरक्षित परिवार, यूवीन वैक्सीनेशन समेत कुल 11 प्रमुख पोर्टल ठप पड़े हैं। इन पोर्टलों पर डेटा एंट्री रुकने से कई योजनाओं की जमीनी मॉनिटरिंग गड़बड़ा गई है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगें एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई केवल अधिकारों के लिए है, राजनीतिक नहीं। ऑनलाइन कार्यक्रमों की जवाबदेही तय करना, मानव व तकनीकी संसाधन उपलब्ध करवाना, एमपीएचडब्ल्यू पदनाम में संशोधन, पदोन्नति, प्रमोशनल स्केल व कंफर्मेशन लिस्ट जारी करना, एनएचएम में कार्यरत महिला एमपीएचडब्ल्यू को एफपीएल-6 वेतनमान देने, ड्रेस, एमपीएस व ट्रेवल अलाउंस, रिटायरमेंट बेनिफिट और ग्रेच्युटी, मेवात व पलवल के कर्मचारियों को तबादले का अवसर, मेवात अलाउंस तथा खाली पदों पर नियमित भर्ती करने की उनकी प्रमुख मांग हैं।

सर्दी ने बढ़ाई सिहरन: माउंट आबू जीरो पर, शेखावाटी में तेज ठंड का प्रकोप

जयपुर उत्तर भारत से लगातार चल रही बर्फीली हवा ने राजस्थान में कड़ाके की ठंड बढ़ा दी है। माउंट आबू में पारा जमाव बिंदु पर पहुंच गया है। वहां सर्दी इतनी बढ़ गई है कि ओस की बूंदें भी बर्फ का रूप ले रही है। आबू स्थित नक्की झील का पानी भी जम गया है।  मौसम विभाग का कहना है कि राज्य में अगले एक सप्ताह तक ठंड का यही असर बना रहेगा। हालांकि शीतलहर का असर थोड़ा कम होगा और सुबह-शाम हल्की राहत मिल सकती है। माउंट आबू शून्य पर, नागौर–फतेहपुर सबसे सर्द पिछले 24 घंटे में सबसे ठंडा स्थान माउंट आबू रहा, जहां न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मैदानी राज्यों में नागौर और फतेहपुर सबसे सर्द रहे। नागौर का न्यूनतम तापमान 5.5°C और फतेहपुर का 5.3°C रहा। सीकर 6.8°C, सिरोही व दौसा 7.1°C, जालोर 7.2°C, चूरू 8.4°C, अलवर 8.6°C और उदयपुर 9°C दर्ज किया गया। सिरोही में सबसे ठंडी दोपहर दिन के तापमान की बात करें तो सिरोही में सबसे ठंडा दिन रहा। यहां दिन का अधिकतम तापमान  22.3°C दर्ज हुआ। करौली 26°C, सीकर व बारां 26.8°C, जयपुर 28.1°C और चित्तौड़गढ़ 28.3°C पर रहा। सबसे गर्म जिला बाड़मेर रहा, जहां अधिकतम तापमान 32.2°C दर्ज किया गया। राजस्थान के प्रमुख शहरों का तापमान एक नज़र में     अजमेर: 27.8°C / 10.3°C     जयपुर: 28.1°C / 12.4°C     सीकर: 26.8°C / 6.8°C     कोटा: 26.6°C / 10.8°C     बीकानेर: 30.8°C / 11.5°C     जोधपुर: 30.2°C / 10.2°C     उदयपुर: 26.2°C / 9°C     नागौर: 29.2°C / 5.5°C     जालौर: 29.1°C / 7.2°C     बारां: 26.8°C / 7.9°C     करौली: 26°C / 8.2°C     फतेहपुर: 28.8°C / 5.3°C मौसम विभाग के अनुसार अब ठंड में और बढ़ोतरी की पूरी संभावना है। आने वाले दिनों में सुबह-शाम सर्द हवाओं से राहत की उम्मीद कम ही है, जबकि दिन में भी तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है।  

सुष्मिता सेन का साहस: स्टेंट डाले जाने के दौरान भी रहीं बिल्कुल शांत और मजबूत

मुंबई  सुष्मिता सेन पिछले 29 सालों से एक्टिंग में सक्रिय हैं. उन्होंने साल 1996 में आई फिल्म ‘दस्तक’ से बॉलीवुड में कदम रखा था. बदलते समय के साथ-साथ उन्होंने ओटीटी पर काम करना शुरू किया और वेब सीरीज आर्या से उन्होंने ओटीटी पर कब्जा तो किया ही, साथ ही साथ लोगों के दिलों पर फिर से राज करना शुरू कर दिया. ‘आर्या’ को दर्शकों का इतना प्यार मिला कि मेकर्स को इसके 3 सीजन लाने पड़े. इसी सीरीज में काम करने के दौरान आज से 2 साल पहले यानी 27 फरवरी 2023 को सुष्मिता को दिल का दौरा पड़ा था, जिसकी खबर सामने आते ही उनके चाहने वाले हैरान रह गए थे. वहीं, हाल ही में उन्होंने खुलासा किया कि दिल का दौरा पड़ने के बाद जब स्टेंट डाला गया था, तब वह पूरी तरह होश में थीं. सुष्मिता सेन ने सेफएजुकेट की संस्थापक दिव्या जैन के साथ एक पॉडकास्ट में दिल का दौरा पड़ने के अपने गंभीर अनुभव को याद किया. इस दौरान, उन्होंने बताया कि जब आपको दिल का दौरा पड़ता है, और आप होश में रहते हैं तो आपको पता चलता है कि आप जिंदगी के दूसरे छोर पहुंच गए हैं. सुष्मिता सेन ने खुलासा किया कि दिल का दौरा पड़ने के बाद स्टेंट लगाने की प्रक्रिया के दौरान वह पूरी तरह होश में थीं. वह कहती हैं कि उन्हें बेहोश होना बिलकुल भी पसंद नहीं, इसी वजह से उन्होंने एनेस्थीसिया लेने से भी इनकार कर दिया था. यहां तक कि उन्होंने डॉक्टर्स से ये बी कहा था कि दर्द बिलकुल भी कम नहीं होना चाहिए. उनकी इस बात से डॉक्टर भी हैरान थे. वह इलाज की पूरी प्रक्रिया के दौरान डॉक्टर्स से बातचीत करती रहीं. उन्होंने बताया कि शायद यही वजह रही कि वह दिल के दौरे से बच गईं. वर्क फ्रंट की बात करें तो सुष्मिता सेन ने 1994 में मिस यूनिवर्स का खिताब जीता और महेश भट्ट के साथ फिल्मों में कदम रखा. एक्ट्रेस की पहली फिल्म दस्तक थी. पहली ही फिल्म में एक्ट्रेस ने मुकुल देव, मनोज वाजपेयी और शरद कपूर के साथ काम किया, जिसके बाद एक्ट्रेस ने सलमान खान के साथ बीवी नंबर 1, अमिताभ बच्चन और अक्षय कुमार के साथ ‘आंखें’, शाहरुख खान के साथ ‘मैं हूं ना’, सलमान और कैटरीना के साथ ‘मैंने प्यार क्यों किया’, जिंदगी रॉक्स और कॉमेडी फिल्म ‘नो प्रॉब्लम’ में काम किया. एक्ट्रेस ने डिजिटल डेब्यू भी किया और सीरीज आर्या में धाकड़ एक्शन के साथ दर्शकों का दिल जीता. आर्या के तीन पार्ट आ चुके हैं. इसके अलावा एक्ट्रेस को “ताली” में भी देखा गया. एक्ट्रेस ने फिल्म में ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट श्रीगौरी सावंत का रोल प्ले किया, जिसमें उनके जीवन के संघर्षों को दिखाया गया है. दोनों ही सीरीज को अच्छा रिस्पॉन्स मिला है. फिलहाल एक्ट्रेस किसी नए प्रोजेक्ट पर काम नहीं कर रही है, बल्कि अपनी दोनों बेटियों के साथ समय बिता रही हैं. बता दें कि रिनी सेन भी मॉडलिंग में अपना करियर बना रही हैं.