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CM पद पर बड़ी हलचल: DK शिवकुमार को लेकर सिद्धारमैया खेमे का बड़ा बयान

बेंगलुरु  कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने की अटकलों का दौर जारी है। इसी बीच सीएम सिद्धारमैया कैम्प से उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के समर्थन के सुर उठने लगे हैं। हालांकि, कांग्रेस नेतृत्व की ओर से सत्ता संघर्ष को लेकर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। माना जा रहा है कि कांग्रेस आलाकमान दोनों नेताओं को आने वाले कुछ दिनों में दिल्ली तलब कर सकता है। सिद्धारमैया के करीबी माने कर्नाटक के गृहमंत्री जी परमेश्वर ने कहा है कि वह खुद भी सीएम रेस में हैं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, 'जब कोई मुझसे मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षा के बारे में पूछता है, तो मैं बता देता हूं कि मैं भी सीएम की रेस में हूं। लेकिन अगर सत्ता में बदलाव होता है और डीके मुख्यमंत्री बनते हैं, तो हम उसे स्वीकार करेंगे।' परमेश्वर ने खुद को लेकर कहा कि कांग्रेस आलाकमान उनके 'योगदान' के बारे में अच्छे से जानती है। हालांकि, उन्होंने यह साफ किया है कि अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व का ही होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी मुख्यमंत्री पद के लिए योग्य उम्मीदवार होते। उन्होंने सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच किसी समझौते की जानकारी से इनकार किया है। 1 दिसंबर से पहले हो सकता है फैसला एनडीटीवी की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान 1 दिसंबर से पहले कर्नाटक पर बड़ा फैसला ले सकता है। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मुलाकात आने वाले एक या दो दिनों में हो सकती है। हालांकि, इसे लेकर कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। 1 दिसंबर से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है और पार्टी इससे पहले इस मुद्दे को सुलझाना चाहेगी। सीक्रेट डील कांग्रेस सरकार के 20 नवंबर को अपने पांच साल के कार्यकाल के आधे पड़ाव पर पहुंचने के बाद सत्तारूढ़ दल के भीतर सत्ता को लेकर खींचतान तेज हो गई है। राज्य में मुख्यमंत्री बदलने की अटकलों के बीच सत्तारूढ़ पार्टी के भीतर शक्ति संघर्ष तेज हो गया है। 20 नवंबर को कांग्रेस सरकार के अपने पांच वर्षीय कार्यकाल के ढाई साल पूरा होने के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है, क्योंकि 2023 में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और शिवकुमार के बीच कथित 'सत्ता साझेदारी' समझौते का दावा किया जा रहा है। सिद्धरमैया ने हाल ही में कहा था कि वह पूरे पांच साल के कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री बने रहेंगे और भविष्य में राज्य का बजट पेश करना जारी रखेंगे। शिवकुमार ने मंगलवार को कहा कि वह मुख्यमंत्री बदलने के मुद्दे पर सार्वजनिक तौर पर बात नहीं करना चाहते, क्योंकि यह पार्टी में चार-पांच लोगों के बीच एक 'गुप्त समझौता' है, और उन्हें अपनी अंतरात्मा पर भरोसा है।  

किसने दिया धोखा? RJD ने शुरू की पहचान, चुनावी भीतरघातियों पर गिरेगी गाज

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव में शर्मनाक हार के बाद राजद उन भितरघातियों की पहचान करने में जुट गया है जो दल और गठबंधन के उम्मीदवारों को हराने में महती भूमिका निभाई है। पार्टी ने बुधवार से प्रदेश राजद कार्यालय में प्रमंडलवार जीते विधायकों और हारे हुए प्रत्याशियों के साथ बैठक शुरू कर दी। इनकी रिपोर्ट के आधार पर भितरघातियों की सूची बनाई जाएगी। ऐसे नेताओं से पूछताछ की जाएगी। पार्टी नेताओं के अनुसार दो चरणों की समीक्षा के बाद वृहद स्तर पर भितरघातियों को दल से निकाला जा सकता है। पार्टी ने पहले दिन मगध प्रमंडल के हारे-जीते उम्मीदवारों को बुलाया था। सुबह 11 बजे से शुरू हुई बैठक दोपहर तीन बजे तक चली। प्रदेश राजद अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल, पूर्व मंत्री अब्दुलबारी सिद्दिकी, भोला यादव जैसे वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में बैठक हुई। पार्टी प्रत्याशियों ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र की पूरी रिपोर्ट लिखित रूप से नेतृत्व को सौंपी। उम्मीदवारों ने उन नेताओं के नाम बताए हैं जो चुनाव के दौरान दल और गठबंधन के खिलाफ काम किया। वे अपने दल की जगह विरोधी दलों के लिए काम किया। चार दिसम्बर तक प्रमंडलवार बैठक के बाद दूसरे चरण में पांच से नौ दिसम्बर के बीच पार्टी के जिलाध्यक्षों, प्रधान महासचिव और प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक होगी। प्रत्याशियों की ओर से दिये गए नामों के बारे में पार्टी के पदधारकों से राय ली जाएगी। साथ ही जिनका नाम भीतरघात करने वालों की सूची में होगा, उनसे भी इस बाबत पूछा जाएगा। संतोषप्रद जवाब नहीं मिलने पर ऐसे लोगों की पहचान कर दल से बाहर किया जाएगा। गुरुवार को सारण तो शुक्रवार को पूर्णिया प्रमंडल के प्रत्याशियों के साथ बैठक तय है। इन बैठकों में पार्टी नेताओं से भविष्य में अपनाई जाने वाली रणनीतियों, जनहित के मुद्दों को लेकर भी राय मांगी जा रही है।

पंजाब की ऐश्वर्या राय की लव स्टोरी: बिग बॉस में शुरू हुआ प्यार, धर्म के चलते अधूरी रह गई कहानी

मुंबई पंजाबी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की सबसे चर्चित और खूबसूरत कलाकारों में से एक, हिमांशी खुराना का जन्म 27 नवंबर 1991 को पंजाब के किरतपुर साहिब में हुआ। अपनी अदाओं, सादगी और दमदार व्यक्तित्व के चलते उन्हें "पंजाब की ऐश्वर्या राय" कहा जाता है। हिमांशी बचपन से ही कला और अभिव्यक्ति के प्रति बेहद आकर्षित थीं, और 16 वर्ष की उम्र में उन्होंने मॉडलिंग के साथ अपने करियर की शुरुआत की। उनकी प्रतिभा और आत्मविश्वास के कारण वे जल्द ही इंडस्ट्री में पहचान बनाने लगीं। पंजाबी इंडस्ट्री से की शुरुआत हिमांशी का वास्तविक स्टारडम तब शुरू हुआ जब वे पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री में दिखाई दीं। सुपरहिट गानों "सोच", "बुलाईया", "महबूबा", "ना चढ़दी" और "इलज़ाम" के बाद वे पंजाब की सबसे पसंदीदा चेहरों में शामिल हो गईं। उनके गानों की लोकप्रियता सिर्फ पंजाब तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे देश में फैली। इसके बाद उन्होंने सिंगिंग में भी कदम रखा और अपनी मधुर आवाज से दर्शकों का दिल जीत लिया। हिमांशी न केवल एक सफल मॉडल और एक्ट्रेस हैं, बल्कि एक प्रतिभाशाली सिंगर भी हैं, जो अपनी हर परफॉर्मेंस में गहराई और भावनाएँ भर देती हैं। बिग बॉस के घर में शुरू हुई इश्क की कहानी हिमांशी खुराना की स्टोरी किसी फिल्मी स्टोरी से कम नहीं है। बिग बॉस के मंच पर शुरू हुई यह प्रेम कहानी रियल लाइफ में भी आगे बढ़ी। दोनों ने एक-दूसरे के साथ समय बिताया, रोमांटिक म्यूजिक वीडियो किए और शादी की चर्चाएं भी तेज थीं। दोनों रिश्ते को लेकर सीरियस थे और बात शादी तक पहुंच गई थी। मगर उनके इस प्यार को किसी की नजर लग गई। धर्म आया प्यार के आड़े लेकिन हिमांशी और असिम की जब बात साथ जिंदगी बिताने तक पहुंची, तो धार्मिक मतभेद और सामाजिक दबाव इस रिश्ते के बीच दीवार बनकर खड़े हो गए। रिपोर्ट के अनुसार, हिमांशी के परिवार वाले इस रिश्ते से खुश नहीं थे। इसके पीछे की वजह थी असिम रियाज का मुस्लिम धर्म। ऐसे में हिमांशी ने परिवार वालों के खिलाफ न जाने का फैसला लिया और आज दोनों अलग-अलग राहों पर हैं, लेकिन फैंस अब भी मानते हैं कि यह टीवी इतिहास की सबसे चर्चित प्रेम कहानियों में से एक थी।

ओपी चौधरी का बड़ा बयान: पिछली सरकार ने हाउसिंग बोर्ड को खत्म कर दिया था, नीतिगत सुधारों से मिली नई गति

रायपुर आवास मेले की सफलता पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड में नीतिगत चीजों को ठीक किया गया है. पिछली सरकार 790 करोड़ का लोन चढ़ा कर गई थी. हाउसिंग बोर्ड को मृतप्राय स्थिति में छोड़ गई थी. पहले बिना डिमांड के कई जगह प्रोजेक्ट हो जाते थे. वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने धमतरी में कांग्रेस नेताओं की मारपीट पर कहा कि सत्ता लोलुपता, रिश्वतखोरी, एक दूसरे को नीचा दिखाना, लड़ाई-झगड़ा करना यह कांग्रेस की संस्कृति रही है. कांग्रेस पार्टी आज डूबती नाव है. डूबती नाव में हड़कंप मचना स्वाभाविक है. देश की जनता ने राहुल गांधी के नेतृत्व को नकार दिया है.

अचानक बिगड़ी पलाश मुच्छल की तबीयत, डॉक्टरों ने किया बड़ा खुलासा

मुंबई  क्रिकेटर स्मृति मंधाना के पिता की तबीयत बिगड़ने के बाद पलाश मुच्छल भी हॉस्पिटल पहुंच गए थे। अब डॉक्टर ने उनकी हेल्थ पर अपडेट दिया है। डॉक्टर्स का कहना है कि पलाश की तबीयत स्ट्रेस की वजह से बिगड़ी थी। डॉक्टर्स ने उन्हें स्ट्रेस ना लेने और तीन हफ्ते तक आराम करने की सलाह दी है। इस बीच स्मृति के पिता हॉस्पिटल से घर आ चुके हैं। पलाश और स्मृति की शादी पर अब तक कोई अपडेट नहीं है।   रिपोर्ट के मुताबिक पलाश का इलाज कर रहे डॉक्टर्स में से एक दीपेंद्र त्रिपाठी ने बताया, 'पलाश की कंडीशन सीरियस कार्डिएक इवेंट के बजाय स्ट्रेस से जुड़ी लग रही है।' पलाश को पहले सांगली के हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था, जहां उन्हें शुरुआती लक्षणों के आधार पर ट्रीटमेंट दिया गया। जब उनमें सुधार नहीं हुआ तो मुंबई के अस्पताल में शिफ्ट किया गया। किए गए हार्ट के टेस्ट SRV हॉस्पिटल में भर्ती होने के बाद पलाश को सीने में दर्द, घबराहट और सांस लेने में दिक्कत की शिकायत हुई। इसके बाद डॉक्टरों ने ईसीजी और 2डी इको वगैरह दिल से जुड़े टेस्ट किए। डॉक्टर ने बताया, 'उनके कुछ मार्कर थोड़े बढ़े दिखे लेकिन दिल से जुड़ी कोई बड़ी मेडिकल इमरजेंसी का संकेत नहीं मिला। तबीयत में थोड़े सुधार के बाद पलाश को जनरल रूम में शिफ्ट कर दिया गया और ऑब्जरवेशन में हैं।' जल्द डिस्चार्ज होंगे पलाश डॉक्टर ने बताया कि ट्रीटमेंट का असर देखकर लग रहा है कि पलाश की तबीयत स्ट्रेस और एंग्जाइटी की वजह से बिगड़ी थी। उनकी हालत में धीरे-धीरे सुधार आ रहा है और स्ट्रेस काफी कम हो गया है। हॉस्पिटल अथॉरिटी ने बताया कि पलाश स्टेबल हैं और रिकवर हो रहे हैं। वह जल्दी डिस्चार्ज हो जाएंगे और डॉक्टर्स ने उन्हें तीन हफ्तों तक पूरी तरह रेस्ट करने की सलाह दी है ताकि वह पूरी तरह ठीक हो सकें और स्ट्रेस लेने से मना किया है। नहीं आई शादी की नई डेट स्मृति के पिता श्रीनिवास मंधाना हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हो चुके हैं। उन्हें 25 नवंबर को डिस्चार्ज कर दिया गया है। हालांकि शादी की डेट पर अभी तक कोई अपडेट नहीं है। स्मृति के पिता शादी वाले दिन अचानक बीमार पड़ गए थे। डॉक्टर्स ने बताया था कि उनमें हार्ट अटैक जैसे लक्षण थे। पलाश और स्मृति की शादी 23 नवंबर को होनी थी। इंस्टाग्राम से हट गईं फोटोज इस बीच स्मृति के इंस्टाग्राम से शादी की रस्मों से जुड़ी तस्वीरें हटा दी गईं। पलाश पर चीटिंग का भी आरोप लग रहा है। पलाश के एक लड़की के साथ फ्लर्टिंग वाली चैट के स्क्रीन शॉट्स वायरल हैं, हालांकि ये कितने ऑथेंटिक हैं इसकी पुष्टि नहीं हो सकी।

कोच गंभीर के नेतृत्व में टीम इंडिया: टेस्ट मैच-दर-मैच प्रदर्शन का बड़ा विश्लेषण

नई दिल्ली  दक्षिण अफ्रीका ने बुधवार को गुवाहाटी में भारत को 2-0 से हराकर टेस्ट श्रृंखला अपने नाम कर ली। मेजबान टीम को मुख्य कोच गौतम गंभीर के कार्यकाल में तीसरी टेस्ट श्रृंखला में हार का मुंह देखना पड़ा। कोच गौतम गंभीर का 16 महीने का सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। इस दौरान भारत को घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड से 0-3, ऑस्ट्रेलिया से उसकी सरजमीं पर 1-3 से और अब घरेलू मैदान पर दक्षिण अफ्रीका से 0-2 से हार मिली। इससे गंभीर का बतौर कोच टेस्ट कोचिंग रिकॉर्ड 19 मैच में सात जीत, 10 हार और दो ड्रॉ है जिसमें जीत का प्रतिशत महज 36.82 है। वह केवल डंकन फ्लेचर से आगे हैं जिनकी जीत का प्रतिशत 33.33 (39 टेस्ट में 13 जीत, 17 हार, 9 ड्रॉ) रहा है। अब तक खेले टेस्ट- 19 जीत- 7 हार- 10 ड्रॉ- 2 जीत प्रतिशत- 36.82 गंभीर के कार्यकाल में अब तक के हर टेस्ट के नतीजे 1- भारत बनाम बांग्लादेश, चेन्नई टेस्ट, भारत 280 रन से जीता 2- भारत बनाम बांग्लादेश, कानपुर टेस्ट, भारत 7 विकेट से जीता 3- भारत बनाम न्यूजीलैंड, बेंगलुरु टेस्ट, भारत 8 विकेट से हारा 4- भारत बनाम न्यूजीलैंड,पुणे टेस्ट, भारत 113 रन से हारा 5- भारत बनाम न्यूजीलैंड, वानखेड़े टेस्ट, भारत 25 रन से हारा 6- भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया, पर्थ टेस्ट, भारत 295 रन से जीता 7 – भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया,एडिलेड टेस्ट, भारत 10 विकेट से हारा 8- भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया, ब्रिसबेन टेस्ट, मैच ड्रॉ रहा 9- भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया, मेलबर्न टेस्ट, भारत 184 रन से हारा 10- भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया, सिडनी टेस्ट, भारत 6 विकेट से हारा 11- भारत बनाम इंग्लैंड, लीड्स टेस्ट, भारत 5 विकेट से हारा 12- भारत बनाम इंग्लैंड, बर्मिंघम टेस्ट, भारत 336 रन से जीता 13- भारत बनाम इंग्लैंड, लॉर्ड्स टेस्ट, भारत 22 रन से हारा 14- भारत बनाम इंग्लैंड, मैनचेस्टर टेस्ट, मैच ड्रॉ रहा 15- भारत बनाम इंग्लैंड, द ओवल टेस्ट, भारत 6 रन से जीता 16- भारत बनाम वेस्टइंडीज, अहमदाबाद टेस्ट, भारत पारी और 140 रन से जीता 17- भारत बनाम वेस्टइंडीज, दिल्ली टेस्ट, भारत 7 विकेट से जीता 18- भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका, कोलकाता टेस्ट, भारत 30 रन से हारा 19- भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका, गुवाहाटी टेस्ट, भारत 408 रन से हारा 1. बेंगलुरु : न्यूजीलैंड ने भारत को आठ विकेट से हराया 36 वर्षों में पहली बार भारत को घरले मैदान पर न्यूजीलैंड से टेस्ट में हार मिली। न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाजों ने भारत को 46 रन पर समेट दिया। यह पहली बार था जब भारत घरेलू मैदान पर 50 से कम स्कोर पर ऑल आउट हुआ। 2. पुणे : न्यूजीलैंड ने भारत को 113 रन से हराया न्यूजीलैंड के स्पिनरों ने भारत को बुरी तरह परेशान किया। मिचेल सैंटनर को एजाज पटेल और ग्लेन फिलिप्स का पूरा साथ मिला और उन्होंने तीन-टेस्ट श्रृंखला के दूसरे मैच में 13 विकेट लेकर भारत को हार तक पहुंचा दिया। 3. मुंबई : न्यूजीलैंड ने भारत को 25 रन से हराया आर अश्विन और रविंद्र जडेजा ने मिलकर दूसरी पारी में न्यूजीलैंड को 174 पर समेट दिया जिससे 147 रन का लक्ष्य आसान लग रहा था। ऋषभ पंत के 57 गेंद में 64 रन के बावजूद भारत पटेल (57 रन देकर छह विकेट) और फिलिप्स (42 रन देकर तीन विकेट) के सामने 121 रन पर ढेर हो गया। 4. एडिलेड : ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 10 विकेट से हराया पर्थ में मिली 295 रन की जीत का जोश दूसरे दिन रात्रि टेस्ट में उतर गया। मिचेल स्टार्क (48 रन देकर छह विकेट) और ट्रेविस हेड (140) ने ऑस्ट्रेलिया को दबदबा बनाने में मदद की। दूसरी पारी में कप्तान पैट कमिंस (57 रन देकर पांच विकेट) ने भारत को समेट दिया और ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए मात्र 19 रन का लक्ष्य मिला जिसे उन्होंने बिना नुकसान के हासिल कर लिया। 5. मेलबर्न : ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 184 रन से हराया ब्रिस्बेन में खराब मौसम ने भारत को संभावित हार से बचाया था। इसके बाद अश्विन ने तीसरे टेस्ट के बाद संन्यास ले लिया। चौथे टेस्ट में स्टीव स्मिथ के 140 के सहारे ऑस्ट्रेलिया ने लगभग 500 का स्कोर बनाया। पदार्पण करने वाले नीतीश कुमार रेड्डी के शतक के बावजूद भारत 100 से ज्यादा रन से पिछड़ गया। 340 के लक्ष्य का पीछा करते हुए केवल यशस्वी जायसवाल (208 गेंद पर 84 रन) थोड़ा टिके, लेकिन टीम 155 पर ढेर हो गई। 6. सिडनी : ऑस्ट्रेलिया ने भारत को छह विकेट से हराया श्रृंखला में 1-2 से पीछे होने के बावजूद भारत के पास बराबरी का मौका था। लेकिन स्कॉट बोलैंड (31 रन देकर चार विकेट, 45 रन देकर छह विकेट) के सामने बल्लेबाजी बिखर गई। ऑस्ट्रेलिया ने शुरूआती विकेट गंवाने के बावजूद 162 का लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया। 7. कोलकाता : दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 30 रन से हराया एक साल में दूसरी बार भारतीय बल्लेबाज स्पिन के जाल में फंसे। साइमन हार्मर और उनके साथी मार्को यानसन ने भारत को 124 का छोटा लक्ष्य भी पार नहीं करने दिया। हार्मर ने मैच में आठ विकेट लिए और भारत 93 पर सिमट गया। 8. गुवाहाटी : दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 408 रन से हराया देश के नए टेस्ट स्थल पर यह भारत की रन अंतर से लिहाज से अब तक की सबसे बड़ी हार रही। मार्को यानसन ने 48 रन देकर छह विकेट लिए। दक्षिण अफ्रीका 288 रन की बढ़त लेकर उतरा और भारत के सामने 549 का विशाल लक्ष्य रखा। भारत एक बार फिर हार्मर (37 रन देकर छह विकेट) के सामने जूझता रहा और 140 पर ढेर हो गया।

नक्सलियों का IED ब्लास्ट: घायल महिला जवान को रायपुर एयरलिफ्ट किया जाएगा

सुकमा जिले के पोलमपल्ली थाना क्षेत्र के गोरगुंडा में नक्सलियों ने एक बार फिर आईईडी ब्लास्ट की घटना को अंजाम दिया है। बुधवार को एरिया डोमिनेशन पर निकली सुरक्षा बल की टीम को निशाना बनाते हुए नक्सलियों ने विस्फोट किया, जिसमें डीआरजी की एक महिला जवान घायल हुई हैं। घटना के बाद साथी जवानों ने घायल महिला कॉन्स्टेबल को मौके से निकालकर उपचार के लिए सुरक्षित स्थान पहुंचाया। उन्हें आगे के बेहतर उपचार के लिए हेलीकॉप्टर से रायपुर रेफर करने की तैयारी की जा रही है। सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि गोरगुंडा का यह इलाका पहले भी नक्सलियों की आईईडी गतिविधियों के लिए कुख्यात रहा है। इसी क्षेत्र में इससे पहले भी आईईडी धमाके हो चुका है, जिसमें एक जवान घायल हुआ था। बार-बार की ऐसी घटनाएं साबित करती हैं कि नक्सली इस रूट पर लगातार आईईडी प्लांट कर सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने की साजिश रचते रहे हैं। फिलहाल आसपास के इलाके में सर्चिंग तेज कर दी गई है।

लग्ज़री नंबर का क्रेज़! HR88B8888 ने तोड़ा सभी रिकॉर्ड, 1.17 करोड़ में बिका

गुरुग्राम  हरियाणा के चरखी दादरी जिले के बधरा सबडिवीजन से VIP वाहन नंबर HR88B8888 देश की अब तक की सबसे महंगी बोली में 1.17 करोड़ रुपये में बिका है। यह बोली बुधवार शाम ऑनलाइन ऑक्शन में फाइनल हुई। हिसार निवासी सुधीर कुमार इस नंबर के सफल बोलीदाता बने। सायं 4:20 बजे तक बोली 1.03 करोड़ रुपये पर थी, जिसके बाद प्रतिस्पर्धा बढ़ी और अंतिम कीमत 1.17 करोड़ रुपये पर जाकर रुकी। कुल 45 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन बोली प्रक्रिया में हिस्सा लिया। कैसे हुई नीलामी? यह नीलामी सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की वेबसाइट fancy.parivahan.gov.in पर हुई। बेस प्राइस: 50,000 सिक्योरिटी मनी: 10,000 रजिस्ट्रेशन फीस: 1,000 VIP फैंसी नंबरों की ऑनलाइन नीलामी हर सप्ताह होती है और बोली हर बुधवार शाम 5 बजे बंद होती है। क्यों है HR 88 B 8888 इतना खास? वाहन नंबरों में 8 को बेहद शुभ माना जाता है और इसकी मांग हमेशा सबसे अधिक रहती है। HR88B8888 में कुल 6 बार 8 आता है। बीच का 'B' भी आकार में 8 जैसा दिखता है। इस तरह पूरा नंबर एक पैटर्न जैसा दिखता है 88B888 जो खरीदारों को आकर्षित करता है। HR का अर्थ हरियाणा है, जबकि 88 बधरा सबडिवीजन के रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (RTO) को दर्शाता है। ट्रांसपोर्ट विभाग ने क्या कहा? हरियाणा के परिवहन आयुक्त अतुल कुमार ने कहा कि पूरी प्रक्रिया ऑटोमेटेड और ऑनलाइन है। उन्होंने कहा, “यदि यह नंबर 1 करोड़ रुपये से अधिक में बिका है तो यह बहुत बड़ी राशि है। फिलहाल कार्यालय में स्टाफ उपलब्ध नहीं है, इसलिए आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा सकती, लेकिन पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी ही अंतिम मानी जाती है।” पिछले हफ़्ते भी हरियाणा में रिकॉर्ड बोली इसी महीने हरियाणा में ही VIP नंबर HR 22 W 2222 कुल 37.91 लाख रुपये में बिका था, जो अपने आप में एक बड़ा आंकड़ा था।

3 फीट ऊंचे गणेश बने डॉक्टर: हौसले की मिसाल, सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची संघर्ष गाथा

अहमदाबाद कहते हैं ना कि कद नहीं किरदार बड़ा होना चाहिए। गुजरात के गणेश बरैया ने इसे साबित भी किया है। महज 3 फीट की लंबाई और 20 किलो वजन के गणेश अब डॉक्टर बन गए हैं। योग्यता के बावजूद कद कम होने की वजह से गणेश को सुप्रीम कोर्ट तक जंग लड़नी पड़ी। लेकिन ऊंची से ऊंची बाधा को पार करते हुए गणेश अपने मंजिल तक पहुंच गए हैं। अब उन्हें मेडिकल ऑफिसर के रूप में तैनाती मिल गई है। 25 साल के बरैया जन्म से ही बैनेपन के शिकार हैं। जिसके कारण उन्हें चलने-फिरने से संबंधित 72% विकलांगता है। चुनौती सिर्फ शरीर की कमजोरी नहीं आर्थिक किल्लत भी थी। भावनगर के गोरखी गांव में जन्मे गणेश 8 भाई बहन हैं। शारीरिक रूप से गणेश जितने कमजोर थे, मानसिक रूप से उतने ही मजबूत और तेज। बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी गणेश ने 12वीं में 87 फीसदी अंक लाकर सबको चौंका दिया था। लेकिन यह शुरुआत भर थी। इसके बाद उन्होंने नीट की परीक्षा भी पास कर ली। लेकिन विकलांगताओं की वजह से 2018 में गुजरात सरकार ने उन्हें एमबीबीएस कोर्स में एडमिशन देने से इनकार कर दिया था। कद की वजह से आई रुकावट से गणेश ने हार नहीं मानी। स्कूल के प्रिंसिपल की मदद से गणेश ने जिला कलेक्टर और शिक्षा मंत्री तक गुहार लगाई। इसके बाद वह अपनी समस्य लेकर गुजरात हाई कोर्ट पहुंचे। हाई कोर्ट से निराशा मिलने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। देश की सर्वोच्च अदालत ने उनके पक्ष में फैसला देते हुए एमबीबीएस में दाखिले का आदेश दिया। इसके बाद 2019 में उन्हें एमबीबीएस में दाखिला मिला। डॉ. बरैया ने पिछले साल न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ अपनी कहानी साझा करते हुए कहा था, '12वीं पास करने और एमबीबीएस में दाखिले के लिए नीट परीक्षा क्वालिफाई करने के बाद जब मैंने फॉर्म भरा तो मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की समिति ने मेरी लंबाई के आधार पर मुझे खारिज कर दिया। उनका कहना था कि मेरी कम लंबाई के कारण मैं आपातकालीन मामलों को संभाल नहीं पाऊंगा। फिर मैंने नीलकंठ विद्यापीठ के प्रिंसिपल डॉ. दलपत भाई कटारिया और रेवसीश सर्वैया से इस बारे में बात की और पूछा कि हम इसके लिए क्या कर सकते हैं।' गणेश ने आगे कहा, 'उन्होंने मुझे भावनगर कलेक्टर और गुजरात के शिक्षा मंत्री से मिलने को कहा। भावनगर कलेक्टर के निर्देश पर हमने यह केस गुजरात हाई कोर्ट ले जाने का फैसला किया। हमारे साथ दो अन्य उम्मीदवार भी थे जो दिव्यांग थे… हम हाई कोर्ट में केस हार गए, लेकिन फिर हमने सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले को चुनौती देने का निश्चय किया।'

ग्वालियर-चंबल में बढ़ी ठंड, मध्यप्रदेश के कई शहरों में पारा 10 डिग्री से कम

भोपाल  मध्यप्रदेश में सर्द हवाओं ने फिलहाल अपना असर बनाए रखा है। ग्वालियर सहित प्रदेश के 7 शहरों में रात का पारा 10 डिग्री से नीचे दर्ज हो रहा है। खासतौर पर ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। वहीं रतलाम, नरसिंहपुर, सिवनी, बैतूल और नर्मदापुरम जैसे इलाकों में रात का तापमान 15 से 19 डिग्री के बीच बना हुआ है। दिन के वक्त भी मौसम का दोहरा स्वरूप देखने को मिल रहा है। कुछ जिलों में हल्की धूप राहत दे रही है, जबकि कई जगह दिन भी ठंडे बने हुए हैं।  हालही में थोड़ी राहत के बाद मध्य प्रदेश में एक बार फिर ठंड ने तेवर दिखाना शुरू कर दिए हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में रात के तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। मौजूदा समय में चंबल संभाग सबसे ठंडा क्षेत्र बन गया है। वहीं, मौसम विभाग आगामी दिनों में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना जताते हए अगले एक-दो दिन के भीतर प्रदेशभर में एक बार फिर कड़ाके की ठंड का दौर शुरु होने का संभावना जता रहे हैं। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, बुधवार रात को सबसे कम तापमान नौगांव में 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद रीवा में 8.9, ग्वालियर में 9.3, दतिया में 9.6, खजुराहो में 9.8 और सीधी में ठीक 10 डिग्री तापमान रहा। यानी प्रदेश के कुल 7 शहरों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे चला गया। चंबल संभाग (ग्वालियर, दतिया, मुरैना, भिंड, श्योपुरकला) में सबसे ज्यादा ठंड पड़ रही है। वहीं, रतलाम, नरसिंहपुर, सिवनी, बैतूल और नर्मदापुरम में न्यूनतम तापमान 15 से 19 डिग्री के बीच रहा। अगले दो दिनों तक तापमान में  जारी रहेंगा उतार-चढ़ाव  मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हवा के रुख में बदलाव और हल्के बादलों की मौजूदगी से ऐसी स्थिति बनी है। अगले दो दिनों तक तापमान में यही उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है, इसके बाद प्रदेश में फिर से कड़ाके की सर्दी दस्तक देगी। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, देश के दक्षिणी हिस्से में सक्रिय निम्न दाब क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) के कारण मध्यप्रदेश में जगह-जगह बादल घिर रहे हैं। इससे दिन में ठंडक बढ़ी है और रात के पारे में भी अनियमित गिरावट- बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इस वजह से तेज ठंड नहीं मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ी राज्य- उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी जरूर हो रही है, लेकिन विंड पैटर्न यानी, हवा की दिशा बदलने की वजह से उत्तरी हवाएं प्रदेश में नहीं आ रही है। दूसरी ओर, बंगाल की खाड़ी में एक लो प्रेशर एरिया एक्टिव है। जिसकी वजह से प्रदेश में हल्के बादल है। इससे दिन में ठंडक बढ़ गई है, जबकि रात के तापमान में 5 से 6 डिग्री की बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। मंगलवार-बुधवार की बात करें तो भोपाल में 15.4 डिग्री, इंदौर में 15.1 डिग्री, ग्वालियर में 9.3 डिग्री, उज्जैन में 16.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 15.2 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, छतरपुर के नौगांव में सबसे कम 7.8 डिग्री, मुरैना में 8.8 डिग्री, रीवा में 8.9 डिग्री, दतिया-चित्रकूट में 9.6 डिग्री, खजुराहो में 9.8 डिग्री और सीधी में तापमान 10 डिग्री दर्ज किया गया। इस बार नवंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी ठंड मौसम विभाग की माने तो इस साल मध्यप्रदेश में नवंबर में ही ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। भोपाल में 84 साल बाद सबसे ज्यादा ठंड रही तो इंदौर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। लगातार 15 दिन तक प्रदेश में शीतलहर भी चली, लेकिन नवंबर के आखिरी सप्ताह में कड़ाके की ठंड से थोड़ी राहत मिल रही है। पहाड़ों में बर्फबारी जल्दी, इसलिए शीतलहर चली बता दें कि प्रदेश में 6 नवंबर से ही कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो गया था। आम तौर पर नवंबर के दूसरे पखवाड़े से तेज ठंड पड़ती है, लेकिन इस बार पहाड़ी राज्य- हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में समय से पहले बर्फबारी हो गई। इस वजह से बर्फीली हवाओं से एमपी भी कांप उठा। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार, साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर, यहां रात का पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा। क्यों नहीं बढ़ रही कड़ाके की ठंड? मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी जारी है, लेकिन हवा की दिशा बार-बार बदलने से ठंडी उत्तरी हवाएं एमपी तक नहीं पहुंच रहीं। दूसरी ओर बंगाल की खाड़ी में सक्रिय लो प्रेशर सिस्टम हल्के बादलों को प्रदेश तक ला रहा है, जिसके कारण दिन में ठंड बढ़ने के साथ रात के तापमान में 5–6 डिग्री की बढ़ोतरी भी दर्ज की गई है। इन शहरों का तापमान बीते 24 घंटों में भोपाल 15.4 डिग्री, इंदौर 15.1 डिग्री, ग्वालियर 9.3 डिग्री, उज्जैन 16.5 डिग्री और जबलपुर 15.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। छतरपुर के नौगांव में न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री, मुरैना में 8.8 डिग्री, रीवा 8.9 डिग्री, दतिया-चित्रकूट 9.6 डिग्री, खजुराहो 9.8 डिग्री और सीधी 10 डिग्री रहा। नवंबर में ठंड ने तोड़े रिकॉर्ड इस साल नवंबर महीने में ठंड ने कई पुराने रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए। भोपाल में 84 साल बाद सबसे सर्द नवंबर दर्ज हुआ, वहीं इंदौर में 25 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा। प्रदेश भर में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चलती रही, हालांकि नवंबर के अंतिम सप्ताह में कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिली है। समय से पहले पहाड़ों में बर्फबारी का असर एमपी में 6 नवंबर से ही तेज ठंड का दौर शुरू हो गया था, जबकि आमतौर पर नवंबर के दूसरे हिस्से में सर्दी बढ़ती है। हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में सामान्य से पहले हुई बर्फबारी के कारण ठंडी हवाएं जल्दी ही मैदानी इलाकों में पहुंच गईं और प्रदेश कांप उठा।भोपाल में लगातार 15 दिन शीतलहर चलना 1931 के बाद सबसे लंबा क्रम रहा। रात का पारा यहां 5.2 डिग्री तक लुढ़क गया, जो अब तक का कुल रिकॉर्ड है।  सुबह कोहरा…इसलिए गाड़ी संभलकर चलाने की सलाह प्रदेश में ठंड का असर भले ही कम हुआ हो, लेकिन सुबह व रात में कोहरा छा रहा है। इसलिए एक्सपर्ट ने लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग … Read more