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सीमा पर तनाव चरम पर: पाक कार्रवाई के बाद अफगानिस्तान ने दी जवाबी धमकी

काबुल  पाकिस्तानी हवाई हमले से सख्त नाराज अफगानिस्तान ने दावा किया है कि वो पड़ोसी देश को इसका ठीकठाक जवाब देगा। पक्तिका, खोस्त और कुनार में पाकिस्तानी एयर स्ट्राइक को काबुल ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करार दिया। अफगान सरकार के मुताबिक इस हमले में 10 नागरिकों ने जान गंवाई, जिनमें 9 बच्चे शामिल हैं। ये हमला पाकिस्तान की ओर से खोस्त के रिहायशी इलाकों में किया गया, तो वहीं कुनार और पक्तिका को भी निशाना बनाया गया और वहां 4 लोग घायल हो गए। तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि सही समय पर जरूरी जवाब दिया जाएगा। मुजाहिद ने एक्स पोस्ट में कहा, "पक्तिका, खोस्त और कुनार प्रांतों में पाकिस्तानी सेना का एयरस्ट्राइक अफगानिस्तान की संप्रभुता पर सीधा हमला है और पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से अंतरराष्ट्रीय नियमों और सिद्धांतों का साफ उल्लंघन है।" उन्होंने आगे कहा, "पाकिस्तानी सेना को कार्रवाइयों से कुछ हासिल नहीं होता; इनसे सिर्फ यह साबित होता है कि गलत खुफिया सूचनाओं से चलाए जा रहे ऑपरेशन तनाव बढ़ाते हैं और पाकिस्तान के सैन्य शासन की नाकामियों को उजागर करते हैं।" अफगान प्रवक्ता ने आगे कहा कि काबुल को अपने इलाके की रक्षा करने का अधिकार है और "सही समय पर सही जवाब दिया जाएगा।" मुजाहिद ने कहा, "इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान इस उल्लंघन और आपराधिक गतिविधि की कड़ी निंदा करता है और एक बार फिर साफ करता है कि वह अपनी हवाई और जमीनी सीमाओं और अपने देश की रक्षा को अपना जायज धार्मिक अधिकार मानता है, और सही समय पर सही जवाब दिया जाएगा।" मुजाहिद ने कहा कि यह हमला सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात 12:00 बजे खोस्त के गुरबुज जिले के मुगलगई इलाके में हुआ। उन्होंने एक्स पोस्ट में कहा कि "पाकिस्तानी हमलावर सेनाओं ने एक स्थानीय नागरिक, वलियत खान, जो काजी मीर का बेटा था, के घर पर बमबारी की। इस वजह से, नौ बच्चे (पांच लड़के और चार लड़कियां) और एक महिला मारे गए, और पूरा घर तबाह हो गया।" मुजाहिद ने यह भी स्पष्ट किया कि उसी रात अलग-अलग एयरस्ट्राइक की गई थी, और कहा, "कुनार और पक्तिका में भी एयर एयरस्ट्राइक हुई, जहां चार आम लोग घायल हुए।" अफगान प्रांतों में हुए नए हमले से अब हिंसा के एक और दौर का डर बढ़ गया है।

आमला विधानसभा ने रचा कीर्तिमान, SIR-2026 में मध्यप्रदेश में प्रथम स्थान

100% डिजिटाइजेशन पूर्ण करने वाली प्रदेश की पहली विधानसभा भोपाल  भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) अभियान के अंतर्गत बैतूल जिले की आमला विधानसभा ने अद्वितीय सफलता अर्जित करते हुए मध्यप्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। आमला विधानसभा प्रदेश की पहली ऐसी विधानसभा बनी है जिसने 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन का लक्ष्य निर्धारित समय से पहले पूरा कर रिकॉर्ड कायम किया है। कुल 2,19,778 मतदाताओं के विवरण का शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन सफलतापूर्वक पूर्ण कर आमला विधानसभा ने प्रदेशभर के निर्वाचन प्रबंधन के लिए एक उत्कृष्ट मानक स्थापित किया है। जिला प्रशासन बैतूल, बीएलओ एवं सुपरवाइजर्स की कठिन परिश्रमपूर्ण मैदानी कार्यशैली-इन सभी का समन्वित परिणाम रहा कि विधानसभा क्षेत्र ने यह उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। एसआईआर सर्वे के दौरान बीएलओ और सुपरवाइजर्स की टीम ने घर-घर जाकर डेटा संग्रह किया, जन्म-मृत्यु, निवास, पहचान एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया। दूरस्थ क्षेत्रों, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद टीम ने गुणवत्तापूर्ण व त्रुटिरहित कार्य प्रस्तुत किया। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मध्यप्रदेश ने कार्य की सराहना करते हुए कहा कि "आमला विधानसभा द्वारा प्राप्त यह ऐतिहासिक उपलब्धि पूरे मध्यप्रदेश के लिए गौरव का विषय है। मैं आमला विधानसभा के सभी बीएलओ, सुपरवाइजर्स, आरओएस, एआरओएस, जिला प्रशासन, जनपद व नगरीय निकायों की टीम तथा सहयोगी नागरिकों को हार्दिक बधाई देता हूँ। यह सफलता दर्शाती है कि प्रशासनिक नेतृत्व, पर्यवेक्षण तंत्र और फील्ड-स्तर की टीमें एकसाथ प्रतिबद्ध होकर कर रही है। SIR-2026 की यह उपलब्धि प्रदेश के प्रत्येक जिले और विधानसभा के लिए प्रेरक उदाहरण है।"

बिहार मंत्रिमंडल में ताज़ा अपडेट: नए 26 मंत्रियों को आवास, 13 मिनिस्टर्स को मिला नया एड्रेस

पटना बिहार सरकार के सभी नए 26 मंत्रियों को सरकारी बंगले आवंटित कर दिए हए हैं। जिसमें 13 पुराने और 13 नये मंत्री शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, विजय कुमार चौधरी, श्रवण कुमार, मंगल पांडेय, नितिन नवीन, अशोक चौधरी, लेसी सिंह, मदन सहनी, संतोष कुमार सुमन, सुनील कुमार और मो जमा खान को पुराना बंगला ही आवंटित हुआ है। 13 नये बने मंत्रियों में उद्योग मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल को 2 स्ट्रैंड रोड का बंगला मिला है। यह बंगला बिहार विधानसभा अध्यक्ष के पूर्व अध्यक्ष नंदकिशोर यादव को आवंटित था। पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री सुरेंद्र मेहता को 33 हार्डिंग रोड, आईटी एवं खेल मंत्री श्रेयसी सिंह को चार स्ट्रैंड रोड, श्रम संसाधन मंत्री संजय सिंह टाइगर को 41 हार्डिंग रोड, पर्यटन तथा कला संस्कृति मंत्री अरुण शंकर प्रसाद को 25 हार्डिंग रोड बंगला मिला है। कृषि मंत्री रामकृपाल यादव को 43 हार्डिंग रोड, आपदा प्रबंधन मंत्री नारायण प्रसाद को 12 हार्डिंग रोड, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री रमा निषाद को तीन सर्कुलर रोड, एससी एवं एसटी कल्याण मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन को 26 एम स्ट्रैंड रोड, सहकारिता एवं पर्यावरण मंत्री डॉ प्रमोद कुमार को 27 हार्डिंग रोड, गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार को 21 हार्डिंग रोड, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय कुमार सिंह को 13 हार्डिंग रोड और पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को 24 एम स्ट्रैंड रोड का बंगला आवंटित हुआ है।  

तेज रफ्तार ने ली पाँच जानें: बिहार में ट्रक-ऑटो भीषण भिड़ंत

पटना  बिहार के शेखपुरा जिले में मंगलवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। ऑटो-रिक्शा और ट्रक के बीच हुई आमने-सामने की टक्कर में कम से कम पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा शेखपुरा-सिकंदरा रोड पर मनिंडा गांव के पास हुआ, जो नेशनल हाईवे 33ए का हिस्सा है। शेखपुरा जिले के एसपी बलिराम कुमार चौधरी ने हादसे की पुष्टि की और कहा कि शवों को सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। एसपी ने कहा कि टक्कर इतनी भयानक थी कि ऑटो-रिक्शा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे बचाव दल को अंदर फंसे शवों को निकालने के लिए जेसीबी मशीन का इस्तेमाल करना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ऑटो-रिक्शा शेखपुरा शहर की ओर जा रहा था, तभी कथित तौर पर गलत दिशा से तेज गति से आ रहे एक ट्रक ने नियंत्रण खो दिया और यात्री वाहन को टक्कर मार दी। टक्कर के कारण, तिपहिया वाहन सड़क से कई फीट दूर जा गिरा। ऑटो-रिक्शा में कुल सात यात्री सवार थे। पुलिस ने बताया कि स्थानीय लोग तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे, घायलों को बाहर निकाला और अधिकारियों को सूचित किया। बरबीघा और शेखपुरा पुलिस स्टेशनों से पुलिस टीमें तुरंत पहुंचीं, इलाके की घेराबंदी की और ट्रैफिक के लिए रास्ता साफ किया। गंभीर रूप से घायल सभी लोगों को सदर हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन बाद में उनकी गंभीर हालत की वजह से उन्हें पावापुरी के हायर मेडिकल सेंटर में रेफर कर दिया गया। इस दुखद घटना से इलाके में बहुत गुस्सा फैल गया। लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया, कहा कि तेज रफ्तार, गलत लेन में गाड़ी चलाने, ओवरलोड गाड़ियों और सड़क की खराब मॉनिटरिंग की वजह से ऐसे हादसे अक्सर होते हैं। उन्होंने कड़ी कार्रवाई और हाईवे पर भारी गाड़ियों के बेहतर रेगुलेशन की मांग की। अचानक हुए नुकसान की खबर सुनकर मृतकों के परिवार वाले स्तब्ध हैं। जिला प्रशासन ने इस बात की डिटेल में जांच शुरू कर दी है कि ट्रक ड्राइवर तेज रफ्तार से गाड़ी चला रहा था या उसकी लापरवाही की वजह से हादसा हुआ। अधिकारी मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने पर भी विचार कर रहे हैं। आगे की जांच चल रही है।

मंत्री विश्वास सारंग ने की जर्मन फुटबॉल कोच डाइटमार बीयर्सडॉर्फ से भेंट

विचारपुर (मिनी ब्राज़ील) को मिला अंतर्राष्ट्रीय मंच : मंत्री विश्वास सारंग भारत में फुटबॉल का भविष्य उज्ज्वल- कोच बीयर्सडॉर्फ भोपाल  सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को मंत्रालय में जर्मनी के प्रतिष्ठित फुटबॉल क्लब FC Ingolstadt 04 के सीइओ एवं प्रसिद्ध कोच डाइटमार बीयर्सडॉर्फ से भेंट की। मंत्री श्री सारंग ने कोच बीयर्सडॉर्फ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके द्वारा विचारपुर (मिनी ब्राजील) के प्रतिभावान खिलाड़ियों से प्रत्यक्ष संवाद, आधुनिक प्रशिक्षण विधियाँ और अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल शैली से परिचित कराना, युवा खिलाड़ियों के लिए एक अमूल्य अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार खिलाड़ियों को वैश्विक स्तर पर तैयार करने के लिए हर सम्भव प्रयास कर रही है। यह मुलाकात न केवल खेल क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को नई दिशा देने वाली रही बल्कि प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों के उत्साह को भी गति प्रदान करने वाली साबित हुई। विचारपुर (मिनी ब्राज़ील) को मिला अंतर्राष्ट्रीय मंच मंत्री श्री सारंग ने कहा कि विचारपुर के खिलाड़ी अब सिर्फ मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश की शान हैं। इन प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग करेंगे। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ऐसा संवाद और सहयोग निश्चित रूप से हमारे खिलाड़ियों के भविष्य को नई ऊंचाई देगा। आगे मंत्री श्री सारंग ने उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मध्यप्रदेश के शहड़ोल जिले के विचारपुर (मिनी ब्राजील) गांव का उल्लेख किए जाने के बाद इस छोटे से आदिवासी क्षेत्र ने देश और दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने न केवल मन की बात कार्यक्रम में इसकी चर्चा की थी बल्कि अमेरिका के प्रसिद्ध पॉडकास्ट लेक्स फ्राइडमैन के साथ बातचीत में भी विचारपुर के फुटबॉल प्रेम का विशेष उल्लेख किया था। भारत में फुटबॉल का भविष्य उज्ज्वल कोच डाइटमार बीयर्सडॉर्फ ने मंत्री श्री सारंग से भेंट के दौरान विचारपुर (मिनी ब्राजील) के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि भारत में फुटबॉल का भविष्य उज्ज्वल है। फुटबॉल खेल के प्रति उनका नि:स्वार्थ प्रेम वास्तव में प्रेरणादायक है। आगे उन्होंने कहा कि विचारपुर के खिलाड़ी कठिन परिस्थितियों के बावजूद जिस जुनून, अनुशासन और सीखने की उत्सुकता के साथ खेलते हैं, वह अंतरराष्ट्रीय मानकों को छूता है जो भविष्य में बड़े स्तर तक ले जा सकता है। खिलाड़ियों को मिला विश्वस्तरीय प्रशिक्षण कोच बीयर्सडॉर्फ स्वयं विचारपुर (मिनी ब्राजील) के मैदान पर पहुंचे और खिलाड़ियों को प्रत्यक्ष प्रशिक्षण देकर विश्वस्तरीय मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने खिलाड़ियों को आधुनिक फुटबॉल तकनीक, सामरिक रणनीतियों और पेशेवर अनुशासन के बारे में विस्तार से समझाया। खिलाड़ियों के लिए यह अनुभव बेहद रोचक और प्रेरणादायक रहा। 

EU कोर्ट का फैसला: पूरे यूरोपीय संघ में सेम-सेक्स मैरिज को मिले सम्मान

नई दिल्ली  यूरोपीय यूनियन की सबसे बड़ी कोर्ट ने सेम-सेक्स मैरिज को लेकर बड़ा फैसला सुनाते हुए पोलैंड को फटकार लगाई है। कोर्ट ने ये भी कहा कि सभी सदस्य देशों को इस तरह की शादी को मान्यता देनी चाहिए। कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि पोलैंड ने जोड़े की शादी को मान्यता न देकर गलती की। जोड़े से कहा गया था कि पोलिश कानून सेम-सेक्स मैरिज की इजाजत नहीं दे सकता। कपल ने जर्मनी में एक दूजे का हाथ थामा था और पोलैंड आकर अपनी शादी को रजिस्टर कराना चाहता था। ईयू कोर्ट ऑफ जस्टिस ने कहा, "यह न केवल आने-जाने और रहने की आजादी का उल्लंघन है, बल्कि निजी और पारिवारिक जीवन के सम्मान के मौलिक अधिकार का भी उल्लंघन है।" कैथोलिक बहुल पोलैंड में, एलजीबीटी+ बराबरी के अधिकारों की लड़ाई लंबे समय से चल रही है, लेकिन वर्षों से उन्हें इसमें सफलता नहीं मिली है। हालांकि, मौजूदा सरकार सेम-सेक्स यूनियनों सहित सिविल पार्टनरशिप को नियंत्रित करने के लिए एक बिल पर काम कर रही है। पोलैंड स्थित मीडिया आउटलेट टीवीपी वर्ल्ड न्यूज के अनुसार यूरोपियन कोर्ट ने यह फैसला एक पोलिश कोर्ट के अनुरोध पर दिया। दरअसल, दो पुरुषों के विवाह की रजिस्ट्री नहीं की गई थी और जर्मन मैरिज सर्टिफिकेट को ट्रांसक्राइब करने से इनकार कर दिया गया था। 2018 में बर्लिन में शादी करने वाले इस कपल की पहचान इस केस में सिर्फ उनके नाम के पहले अक्षर से हुई है। कपल के वकील ने इस फैसले पर कमेंट करने से मना कर दिया। कोर्ट ने कहा कि ईयू नागरिकों को दूसरे सदस्य देशों में जाने और अपने देश लौटने पर "एक नॉर्मल फैमिली लाइफ" जीने की आजादी दी जानी चाहिए। फैसले में कहा गया, "जब वे किसी होस्ट सदस्य देश में फैमिली बनाते हैं, खासकर शादी की वजह से, तो उन्हें अपने देश लौटने पर उस फैमिली लाइफ को जारी रखने का भरोसा होना चाहिए।" कोर्ट ने कहा कि इसके लिए सदस्य देशों को अपने राष्ट्रीय कानूनों में सेम जेंडर के बीच शादी की इजाजत देने की जरूरत नहीं है। लेकिन विदेशी शादियों को मान्यता देने के तरीके में सेम-सेक्स कपल्स के साथ भेदभाव करने की भी इजाजत नहीं है। पोलैंड के प्रधानमंत्री, डोनाल्ड टस्क, और उनकी यूरोप समर्थक गठबंधन सरकार का सेम-सेक्स यूनियन पर बिल पास कराने का काम उनके कंजर्वेटिव गठबंधन दल के विरोध की वजह से रुक गया है। पोलैंड के राष्ट्रपति, करोल नॉवरोकी ने भी कहा है कि वह “किसी भी ऐसे बिल को वीटो करेंगे जो शादी के संवैधानिक रूप से सुरक्षित स्टेटस को कमजोर करेगा।”

मध्यप्रदेश ने एसआईआर में हासिल की बड़ी उपलब्धि, राज्यों में तीसरे स्थान पर पहुंचा

समन्वित प्रयास और सतत संवाद से पुनरीक्षण कार्य में आई उल्लेखनीय तेजी भोपाल भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशन में देशभर के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य में मध्यप्रदेश ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) मध्यप्रदेश श्री संजीव कुमार झा के नेतृत्व में प्रदेश ने 72.72 प्रतिशत कार्य पूरा कर अब तक के आंकड़ों में देश में10 बड़े राज्यों में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। प्रदेश में कुल 5 करोड़ 74 लाख 6 हजार 143 गणना पत्रकों में से 4 करोड़ 18 लाख से अधिक पत्रकों का डिजिटाइजेशन सफलता पूर्वक पूरा किया गया है। यह उपलब्धि तकनीकी दक्षता, टीमवर्क और जिला स्तर तक सतत मॉनिटरिंग का परिणाम है। सीईओ श्री संजीव कुमार झा ने इस प्रगति पर कहा कि प्रदेश में एस आई आर अभियान को समय सीमा में पूरा करने के लिए निरंतर समन्वित प्रयास जारी हैं,परिणामत: प्रदेश इस स्थान पर पहुंच पाया है। मध्यप्रदेश में चल रहे एसआईआर कार्य को आम नागरिकों के लिए अधिक सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए विभिन्न जिलों में शिविर, ऑनलाइन सुविधा और बूथ स्तर पर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। आगामी दिनों में शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रयास और अधिक तेज किए जाएंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे प्रस्फुटन समितियों की राशि का अंतरण

मप्र जन अभियान परिषद मनायेगा संविधान दिवस नागरिक कर्तव्य पर राज्य स्तरीय संगोष्ठी का होगा आयोजन भोपाल  मप्र जन अभियान परिषद द्वारा संविधान दिवस के अवसर पर भारतीय संविधान और नागरिक कर्तव्य पर राज्य स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव संगोष्ठी का शुभारंभ करेंगे। आयोजन स्टेट सेंटर भवन, संचालनालय सामाजिक न्याय एवं निशक्त:जन कल्याण भोपाल में संपन्न होगा। कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ श्री विजय मनोहर तिवारी, एमीयू के कुलगुरू, डॉ. राका आर्य, प्रो. राष्ट्रीय विधि संस्थान विश्वविदयालय भोपाल का प्ररेक उदबोधन दिया जायेगा। इस अवसर पर परिषद के उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर, कार्यपालक निदेशक डॉ. बकुल लाड़ सहित कई वरिष्ठजन उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मप्र जन अभियान परिषद द्वारा गठित ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों की प्रोत्साहन राशि का भी अंतरण करेंगे। कार्यक्रम में मप्र जन अभियान परिषद एवं विवेकानंद केन्द्र, राष्ट्रीय सेवा योजना और राष्ट्रीय कैडेट कोर के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होंगे। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संविधान शपथ दिलाई जायेगी।  

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल से लुडेग क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल से लुडेग क्षेत्र को मिली बड़ी सौगात पूनापारा से लबनीपारा तक 5 किलोमीटर सड़क निर्माण को मिली मंजूरी ग्रामीण संपर्क मार्ग हेतु 5 करोड़ 41 लाख रुपए की मिली प्रशासकीय स्वीकृति रायपुर मुख्यमंत्री के पहल से ग्राम पंचायत लुडेग के पूनापारा से लबनीपारा मुख्य बस्ती तक लगभग 5 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण कार्य को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। वर्ष 2024-25 के बजट में शामिल इस कार्य के लिए  पाँच करोड़ इकतालीस लाख तेरह हजार रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। वित्त विभाग ने इस पर प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है।            जिले के ग्रामीण अंचलों में सड़क सुविधा को सुदृढ़ करने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए लुड़ेग क्षेत्रवासियों को सौगात दी है।  ग्रामीणों को कई स्तरों पर मिलेगा लाभ        लुडेग क्षेत्र की यह सड़क लंबे समय से कच्ची होने के कारण ग्रामीणों के दैनिक जीवन में कई बाधाएँ पैदा करती थी। वर्षा ऋतु में रास्ता खराब होने से आवागमन अत्यंत कठिन हो जाता था। कृषि उपज को बाजार या मंडी तक पहुँचाने में अतिरिक्त समय और श्रम लगता था, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ता था। विद्यालय और महाविद्यालय जाने वाले विद्यार्थियों को भी प्रतिदिन असुविधा का सामना करना पड़ता था। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाएँ समय पर ग्रामीणों तक नहीं पहुँच पाती थीं और आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराने में भी विलंब होता था। सड़क निर्माण पूर्ण होने पर इन सभी समस्याओं का समाधान होगा तथा ग्रामीणों के जीवन में व्यापक सुधार आएगा। क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी, जबकि सामाजिक जीवन में भी सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देगा। मुख्यमंत्री श्री साय की संवेदनशील पहल          ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को लेकर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदृष्टि और संवेदनशीलता लगातार सामने आ रही है। राज्य सरकार द्वारा सुदूर अंचलों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और सिंचाई जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए योजनाबद्ध रूप से कार्य किया जा रहा है। लुडेग क्षेत्र के लिए स्वीकृत यह सड़क राज्य शासन की प्राथमिकता में ग्रामीण विकास को दिए जा रहे महत्व को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। ग्रामीणों में उत्साह, मुख्यमंत्री के प्रति आभार-         पूनापारा, लबनीपारा और आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की स्वीकृति मिलने पर खुशी व्यक्त की है। ग्रामीणों का कहना है कि इस निर्णय से उनके लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष और प्रतीक्षा का अंत हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सड़क न केवल आवागमन को सुगम बनाएगी बल्कि क्षेत्र की समग्र प्रगति का मार्ग भी प्रशस्त करेगी।

कड़ी कार्रवाई: हरियाणा के तीन गांवों में अवैध निर्माण पर चला पीला पंजा, मकान ढहाए

पंचकूला  पंचकूला के पैरिफेरी नियंत्रित क्षेत्र में जिला नगर योजनाकार विभाग ने सोमवार को सख्त कार्रवाई करते हुए 3 गांव गरीड़ा, चरनिया और बाड़ में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों और मकानों को ध्वस्त कर दिया। विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर बिना अनुमति बनाए गए ढांचे और निर्माणों को बुलडोजर की मदद से गिराया। कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार बरवाला संजीव अत्री ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में मौजूद रहे, वहीं मौके पर पुलिस बल भी तैनात रहा। नगर योजनाकार संजय नारंग ने बताया कि विभाग ने कॉलोनाइज़रों और संबंधित लोगों को पहले नोटिस जारी कर चेतावनी दी थी कि बिना सीएलयू और लाइसेंस के किसी भी प्रकार का निर्माण जारी न रखें। लेकिन निर्देशों का पालन न होने पर मजबूरन विभाग को यह कदम उठाना पड़ा। विभाग से अनुमति लेनी है अनिवार्य उन्होंने कहा कि नियंत्रित क्षेत्र में कॉलोनी विकसित करने या किसी निर्माण कार्य की शुरुआत करने से पहले नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग से आवश्यक अनुमति लेना अनिवार्य है। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ विभाग आगे भी इसी तरह कड़ी कार्रवाई करता रहेगा।   नागरिकों को चेताया विभाग ने आम नागरिकों को भी चेताया कि वे बिना अनुमति वाली परियोजनाओं में निवेश न करें और किसी भी निर्माण से पूर्व विभागीय मंजूरी अवश्य लें, ताकि भविष्य में कानूनी कार्रवाई और नुकसान से बचा जा सके।