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मुख्यमंत्री डॉ. यादव को नीमच के राहुल लोहार ने कीं दुर्लभ कलाकृतियां भेंट

रुद्राक्ष पर ब्रश के एक बाल से बनाई भगवान पशुपतिनाथ मंदिर की मिनिएचर पेंटिंग कोरोना के वायरस को सिरींज से नष्ट करती सिंह पर सवार मां दुर्गा को मास्क पर किया चित्रित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की श्री राहुल के हुनर की सराहना भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को नीमच के श्री राहुल कुमार लोहार ने रुद्राक्ष पर बने भगवान पशुपतिनाथ मंदिर की मिनिएचर पेंटिंग तथा कोरोना काल में उपयोग में लिया जाने वाला चित्रित मास्क भेंट किया। रुद्राक्ष पर ब्रश के एक बाल से बनाई गई पेंटिंग में भगवान पशुपतिनाथ मंदिर के दृश्य को चित्रित किया गया है। मैग्नीफाइंग ग्लास से पेंटिंग को देखने पर मंदिर में विद्यमान धार्मिक प्रतीक दिखाई देते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भेंट किए गए मास्क पर कोरोना के वायरस को सिरींज से नष्ट करती सिंह पर सवार मां दुर्गा को चित्रित किया गया है। मां दुर्गा को सैनिटाइजर सहित कोरोना काल में उपयोग में आने वाले चिकित्सकीय उपकरण धारण किए दर्शाया गया है। मास्क पर कोरोना से संघर्ष में अपने प्राणों की आहुति देने वाले देश-दुनिया के डॉक्टरों के चित्र भी उकेरे गए हैं। यह संपूर्ण चित्रकारी प्राकृतिक रंगों से की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री लोहार के हुनर की सराहना करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री राहुल को प्रशंसा पत्र जारी करने के निर्देश भी दिए। श्री राहुल नीमच जिले के ग्राम कुचडोद के निवासी हैं। मंत्रालय में हुई इस भेंट के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग तथा संस्कृति राज्य मंत्री श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी भी उपस्थित थे।  

सीएम केयर योजना के शीघ्र क्रियान्वयन के लिए औपचारिकताएँ प्राथमिकता से करें पूर्ण : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

सुपर-स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता समय की मांग भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंगलवार को मंत्रालय में सीएम केयर योजना अंतर्गत प्रस्तावित सुपर-स्पेशलिटी स्वास्थ्य अधोसंरचना के शीघ्र विस्तार के लिए आवश्यक औपचारिकताओं को शीघ्र एवं प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के नागरिकों को जटिल हृदय रोग, कैंसर एवं अन्य उच्च स्तरीय उपचारों के लिए अब बाहर जाने की आवश्यकता न रहे, इसके लिए योजना का प्राथमिकता से क्रियान्वयन आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि सुपर-स्पेशलिटी सीटों की उपलब्धता बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रहा है। बताया गया कि वर्तमान में प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में एमडी/एमएस की 1909 सीटें, डीएम की 41 सीटें तथा एम.च. की 43 सीटें स्वीकृत हैं। उन्होंने कहा कि सुपर-स्पेशलिटी शिक्षा के विस्तार से प्रदेश में हृदय रोग, कैंसर, रेडियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, युरोलॉजी सहित अन्य जटिल बीमारियों के उपचार के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध होंगे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने आयुष्मान भारत के उपचार डेटा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में ऑन्कोलॉजी, कार्डियोलॉजी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, जनरल मेडिसिन, युरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स और सीटीवीएस जैसी सुपर-स्पेशलिटी सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। आयुष्मान योजना में कैंसर के कीमोथेरेपी, डायलिसिस संबंधित, एंजियोग्राफी-एंजियोप्लास्टी, रेडियोथेरेपी, सीटी-एमआरआई-पीईटी स्कैन, सीटीवीएस-लैप्रोस्कोपी आदि तृतीयक सेवाओं की संख्या में निरंतर बढ़ोत्तरी हो रही है। ऐसी स्थिति में भविष्य की मांग अनुसार शीघ्र तैयारी पूर्ण कर स्वास्थ्य अधोसंरचनाओं का विकास करना होगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सुपर-स्पेशलिटी विभागों के उन्नयन, आवश्यक मानवबल, उपकरणों, इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रशिक्षण तथा संबंधित अनुमतियों की प्रक्रिया को युद्धस्तर पर पूर्ण किया जाए, जिससे सीएम केयर योजना का लाभ शीघ्र आमजन तक पहुँच सके। सीएम केयर योजना का उद्देश्य प्रदेश में कार्डियक और ऑन्कोलॉजी उपचार को उच्च गुणवत्ता के साथ सुलभ बनाना है। इसके अंतर्गत ऑन्कोलॉजी/ऑन्को-सर्जरी, कार्डियोलॉजी और सीटीवीएस में अधिक सुपर-स्पेशलिस्ट तैयार करना, कार्डियक एवं कैंसर उपचार के तृतीयक ढांचे को मजबूत करना, उन्नत उपचार पर होने वाले जेब खर्च को घटाना, कार्डियोलॉजी एवं ऑन्कोलॉजी में उत्कृष्टता संस्थान विकसित करना, राज्य में रोबोटिक सर्जरी और ऑर्गन ट्रांसप्लांट कार्यक्रम सुदृढ़ीकरण शामिल है। बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री संदीप यादव, आयुक्त श्री तरुण राठी, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अरुणा कुमार सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा- पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से ही विकास मिशन सफल होते हैं

ग्राम पंचायत-जनपद पंचायत आय बढ़ाने का करें प्रयास, पंचायत राज व्यवस्था समन्वय पर आधारित है: पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री पटेल कार्यशाला के दूसरे दिन सक्षम एवं स्वावलंबी पंचायत में गोधन, कृषि, उद्यानिकी-कौशल उन्नयन, पंचायत ऑफिस से नियमित सेवाओं का प्रदाय, पंचायतों के अभिलेखों का व्यवस्थित संधारण को लेकर हुई चर्चा प्रदेश भर के जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित 650 से अधिक प्रतिभागी हुए शामिल भोपाल  पंचायतों को आत्मनिर्भर, सशक्त एवं समृद्ध बनाने के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आत्मनिर्भर पंचायत-समृद्ध मध्यप्रदेश थीम पर कुशभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय सभागार में पंचायत प्रतिनिधियों एवं राज्य स्तरीय पदाधिकारियों की तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला के दूसरे दिन उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल शामिल हुए। उन्होंने कहा कि किसी भी शासकीय अभियान की सफलता में पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने पंचायत प्रतिनिधियों से विकास अभियानों में धुरी बनकर सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल जीवन मिशन, सिंचाई विस्तार, स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण तथा ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता सुधारने के लिए अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश में पाइपलाइन, टंकियों एवं फ़िल्टर प्लांटों का तेजी से निर्माण हो रहा है, जिससे ‘नल से जल’ अब एक वास्तविकता बन चुका है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि पंचायत राज व्यवस्था समन्वय पर आधारित है। अधिकारों तथा कर्तव्यों के बीच संतुलन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच सामंजस्य से पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। जनप्रतिनिधियों को अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए बैठकों, स्थाई समितियों और निर्णय प्रक्रियाओं को नियमित एवं प्रभावी बनाना होगा। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता और पारदर्शिता के लिए स्थायी समितियों की नियमित रूप से बैठक होना चाहिए। सड़क निर्माण, शिक्षा और अन्य योजनाओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को जानकारी, मर्यादा और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को अपनी क्षमता बढ़ाने, नियमों की जानकारी लेने और अनुभव साझा करने के लिए भी प्रोत्साहित किया। कार्यशाला में जनपद और ग्राम पंचायतों को आय के स्रोत बढ़ाने, कार्यालय प्रबंधन एवं सामाजिक जागरूकता पर जनप्रतिनिधियों से चर्चा हुई। कार्यशाला के दौरान अपर मुख्य सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, स्वच्छ भारत मिशन समन्वयक श्री दिनेश जैन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। 25 नवंबर को कार्यशाला में स्वावलंबी पंचायतों में गोधन, कृषि उद्यानिकी एवं कौशल उन्नयन, पंचायत में ऑफिस से नियमित सेवाओं का प्रदाय एवं पंचायतों के अभिखेलों का व्यवस्थित संधारण को लेकर चर्चा हुई। अधिकारियों ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में पंचायत प्रतिनिधियों को विस्तार से जानकारी दी। एसआरएलएम की सीईओ श्रीमती हार्षिका सिंह ने ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने किसान उत्पादक कंपनी, प्रोत्साहन संकुल विकास, एकीकृत कृषि, जैविक संसाधन केंद्र की स्थापना, पोषण सुरक्षा, अंतरवर्तीय फसल, उन्नत बीज उपयोग तथा सामूहिक उपार्जन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नमो ड्रोन दीदी योजना के अंतर्गत 41 जिलों के 69 ब्लॉकों में 89 महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं को ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण देकर ड्रोन प्रदान किए गए हैं। श्रीमती सिंह ने कहा कि योजना को और सुदृढ़ करने के लिए अधिक से अधिक महिलाओं को ड्रोन पायलट प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ हीउन्होंने कौशल उन्नयन की महत्ता पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि सक्षम एवं स्वावलंबी पंचायतों के निर्माण हेतु कौशल विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा। मनरेगा आयुक्त श्री अवि प्रसाद ने मनरेगा अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं और नवाचारों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने वार्षिक कार्ययोजना 2026-27 में जनप्रतिनिधियों की भूमिका एवं उनके अधिकारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योजनाओं के सुचारू संचालन में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता होनी चाहिए। आयुक्त ने नई भुगतान प्रणाली-एसएनए स्पर्श के संबंध में विस्तार से जानकारी दी और जनप्रतिनिधियों द्वारा पूछे गए सभी प्रश्नों का समाधान किया। उन्होंने “एक बगिया माँ के नाम” परियोजना के विभिन्न पहलुओं से जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया। आयुक्त श्री प्रसाद ने सभी जनप्रतिनिधियों को जन मनरेगा मोबाइल एप डाउनलोड करने की सलाह देते हुए कहा कि इसके माध्यम से वे अपने क्षेत्र में संचालित मनरेगा से संबंधित कार्यों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि मनरेगा से संबंधित सभी दिशा-निर्देश अब जनप्रतिनिधियों को भी उपलब्ध कराए जाएंगे। संचालक पंचायत राज संचालनालय श्री छोटे सिंह ने कार्यशाला में पंचायत आफिस से नियमित सेवाओं का प्रदाय एवं पंचायतों के अभिलेखों का व्यवस्थित संधारण पर विस्तार से जानकारी दी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने प्रतिभागियों द्वारा पूछे जा रहे सवालों का जबाव दिया गया। श्री बाबू भाई केंद्रे और संगठन प्रमुख श्री बालाजी केंद्रे द्वारा पानी विषय पर व्याख्यान दिया गया। कार्यशाला के अंत में ऑस्कर पुरस्कार के लिए नामित पानी पर बनी फिल्म का प्रदर्शन हुआ।  

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पर भगवा ध्वजारोहण सभी को अभिभूत करने वाला : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के पूर्ण होने के प्रतीक स्वरूप मंदिर के शिखर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ध्वजारोहण की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अयोध्या धाम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत की गरिमामय उपस्थिति में हुआ दिव्य-भव्य भगवा ध्वजारोह सभी को अभिभूत करने वाला है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरु तेग बहादुर के ज्योति ज्योत दिवस पर नमन किया

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने "हिंद दी चादर" सिखों के नौवें गुरु श्री तेग बहादुर के ज्योति ज्योत दिवस पर नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धर्म की रक्षा, मानव कल्याण और सत्य के लिए समर्पित गुरु तेग बहादुर जी का जीवन, दया-करुणा और प्रेम-परोपकार से विश्व बंधुत्व का मार्ग दिखाता रहेगा।

केरल में खुलेंगे नए स्कूल, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को तय समय में नीति लाने को कहा

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक मामले की सुनवाई करते हुए केरल की स्कूल शिक्षा पर चिंता जताई। सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि शत प्रतिशत साक्षरता का दावा करने वाला राज्य अगर इस स्थिति में है, तो ये बहुत चिंताजनक है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षा में कोई कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने कहा है कि उन सभी इलाकों में जहां पहले से कोई सरकारी लोअर प्राइमरी या प्राइमरी स्कूल नहीं है, वहां नए स्कूल खोले जाएं, जिससे हर बच्चे को पढ़ाई का मौका मिले। कोर्ट ने साफ कहा कि तीन महीने के अंदर सरकार को इसके लिए एक पॉलिसी तैयार करनी होगी।  सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि जहां भी हर 1 किलोमीटर के दायरे में कोई लोअर प्राइमरी स्कूल नहीं है और हर 3 किलोमीटर के दायरे में कोई अपर प्राइमरी स्कूल नहीं है, वहां नए स्कूल खोले जाएं। अगर स्कूल के लिए कोई बिल्डिंग मौजूद नहीं है तो अस्थाई तौर पर प्राइवेट बिल्डिंग का इस्तेमाल किया जा सकता है। साथ ही स्थायी स्कूल भवनों के लिए बजट का भी इंतजाम करना जरूरी है। इसके अलावा, कोर्ट ने ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी भी तय की।  अदालत ने कहा कि पंचायतें अपनी तरफ से उपलब्ध जमीन की जानकारी सरकार को दें ताकि नए स्कूलों के लिए जगह मिल सके। स्कूलों में टीचरों की कमी न हो, इसके लिए रिटायर्ड टीचरों को अस्थायी तौर पर नियुक्त किया जा सकता है, जब तक नए टीचरों की भर्ती पूरी नहीं होती। सुप्रीम कोर्ट ने केरल सरकार को स्पष्ट आदेश दिया है कि हर क्षेत्र में सरकारी स्कूल होने चाहिए, जिससे कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे। इसके लिए अब सरकार को तीन महीने के अंदर एक पॉलिसी तैयार करनी होगी। हालांकि, सरकार के लिए यह चुनौती भी है कि वह जल्दी से जल्दी योजना तैयार करे, बजट का प्रावधान करे और नए स्कूल खोलने की प्रक्रिया शुरू करे।

टी20 वर्ल्ड कप 2026: भारत को मिला आसान ग्रुप, शेड्यूल का हुआ ऐलान

नई दिल्ली  इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने मंगलवार को टी20 वर्ल्ड कप 2026 के शेड्यूल का ऐलान कर दिया। टूर्नामेंट के 10वें संस्करण के मेजबान भारत और श्रीलंका हैं। 20 टीमों वाला टूर्नामेंट 7 फरवरी को शुरू होगा। आठ वेन्यू पर कुल 55 मुकाबले खेले जाएंगे। फाइनल 8 मार्च को आयोजित होगा। ग्रुप स्टेज के दौरान हर दिन तीन मैच होंगे। सभी टीमों को चार-चार के पांच ग्रुप में बांटा गया है। डिफेंडिंग चैंपियन भारत को शुरुआत में आसान ग्रुप मिला है। भारत ग्रुप ए में है, जिसमें चिर चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के अलावा नामीबिया, नीदरलैंड और यूएसए हैं।   भारत सात फरवरी को यूएसए से मुंबई, नामीबिया से 12 फरवीर को दिल्ली में टकराएगा। भारत और पाकिस्तान की बीच हाई वोल्टेज मैच 15 फरवरी को कोलंबो में होगा। पाकिस्तान अपने सभी मैच श्रीलंका में खेलेगा। भारत अपना आखिरी ग्रुप मैच 18 फरवरी को नीदरलैंड से भिड़ेगा। भारत ने 2024 में रोहित शर्मा की कप्तानी में साउथ अफ्रीका को हराकर टी20 वर्ल्ड कप जीता था। तब टी20 वर्ल्ड कप वेस्टइंडीज और यूएएस में आयोजित हुआ था। आगामी टूर्नामेंट का फॉर्मेट पिछली बार जैसा ही है। अपने-अपने ग्रुप में शीर्ष दो में रहने वाली टीमें सुपर-8 राउंड में जाएंगी। सुपर-8 में फिर ग्रुपिंग होगी। यहां से टीमें सेमीफाइनल में एंट्री करेंगी। फिर खिताबी मुकाबला होगा। टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके रोहित को टी20 वर्ल्ड कप 2026 का ब्रांड एम्बेसडर नियुक्त किया गया है। आईसीसी चेयरमैन जय शाह ने इसकी घोषणा की। भारत ने 2016 में आखिरी बार टी20 वर्ल्ड कप की मेजबान की थी। भारत ने सबसे छोटे फॉर्मेट का वर्ल्ड कप दो बार जीता है। भारत 2007 में पहली बार एमएस धोनी के नेतृत्व में चैंपियन बना था। श्रीलंका टीम 2021 के विजेता ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड, जिम्बाब्वे और ओमान के साथ ग्रुप बी में है। ग्रुप सी में दो बार की चैंपियन इंग्लैंड टीम और वेस्टइंडीज के साथ बांग्लादेश, नेपाल और इटली हैं। इटली पहली बार टूर्नामेंट में खेलेगा। ग्रुप डी में न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, अफगानिस्तान, कनाडा और यूएई हैं। शेड्यूल की घोषणा के दौरान आईसीसी चेयरमैन जय शाह ने कहा कि एक शानदार महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप के बाद इतनी जल्दी उपमहाद्वीप में आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप का स्वागत करना बहुत अच्छा है। यहां क्रिकेट का जुनून बेमिसाल है और फैंस इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे। शेड्यूल की घोषणा हमें एक कदम और करीब ले आई है। मुझे कोई शक नहीं है कि भारत में पांच और श्रीलंका में तीन वेन्यू पूरे टूर्नामेंट के दौरान एनर्जी से भरी रहेंगे। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए ग्रुप ग्रुप ए- भारत, पाकिस्तान, नीदरलैंड्स, नामीबिया, यूएसए ग्रुप बी- ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, आयरलैंड, ओमान, जिम्बाब्वे, ग्रुप सी- इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, बांग्लादेश, नेपाल, इटली ग्रुप डी- दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, अफगानिस्तान, कनाडा, यूएई टी20 वर्ल्ड कप 2026 में उतरेंगी ये टीमें मेजबान भारत और श्रीलंका के अलावा टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने वाली अन्य टीमें- ऑस्ट्रेलिया, अफगानिस्तान, बांग्लादेश, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, पाकिस्तान, न्यूजीलैंड, यूएसए, वेस्टइंडीज, आयरलैंड, कनाडा, इटली, जिम्बाब्वे, नेपाल, ओमान, यूएई, नीदरलैंड्स और नामीबिया हैं। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के वेन्यू टी20 वर्ल्ड कप के मैच भारत में मुंबई (वानखेड़े स्टेडियम), कोलकाता (ईडन गार्डन्स), चेन्नई (एमए चिदंबरम स्टेडियम), दिल्ली (अरुण जेटली स्टेडियम) और अहमदाबाद (नरेंद्र मोदी स्टेडियम) में आयोजित होंगे। वहीं, श्रीलंका में कोलंबो (आर प्रेमदासा स्टेडियम), कोलंबो (सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब) और कैंडी (पल्लिकेले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम) में मैचों का आयोजन होगा।

सरकारी आदेश से हलचल: राबड़ी देवी को छोड़ना पड़ेगा 10 सर्कुलर रोड बंगला, नया ठिकाना क्या होगा?

पटना बिहार की नई एनडीए सरकार में अब नई व्यवस्था बन रही है। इसके तहत पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड का आधिकारिक आवास खाली करना होगा। राबड़ी देवी को विधान परिषद में नेता विपक्ष की हैसियत में नई सरकार ने नया आवास आवंटित किया है। भवन निर्माण विभाग ने उन्हें अब 39 हार्डिंग रोड का आवास आवंटित किया है। इसको लेकर भवन निर्माण विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। यह बदलाव लालू परिवार के लिए एक झटका है क्योंकि लालू परिवार लंबे समय से इस आवास में रह रहा था। 2005 में राज्य में नीतीश कुमार की सरकार बनने के बाद 16 जनवरी 2006 को इस आवास में लालू परिवार की एंट्री हुई थी, जो आज तक नहीं बदल पाया था। लेकिन इस बार नई सरकार में लालू परिवार का यह ठिकाना अब बदलने जा रहा है। दरअसल, नई सरकार में भाजपा का दबदबा दिख रहा है और यह उसी का संकेत लगता है। हालांकि, भवन निर्माण विभाग का जिम्मा जेडीयू कोटे से मंत्री बने विजय चौधरी के पास है। औपचारिक पत्र जारी मंगलवार को मंत्रियों और बिहार विधान परिषद के नेता प्रतिपक्ष के लिए भवन निर्माण विभाग ने आवास का आवंटित किया है। इसी के तहत राबड़ी देवी को अब 39 हार्डिंग रोड का आवास आवंटित किया गया है। भवन निर्माण विभाग के संयुक्त सचिव-सह-भू-सम्पदा पदाधिकारी शिव रंजन ने इस संबंध में औपचारिक पत्र जारी कर दिया है। भाजपा ने ली चुटकी, रहेगी पैनी नजर इस बदलाव पर भाजपा प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा है कि अगर राबड़ी देवी जी को 10 सर्कुलर रोड का आवास खाली करने का आदेश हुआ है तो उन्हें तुरंत वह आवास खाली कर देना चाहिए। भाजपा प्रवक्ता ने ये भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस बार वह अपने परिवार के ट्रैक रिकार्ड की तरह किसी सरकारी संपत्ति की चोरी वहां से नहीं करेंगीं और ना ही नुकसान पहुंचाएंगी। बाथरूम से टोटी भी नहीं खोलेंगे क्योंकि हम लोगों की पैनी नजर रहेगी।  

ताइवान मुद्दे पर ट्रंप–शी की बात: जिनपिंग के बयान को ताइपे ने सख्ती से खारिज किया

नई दिल्ली अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच सोमवार को लंबी फोन कॉल हुई। इसमें जिनपिंग ने ताइवान पर अपने अधिकार की बात कही, जिस पर ताइवान के पीएम ने रिएक्ट किया। वहीं सुर्खियों में मंगलवार (25 नवंबर) को जापानी पीएम साने ताकाइची और ट्रंप की बात-चीत भी है। चीन के आधिकारिक बयान के अनुसार, शी ने इस बातचीत में जोर देकर कहा कि ताइवान का “चीन में वापस आना” द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बने अंतरराष्ट्रीय क्रम का एक अभिन्न हिस्सा है। सिन्हुआ के अनुसार शी ने ट्रंप से स्पष्ट कहा कि 'ताइवान की वापसी' को लेकर बीजिंग का रवैया स्पष्ट है और वो इसे पोस्ट वॉर अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के अनुकूल मानता है। जब यह बयान सामने आया, तो ताइवान के प्रधानमंत्री चू जंग ताई ने शी के विचार को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ताइवान के 23 मिलियन लोगों के लिए किसी “वापसी” का विकल्प ही नहीं हो सकता। उन्होंने संसद के बाहर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उनका देश स्वतंत्र है। तो वहीं, ताकाइची ने जापानी मीडिया से बातचीत में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें कभी कॉल करने की खुली छूट दी और ये भी कहा कि आप मेरी अच्छी दोस्त हैं। ताकाइची ने कहा कि यह कॉल ट्रंप के अनुरोध पर हुई थी, जिसमें उन्होंने अपने और जापान-की स्थिति पर विचार किया। अमेरिकी अधिकारी इस मामले में थोड़े सतर्क बने दिखे क्योंकि ट्रंप ने अपनी सोशल-मीडिया पोस्ट में कुल मिलाकर यह कहा कि चीन-संयुक्त रिश्ते “बहुत मजबूत” हैं, लेकिन उन्होंने ताइवान का नाम नहीं लिया। जापानी मीडिया ताइवान पर ट्रंप की चुप्पी पर सवाल खड़े कर रहा है। जापान टुडे ने कुछ विशेषज्ञों के हवाले से लिखा है कि ट्रंप शायद खुल कर इसलिए नहीं बोल रहे क्योंकि उन्हें चीन के साथ अपनी ट्रेड डील की फिक्र है। हो सकता है इस वजह से ताइवान को लेकर वो कुछ न कहें और इस कदम से बीजिंग को हिम्मत मिल सकती है। नतीजतन, पूर्वी एशिया में नया संघर्ष शुरू हो सकता है। ये पूरी घटना बताती है कि चीन जापान-ताइवान-अमेरिका त्रिकोण में ताइवान को लेकर अधिक दबाव बनाना चाहता है, जबकि अमेरिका जापान के साथ अपनी गठबंधन-स्थिति को संभालते हुए चीन के साथ व्यापार व रणनीतिक संबंधों को आगे ले जाना चाहता है।

सीमाओं पर बढ़ी चीनी हलचल: तिब्बत में UAV बेस व रनवे तैयार, भारत को दोतरफा संदेश!

बीजिंग  चीन एक बार फिर भारत के प्रति दोहरा रवैया अपना रहा है। एक ओर वह दोस्ती की बातें करता है, दूसरी ओर LAC के पास अपने सैन्य और लॉजिस्टिक ढांचे को तेज़ी से मजबूत कर रहा है। तिब्बत में चीन की गतिविधियाँ लगातार बढ़ रही हैं नई सड़कें, हवाई पट्टियाँ, सैन्य अड्डे और UAV परीक्षण केंद्र इसका हिस्सा हैं। सीमा पर चीन का बड़ा खेल भारत से लगती चीन की LAC पर हाल के महीनों में कई रणनीतिक बदलाव देखे गए हैं। चीन अपनी सेना की रसद क्षमता, कनेक्टिविटी, और तेज़ तैनाती की क्षमता को और मजबूत करने में जुटा है। सैनिकों और हथियारों की तेज आवाजाही के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर और सीमा के बेहद पास तकनीकी और सैन्य तैनाती के कारण भारत-चीन के संबंधों पर कई नए सवाल खड़े हो रहे हैं। भारत और चीन के बीच सीमा तनाव कोई नई बात नहीं है। 2017  में डोकलाम संघर्ष और 2020 में गलवान घाटी के खूनी संघर्ष के बाद दोनों पक्षों में बातचीत हुई, लेकिन जमीनी हालात अब भी सामान्य नहीं हो पाए हैं। इसके उलट, चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियाँ स्थिति को और संवेदनशील बना रही हैं।   तिब्बत में चीन का तेज सैन्य विस्तार: चीन तिब्बत को अपनी रणनीतिक ढाल की तरह विकसित कर रहा है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार: 1. UAV (ड्रोन) परीक्षण केंद्र     4300 मीटर की ऊँचाई पर बना यह केंद्र     सैनिकों के लिए ऊँचाई वाली लड़ाई में बड़ी मदद     चीन की हाई-टेक युद्ध रणनीति का हिस्सा 2. नया सैन्य अड्डा     720 मीटर लंबा रनवे     4 बड़े हैंगर     यह बेस चीनी सेना का लॉजिस्टिक हब बनेगा     कठिन इलाके में तेज़ सप्लाई सुनिश्चित करेगा 3. तिब्बत में भारी निवेश: चीन ने अपनी 14वीं पंचवर्षीय योजना के तहत तिब्बत के लिए 30 अरब अमेरिकी डॉलर का बजट तय किया था। इसके तहत:      हाईवे नेटवर्क को दोगुना     नई सरकारी परियोजनाएँ     रेल नेटवर्क में बड़े सुधार चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग तिब्बत को रणनीतिक मोर्चे के रूप में विकसित करने में लगातार रुचि दिखा रहे हैं। सिर्फ भारत नहीं, दक्षिण चीन सागर में भी चीन का विस्तार बढ़ रहा है। चीन की नज़र सिर्फ भारतीय सीमा पर नहीं है। दक्षिण चीन सागर में भी वह आक्रामक तरीके से विस्तार कर रहा है।चीन के कदम साफ बताते हैं कि वह बुनियादी ढांचे के विकास का इस्तेमाल अपने रणनीतिक और सैन्य विस्तार के लिए कर रहा है। तिब्बत से लेकर दक्षिण चीन सागर तक, उसकी गतिविधियाँ भारत और दुनिया के लिए लगातार चुनौती पेश कर रही हैं।