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हरियाणा में अजब कारनामा: मंत्री ने खोली सड़क, लेकिन निर्माण करना ही भूल गए अधिकारी

फरीदाबाद  हरियाणा के फरीदाबाद में प्रशासन की बड़ी लापरवाही देखने को मिली है, जहां मंत्री से सड़क का उद्घाटन तक करा लिया गया, लेकिन डेढ़ महीने बाद भी सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। दरअसल बल्लभगढ़–तिगांव–मंझावली मार्ग की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए तिगांव में करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी रोड बननी थी। तीन अक्टूबर को इस रास्ते के निर्माण कार्य का शुभारंभ प्रदेश के राज्य मंत्री राजेश नागर द्वारा नारियल फोड़कर किया गया था। निर्माण कार्य के शुभारंभ के बाद के बाद से अधिकारियों ने यह भी दावा कर दिया था कि कुछ दिनों में काम शुरू हो जाएगा। हालांकि डेढ़ महीने बीत जाने के बाद भी अब तक कार्य शुरू नहीं हो सका है। इस देरी की वजह से रोजाना 30 हजार से अधिक वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि यह मार्ग दर्जनभर से अधिक गांवों को सीधे जोड़ता है। प्रस्तावित फिरनी को सीमेंटेड बनाया जाना है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग पांच करोड़ रुपये है।   सात मीटर सड़क चौड़ी की जा चुकी है इसके साथ ही, विभाग की ओर से पानी निकासी के लिए नाली बनाने की जिम्मेदारी भी निर्धारित की गई है। उल्लेखनीय है कि बल्लभगढ़ से तिगांव के सरकारी स्कूल तक सात मीटर सड़क को 16 करोड़ रुपये की लागत से चौड़ा किया जा चुका है। मंत्री राजेश नागर की सिफारिश पर इस सड़क चौड़ीकरण परियोजना को मुख्यमंत्री ने मंजूरी दी थी, जबकि परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने अपने कोटे से इसके लिए बजट उपलब्ध कराया था। मंझावली पुल शुरू होते ही बढ़ेगा यातायात दबाव यमुना नदी पर मंझावली पुल का निर्माण पूरा हो चुका है। हरियाणा की ओर से सड़क भी बन गई है, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सड़क बनना बाकी है। इसके पूरा होते ही ग्रेटर नोएडा तक आवागमन शुरू हो जाएगा। इससे तिगांव की मुख्य सड़क पर वाहनों का भार कई गुना बढ़ जाएगा। यदि फिरनी का चौड़ीकरण समय पर नहीं हुआ, तो यहां लगातार जाम की स्थिति बनी रह सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि फिलहाल भी किसी आयोजन जैसे शादी-ब्याह के समय सड़क पर लंबा जाम लग जाता है, और पुल चालू होने के बाद भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ने से समस्या और गंभीर हो जाएगी।

कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन आज दिल्ली में, मेजबानी करेंगे NSA अजीत डोभाल

नई दिल्ली  नई दिल्ली में हिंद महासागर क्षेत्र के देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने वाले कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन के तहत राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की सातवीं बैठक आज होगी। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल इस महत्वपूर्ण बैठक की मेजबानी करेंगे। इस बैठक में मालदीव, मॉरीशस, श्रीलंका और बांग्लादेश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शामिल होंगे।  सेशेल्स इस बार पर्यवेक्षक देश के तौर पर हिस्सा लेगा, जबकि मलेशिया को विशेष अतिथि के रूप में न्योता दिया गया है। इससे पहले छठी बैठक दिसंबर 2023 में मॉरीशस में हुई थी। इसके बाद अगस्त 2024 में श्रीलंका में सभी सदस्य देशों ने कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन के औपचारिक संस्थापक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए थे। इन देशों के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी लगातार संपर्क में रहते हैं और उनकी आखिरी बैठक जुलाई 2024 में ऑनलाइन हुई थी। कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन की शुरुआत इस मकसद से हुई थी कि हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा के मुद्दे पर सभी देश मिलकर काम करें। इस बार की बैठक में सदस्य देश पिछले ढाई साल में किए गए कामों की समीक्षा करेंगे और आगे की दिशा तय करेंगे। चर्चा के मुख्य विषय समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद और उग्रवाद से मुकाबला, ड्रग्स और मानव तस्करी जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध पर रोक, साइबर सुरक्षा, बिजली-पानी-पोर्ट जैसे अहम ढांचे की सुरक्षा, और प्राकृतिक आपदाओं में एक-दूसरे की तुरंत मदद करना रहेंगे। साथ ही 2026 के लिए नई कार्ययोजना और रोडमैप को मंजूरी दी जाएगी। भारत इस समूह में सबसे बड़ा और सक्रिय सदस्य है और लगातार कोशिश कर रहा है कि हिंद महासागर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पड़ोसी और द्वीपीय देश एक मजबूत मंच पर साथ आएं। गुरुवार की बैठक से इस दिशा में एक और ठोस कदम बढ़ने की उम्मीद है।

72वें अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह का समापन करेंगे सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग

भोपाल  २० नवंबर २०२५ को भोपाल में अपेक्स बैंक के समन्वय भवन में प्रातः १०.०० बजे सहकारिता सप्ताह के समापन के अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में परिचालन दक्षता, जवाबदेही और पारदर्शिता के लिए डिजीटलीकरण को बढ़ावा देने बाबत विषय पर आयोजित कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में मध्यप्रदेश के सहकारिता तथा खेलकूद एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग संबोधित करेंगे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रमुख सचिव सहकारिता  डी. पी.  आहूजा करेंगे । उक्त राज्य स्तरीय आयोजन में मध्यप्रदेश की सभी प्रादेशिक सहकारी संस्थाओं एवं सहकारी बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहेंगे । उक्त जानकारी अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक  मनोज गुप्ता ने दी ।

शिक्षा सेवा चयन आयोग, यूपी: अध्यक्ष पद हेतु आवेदन मांगे गए

उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष पद के लिए मांगे गए आवेदन 10 दिसंबर तक कर सकते हैं आवेदन उच्च शिक्षा विभाग की वेबसाइट www.uphed.gov. in पर उपलब्ध है आवेदन पत्र लखनऊ उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष की जल्द ही नियुक्ति होगी। इस प्रक्रिया के तहत बायोडाटा समेत आवेदन पत्र मांगे गए हैं। आवेदन पत्र प्राप्त होने की अंतिम तिथि 10 दिसंबर शाम छह बजे तक होगी। यह जानकारी उच्च शिक्षा विभाग के विशेष सचिव गिरिजेश त्यागी ने दी। अध्यक्ष पद के लिए नियुक्ति की तिथि से तीन वर्ष की अवधि अथवा 65 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक, जो भी पहले हो, पद धारण करेगा। इच्छुक आवेदकों को निर्धारित प्रारूप में बायोडाटा समेत प्रार्थना पत्र विशेष सचिव, उच्च शिक्षा अनुभाग-5, नवीन भवन, कक्ष संख्या-40, उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ के नाम से पंजीकृत डाक द्वारा प्रेषित करना होगा। आवेदन पत्र के साथ समस्त शैक्षणिक व अन्य अभिलेख की स्वप्रमाणित प्रति भी संलग्न रहेगी। अध्यक्ष पद की कार्यावधि, आयु, अहर्ता, आवेदन पत्र के प्रारूप आदि जानकारी उच्च शिक्षा विभाग की वेबसाइट www. uphed. gov. in पर प्राप्त की जा सकती है। इसमें पद के लिए न्यूनतम अहर्ता की भी जानकारी दी गई है। अध्यक्ष पद के लिए राज्य सरकार के प्रमुख सचिव के पद या उनके समकक्ष पद पर रहे, विश्वविद्यालय के कुलपति हों या रहे हों तथा किसी विश्वविद्यालय के न्यूनतम 10 वर्ष तक आचार्य हों या रहे हों और उनके पास कम से कम तीन वर्ष का प्रशासनिक अनुभव हो, ऐसे लोग आवेदन कर सकते हैं।

पटना से पर्यटकों को सोनपुर मेला घुमाने की खास व्यवस्था की है पर्यटन विकास निगम ने

पटना  विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र मेला का आनंद पांच सितारा सुविधाओं वाले टेंट हॉउस में ठहरकर भी उठा सकते हैं। सोनपुर मेला में आने वाले सैलानियों की सुविधा और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखते हुए बिहार पर्यटन विकास निगम की तरफ से खास टूर पैकेज की व्यवस्था की गई है। एशिया के सबसे बड़े पशु मेला के तौर पर विख्यात इस मेला दो तरह के लग्जरी टेंट लगाए गए हैं, जिसमें मिनी दरबारी और राजवाड़ी टेंट शामिल हैं। पटना से मेला स्थल तक पर्यटकों को लाने एवं ले जाने के अलावा यहां घुमाने से लेकर ठहरने एवं भोजन तक की व्यवस्था की गई है।    लग्जरी वाहन की सुविधा  बिहार पर्यटन विकास निगम की तरफ से पटना से सोनपुर मेला तक लोगों के आने-जाने के लिए विशेष लग्जरी वाहनों की व्यवस्था की गई है। पर्यटकों के लिए इन लग्जरी वाहनों का परिचालन पटना के वीर चंद पटेल पथ और उसके समीप ही दरोगा राय पथ स्थित सिख हेरिटेज गुरु नानक भवन से किया जा रहा है। पर्यटकों को सोनपुर मेला के भ्रमण के लिए दारोगा राय पथ स्थित कौटिल्य विहार से प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से शाम 7 बजे तक किया जा रहा है। एसी बस व डेकर बस का किराया प्रति व्यक्ति 900 रूपये, ट्रैवलर एसी का किराया 950 रूपये, इनोवा का किराया 1,100 रूपये, विंगर का 900 रूपये, इटियोस का 1,300 रूपये प्रति व्यक्ति निर्धारित है। कपल्स के लिए स्पेशल टूर पैकेज 6 हजार रुपए में इस बार सोनपुर मेले में पहली बार कपल्स के लिए स्पेशल टूर पैकेज का भी इंतजाम किया गया है। मात्र 6,000 रुपये प्रति कपल की राशि में कपल्स को होटल में ठहरने, एसी वाहन, अनुभवी टूरिस्ट गाइड, सुबह का नाश्ता, दोपहर का खाना, शाम का नाश्ता और रात का खाना समेत अन्य सुविधाएं बहाल की गई हैं। लग्जरी मिनी दरबारी और राजवाड़ी टेंट  देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए मेला स्थल के समीप ही अत्याधुनिक लग्जरी टेंट का निर्माण किया गया है। इन टेंटों का निर्माण दो श्रेणी में किया गया है। इनमें मुहैया कराई जाने वाली सुविधाओं के आधार पर इन लग्जरी टेंट को मिनी दरबारी और राजवाड़ी का नाम दिया गया है। इनका किराया देसी और विदेशी पर्यटकों के लिए अलग-अलग निर्धारित है। दोनों तरह के टेंट का किराया एक समान ही है। देशी पर्यटकों के लिए यह किराया 3 हजार रुपये और विदेशी पर्यटकों के लिए 5 हजार रुपये प्रति रात निर्धारित है। कपल के लिए यह किराया 6 हजार रुपये निर्धारित है। इन लग्जरी टेंट्स में एसी के अलावा अटैच बाथरूम, 24 घंटे बिजली-पानी समेत अन्य सुविधाएं बहाल की गई हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। गौरतलब है कि सोनपुर में गंगा और गंडक नदी के पवित्र संगम स्थल पर लगने वाला यह हरिहर क्षेत्र मेला हर वर्ष कार्तिक पूर्णिमा से शुरू होता है, जो एक महीने तक चलता है। इस मेले का इतिहास पौराणिक है। इस दौरान लाखों श्रद्धालु यहां स्नान करने पहुंचते हैं। पर्यटन विकास निगम की वेबसाइट या टोल-फ्री नंबर- 8544418314 के माध्यम से इससे संबंधित पूरी जानकारी हासिल की जा सकती है और बुकिंग भी कराई जा सकती है।

प्राध्यापकों के व्यक्तित्व एवं आचरण का अनुसरण करते हैं विद्यार्थी: उच्च शिक्षा मंत्री परमार

समाज एवं राष्ट्र के प्रति उत्तरदायी नागरिक निर्माण ही मिशन ‘कर्मयोगी बने’ का संकल्प : उच्च शिक्षा मंत्री परमार प्राध्यापकों के व्यक्तित्व एवं आचरण का अनुसरण करते हैं विद्यार्थी प्राध्यापकों के उत्तरदायित्व की सुनिश्चितता और विद्यार्थियों में रचनात्मकता एवं विविधता विकसित करने को लेकर हुआ विस्तृत मंथन उच्च शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में मंत्रालय में मिशन ‘कर्मयोगी बने’ की "सर्वोच्च परामर्शदायी समिति" की बैठक हुई भोपाल  शिक्षा का मूल ध्येय, समाज एवं राष्ट्र के प्रति उत्तरदायी नागरिक निर्माण करना है। हमारा विश्‍वास है कि मिशन 'कर्मयोगी बनें' के माध्‍यम से, यह संकल्‍प हम अवश्‍य पूर्ण कर पाएंगे। प्राध्यापकों के मन में अपने दायित्‍व को लेकर संवेदनशीलता का भाव विकसित करना आवश्‍यक है। उनके समक्ष समाज एवं राष्ट्र के उत्थान को लेकर संकल्पित लक्ष्य की सुनिश्चितता आवश्यक है तभी वे विद्यार्थियों के रूप में जिम्‍मेदार नागरिक तैयार कर पाएंगे। 'कर्मयोगी बनें' की अवधारणा न केवल प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों तक बल्कि धरातल पर समाजव्यापी बने, ऐसे प्रयास करने होंगें। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने बुधवार को कही। मंत्री परमार उच्च शिक्षा अंतर्गत ‘कर्मयोगी बने’ की "सर्वोच्‍च परामर्शदायी समिति" की मंत्रालय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबोधित कर रहे थे। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने उच्च शिक्षा विभाग अंतर्गत मिशन "कर्मयोगी बनें" के प्रभावी क्रियान्वयन के परिप्रेक्ष्य में देश के लब्धप्रतिष्ठ विद्वतजनों की वर्चुअल उपस्थिति में "सर्वोच्च परामर्शदायी समिति" की बैठक लेकर विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की। मंत्री परमार ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा व्‍यवस्‍था में गुणवत्ता सुधार के लिए हम दृढ़ संकल्पित है। इसी परिप्रेक्ष्य में मूल्‍यांकन प्रणाली में सुधार एवं पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल मूल्‍यांकन की व्‍यवस्‍था लागू करने का प्रयास कर रहे हैं। परमार ने बताया कि प्रदेश के समस्त सार्वजनिक विश्वविद्यालय, मूल्यांकन में क्रेडिट के साथ जोड़कर भारतीय भाषाओं को सिखाने की कार्य योजना पर भी कार्य कर रहे हैं, इससे भाषाई एकात्मता का संदेश प्रदेश से देश भर में गुंजायमान होगा। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने उच्च शिक्षा में प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने को लेकर "कर्मयोगी बनें" के विज़न (दृष्टि) को रेखांकित किया। मंत्री परमार ने कहा कि प्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता एवं जवाबदेहिता के लिए, राज्य सरकार संकल्पित है। उच्च शैक्षणिक संस्थानों के परिवेश को गुणवत्तापूर्ण, सर्वसाधन सम्पन्न, विद्यार्थी अनुकूल, उत्कृष्ट एवं सकारात्मक बनाने के प्रयास लगातार जारी हैं। मंत्री परमार ने कहा कि विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए सहानुभूति एवं सख्ती दोनों के समन्वय के साथ, विद्यार्थी केंद्रित कार्ययोजना बनाने की आवश्यकता है। मंत्री परमार ने कहा कि प्राध्यापक के प्रति विद्यार्थी का लगाव बने और विद्यार्थी, प्राध्यापक के आचरण एवं व्यक्तित्व का अनुसरण करें, इसके लिए प्राध्यापकों को अपनी जवाबदेहिता स्वतः भी सुनिश्चित करनी होगी। प्राध्यापकों के लिए भी सहानुभूति एवं सख्ती दोनों के समन्वय के साथ, शिक्षक प्रशिक्षण के लिए कार्य योजना बनाने की आवश्यकता है। मंत्री परमार ने वर्चुअल रूप से जुडे समिति के सभी सदस्‍यों को आश्वस्त किया कि समिति द्वारा सुझाए गए विषयों पर विभाग द्वारा गंभीरतापूर्वक कार्य योजना बनाकर क्रियान्वयन किया जाएगा एवं समिति को एक रिपोर्ट प्रस्तुतीकरण के माध्‍यम से इस बारे में अवगत कराया जाएगा। मंत्री परमार ने अधिकारियों को बैठक में प्राप्त समस्त सुझावों एवं परामर्शों पर क्रियान्वयन सुनिश्चित कर, क्रियान्वयन का प्रेजेटेंशन तैयार करने के निर्देश भी दिए। अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन ने कहा कि विद्यार्थियों की उपस्थिति को बढाने के लिए निरन्‍तर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्‍होंने बताया कि विभाग के लगातार प्रयासों के कारण प्रदेश के लगभग 4 लाख विद्यार्थी स्‍वयं पोर्टल पर पंजीयन कर चुके हैं। एसीएस राजन ने बताया कि समिति के सुझाव को देखते हुए विभाग, शिक्षकों को सम्‍मानित एवं पुरस्कृत करने की योजना बना रहा है। आयुक्‍त उच्‍च शिक्षा प्रबल सिपाहा ने कहा कि विभाग निरन्‍तर मूल्‍यपरक एवं गुणवत्‍तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रयासरत है। राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद् (NAAC) बेंगलुरू के अध्यक्ष प्रो. डॉ. अनिल सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए तीन सप्‍ताह का विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम बनाया गया है। 9 मॉडयूल वाले इस प्रोग्राम में विद्यार्थियों को मानव मूल्‍यों की शिक्षा दी जाएगी, इसके लिए पहले शिक्षकों को ट्रेनिंग देनी होगी। भारत सरकार अंतर्गत मिशन कर्मयोग (क्षमता निर्माण आयोग) के सदस्य (मानव संसाधन) प्रो. आर. बालासुब्रमण्यम ने कहा कि "राष्‍ट्रीय जनसेवा कर्मयोगी" कार्यक्रम के माध्‍यम से, प्रदेश के सभी शिक्ष‍कों को ट्रेनिंग दी जानी चाहिए। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग नई दिल्ली के उपाध्यक्ष प्रो. दीपक कुमार वास्तव ने शिक्षकों के लिए तैयार केपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम को ओरियंटेशन प्रोग्राम में ही शामिल करने का सुझाव दिया। प्रो. वास्तव ने प्राध्यापकों की क्षमता को कार्यात्मक एवं व्यवहारिक क्षमता के आधार पर, वर्गीकृत कर क्षमता निर्माण पर क्रियान्वयन का सुझाव दिया। बैठक में, पूर्व बैठक में प्राप्त सुझावों पर हो रहे क्रियान्वयन की अद्यतन प्रगति की समीक्षा की गई। देश के ख्यातिलब्ध शिक्षाविदों ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर महत्वपूर्ण, प्रभावी एवं प्रासंगिक परामर्श दिए। प्राध्यापकों के उत्तरदायित्व की सुनिश्चितता, उनके प्रशिक्षण एवं प्रोत्साहन को लेकर व्यापक विचार-मंथन हुआ। विद्यार्थियों में रचनात्मकता एवं विविधता विकसित करने, संस्थान में उपस्थिति एवं उनके समग्र विकास से जुड़े विविध विषयों पर सारगर्भित विमर्श हुआ।    

किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं : मंत्री कंसाना

किसानों के सुख-दुख में हमेशा साथ है सरकार : राजस्व मंत्री  वर्मा किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं : मंत्री  कंसाना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किश्त का हुआ वितरण प्रदेश के 81 लाख से अधिक किसानों को लगभग 1640 करोड़ रुपये की राशि हुई वितरित प्रधानमंत्री  मोदी ने किया वर्चुअली संबोधित कृषि उपज मण्डी करोंद भोपाल में राज्य स्तरीय कार्यक्रम भोपाल  प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किश्त का वितरण देश के किसानों को कोयंबटूर तमिलनाडू से किया। जिसमें 9 करोड़ से अधिक किसानों को ₹18 हज़ार करोड़ की सम्मान राशि हस्तांतरित की गई। इसमें प्रदेश के 81 लाख से अधिक किसानों को लगभग 1640 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किश्त का वितरण का राज्य स्तरीय कार्यक्रम कृषि उपज मण्डी, करोंद, भोपाल में आयोजित किया गया। राजस्व मंत्री  करण सिंह वर्मा ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार किसानों, गरीबों, युवाओं, महिलाओं सहित सभी के कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार द्वारा किसान हितैषी कार्य लगातार किये जा रहे हैं। किसानों की फसलों को किसी भी कारण से क्षति होने पर सहायता प्रदान की जा रही है। सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री  ऐंदल सिंह कंसाना ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने पीएम-किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त जारी की है। यह राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि खेतों में बहाए पसीने और देश की थाली तक अन्न पहुँचाने वाले किसानों के परिश्रम के प्रति सच्चा सम्मान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में किसानों के हित में निरंतर कार्य किया जा रहा है। भावांतर भुगतान योजना के तहत सोयाबीन पर समर्थन मूल्य और बाजार मूल्य के अंतर की पूरी राशि की पूर्ति सरकार भर रही है। जनजातीय बहुल क्षेत्रों में रानी दुर्गावती  अन्न प्रोत्साहन योजना शुरू की गई है। इसके अलावा मृदा स्वास्थ्य कार्ड, फसल बीमा योजना, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, कृषि यंत्रीकरण और उचित मूल्य सुनिश्चित करने जैसे अनेक कदम उठाए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार द्वारा फरवरी 2019 में कृषकों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना प्रारंभ की गई।इसमें पात्र कृषि परिवारों को हर साल 6,000 रुपये तीन समान किश्तों में (प्रति किश्त 2,000 रुपये) दिए जाते हैं। यह राशि सीधे हितग्राहियों के आधार से लिंक्ड बैंक खाते में जमा की जाती है। प्रदेश में केन्द्र की इस योजना के साथ राज्य सरकार की मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना भी संचालित है जिसमें किसानों को अतिरिक्त 6 हजार रुपये प्रतिवर्ष (तीन किश्तों में) दिए जाते हैं। इस अवसर पर सचिव किसान कल्याण एवं कृषि विकास  निशांत वरवड़े सहित विभिन्न अधिकारी एवं किसान उपस्थित थे।

लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर निकली एकता यात्रा मध्यप्रदेश से होकर गुजरेगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

गरिमा और गौरव के साथ भव्य स्वागत हो यूथ यात्रा का: मुख्यमंत्री डॉ. यादव लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर निकली एकता यात्रा मध्यप्रदेश से होकर गुजरेगी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव 24 नवम्बर को पांढुर्ना जिले से प्रवेश कर 26 नवम्बर को झाबुआ होते हुए गोधरा जाएगी यूथ यात्रा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश को एक सूत्र में पिरोने वाले लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर देश भर में चार यूथ (एकता) यात्राएं निकाली जा रही हैं। इनमें से नागपुर से निकलने वाली यूथ यात्रा मध्यप्रदेश से होकर गुजरेगी। यह यात्रा पांढुर्ना जिले से मध्यप्रदेश की सीमा में प्रवेश करने के बाद बैतूल आएगी, फिर यहां से होते हुए इंदौर, धार, झाबुआ होते हुए गुजरात के गोधरा में प्रवेश करेगी। प्रदेश में आगमन से लेकर गुजरात में प्रस्थान करने तक पर इस यूथ यात्रा का पूरी गरिमा, गौरव और आत्मीयता के साथ भव्य स्वागत किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को पटना से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जुड़कर अधिकारियों को यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रा के मध्यप्रदेश में प्रवास के दौरान सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, रात्रि विश्राम, स्वागत, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पौधरोपण आदि के संबंध में की जाने वाली सभी व्यवस्थाओं के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर माइक्रो प्लानिंग कर ली जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूथ यात्रा के पूरे मार्ग पर स्वागत, सरदार पटेल के जीवन पर आधारित चित्र, स्मरण लेख, कविता पाठ आदि की प्रदर्शनी, एक पेड़ मां के नाम, पोधारोपण की व्यवस्था, स्वच्छता के कार्यक्रम, स्वदेशी प्रदर्शनी, सांस्कृतिक मण्डलों के प्रदर्शन, लोक नृत्य, युवा संवाद, खिलाड़ियों की सहभागिता आदि सभी बातों की स्थानीय स्तर पर पुख्ता व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी आपस में उच्चकोटि का समन्वय रखकर इस आयोजन को सफल बनाएं। मुख्यमंत्री ने नागपुर से निकलकर मध्यप्रदेश से गुजरने वाली यात्रा की व्यापक तैयारियों के संबंध में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से संवाद भी किया। उन्होंने कहा कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग अधिक से अधिक युवाओं और खिलाड़ियों को इस यात्रा से जोड़े। यात्रा का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार भी किया जाए। उल्लेखनीय है कि लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर देश में चार एकता यात्राएं निकाली जा रही हैं। ये सभी एकता यात्रा 6 दिसंबर को केवड़िया पहुंचेगी, जहां एक विशाल सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें नागपुर, जयपुर, दिल्ली और मुंबई से एकता यात्राएं निकाली जा रही है। नागपुर से निकाली जा रही एकता यात्रा मध्यप्रदेश से होकर गुजरेगी। पांढुर्णा जिले से होकर यह यात्रा बैतूल पहुंचेगी। यहां यात्रा का स्वागत किया जाएगा। यात्रा 25 नंवबर को इंदौर पहुंचेगी। इस यूथ यात्रा में मध्यप्रदेश्, छत्तीसगढ़, आंध्रपदेश एवं महाराष्ट्र के करीब 385 युवा (पुरूष) सम्मिलित होंगे। यात्रा में 11 बसें और चार कारें शामिल होंगी। यूथ यात्रा का रूट चार्ट यह यूथ यात्रा सोमवार, 24 नवम्बर को सुबह 10 बजे नागपुर से प्रस्थान कर पांढुर्ना होते हुए बैतूल पहुंचेगी। इस दिन इसका रात्रि विश्राम बैतूल में होगा। यात्रा मंगलवार, 25 नवम्बर 2025 को सुबह बैतूल से प्रस्थान कर हरदा-खातेगांव-कन्नौद-डबल चौकी होते हुए इंदौर पहुंचेगी। इस दिन यात्रा का रात्रि विश्राम इंदौर में ही होगा। बुधवार, 26 नवम्बर को इस यात्रा का इंदौर में भव्य स्वागत कर जनसभा आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव शामिल होकर यात्रा का स्वागत करेंगे। इसके उपरांत इंदौर से प्रस्थान कर यह यात्रा धार-झाबुआ होते हुए गुजरात के गोधरा की सीमा में प्रवेश करेगी। केंद्रीय राज्यमंत्री श्री दुर्गादास उइके, केंद्रीय राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेशाध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल, यूथ यात्रा के संयोजक श्री जीतू जिराती, श्री हितानंद शर्मा, अन्य जनप्रतिनिधियों, आयुक्त जनसम्पर्क श्री दीपक कुमार सक्सेना, संचालक, खेल एवं युवक कल्याण श्री राकेश गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से बैठक में शिरकत की।  

गुणवत्ता जांच में 7 दवाएं असफल: छिंदवाड़ा में खरीद–बिक्री पर बैन, स्टॉक हटाने के निर्देश

छिंदवाड़ा जिले में एक बार फिर दवाओं की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। बिछुआ इलाके में 5 महीने की मासूम बच्ची की संदिग्ध मौत के मामले में जांच के बाद 7 आयुर्वेदिक दवाएं अमानक पाई गई हैं। इसके बाद जिला आयुष विभाग ने इन सभी दवाओं की बिक्री और खरीदी पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। 30 अक्टूबर को बिछुआ कस्बे में संदीप मिनोट की 5 महीने की बच्ची सर्दी-खांसी से पीड़ित थी। इलाज के लिए वे कुरोठे मेडिकल स्टोर पहुंचे, जहां से उन्होंने कासामृत सीरप और 16 पुड़िया दवाई खरीदीं। स्वजनों के मुताबिक, दवाई देने के कुछ समय बाद ही बच्ची की तबीयत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। स्वजनों ने मामले की शिकायत आयुष विभाग में की।   मानकों पर खरा नहीं उतरीं सातों दवाएं शिकायत के बाद आयुष विभाग ने मौके से दवाओं के सैंपल लेकर ग्वालियर की लैब में भेजे। रिपोर्ट आने पर पता चला कि कासामृत सीरप, गिलोय सत्व, कामदुधा रस, प्रवाल पिष्टी, मुक्ता शक्ति भस्म, लक्ष्मी विलास रस, कफ कुठार रस ये सातों दवाएं मानकों पर खरा नहीं उतरीं। रिपोर्ट आते ही जिला आयुष अधिकारी डॉ. प्रमिला यावतकर ने कार्रवाई करते हुए इन सभी दवाओं की खरीदी-बिक्री पर प्रतिबंध कर दिया है। विभाग ने मेडिकल स्टोर और सप्लायर्स को निर्देश जारी कर दिए हैं कि जब तक जांच पूरी न हो, इन दवाओं को न स्टॉक करें और न ही बेचें। छिंदवाड़ा में इससे पहले कोल्ड्रिफ सीरप से हुई 24 बच्चों की मौत ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी थी, जिसके बाद कोल्ड्रिफ और उसके बाद यह नया मामला सामने आने से जिले में दवाओं की गुणवत्ता पर फिर से गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के बाद बिछुआ और आसपास के गांवों में लोग डर में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब छोटे बच्चों के लिए दी जाने वाली दवाएं ही सुरक्षित नहीं हैं, तो भरोसा कैसे करें? परिजनों ने मेडिकल स्टोर संचालक और दवा सप्लायर पर भी कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा—सरकार हमेशा राष्ट्रभक्त जवानों के समर्थन में

राज्य सरकार राष्ट्र की सेवा में तत्पर जवानों के साथ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव शहीद के छोटे भाई को प्रदान करेंगे सरकारी नौकरी परिजन की सभी आवश्यकताओं का भी रखेंगे ध्यान नक्सली मुठभेड़ में निरीक्षक की शहादत पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने व्यक्त कीं संवेदनाएं भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ संयुक्त अभियान में मध्यप्रदेश के बालाघाट में हॉक फोर्स में निरीक्षक श्री आशीष शर्मा बहादुरी से मुकाबला करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निरीक्षक की शहादत पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार सदैव हमारे जवानों के साथ है। बहादुर जब वीरगति को प्राप्त होते हैं तो उन्हें स्वत: ही भगवान के श्री चरणों में स्थान मिलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार दु:ख की इस घड़ी में शोकाकुल परिवार के साथ खड़ी है। हम शहीद के छोटे भाई को सरकारी नौकरी प्रदान करेंगे। शहीद के परिवार की सभी आवश्यकताओं का भी ध्यान रखा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसी घटनाएं हमारे संकल्प की सिद्धि में बाधक नहीं बनेगी। केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में दुर्दांत अपराधियों के खिलाफ हम सख्त कार्रवाई जारी रखेंगे, जो गरीबों और लाचारों पर अन्याय करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को सतना जिले के नागौद में मीडिया को संबोधित करते हुए ये बातें कही इस आशय के उद्गार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नक्सलवादियों के खिलाफ केंद्रीय गृहमंत्री के नेतृत्व में हमारी सरकार मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित देशभर में लगातार कार्रवाई कर रही है। बुधवार को छत्तीसगढ़ में ज्वाइंट ऑपरेशन में केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ इंस्पेक्टर श्री आशीष शर्मा के बहादुरी से वीरगति प्राप्त करने का दु:खद समाचार मिला है। हमारी सरकार शहीद के परिवार के लिए सभी प्रबंध करेगी। सरकार दुख की इस घड़ी में उनके साथ है। शहीद के परिजन को सम्मान निधि सहित सारी सुविधाएं भी देने के प्रयास करेंगे।