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अयोध्या में धर्म ध्वज स्थापना करेंगे प्रधानमंत्री मोदी, सुरक्षा कवच होगा अभेद्य

6970 सुरक्षा कर्मियों का सुरक्षा घेरा, एटीएस-एनएसजी से लेकर साइबर टीम तक मुस्तैद एंटी-ड्रोन सिस्टम, स्नाइपर ड्यूटी, 90 तकनीकी विशेषज्ञों की तैनाती अयोध्या, श्रीराम मंदिर अयोध्या में धर्म ध्वज स्थापना समारोह के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अभूतपूर्व स्तर पर सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में कानून-व्यवस्था की दृष्टि से भारी पुलिस बल तथा विभिन्न विशेष इकाइयों की ड्यूटी सुनिश्चित की गई है, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर फील्ड टीमों तक का समन्वित प्रबंधन शामिल है। सुरक्षा योजना के अंतर्गत उच्च पदस्थ अधिकारियों को रणनीतिक नेतृत्व के लिए तैनात किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों, क्षेत्रीय अधिकारियों और निरीक्षकों की संख्या उल्लेखनीय है। सुरक्षा ड्यूटी के लिए पुलिस बल में बड़ी संख्या में पुरुष एवं महिला आरक्षियों को नियुक्त किया गया है, जो भीड़ नियंत्रण, सर्चिंग, विस्फोटक की जांच सहित आपात प्रतिक्रिया जैसी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे। विशेष सुरक्षा इकाइयों के रूप में बम डिटेक्शन टीम, डॉग स्क्वॉड, वीवीआईपी सुरक्षा निरीक्षण दल, ट्रैफिक प्रबंधन यूनिट, फायर यूनिट तथा रिस्पॉन्स टीम की जिम्मेदारी संवेदनशील बिंदुओं पर सुनिश्चित की गई है। तकनीकी उपकरण जैसे माइंस टीम, बीडीएस यूनिट, एक्स-रे स्कैनिंग मशीन, सीसीटीवी मॉड्यूल, हाई रिस्पॉन्स वैन, पेट्रोलिंग यूनिट और एंबुलेंस यूनिट्स को भी नियुक्त किया गया है। विशेष जांच के लिए हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्शन डिवाइस, वाहन माउंटेड स्कैनर तथा बैगेज एक्सरे स्कैनर का प्रावधान सुनिश्चित किया गया है।   सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए तैनात पुलिस बल विभिन्न परीक्षेत्रों से कुल 14 एसपी कुल 30 एएसपी कुल 90 डीवाईएसपी कुल 242 इंस्पेक्टर (पुरुष) उप निरीक्षक कुल 1060 महिला उप निरीक्षक कुल 80 पुरुष हेड कांस्टेबल कुल 3090 महिला हेड कांस्टेबल कुल 448 यातायात व्यवस्था के लिए तैनाती कुल 16 ट्रैफिक इंस्पेक्टर कुल 130 ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर कुल 820 ट्रैफिक पुलिस के जवान विशेष सुरक्षा इकाइयां एटीएस कमांडो की कुल 02 टीम एनएसजी स्नाइपर कुल 02 टीम एंटी ड्रोन यूनिट कुल 01 टीम धर्म ध्वज समारोह में सुरक्षा प्रबंधन का विवरण एस्कॉर्ट 2 सेट, प्रत्येक में 3 कर्मी एक्सेस कंट्रोल 16 सेट एएस चेकिंग टीम 3 यूनिट स्पाटर डिटेक्टिव ड्यूटी 15 यूनिट बेयरर यूनिट 2 यूनिट एंटी मोबाइल माइन्स टीम 01 बीडीडीएस 09 टीम स्पॉट चेक टीम 15 फायर ब्रिगेड 04 पायलट वाहन यूनिट 12 डीएफएमडी 105 एचएचएमडी 380 वाहन माउंटेड जैमर 01 नागरिक पुलिस कुल 5784 यातायात पुलिस 1186 ध्वजारोहण में लगे कुल सुरक्षा कर्मी 6970 ड्रोन निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक विजिलेंस एटीएस टीम 2 कुल लगभग 90 तकनीकी सदस्य एंटी ड्रोन सिस्टम 01 04 साइबर कमांडो अतिरिक्त सुरक्षा बिंदु पार्किंग प्रबंधन के लिए 38 कर्मी भीड़ नियंत्रण के लिए बैरियर मॉड्यूल वीआईपी रूट और मंदिर परिसर सुरक्षा विशेष प्रोटोकॉल रूट डायवर्जन पर पुलिस तैनाती स्नाइपर और हाई ग्राउंड सर्विलााँस

छत्तीसगढ़ में बड़ी कामयाबी: 48 लाख के इनामी 15 सक्रिय माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण

सुकमा छत्तीसगढ़ में लगातार नक्सल विरोधी अभियानों में सुरक्षा बलों को सफलता मिल रही है। इसी क्रम में आज सुकमा जिले में एक और बड़ी कामयाबी मिली है, जहां 15 सक्रिय माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। इन सभी पर 48 लाख रुपये के इनाम घोषित था। आत्मसमर्पित माओवादियों में PLGA बटालियन-01 के 4 हार्डकोर सदस्य भी शामिल हैं। हार्डकोर नक्सली भी किये सरेंडर आत्मसमर्पण करने वालों में PPCM के 4, SCM के 2, पार्टी सदस्य 3 और अन्य 8 सदस्य शामिल हैं। इनमें 5 महिलाएं और 10 पुरुष माओवादी हैं। इन सभी पर मिलाकर कुल 47 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इनमें 4 माओवादियों पर 8-8 लाख, 2 पर 5-5 लाख, 1 पर 3 लाख, 1 पर 2 लाख, 1 पर 1 लाख का इनाम था। आत्मसमर्पित माओवादियों ने ‘छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति’ और पुना मुर्गम योजना से प्रभावित होकर हिंसा का रास्ता छोड़ा है। इसके साथ ही तर्रेम और अंसदरी क्षेत्रों में नए सुरक्षा कैंपों की बढ़ी मौजूदगी ने भी उन्हें आत्मसमर्पण करने के लिए प्रेरित किया। इस आत्मसमर्पण अभियान में जिला पुलिस बल, DRG, RAF, CRPF (02, 212, 217, 223 बटालियन), COBRA 207 और विभिन्न इंटेलिजेंस एजेंसियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

धान खरीदी तिहार सुचारू और पारदर्शी, भिट्ठी कला के किसानों ने जताया विश्वास

3100 रुपए प्रति क्विंटल मूल्य से किसानों को सीधा लाभ रायपुर,  प्रदेश में इस वर्ष धान खरीदी तिहार पूरी तरह सुगमता, पारदर्शिता और सुव्यवस्था के साथ संचालित हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशन में राज्य के सभी धान उपार्जन केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित किए जाने से किसानों में उत्साह और विश्वास का माहौल है। सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत भिट्ठी कला स्थित आदिमजाति सहकारी मर्यादित समिति मेंड्राकला में धान विक्रय करने पहुँचे किसान इस वर्ष की खरीदी व्यवस्था से पूरी तरह संतुष्ट दिखाई दिए। किसानों ने बताया कि खरीदी प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सुचारू, सुविधाजनक और पारदर्शी है। किसान बनकेश्वर राम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार द्वारा निर्धारित 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान मूल्य से किसानों को सीधा आर्थिक लाभ हो रहा है। उन्होंने बताया कि उपार्जन केंद्र में तुलाई, नमी परीक्षण और अन्य प्रक्रियाएँ बिना किसी कठिनाई के पूरी हुईं, जिससे खरीदी का अनुभव सहज रहा। उपार्जन केंद्र में उपलब्ध सुव्यवस्थित व्यवस्था देखकर किसान बनकेश्वर राम ने राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि शासन की किसान हितैषी योजनाएँ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रही हैं। जिला प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों—बारदाना उपलब्धता, पारदर्शी तुलाई, त्वरित भुगतान प्रणाली और लगातार निगरानी—ने किसानों के बीच प्रक्रिया के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत किया है।

छिन सकती है सिद्धा की कुर्सी, कर्नाटक में बढ़ते DK समर्थक विधायकों के कदम

बेंगलुरु कर्नाटक में मुख्यमंत्री परिवर्तन के मुद्दे पर सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर सत्ता संघर्ष जारी है। इस बीच उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का समर्थन करने वाले विधायकों का एक और समूह पार्टी आलाकमान से मिलने के लिए दिल्ली पहुंचा है। पार्टी सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी। सूत्रों के अनुसार, कम से कम छह विधायक रविवार रात राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे हैं। सूत्रों ने बताया कि शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने की मांग को लेकर जल्द ही कुछ और विधायकों के दिल्ली आने की संभावना है। खबरों के अनुसार, यह मामला 2023 में हुए सत्ता-साझेदारी समझौते पर आधारित है, जिसके तहत सिद्धरमैया को ढाई साल (20 नवंबर तक) मुख्यमंत्री रहना था और इसके बाद यह जिम्मेदारी उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को मिलनी थी। पार्टी सूत्रों ने बताया कि जो विधायक दिल्ली में हैं, उनमें एच सी बालकृष्ण (मगदी), के एम उदय (मद्दूर), नयना मोटाम्मा (मुदिगेरे), इकबाल हुसैन (रामनगर), शरथ बाचेगौड (होसाकोटे) और शिवगंगा बसवराज (चन्नागिरी) शामिल हैं। खरगे बेंगलुरु, राहुल गांधी विदेश में सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे फिलहाल बेंगलुरु में हैं और वह जल्द ही दिल्ली जाने वाले हैं। वहीं, कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी के भी विदेश यात्रा से लौटने की संभावना है। शिवकुमार का समर्थन करने वाले लगभग दस विधायकों ने पिछले सप्ताह नई दिल्ली जाकर खरगे से मुलाकात की थी। राज्य में कांग्रेस सरकार ने 20 नवंबर को अपने ढाई साल पूरे कर लिए। हालांकि, शिवकुमार ने तब कहा था कि उन्हें विधायकों के खरगे से मिलने के लिए दिल्ली जाने की जानकारी नहीं है। सिद्धा चाहते हैं मंत्रिमंडल में बदलाव शिवकुमार का समर्थन करने वाले विधायकों के दिल्ली जाने के बाद, मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने शनिवार को बेंगलुरु स्थित खरगे के आवास पर उनके साथ एक घंटे से ज्यादा समय तक बैठक की। पार्टी सूत्रों के अनुसार, सिद्धरमैया अपने मंत्रिमंडल में फेरबदल पर जोर दे रहे हैं, वहीं शिवकुमार चाहते हैं कि पार्टी पहले नेतृत्व परिवर्तन पर फैसला करे। पार्टी के कई अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, अगर कांग्रेस आलाकमान मंत्रिमंडल में फेरबदल को मंज़ूरी दे देता है, तो यह संकेत होगा कि सिद्धरमैया पांच साल का अपना कार्यकाल पूरा करेंगे, जिससे शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की संभावनाएं कम हो जाएंगी।

छत्तीसगढ़ में फूड प्रोसेसिंग को नई गति मिलेगी, सीएम साय ने चिराग पासवान से की रणनीतिक बातचीत

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री चिराग पासवान से उनके कार्यालय में सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान छत्तीसगढ़ से जुड़े अनेक जनहित विषयों पर रचनात्मक और सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने विशेष रूप से राज्य में खाद्य सुरक्षा, कृषि-आधारित उद्योगों और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट (NIFTEM) संस्थान की स्थापना छत्तीसगढ़ में की जाए, ताकि राज्य के युवाओं को आधुनिक खाद्य तकनीक, उद्यमिता तथा नए रोजगारों से संबंधित उच्चस्तरीय प्रशिक्षण का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि कृषि दृष्टि से छत्तीसगढ़ एक मजबूत राज्य है और यहां ऐसे संस्थान से हजारों छात्रों, किसानों तथा खाद्य-आधारित उद्यमों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इस प्रस्ताव को अत्यंत सकारात्मक रूप से लेते हुए कहा कि वे इस विषय पर हर संभव सहयोग देंगे और इसे गंभीरता से विचार में लेंगे। रायपुर में वर्ल्ड फूड इंडिया का रीजनल समिट कराने का किया आग्रह मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यह भी अनुरोध किया कि वर्ल्ड फूड इंडिया के रीजनल समिट का आयोजन रायपुर में किया जाए। उन्होंने कहा कि रायपुर की समृद्ध खाद्य परंपरा, उत्कृष्ट कनेक्टिविटी और विविधता ऐसे आयोजन के लिए आदर्श गंतव्य बनाती है। यह फेस्टिवल क्षेत्रीय पाक-परंपराओं को वैश्विक पहचान देगा और नए खाद्य-आधारित उद्यमों के लिए बड़े अवसर उत्पन्न करेगा। सीएम साय ने कहा कि यह आयोजन दिल्ली के वर्ल्ड फूड इंडिया अथवा गुवाहाटी के नॉर्थ ईस्ट फूड फेस्ट की तर्ज पर हर दो वर्ष में आयोजित किया जाए। प्रदेश में फूड इर्रेडिएशन यूनिट के लिए केंद्र से मांगा सहयोग मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में खाद्य वस्तुओं की जांच के लिए फूड टेस्टिंग लैब तथा खाद्य उत्पादों को सुरक्षित रखने के लिए फूड इर्रेडिएशन यूनिट स्थापित की जानी है, जिनके लिए राज्य केंद्र से सहयोग चाहता है। उन्होंने कहा कि धान तथा फल–सब्जी आधारित उद्योगों में बड़े निवेशकों की भागीदारी बढ़ने से किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार को व्यापक गति मिलेगी। साय ने जानकारी दी कि राज्य की नई औद्योगिक नीति में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को विशेष महत्व दिया गया है और निवेशकों को अनेक अतिरिक्त प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं। इसी के अंतर्गत Drools कंपनी द्वारा छत्तीसगढ़ में ₹1,000 करोड़ का निवेश किया जा रहा है, जिससे लगभग 3,000 लोगों को रोजगार मिलेगा और इसका लाभ ग्रामीण व आदिवासी समुदायों तक पहुंचेगा। राइस ब्रान ऑयल हब के रूप में विकसित होगा छत्तीसगढ़ सीएम ने यह भी कहा कि राज्य का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को राइस ब्रान ऑयल हब के रूप में विकसित करना है, जिससे तेल आयात पर निर्भरता कम होगी और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के राष्ट्रीय लक्ष्य को सुदृढ़ समर्थन मिलेगा। आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ और विकसित भारत 2047 का सपना इन्हीं प्रयासों के माध्यम से साकार होगा। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत एवं इन्वेस्टमेंट कमिश्नर रितु सेन उपस्थित थीं।

अभिनेत्री कुब्रासैत ब्रह्मपुत्र में करती आत्मा को रीसेट, 12 दिन की यात्रा शुरू

मुंबई  अभिनेत्री कुब्रा सैत अपने जीवन के सबसे रोमांचक निजी सफ़र में से एक के लिए तैयार हैं और वो है 1 दिसंबर से शुरू होने वाली शक्तिशाली ब्रह्मपुत्र नदी पर 12 दिन की राफ्टिंग एक्सपीडिशन। अपनी फिल्मों 'देवा', 'सन ऑफ सरदार 2' और 'द ट्रायल सीज़न 2' में अपने प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद, अब कुब्रा स्क्रीन से दूर जंगलों की ओर रुख कर रही हैं, उस सपने की ओर जिसे वह पिछले सात वर्षों से अपने दिल में संजोए हुए थीं। अपने इस अनुभव को वे पागलपन से भरा अनुभव बताते हुए कहती हैं, "यह सपना तब शुरू हुआ जब मैंने पहली बार उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के पास काली नदी में राफ्टिंग की और तब से यह मेरी बकेट लिस्ट में है। मुझे यकीन है पिछली बार की तरह इस बार भी यह एक पागलपन भरा अनुभव होने वाला है।” वैसे पिछले साल उन्होंने तंजानिया में माउंट किलिमंजारो फतह किया था, जिसे वे रोमांचक और रौंगटे खड़े कर देने वाला अनुभव बताती हैं।  इस नए सफ़र के लिए कुब्रा जल्द ही असम के डिब्रूगढ़ पहुंचनेवाली हैं, जहाँ से वे अपने एक्सपीडिशन ग्रुप के साथ आगे बढ़ेंगी और पैडलिंग, राफ्टिंग और नदी किनारे टेंट में रातें बिताएंगी। उनकी माने तो उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती और इनाम, यही होगा कि वे अपने आराम को पीछे छोड़कर प्रकृति से सीधा सामंजस्य स्थापित करें। वे बताते हैं, “ऐसे अभियानों में असली डर का सामना करने से मेरे करियर की चुनौतियाँ बहुत छोटी लगने लगती हैं। जब आप प्रकृति की परीक्षा से गुजर चुके होते हैं, तो प्रोजेक्ट के न चलने या उन्हें न स्वीकारे जाने का डर नहीं रह जाता। यह एक हार्ड रीसेट जैसा है, कोई ताम-झाम नहीं, सिर्फ फोकस और ग्राउंडिंग।” गंगा राफ्टिंग के दौरान अपने सीखे दर्शन को वे याद करते हुए कहती हैं, "‘गो विद द फ्लो’ का असली मतलब मैंने गंगा राफ़्टिंग के दौरान ही समझा था, जहां नदी किसी के लिए नहीं रुकती। जब आपके पास फोन नहीं होता और आप प्रकृति के बीच होते हैं, तो सन्नाटा भी अनुभव का हिस्सा बन जाता है। लंबे अभियानों में न नेटवर्क होता है, न कोई ध्यान भटकाने वाली चीज़, बस आपका प्रकृति से रिश्ता गहरा होता चला जाता है।” अपने गुज़रे समय को पीछे मुड़कर वे मुस्कुराते हुए देखती हैं और कहती हैं, "यह साल कई ‘पहलों’ से भरा रहा और इसकी शुरुआत मेरी गर्ल गैंग के साथ महाकुंभ यात्रा से हुई थी।" फिलहाल कुब्रा के प्रोफेशनल मोर्चे की बात करें तो वे अपनी अगली रोमांचक रिलीज़ के लिए तैयार हैं, जिनमें डेविड धवन की 'है जवानी तो इश्क होना है' और प्रकाश झा की 'लाल बत्ती' फ़िल्में शामिल हैं।

मशहूर ‘नीले ड्रम वाली मुस्कान’ अस्पताल में एडमिट, खुशखबरी नजदीक—डॉक्टर्स ने दिया बड़ा अपडेट

मेरठ अपने पति की हत्या को लेकर सुर्खियों में रहने वाली मुस्कान एक बार फिर चर्चा में है। दरअसल, प्रेग्नेंट मुस्कान अब मां बनने वाला है। मेरठ जिला जेल प्रशासन के मुताबिक हत्या की आरोपी सोमवार सुबह अचानक प्रसव पीड़ा होने पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार उसकी स्थिति अभी स्थिर है, लेकिन किसी भी समय डिलीवरी हो सकती है। अस्पताल प्रशासन उसे लगातार मॉनिटर कर रहा है और उसकी सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जेल प्रशासन ने डिलीवरी को लेकर दी ये जानकारी इस मामले में वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि मुस्कान की डिलीवरी जेल प्रशासन के लिए बड़ी जिम्मेदारी है। हालांकि उसे प्रसव पीड़ा के बाद मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। डॉक्टर उसकी निगरानी कर रहे है। डॉक्टरों के मुताबिक उसे किसी भी वक्त बेबी हो सकता है। मेरठ जेली में बंद है मुस्कान बता दें कि सौरभ की हत्या के आरोप में मुस्कान पिछले 8 महीने से जेल में बंद है। इस दौरान वह 8 महीने की गर्भवती हो चुकी है। जेल प्रशासन SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) के तहत उसकी पूरी देखभाल कर रहा है। पिछली जांच रिपोर्ट में मुस्कान का वजन जेल में रहते हुए 22 किलो बढ़ गया है। उसकी सेहत को देखते हुए हर हफ्ते अल्ट्रासाउंड कराया जा रहा है। उसे दूध, अंडा, फल और पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है। बच्चे के डीएनए टेस्ट पर उठ रहे सवाल बच्चे के डीएनए टेस्ट को लेकर सवाल उठे हैं, लेकिन जेल अधीक्षक का कहना है कि इस पर फैसला न्यायालय करेगा। वहीं, जेल में होने वाली आरती और सुंदरकांड पाठ में मुस्कान नियमित रूप से शामिल होती है। गर्भवती महिलाओं से जेल में कोई काम नहीं कराया जाता। जेल मैनुअल के मुताबिक, मां 6 साल की उम्र तक बच्चे को अपने साथ जेल में रख सकती है। इस दौरान बच्चे की निशुल्क शिक्षा और खानपान की व्यवस्था भी होती है।

धर्मेंद्र का सुनहरा साल: पद्म भूषण के साथ जीते कई सम्मान, हिट फिल्मों का ना-टूटे वाला रिकॉर्ड

मुंबई अभिनेता धर्मेंद्र का सोमवार को निधन हो गया है। इस मौके पर आज हम आपको उनके रिकॉर्ड और उनके अवॉर्ड के बारे में बताने वाले हैं। धर्मेंद्र ने बॉलीवुड को शोले, धरम वीर, सीता और गीता, यमला पगला दीवाना और लोफर जैसी कई बेहतरीन फिल्में दी हैं। एक्टर के अलावा धर्मेंद्र प्रोड्यूसर और राजनेता हैं। अपने बेहतरीन काम के लिए उन्होंने कई उपलब्धियां हासिल की हैं। धर्मेंद्र को मिला पद्म भूषण धर्मेंद्र को सिनेमा में योगदान देने के लिए कई अवॉर्ड और सम्मान दिए गए थे। उन्हें साल 2012 में भारत सरकार की तरफ से भारत का तीसरा सबसे बड़ा अवॉर्ड पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। नेशनल फिल्म अवॉर्ड साल 1990 में फिल्म 'घायल' रिलीज हुई थी। इसमें धर्मेंद्र के अलावा सनी देओल, मीनाक्षी शेषाद्रि, ओम पुरी और अमरीश पुरी थे। इस फिल्म ने 1990 में सबसे अच्छी फिल्म का नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीता था। फिल्मफेयर अवॉर्ड साल 1991 में धर्मेंद्र की अदाकारी वाली फिल्म 'घायल' को बेस्ट फिल्म के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड दिया गया। साल 1997 में धर्मेंद्र को लाइफटाइम अचीवमेंट फिल्मफेयर अवॉर्ड दिया गया। उनकी फिल्में आई मिलन की बेला, फूल और पत्थर, मेरा गांव मेरा देश, यादों की बारात, रेशम की डोरी, नौकर बीवी का और बेताब को फिल्मफेयर नामांकन मिला। एक साल में कई हिट फिल्में देने का रिकॉर्ड धर्मेंद्र ऐसे अभिनेता हैं जिनके नाम कई हिट फिल्में देने का रिकॉर्ड है। साल 1973 में उन्होंने आठ हिट फिल्में दी थीं। साल 1987 में उन्होंने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा और नौ हिट फिल्में दीं। उनके इस रिकॉर्ड को अब तक कोई भी बॉलीवुड एक्टर नहीं तोड़ सका। 300 से ज्यादा फिल्मों में किया काम धर्मेद्र के नाम एक रिकॉर्ड यह भी है कि उन्होंने बॉलीवुड की 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है। साल 1960 में उन्होंने फिल्म 'दिल भी तेरा हम भी तेरे' से बॉलीवुड में कदम रखा था। फिल्मों में बेहतरीन अदाकारी की वजह से उन्हें 'ही-मैन' के नाम से जाना जाने लगा।

सुबह-शाम कोहरे की चादर, मुरादाबाद में तापमान गिरकर 10 डिग्री

मुरादाबाद दो दिन से सुबह और शाम को घना कोहरा छाने लगा है। इससे ठंड अचानक बढ़ गई है। रविवार को शहर के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में व कोहरे की चेतावनी जारी की है।रविवार को न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के करीब पहुंच गया। सुबह के समय 500 मीटर तक ही विजिबिलिटी रही। मौसम विभाग का कहना है कि अगले एक सप्ताह तक सुबह कोहरा या धुंध बनी रहेगी। तापमान 10–11 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जबकि अधिकतम आर्द्रता 80 और न्यूनतम 50 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। उधर, देर से धूप निकलने और रात में ओस गिरने से सर्दी बढ़ गई है। कोहरे के चलते लोगों ने सुबह के सैर का समय बदल दिया है। कई जगहों पर लोग अलाव का सहारा लेते दिखे। हाईवे पर सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रही। कुछ फीट दूर से ही वाहन नजर नहीं आ रहे थे। इससे वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी रही। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. रविंद्र कुमार ने बताया कि इन दिनों गेहूं की बोआई जोरों पर है। मौजूदा मौसम किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि ठंड और कोहरे का यह दौर फसलों के लिए लाभकारी है। सभी प्रकार की रबी फसलों की बढ़वार पर इसका सकारात्मक असर पड़ेगा। एक्यूआई पुअर श्रेणी में दर्ज मुरादाबाद में ठंड बढ़ने के साथ वायु गुणवत्ता भी प्रभावित हुई है। शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 100 से 250 के बीच दर्ज किया गया। बुद्धि विहार में एक्यूआई 140 रहा। यह मॉडरेट श्रेणी है। ईको हर्बल पार्क में एक्यूआई 258 रहने के साथ पुअर श्रेणी में दर्ज किया गया। इसके अलावा रोजगार कार्यालय क्षेत्र में एक्यूआई 183 दर्ज किया। सुबह-शाम बाहर निकलते समय सावधानी बरतें गिरते तापमान के बीच जिला अस्पताल के चिकित्सक डाॅ. आशीष  ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि मौसम का यह बदलाव स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। इसलिए एहतियात बेहद जरूरी है।     ठंड में सिर और कान ढककर निकलें     अस्थमा व सांस के मरीज मास्क पहनकर बाहर निकलें     सुबह की सैर फिलहाल टालना बेहतर  

रायसेन में मासूम से अत्याचार पर जनआक्रोश, गिरफ्तारी न होने से मंडीदीप-जाम और बाड़ी बंद; शिवराज सिंह चौहान ने कड़ा बयान दिया

रायसेन  रायसेन जिले में 6 साल की मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया है। आरोपी ने चॉकलेट का बहाना बनाकर बच्ची को जंगल में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद गंभीर हालत में नाबालिग को एम्स भोपाल में भर्ती कराया गया। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने भोपाल-जबलपुर राष्ट्रीय राज्यमार्ग पर चक्काजाम किया और गौहरगंज का बाजार शनिवार को पूरे दिन बंद रहा। इधर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस घटना पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वह पीड़िता और उसके परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं और अपराधी को कड़ी सजा दिलाने में कोई कोताही नहीं होगी। दुष्कर्म मामले में गिरफ्तारी न होने से आक्रोश बढ़ा, मंडीदीप में जाम, बाड़ी शहर बंद मासूम से दुष्कर्म मामले में आरोपित अब भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है, हिन्दू संगठनों सहित जनता में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। आक्रोशित भीड़ ने मंडीदीप में जाम लगा दिया है। यहां पूर्व मंत्री क्षेत्रीय विधायक सुरेंद्र पटवा भी पहुंचे हैं और धरने पर साथ में बैठे हैं। पूर्व सांसद बुदनी विधायक रमाकांत भार्गव भी जाम में फंस गए हैं। आरोपी फरार, जिले कई जगह बंद आरोपित सलमान की गिरफ्तार करने की मांग जिले भर में उठी। रायसेन जिला मुख्यालय, बाड़ी बंद, ओबेदुल्लागंज, मंडीदीप बंद। रायसेन शहर में भोपाल सागर तिराहे पर हिंदू संगठनों का विरोध प्रदर्शन जारी है। शहर में दुकानें पूरी तरह से बंद हैं। कल उदयपुरा बंद की घोषणा की गई है। पुलिस आरोपित सलमान को लगातार तलाश रही है लेकिन अभी तक कोई बड़ा सुराग हाथ नहीं लगा है। जिले में विभिन्न जगहों पर विरोध प्रदर्शन जारी है। शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा: मेरे संसदीय क्षेत्र में मासूम बेटी के साथ हुई दुष्कर्म की घटना से मन व्यथित और अत्यंत आक्रोशित है। इस मामले में आज मैंने केंद्रीय चिकित्सालय,भोपाल पहुंचकर पीड़िता के स्वास्थ्य की जानकारी ली और परिवारजनों को दिलासा दी कि हम मजबूती से साथ खड़े हैं और न्याय जरूर दिलाएंगे। बेटी के उपचार में कोई कमी न रहे और समुचित इलाज की व्यवस्था हो, इसके लिए अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया है। साथ ही प्रशासन को सख्त निर्देश दिए कि जो आरोपी है, उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए। मैंने यह भी निर्देश दिया है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में लाया जाए। जिससे पीड़िता के साथ जल्द से जल्द न्याय हो सके। जब तक अपराधी पकड़े नहीं जाते, तब तक मैं चैन से नहीं बैठूंगा।