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मैच से पहले टिकटों की मारामारी, ब्लैकरों की चांदी—IND vs SA ODI में धड़ल्ले से बिकी ब्लैक टिकटें

झारखंड  झारखंड की राजधानी रांची के जेएससीए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 30 नवंबर को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच वनडे मैच होगा। इसको लेकर लोगों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। झारखंड की राजधानी रांची के जेएससीए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 30 नवंबर को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच वनडे मैच होगा। इसको लेकर लोगों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। पुरुष और महिलाएं लाइन में खड़े दिखाई दिए बीते बुधवार को वनडे मैच देखने के लिए टिकट बिक्री का अंतिम दिन था। पहली ही पाली में सस्ते टिकट खत्म हो गए। इसका फायदा ब्लैकरों ने खूब उठाया। ब्लैकरों ने 1,600 रुपये का टिकट 4,000 रुपये में, 1,900 रुपये का टिकट 4,500–5,000 रुपये में और 2,200 रुपये रेंज के टिकट 5,500 रुपये तक बेचे। पूछताछ में एक ब्लैकर ने बताया कि वह महिलाओं और बच्चों को रातभर 500 रुपये देकर लाइन में खड़ा करता है, जिससे बड़ी संख्या में टिकट उसके पास पहुंच जाते हैं। वहीं, टिकट के लिए लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। पुरुष और महिलाएं लाइन में खड़े दिखाई दिए। दोपहर में डेढ़ बजे से खेले जाएगा मैच बता दें कि क्रिकेट प्रेमियों में इस मैच को लेकर खास रोमांच है क्योंकि काफी समय बाद रांची में एकदिवसीय मुकाबला आयोजित हो रहा है। यह मुकाबला भारत और साउथ अफ्रीका के बीच होने वाला है। इस बार टेस्ट नहीं, बल्कि वनडे में दोनों टीमें आमने सामने होंगी। तीन मैचों की वनडे सीरीज का आगाज होने वाला है। सीरीज में कुल मिलाकर तीन मुकाबले खेले जाएंगे। पहला मैच 30 नवंबर को रांची में खेला जाएगा। इसके बाद दूसरे मुकाबले के लिए दोनों टीमें रायपुर के लिए रवाना हो जाएंगी। सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला विशाखापट्टनम में खेला जाएगा, जो 6 दिसंबर को होगा। सभी तीन के तीन मैच दोपहर में डेढ़ बजे से खेले जाएंगे। इससे आधे घंटे पहले यानी ठीक एक बजे दोनों टीमों के कप्तान टॉस के लिए मैदान पर आएंगे। मैच चुंकि 50 ओवर का होगा, इसलिए उम्मीद की जानी चाहिए कि रात करीब दस बजे तक मैच खत्म भी हो जाएगा।  

बिहार में छह बदमाशों ने ज्वेलरी शॉप लूटी, फायरिंग कर मौके से फरार

सारण उधर पटना में बिहार के पुलिस महानिदेशक माफिया राज को खत्म करने को लेकर बड़ा बयान दे रहे थे और इधर सीवान मैं हथियारबंद अपराधियों ने तकरीबन एक करोड़ की लूट की बड़ी घटना को दिनदहाड़े अंजाम दिया। एक ज्वेलरी शॉप में हुई इस लूट की घटना के दौरान 5-6 राउंड फायरिंग कर अपराधियों ने दहशत फैला दिया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जगह भारतीय जनता पार्टी के सम्राट चौधरी के पास पहली बार गृह विभाग आया है और अब इतनी बड़ी घटना के साथ अपराधियों ने अपने मनोबल का प्रमाण दिया है। नकाबपोश छह अपराधी ज्वेलरी शॉप में घुसे और दिनदहाड़े लूट के वारदात को अंजाम देकर निकल भी गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अपराधी बड़ी आसानी से दुकान में घुसे, लाखों रुपये के जेवरात और कैश लूट लिया और निकलते समय फायरिंग करते हुए फरार हो गए। गोलियों की आवाज से पूरा बाजार दहशत में आ गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू कर दी है। इलाके के व्यापारियों में प्रशासन के प्रति गुस्सा है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी बढ़ गई है।

मुजफ्फरपुर जाम से बेहाल: सड़क पर 14 किमी तक वाहनों की कतार, एंबुलेंस भी न निकल सकी

मुजफ्फरपुर मुजफ्फरपुर जिले में बुधवार देर शाम लगा भीषण जाम लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया। दरभंगा एनएच 57 और मोतिहारी एनएच 27 फोरलेन पर अचानक शुरू हुआ जाम देर रात तक 12 से 14 किलोमीटर तक फैल गया। स्थिति यह रही कि मुजफ्फरपुर के मेडिकल ओवरब्रिज से लेकर कांटी थाना क्षेत्र के लालू मोड़ तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं और दोनों लेन पूरी तरह पैक हो गईं। देर शाम शुरू हुआ ये महाजाम रात 12 बजे तक जारी रहा। सैकड़ों छोटी-बड़ी गाड़ियां घंटों रेंगती रहीं। हालात इतने खराब हो गए कि आधा किलोमीटर की दूरी तय करने में डेढ़ घंटे का समय लग रहा था। जाम की भयावह स्थिति के बीच कहीं भी पुलिस की सक्रियता नहीं दिखी। अहियापुर और कांटी थाना की गश्ती गाड़ियां जाम देखकर पीछे लौट गईं, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई। महाजाम में आधा दर्जन एंबुलेंस, बारातियों की गाड़ियां और दर्जनों मरीजों के परिजन फंसे रहे। एम्बुलेंस में मौजूद मरीज गंभीर असुविधा झेलते रहे, जबकि शादी में शामिल होने जा रहे बाराती भी घंटों जाम में अटके रहे। जाम की शुरुआत कांटी थाना क्षेत्र के शनिचरा स्थान मोड़ से हुई, जहां शहर से लौटने वाले वाहनों की संख्या बढ़ने पर अचानक गाड़ियां रुकनी शुरू हो गईं। इसके बाद धीरे-धीरे जाम गहराता गया। हालात और बिगड़ गए जब मेडिकल ओवरब्रिज और एनएच 57 मोड़ की ओर से दूसरी लेन में भी उल्टी दिशा से वाहन घुसने लगे। इससे शनिचरा स्थान से मेडिकल ओवरब्रिज तक दोनों लेन पूरी तरह ठप हो गईं। दोनों लेन जाम होने का असर आगे तक पड़ा और सदातपुर मोड़ से लेकर कांटी के लालू मोड़ और चांदनी चौक तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम लगातार बढ़ता गया और देर रात तक लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बना रहा।

CM की दौड़ में उठा नया सवाल: क्या DK को चुनने पर कांग्रेस में छिड़ेगा बवाल? सिद्धारमैया गुट की नब्ज तेज

बेंगलुरु  कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद को लेकर संघर्ष और बढ़ने के आसार हैं। खबर है कि अगर पार्टी आलाकमान डीके शिवकुमार को सीएम पद के लिए चुनता है, तो मौजूदा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का खेमा बड़े ऐक्शन की तैयारी कर रहा है। हालांकि, इसे लेकर दोनों ही नेताओं और पार्टी ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। संभावनाएं हैं कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सांसद राहुल गांधी और सोनिया गांधी से जल्द इस मुद्दे पर मुलाकात कर सकते हैं। मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सुत्रों ने बताया है कि सिद्धारमैया विधायक अलर्ट मोड पर है और जरूरत पड़ने पर दिल्ली जाकर दबाव डाल सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल सीएम आलाकमान के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि अगर इस बात के थोड़े भी संकेत मिले कि शिवकुमार का प्रमोशन होने वाला है, तो सिद्धारमैया के समर्थक हरकत में आ जाएंगे। हालांकि, आगे की रणनीति क्या होगी, इसे लेकर स्थिति साफ नहीं है। शिवकुमार के नाम पर भारी विवाद? रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि अगर पार्टी मुख्यमंत्री बदलने पर जोर देता है, तो उनके सामने नामों की एक लिस्ट पेश की जाएगी। कहा जा रहा है कि एक विकल्प गृहमंत्री जी परमेश्वर हो सकते हैं। वह खुलकर अपनी दावेदारी पेश करते रहे हैं। इससे संकेत मिलते हैं कि सिद्धारमैया और शिवकुमार में दरार बरकरार है। हालांकि, दोनों ही नेताओं ने इससे इनकार किया है। रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक सरकार में मंत्री सतीश जरकिहोली की अगुवाई में एक बैठक हुई थी। जरकिहोली को सिद्धारमैया समर्थक माना जाता है। कहा जा रहा है कि उस बैठक में ही ताजा रणनीति तैयार की गई है। इसके अलावा जरकिहोली डिप्टी सीएम से भी मुलाकात कर चुके हैं, लेकिन अब तक साफ नहीं हो सका है कि दोनों नेताओं में क्या बात हुई। कांग्रेस आलाकमान पर बढ़ा दबाव बुधवार को जरकिहोली ने कांग्रेस आलाकमान से राज्य में नेतृत्व परिवर्तन के मुद्दे पर जल्द से जल्द स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। उन्होंने कहा है कि वह जल्द ही खरगे से मुलाकात के लिए समय मांगेंगे। उनके अनुसार, उपमुख्यमंत्री शिवकुमार मुख्यमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा रखते हैं और उन्होंने पहले दिन से ही यह बात सबको बता दी थी, लेकिन पार्टी आलाकमान ने सिद्धरमैया को मौका दिया। जारकीहोली ने कहा कि नेतृत्व परिवर्तन पर पार्टी आलाकमान को फैसला लेना है। उन्होंने कहा कि सिद्धरमैया ने भी कहा है कि आलाकमान को इस पर जल्द से जल्द फैसला करना चाहिए। मंत्री ने कहा, 'जब मुख्यमंत्री ऐसा कहते हैं, तो पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को इस पर ध्यान देना चाहिए।'  

नायब सैनी बोले— मजबूत व सशक्त भारत ही संविधान की मूल भावना

चंडीगढ़  संविधान दिवस के अवसर पर हरियाणा विधानसभा पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राष्ट्र को मजबूत, सशक्त और एकजुट करना ही भारतीय संविधान की मूल भावना है और इसी सिद्धांत के साथ हरियाणा सरकार समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि संविधान हर नागरिक को समान अवसर, न्याय और गरिमा के साथ आगे बढ़ने का अधिकार देता है और यही लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति है। मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि पारदर्शिता, सुशासन, सामाजिक न्याय और नागरिकों की भागीदारी लोकतांत्रिक शासन की आत्मा हैं। हरियाणा सरकार इन मूल्यों पर आधारित नीतियों को प्राथमिकता दे रही है ताकि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संविधान पूर्णतः सुरक्षित है और ‘सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास सबका प्रयास’ संविधान की भावना का वास्तविक प्रतिबिंब है। सैनी ने कहा कि देशहित और संविधान की गरिमा सर्वोपरि है और हर नागरिक को अपने मूल कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे संविधान की समझ के साथ राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं, क्योंकि भारत का भविष्य युवाओं के हाथों में सुरक्षित है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने विधानसभा परिसर में स्थित डॉ. भीम राव अम्बेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, राजस्व मंत्री विपुल गोयल, खाद्य एवं आपूर्ति राज्यमंत्री राजेश नागर सहित अनेक विधायक उपस्थित रहे। संविधान ही राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत : कल्याण विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि संविधान ही राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत है और अगले वर्ष संविधान दिवस पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि विधायकों के लिए संसद परिसर का अध्ययन दौरा आगामी दिनों में आयोजित किया जाएगा। संसद परिसर का अध्ययन दौरा भी प्रस्तावित है जो आगामी दिनों में आयोजित होगा।

तेज़ रफ्तार का कहर! पंजाब में ट्रक और बस की भिडंत, 2 यात्रियों ने गंवाई जान

चंडीगढ़  पंजाब में फाजिल्का-मलौट रोड पर बुधवार तड़के एक भीषण सड़क हादसा हो गया. यहां टाहलीवाला बोदला गांव के पास एक बस और कैंटर ट्रक के बीच आमने-सामने की टक्कर हो गई. हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई. इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई और लगभग 15 यात्री घायल हुए हैं. बस में लगभग 40 यात्री सवार थे, जबकि ट्रक में 5 लोग सवार थे. हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों की मदद से घायलों को फाजिल्का के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. हादसे में 15 लोग घायल जानकारी के अनुसार, फाजिल्का-मलौट रोड़ पर बुधवार तड़के एक ट्रक और बस की आमने-सामने की जोरदार भिडंत हो गई. हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ एकत्र हो गई और पुलिस मौके पर पहुंची. फाजिल्का सरकारी अस्पताल के चिकित्सक डा करण के अनुसार, ट्रक में सवार 5 में से तीन घायलों समेत 15 लोगों को अस्पताल ले जाया गया. उन्होंने बताया कि इस हादसे में दो यात्रियों की मौत हो गई. डॉ. करण ने बताया कि घायलों में से एक यात्री की हालत गंभीर है और उसे एडवांस इलाज के लिए रेफर कर दिया गया है, जबकि बाकी खतरे से बाहर हैं.   ट्रक चालक समेत 2 यात्रियों की मौत हादसे में मृतक ट्रक ड्राइवर के एक रिश्तेदार ने कहा कि जैसे ही उन्हें एक्सीडेंट के बारे में पता चला, वह हॉस्पिटल पहुंचे. एक्सीडेंट बहुत भयानक था, जिसमें ट्रक ड्राइवर और एक और पैसेंजर की मौत हो गई. घायल बस पैसेंजर के अनुसार एक्सीडेंट होते ही वह पूरी तरह से हैरान रह गए थे. उन्होंने कहा, “सब कुछ अस्त-व्यस्त था. जिन पैसेंजर को चोट नहीं आई थी, वे घायलों की देखभाल करने लगे, जबकि मौके पर पहुंचे गांववालों और राहगीरों ने उन्हें बाहर निकालने में मदद की.” घायल पैसेंजर ने कहा कि वह खुद बस से बाहर निकले, और एक दूसरा पैसेंजर उन्हें हॉस्पिटल ले गया.

राजस्थान भाजपा में बदलाव: नई कार्यकारिणी में शामिल हुए युवा और अनुभवी नेता

जयपुर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के निर्देश पर भाजपा राजस्थान की नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा कर दी गई है। इस नई टीम में संगठनात्मक संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, अनुभव और युवा ऊर्जा का समावेश किया गया है। उपाध्यक्ष पद पर 9 नेताओं की नियुक्ति प्रदेश कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष पद पर इन नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है—     सरदार सुरेन्द्रपाल सिंह टी.टी. (श्रीगंगानगर)     नाहरसिंह जोधा (पाली)     मुकेश दाधीच (झुंझुनू)     बिहारी लाल विश्नोई (बीकानेर)     छगन माहूर (कोटा)     हकरू माईडा (बांसवाड़ा)     डॉ. ज्योति मिर्धा (नागौर)     अल्का मुन्दड़ा (उदयपुर)     सरिता गेना (अजमेर) चार महामंत्रियों को मिली अहम जिम्मेदारी महामंत्री पद पर निम्न नियुक्तियां की गईं—     श्रवण सिंह बगड़ी (सीकर)     कैलाश मेघवाल (हनुमानगढ़)     भूपेन्द्र सैनी (दौसा)     मिथिलेश गौतम (अजमेर) मंत्री पद पर 7 नेताओं की तैनाती मंत्रियों की नई सूची में शामिल—     नारायण मीणा (जयपुर)     अजीत मांडन (जयपुर)     अपूर्वा सिंह (बीकानेर)     आईदान सिंह भाटी (जैसलमेर)     एकता अग्रवाल (जयपुर)     नारायण पुरोहित (सिरोही)     सीताराम पोसवाल ‘गुर्जर’ (सवाई माधोपुर) कोषाध्यक्ष व अन्य संगठनात्मक पद     कोषाध्यक्ष: पंकज गुप्ता (चुरू)     सह-कोषाध्यक्ष: डॉ. श्याम अग्रवाल (जयपुर)     प्रकोष्ठ प्रभारी: विजेन्द्र पूनिया (हनुमानगढ़) प्रवक्ता दल में 7 नए चेहरे शामिल     कैलाश वर्मा (जयपुर देहात)     कुलदीप धनकड़ (जयपुर देहात)     रामलाल शर्मा (जयपुर देहात)     दशरथ सिंह (बीकानेर)     मदन प्रजापत (देहात)     राखी राठौड़ (जयपुर)     स्टेफी चौहान (जयपुर)

पूर्व मुख्यमंत्री को खुली चुनौती, अविनाश गहलोत बोले- हर योजना में सुधार और कार्यान्वयन किया

जोधपुर राजस्थान सरकार के सामाजिक न्याय विभाग के मंत्री अविनाश गहलोत ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को खुला चैलेंज दिया है। मंत्री ने कहा कि राजस्थान सरकार ने किसी भी योजना को बंद नहीं किया है, बल्कि सभी योजनाओं में सुधार कर उन्हें नए सिरे से लागू किया गया है। उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अधिकारी सरकार के होते हैं, किसी के नहीं, और अब प्रभावी मॉनिटरिंग के चलते भ्रष्टाचार पर पूरी तरह नियंत्रण है। अविनाश गहलोत आज जोधपुर एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान के यशस्वी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निरंतर प्रयास से सभी विभागों की प्रभावी मॉनिटरिंग हो रही है और आम नागरिक, गरीब और हितग्राही योजनाओं का लाभ समय पर पा रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से सामाजिक न्याय विभाग की योजनाओं का जिक्र किया और कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन, बच्चों की स्कॉलरशिप और अन्य फ्लैगशिप योजनाएं सही समय पर लाभार्थियों तक पहुंच रही हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा उनकी सरकार की योजनाओं पर सवाल उठाने पर अविनाश गहलोत ने कहा कि एक भी योजना का नाम बताएं जिसे राजस्थान सरकार ने बंद किया हो। मंत्री ने बताया कि पेंशन में 15% की वृद्धि उनके सरकार ने की और कई योजनाओं में सुधार कर उन्हें जनता के लिए और अधिक प्रभावी बनाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि चुनावी लाभ के लिए घोषित योजनाओं का फायदा कांग्रेस को नहीं मिला और जनता ने समझदारी दिखाई। अविनाश गहलोत ने कहा कि उनके कार्यकाल में भ्रष्टाचार पर पूर्ण नियंत्रण है और किसी अधिकारी या विभाग पर भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगे हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अधिकारी प्रभावी मॉनिटरिंग के तहत काम कर रहे हैं और जनता को सभी योजनाओं का लाभ समय पर मिल रहा है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि राजस्थान सरकार ने किसी भी योजना को बंद नहीं किया है और अगर पूर्व मुख्यमंत्री या किसी कांग्रेस नेता को इस बात का विरोध है, तो वह खुले तौर पर एक भी योजना का नाम बताएं। उन्होंने यह चैलेंज दोहराया कि उनके नेतृत्व में सरकार सभी योजनाओं में सुधार कर उन्हें सुचारू रूप से लागू कर रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तरुण सागरम् तीर्थ, मुरादनगर में गुफा मंदिर का शुभारंभ किया

भारत की परंपरा संतों, ऋषि-मुनियों व महापुरुषों के त्याग-बलिदान की महागाथाः सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तरुण सागरम् तीर्थ, मुरादनगर में गुफा मंदिर का शुभारंभ किया  राम मंदिर का जिक्र कर बोले सीएम- पूरी दुनिया व देश ने भारत के सनातन वैभव को देखा और अनुभव किया  हमारी सरकार ने फाजिलनगर (जहां भगवान महावीर ने महापरिनिर्वाण हुआ था), उसके नामकरण की कार्रवाई को पावा नगरी के रूप में बढ़ायाः सीएम योगी  गाजियाबाद  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहाकि भारत की परंपरा संतों, ऋषि-मुनियों व महापुरुषों के त्याग-बलिदान की महागाथा है। युगों-युगों से यह महागाथा विश्व मानवता के लिए प्रेरणा रही है। विश्व मानवता ने इस महागाथा का श्रवण व प्रेरणा प्राप्त कर भविष्य को तय किया है। भारत के अंदर आज भी पवित्र उपासना विधियां श्रद्धाभाव के साथ कार्य करते हुए इस व्यवस्था को बढ़ा रही हैं। तीन दिन पूर्व अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण कार्य को पूर्ण करने के महायज्ञ की पूर्णाहुति कार्यक्रम के साथ ही पीएम मोदी के करकमलों से भव्य भगवा ध्वज का आरोहण संपन्न हुआ। पूरी दुनिया व देश ने भारत के इस सनातन वैभव को देखा और अनुभव किया।   सीएम योगी गुरुवार को तरुण सागरम् तीर्थ, मुरादनगर पहुंचे। उन्होंने यहां पंचकल्याणक महामहोत्सव के अंतर्गत 100 दिन में निर्मित गुफा मंदिर का उद्घाटन किया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने भगवान पार्श्वनाथ जी व संत तरुण सागर जी महाराज का स्मरण किया। सीएम ने मेरी बिटिया व अंतर्मना दिव्य मंगल पाठ पुस्तक का विमोचन भी किया।  यूपी का सौभाग्य, यहां अनेक जैन तीर्थंकरों का हुआ जन्म  मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी का सौभाग्य है कि अयोध्या में प्रथम जैन तीर्थंकर भगवान ऋषभ देव व चार जैन तीर्थंकर पैदा हुए। दुनिया ने काशी में चार जैन तीर्थंकरों को अवतरित होते हुए देखा है। श्रावस्ती में जैन तीर्थंकर भगवान संभवनाथ का जन्म हुआ। भगवान महावीर का महापरिनिर्वाण कुशीनगर के पावागढ़ में हुआ था। हमारी सरकार ने फाजिलनगर का नाम (जहां भगवान महावीर ने महापरिनिर्वाण हुआ था), उसके नामकरण की कार्रवाई को पावा नगरी के रूप में बढ़ाया है।  24 जैन तीर्थंकरों ने विश्व मानवता को दी करुणा, मैत्री व अहिंसा की प्रेरणा  सीएम योगी ने कहा कि 24 जैन तीर्थंकरों ने समाज को नई दिशा और विश्व मानवता को करुणा, मैत्री, अहिंसा व ‘जियो-जीने दो’ की प्रेरणा दी। उन्होंने सिर्फ मनुष्य ही नहीं, बल्कि प्रत्येक जीव-जंतु के लिए नई प्रेरणा प्रदान की, जिसकी प्रासंगिकता आज भी उसी रूप में बनी हुई है। मानव सभ्यता को विकास की नित नई ऊंचाइयों तक पहुंचना है तो उन्हें भारत के अध्यात्म की शरण में जाना होगा। अध्यात्म के साथ ही भौतिक विकास, सांस्कृतिक व आध्यात्मिक उन्नयन के लिए सुरक्षित, सुसभ्य, साफ-सुथरा वातावरण चाहिए, जिसे भारत ने पहले भी दुनिया को दिया है और भारत, ऋषि-मुनियों, परंपरा व भारतीय संस्कृति का संदेश आज भी विश्व मानवता के लिए यही है।  ऋषि-मुनियों के संदेश को आत्मसात करते हैं तो यह विश्व मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है  सीएम योगी ने कहा कि ऋषि-मुनि परंपरा ने जो संदेश दिया है, हम उसे आत्मसात करते हैं तो यह विश्व मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। सीएम योगी ने कहा कि गत वर्ष अप्रैल में पीएम मोदी ने विश्व नवकार महामंत्र दिवस पर वन वर्ल्ड-वन चैन कार्यक्रम का उद्घाटन किया था और हम सभी को नौ संकल्प (पानी की बचत, एक पेड़ मां के नाम, स्वच्छता का मिशन, वोकल फॉर लोकल, देश-दर्शन, नेचुरल फॉर्मिंग, हेल्दी लाइफ स्टाइल, योग व खेल को जीवन में लाना, गरीब कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य करना) प्रदान किया था। जैन मुनियों की परंपरा उसी को बढ़ाने का कार्य कर रही है।  सीएम ने जैन मुनियों की साधना, तप, अनुशासन व आत्मसंयम का किया उल्लेख  सीएम योगी ने कहा कि आचार्य प्रसन्न सागर जी महाराज व उपाध्याय मुनि पीयूष सागर जी महाराज की दिनचर्या को देखा। 557 दिन की कठोर साधना, 496 दिन का निर्जल उपवास, तप, अनुशासन व आत्मसंयम का अद्भुत उदाहरण देखने को मिला है। यह चीजें दिखाती हैं कि यदि हम संकल्प ले लें तो जो कुछ हमें बाहर दिखाई दे रहा है, वह सब कुछ इस शरीर में अनुभव होते हुए भी दिखाई देगा। प्रसन्न सागर जी महाराज की साधना के माध्यम से यह देखने व अनुभव करने का अवसर प्राप्त हुआ है।  समारोह में आचार्यश्री प्रसन्न सागर जी महाराज, पीयूष सागर जी महाराज, नवपद्म सागर जी महाराज, परिमल सागर जी महाराज, प्रदेश सरकार के मंत्री सुनील शर्मा, नरेंद्र कश्यप, सांसद अतुल गर्ग, विधायक नंदकिशोर गुर्जर, अजीत पाल, पूर्व सांसद रमेश चंद तोमर, भाजपा के महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल, तरुण सागरम् तीर्थ के अध्यक्ष सुनील जैन, संरक्षक रवि त्यागी आदि मौजूद रहे।

बंगाल मिशन: अमित शाह बोले—हर जगह ड्यूटी मोड में रहें कार्यकर्ता

नई दिल्ली  बिहार विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल करने के बाद उत्साहित भाजपा अब मिशन बंगाल पर जुटने वाली है। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा के दिल्ली स्थित आवास पर हुई डिनर मीटिंग में भाजपा नेताओं का होम मिनिस्टर अमित शाह ने मार्गदर्शन किया। एक तरफ उन्होंने बिहार में मिली जीत से अहंकार में ना आने की सीख दी तो वहीं यह भी कहा कि अब बंगाल के लिए जुटना होगा। उन्होंने कहा कि अब आगे हम लोगों को बंगाल की लड़ाई के लिए तैयार रहना है। उनकी स्पष्ट नसीहत थी कि सभी लोग जहां कम, वहां हम वाले भाव से काम करें और कार्यकर्ता मोड में रहें।   गृह मंत्री ने कहा कि जहां भी संगठन कमजोर पड़े, वहां जाकर ताकत बनना है। अमित शाह ने कहा कि नेताओं की भूमिका सिर्फ चुनाव लड़ाने तक सीमित नहीं है बल्कि जहां कम, वहां हम के भाव से सक्रिय रहने की है। इसके अलावा बिहार के नेताओं के लिए भी अमित शाह ने साफ संकेत दिया कि कोई भी यह ना माने की उसके चलते जीत मिली है। ऐसा सोचना अहंकार का भाव पैदा करता है। उन्होंने कहा, 'सभी नेताओं ने परिश्रम की पराकाष्ठा की है। चुनाव में 1 प्रतिशत का योगदान भी बहुत बड़ा होता है, लेकिन कोई नेता यह न सोचे कि जीत उसकी वजह से मिली है।ऐसा सोचना घमंड पैदा करता है।' अगले साल अप्रैल-मई में बंगाल विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। बिहार के बाद बंगाल की ओर भाजपा रुख करना चाहती है। अमित शाह ने कहा कि किसी भी नेता की कहीं भी ड्यूटी लगाई जा सकती है। उनकी इस बात से साफ है कि दूसरे इलाकों के नेताओं को भी बंगाल में भेजा जा सकता है। इसके अलावा विधानसभा से लेकर बूथ लेवल तक कहीं भी तैनाती की जा सकती है। गौरतलब है कि बिहार में यूपी, दिल्ली समेत कई राज्यों से भाजपा नेताओं को बुलाया था। यूपी सरकार के मंत्री और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष तो बिहार की गली-गली में प्रचार करते और लोगों के पैर छूते नजर आए थे। इसकी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं।