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रोमांच तय! टी20 वर्ल्ड कप का कैलेंडर आउट, भारत-पाक मैच बना सबसे बड़ा सेंटर ऑफ अट्रैक्शन

नई दिल्ली  टी20 वर्ल्ड कप 2026 का रोमांच अगले वर्ष भारत और श्रीलंका में संयुक्त रूप से देखने को मिलेगा। टीम इंडिया बतौर मौजूदा चैंपियन मैदान पर उतरेगी और अपने खिताब को बचाने की चुनौती का सामना करेगी। इस टूर्नामेंट के शेड्यूल का आधिकारिक एलान आज किया है। खास बात यह है कि इस बार भारत-पाकिस्तान मैच को लेकर भी मीडिया रिपोर्ट्स में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला 15 फरवरी को कोलंबो में खेले जाने की संभावना है। पाकिस्तान टीम इस पूरे टूर्नामेंट में भारत नहीं आएगी और अपने सभी मैच श्रीलंका में ही खेलेगी। यदि पाकिस्तान फाइनल में पहुंचता है तो यह मुकाबला भी श्रीलंका में आयोजित किया जाएगा। यह स्थिति कुछ वैसी ही होगी जैसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के दौरान देखने को मिली थी, जब भारत ने पाकिस्तान में आयोजित टूर्नामेंट के सभी मुकाबले दुबई में खेले थे।   भारत और श्रीलंका के सात स्टेडियमों को मेजबानी वर्ल्ड कप के लिए भारत और श्रीलंका के सात स्टेडियमों को मेजबानी दी गई है। भारत में अहमदाबाद का नरेंद्र मोदी स्टेडियम, चेन्नई का चेपॉक, नई दिल्ली का अरुण जेटली स्टेडियम, कोलकाता और मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम मैचों की मेजबानी करेंगे। वहीं श्रीलंका में कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम और सिंहली स्पोर्ट्स क्लब के साथ कैंडी का पल्लेकेले स्टेडियम शामिल है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 की आधिकारिक शुरुआत 7 फरवरी से होगी और खिताबी मुकाबला 8 मार्च को खेला जाएगा। शेड्यूल घोषित होने के बाद यह भी साफ होगा कि भारत का पहला मैच किस टीम के खिलाफ होगा, हालांकि यह अनुमान लगाया जा रहा है कि टीम इंडिया का पहला मुकाबला 8 फरवरी को अमेरिका से और दूसरा मैच 12 फरवरी को नामीबिया से हो सकता है। इस टूर्नामेंट में 20 टीमें हिस्सा लेंगी, जिसमें इटली भी शामिल है जिसने पहली बार टी20 वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई किया है। फुटबॉल में विश्व चैंपियन रह चुका इटली पहली बार किसी क्रिकेट वर्ल्ड कप में भाग लेगा। रोहित शर्मा ब्रांड एंबेसडर नियुक्त इवेंट का औपचारिक कार्यक्रम कुछ ही देर में शुरू होने वाला है जिसमें भारत को टी20 विश्व चैम्पियन बनाने वाले कप्तान रोहित शर्मा, सूर्या कुमार यादव और हरमनप्रीत कौर भी मौजूद हैं। रोहित शर्मा को टूर्नामेंट का ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया गया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या टीम इंडिया अपने घरेलू मैदान पर इतिहास रचते हुए टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली मेजबान टीम और खिताब बचाने वाली पहली टीम बन पाएगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से की सौजन्य मुलाकात

छत्तीसगढ़ में रेल सुविधाओं के विस्तार और नए प्रोजेक्ट्स पर हुई विस्तृत चर्चा रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से सौजन्य मुलाकात की। बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ में रेलवे से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों रेल सुविधाओं के विस्तार, नए रेल प्रोजेक्ट्स की प्रगति, तथा प्रगतिरत परियोजनाओं की पूर्णता के संबंध में  विस्तृत और सार्थक चर्चा हुई।मुख्यमंत्री श्री साय ने आग्रह किया कि   स्वीकृत परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए, ताकि नागरिकों, उद्योगों और व्यापारियों को बेहतर परिवहन सुविधाएँ मिल सकें। केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे मंत्रालय छत्तीसगढ़ में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव श्री राहुल भगत, एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ सरकार की संवेदनशील पहल से दिव्यांगजनों को तत्काल मिल रही ट्रायसायकल एवं बैसाखी

छत्तीसगढ़ सरकार की संवेदनशील पहल से दिव्यांगजनों को तत्काल मिल रही ट्रायसायकल एवं बैसाखी रायपुर समाज कल्याण विभाग की सहायक उपकरण वितरण योजना के तहत जनपद पंचायत गौरेला के गांगपुर निवासी श्री हेमलाल भानु को उनके आवेदन पर तत्काल ट्रायसायकल और बैसाखी प्राप्त होने पर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। हेमलाल ने कहा कि उन्होंने सोचा था कि केवल ट्रायसायकल मिलेगा, लेकिन साथ में बैसाखी भी मिलने से वे बहुत खुश हैं।     उन्होंने कहा कि कई बार वे अन्य विभागों में अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जाते थे, पर उन्हें केवल आवेदन लेने की जानकारी ही मिलती थी और कोई त्वरित कार्रवाई नहीं होती थी, लेकिन 21 नवंबर 2025 को दिए गए आवेदन का समाज कल्याण विभाग ने तत्परता से जवाब देते हुए उन्हें तुरंत सहायक उपकरण उपलब्ध कराए। हेमलाल ने समाज कल्याण विभाग और सरकार को इसके लिए धन्यवाद दिया।     मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सशक्त नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने विकलांगजन सहायता को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए सहायक उपकरण वितरण की व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, त्वरित एवं प्रभावी बनाया है। इस योजना से हेमलाल जैसे कई विकलांग जनों के जीवन स्तर में सुधार हो रहा है, जो समाज में उनकी भागीदारी को आगे बढ़ाने में सहायक है।

गणित शिक्षा में बड़ा कदम: हरियाणा में पहली बार राज्य स्तरीय ओलंपियाड, शिक्षकों को व्यापक प्रशिक्षण

चंडीगढ़  हरियाणा शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों में गणित के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए एक नई पहल की शुरुआत की है। पहली बार प्रदेश स्तर पर गणित ओलंपियाड आयोजित किए जाएंगे। इसी उद्देश्य के तहत राज्य के 119 ब्लॉकों में प्रत्येक ब्लॉक से 5-5 गणित शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। प्रशिक्षित अध्यापक अब अपने-अपने विद्यालयों में विद्यार्थियों को ओलंपियाड के लिए तैयार करेंगे। विभाग की ओर से सभी गणित शिक्षकों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिनके अनुसार ओलंपियाड की प्रक्रिया स्कूल स्तर की परीक्षा से शुरू होगी। स्कूल स्तर पर चयनित विद्यार्थी आगे ब्लॉक, जिला और अंततः राज्य स्तर प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस पहल से न केवल छात्रों की तार्किक क्षमता और गणितीय समझ मजबूत होगी, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं में भी उन्हें लाभ मिलेगा। 

डिजिटल सुविधाओं से धान खरीदी प्रक्रिया हुई आसान

डिजिटल सुविधाओं से धान खरीदी प्रक्रिया हुई आसान ऑनलाईन टोकन व्यवस्था से किसानों को धान बेचने में हो रही सुविधा रायपुर प्रदेश में धान खरीदी ने रफ्तार पकड़ ली है धान विक्रय होने के बाद त्वरित रूप से किसानों के खाते में भुगतान भी किया जा रहा है, जिससे किसान काफी खुश हैं। बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखण्ड के धान उपार्जन केंद्र सेंदरी पहुंचे ग्राम अमतरा के किसान धनीराम देवांगन को धान बेचने के बाद त्वरित रूप से 1 लाख 91 हजार रूपए की राशि खाते में आ गई। उन्होंने बताया कि टोकन कटाने से लेकर भुगतान प्राप्त करने में उन्हें किसी तरह की समस्या नहीं हुई। इस त्वरित व्यवस्था से वे काफी खुश है, उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताते हुए कहा कि सरकार की किसान हितैषी योजनाओं से किसानों का जीवन अब संवर रहा है।   5 दिन के भीतर उनके खाते में राशि का हस्तांतरण      बिल्हा विकासखंड के सेंदरी धान उपार्जन केंद्र पहुंचे ग्राम अमतरा के किसान श्री धनीराम देवांगन ने बताया कि वे 6 एकड़ में खेती करते हैं और इस वर्ष उन्होंने 140 क्विंटल धान बेचा। धान बेचने की पूरी प्रक्रिया में उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। उन्होंने बताया कि धान बेचने के बाद 5 दिन के भीतर उनके खाते में राशि का हस्तांतरण कर दिया गया है। बोनस राशि का भुगतान भी कुछ समय बाद मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार के द्वारा किसानों के हित में लाई गई अनेक योजनों से किसानों को काफी लाभ मिल रहा है, खेती करना अब लाभदायक बन चुका है। उन्होंने बताया कि उन्हें किसान सम्मान निधि का लाभ भी मिल रहा है। सरकार की यह मदद छोटे किसानों के लिए बड़ा सहारा है। खेती किसानी के बहुत से खर्च इस राशि से पूरे हो जाते है।

छत्तीसगढ़ को मिले 6800 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव, उद्योग और पर्यटन को मिलेगा बूस्ट

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ को अभूतपूर्व निवेश प्रस्ताव मिले। स्टील, ऊर्जा और पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख कंपनियों ने राज्य में उद्योग स्थापित करने, क्षमता विस्तार, होटल निर्माण और वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट के लिए रुचि दिखाई। कार्यक्रम में शामिल कंपनियों ने कुल 6321.25 करोड़ के औद्योगिक निवेश और 505 करोड़ का पर्यटन निवेश का प्रस्ताव दिया है। इन परियोजनाओं से आगामी वर्षों में 3,000 से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने की उम्मीद है। इस निवेश प्रस्ताव के साथ अब तक छत्तीसगढ़ को कुल 7.90 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। दिल्ली स्थित होटल द ललित में आज आयोजित कार्यक्रम में स्टील और टूरिज़्म सेक्टर को केंद्र में रखते हुए नए निवेश अवसरों पर फोकस किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उद्योग जगत के प्रमुख निवेशकों, विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की एवं स्टील और टूरिज़्म सेक्टर की कई कंपनियों को निवेश प्रस्ताव पत्र सौंपे। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, भारत सरकार के केमिकल और उर्वरक मंत्रालय के सचिव अमित अग्रवाल, इस्पात मंत्रालय के सचिव संदीप पौंडरिक भी उपस्थित रहे।  मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ आज देश के सबसे भरोसेमंद, स्थिर और तेज़ी से उभरते हुए औद्योगिक गंतव्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि राज्य में ऊर्जा, खनिज, सक्षम मानव संसाधन और निवेशक-हितैषी नीति का ऐसा संयोजन मौजूद है, जो किसी भी उद्योग के लिए अत्यंत उपयुक्त वातावरण तैयार करता है। उन्होंने बताया कि सिंगल विंडो सिस्टम के तहत अनुमतियाँ अब पहले की तुलना में अधिक तेज़ी और पारदर्शिता के साथ जारी हो रही हैं। छत्तीसगढ़ में उद्योग लगाना आज पहले से कहीं अधिक आसान हो गया है। राज्य में कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, टिन, लिथियम जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की उपस्थिति बड़े औद्योगिक और विनिर्माण क्षेत्र के लिए वरदान है। उन्होंने कहा कि हाल ही में आयोजित 'एनर्जी समिट' में राज्य को साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और कई परियोजनाओं में कार्य प्रारंभ भी हो चुका है। मुख्यमंत्री साय ने स्टील सेक्टर का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ देश का स्टील हब है, जहां भिलाई स्टील प्लांट, नगरनार स्टील प्लांट और एमएसएमई आधारित स्टील इकाइयां राज्य की औद्योगिक पहचान को मजबूती प्रदान कर रही हैं। उन्होंने कहा भिलाई स्टील प्लांट पिछले 70 वर्षों से देश की औद्योगिक प्रगति का स्तंभ रहा है और इसकी उपस्थिति ने स्टील आधारित उद्योगों का प्राकृतिक इकोसिस्टम तैयार किया है। ग्रीन स्टील और नवीकरणीय ऊर्जा पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा निर्धारित नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य राज्य के लिए नए अवसर लेकर आया है और छत्तीसगढ़ इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। टूरिज़्म सेक्टर पर बात करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर आज बहुत बदल रहा है। नक्सल हिंसा में कमी आई है, सड़कें, इंटरनेट और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हुई है। उन्होंने कहा कि बस्तर अब निवेश और पर्यटन दोनों का नया केंद्र बन रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि 26 मार्च 2026 तक बस्तर पूरी तरह नक्सल-मुक्त हो जाए। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है और राज्य सरकार होम-स्टे नीति, ट्राइबल टूरिज्म व सस्टेनेबल टूरिज्म पर फोकस कर रही है।  इस अवसर पर सीएसआईडीसी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, पर्यटन विभाग के सचिव श्री रोहित यादव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, संचालक श्री प्रभात मलिक, सीएसआईडीसी के महाप्रबंधक श्री विश्वेश कुमार, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य, इन्वेस्टमेंट कमिश्नर श्रीमती ऋतु सेन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। छत्तीसगढ़ को मिले प्रमुख निवेश प्रस्ताव –    ग्रीन एनर्जी इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने कचरे से बिजली उत्पादन करने वाले 50 मेगावॉट के वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की स्थापना के लिए ₹3,769 करोड़ का निवेश प्रस्तावित किया है, जिससे 150 लोगों को रोजगार मिलेगा। यह प्रोजेक्ट छत्तीसगढ़ में कचरा प्रबंधन और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। –    आरती कोटेड स्टील द्वारा 315 करोड़ निवेश प्रस्ताव दिया गया है, एवं 550 रोजगार सृजन की संभावना है।  –    एसडीआरएम मेटैलिक्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा स्टील प्लांट एवं पावर यूनिट के लिए ₹195.75 करोड़ का निवेश प्रस्ताव दिया है, जिससे रोजगार 492 रोजगार सृजन की संभावना है।  –    आरएसएलडी बायोफ्यूल प्राइवेट लिमिटेड, चंडीगढ़ द्वारा इथेनॉल प्लांट हेतु ₹200 करोड़ का निवेश प्रस्ताव दिया है, एवं 213 रोजगार सृजन की संभावना है।  –    जे.के. लक्ष्मी सीमेंट, राजस्थान द्वारा क्षमता विस्तार हेतु 1816.5 करोड़ से अधिक निवेश प्रस्ताव, 110 रोजगार सृजन  –    अरमानी ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज़, रायपुर द्वारा मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक उपकरण निर्माण हेतु ₹25 करोड़ का प्रस्ताव, जिससे 200 युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा।          पर्यटन क्षेत्र में मिले 505 करोड़ के निवेश प्रस्ताव –    मार्स विवान प्राइवेट लिमिटेड, रायपुर द्वारा 217 कमरों वाले होटल के लिए ₹220 करोड़ निवेश इससे 522 लोगों को रोजगार प्राप्त होगी।   

राज्य में प्रशासनिक हलचल तेज: सरकार ने 15 अधिकारियों की नई पोस्टिंग की

रायपुर  छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। जी हां, सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्य के 16 अधिकारियों की तबादला किया गया है। सचिवालय सेवा के 16 अनुभाग अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक अलग पदों पर पदस्थ किया गया है। इस सूची के अनुसार, जेल विभाग में पोस्टेड अनुभाग अधिकारी अभिलाषा दास को सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-9) में भेजा गया है। आइए देखते है पूरी सूची… अनुभाग अधिकारी का नाम : वर्तमान पदस्थापना : नवीन पदस्थापना अभिलाषा दास : जेल विभाग : सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-9) मुकेश तांडी : सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-3) : कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग अंजू शर्मा : सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-6) : ऊर्जा विभाग आशीष कुमार अग्रवाल : महिला एवं बाल विकास : आदिम जाति विकास विभाग शबीहा परवीन खान : खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग : उच्च शिक्षा विभाग ज्याति पटेल : वित्त विभाग : महिला एवं बाल विकास विभाग स्नेहा यादव : पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग : गृह विभाग मुकेश शाकार : सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-8) : यथावत। सुनील गिरड़कर : ऊर्जा विभाग : वित्त विभाग सीमा साहू : आदिम जाति विकास विभाग : सामान्य प्रशासन विभाग (लेखा शाखा) महेन्द्र कुमार माण्डले : धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग : राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग राधेश्याम भोई : जनसंपर्क विभाग : महिला एवं बाल विकास विभाग प्रफुल्ल टोप्पो : विमानन विभाग : वित्त विभाग प्रवीण रिछारिया : जेल विभाग : वर्तमान कर्तव्यों के साथ साथ जल संसाधन विभाग का अतिरिक्त प्रभार विजय लाल जाटवर : महिला एवं बाल विकास विभाग : धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग सतीश सिंह राजपूत : राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग : सामान्य 

महासमुंद : सीईओ श्री हेमंत नंदनवार ने जन चौपाल में सुनी लोगों की मांग एवं समस्याएं

महासमुंद जिला कलेक्ट्रेट में आयोजित होने वाले जन चौपाल में आज जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार ने जिले के आमजनों की मांगों एवं समस्याओं को गंभीरता पूर्वक सुनी और संबंधित विभाग के अधिकारियों को नियमानुसार निराकरण के निर्देश दिए। जन चौपाल में 63 आवेदन प्राप्त हुए। जन चौपाल में आवेदकों ने एग्रीस्टैक पंजीयन, लंबित भुगतान, पीएम आवास, धान बिक्री, सीमांकन, अवैध कब्जा तथा अन्य समस्याओं व मांगो को लेकर आवेदन सौंपे। ग्राम लाफिनखुर्द निवासी हेमिनबाई ने सीलिंग भूमि हटाने हेतु आवेदन दिया। इसी तरह पिरदा निवासी रेशमलाल पटेल ने नॉमिनी जोड़कर धान खरीदी के संबंध में, ग्राम हरनादादर निवासी ढेलीबाई निराला ने धान बिक्री पंजीयन हेतु, ग्राम झारा दशरी बाई दीवान ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि के संबंध में, ग्राम बावनकेरा निवासी पीलाराम कुर्रे ने शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के संबंध में आवेदन सौंपा। सीईओ श्री नंदनवार ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदकों की समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करने कहा। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, श्री रवि कुमार साहू सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

किसानों-मजदूरों का 26 नवंबर का रैली दिन: मोर्चा ने क्या मांगे उठाईं?

तरनतारन  ऐतिहासिक विजयी किसान आंदोलन की 5वीं सालगिरह पर संयुक्त किसान मोर्चा पूरे देश में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करेगा और पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ में 26 नवंबर को एक बड़ी किसान और मजदूर रैली  करने का ऐलान किया है। इसकी तैयारियों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा जिला तरनतारन की एक मीटिंग एस.के.एम. जिला तरनतारन के कन्वीनर नछत्तर सिंह मुगल चक की अध्यक्षता में हुई। इस संबंध में तरसेम सिंह लुहार व मनजीत सिंह बग्गू ने कहा कि संगठन द्वारा तय कोटे के अनुसार तरनतारन जिले से किसान पूरे जोश के साथ पहुंचेंगे। पंजाब सरकार और खासकर केंद्र सरकार की किसानों और मजदूरों के लिए नुक्सानदायक नीतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र की भी एस.पी. सरकार ने किसान आंदोलन के दौरान तीन लोक देख कानून वापस लेने का वादा किया था कि सभी फसलों और एम.एस.पी. का दाम स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार दिया जाएगा, लेकिन मामला जस का तस है। इसके उल्ट, पंजाब यूनिवर्सिटी पर कब्जा करने और पंजाब राज्य की राजधानी चंडीगढ़ पंजाब को सौंपने के बजाय, केंद्र सरकार उस पर पूरी तरह से कब्जा कर रही है। पंजाब के पानी को लूटा जा रहा है। पंजाब के खेती के सामान का व्यापार वाघा बॉर्डर व हुसैनीवाला बॉर्डर के बजाय गुजरात के रास्ते पाकिस्तान से हो रहा है, जिससे पंजाब के किसानों, मजदूरों और व्यापारियों को भारी नुक्सान हो रहा है। केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा के शीतकालीन सत्र में कानूनी संशोधन के जरिए चंडीगढ़ को पंजाब से हमेशा के लिए छीनने के प्रस्ताव की कड़ी निंदा की गई। किसान नेताओं ने कहा कि केंद्र की मौजूदा सरकार कांग्रेस सरकारों से भी बड़ी पंजाब की दुश्मन साबित हो रही है। पंजाबी इस धक्के को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने बाढ़ पीड़ितों को पूरा मुआवजा नहीं दिया है, इसलिए इन गांवों के लोगों को कम से कम एक लाख रुपए की मदद दी जानी चाहिए, जिसमें सत्तर हजार रुपए प्रति एकड़ और दस लाख रुपए प्रति घर के नुक्सान के हिसाब से शामिल हैं।   इस मौके पर दूदलजीत सिंह दयालपुरा, बलबीर सिंह झामका, दलविंदर सिंह पन्नू, गुरसाहिब सिंह दल, दिलबाग सिंह लखोवाल, गुरचरण सिंह सबरा, पूरन सिंह मरीमेघा, गुरबचन सिंह घरका, हरजीत सिंह रवि, तरसेम सिंह कलसी, सतपाल सिंह नथोके, दया सिंह अलादीनपुर, सुखदेव सिंह तूर, भूपिंदर सिंह पंडोरी तख्तमल, अमृत पाल सिंह जोड़ा आदि मौजूद थे।

9 दिसम्बर को खजुराहो में होगी मंत्रि-परिषद की बैठक

बुंदेलखंड के विकास और केन-बेतवा लिंक परियोजना को समर्पित होगी यह पहल प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा लागू श्रम कानूनों की नवीन व्यवस्था से उद्योग और व्यापार जगत को मिलेगा प्रोत्साहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्री परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा श्रम कानून के संबंध में लिए गए फैसले के लिए मंत्रि-परिषद की ओर से उनका आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग व्यापार के लिए यह अद्भुत कला है, श्रम से संबंधित 44 कानून की बजाय केवल 4 कानून की व्यवस्था से उद्योग व्यापार जगत को विशेष प्रोत्साहन मिलेगा। यह कानून पूरे देश में एक साथ लागू होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खजुराहो में 8 और 9 दिसंबर को विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी‍। इसमें विभागों की दो वर्ष की उपलब्धियों, नवाचारों, आगामी वर्षों के प्रमुख लक्ष्यों, चुनौतियों और कार्य योजनाओं पर चर्चा होगी। इसके साथ ही 9 दिसंबर को मंत्री परिषद की बैठक खजुराहो में होगी। यह गतिविधि केन बेतवा लिंक परियोजना और बुंदेलखंड के विकास को समर्पित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत में जन्मी मादा चीता "मुखी" द्वारा 5 शावकों को जन्म देना बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा और प्रदेश में औद्योगिक तथा निवेश गतिविधियों के विस्तार के लिए हैदराबाद में हुए रोड-शो की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने एक दिसंबर से आरंभ होने वाले गीता जयंती समारोह के अंतर्गत होने वाली गतिविधियों के संबंध में भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विगत वर्ष की भांति एक दिसम्बर को गीता जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी। कुरूक्षेत्र में 24 नवम्बर से एक दिसम्बर की अवधि में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025 में मध्यप्रदेश द्वारा भाग लिया जा रहा है। इसमें जय श्रीकृष्णा नृत्य नाट्य, श्री कृष्ण लीला, कृष्णायन, जनजातीय एवं लोकनृत्य, चित्र प्रदर्शनी इत्यादि विभिन्न कार्यक्रम होगें। प्रदेश के 313 विकासखण्डों, 55 जिला मुख्यालय एवं 10 संभागों में श्रीकृष्ण परंपरा के आचार्यों की सन्निधि में 3 लाख गीता प्रेमी श्रीमद् भागवत गीता के 15 वें अध्याय के श्लोक का सस्वर पाठ करेंगे। कार्यक्रमों में गीता ज्ञान प्रतियोगिता, कृष्णायन-नृत्य नाटिका आदि का भी प्रदर्शन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्यप्रदेश के अंतर्गत हैदराबाद में 22 नवम्बर को हुई उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि 10 कम्पनियों की ओर से 36 हजार 600 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इससे लगभग 27 हजार 800 नये रोजगार सृजित होंगे। प्रदेश में एजीआई ग्रीनपैक कम्पनी द्वारा पैकेजिंग इंजीनियरिंग सेक्टर में 1500 करोड़ रुपये, एक्सिस एनर्जी वेंचर्स इंडिया कम्पनी द्वारा नवीकरणीय ऊर्जा सेक्टर में 29 हजार 500 करोड़ रुपये, अनंत टेक्नालॉजीज कम्पनी द्वारा एयरो स्पेस सेक्टर में एक हजार करोड़, ऑटोमेटस्की सॉल्यूशंस कम्पनी द्वारा आईटी सेक्टर में एक हजार करोड़, कोलावेरी इंक कम्पनी द्वारा फार्मा एण्ड ट्रेडिंग सेक्टर में एक हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव‍दिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि हैदराबाद में ग्रीनको कम्पनी के मुख्यालय का दौरा भी किया। यह कम्पनी प्रदेश में रिन्यूएबल एनर्जी में बड़ा काम कर रही है। ग्रीनको ने पिछले 10 वर्षों में 3 हजार मेगावॉट क्षमता वाले नवकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्ट स्थापित किए हैं। आने वाले समय में कंपनी द्वारा 5 वर्षों में 25 हजार करोड़ के निवेश की योजना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत में जन्मी मादा चीता 'मुखी' द्वारा 5 शावकों को जन्म देने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि प्रदेश में चीता अफ्रीका से लाये गये थे। उनकी भारत में जन्मी अगली पीढ़ी ने शावकों को जन्म दिया है। यह उपलब्धि भारतीय वनों में चीता प्रजाति के अनुकूलन का महत्वपूर्ण संकेतक है। यह भारतीय आवासों में चीता प्रजाति के अनुकूलन, स्वास्थ्य और दीर्घकालिक संभावनाओं का एक मजबूत संकेतक है। इससे देश में जैव विविधता के संरक्षण लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए हो रहे प्रयासों को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लिये यह गौरव का विषय है। उन्होंने मंत्रि-परिषद के साथियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक नवम्बर को पीएमश्री पर्यटन हेली सेवा के शुभारंभ से प्रदेश ने हवाई पर्यटन के एक नए युग में प्रवेश किया है। इससे यात्रा अब अधिक तेज, सुरक्षित, किफायती और सुगम होगी। इस सेवा का नियमित संचालन 20 नवंबर से प्रारंभ हो गया है। इससे धार्मिक, वाईल्ड लाइफ और वेलनेस सेक्टर में हवाई कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध होगी। धार्मिक सेक्टर के अंतर्गत इंदौर उज्जैन ओंकारेश्वर के मध्य हवाई सेवा का संचालन होगा। श्रद्धालु एक ही दिन में भगवान महाकाल और ओंकारेश्वर दोनों ज्योर्तिलिंग के दर्शन कर सकेंगे। वेलनेस सेक्टर के अंतर्गत भोपाल, मढ़ई, पचमढ़ी के मध्य हवाई सेवा का संचालन होगा। वाइल्डलाईफ सेक्टर के अंतर्गत जबलपुर, मैहर, चित्रकूट, अमरकंटक, कान्हा, बांधवगढ़ से हेलीकॉप्टर सेवा का संचालन किया जा रहा है।