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e-पासपोर्ट का विस्तार: 80 लाख जारी, पुराने पासपोर्ट पर क्या असर?

भारत ने पासपोर्ट सिस्टम को पूरी तरह हाई-टेक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा दिया है। विदेश मंत्रालय ने पूरे देश में उन्नत सुरक्षा सुविधाओं वाले ई-पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नई तकनीक से लैस यह पासपोर्ट न सिर्फ इमिग्रेशन को तेज़ करेगा, बल्कि पहचान से जुड़े फर्जीवाड़े को लगभग असंभव बना देगा। सरकार ने साफ कर दिया है कि अब से जारी होने वाले सभी पासपोर्ट ई-पासपोर्ट होंगे, जबकि पुराने पासपोर्ट उनकी वैधता खत्म होने तक मान्य रहेंगे। यदि आपने 28 मई 2025 के बाद पासपोर्ट बनवाया या रिन्यू कराया है, तो आपको ई-पासपोर्ट ही मिला होगा। ई-पासपोर्ट क्या है और कैसे काम करता है? नया ई-पासपोर्ट बाहर से बिल्कुल पुराने जैसा दिखता है, लेकिन इसके कवर में एक खास इलेक्ट्रॉनिक चिप लगी होगी। इसी चिप में आपकी सभी अहम जानकारी डिजिटल रूप से सुरक्षित रहती है—     नाम     फोटो     फिंगरप्रिंट     बायोमेट्रिक डिटेल     अन्य व्यक्तिगत जानकारी यह डेटा एन्क्रिप्टेड होता है और इसमें मौजूद डिजिटल सिग्नेचर को बदला नहीं जा सकता। दुनिया के किसी भी एयरपोर्ट पर मशीन इसे एक सेकंड में पढ़ सकती है। फर्जी पासपोर्ट बनाना लगभग असंभव पुराने पासपोर्ट में सारी जानकारी छपी या लिखी होती थी, इसलिए नकली दस्तावेज बनाना आसान होता था। लेकिन ई-पासपोर्ट की चिप में मौजूद डेटा को नकली चिप से कॉपी करना संभव नहीं है। अगर कोई पहचान बदलकर फर्जी पासपोर्ट तैयार करे भी तो इमिग्रेशन मशीन तुरंत पकड़ लेगी। लंबी लाइनों से राहत—तेज़ एंट्री और एग्ज़िट अभी की इमिग्रेशन प्रक्रिया में दस्तावेज़ मिलान और पहचान जांच में समय लगता है। ई-पासपोर्ट आने के बाद—     चेकिंग समय घटेगा     एयरपोर्ट पर लंबी लाइनों में खड़ा रहने का झंझट कम होगा     यात्रियों की एंट्री-एग्ज़िट और भी स्मूथ हो जाएगी पुराने पासपोर्ट वालों को क्या करना होगा? सरकार ने इसे लेकर भ्रम खत्म करते हुए कहा है—     पुराना पासपोर्ट पूरा वैध है, चाहे वह ई-पासपोर्ट न हो।     आपको इसे तुरंत बदलने की जरूरत नहीं है।     इसकी वैधता खत्म होने या रिन्यू कराने पर नया पासपोर्ट ई-पासपोर्ट ही बनेगा। पहले कुछ चुनिंदा शहरों में यह सुविधा थी, लेकिन अब इसे पूरे देश में लागू किया जा रहा है। अब तक कितने ई-पासपोर्ट जारी हुए? विदेश मंत्रालय के अनुसार—     80 लाख से अधिक ई-पासपोर्ट भारत में जारी किए जा चुके हैं     विदेशों में भारतीय मिशनों ने 60 हजार से ज्यादा ई-पासपोर्ट जारी किए     देश में 511 पासपोर्ट सेवा केंद्र शुरू हो चुके हैं     बाकी बचे 32 लोकसभा क्षेत्रों में भी जल्द ही केंद्र खुलेंगे नया पासपोर्ट सेवा प्रोग्राम वर्ज़न 2.0 (PSP 2.0) 2025 से लागू है, जिसमें शामिल हैं—     एआई चैटबॉट     वॉयस-बॉट     डिजिलॉकर इंटीग्रेशन     आधार और पैन वेरिफिकेशन     तेज़ डॉक्यूमेंट चेक यह नया सिस्टम पूरी प्रक्रिया को 100% डिजिटल और बेहद सुरक्षित बनाने के लिए डिजाइन किया गया है।  

कानून-व्यवस्था पर सख्ती: झारखंड HC ने थानों में CCTV लगाने की तय की अंतिम तिथि

रांची  झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को प्रदेश के सभी थानों में सीसीटीवी कैमरा लगाने का निर्देश दिया है। अदालत ने साफ कहा है कि यह कार्यवाही तय समयसीमा के भीतर पूरी की जानी चाहिए, ताकि थानों में होने वाली हर गतिविधि पारदर्शी रहे और किसी भी प्रकार की अवैध कारर्वाई पर रोक लग सके। झारखंड हाईकोर्ट ने मंगलवार को ‘प्रॉपर्टी रिएल्टी प्राइवेट लिमिटेड‘, शौभिक बनर्जी सहित अन्य की ओर से दाखिल एक याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया।  पिछली सुनवाई में अदालत ने मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी और आईटी विभाग की सचिव को सशरीर उपस्थित होने का आदेश दिया था। अदालत के निर्देश पर ये सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित हुए और कोर्ट के समक्ष अब तक की प्रगति रिपोर्ट पेश की। सभी 334 थानों में जल्द से जल्द कैमरे लगाने का आदेश सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि 31 दिसंबर से पहले सभी जिलों के थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) और टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। इसके बाद राज्य के सभी 334 थानों में जल्द से जल्द कैमरे लगाने का काम आरंभ किया जाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सीसीटीवी कैमरे चालू अवस्था में रहें और उनका डाटा नियमित रूप से संरक्षित किया जाए। साथ ही कोटर् ने 5 जनवरी तक आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट मांगी है। यह मामला पश्चिम बंगाल निवासी शौभिक बनर्जी की याचिका पर आधारित है। याचिकाकर्ता ने बताया कि चेक बाउंस मामले में वह धनबाद कोर्ट में जमानत के लिए आए थे, लेकिन धनबाद पुलिस ने उन्हें दो दिनों तक अवैध रूप से थाना परिसर में रोके रखा और जबरन दबाव बनाकर दूसरे पक्ष का पक्ष लिया। उन्होंने दावा किया कि पूरी घटना बैंक मोड़ थाना में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई थी, किंतु पुलिस ने अदालत को बताया कि केवल दो दिन का ही सीसीटीवी बैकअप उपलब्ध है। अदालत ने इस पर गंभीर आपत्ति जताते हुए कहा कि धनबाद जैसे अपराधग्रस्त शहर में सीसीटीवी डेटा का सही रखरखाव न होना बेहद चिंताजनक है। अदालत ने सरकार को आदेश दिया कि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो और सभी थानों में रिकॉडिर्ंग का पर्याप्त स्टोरेज सुनिश्चित किया जाए।

मन में उठते हैं उल्टे-सीधे विचार? जानें आसान माइंड डिटॉक्स टिप्स

जिस तरह से उल्टी-सीखे खानपान से शरीर को बचाने के लिए बॉडी डिटॉक्स की जाती है। उसी तरह से माइंड को भी उल्टे-सीधे ख्याल से बचाने के लिए डिटॉक्स की जरूरत होती है। लगातार काम का प्रेशर, फ्यूचर की टेंशन और तनाव माइंड को थका देता है। ऐसे में जरूरी है कि दिमाग को थोड़ा रिलैक्स किया जाए, जिससे कि माइंड रिफ्रेश हो। दिमाग को डिटॉक्स कर रिफ्रेश करना है तो कुछ खानपान बदलने की जरूरत नहीं लेकिन इन आदतों को जरूर शामिल करने की जरूरत है। जानें कैसे करें माइंड को डिटॉक्स। ऐसे करें माइंड को क्लियर दिमाग में आ रहे ख्याल और विचारों को क्लियर करना है तो सबसे पहले उन्हें लिखना शुरू कर दें। ऐसा करने से आप समझ जाएंगे कि दिमाग में चल रही कितनी बात काम की है और कितनी बात गैर जरूरी है। रोजाना ऐसा करने से कुछ दिनों में खुद ब खुद अंतर दिखेगा और माइंड ज्यादा क्लियर सोचना शुरू कर देगा। अपना पसंदीदा काम करें काम के प्रेशर और तनाव के बावजूद खुद के लिए समय निकालकर ऐसी जगह जाएं जहां जाना आपको खुशी देता है। गार्डेन, पार्क, समंदर किनारे बीच या फिर आपका प्यारा बेडरूम। वहां बैठकर थोड़ी देर रिलैक्स हों और वो काम करें जिससे खुशी मिलती हो। आराम जरूरी है आजकल भी भागदौड़ भरी और कंपटीशन से भरी दुनिया में हर कोई एक दूसरे को पीछे छोड़ना चाहता है। ऐसे में भागते-भागते थक गए तो इस रैट रेस से बाहर हो जाएं। कुछ देर के लिए दिमाग को आराम दें और कुछ भी ना करें। लगातार काम भी माइंड को थका देता है और मेंटल हेल्थ को नुकसान पहुंचाता है। फोन को कहें बॉय खाली टाइम या रिलैक्स होने का मतलब फोन और सोशल मीडिया चलाना नहीं है। कुछ देर के लिए माइंड को रिफ्रेश करना है तो फोन और नोटिफिकेशन को बंद कर दें। वर्चुअल वर्ल्ड से दूरी बनाएं। जिससे माइंड रिलैक्स होगा और रिफ्रेश भी। खुद की जिम्मेदारी लें खुद की सेहत को ठीक करना है दूसरों पर जिम्मेदारी ना डालें। एक्सरसाइज और अच्छे खाने का रूटीन सेट करना है खुद से कोशिश करें। पहले खुद के लिए कोशिश करनी होगी तभी दूसरे भी मदद करेंगे। कौन सा काम पहले करना ये तय कर लें रोजाना काम की लिस्ट बहुत लंबी होती है लेकिन तय करें कि कौन सा काम पहले करना है और कौन सा काम बाद में, ऐसा करने से आपको बहुत ज्यादा हड़बड़ी और दिमाग पर प्रेशर डालने की जरूर नहीं पड़ेगी।  

दो दिन का मेगा ब्लॉक, कई ट्रेनों पर असर: 8 ट्रेनें रद्द रहेंगी

  रायपुर/ बिलासपुर रायपुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले हथबंद-तिल्दा नेवरा सेक्शन में रोड अंडर ब्रिज के निर्माण के लिए बॉक्स पुशिंग के लिए रिलीविंग गर्डरों को लॉन्च किया जाएगा. इसके कारण मेगा ब्लॉक लिया जा रहा है. जिसके कारण 23 एवं 24 नवंबर को 8 मेमू और पैसेंजर ट्रेनों को रद्द करने का निर्णय लिया गया है. वहीं कुछ ट्रेनें गंतव्य के पहले समाप्त होगी. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल के अंतर्गत हथबंद-तिल्दा नेवरा सेक्शन के बीच रोड अंडर ब्रिज के निर्माण के लिए बॉक्स पुशिंग की सुविधा के लिए रिलीविंग गर्डरों को लॉन्च का कार्य करने के लिए ट्रैफिक कम पावर ब्लॉक लिया जा रहा है. शालीमार एक्सप्रेस 13 नवंबर से 9 दिन रहेगी रद्द यह काम 20 नवम्बर को डाउन लाइन में 3 घंटे 30 मिनट का तथा 22 एवं 23 नवम्बर को अप एवं मीडिल लाइन 4 घंटे नियंत्रित की जाएगी. इसके कारण 23 एवं 24 नवंबर को 8 मेमू और पैसेंजर ट्रेनों को रद्द करने का निर्णय लिया है. इस कार्य के फलस्वरूप कुछ यात्री गाड़ियों का परिचालन बीच में समाप्त किया जाएगा. मेगा ब्लॉक के कारण 20 एवं 23 नवम्बर को झारसुगुड़ा से चलने वाली 68862 झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू पैसेंजर को बिलासपुर में ही समाप्त होगी. यह गाड़ी बिलासपुर एवं गोंदिया के बीच रद्द रहेगी. इसी तरह 20 एवं 23 नवम्बर को 68861 गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू पैसेंजर गोंदिया के स्थान यह गाड़ी बिलासपुर से ही झारसुगुड़ा के लिए रवाना होगी. इसलिए यह गाड़ी गोंदिया एवं बिलासपुर के बीच कैंसिल रहेगी. रद्द होने वाली ट्रेनों की सूची     23 नवम्बर को 68728 रायपुर बिलासपुर मेमू पैसेंजर.     23 नवम्बर को 68719 बिलासपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर.     23 नवम्बर को 68733 गेवरा रोड बिलासपुर मेमू पैसेंजर.     23 नवम्बर को 68734 बिलासपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर.     23 नवम्बर को 58203 कोरबा-रायपुर पैसेंजर.     23 नवम्बर को 58205 रायपुर-नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) पैसेंजर.     24 नवम्बर को 58206 नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) रायपुर पैसेंजर.     24 नवम्बर को 58202 रायपुर-बिलासपुर मेमू पैसेंजर.  

JEE-NEET फ्री कोचिंग: बिहार बोर्ड आज से लेगा आवेदन, छात्रों को मिलेगा फ्री हॉस्टल व भोजन

पटना बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बिहार बोर्ड) ने मेडिकल (नीट) और इंजीनियरिंग (जेईई) 2028 की प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए बीएसईबी सुपर 50 नि:शुल्क आवासीय कोचिंग में नामांकन के लिए आवेदन की तिथि जारी कर दी है। दोनों की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए 20 नवंबर से आवेदन कर सकेंगे। इच्छुक विद्यार्थी समिति की वेबसाइट https://coaching.biharboardonline.com/index पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 30 नंवबर है। बोर्ड की ओर से आवेदन शुल्क 100 रुपये निर्धारित किया गया है। जेईई-नीट की तैयारी के लिए 50 छात्र-छात्राओं का अलग-अलग बैच बैच होगा। विद्यार्थियों को तैयारी के लिए उच्च कोटि की पाठ्य सामग्री भी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। नि:शुल्क आवासीय कोचिंग में कोटा, हैदराबाद, दिल्ली, कोलकाता के बड़े कोचिंग संस्थानों मे पूर्व में पढ़ाने वाले अनुभवी शिक्षकों को मार्गदर्शन बच्चों को मिलेगा। इन्हीं शिक्षकों द्वारा बच्चों को तैयारी कराई जाएगी। ये सुविधाएं मिलेंगी ● नि:शुल्क आवासन और भोजन ● प्रत्येक माह में दो बार ओएमआर टेस्ट या कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट ● सभी कक्षाओं में एसी और डिजिटल बोर्ड आदि की सुविधा ● प्रतिदिन पढ़ाई के अलावा डाउट क्लियरिंग कक्षाओं की सुविधा ● जेईई-नीट की तैयारी के लिए लगभग 50 विद्यार्थियों का अलग बैच होगा ● पटना के सरकारी स्कूल में नि:शुल्क नामांकन की सुविधा – दो वर्षीय कोर्स होगा, बड़े संस्थानों में पढ़ाने वाले शिक्षक कराएंगे तैयारी – नि:शुल्क पाठ्य सामग्री – छात्र-छात्राओं की नियमित जांच के लिए पुरुष और महिला चिकित्सक और नर्स की सुविधा बिहार बोर्ड से संबद्ध प्लस टू विद्यालयों में नामांकन लेने के इच्छुक विद्यार्थी कर सकते हैं आवेदन बोर्ड ने कहा है कि बिहार बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई की 2026 की बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले वैसे विद्यार्थी जो 11वीं कक्षा में बिहार बोर्ड से संबद्ध प्लस टू विद्यालयों में नामांकन लेने के इच्छुक हैं वे इसमें पढ़ने के लिए आवेदन कर सकते हैं।  

इंडिया-US ट्रेड एग्रीमेंट फाइनल स्टेज पर, टैरिफ में बड़ी कटौती की उम्मीद

नई दिल्ली भारत और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) का पहला चरण लगभग पूरा हो चुका है, और अब बस इसकी घोषणा का इंतजार है। यह वही समझौता है जिसके तहत ट्रंप प्रशासन द्वारा भारतीय सामान पर लगाए गए 50% तक के भारी शुल्क को दोबारा से रिव्यू किया जा सकता है। क्या भारत को आखिरकार राहत मिलने वाली है? अभी अमेरिका ने भारत पर कितना ट्रैफिक लगा रखा है? पिछले कुछ सालों में अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान पर भारी शुल्क लगने से व्यापार पर बड़ा असर पड़ा है। रूसी तेल से जुड़े अंतरराष्ट्रीय तनाव के बाद अमेरिका ने भारत से आने वाले उत्पादों पर 25% पारस्परिक शुल्क और 25% अतिरिक्त पेनल्टी लगा दी थी। इससे भारत के निर्यात की प्रतिस्पर्धा काफी कम हो गई थी। लेकिन अब ऐसी खबरें हैं कि भारत और अमेरिका दोनों इस टैरिफ मुद्दे को हल करने की दिशा में तेजी से बढ़ रहे हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि, “ट्रेड डील का पहला पैकेज लगभग अंतिम चरण में है। यह पैकेज पारस्परिक शुल्कों को संबोधित करेगा।” इसका मतलब साफ है कि इस डील का पहला चरण भारी शुल्कों में बड़ी राहत दे सकता है, जो भारतीय उद्योग और किसानों के लिए बड़ी खबर है। क्या ट्रंप के भारी टैरिफ अब हट जाएंगे? सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अमेरिका भारत पर लगाए गए भारी जुर्माने (25% पेनल्टी) को वापस लेगा? अधिकारी का कहना है कि “अगर यह 25% पेनल्टी नहीं हटती, तो इस समझौते का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।” यानी भारत साफ संकेत दे चुका है कि बिना टैरिफ रिलीफ के वह यह डील आगे नहीं बढ़ाएगा। कृषि उत्पादकों को क्या मिलेगा बड़ा फायदा? अमेरिका ने हाल ही में एक बड़ा कदम उठाते हुए चाय, कॉफी, मसाले, कोको, उष्णकटिबंधीय फल, जूस, टमाटर, केले, संतरे और बीफ़ जैसे उत्पादों पर से पारस्परिक शुल्क हटा दिए हैं। भारत इन वस्तुओं का 1 अरब डॉलर से अधिक का निर्यात करता है। यानि इस फैसले से भारतीय किसानों और कृषि निर्यातक कंपनियों को बड़ी राहत मिल सकती है। क्या अमेरिका 500% टैरिफ लगाने की तैयारी में है? यहीं कहानी और रोचक हो जाती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में बयान दिया कि “अगर कोई देश रूस के साथ व्यापार करता है, तो अमेरिका 500% तक टैरिफ लगाने में हिचकेगा नहीं।” यानी अमेरिका अब एक नया कड़ा कानून लाने पर विचार कर रहा है, जिसमें रूस के साथ व्यापार करने वाले देशों पर भारी प्रतिबंध होंगे। यहां सवाल उठता है-     क्या भारत भी इस नीति की चपेट में आ सकता है?     क्या इस वजह से भारत-अमेरिका व्यापार डील और तेज की जा रही है? इस मुद्दे ने पूरी चर्चा को और ज्यादा रहस्यमय बना दिया है। क्या भारत-अमेरिका ट्रेड डील रिश्तों में बड़ा मोड़ साबित होगी? भारत और अमेरिका लंबे समय से व्यापारिक मतभेदों को कम करने की कोशिश कर रहे हैं। अगर पहला चरण सफल होता है, तो आने वाले महीनों में और भी कई पैकेज लाए जा सकते हैं। यह डील न सिर्फ भारतीय उद्योगों को फायदा देगी बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करेगी।

MP की लोक परिवहन सेवा 7 चरणों में सड़कों पर लौटेगी, इंदौर में 50 किमी क्षेत्र में पहले चरण की बसें

भोपाल   प्रदेश में 20 साल से बंद सरकारी लोक परिवहन सेवा नए सिरे से 7 चरणों में सड़कों पर उतरेगी। पहले चरण में इंदौर और आसपास के 50 किमी क्षेत्र में अनुबंधित बसें चलेंगी। दूसरे चरण में इंदौर संभाग के सभी जिलों तक विस्तार होगा। भोपाल व उज्जैन शहर के 50 किमी के दायरे में आने वाले सभी शहर व अंतर शहरी रूट पर बसें दौडे़ंगी। 7वें चरण में ग्वालियर-चंबल संभाग के जिले कवर होंगे। परिवहन विभाग के सचिव व मप्र यात्री परिवहन और इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के एमडी मनीष सिंह ने संचालक मंडल की पहली बैठक में सीएम डॉ. मोहन यादव(CM Mohan Yadav) के सामने पूरी कार्ययोजना पेश की। परिवहन सचिव ने सीएम को बताई योजना     इंदौर शहर से 50 किमी के दायरे में आने वाले सभी शहरी व अंतर शहरी रूट पर बसें चलेंगी।     इंदौर संभाग के सभी जिलों तक विस्तार। उज्जैन व भोपाल शहर से 50 किमी दायरे में आने वाले शहरी व अंतर शहरी रूट पर बसें दौड़ेंगी।     उज्जैन संभाग के सभी जिले कवर होंगे।     सागर व जबलपुर संभाग के जिलों में शुरुआत, रूट चिह्नित।     भोपाल-नर्मदापुरम संभाग के सभी जिलों में लोक परिवहन सेवा जमीन पर उतरेगी।     रीवा व शहडोल संभाग के जिले कवर होंगे।     ग्वालियर व चंबल संभाग के सभी जिलों तक सेवा का विस्तार। देश में पहली बार परिवहन सचिव मनीष सिंह ने सीएम को बताया कि लोक परिवहन सेवा के लिए इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम बना रहे हैं। यह देश का पहला सिस्टम होगा, जिसमें बस लोकेशन ट्रैकिंग, ऑटोमेटिक किराया संकलन, अलर्ट, शिकायत निवारण जैसे 18 मॉड्यूल होंगे। मुख्यमंत्री: फायदे वाले रूट पर ही दौड़कर न रह जाएं बसें मुख्यमंत्री ने पूरी कार्ययोजना देखी और परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव अनुराग जैन समेत अन्य अफसरों से राय ली। बोले-यह सरकार का सबसे बड़ा महत्वाकांक्षी और जनकल्याण से जुड़ा काम है। ध्यान रहे, बसें सिर्फ फायदे वाले रूटों तक ही न चलाएं। लोगों की जरूरत वाले रूट भी चिह्नित कर बसें दौड़ाएं। सीएम के ये सुझाव 15 साल या उससे पुरानी बसें नहीं चलाई जाएं। राज्यों के मॉडलों का एक बार और अध्ययन कराएं। जो अच्छा हो, उसे भी कार्ययोजना में शामिल करें। मप्र यात्री परिवहन व इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड कंपनी का लोगो प्रतियोगिता के आधार पर तय करें। ऐसे तय होगा किराया यात्री किराए का निर्धारण थोक मूल्य सूचकांक, श्रम दर, ईंधन दर, पूंजीगत लागत और वर्तमान किराये के आधार पर किया जाएगा। इसके अलावा अन्य मापदंड भी देखे जाएंगे।

सरकार करेगी आधार को और सुरक्षित, कार्ड में केवल QR कोड और फोटो दिखाई देंगे

नई दिल्‍ली.  आधार आज कितना जरूरी है, यह तो आप जान ही चुके होंगे. आपकी सभी वित्‍तीय पहुंच बिना आधार के संभव नहीं हो सकती है. जाहिर है कि इतने जरूरी डॉक्‍यूमेंट के गलत इस्‍तेमाल का खतरा भी खूब होता है. इसी खतरे को भांपते हुए आपके आधार को और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार ने एक बार फिर इसमें बदलाव की बात कही है. आने वाला नया आधार कार्ड सिर्फ आपकी फोटो और एक क्‍यूआर के साथ होगा. इसमें पहले की तरह लिखे नाम, पते और आधार कार्ड के नंबर को हटा दिया जाएगा. भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) लोगों से जुड़ी जानकारी के दुरुपयोग को रोकने और ऑफलाइन सत्यापन को हतोत्साहित करने के लिए धारक की तस्वीर और क्यूआर कोड के साथ आधार कार्ड जारी करने पर विचार कर रहा है. आधार पर आयोजित एक सम्मेलन में यूआईडीएआई के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) भुवनेश कुमार ने कहा कि प्राधिकरण दिसंबर में एक नया नियम लाने पर विचार कर रहा है, ताकि होटल, कार्यक्रम आयोजकों आदि जैसी संस्थाओं द्वारा ऑफलाइन सत्यापन को हतोत्साहित किया जा सके. साथ ही व्यक्तियों की गोपनीयता बनाए रखते हुए आधार का उपयोग करके आयु सत्यापन प्रक्रिया को बढ़ाया जा सके. कैसा होगा नया आधार कार्ड कुमार ने कहा, ‘इस बारे में विचार किया जा रहा है कि कार्ड पर किसी और विवरण की जरूरत क्यों हो. इसमें केवल तस्वीर और क्यूआर कोड होना चाहिए. अगर हम और जानकारी छापेंगे, तो लोग वही मानेंगे और जो लोग इसका दुरुपयोग करना जानते हैं, वे करते रहेंगे.’ इसका मतलब है कि अब आधार कार्ड पर सिर्फ आपकी फोटो और एक क्‍यूआर कोड होगा, जिसमें आपकी सभी जानकारियां गोपनीय रूप से सुरक्षित रहेंगी और इसका दुरुपयोग भी नहीं हो सकेगा. सत्‍यापन में टूट रहे नियम आधार अधिनियम के अनुसार किसी भी व्यक्ति का आधार नंबर या बायोमेट्रिक जानकारी ऑफलाइन सत्यापन के लिए इकट्ठा, उपयोग या संग्रहित नहीं की जा सकती. फिर भी कई संस्थाएं आधार कार्ड की फोटोकॉपी इकट्ठा करती हैं और स्टोर भी करती हैं. ऐसे में उनके साथ धोखाधड़ी या इन आधार का गलत इस्‍तेमाल होने की संभावना बनी रहती है. इससे बचने के लिए ही आधार में सारी जानकारियां अब गोपनीय करने की तैयारी है, ताकि ऑफलाइन सत्‍यापन पर रोक लगाकर लोगों की जानकारियों के गलत इस्‍तेमाल को भी रोका जा सके. आधार सत्‍यापन पर क्‍या नियम देश में आधार का सत्‍यापन बिना धारक की सहमति के नहीं किया जा सकता है और कोई भी संस्‍था ऐसा करती है तो उस पर 1 करोड़ रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है. यह सहमति बायोमेट्रिक या इलेक्‍ट्रॉनिक रूप में ही ली जाएगी, जो धारक से ओटीपी, फिंगरप्रिंट, आइरिस आदि के जरिये कराया जा सकता है. केवल UIDAI की ओर से अधिकृत संस्‍था और बैंक ही आधार का सत्‍यापन कर सकते हैं. यूजर चाहे तो अपने बायोमेट्रिक डाटा को लॉक भी कर सकता है और तब सिर्फ ओटीपी ही काम करेगा. अगर कोई आधार के डाट का गलत इस्‍तेमाल करता है तो उस पर भी भारी जुर्माना लगाया जा सकता है.

स्मृति मंधाना की होने वाली है शादी, टीम इंडिया और परिवार में खुशी की लहर

इंदौर  टीम इंडिया की धमाकेदार प्लेयर स्मृति मंधाना 'इंदौर की बहू' बनने वाली हैं. वो सिंगर-म्यूजिक कम्पोजर पलाश मुच्छल से शादी करने वाली हैं. इस शादी की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं. उनके घर जगमगाती लाइट्स से सज चुके हैं. इसी के साथ टीम इंडिया भी उनकी शादी में आने की तैयारी कर रही है. क्रिकेटर हरमनप्रीत कौर ने बताया कि वो सबसे मिलने के लिए कितनी बेकरार हैं.  शादी में मस्ती करती दिखेगी टीम इंडिया पलाश और स्मृति की शादी ऐसे समय में हो रही है जब पहले से ही वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीतने का जश्न मनाया जा रहा है. इस शादी में शामिल होने के लिए पूरी वुमन्स क्रिकेट टीम भी एक्साइटेड है. जीत के बाद ये उनके लिए री-यूनियन का पल होगा. इस बारे में हरमनप्रीत ने भी न्यूज एजेंसी से बात की थी.  हरमनप्रीत ने कहा कि- हम सब एक दूसरे की कंपनी इतनी एंजॉय करते हैं कि जब दूर जा रहे होते हैं तो ऐसे लगता है कि कब अगली बार फिर मिलेंगे. क्योंकि हमें साथ में इतना अच्छा लगता है. लगता है कब फिर से टूर होगा, कब वापस मिलेंगे. आगे हरमनप्रीत ने बताया कि वो स्मृति की शादी में सबसे मिलने के इंतजार में हैं. वो बोलीं- अब स्मृति की शादी होने वाली है, और उम्मीद है कि हम सब वहीं मिलेंगे. साथ में गेट-टुगेदर करेंगे और खूब मजे करेंगे.  जोर-शोर से हो रही तैयारी पलाश-स्मृति की शादी का खूब बज है. इस रिश्ते में दो इंडस्ट्रीज का शानदार मिलन देखने को मिल सकता है. वहीं शादी में फिल्म इंडस्ट्री और स्पोर्ट्स के कई दिग्गज शामिल सकते हैं. स्मृति-पलाश की वेडिंग प्रेपरेशन भी शुरू हो चुकी हैं. सभी रस्में स्मृति के होमटाउन महाराष्ट्र के सांगली में होंगे. यहां की सजावट का वीडियो सामने आया. पूरा माहौल जगमगाते लाइट्स से चमक रहा है. गलियों में चमचमाती लड़ियां लगी हैं.  पलाश-स्मृति की शादी 23 नवंबर की बताई जा रही है. खबर है कि क्रिकेटर की मेहंदी रस्म हो चुकी है. पलाश ने भी कुछ वक्त पहले ऐलान किया था कि वो इंदौर की बहू बनेंगी. दोनों काफी समय से डेट कर रहे थे. वहीं हाल ही में पलाश की सिंगर बहन पलक मुच्छल ने भी बताया था कि पूरा परिवार इस समय कितना खुश है, और बस शादी की तैयारियों में लगा है. 

देखते ही ग्राहकों को भा गई Kawasaki W230, रॉयल एनफील्ड के लिए चुनौती बढ़ी

नई दिल्ली Kawasaki w230: कावासाकी ने हाल ही में यूके बाज़ार में अपनी नई 2026 मॉडल की W230 रेट्रो-रोडस्टर मोटरसाइकिल को पेश किया है, जिसकी कीमत और डिलीवरी साल 2026 में शुरू होने की उम्मीद है. यह बाइक Kawasaki के प्रतिष्ठित 'W' लाइनअप का विस्तार है और इसका डिज़ाइन क्लासिक रेट्रो-रोडस्टर थीम पर आधारित है. भारत के संदर्भ में यह लॉन्च काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि विशेषज्ञ यह अनुमान लगा रहे हैं कि कंपनी आने वाले वर्षों में भारतीय बाज़ार में बिक रही W175 की जगह W230 को पेश कर सकती है. यह 233cc की बाइक अपनी इंजन क्षमता और स्टाइल के साथ सीधे तौर पर भारत में Royal Enfield Hunter 350 जैसी लोकप्रिय रेट्रो बाइक्स को कड़ी टक्कर देगी. 2. डिज़ाइन और स्पेसिफिकेशन्स  Kawasaki W230 एक बेहद आकर्षक रेट्रो डिज़ाइन के साथ आती है, जिसमें गोल हेडलाइट, क्रोम-फिनिश्ड फ्यूल टैंक और क्लासिक साइड पैनल का उपयोग किया गया है, जो इसे एक एलिगेंट लुक देते हैं. इस बाइक में 233cc का 4-स्ट्रोक, सिंगल-सिलेंडर, SOHC, 2 वाल्व, एयर-कूल्ड इंजन दिया गया है, जो लगभग 17 hp की हॉर्सपावर और 14.0 lb-ft का टॉर्क जनरेट करता है. यह इंजन 6-स्पीड ट्रांसमिशन के साथ जुड़ा हुआ है और इसमें एंटी-लॉक ब्रेक सिस्टम (ABS) जैसी आधुनिक सुरक्षा तकनीक भी मौजूद है. अपनी रेट्रो अपील के बावजूद, W230 का ग्राउंड क्लीयरेंस 5.9 इंच और व्हीलबेस 55.7 इंच है, जो इसे सड़कों पर स्थिर बनाता है. 3. इंजन और राइडिंग एक्सपीरियंस  W230 में इस्तेमाल किया गया 233cc का एयर-कूल्ड इंजन वही है जो कंपनी अपनी KLX230 में उपयोग करती है. हालांकि, रेट्रो-रोडस्टर होने के कारण W230 का गियरिंग (Gearing) लेडबैक और आरामदायक राइडिंग स्टाइल के अनुकूल अलग तरह से ट्यून किया जाएगा, जबकि KLX230 का गियरिंग ऑफ-रोड उपयोग के लिए अधिक आक्रामक होता है. इंजन की शक्ति शहरी यातायात और हल्की हाईवे राइडिंग दोनों के लिए पर्याप्त है. फ्रंट में 37mm टेलिस्कोपिक फोर्क और रियर में स्प्रिंग प्रीलोड एडजस्टेबिलिटी के साथ ट्विन शॉक्स मिलते हैं, जो आरामदायक सस्पेंशन सेटअप प्रदान करते हैं. 4. हल्का वज़न  Kawasaki W230 की सबसे बड़ी खूबी इसका कम वज़न और आसान हैंडलिंग है. इसका अनुमानित कर्ब वज़न (Kerb Weight) लगभग 143 किलोग्राम (315.3 lb) है, जो इसे अपने सेगमेंट की अन्य भारी बाइक्स की तुलना में काफी हल्का बनाता है. इसके अलावा, इसकी सीट की ऊँचाई केवल 745mm (29.3 इंच) है. यह कम सीट हाइट और हल्का वज़न इस बाइक को नए राइडर्स, छोटे कद वाले सवारों और शहर में रोज़ाना आवागमन करने वालों के लिए एक आदर्श विकल्प बनाती है, क्योंकि इसे ट्रैफिक में संभालना बहुत आसान होगा. बाइक में 12-लीटर का फ्यूल टैंक दिया गया है, जो छोटे सफर के लिए पर्याप्त है. 5. भारत में लोकलाइज़ेशन भारत में, Kawasaki W175 को उसके फीचर्स और कीमत के अनुपात में महंगा माना जाता है, जिससे वह बाज़ार में अपनी मज़बूत पकड़ नहीं बना पाई है. इसी को देखते हुए, W230 भारत के लिए एक गेम चेंजर साबित हो सकती है. चूंकि Kawasaki ने अपनी KLX230 के कुछ हिस्सों का भारत में लोकलाइज़ेशन किया है, जिससे उसकी कीमत काफी कम हुई है, यह उम्मीद की जा रही है कि W230 को भी बड़े पैमाने पर लोकलाइज़ किया जाएगा. अगर इसकी कीमत W175 के मुकाबले आकर्षक रखी जाती है, तो यह न केवल Yamaha XSR 155 जैसे उभरते रेट्रो सेगमेंट को चुनौती देगी, बल्कि रॉयल एनफील्ड हंटर 350 को भी कड़ी टक्कर देने की क्षमता रखेगी, जिससे यह भारतीय रेट्रो-रोडस्टर सेगमेंट में एक मजबूत दावेदार बन जाएगी.