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धर्मेंद्र का हॅप्पी फैमिली ट्री, छह बच्चों के पिता और 13 नाती-पोतों वाला खुशहाल परिवार

मुंबई बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का आज सोमवार को निधन हो गया है। उनके परिवार के लोग और उनके करीबी सदमे में हैं। ऐसे में धर्मेंद्र के फैंस उनके परिवार के बारे में जानना चाहते हैं। धर्मेंद्र का परिवार बॉलीवुड के सबसे बड़े परिवारों में से एक है। उन्होंने दो शादियां की थीं और उनके कुल छह बच्चे हैं। धर्मेंद्र की पहली शादी मशहूर एक्टर धर्मेंद्र ने दो शादियां की थी। 19 साल की उम्र में उन्होंने 1954 में प्रकाश कौर के साथ पहली शादी की थी। तब धर्मेंद्र ने बॉलीवुड में अपनी शुरुआत नहीं की थी। प्रकाश कौर से धर्मेंद्र के 2 बेटे और 2 बेटियां हुईं। यानी वह चार बच्चों के पिता बन गए। पहली पत्नी से धर्मेंद्र के बच्चे एक्टर धर्मेंद्र के इन चारों बच्चों के नाम सनी देओल, बॉबी देओल, विजेता देओल और अजीता देओल है। सनी देओल और बॉबी देओल बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता हैं। उनकी दोनों बहनें विजेता देओल और अजीता देओल लाइमलाइट से दूर रहती हैं। धर्मेंद्र और उनकी पहली पत्नी के बच्चे सेटल हैं। धर्मेंद्र की दूसरी शादी धर्मेंद्र ने प्रकाश कौर से तलाक लिए बिना 1980 में अभिनेत्री हेमा मालिनी से शादी कर ली थी। हेमा मालिनी उनसे 13 साल छोटी हैं। एक्ट्रेस के साथ सात फेरे लेने के बाद कपल की दो बेटियां हुईं। इन दोनों के नाम एशा देओल और अहाना देओल है। सनी देओल का परिवार धर्मेंद्र के बच्चों ने अपना-अपना घर बसा लिया है। सबसे बड़े बेटे सनी देओल की पत्नी पूजा हैं। वह लाइमलाइट से दूर हैं। दोनों से दो बेटे करण और राजवीर हैं। उम्मीद है कि वह बॉलीवुड में अपने करियर की जल्द शुरुआत करेंगे। बॉबी देओल का परिवार धर्मेंद्र के दूसरे बेटे बॉबी देओल हैं। उन्होंने अपनी बचपन की दोस्त तान्या आहूजा के साथ शादी की है। उनके दो बच्चे हैं। उनके नाम आर्यमन और धरम है। विजेता और अजीता धर्मेंद्र की दो बेटियां विजेता और अजीता अक्सर फैमिली फंक्शन में नजर आती हैं। शादी के बाद से दोनों बहनें विदेश में रहती हैं। दोनों सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं। विजेता और अजीता दोनों ही बहनों के दो-दो बच्चे हैं। एशा देओल हेमा मालिनी से धर्मेंद्र की दो बेटियां हैं। पहली बेटी एशा देओल हैं। उन्होंने बॉलीवुड में भी काम किया है। एक्ट्रेस ने कारोबारी भरत तख्तानी के साथ 2012 में शादी की थी। अब दोनों का तलाक हो चुका है। एशा देओल की दो बेटियां हैं राध्या और मिराया। अहाना देओल धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की सबसे छोटी बेटी अहाना देओल हैं। उनकी शादी बिजनेसमैन वैभव वोहरा के साथ हुई है। उनके तीन बच्चे हैं।

धर्मेंद्र नहीं रहे, बॉलीवुड के सितारे विले पार्ले श्मशान घाट पर अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे

मुंबई  बॉलीवुड के ही-मैन धर्मेंद्र का निधन हो गया है. धर्मेंद्र अब हमारे बीच नहीं रहे. इस खबर से बॉलीवुड जगत में शोक की लहर दौड़ गई है. वह 89 साल के थे और पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे. हाल ही में उन्हें मुंबई ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा था, जहां उनकी हालत क्रिटिकल बनी हुई थी.परिवार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है. विले पार्ले श्मशान घाट पर तमाम फिल्मी हस्तियां जमा हैं. धर्मेंद्र के परिवार के सारे लोग भी वहीं मौजूद हैं. इससे पहले एक एंबुलेंस धर्मेंद्र के घर से इसी श्मशान घाट पर पहुंची है. करण जौहर ने सोशल मीडिया पोस्ट लिखकर उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें लंबी श्रद्धांजलि प्रकट की है. वहीं, कई दिनों तक भरती रहने के बाद 12 नवंबर को धर्मेंद्र को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया था. बता दें, धर्मेंद्र अगले महीने 8 दिसंबर को अपना 90वां जन्मदिन मनाने वाले थे और उनके ठीक-ठाक घर लौट आने के बाद खबर थी कि उनका पूरा परिवार एक साथ धर्मेंद्र का 90वां जन्मदिन बड़े ही धूम-धाम से मनाने वाला था. धर्मेंद्र 89 साल के थे. कुछ समय से वह उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे. 10 नवंबर को उन्हें सांस लेने में दिक्कत आई थी, जिसके बाद उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. 12 नवंबर को धर्मेंद्र को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया और डॉक्टरों ने बताया था कि आगे का ट्रीटमेंट उनके घर पर ही किया जाएगा. वह जुहू में देओल बंगले में रह रहे थे, उनके बेटे सनी देओल उनके साथ थे. उनकी पहली पत्नी प्रकाश और पहली शादी से हुई बेटियां भी उनके घर पर उनके आस-पास थीं. फिल्म डायरेक्टर करण जौहर ने इंस्टाग्राम पर धर्मेंद्र के निधन को लेकर पोस्ट किया, "यह एक युग का अंत है… एक बहुत बड़ा मेगा स्टार… मेनस्ट्रीम सिनेमा में एक HERO का रूप… बहुत हैंडसम और सबसे रहस्यमयी स्क्रीन प्रेजेंस… वह इंडियन सिनेमा के एक असली लेजेंड हैं और हमेशा रहेंगे… सिनेमा के इतिहास के पन्नों में खास और शानदार तरीके से मौजूद हैं…"   300 से ज्यादा फिल्मों में किया था काम धर्मेंद्र हिंदी सिनेमा के सबसे सम्मानित और लोकप्रिय सितारों में से एक रहे. 7 दशकों से अधिक लंबे करियर में उन्होंने 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया था, जिनमें 'शोले', 'चुपके चुपके', 'सीता और गीता', 'धरम वीर' जैसी कई सुपरहिट फिल्में शामिल हैं. उनके डायलॉग्स आज भी खूब दोहराए जाते हैं, जिसमें शोले का  'बसंती इन कुत्तों के आगे मत नाचना' सबसे ज्यादा हिट रहा है. अगले महीने रिलीज होगी आखिरी फिल्म धर्मेंद्र 89 साल की उम्र में भी फिल्मों में एक्टिव थे. उन्हें कुछ वक्त पहले फिल्म 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' और 'तेरी बातों… में ऐसा उलझा जिया' में देखा गया था, जिसमें उन्होंने अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया था. वो अब अमिताभ के नाती अगस्त्य नंदा की फिल्म 'इक्कीस' में भी नजर आने वाले हैं. ये एक्टर की आखिरी फिल्म है, जो इसी साल 25 दिसंबर को रिलीज होगी. अफसोस इस बात का है कि फिल्म रिलीज से पहले ही धर्मेंद्र अब इस दुनिया में नहीं रहे.   बता दें, इसी महीने जब धर्मेंद्र हॉस्पिटल में एडमिट हुए थे तो उस समय उनकी झूठी मौत की खबर फैल गई थी, जिससे उनका पूरा परिवार काफी गुस्से में नजर आया था. हेमा मालिनी से लेकर ईशा देओल.. सनी देओल सब ने अपना गुस्सा जाहिर किया था. धर्मेंद्र एक अभिनेता के साथ-साथ एक फिल्म निर्माता थे, जो मुख्य रूप से हिंदी फिल्मों में अपने काम के लिए जाने जाते रहे. धर्मेंद्र को भारतीय सिनेमा के इतिहास में सबसे महान, सबसे खूबसूरत और व्यावसायिक रूप से सफल फिल्म सितारों में से एक माना जाता था. 65 साल के फिल्मी करियर में, उन्होंने 300 से अधिक फिल्मों में काम किया था और हिंदी सिनेमा में सबसे ज्यादा हिट फिल्मों में अभिनय करने का रिकॉर्ड आज भी उनके नाम है.

भोपाल में 15 दिन की कोल्ड वेव खत्म, मध्य प्रदेश में अब शीतलहर से मिलेगी थोड़ी राहत

भोपाल  मध्यप्रदेश में पिछले 24 घंटों में मौसम आमतौर पर सूखा ही रहा। खरगौन में शीतलहर का प्रभाव था। वहीं नरसिंहपुर में शीतल दिन रहा। अधिकतम तापमान में अधिकतर जिलों में कोई खास परिवर्तन नहीं हुआ। इंदौर, उज्जैन, चंबल, रीवा और सागर में तापमान सामान्य से 1.5°C-2.0°C कम था। बाकी जिलों में तापमान सामान्य स्तर पर बना रहा। न्यूनतम तापमान में भी कोई विशेष बदलाव नहीं हुआ। भोपाल और इंदौर में तापमान सामान्य से 3.6°C-3.9°C तक कम रहा। अन्य जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य स्तर पर रहा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में मौसम में ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है। हालांकि, रात के तापमान में गिरावट हो सकती है। ठंड का असर अगले कुछ दिनों में बढ़ सकता है।  तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज हुआ—     नौगांव (छतरपुर): 8.2°C     मंदसौर: 8.6°C     नरसिंहपुर: 8.6°C     शाजापुर: 8.8°C     राजगढ़: 9°C भोपाल में भी रातें जमाने लगी हैं और न्यूनतम तापमान 9.4°C दर्ज किया गया। बड़े शहरों में हल्की राहत, लेकिन सुबह की सर्दी तेज दिन का तापमान सामान्य बना हुआ है, लेकिन सुबह की ठंड शहरों में भी महसूस की जा रही है।     इंदौर: 11.7°C     ग्वालियर: 12.1°C     जबलपुर: 12.2°C     उज्जैन: 12.5°C अगले 5 दिनों का मौसम: बादल रहेंगे, ठंड भी जारी मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के सक्रिय होने के कारण कई हिस्सों में बादलों की मौजूदगी बनी रहेगी। इससे दिन के तापमान में मामूली बढ़ोतरी होगी, लेकिन रातें ठंडी ही रहेंगी। पूर्वानुमान —     इस सप्ताह शीतलहर की कोई संभावना नहीं     रात के तापमान में 2–3 डिग्री की और गिरावट के संकेत     विंध्य और मालवा में घना कोहरा बढ़ सकता है     दिसंबर की शुरुआत से ठंड का असली दौर सामने आने की संभावना   मप्र का तापमान: पांच शहरों का मौसम मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के पांच प्रमुख बड़े शहरों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इंदौर में 9.8 डिग्री, भोपाल में 10.2 डिग्री, उज्जैन में 11.2 डिग्री, ग्वालियर में 8.3 डिग्री और जबलपुर में रात का पारा 8.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दूसरी तरफ, नरसिंहपुर में दिन का तापमान 23.6 डिग्री तक आ गया। मंडला में 30.0 डिग्री, उज्जैन में 29.7 डिग्री, सीहोर में 29.6 डिग्री, नर्मदापुरम में 29.4 डिग्री और विदिशा में 29.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रविवार को प्रदेश में सबसे कम तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस पचमढ़ी में रिकॉर्ड किया गया जबकि दिन का अधिकतम तापमान 30.0 डिग्री सेल्सियस मंडला में दर्ज किया गया। ग्री, नौगांव में 8.8 डिग्री, नरसिंहपुर में 9.4 डिग्री सेल्सियस रहा। बाकी शहरों में पारा 10 डिग्री या इससे अधिक ही दर्ज किया गया। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि विंड पैटर्न चेंज हुआ है। इस वजह से दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। फिलहाल अगले 5 दिन तक कहीं भी शीतलहर का अलर्ट नहीं है। कई शहरों में 100 मीटर के बाद देखना भी मुश्किल कड़ाके की ठंड से राहत मिलने के बाद अब घना कोहरा भी छाने लगा है। कई जगहों पर तो 100 मीटर के बाद दूर नहीं दिखा। शनिवार को शाजापुर में घना कोहरा छाया। अकोदिया, शुजालपुर क्षेत्र में सुबह विजिबिलिटी 100 मीटर तक ही रही। इससे गाड़ियों की हेड लाइटें चालू रही। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, दतिया, इंदौर, जबलपुर में 1 हजार मीटर तक विजिबिलिटी रही। गुना, ग्वालियर, सतना, रीवा, खजुराहो में 500 से 1 हजार मीटर विजिबिलिटी दर्ज की गई। मौसम विभाग की एडवाइजरी-फ्लू, सर्दी-जुकाम होने पर डॉक्टर को दिखाएं     ट्रैफिक- कोहरा होने पर गाड़ी चलाते समय या किसी ट्रांसपोर्ट के जरिए ट्रैवल करते समय सावधान रखें। ड्राइविंग धीरे करें और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें।     हेल्थ- तेज ठंड होने पर शरीर की गर्माहट बनाए रखने के लिए सिर, गर्दन, हाथ-पैर की उंगलियों को अच्छे से ढंके। फ्लू, सर्दी, खांसी-जुकाम होने पर डॉक्टर को दिखाए। विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं।     कृषि- जहां मिट्टी में पर्याप्त नमी हो, वहां गेहूं, चना, सरसों-मटर की बुआई करें। जहां बुआई हो चुकी है, वहां जरूरत पड़ने पर कृषि वैज्ञानिकों से सलाह लें। पिछली फसलों के अवशेष यानी, ठूंठ को कभी न जलाएं। एमपी में ठंड से अब तक दो की मौत कड़ाके की ठंड की वजह से पिछले दो दिन में दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। रीवा के अमहिया थाना क्षेत्र स्थित अस्पताल चौराहा पर सड़क किनारे एक व्यक्ति की लाश पड़ी मिली थी। इससे पहले रायसेन में भी एक शख्स की मौत हो चुकी है। परिजनों का दावा है कि ठंड की वजह से ही मौत हुई, लेकिन प्रशासन ने ठंड से मौत होने की पुष्टि नहीं की है।

मेरठ में हवा ‘बेहद खराब’, सुबह-सुबह AQI 349 से बढ़ी सांसों की तकलीफ़

मेरठ केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से रविवार को जारी देश के 248 शहरों की सूची में वायु प्रदूषण में मेरठ सातवें स्थान पर रहा। एनसीआर में वायु प्रदूषण के मामले में पांचवें नंबर पर सूचीबद्ध किया गया है। खतरनाक स्तर पर प्रदूषित हवा में सांस लेने में लोगों को दिक्कतें हो रही हैं।   सोमवार सुबह एयर क्वालिटी इंडेक्स 349 दर्ज किया गया, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। सुबह की हल्की धूप भी प्रदूषण कम नहीं कर पा रही। पल्लवपुरम शहर का सबसे ज्यादा प्रदूषित एरिया रहा, जहां AQI 366 मापा गया। शहर में पिछले एक महीने से वायु गुणवत्ता लगातार खराब बनी हुई है। न सुबह की हवा साफ है, न रात की। प्रदूषण का स्तर इतना अधिक है कि लोगों को सांस लेने में दिक्कत, सीने में भारीपन और आंखों में जलन की समस्याएं बढ़ रही हैं। महीने भर से मेरठ समेत आसपास के जिलों में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार खराब श्रेणी में चल रहा है। वायु प्रदूषण को देखते हुए जो ग्रेप सिस्टम के दावे किए गए थे, वह फेल साबित होते दिखाई दे रहे हैं।     धीमी हवा और बारिश न होने से बढ़ रहा प्रदूषण पिछले 10 दिन से हवा की रफ्तार बेहद धीमी है, जिसके कारण प्रदूषण और भी ज्यादा बढ़ गया है। बारिश न होने से हवा में मौजूद धूल और प्रदूषक नीचे नहीं बैठ रहे। मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही के अनुसार, जब तक हवा तेज और साफ दिशा में नहीं चलेगी, तब तक प्रदूषण में कोई सुधार नहीं होगा। अगले दो-तीन दिनों में तापमान में 1–2 डिग्री की गिरावट की संभावना है, लेकिन इससे प्रदूषण के स्तर पर खास असर नहीं पड़ेगा।   मेरठ और आसपास में अभी तक कहीं पर भी वायु प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं पाया जा सका है। जगह-जगह कूड़े जलाए जा रहे हैं और ग्रेप सिस्टम की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। खराब हवा से लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है। सुबह बाहर टहलने वालों को दिक्कत हो रही है। मेरठ यह रहा प्रदूषण का हाल गंगानगर        324 जय भीम नगर    356 पल्लवपुरम      366 अन्य शहरों में यह रहा प्रदूषण का हाल बागपत        345 बुलंदशहर      368 दिल्ली        395 गाजियाबाद     429 ग्रेटर नोएडा    396 हापुड़        433 मेरठ        349 नोएडा        414 मुजफ्फरनगर   388 वायु प्रदूषण रोकने के उपाय -वाहन का उपयोग कम करें पैदल चलें और साइकिल चलाएं या सार्वजनिक परिवहन जैसे बस या मेट्रो का उपयोग करें। -अगर आपको गाड़ी चलानी ही है तो कारपूलिंग करें और अपनी गाड़ी का सही रखरखाव करें। -स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग करें। जीवाश्म ईंधन से बनने वाली बिजली की जगह सौर या पवन ऊर्जा जैसी नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग करें। घरों और उद्योगों में सोलर पैनल लगवाएं। -अधिक पौधे लगाएं। पेड़ कार्बन डाइऑक्साइड को सोखकर ऑक्सीजन छोड़ते हैं, इससे हवा साफ होती है। पौधरोपण में भाग लें या अपने आसपास पेड़ लगाएं। मौसम में उतार-चढ़ाव के बीच बढ़ी ठंड मौसम में उतार- चढ़ाव के बीच ठंड में बढोतरी हो रही है। रविवार को दिन में मौसम सर्द रहा और धूप ने राहत दी। चौधरी चरण सिंह विवि की मौसम वेधशाला में दिन का अधिकतम तापमान 26.2 डिग्री और रात का न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि तीन -चार दिन तक मौसम में उतार- चढ़ाव बना रहेगा। फिलहाल अभी प्रदूषण के स्तर में सुधार के आसार नहीं है। प्रदूषण का लेवल अभी लाल श्रेणी में ही रहेगा।  

हेलीकॉप्टर सेवा प्रभावित, पचमढ़ी में नहीं मिल रही जमीन; हेलीपैड 40 किमी दूर होगा

पचमढ़ी  पीएमश्री हेली सेवा इको सेंसटिव जोन (eco-sensitive zone) को पेंच फंसने के बाद सैलानियों का हेलीकॉप्टर उतारने के लिए हेलीपैड बनाने नर्मदापुरम जिला प्रशासन को भूमि नहीं नहीं मिल रही है। इस कारण हेलीकॉप्टर सेवा फिलहाल प्रभावित है। पचमढ़ी के लिए पिपरिया के ग्राम सिमरा में समतल भूमि देखी है लेकिन पचमढ़ी से इसकी दूरी लगभग 40 किलोमीटर है। इसपर भी अंतिम निर्णय होना बाकी है।  पिपरिया तहसीलदार वैभव बैरागी ने बताया कि ग्राम सिमारा की समतल भूमि पर हेलीपैड बनाया जा सकता है। सोमवार को इसका निरीक्षण कर रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजेंगे। इसके बाद तकनीकी परीक्षण होने के बाद निर्माण कार्य को लेकर कार्रवाई होगी। ग्राम सिमारा से पचमढ़ी जाने के लिए सैलानियों को लगभग 40 किलोमीटर सड़क मार्ग से जाना पड़ेगा। लगभग सवा घंटे की इस यात्रा में सैलानियों को मटकुली से पचमढ़ी के बीच के 26 किलो मीटर के घाटी सेक्शन को भी पार करना होगा। सिमरा में हेलीपैड बनाने का अंतिम निर्माण होना बाकी है। इस कारण हेलीपैड बनने तक पचमढ़ी हेलीकॉप्टर सेवा प्रभावित रहेगी। ग्राम रैनीपानी में भूमि का निरीक्षण सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के मई आने वाले पर्यटकों का हेलीकॉप्टर कहां उतरेगा। इसको लेकर भी असामंजस बना हुआ है। मढ़ई के करीब ग्राम रैनीपानी में हेलीपैड के लिए जगह देखी गई है। जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन ने भूमि का निरीक्षण किया गया है। इस पर भी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। इस बीच कोई सैलानी हेलीकॉप्टर से मढ़ई आएगा तो उसका हेलीकॉप्टर को सोहागपुर में बने हेलीपैड पर उतारा जाएगा।  एजेंसी को काम शुरू करने को कहा है हेलीपैड बनाने के लिए कहीं भी जगह फाइनल नहीं हुई है। पचमढ़ी के लिए सिमारा में समतल भूमि देखी है। सोहागपुर के लिए भी रैनीपानी में भूमि का निरीक्षण किया है। अंतिम निर्माण होने के बाद ही कुछ बता सकते हैं। – हिमांशु जैन, सीईओ, जिला पंचायत, नर्मदापुरम

प्रदेश भर से आए फरियादी, हर पीड़ित से स्वयं मिले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अपने सरकारी आवास पर ‘जनता दर्शन’ किया। ‘जनता दर्शन’ में प्रदेश भर से 52 से अधिक फरियादी पहुंचे। सीएम योगी हर फरियादी के पास स्वयं पहुंचे, उनकी समस्याएं सुनीं और निराकरण के निर्देश दिए। सीएम ने सभी जिलाधिकारियों और एसएसपी को निर्देशित किया कि वह पीड़ितों की शिकायतें सुनकर जनपद में ही उनका निस्तारण कराएं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभिभावकों के साथ आए बच्चों को दुलारा, उन्हें चॉकलेट दी और कहा कि खूब मन लगाकर पढ़ाई करो।  *पीड़ितों की शिकायतें सुनकर निर्धारित समयावधि में कराएं समाधान * मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान आर्थिक सहायता, अवैध कब्जे, बिजली, शिक्षा, पुलिस आदि से जुड़ी शिकायतों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया। जिस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों सहित वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया कि वह जनपद स्तर पर सभी फरियादियों की शिकायतें सुनकर उनका निराकरण कराएं। जिलाधिकारी देखें कि जनपदों में सभी विभागों के द्वारा पीड़ितों की शिकायतें सुनकर निर्धारित समयावधि में समाधान कराया जाए।  आमजन की सेवा-सुरक्षा ही सरकार का संकल्प  ‘जनता दर्शन’ में गोरखपुर, शामली, झांसी, कन्नौज आदि जनपदों से पीड़ित पहुंचे थे। सभी ने अपनी समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। जिस पर सीएम योगी ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन की सेवा और सुरक्षा ही सरकार का संकल्प है। सरकार हर जरूरतमंद की सहायता के लिए खड़ी है। सरकार के स्तर पर प्रदेशवासियों की हर उचित परेशानी का निरंतर निदान कराया जा रहा है और आगे भी कराया जाता रहेगा।  बच्चों को दी चॉकलेट, पढ़ाई के बारे में भी पूछा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभिभावकों के साथ आए बच्चों से भी मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने सभी से नाम पूछा, चॉकलेट दी और मन लगाकर पढ़ने करने को कहा। सीएम ने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद भी दिया।

मप्र निर्वाचन आयोग ने बदले नगरपालिका चुनाव नियम, उम्मीदवारों के लिए नई पारदर्शिता जरूरी

भोपाल  लोकसभा और विधानसभा चुनाव की तरह अब नगरीय निकायों के चुनाव में पर्चा भरने वाले प्रत्याशियों को भी नामांकन के साथ शपथ-पत्र देना होगा। उन्हें शपथ-पत्र में खुद पर दर्ज आपराधिक प्रकरण और उनकी स्थिति की जानकारी देनी होगी। इसके साथ चुनावी खर्च का ब्यौरा भी राज्य निर्वाचन आयोग को देना होगा। उनके खर्च की अधिकतम सीमा नगरीय विकास विभाग आयोग से परामर्श करने के बाद तय करेगा। प्रदेश के अधिकांश नगरीय निकायों के चुनाव 2027 में होंगे। इस बीच कोई उपचुनाव हुआ तो उसमें भी नए नियम लागू होंगे। रद्द किया जाएगा नामांकन मप्र राज्य निर्वाचन आयोग ने मप्र नगरपालिका निर्वाचन नियम में बदलाव के संबंध में ये नियम बनाए हैं। इनकी अधिसूचना भी जारी की है। इसमें कहा, महापौर, पार्षद, नगर पालिका परिषद, नगर परिषद के अध्यक्ष-पार्षद पद का उम्मीदवार नामांकन के साथ शपथ-पत्र देगा। इसमें आपराधिक पृष्ठभूमि, संपत्तियों, दायित्यों, शैक्षणिक योग्यताओं की जानकारी देनी होगी। ऐसा न होने नामांकन रद्द किया जाएगा। शपथ पत्र में देनी होगी ये जानकारियां -राज्य निर्वाचन आयोग के तय शपथपत्र के प्रारूप में महापौर, नपा अध्यक्ष, पार्षद पद के उम्मीदवार को बताना होगा कि दो साल या अधिक सजा वाले कितने आपराधिक केस दर्ज हैं। थाना, एफआइआर व जिले का ब्योरा भी देना होगा। -स्वयं, पत्नी या पति और तीन बच्चों की आमदनी, टैक्स, लोन आदि की जानकारी देनी होगी। आय के साधन बताने होंगे। संयुक्त स्वामित्व वाली चल और अचल संपत्ति, शेयर और कंपनियों में किए निवेश, कर्ज की जानकारी देनी होगी।

दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र नहीं रहे, 89 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

मुंबई बॉलीवुड से इस समय की बड़ी खबर सामने आई है। बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर धर्मेंद्र का 89 साल की उम्र में निधन हो गया है। वे पिछले काफी समय से बीमार थे। सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक धर्मेंद्र लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उन्हें सांस लेने में हो रही परेशानी के कारण 31 अक्टूबर, 2025 को मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में रूटीन चेकअप के लिए एडमिट कराया गया था। 10 नवंबर को उनकी तबीयत गंभीर हो गई थी।  बाद में उन्हें घर ले जाया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा था।  दिग्गज अभिनेता का अंतिम संस्कार मुंबई के पवन हंस श्मशान घाट पर किया जाएगा। धर्मेंद्र, जिनका पूरा नाम धर्मेंद्र केवल कृष्ण देओल था, उनका जन्म 8 दिसंबर 1935 को पंजाब के नसरानी गांव में हुआ था। उन्होंने दशकों तक बॉलीवुड पर राज किया और अपनी ज़बरदस्त एक्टिंग और एक्शन से लाखों दिलों पर अपनी छाप छोड़ी। उनका निधन भारतीय सिनेमा के लिए एक अपूरणीय क्षति है।  

चार दिन के महोत्सव में ओरछा में फोर व्हीलर प्रवेश बंद, चार जगह बनाई गई पार्किंग

ओरछा मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले के ओरछा में श्रीराम जानकी विवाह महोत्सव की धूम है। ऐसे में यहां श्रद्धालुओं के बड़ी संख्या में आने का सिलसिला जारी है। ऐसे में प्रशासन ने अव्यवस्थाओं से बचने के लिए ट्रैफिक प्लान जारी किया है। प्रशासन ने तीन दिन के महोत्सव को लेकर 24 से 26 नवंबर तक ओरछा में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। इस दौरान ओरछा में ट्रक, बस, डंपर सहित अन्य बड़े वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही ओरछा आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन ने चारों दिशाओं में वाहन पार्किंग की व्यवस्था की है। नगर में किसी भी वाहन का प्रवेश नहीं होने दिया जाएगा। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी ओरछा में 24 से 26 नवंबर तक आयोजित होने वाले श्रीराम जानकी विवाह महोत्सव को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर पूरा प्लान तैयार किया है। साथ ही, कलेक्टर जमुना भिड़े ने आदेश जारी कर ओरछा से निकलने वाले भारी वाहनों पर पूरी तरह से रोक लगा दी। ऐसे में झांसी से पृथ्वीपुर, टीकमगढ़ की ओर ओरछा से आने वाले सभी वाहनों को अब निवाड़ी होकर आना होगा। वहीं, टीकमगढ़, पृथ्वीपुर की ओर से झांसी की ओर जाने वाले वाहन भी इसी मार्ग से होकर जाएंगे। श्रद्धालुओं के लिए ऐसी रहेगी पार्किंग व्यवस्था प्रशासन ने जाम की स्थिति से बचने के लिए वाहनों के आने की दिशा के अनुसार अलग-अलग पार्किंग स्थल निर्धारित किए हैं। ऐसे में श्रीराम जानकी विवाह महोत्सव में शामिल होने वाले श्रद्धालु इस प्लान के अनुसार ही ओरछ में प्रवेश करने के पूर्व अपने वाहनों को पार्क कर असुविधा से बच सकते है। पार्किंग व्यवस्था अपनी दिशा देखें -झांसी, निवाड़ी और तिगेला की ओर से आने वाले बस और ट्रैक्टरों को आजाद पार्क में पार्क किया जाएगा। -कार और जीप राजमंदिर होटल और थाना पार्किंग में रखे जाएंगे। -ललितपुर और बबीना की ओर से आने वाले बस और ट्रैक्टर गुदरई दरवाजा और हेलीपैड में पार्क होंगे। -कार और जीप लक्ष्मी मंदिर पार्किंग में रखे जाएंगे। -टीकमगढ़ और पृथ्वीपुर की ओर से आने वाले सभी वाहन सेंचुरी पार्किंग में रखने की व्यवस्था बनाई गई है। -दो पहिया वाहन गणेश दरवाजा या केशव भवन के पास पार्क करने की सुविधा मिलेगी।

MP के मंदसौर जिले में बदलाव, टीआई की पोस्टिंग पर लगी नई सीमा: 6 महीने

मंदसौर  मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में थानों में होने वाली गड़बड़ियों, पैसों के लेन-देन और आपराधिक सांठ-गांठ के मामलों ने पुलिस की छवि पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। इसी स्थिति को सुधारने के लिए एसपी विनोद मीना अब थानेदारों पर कड़ा एक्शन मोड अपनाने जा रहे हैं। एसपी ने रोस्टर सिस्टम तैयार किया है, जिसके तहत कोई भी थाना प्रभारी (टीआई) 3 से 6 महीने से ज्यादा एक ही थाना नहीं संभाल पाएगा। पहला जिला बनेगा मंदसौर! अगर यह सिस्टम लागू होता है, तो मंदसौर प्रदेश का पहला जिला होगा जहां थाना प्रभारियों की पोस्टिंग फिक्स समय सीमा पर बदला करेगी। इस सिस्टम के बाद— कमज़ोर प्रदर्शन करने वाले टीआई को 3 महीने में बदल दिया जाएगा अच्छा काम करने वाले टीआई को लंबे समय तक उसी थाने पर रखा जाएगा थानों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी राजनीतिक दबाव और हस्तक्षेप में कमी आएगी चल रहे अभियानों के नतीजे और बेहतर मिल सकेंगे एसपी विनोद मीना ने कहा— “रोस्टर सिस्टम एक अच्छा मॉडल है। फायदे-नुकसान को देखकर इसे सही तरीके से लागू किया जाएगा।” अवैध तस्करी और पुलिस-कर्मियों की सांठ-गांठ ने बढ़ाई चिंता मंदसौर जिला लंबे समय से अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के लिए बदनाम रहा है। हाल ही में तस्करों और पुलिसकर्मियों के बीच लेन-देन के बड़े खुलासे हुए, जिसके बाद कई पर कार्रवाई की गई— तत्कालीन टीआई धर्मेंद्र शिवहरे — निलंबित उपनिरीक्षक अविनाश सोनी — निलंबित प्रधान आरक्षक दिलीप बघेल — निलंबित दलौदा टीआई मनोज गर्ग — लाइन अटैच भानपुरा टीआई आरसी डांगी — आरोप सिद्ध, कार्रवाई बाकी इन मामलों ने पुलिस विभाग को मजबूर किया कि व्यवस्था में सुधार के लिए कुछ बड़ा और सख्त कदम उठाया जाए। रोस्टर सिस्टम क्यों ज़रूरी? थानों में पारदर्शिता बढ़ेगी भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम होंगी राजनीतिक प्रभाव सीमित होगा टीआई और चौकी प्रभारियों का प्रदर्शन बेहतर होगा  जनता को मिलेगा भरोसेमंद पुलिस सिस्टम