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युवक-युवती सम्मेलन में मुख्यमंत्री साय ने किया पुस्तकों का विमोचन, गोंड समाज को आर्थिक सहायता भी दी

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के टिकरापारा स्थित गोंडवाना भवन में आयोजित गोंड युवक-युवती परिचय सम्मेलन में शामिल हुए। मुख्यमंत्री का पारंपरिक जनजातीय रीति-रिवाजों के अनुसार स्वागत किया गया और उन्होंने भगवान बूढ़ादेव का पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गोंड समाज को सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए 05 लाख रुपये की सहयोग राशि प्रदान करने की घोषणा की। कार्यक्रम में आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम द्वारा लिखित दो पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। आदिवासी ऐतिहासिक निरंतरता से वर्तमान चुनौतियों तक विरासत का सम्मान : वैश्विक दृष्टिकोण पर सवाल मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गोंड समाज का इतिहास अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनजातीय समाज के हितों के प्रति संवेदनशील हैं और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार जनजातीय नायकों के गौरवशाली इतिहास को सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है और नागरिकों से नया रायपुर स्थित जनजातीय संग्रहालय का भ्रमण करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवक-युवती परिचय सम्मेलन समाज के लोगों को एक-दूसरे को समझने और सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इस अवसर पर विकास मरकाम ने गोंड समाज के गौरवशाली इतिहास, परंपराओं और नवाचारों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डबल-इंजन की सरकार में जनजातीय समुदाय के हितों, विकास और उत्थान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ गोंड समाज कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री जग्गू सिंह, उपाध्यक्ष श्री किशोर ध्रुव, श्री सेवाराम ध्रुव, श्री हरि सिंह ठाकुर सहित समाज के अनेक सदस्य उपस्थित रहे। 

12.43 करोड़ की कथित अवैध संपत्ति जब्त, उत्पाद अधीक्षक ने कहा– मुझे साजिश के तहत फंसाया गया

पटना/ औरंगाबाद औरंगाबाद के उत्पाद अधीक्षक अनिल कुमार आजाद को बेहतर काम के लिए विभाग से तीन-तीन मेडल दिया गया था। किसी से सोचा नहीं होगा कि उन्होंने अपने पास इतनी संपत्ति रखी होगी। स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने जब उत्पाद अधीक्षक के पटना, जहानाबाद, औरंगाबाद समेत चार ठिकानों पर छापेमारी की तो सब लोग दंग रह गए। कैश इतना मिला कि टीम को नोट गिनने के लिए मशीन मंगानी पड़ी। सभी ठिकानों पर मिली संपत्तियों को जोड़ा गया तो 12.43 की चल-अचल संपत्ति का खुलासा हुआ। दो माह बाद होना था रिटायर उत्पाद अधीक्षक अनिल कुमार आजाद की 20 माह पहले औरंगाबाद में इसी पद पर हुई थी और दो माह बाद ही उन्हे रिटायर होना था। इसके पहले ही एसवीयू ने एक साथ उनके चार ठिकानों पर छापेमारी कर दी। अनिल कुमार आजाद ने फोन पर बताया कि यह सब स्प्रिट माफियाओं की साजिश है। उनलोगों ने साजिश कर निगरानी में शिकायत की है। उनके ऊपर जो भी आरोप लगाया जा रहा है, वह सरासर गलत और बेबुनियाद है। उन्होने खुद निगरानी की टीम को छापेमारी में सहयोग किया है।                बेहतर काम के लिए मिलें हैं तीन-तीन मेडल अनिल कुमार आजाद ने कहा कि उत्पाद विभाग में बेहतर काम की बदौलत तीन-तीन मेडल मिले है। बदले की भावना से छापेमारी की गई है। कल उनके भतीजे की शादी थी और आज ही बारात से लौट कर पटना पहुंचा हूं। इसके बाद छापेमारी टीम पहुंची। जांच में मैं सहयोग कर रहा हूं।' इन स्थानों पर एसवीयू की टीम ने की छापेमारी       औरंगाबाद में उत्पाद अधीक्षक का कार्यालय, मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग, बड़वा मोड़ से पश्चिम, हनुमान बिगहा के पास               औरंगाबाद शहर के सत्येंद्रनगर मुहल्ले में अनिल कुमार आजाद के किराए के आवास, डॉ. केके. सिंह अस्पताल के पास       जहानाबाद में अनिल कुमार आजाद के घर, एक निजी स्कूल (शिव मंदिर) के पास, सुमेरा, थाना-टेहटा            पटना के शिवपुरी में अनिल कुमार आजाद का आवासीय भवन, श्रीराम निकुंज, 3 मानस मार्ग, पश्चिमी शिवपुरी -23                जानिए क्या आरोप लगे हैं औरंगाबाद के उत्पाद अधीक्षक अनिल कुमार आजाद पर आरोप है कि उन्होंने विभिन्न सरकारी पदों पर रहते हुए पद का दुरुपयोग कर एक करोड़ 58 लाख, 45 हजार 888 रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की है। इसी आरोप के आलोक में पुख्ता जानकारी जुटाने के बाद विशेष निगरानी इकाई ने अनिल कुमार आजाद के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जन के साथ अन्य कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद कोर्ट से इनके परिसरों की तालाशी का वारंट प्राप्त किया। कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद रविवार को विशेष निगरानी इकाई की अलग-अलग टीमों ने अनिल कुमार आजाद के औरंगाबाद, जहानाबाद और पटना में उनके आफिस और आवास में एक साथ छापेमारी की। छापेमारी में यह सब मिला सूत्रों की यदि माने तो छापेमारी में अनिल कुमार आजाद के ठिकानों से जमीन में निवेश के कुछ दस्तावेज, कुछ बैंक पासबुक के साथ अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। साथ ही रुपयों की गिनती के लिए नोट गिनने की मशीन भी मंगाई गई है। फिलहाल औरंगाबाद, जहानाबाद और पटना में एसवीयू की कार्रवाई जारी है। सूत्र जानकारी दे रहे है कि अनिल कुमार आजाद के ठिकानों से और भी महत्वपूर्ण जानकारी हासिल होने की उम्मीद हैं। विस्तृत समाचार की प्रतीक्षा है।  

छठा साल लगातार बिना बढ़ोतरी के बिजली दरें, यूपी का ऊर्जा मॉडल बना पूरे देश के लिए उदाहरण

लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार ने लगातार छठे वर्ष बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी न करके देश के सामने एक बड़ा उदाहरण पेश किया है। यह दिखाता है कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, दूरदर्शी योजना और वित्तीय अनुशासन मिलकर जनता को वास्तविक लाभ पहुंचा सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ऊर्जा क्षेत्र में हुए सुधारों का परिणाम है कि यूपी आज देश का पहला ऐसा राज्य है जहां छह वर्षों से बिजली दरें समान हैं। अन्य राज्यों में बिजली महंगी, यूपी ने दी राहत जब कई राज्यों में बढ़ती लागत की वजह से बिजली दरें बढ़ रही हैं, उसी समय यूपी ने गरीबों, किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और मध्यम वर्ग को राहत दी है। सरकार का साफ उद्देश्य है कि जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े और घरेलू बजट स्थिर रहे। राजस्व अधिशेष और मजबूत वित्तीय प्रबंधन का असर इस निर्णय के पीछे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुव्यवस्थित योजना काम कर रही है। बिजली वितरण कंपनियों ने पिछले वर्षों में ₹15,000 करोड़ से ज्यादा का राजस्व अधिशेष हासिल किया है। यह अचानक नहीं हुआ, बल्कि आर्थिक अनुशासन, बिजली चोरी पर नियंत्रण, तकनीक आधारित बिलिंग, लाइन लॉस में कमी, समय पर मेंटेनेंस तथा ढांचागत सुधारों का परिणाम है। ऊर्जा उत्पादन और ट्रांसमिशन में बड़े सुधार नई विद्युत उत्पादन परियोजनाएं, ट्रांसमिशन नेटवर्क का विस्तार और नवीकरणीय ऊर्जा में बढ़ता निवेश भी लागत नियंत्रण में बेहद उपयोगी साबित हुआ है। बढ़ते शहरीकरण, उद्योग विस्तार और माइग्रेशन के बावजूद सब्सिडी को प्रभावी बनाकर सरकार ने व्यवस्था को संतुलित रखा है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मजबूत बिजली व्यवस्था ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में ओवरलोडिंग कम करने, केबलिंग को भूमिगत करने, पुराने तार और ट्रांसफॉर्मर बदलने जैसे कार्यों ने बिजली आपूर्ति प्रणाली को मज़बूत किया है। ऊर्जा बचत अभियानों और स्मार्ट मीटरों के बड़े पैमाने पर उपयोग से बिलिंग और खपत पारदर्शी हुई, जिससे राजस्व बढ़ा और लीकेज कम हुआ। स्थिर बिजली दरों का उद्योग और निवेश पर सकारात्मक असर स्थिर बिजली दरें उपभोक्ताओं को राहत देती हैं और उद्योगों की उत्पादन लागत भी नियंत्रित करती हैं। इससे निवेश माहौल बेहतर होता है। निवेशक ऐसे राज्यों को प्राथमिकता देते हैं जहाँ ऊर्जा कीमतें स्थिर हों, आपूर्ति सुरक्षित हो और नीति पारदर्शी हों। यूपी ने इन तीनों क्षेत्रों में भरोसे का माहौल बनाया है, जिससे यह उभरते औद्योगिक राज्यों में शामिल हो गया है। गरीबों, किसानों और व्यापारियों के लिए बड़ा लाभ योगी सरकार का स्थिर बिजली मॉडल दिखाता है कि जनहित और अर्थव्यवस्था दोनों को मजबूत किया जा सकता है। गरीब परिवारों की जेब सुरक्षित है, किसानों पर सिंचाई का अतिरिक्त बोझ नहीं आता, मजदूरों और कामगारों पर अतिरिक्त खर्च नहीं बढ़ता और छोटे व्यापारियों का बजट संतुलित रहता है। उद्योगों को भी प्रतिस्पर्धी माहौल मिलता है। सौर ऊर्जा में यूपी की तेज प्रगति उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ा है। खासकर रूफटॉप सोलर और ग्रिड-कनेक्टेड सोलर प्लांट में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। शहरों और गांवों में लग रहे सोलर पैनल न सिर्फ बिजली पैदा कर रहे हैं बल्कि पर्यावरण सुरक्षा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा दे रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती बिजली आवश्यकता और उद्योग विस्तार के साथ सोलर ऊर्जा एक महत्वपूर्ण समाधान बनकर उभरी है। रूफटॉप सोलर योजनाओं में यूपी का राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा स्थान प्रदेश में कुल 13,46,040 आवेदन मिले थे, जो दर्शाते हैं कि लोग बदलाव के लिए उत्सुक थे। सिर्फ 18 महीने में 2,81,769 रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाए गए और पिछले 4.5 महीनों में 1,30,000 संयंत्रों की स्थापना ने यूपी को महाराष्ट्र और गुजरात के बाद देश का तीसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा उत्पादक राज्य बना दिया है। रोजगार सृजन में भी सौर ऊर्जा का बड़ा योगदान सौर ऊर्जा ने न केवल ऊर्जा बढ़ाई बल्कि रोजगार भी दिया। अकेले यूपी में 54,000 से अधिक युवाओं को सीधा रोजगार मिला है। देशभर में सोलर मॉड्यूल निर्माण, इन्वर्टर, वायरिंग, लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन के क्षेत्र में लाखों नए रोजगार बने हैं। UP बिजली टैरिफ 2025–26: प्रमुख तथ्य यूपी में लगातार छठे साल बिजली दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। ग्रीन एनर्जी टैरिफ में राहत देते हुए HV उपभोक्ताओं के लिए दर ₹0.36 से घटाकर ₹0.34 प्रति यूनिट और LV उपभोक्ताओं के लिए ₹0.17 प्रति यूनिट तय की गई है। डिस्ट्रीब्यूशन लॉस में मध्यांचल और पश्चिमांचल ने लक्ष्य हासिल किया, जबकि पूर्वांचल का प्रदर्शन कमजोर रहा। ऊर्जा नियामक आयोग के वित्तीय अनुमोदन FY 2023–24 के लिए 85,082.83 करोड़ रुपये का ARR और 1,246.55 करोड़ रुपये का रेगुलेटरी सरप्लस मंजूर हुआ। FY 2025–26 के लिए 1,10,993.33 करोड़ रुपये का ARR और 13.35% डिस्ट्रीब्यूशन लॉस मंजूर किए गए हैं। राज्य सरकार 17,100 करोड़ रुपये की सब्सिडी देगी। रेगुलेटरी गैप और सरप्लस के आंकड़े इस वर्ष 7,710.04 करोड़ रुपये का रेगुलेटरी गैप दर्ज हुआ, जबकि 1 अप्रैल 2025 तक यूपीपीसीएल के पास 18,592.38 करोड़ रुपये का रेगुलेटरी सरप्लस उपलब्ध रहेगा। औसत सप्लाई कॉस्ट ₹8.18 और औसत बिलिंग रेट ₹7.61 प्रति यूनिट तय की गई है। PAN अपडेट, TDS सर्टिफिकेट, क्रॉस-सब्सिडी समायोजन और TOD टैरिफ पूर्ववत रखने के निर्देश दिए गए हैं। मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग व टाउनशिप से जुड़े मुद्दों पर अलग कंसल्टेशन पेपर जारी होगा।

अयोध्या में फूलों का समंदर, राम मंदिर धर्म ध्वज समारोह के लिए तैयार शहर

अयोध्या  25 नवंबर को श्री राम जन्मभूमि मंदिर में होने वाले भव्य ध्वजारोहण समारोह की तैयारी में, मंदिर और शहर को फूलों से सजाया जा रहा है। इस पवित्र कार्यक्रम के लिए अयोध्या को चमकाने के लिए लगभग 100 टन फूलों का इस्तेमाल किया गया है। मंदिर के एक पुजारी ने कहा कि तैयारियाँ पूरे ज़ोरों पर चल रही हैं। "राम मंदिर में धर्म ध्वज समारोह की तैयारियाँ पूरे ज़ोरों पर हैं। सजावट की एक खास बात फूलों का इस्तेमाल है, जो भगवान राम को बहुत प्यारे हैं। आज, अयोध्या फूलों की सजावट से चमक रही है, जिसमें सबसे पहले भगवान गणेश और भगवान राम के लिए गेंदे के फूल लगाए गए हैं। मंदिर और शहर को सजाने के लिए लगभग 100 टन फूलों का इस्तेमाल किया गया है।" खुद को भाग्यशाली महसूस कर रहे अयोध्या को सजाने में लगे मजदूर सजावट के काम में लगे मजदूरों ने कहा कि वे इस ऐतिहासिक पल में योगदान देकर खुद को भाग्यशाली महसूस कर रहे हैं। एक मजदूर ने बताया, "राम मंदिर को सजाया जा रहा है, और मंदिर का निर्माण पहले ही पूरा हो चुका है। यह ध्वज समारोह का समय है। प्रधानमंत्री मोदी 25 तारीख को आएंगे। कई तरह के फूलों का इस्तेमाल किया जा रहा है, और हमें संतों का पूरा सहयोग मिल रहा है।" एक अन्य सजावट कर्मी ने कहा, “हम बहुत भाग्यशाली महसूस कर रहे हैं कि हमें भगवान राम के दर्शन हुए। तीन दिन पहले जब से हम आए हैं, तब से दिन-रात काम चल रहा है, और यह बहुत सुंदर दिख रहा है।”  ललित मिश्रा की खोज ने अयोध्या के प्राचीन ध्वज को दिलाया स्थान अयोध्या 25 नवंबर को एक ऐतिहासिक पल की तैयारी कर रहा है, जब श्री राम जन्मभूमि मंदिर के गर्भगृह में ध्वजारोहण समारोह इसके मुख्य निर्माण के पूरा होने का प्रतीक होगा। खास बात यह है कि भारतविद ललित मिश्रा की खोज ने अयोध्या के प्राचीन ध्वज को उसका सही स्थान दिलाया है। मिश्रा ने मेवाड़ की सचित्र रामायण की एक पेंटिंग का अध्ययन करते समय इस ध्वज की पहचान की, बाद में वाल्मीकि रामायण के अयोध्या कांड में इसके उल्लेख की पुष्टि की। फहराए जाने वाले ध्वज में तीन प्रतीक हैं: ॐ, सूर्य और कोविदार वृक्ष। कोविदार वृक्ष मंदार और पारिजात वृक्षों का एक संकर है, जिसे ऋषि कश्यप ने बनाया था, जो प्राचीन पौधों के संकरण को दिखाता है। सूर्य भगवान राम के सूर्यवंश का प्रतिनिधित्व करता है, और ॐ शाश्वत आध्यात्मिक ध्वनि है। समारोह से पहले, इस कार्यक्रम के लिए आने वाले भक्तों और आगंतुकों का स्वागत करने के लिए पूरे अयोध्या में एक बड़े पैमाने पर स्वच्छता अभियान शुरू किया गया है।

माओवादी प्रवक्ता का सीएम साय को पत्र, एंटी नक्सल अभियान रोकने की मांग

जगदलपुर महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ स्पेशल जोनल कमेटी (एमएमसी जोन) के प्रवक्ता अनंत ने तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को एक पत्र लिखकर सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे अभियानों को रोकने की अपील की है। इस पत्र में उन्होंने इस बार 'नक्सली सप्ताह' न मनाने की घोषणा भी की है और सरकार से पुनर्वास के लिए समय मांगा है। प्रवक्ता अनंत ने पत्र में कहा है कि पार्टी की केंद्रीय कमेटी के सदस्य और पोलित ब्यूरो सदस्य कॉमरेड सोनू दादा ने वर्तमान स्थिति को देखते हुए हथियार त्यागकर सशस्त्र संघर्ष को अस्थायी रूप से विराम देने का जो निर्णय लिया है, उसका एमएनसी स्पेशल जोनल कमेटी समर्थन करती है। एमएमसी सतीश दादा के बाद हाल ही में एक और एमएमसी कॉमरेड चंद्रत्ना ने भी इस निर्णय का समर्थन किया है। एमएमसी स्पेशल जोनल कमेटी भी हथियार छोड़कर सरकार की पुनर्वास और पुनर्निर्माण योजना को स्वीकार करना चाहती है। इसके लिए तीनों राज्यों की सरकारों से अनुरोध किया गया है कि वे उन्हें कुछ समय प्रदान करें। पत्र में तीनों राज्यों की सरकारों से यह निवेदन किया गया है कि वे उन्हें 15 फरवरी 2026 तक का समय दें। प्रवक्ता ने यह भी स्वीकार किया कि यह समय सरकार द्वारा माओवाद समाप्ति के लिए तय की गई समय-सीमा (31 मार्च 2026) के दायरे में ही है। इस अवधि के दौरान, तीनों राज्य सरकारों से अनुरोध किया गया है कि वे थोड़ा संयम बरतें और अपने सुरक्षा बलों के अभियानों को रोक दें। यहां तक कि आगामी पीएलजीए सप्ताह के दौरान भी कोई अभियान न चलाने की बात कही गई है। मुखबिरों की गतिविधियों को भी रोकने और सूचना के आधार पर बलों को किसी भी कार्रवाई में शामिल न करने का आग्रह किया गया है। 'नक्सली सप्ताह' स्थगित बदले में नक्सली प्रवक्ता ने विश्वास दिलाया है कि इस बार पीएलजीए सप्ताह नहीं मनाया जाएगा और उनकी तमाम गतिविधियां विराम पर रहेंगी। नक्सली प्रवक्ता द्वारा इस तरह का पत्र जारी करना एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। यह नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की नीतियों की सफलता का संकेत हो सकता है, या फिर यह रणनीतिक बदलाव का हिस्सा भी हो सकता है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह सरकार द्वारा तय की गई समय-सीमा के करीब आने का दबाव भी हो सकता है। प्रवक्ता द्वारा समय मांगने और हथियार छोड़ने की इच्छा व्यक्त करने से यह उम्मीद जगी है कि भविष्य में शांति बहाली की दिशा में कुछ सकारात्मक कदम उठाए जा सकते हैं। हालांकि, सुरक्षा बलों और सरकारों को सतर्क रहने की आवश्यकता होगी, क्योंकि यह एक संवेदनशील स्थिति है और किसी भी अप्रत्याशित घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।

दिग्विजय सिंह ने इंदौर में जताई राहुल गांधी की तारीफ, कहा—‘कांग्रेस को मिली नई ऊर्जा’

इंदौर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की SIR तैयारी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने  इंदौर में अहम बैठक ली। बैठक में उन्होंने संगठन की कमियों, बूथ प्रबंधन, और आगामी चुनावी रणनीति पर खुलकर बात की। दिग्विजय सिंह ने कहा कि ‘कॉन्ग्रेस लंबे समय तक सोई रही, जबकि भाजपा बूथ स्तर तक पूरी तरह सक्रिय थी। लेकिन राहुल गांधी ने पार्टी को फिर से जगाया है। छह महीने पहले तक कांग्रेस के 90% नेताओं को बीएलए और बूथ एजेंट में अंतर तक नहीं पता था, जबकि भाजपा के पास बूथ की हर जानकारी रहती है।’ भाजपा पर प्रहार- जनता के पैसों से खरीद-फरोख्त उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बूथ एजेंटों को लालच देकर अपने पक्ष में करने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता के पैसे से खरीद-फरोख्त कर रही है, कांग्रेस को बूथ पर मजबूत तैयारी करने की जरूरत है।’ स्वागत से नाराज, ‘बैनर-पोस्टर पर मेरा फोटो न लगाएं’ दिग्विजय सिंह ने मंच से अपने स्वागत पर नाराजगी जताई और कहा कि ‘किसी भी बैनर या पोस्टर पर मेरा फोटो न लगाया जाए। न बैंड-बाजा चाहिए, न पटाखे। 22 साल से विपक्ष में हैं, लड़ाई गंभीर है, दिखावे में समय बर्बाद मत करो।’ उन्होंने कहा कि 2014 में डॉलर के मुकाबले रुपया 90 के आसपास था और अब 100 की ओर बढ़ रहा है। ये आर्थिक कुप्रबंधन का नतीजा है, उन्होंने कहा। ‘लोकतंत्र खतरे में, 26 नवंबर को बड़े आंदोलन की अपील’ दिग्विजय सिंह ने कहा कि भारत में विरोध करने वालों को नोटिस भेजे जा रहे हैं, जबकि न्यूयॉर्क का मेयर बेझिझक अपनी बात कह रहा है। उन्होंने कहा कि ‘लोकतंत्र और संविधान खतरे में हैं। 26 नवंबर संविधान दिवस पर कांग्रेस को बड़े स्तर पर आंदोलन करना चाहिए।’   2028 का लक्ष्य, 4% वोट शिफ्ट जरूरी- दिग्विजय उन्होंने कहा कि युवाओं, महिलाओं और गैर-भाजपा वोटरों से सीधा संवाद बढ़ाना होगा। चार प्रतिशत वोट का शिफ्ट सुनिश्चित करें, तभी 2028 में सरकार बनाई जा सकती है। अंत में दिग्विजय ने कार्यकर्ताओं से कहा कि ‘घर-घर जाओ, लोगों की समस्याएं समझो, विपक्ष की जिम्मेदारी निभाओ।’

जेएन कंसोटिया का 21 साल बाद इस्तीफा, आईएएस संतोष वर्मा के हाथ में अजाक्स की कमान

विभिन्न मुद्दों पर हुई चर्चा, जेएन कंसोटिया,सी एस धुर्वे का हुआ सम्मान जेएन कंसोटिया का 21 साल बाद इस्तीफा, आईएएस संतोष वर्मा के हाथ में अजाक्स की कमान  अजाक्स की साधारण सभा में प्रांतीय कार्यकारिणी की गठित भोपाल मप्र अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ (अजाक्स) की प्रांतीय साधारण सभा में आईएएस संतोष वर्मा आम सहमति से नए प्रान्तध्यक्ष चुने लिए गए हैं। रविवार को राजधानी के तुलसी नगर सेकण्ड स्टॉप डॉ. आम्बेडकर जयंती मैदान में आम सभा सम्पन्न हुई। इसी सभा में 21 साल से अजाक्स की अपने हाथ में कमान रखने वाले जेएन कंसोटिया ने निजी कारणों का हवाला देते हुए प्रान्ताध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। उन्हें संरक्षक और सेवानिवृत्त प्रकोष्ठ का अध्यक्ष बनाकर जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया। उनके अलावा अन्य नियुक्तियां भी की गई। बता दें उनका कार्यकाल सितम्बर 2026 तक है, लेकिन इस्तीफा दें दिया। इस्तीफे की जानकारी जैसे ही महासचिव इंजी एसएल सूर्यवंशी ने सभा में रखी तो सभी ने एक स्वर में अस्वीकार कर दिया। प्रान्ताध्यक्ष कंसोटिया ने स्वयं मंच से इसे स्वीकार करने का आग्रह किया। जिसके बाद नए अध्यक्ष पर विचार मंथन हुआ। संघ के महासचिव राजवीर अग्निहोत्री ने नए प्रान्ताध्यक्ष के नाम पर  कार्यवाहक अध्यक्ष आईएएस संतोष वर्मा के नाम का प्रस्ताव रखा। जिसको सभी ने ध्वनि मत से अपना समर्थन दिया।  कार्यक्रम का प्रारंभ संविधान निर्माता बाबा साहब और धरती आबा बिरसा मुण्डा के चित्र पर माल्यार्पण के साथ शुरू हुआ और नए प्रान्ताध्यक्ष के स्वागत व नारेबाजी के साथ ही आयोजन का समापन हुआ। आयोजन में राज्यसभा सदस्य बालयोगी उमेशनाथ महाराज का पुष्पगुच्छ देकर सम्मान किया। साधारण सभा का संचालन घनश्याम भकोरिया एवं प्रवक्ता विजय शंकर श्रवण ने किया। जबकि आभार भोपाल जिलाध्यक्ष विनोद बट्टी ने व्यक्त किया। कंसोटिया ने समाज के साथ हो रहे भेदभाव पर जताई चिंता  जेएन कांसोटिया ने अजाक्स संगठन की ताकत का उल्लेख किया गया। समाज के शासन और सामाजिक स्तर पर हो रहे भेदभाव पर विस्तार से प्रकाश डाला और नए नेतृत्व को इन मुद्दों को प्रमुखता से उचित मंच पर रखने का आव्हान किया। उन्होंने सिविल जजों की भर्ती में अजा-जजा का चयन ना होना, बैकलॉग की पूर्ती न होने पर चिन्ता व्यक्त करते हुए अजाक्स को और अधिक प्रभावी रुप से कदम उठाने पर बल दिया।   कंसोटिया ने कहा कि समाज ही अजाक्स है और अजाक्स ही समाज है। यही संघठन की ताकत है, तभी प्रदेश के अधिकारी कर्मचारी डिमोशन से बच गए। यह बहुत बड़ा चेलेंज है कि हमको सरकारी सिस्टम से बाहर किया जा रहा है। उन्होंने सिविल जज भर्ती पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि आज उद्योग धंधे में जीरो, सेवाक्षेत्र में जीरो, निर्णय प्रक्रिया, मीडिया में हमारी भागीदारी जीरो है। ग्वालियर में बाबा साहब के बारे में लोग गलत टिप्पणी कर रहे हैं, यह गलत है इसका विरोध करना है। ग्वालियर ओर दिल्ली में सीजेआई की घटना पर कोई कार्यवाही नहीं हुई, यह बड़ा प्रश्न है। उन्होंने कहा कि घर -घर अम्बेडकर, हर दिन अम्बेडकर अभियान पर अजाक्स तेजी से काम कर रहा है। सामाजिक भेदभाव बढ़ता जा रहा है। यह भी हमारे लिए बड़ा चैलेज है। सफाई कर्मियों के साथ भी बड़ा भेदभाव हो रहा है। जाति छुपाना बड़ी मानसिकता है, इसे दूर करना होगा। उन्होंने क्रिमिलेयर पर भी सवाल उठाया। साथ ही 20 आईएएस अफसरों के बेटे क्या बने, यह रिपोर्ट बताई। अंत में उन्होंने 21 साल से मिले सम्मान का भी जिक्र किया और आगे भी अजाक्स के लिए काम करने का वचन दिया। हमारा ज़ब कारवाँ बढ़ेगा तो हमें कोई रोक नहीं सकता: संतोष वर्मा नए प्रांताध्यक्ष आईएएस संतोष वर्मा ने कहा कि संघ के लिए  हमको समय देना होगा। अगर साल में एक दिन भी नहीं दिया तो हमारा अस्तित्व नहीं बचेगा। आईएएस कंसोटिया मेरे गुरु रहे हैं और आज हमें फिर उनके मार्गदर्शन में काम करने का मौका मिला है। अभी संघठन की स्तिथि ठीक नहीं है। 2016 में हमने ताकत दिखाई ओर हम माँ के लाल बन गए। क्या हमने हजारों सालो से पीड़ा नहीं झेली है। उन्होंने कहा कि यदि अब भी नहीं जागे तो आने वाली पीढ़ी नहीं बचेगी। उन्होंने सिविल जज परीक्षा पर भी सवाल उठाया। ज़ब हमारे बच्चे आईएएस, आईपीएस डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी बन सकते हैं तो जज क्यों नहीं बन सकते है। हमारे भविष्य का बीज नष्ट किया जा रहा है। मैंने मंत्रालय में 8 महीने की सर्विस में देखा है कि किस तरह से हमारे वर्ग के सेवकों की सीआर बिगाड़ी जाती है। एक अफसर को एक छोटी सी गलती के लिए 12 साल तक परेशान किया गया। हमारी लड़ाई किसी धर्म से नहीं, बल्कि दोषी व्यवस्था से है। व्यक्ति को अपने के साथ समाज के लिए जीना चाहिए। प्रशासन में हमारे समाज की ज्यादा संख्या बढ़ाना होगी, तभी हमारे अधिकार सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने कहा कि हमारा ज़ब कारवाँ बढ़ेगा तो हमें कोई रोक नहीं सकता है। प्रांतीय महासचिव इंजी सूर्यवंशी ने संघ के एजेंडे पर की चर्चा  साधारण सभा का प्रारंभ प्रांतीय महासचिव इंजी. एसएल सूर्यवंशी ने संघ के एजेण्डा बिन्दुओं को बताते हुए अजाक्स की 30 वर्षीय संघर्षमयी यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने आरक्षण अधिनियम 199, पदोन्नति नियम 2002 छात्रवृत्ति मंहगाई सूचकांक जोडने, निजी  इंजीनियरिंग तथा मेडिकल कॉलेज फीस का शासन से वहन कर सुप्रीम कोर्ट से बैक वर्ड नेस के डाटा की अनिवार्यता समाप्त करने, शासकीय खरीदी में 30% खरीदी आरक्षित वर्ग से करने, सिविल जज परीक्षा में आरक्षित वर्ग के मेरिट होल्डर को अनारक्षित कोटे में शामिल करने का निर्णय उच्च न्यायालय से हटाने सहित अजाक्स भवन, विभिन्न जिलों जैसे सिंगरौली, रीवा, सतना, ग्वालियर अनुपपुर इत्यादि में निःशुल्क कोचिंग क्लासेस की शुरुआत तथा उच्च शिक्षा के लिए भेजे जाने वाले आरक्षित वर्ग की सीट में बढ़ोतरी करने जैसी उल्लेखनीय सफलताओं का जिक्र किया। इसके अलावा सूर्यवंशी ने आउट सोर्स, मंदिरों में पुजारियों की नियुक्ति, पदोन्नति और निजी क्षेत्र आदि में आरक्षण देने जैसे विषयों पर न्यायालय मे अजाक्स द्वारा दायर याचिकाओं के बारे मे बताया। उन्होंने एकजुटता बनाये रखने की भी बात कही। सूर्यवंशी ने बैकलॉग पूर्ति करने वरीष्ठता के आधार पर उच्च पदों का प्रभार देने छात्रवृत्ति समय पर देने छात्रावासों में छात्रा-छात्राओं के लिए जिला स्तर पर 5000 सीट तथा संभाग स्तर … Read more

ओरछा रोशन: श्रीरामराजा सरकार के लिए आज होगा हल्दी उत्सव, दीपों की छटा देखिए

ओरछा  बुंदेलखंड की अयोध्या श्रीरामराजा सरकार की नगरी ओरछा में श्रीराम विवाह महोत्सव की धूम मची है। दूर-दराज से श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया है। चार दिवसीय विवाह महोत्सव में आज मंडप सजेगा, हल्दी की रस्म होगी और तेल चढ़ेगा। इसके साथ ही 25 नवंबर को भव्य बरात निकलेगी। बुंदेलखंड की अयोध्या के नाम से विख्यात राजा राम की नगरी ओरछा में सदियों से मनाए जाने वाले राम-जानकी विवाह महोत्सव को लेकर नगर सहित बुंदेलखंड के लोगों में भारी उत्साह है। रविवार की शाम गणेश पूजन के साथ विवाह महोत्सव की शुरूआत हुई। बेतवा नदी के कंचना घाट पर एक लाख दीपों को प्रज्वलित किया गया तो दीपावली जैसा माहौल निर्मित हो गया। इस दौरान मां बेतवा की आरती की गई। इस दौरान कलेक्टर जमुना भिड़े व एसपी डॉ. रायसिंह नरवरिया सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित हुए। 26 नवंबर तक मनाए जा रहे इस महोत्सव में सोमवार को मंदिर में विवाह का मंडप सजाया जाएगा, जहां देशभर से आए श्रद्धालु श्रीरामराजा सरकार को हल्दी लगाएंगे। एक ओर अवध तो दूसरी ओर जनकपुर की दिखाई दी झलक संपूर्ण ओरछा नगर श्रीराममय हो गया है, जहां एक ओर अवध तो दूसरी ओर जनकपुर की झलक दिखाई दे रही है। श्रीराम विवाह में सम्मिलित होने वाले श्रद्धालु भक्तों में एक ही उमंग है कि हम रामराजा सरकार को कब दूल्हा बना देखें। इस पारंपरिक विवाह महोत्सव में लोगों को धर्म संस्कृति और परंपराओं का प्राचीन एवं अनोखा संगम देखने को मिलेगा। कलेक्टर रहेंगी मुख्य यजमान श्रीराम विवाह महोत्सव में 24 नवंबर को यजमान के रूप में जिला कलेक्टर जमुना भिडे मंडप का पूजन करेंगीं। मंदिर के प्रधान पुजारी रमाकांत शरण महाराज एवं मंदिर पुरोहित पं. वीरेंद्र बिदुआ द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विधिवत मंडपाच्छादन पूजन किया जाएगा। इसके बाद श्रीरामराजा मंदिर धर्मशाला में श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरित किया जाएगा।

फेक करेंसी का खेल फटा: डॉक्टर ने ट्रैवल एजेंसी के नाम पर छापे 20 लाख के नकली नोट, बुरहानपुर RMO का रहा पद

खंडवा  नकली नोटों के बड़े रैकेट का राजफाश करते हुए खंडवा पुलिस ने भोपाल से एक डॉक्टर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के गिरोह ने ट्रैवल एजेंसी की आड़ में फर्जी नोटों की छपाई कर लाखों की धोखाधड़ी को अंजाम दिया। यह वही गिरोह है, जिसके कारण 2 नवंबर को ग्राम पैठिया स्थित मदरसे में 19 लाख 78 हजार रुपए के नकली नोट मिले थे। आरोपियों को खंडवा न्यायालय में रविवार शाम को पेश कर 3 दिनों की रिमांड ली गई है। ट्रैवल एजेंसी की आड़ में छापते थे नकली नोट खंडवा एडिशनल एसपी महेंद्र तारनेकर ने  को प्रेस वार्ता कर खुलासा करते हुए बताया कि गिरोह का मास्टरमाइंड डॉ. प्रतीक नवलखे एवं उसके साथी गोपाल उर्फ राहुल और दिनेश गोरे भोपाल की गोकुलधाम सोसाइटी में किराए के मकान पर ट्रैवल एजेंसी का बोर्ड लगाकर नकली नोट छापते थे। मकान में हाई-क्वालिटी प्रिंटर, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और अन्य सामग्री से नोट तैयार किए जाते थे। जावर पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में फर्जी नोट, उपकरण और दस्तावेज जब्त किए, जिनमें 32 एटीएम कार्ड और 15 चेकबुक भी शामिल हैं। गिरोह द्वारा महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में नेटवर्क बनाकर नोट खपाने का काम किया जा रहा था। महाराष्ट्र में साथी के गिरफ्त में आने से हिल गया नेटवर्क गिरोह के मोस्ट ट्रस्टेड साथी और मदरसे में पदस्थ इमाम जुबेर अंसारी के महाराष्ट्र के मालेगांव पुलिस के हाथ लगने के बाद नेटवर्क टूटने लगा। इसी सुराग के आधार पर जावर पुलिस अलर्ट हुई और पैठिया के मदरसे पर दबिश देकर 20 लाख के नकली नोट बरामद किए गए थे। जांच आगे बढ़ाने पर पुलिस को पता चला कि इमाम को नकली नोट उपलब्ध कराने वाला डॉ. नवलखे है। 22 नवंबर को सूचना मिली कि वह भोपाल में छुपा है, जिसके आधार पर 23 नवंबर को टीम ने छापा मारकर सभी आरोपियों को धर दबोचा। जब्ती में मिले मोबाइल, लैपटॉप, ATM, चेकबुक और फर्जी नोट एडिशनल एसपी महेंद्र तारणेकर ने मीडिया से चर्चा में कहा की आरोपियों से बरामद सामग्री में भारी वित्तीय घोटाले की आशंका है। डॉ. प्रतीक नवलखे से जब्त सामग्री में 500 रुपए के 13 नकली नोट, 7 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 15 चेकबुक, 12 ATM व डेबिट कार्ड जब्त हुए हैं। गोपाल उर्फ राहुल से जब्त सामग्री में 500 रुपए के 6 नकली नोट, ड्रायर मशीन, 2 मोबाइल, 20 ATM व डेबिट कार्ड। वहीं दिनेश गोरे से जब्त सामग्री में 500 रुपए के 17 नकली नोट, बरामद हुए हैं। आरोपियों को खंडवा कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया गया ताकि गिरोह के अन्य नेटवर्क और सप्लाई चैन का पता लग सके। भोपाल में किराए के मकान में छिपे थे आरोपी जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि मदरसे के इमाम को नकली नोट उपलब्ध कराने वाला डॉ. प्रतीक नवलखे निवासी बुरहानपुर हैं। इसी दौरान 22 नवंबर को सूचना मिली कि आरोपी डॉक्टर भोपाल मे गोपाल उर्फ राहुल के किराये के मकान मे छुपा हुआ हैं। 23 नवंबर को जावर टीम मौके पर पहुंची। यहां से प्रतीक नवलखे पिता सुरेश नवलखे (43) निवासी बुरहानपुर, गोपाल उर्फ राहुल पिता मांगीलाल पंवार (35) निवासी हरदा, दिनेश गोरे पिता दीपक गोरे (43) निवासी धारणी, जिला अमरावती महाराष्ट्र काे गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 15 चेकबुक और 32 एटीएम मिले एडिशनल एसपी महेंद्र तारणेकर ने बताया कि, भोपाल में गोकुल धाम सोसाइटी स्थित आरोपी गोपाल उर्फ राहुल के किराए के मकान से नकली नोट सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी मिले है। मुख्य आरोपी डॉक्टर प्रतीक नवलखे के कब्जे से 500 रुपए के 13 नकली नोट, 7 मोबाइल, एक लैपटॉप, 15 चेक बुक, 12 एटीएम व डेबिट कार्ड जब्त किए गए। आरोपी गोपाल उर्फ राहुल पिता मांगीलाल पंवार के कब्जे से 500 के 6 नकली नोट, एक ड्रायर मशीन, दो मोबाइल, 20 एटीएम व डेबिट कार्ड जब्त किए गए। आरोपी दिनेश पिता दीपक गौर (43) निवासी धारणी के कब्जे से 500 के 17 नकली नोट जब्त किए। आरोपियों को खंडवा कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया जाएगा। जेल में हुई थी आरोपियों की दोस्ती, वहीं बनाया प्लान 2019-20 के दौरान डॉ. प्रतीक नवलखे बुरहानपुर जिला अस्पताल में आरएमओ के पद पर था। उसने गांधी मेडिकल कॉलेज इंदौर से पढ़ाई कर रखी थी, लेकिन जिला अस्पताल में रहने के दौरान उसने कई घोटालों को अंजाम दिया। इसी तरह एक घोटाले में उस पर एफआईआर के बाद पुलिस ने जेल भेज दिया था। जेल में रहने के दौरान उसकी मुलाकात जुबेर अंसारी से हुई। दोनों बुरहानपुर के थे, इसलिए प्लान बनाया कि जेल से बाहर निकलकर क्या करेंगे। फिर उन्होंने नकली नोट के कारोबार का जाल बिछाया। एक लाख रुपए में देते थे 5 लाख के नकली नोट पुलिस के अनुसार, नकली नोट खपाने के बदले में डॉक्टर नवलखे और जुबेर अंसारी और दिनेश गौर अपने से जुड़ने वाले लोगों को ऑफर देते थे कि एक लाख रुपए के असली नोट दो और 5 लाख रुपए के नकली नोट लो। बाकी जैसी डील हो जाए। ऑनलाइन और बैंक ट्रांजैक्शन के लिए इन लोगों ने किराये पर बैंक खाते ले रखे थे, जिनके एटीएम इन्हीं लोगों के पास थे। इन खाता धारकों को भी कुल ट्रांजैक्शन का 10% कमीशन देते थे। भनक लगी तो चारधाम यात्रा पर निकल गया था डॉक्टर डॉक्टर प्रतीक नवलखे को जानकारी लग गई कि उसका साथ इमाम जुबेर अंसारी मालेगांव पुलिस के हत्थे चढ़ गया हैं। कहीं पूछताछ के दौरान जुबेर उसका नाम लेता है तो उसकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। नवलखे उस समय मुंबई में था। फिर ये लोग पुणे आए। यहां से वह सीधे इंदौर होकर भोपाल पहुंचा। वहां जाकर ठिकाना बदला, नोट छापने की मशीन को नाले में फेंका और अपनी गर्लफ्रेंड को अलग किया। गोपाल के किराये के मकान में सामान शिफ्ट किया। फिर चारधाम यात्रा पर निकल गया। इस दौरान उसने देहरादून, बद्रीनाथ, देवप्रयाग होते हुए वापस भोपाल आया, यहां पुलिस ने उसे दबोच लिया। भोपाल सहित महाराष्ट्र के कई शहरों में था व्यापार पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों का नकली नोट का कारोबार भोपाल के अलावा महाराष्ट्र के धुले, मालेगांव, जलगांव और चंद्रपुर, अकोला जिले का मूर्तिजापुर, अमरावती जिले का धारणी और नागपुर में था। इन लोगों ने अभी … Read more

गांव से शिखर तक: जानिए कैसे CJI सूर्यकांत बने देश के 53वें चीफ जस्टिस

हिसार   जस्टिस सूर्यकांत आज, सोमवार को भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में शपथ ली । राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह ऐतिहासिक होने जा रहा है। पहली बार किसी सीजेआई के शपथ ग्रहण में 7 देशों के मुख्य न्यायाधीशों की मौजूदगी दर्ज रही । इस कार्यक्रम में ब्राजील, केन्या, मलेशिया, मॉरिशस, भूटान, श्रीलंका और नेपाल के सीजेआई अपने प्रतिनिधिमंडलों के साथ हिस्सा लिया  । सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज भी मौजूद रहें। मौजूदा सीजेआई बीआर गवई का कार्यकाल 23 नवंबर को ही समाप्त हो चुका है। इसके बाद जस्टिस सूर्यकांत सर्वोच्च न्यायालय का दायित्व संभालेंगे। उनका कार्यकाल 9 फरवरी, 2027 तक रहेगा। कौन हैं जस्टिस सूर्यकांत? जस्टिस सूर्यकांत का जन्म 10 फरवरी 1962 को हरियाणा में हिसार के पेटवाड़ गांव में हुआ। उनका शुरुआती जीवन एक सामान्य ग्रामीण परिवेश में बीता। हिसार से ग्रेजुएशन (1981) के बाद उन्होंने 1984 में रोहतक से LLB और 2011 में कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से LLM किया। उनका कानूनी करियर 1984 में हिसार की जिला अदालत से शुरू हुआ। 1985 में वे चंडीगढ़ चले गए और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में प्रैक्टिस शुरू की। जस्टिस सूर्यकांत का करियर 2000: हरियाणा के सबसे युवा एडवोकेट जनरल नियुक्त 2001: सीनियर एडवोकेट 2004: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जज 2018: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस 2019: सुप्रीम कोर्ट के जज 2024: सुप्रीम कोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी के चेयरमैन 2025: भारत के 53वें CJI जस्टिस सूर्यकांत के अहम फैसले अपने करियर में जस्टिस सूर्यकांत कई संवैधानिक और प्रशासनिक मामलों में अहम बेंचों का हिस्सा रहे। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में वे 1000 से अधिक फैसलों में शामिल रहे। इसमें आर्टिकल 370 पर ऐतिहासिक फैसला (2023) भी शामिल है। वे उस संविधान पीठ में शामिल थे, जिसने केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से विशेष दर्जा हटाने के फैसले को बरकरार रखा। डेरा हिंसा मामला (2017) में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की फुल बेंच में शामिल रहते हुए, उन्होंने गुरमीत राम रहीम को सजा मिलने के बाद हुई हिंसा के मद्देनजर डेरा सच्चा सौदा को पूरी तरह साफ करने का आदेश दिया। उन्होंने उस फैसले में हिस्सा लिया जिसमें देशद्रोह कानून (IPC 124A) के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई और समीक्षा तक नई FIR दर्ज न करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा बार एसोसिएशनों में महिलाओं के लिए 1/3 आरक्षण, AMU अल्पसंख्यक दर्जा मामला, पेगासस स्पाइवेयर जांच और बिहार SIR मामले में भी उनकी अहम भूमिका रही।