samacharsecretary.com

अक्टूबर 2025 में Mahindra XUV 3XO और XUV300 की बिक्री पार की 4 लाख यूनिट्स का आंकड़ा

मुंबई  स्वदेशी एसयूवी निर्माता कंपनी Mahindra & Mahindra ने अक्टूबर 2025 में घरेलू बाज़ार में Mahindra XUV 3XO और XUV300 (प्री-फेसलिफ्ट मॉडल) की कुल बिक्री 4,00,000 के आंकड़े को पार कर गई है. जानकारी के अनुसार, घरेलू कार निर्माता कंपनी ने अक्टूबर में 12,237 यूनिट्स के साथ XUV 3XO की अब तक की सबसे ज़्यादा मंथली बिक्री हासिल की है. Mahindra ने पहली जेनरेशन की XUV300 को 14 फरवरी, 2019 को पेश की थी, जिसके बाद इसका फेसलिफ्ट वर्जन Mahindra XUV 3XO, 29 अप्रैल, 2024 को लॉन्च किया गया था. Mahindra 3XO के लॉन्च से लेकर अक्टूबर 2025 के आखिर तक, इस कॉम्पैक्ट SUV की 1,57,542 यूनिट्स बिक ​​चुकी हैं, जिससे कुल 4,06,569 यूनिट्स की बिक्री में इसका 39 प्रतिशत हिस्सा है. Mahindra XUV 3XO की बिक्री वित्त वर्ष 2025 Mahindra मॉडल का अब तक का सबसे अच्छा साल रहा है, जिसमें 1,00,905 यूनिट्स की बिक्री हुई, जो पिछले साल इसी समय में बेची गई 54,726 यूनिट्स से 84 प्रतिशत से ज़्यादा है. असल में, Mahindra 3XO पिछले फाइनेंशियल ईयर में Mahindra Scorpio के बाद दूसरी सबसे ज़्यादा बिकने वाली महिंद्रा SUV थी, और Bolero, XUV700 और Thar से आगे थी. लेकिन मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में, Mahindra XUV 3XO की सेल्स रैंकिंग दो पायदान गिरकर चौथे नंबर पर आ गई है. इसमें Mahindra Scorpio N और Scorpio Classic (1,02,514 यूनिट्स), Thar और Thar Roxx (71,351 यूनिट्स) और Bolero (57,512 यूनिट्स) शामिल हैं. वित्त वर्ष 2025 के पहले सात महीनों के बाद, Mahindra SUV की सेल्स में XUV 3XO का हिस्सा 15 प्रतिशत है, जो पिछले साल इसी समय के 20 प्रतिशत से कम है.

वीडी शर्मा ने आम जनता से की अपील, कटनी में सांसद खेल महोत्सव में हिस्सा लें

कटनी  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए खजुराहो लोकसभा क्षेत्र में सांसद खेल महोत्सव–2025 का भव्य शुभारंभ 25 नवंबर को होगा। कटनी के दीनदयाल उपाध्याय खेल परिसर में दोपहर 1 बजे आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन करेंगे। स्थानीय सांसद और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वी.डी. शर्मा ने इस आयोजन की जानकारी देते हुए बताया कि यह महोत्सव युवाओं को खेल के माध्यम से अपनी प्रतिभा निखारने का एक बड़ा मंच प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य युवाओं में ऊर्जा, अनुशासन और सकारात्मकता का संचार करना है। उद्घाटन समारोह में जुटेंगे दिग्गज इस खेल महोत्सव के उद्घाटन समारोह में कई जानी-मानी हस्तियां भी मौजूद रहेंगी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर केदार जाधव और पैरा ओलंपिक में देश का नाम रोशन करने वाले पद्मश्री सम्मानित तैराक सतेंद्र सिंह लोहिया विशेष अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। इनके अलावा मध्य प्रदेश के प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह, क्षेत्र के सभी विधायक, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। सांसद ने की सफल बनाने की अपील सांसद वी.डी. शर्मा ने क्षेत्रवासियों से इस आयोजन को सफल बनाने के लिए अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने सभी नागरिकों को कार्यक्रम में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने के लिए आमंत्रित किया है।

गाजा में हिंसा जारी, इजराइल ने युद्धविराम का उल्लंघन किया 500 बार, भारी हताहत

तेल अवीव: अल जजीरा ने गाजा सरकार के मीडिया ऑफिस के बयान का हवाला देते हुए बताया कि 10 अक्टूबर को युद्धविराम लागू होने के बाद से इजराइल ने सिर्फ 44 दिनों में लगभग 500 बार गाजा सीजफायर तोड़ा है. इसके कारण सैकड़ों फिलिस्तीनियों की मौत हो गई. ऑफिस के अनुसार इन उल्लंघनों के दौरान 342 आम लोग मारे गए हैं. इनमें ज्यादातर बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं. ऑफिस ने कहा, 'हम इजराइली कब्जा करने वाले अधिकारियों द्वारा सीजफायर समझौते के लगातार गंभीर और व्यवस्थित रूप से उल्लंघन की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं.' उन्होंने आगे कहा, 'ये उल्लंघन अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और समझौते से जुड़े मानवीय प्रोटोकॉल का खुला उल्लंघन है. इन उल्लंघनों में से 27 आज, शनिवार को हुए जिनमें 24 लोग मारे गए और 87 घायल हुए.' अल जजीरा के अनुसार ऑफिस ने यह भी कहा कि इजराइल अपने उल्लंघन से होने वाले मानवीय और सुरक्षा नतीजों के लिए पूरी तरह जिम्मेदार है. जैसा कि संघर्ष विराम समझौते में जरूरी था, इजराइल तबाह हुए इलाके में बहुत जरूरी मदद और मेडिकल सप्लाई के पूरे और निर्बाध आवाजाही पर भारी रोक लगा रहा है. शनिवार (लोकल टाइम) को इजराइली सेना ने गाजा में ताबड़तोड़ हवाई हमले शुरू कर दिए. इसमें बच्चों समेत कम से कम 24 फिलिस्तीनी मारे गए. यह युद्ध से जूझ रहे इलाके में छह हफ़्ते पुराने संघर्ष विराम का नया उल्लंघन था. इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के ऑफिस ने कहा कि ये हमले तब किए गए जब हमास के एक लड़ाके ने गाजा की तथाकथित येलो लाइन के अंदर इजराइली सैनिकों को निशाना बनाया. ये इजराइली नियंत्रण वाला क्षेत्र है. इजराइली बयान में कहा गया, 'जवाब में इजरायल ने हमास के पांच सीनियर लड़ाकों को मार गिराया.' हालांकि, हमास ने इजरायल के बयान को चुनौती दी और दावे का सबूत मांगा. अल जजीरा के मुताबिक हमास के पॉलिटिकल ब्यूरो के एक सीनियर अधिकारी इज्जत अल-रिशेक ने गाजा डील के मीडिएटर्स और अमेरिका से अपील की कि वे इजराइल पर अपने दावे का समर्थन करने और गाजा समझौते को लागू करने के लिए दबाव डालें. स्थानीय अधिकारियों ने कहा है कि उत्तरी गाजा में दर्जनों फिलिस्तीनी परिवारों को घेर लिया गया है, क्योंकि इजराइली सेना ने सीजफायर समझौते का उल्लंघन करते हुए अपनी सेना को इलाके में और अंदर भेज दिया है.

बैतूल में बदले विवाह नियम, डीजे बैन और ट्रैफिक बाधा पर मैरिज हॉल की होगी सीलिंग

बैतूल   शादियों के सीजन में मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में विवाह और अन्य आयोजनों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के अनियंत्रित उपयोग पर प्रशासन ने कड़ाई शुरू कर दी है। प्रभारी कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अक्षत जैन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत नए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। इसके तहत शादियों में डीजे बजाना प्रतिबंधित रहेगा, जबकि रात 10 बजे के बाद किसी भी प्रकार के लाउडस्पीकर के उपयोग पर पाबंदी होगी। चल समारोह के दौरान यातायात बाधित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वहीं मेरिज लॉन और हॉल संचालकों को पार्किंग और ट्रैफिक मैनेजमेंट की उचित व्यवस्था करना अनिवार्य होगा। कार्यक्रम के दौरान ट्रैफिक जाम मिलने पर संबंधित हॉल या लॉन को तुरंत सील किया जाएगा। आदेश उल्लंघन पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कारर्वाई होगी। प्रशासन ने नागरिकों से नियमों के पालन की अपील की है  

भारत का मान बढ़ाया! यामिनी ने एशियन जूडो चैंपियनशिप में कोरियाई प्रतिद्वंद्वी को पटखनी देकर स्वर्ण जीता

सागर  चाइना के हॉन्गकॉन्ग में आयोजित एशियन जूडो चैंपियनशिप में सागर की होनहार जूडो खिलाड़ी यामिनी मौर्य ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। यामिनी की इस उपलब्धि से न सिर्फ मध्यप्रदेश, बल्कि पूरे देश का मान अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक बार फिर बढ़ गया है। जानकारी के अनुसार इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में कुल 18 देशों ने हिस्सा लिया था। यामिनी ने शानदार फॉर्म दिखाते हुए अपने चारों मुकाबले जीते। फाइनल में उन्होंने कड़े मुकाबले में कोरिया की खिलाड़ी को हराकर गोल्ड मेडल हासिल किया। हॉन्गकॉन्ग में आयोजित इस एशियन चैंपियनशिप में यामिनी मौर्य 57 किलोग्राम वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही थीं। दमदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने अपने शानदार खेल के दम पर स्वर्ण पदक देश की झोली में डाला। यामिनी की इस उपलब्धि से सागर जिले में खुशी का माहौल है। खेल जगत के साथ-साथ जिलेवासियों ने भी उनकी सफलता पर गर्व जताते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। स्वर्ण पदक विजेता यामिनी मौर्य सागर के सदर क्षेत्र की रहने वाली यामिनी ने अपनी स्कूली शिक्षा इमानुएल स्कूल से की है। उन्होंने डॉक्टर हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्व विद्यालय से ग्रेजुएशन किया है। यामिनी के पिता हरिओम मौर्य एक छोटे किसान हैं। बेटी की इस उपलब्धि पर पूरे परिवार में खुशी का आलम है।

दिसंबर में मिलेगी लाड़ली बहना योजना की अगली किस्त, राशि बढ़कर हुई 1500 रुपए

भोपाल      दिसंबर महीने में लाड़ली बहना योजना की 31वीं किस्त जारी की जाएगी। इसके तहत 1.26 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों को 1250 की जगह 1500 रूपए भेजे जाएंगे। चुंकी राज्य की मोहन सरकार ने नवंबर से किस्त में 250 रूपए का इजाफा कर दिया है। इससे पहले 12 नवंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिवनी से प्रदेश की 1.26 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खाते में 30वीं किस्त (1500 रूपए) के रूप में कुल 1857 करोड़ रूपये सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित किए गए थे। इस योजना की शुरुआत जून 2023 में हुई थी, तब से अक्टूबर 2025 तक बैंक खातों में 44 हजार 917 करोड़ 92 लाख रू का अंतरण कर चुके हैं। जनवरी 2024 से अक्टूबर 2025 तक 34 हजार 921 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का अंतरण सिंगल क्लिक से किया है। 2023 में शुरू हुई थी लाड़ली बहना योजना     मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मई 2023 में लाड़ली बहना योजना शुरू की गई थी।लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।     इसमें रक्षा बंधन पर अगस्त 2023, अगस्त 2024 और अगस्त 2025 में लाभार्थी महिलाओं को 250 रूपये की विशेष सहायता राशि तीन बार प्रदान की गई। 2023 अगस्त में राशि को 1000 से बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया । इसके बाद नवंबर 2025 में राशि में 250 की फिर वृद्धि की गई है और अब इस योजना के तहत 1500 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 18,000 रुपये मिलते हैं।     लाड़ली बहनों को जून 2023 से नवंबर 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 30 किश्तों का अंतरण किया गया है। इस प्रकार योजना के आरंभ से अब तक 44,917.92 करोड़ रूपये की राशि का सीधा अंतरण लाभार्थी महिलाओं के खातों में किया जा चुका है।प्रदेश के सभी 52 जिलों में कुल 1,26,36,250 (एक करोड़ 26 लाख 36 हजार 250) महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। लाड़ली बहना योजना में ये अपात्र     महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।जिनके या उनके परिवार के कोई सदस्य इनकम टैक्स देते हैं।अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।     घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।जो खुद किसी और सरकारी योजना से हर महीने1250 रुपये या उससे ज्यादा की राशि पा रही हैं जिनके परिवार में कोई वर्तमान या पूर्व सांसद या विधायक हो।     जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी बोर्ड, निगम, मण्डल आदि का अध्यक्ष, संचालक या सदस्य हो।जिनके परिवार में कोई स्थानीय निकाय का चुना हुआ जनप्रतिनिधि हो (पंच और उपसरपंच को छोड़कर)।     जिनके परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में है (स्थायी, संविदा या पेंशन पाने वाला)।जिनके परिवार के पास कुल 5 एकड़ से ज्यादा खेती की जमीन हो।जिनके परिवार के नाम पर कोई चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर को छोड़कर) रजिस्टर्ड हो। जानिए किस जिले में कितनी लाड़ली बहनें     लाड़ली बहना योजना में सबसे अधिक लाभार्थी इंदौर जिले में हैं, जहाँ 4 लाख 40 हजार 723 महिलाओं को योजना का लाभ मिला है। इसके बाद सागर में 4 लाख 19 हजार 903, रीवा में 4 लाख 3 हजार 182, छिंदवाड़ा में 3 लाख 90 हजार 311, धार में 3 लाख 82 हजार 417, जबलपुर 3 लाख 81 हजार 848 ,बालाघाट जिले में 3 लाख 47 हजार 816, उज्जैन में 3 लाख 40 हजार 203, मुरैना में 3 लाख 33 हजार 821 ,छतरपुर में 3 लाख 24 हजार 454, खरगोन में 3 लाख 13 हजार 741, भोपाल में 3 लाख 9 हजार 20 तथा ग्वालियर जिले में 3 लाख 5 हजार 969 महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है।     राजगढ़ में 2 लाख 95 हजार 459, शिवपुरी में 2 लाख 87 हजार 943, देवास में 2 लाख 85 हजार 496, विदिशा में 2 लाख 74 हजार 946, भिंड में 2 लाख 72 हजार 343, बेतूल में 2 लाख 71 हजार 474 ,सिवनी जिले में 2 लाख 68 हजार 187, मंदसौर में 2 लाख 62 हजार 827, रतलाम में 2 लाख 50 हजार 176, रायसेन में 2 लाख 46 हजार 390, दमोह में 2 लाख 45 हजार 143, सीहोर में 2 लाख 42 हजार 717, और कटनी में 2 लाख 41 हजार 302 बहनों को राशि का लाभ मिला है।     बड़वानी में 2 लाख 37 हजार 60, गुना में 2 लाख 28 हजार 604, खंडवा में 2 लाख 16 हजार 372, नर्मदापुरम में 2 लाख 9 हजार 837, सिद्धी में 2 लाख 9 हजार 706, टीकमगढ़ में 2 लाख 7 हजार 79, नरसिंहपुर में 2 लाख 8 हजार 734 ,सिंगरौली जिले में 1 लाख 97 हजार 4, मंडला में 1 लाख 95 हजार 153, झाबुआ में 1 लाख 92 हजार 511, शहडोल में 1 लाख 88 हजार 729, पन्ना में 1 लाख 82 हजार 220, शाजापुर में 1 लाख 73 हजार 900, नीमच में 1 लाख 57 हजार 658, तथा अशोक नगर में 1 लाख 55 हजार 387 महिलाएँ इस योजना से लाभान्वित हुई हैं।     दतिया में 1 लाख 44 हजार 239, अनूपपुर में 1 लाख 26 हजार 54, अलीराजपुर में 1 लाख 23 हजार 492, आगर मालवा में 1 लाख 17 हजार 255, उमरिया में 1 लाख 9 हजार 113, श्योपुर में 1 लाख 8 हजार 673, और हरदा जिले में 93 हजार 516 बहनों को योजना की राशि का लाभ मिला है। निवाड़ी जिले में 80 हजार 157 महिलाओं को योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। लाभार्थी सूची में ऐसे चेक करें अपना नाम     लाड़ली बहना की आधिकारिक वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं।     वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” वाले विकल्प पर     क्लिक करें।     … Read more

मप्र में नई योजना: 600 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगी सरकार, 100% सब्सिडी पर मिलेगा बगीचा लगाने का फंड

 राजगढ़  जिले की 600 महिलाएं 600 एकड़ जमीन में संतरे की फसल उगाएंगी। इसके लिए शासन स्तर पर उन्हें सब्सिडी प्रदान की जाएगी। तीन साल के लिए 2 लाख 70 हजार रुपए की राशि बगीचे और उससे जुड़े कार्यों के लिए देगी। करीब 15 करोड़ से अधिक की सब्सिडी जिले की महिलाओं को तीन साल के भीतर मिलेगी। एक बगिया मां के नाम योजना के तहत दी जाएगी छूट दरअसल, मप्र शासन की 'एक बगिया मां के नाम' योजना के तहत यह छूट स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को दी जाएगी। उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह प्रयास किया जा रहा है। जिसके तहत खुद की जमीन में महिलाएं संतरे की पैदावार कर पाएंगी। हर ब्लॉक में 100-100 महिलाओं का चयन करना है। जिसके लिए संबंधित महिला का स्व-सहायता समूह से जुड़ा होना जरुरी होगा। साथ ही स्व-सहायता समूह की महिला सदस्य के पास न्यूनतम 0.5 और अधिकतम 1 एकड़ खुद की जमीन होना जरूरी है। यानी समूह का हिस्सा होने पर ही फायदा मिलेगा। चयन शासन स्तर पर होगा। संबंधित जमीन को भी जांचा जाएगा कि वह संबंधित फल, पौधे वहां लग पाएंगे या नहीं? हालांकि राजगढ़ जिले में संतरे की पैदावार अच्छी होती है इसीलिए उसी को फाइनल किया जाना है। पहले भी यहां संतरे के बगीचे लगाए जा चुके हैं, जिनसे किसानों को काफी लाभ मिल रहा है। हर महिला को 2.70 लाख रुपए देंगे जानकारी के अनुसार इस योजना के तहत शासन स्तर पर पूरी सब्सिडी दी जाएगी। गड्‌ढा खोदने से लेकर पौधे बड़े होने तक का खर्च शासन उठाएगा। जिसके तहत प्रत्येक महिला को 2 लाख 70 हजार रुपए तक की राशि दी जाएगी। इसमें मजदूरी, गड्‌ढा खोदना, पौधों की लागत, तार फेंसिंग सहित अन्य कार्य रहेंगे। तीन साल में जब पौधे बड़े हो जाएंगे और फल आने लगेंगे तो वे सीधा उन्हें बेच पाएंगे। जिले की 600 महिलाओं के लिए संतरे के बगीचे की योजना है। मिलेगी सब्सिडी- जिपं सीईओ इसमें शासन स्तर पर सब्सिडी मिलेगी। हर ब्लॉक में 100 महिलाओं को 100 एकड़ में बगीचे लगाए जाएंगे। पूरी सुविधा उन्हें शासन स्तर पर मिलेगी। -डॉ. इच्छित गढ़पाले, सीईओ, जिला पंचायत, राजगढ़ स्व-सहायता समूह का सदस्य होना जरूरी- प्रबंधक संबंधित महिलाओं का स्व-सहायता समूह से जुड़ा होना जरूरी है। उन्हें ही इसका लाभ मिलेगा। तीन साल तक पौधों की देख-रेख, पौधों का खर्च, तार फेंसिंग इत्यादि का कुल 2.70 लाख का खर्च शासन देगा। – संदीप सोनी, प्रबंधक, एनआरएलएम, राजगढ़

नई व्यवस्था लागू: 1 जनवरी से पैसे होंगे ऑटो डिडक्शन, परिवहन विभाग का अपडेट

भोपाल  परिवहन विभाग एक जनवरी 2026 से चालान व्यवस्था में बड़ा बदलाव करेगा। अब टोल प्लाज़ा और हाईवे पर लगे उच्च-गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे वाहनों की हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRPs) स्कैन करेंगे। किसी भी कमी या उल्लंघन पर सीधे वाहन मालिक के मोबाइल पर ई-चालान भेज दिया जाएगा। इसके लिए वाहन मालिक का मोबाइल नंबर परिवहन विभाग के पोर्टल से जुड़ा होना अनिवार्य कर दिया गया है। विभाग ने सभी वाहन स्वामियों को निर्देश दिए हैं कि दिसंबर 2025 तक अपना मोबाइल नंबर पोर्टल पर अपडेट करें और पुरानी नंबर प्लेट हटाकर नई एचएसआरपी लगवा लें।  हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य 62 हजार से अधिक वाहन अभी भी बिना एचएसआरपी दतिया जिले में 01 अप्रैल 2019 से 12 नवंबर 2025 तक कुल 1,11,617 वाहनों में एचएसआरपी लग चुकी है, जबकि 62,911 वाहनों में अभी भी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगना बाकी है। पुराने वाहनों में एचएसआरपी न लगना विभाग के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। हालांकि विभाग का मानना है कि नए चालान सिस्टम लागू होने के बाद कठोरता और निगरानी दोनों में बढ़ोतरी होगी। एचएसआरपी के बिना नहीं होंगे कार्य नियमों के अनुसार परिवहन विभाग कार्यालय (Transport Department) में दोपहिया और चार पहिया वाहनों से जुड़े कार्य- जैसे परमिट, फिटनेस, वाहन स्थानांतरण, टैक्स जमा, एनओसी आदि- एचएसआरपी के बिना नहीं किए जाएंगे। परिवहन अधिकारियों की ई-चालान आईडी भी सक्रिय कर दी गई है। नियमों का पालन न करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ( पोर्टल पर दर्ज होगी वाहन की जानकारी टोल प्लाज़ा और हाईवे के सभी सीसीटीवी कैमरों को परिवहन विभाग के पोर्टल से जोड़ा जा रहा है। वाहन कैमरे के दायरे में आते ही, नंबर प्लेट स्कैन होकर पोर्टल पर वाहन की जानकारी पहुंच जाएगी। नियम विरुद्ध पाए जाने पर ई-चालान जारी हो जाएगा। स्वाति पाठक, जिला परिवहन अधिकारी

भोपाल में खुलेगा नया साइबर पंजीयन ऑफिस, प्रदेश के सभी जिलों की रजिस्ट्री अब होगी केंद्रीकृत

 इंदौर  मध्य प्रदेश में संपत्ति की रजिस्ट्री की प्रक्रिया में बदलाव कर अब भोपाल के अरेरा हिल्स स्थित पंजीयन भवन में साइबर पंजीयन कार्यालय तैयार किया जा रहा है। इसके शुरू होने के बाद प्रदेश के किसी भी जिले की रजिस्ट्री यहां हो सकेगी। खरीदार को संबंधित जिले में जाने की जरूरत नहीं रहेगी। जानकारों का कहना है कि इस प्रक्रिया से संपत्तियों की निगरानी व्यवस्था प्रभावित होगी। जिले की जिन संपत्तियों पर आपत्तियां हैं या न्यायालयीन विवाद हैं, उनकी भोपाल में निगरानी कैसे होगी। स्टे वाली संपत्तियों की रजिस्ट्रियां भी लोग आसानी से भोपाल में करवा सकेंगे। पंजीयन विभाग ने अक्टूबर में भोपाल में साइबर पंजीयन कार्यालय खोलने का नोटिफिकेशन जारी किया था। कार्यालय शुरू करने की तैयारी जारी है, जल्द ही साइबर सब रजिस्ट्रारों की नियुक्ति की जाएगी। इसके बाद रजिस्ट्री का कार्य शुरू होगा। वर्चुअल माध्यम से प्रदेश के किसी भी जिले में रहने वाला खरीदार यहां से रजिस्ट्री करवा सकेगा। भोपाल कार्यालय में ट्रायल रजिस्ट्री का काम हो चुका है, जहां विदेश में बैठे खरीदारों ने रजिस्ट्री कराई थी। स्टे वाली संपत्ति की रजिस्ट्री रोक नहीं पाएंगे पंजीयन कार्यालय अभिभाषक व्यवस्थापक समिति के अध्यक्ष प्रमोद द्विवेदी का कहना है कि पंजीयन विभाग को आधुनिक सिस्टम से इंदौर के बाहर रजिस्ट्री कराने के लिए नई व्यवस्था करनी होगी। जिलों का लक्ष्य भी प्रभावित होगा, जिसकी भरपाई कैसे की जा सकेगी। आपत्ति वाली, न्यायालयीन विवाद और स्टे वाली संपत्ति की रजिस्ट्री को रोक नहीं पाएंगे, क्योंकि विभाग के पास अभी निगरानी का सिस्टम नहीं है। इनकी निगरानी जिला स्तर पर ही होती है। यहां पर भी लोग विवादित संपत्तियों की रजिस्ट्री एक पंजीयन कार्यालय में रुकने पर दूसरे में जाकर करवा लेते हैं। प्रशासनिक पकड़ होगी कमजोर व्यवस्थापक समिति के अध्यक्ष प्रमोद द्विवेदी बताते हैं कि भोपाल में सभी जिलों की रजिस्ट्रियां होने से जिला स्तर पर प्रशासनिक पकड़ भी कमजोर होगी। अभी अवैध कालोनियों और विवादित संपत्तियों पर जिला प्रशासन स्थानीय स्तर पर निगरानी करते हुए रजिस्ट्री की प्रक्रिया रुकवा देता है, इससे आमजन के साथ धोखाधड़ी नहीं होती। भोपाल में यह निगरानी प्रभावित होगी।

भंडारे और शादियों के पंडाल होंगे फायर सेफ, MP एक्ट 2025 के तहत 15 मीटर से ऊंची इमारतों के लिए प्रमाणपत्र अनिवार्य

भोपाल  मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग ने मध्य प्रदेश फायर एंड इमरजेंसी सर्विस एक्ट 2025 का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। इस ड्राफ्ट से जुड़ी सारी अनुमतियां ले ली गई हैं। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद इसे विधानसभा के शीतकालीन सत्र में विधेयक के रूप पेश किया जायेगा।  नए कानून के ड्राफ्ट के मुताबिक, अब 15 मीटर से ऊंची हर इमारत, स्कूल, अस्पताल, मॉल और फैक्ट्री के लिए फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट लेना जरूरी होगा। इसके बिना बिल्डिंग को ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा। वहीं शादी, पॉलिटिकल और धार्मिक आयोजन के पंडाल में इस्तेमाल होने वाला कपड़ा अग्निरोधी होना अनिवार्य होगा, यानी ऐसे मटेरियल का कपड़ा, जो जल्दी आग न पकड़े। पंडालों और बड़े आयोजनों की पूरी जिम्मेदारी आयोजकों पर डालते हुए उन्हें 'सेल्फ-रेगुलेटरी' घोषित किया गया है। लापरवाही बरतने पर अब सिर्फ जुर्माना नहीं, बल्कि जेल की हवा भी खानी पड़ेगी। 8 सवालों के जवाब से समझिए कि आखिर नए फायर सेफ्टी एक्ट की क्या जरूरत पड़ी? इमारतों के लिए क्या नियम रहेंगे और आम लोगों को क्या फायदा मिलेगा, कितना टैक्स देना पड़ेगा… 1. क्यों पड़ी एक नए और सख्त कानून की जरूरत? अब तक मध्य प्रदेश में फायर सेफ्टी के नियम अलग-अलग नगर निकायों और विभागों के अधीन थे, जिससे एकरूपता और जवाबदेही का अभाव था। पुराने नियम न तो आधुनिक निर्माण चुनौतियों का सामना करने में सक्षम थे और न ही उनमें लापरवाही बरतने वालों के लिए कोई कठोर दंड का प्रावधान था। 2. नया एक्ट इस समस्या को कैसे दूर करेगा? नया फायर एंड इमरजेंसी सर्विस एक्ट 2025 इसी बिखरी हुई और कमजोर व्यवस्था को खत्म कर पूरे राज्य के लिए एक एकीकृत, आधुनिक और शक्तिशाली फायर सर्विस की स्थापना करेगा, जिसके पास नियम लागू करवाने के लिए अभूतपूर्व अधिकार होंगे। 3. कैसा होगा फायर सर्विस का स्ट्रक्चर?     कमिश्नर और डायरेक्टर की होगी नियुक्ति: नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग का कमिश्नर ही फायर एंड इमरजेंसी सर्विस का कमिश्नर होगा। सरकार एक डायरेक्टर को भी नियुक्त करेगी। यह ऐसा व्यक्ति होगा, जिसके पास अनुभव, जानकारी और इस क्षेत्र में अच्छे काम का रिकॉर्ड हो। यह डायरेक्टर, कमिश्नर के अधीन रहकर काम करेगा।     पुलिस थानों की तर्ज पर फायर स्टेशन: सरकार आबादी, औद्योगिक क्षेत्र, बिजनेस सेंटर्स के हिसाब से नए फायर स्टेशन खोल सकेगी। पुलिस थानों की तरह ही हर फायर स्टेशन की सीमा तय रहेगी ताकि आग लगने की घटनाओं के बाद तत्काल एक्शन लिया जा सके। हर फायर स्टेशन पर एक डिप्टी फायर ऑफिसर या उससे ऊपर के पद के फायर ऑफिसर की नियुक्ति होगी। 4. बिल्डिंग मालिकों की क्या जिम्मेदारियां रहेंगी? अब तक कई व्यवसायिक और रिहायशी इमारतें फायर सेफ्टी के मानकों को ताक पर रखकर चल रही थीं, लेकिन अब ऐसा करना असंभव होगा। नए कानून के तहत 15 मीटर से ज्यादा ऊंचाई वाली रिहायशी और व्यवसायिक इमारतों को फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट लेना जरूरी होगा। इसके अलावा स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, नर्सिंग होम, होटल, गेस्ट हाउस, मॉल, मल्टीप्लेक्स, फैक्ट्री, गोदाम के लिए भी ये जरूरी होगा। वहीं, औद्योगिक प्रतिष्ठान और 500 वर्ग मीटर से बड़े क्षेत्रफल वाली कोई भी मिक्स-यूज बिल्डिंग के लिए ये अनिवार्य होगा। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि बिना फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट के किसी भी बिल्डिंग को नगर निगम से ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) नहीं मिलेगा, जिसका सीधा मतलब है कि बिल्डर तब तक बिल्डिंग को बेच या किराए पर नहीं दे पाएगा, जब तक कि वह आग से सुरक्षा के सभी मानकों को पूरा न कर ले। साथ ही, सुरक्षा उपकरणों के रखरखाव की रिपोर्ट साल में दो बार फायर विभाग को सौंपनी होगी। 5. शादी और धार्मिक आयोजन के पंडालों के लिए क्या होंगे नियम? त्योहार, मेले, सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रमों में लगने वाले पंडाल आग के लिहाज से सबसे संवेदनशील होते हैं। नए कानून में पंडालों को 'सेल्फ-रेगुलेटरी' घोषित कर दिया गया है। इसका अर्थ है कि सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी अब आयोजक की होगी।     लिखित घोषणा जरूरी: आयोजक को पंडाल में एक बोर्ड लगाकर यह लिखित घोषणा करनी होगी कि उसने फायर सेफ्टी के सभी नियमों का पालन किया है।     सुरक्षा मानक: आयोजक को फायर-रिटार्डेंट (अग्निरोधी) कपड़े का इस्तेमाल, पर्याप्त चौड़े प्रवेश-निकास द्वार, इमरजेंसी एग्जिट, अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता और सुरक्षित बिजली वायरिंग सुनिश्चित करनी होगी।     अधिकारी का अधिकार: फायर ऑफिसर किसी भी पंडाल का अचानक निरीक्षण कर सकते हैं। यदि घोषणा झूठी पाई गई या सुरक्षा में कोई कमी मिली, तो वे पंडाल को तुरंत सील कर सकते हैं। झूठी घोषणा करने पर आयोजक के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। 6. फायर सर्टिफिकेट और एनओसी कैसे मिलेगी? इसके लिए एक ऑनलाइन सिस्टम डेवलप करने की सिफारिश की गई है। ये ICT आधारित ऑनलाइन प्रणाली होगी, जिसमें सभी तरह के फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट और एनओसी हासिल कर सकेंगे। इस सिस्टम को डेवलप करने का मकसद भ्रष्टाचार और देरी को खत्म करना भी है। 7. फायर अफसरों को क्या अधिकार मिलेंगे नया कानून फायर विभाग के अधिकारियों को इतने अधिकार देता है, जितने पहले कभी नहीं थे ताकि वे बिना किसी दबाव के सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।     इमारत सील करने का अधिकार : यदि कोई इमारत आग के दृष्टिकोण से खतरनाक है, तो फायर अधिकारी उसे तुरंत खाली करने और सील करने का आदेश दे सकते हैं। सील तोड़ने पर जेल का प्रावधान है।     तोड़-फोड़ और गिरफ्तारी: आग बुझाने के दौरान फायर ऑफिसर किसी भी रास्ते को बंद कर सकते हैं, बाधा डालने वाले लोगों को गिरफ्तार कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर किसी दीवार या संरचना को तोड़ने का आदेश भी दे सकते हैं।     अतिक्रमण हटाना: आग के खतरे वाली जगहों पर रखे सामान या अतिक्रमण को फायर अधिकारी तुरंत हटाने का आदेश दे सकते हैं। आदेश न मानने पर एसडीएम की मदद से सामान जब्त कर नीलाम भी किया जा सकता है।     पानी पर पहला हक: आग बुझाने के लिए फायर सर्विस किसी भी निजी या सार्वजनिक स्रोत-जैसे कुआं, टंकी, तालाब या बोरवेल से पानी ले सकती है। पानी की आपूर्ति में बाधा डालने वालों पर कठोर दंड लगेगा।