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आज का राशिफल 29 नवंबर 2025: शुभ योग किसे देगा सफलता?

मेष राशि पार्टनर की बातों को आज ध्यान से सुनने की कोशिश करें। ऑफिस में एक काम पूरा करने के बाद ही दूसरे काम पर ध्यान लगाएं। नहीं तो कन्फ्यूजन होगा और डेडलाइन पर काम खत्म नहीं होने से तनाव बढ़ेगा। पैसों की बचत जरूर करें। कुछ भी खरीददारी करने से पहले सोचें कि ये आपके लिए कितना काम आने वाला है। पैसों के मामले में खुद पर कंट्रोल करें। वृषभ राशि तनाव बढ़ने के पूरे चांस हैं। ऐसे में पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में बैलेंस बनाकर चलिए। धैर्य बनाकर रखें। आज मन शांत रहेगा तो सही चीजों पर फोकस कर पाएंगे। किसी भी तरह की डील पर पूरी तरह से विश्वास ना करें। इन्वेस्टमेंट का फैसला सोच-समझकर ही करना सही होगा। आज होने वाले खर्चों की एक लिस्ट बना लें ताकि फालतू की चीजें ना खरीदें। मिथुन राशि पार्टनर से बात करते वक्त सौम्य रहें। हफ्ते भर का खर्चा कहीं नोट कर लें। जितना हो सकता है, उतना बचत करें। आज सेहत ठीक रहेगी लेकिन अपने रूटीन को जरूर फॉलो करें। ऑफिस में फालतू चीजों पर ध्यान ना देकर सिर्फ अपना काम करें। घरवालों के साथ अच्छा समय बीतेगा। कर्क राशि आज पार्टनर के साथ अच्छा समय बीतेगा। हर एक मूमेंट को खुलकर जीने की कोशिश करें। ऑफिस में फोकस के साथ अपना काम करें। दिन को प्रोडक्टिव बनाएं। आज आपके काम की तारीफ होगी। आज के खर्चों पर नजर बनाए रखें। आज आपको अपनी सेहत का ध्यान रखने की जरूरत है। सिंह राशि पार्टनर संग हो रही खिटपिट को दूर करने की कोशिश करें। आज शांत मन से बैठकर इसे सुलझाएं। ऑफिस में नया टास्क लेने से ना डरें। आपको अपनी क्षमता को दिखाने का मौका मिलेगा। पैसे और हेल्थ के मामले में आज आपका दिन सही जाने वाला है। इन्वेस्टमेंट से पहले सोच-विचार लें। कन्या राशि आज अपने पार्टनर पर जमकर प्यार लुटाएं। उनसे बात करते वक्त शब्दों का ध्यान रखें। ऑफिस में हर एक काम को फोकस के साथ पूरा करें। तयशुदा समय पर अपना काम खत्म करें। पैसों के मामले में सारे फैसले सोच-समझकर लें। आज आपकी सेहत सही रहेगी। तुला राशि आज पार्टनर से खुलकर प्यार जताएं। ऑफिस में आज नई चुनौतियों का सामना पूरे कॉन्फिडेंस के साथ करें। इससे आप सफल होंगे। आपका पॉजिटिव अप्रोच आज काम आने वाला है। पैसे के मामले में आज का दिन सही जाने वाला है। हालांकि अपनी हेल्थ पर अब थोड़ा ध्यान देने की जरूरत है। धनु राशि पार्टनर के साथ अच्छा समय बीतेगा। अगर कोई बहसबाजी हुई है तो उसे आज सुलझा लें। ऑफिस में आज आई चुनौतियों से आप घबराने नहीं वाले हैं। पैसे के मामले में आज दिन सही जाएगा। आप सारे फैसले अपने फेवर में ही लेंगे जो आगे चलकर काम आएगा। सेहत में आज थोड़ी दिक्कत हो सकती है। मकर राशि आज किसी भी हालत में अपने पार्टनर को खुश रखें। उनके साथ अच्छा समय बिताएं। आज ऑफिस में नई जिम्मेदारियां मिल सकती है। इसे खुशी-खुशी स्वीकार करें। आज इन्वेस्टमेंट के लिए अच्छा दिन है। अच्छी हेल्थ के लिए सही रूटीन फॉलो करें। कुंभ राशि आज लव लाइफ को सिंपल ही रखिए। पार्टनर के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताइए। आज ऑफिस में नई चुनौतियों का सामना डटकर करें। आज आपकी आर्थिक स्थिति सही रहने वाली है। वहीं आपकी हेल्थ भी आज सही रहेगी। बस अपने खानपान पर ध्यान दें। वृश्चिक राशि आज अपनी लव लाइफ में अच्छे मूमेंट्स की तलाश करें। पार्टनर के साथ अच्छा टाइम बिताएं। ऑफिस में आज आपका दिन सही जाने वाला है। आर्थिक स्थिति आज थोड़ी गड़बड़ा सकती है। ऐसे में इन्वेस्टमेंट के वक्त थोड़ा संभलकर रहें। आज आपकी हेल्थ सही रहेगी। मीन राशि आज रिश्ते में ईगो को साइड में ही रखें। इससे चीजें खराब ही होती हैं। ऑफिस में आज नई जिम्मेदारियां आपको अच्छा रिजल्ट देंगी। आर्थिक स्थिति के साथ-साथ आज आपकी हेल्थ सही रहने वाली है। अपने खानपान पर ध्यान दें।

स्थानीय से वैश्विक तक की यात्रा: विकसित भारत 2047 पर बोले नायब सिंह सैनी

चंडीगढ़ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प को पूरा करने का रास्ता वोकल फॉर लोकल से होकर ही गुजरेगा। यह लक्ष्य तभी हासिल होगा जब देश में बनी वस्तुओं का अधिकतम उपयोग होगा और लोकल उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से आत्मनिर्भर भारत रेल यात्री–संपर्क अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू भी मौजूद रहे। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए विकसित भारत 2047 और वोकल फॉर लोकल के आह्वान को आमजन तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।  इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर जाकर तथा ट्रेन में मौजूद यात्रियों से संपर्क कर ‘आत्मनिर्भर भारत’ के पत्रक वितरित किए। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि 2014 में भारत दुनिया की 12वीं–13वीं अर्थव्यवस्था था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केवल 11 वर्षों में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बन चुका है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि लोकल उत्पादों के उपयोग, उत्पादन को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भरता को अपनाने से भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरेगा। कांग्रेस ने भ्रष्टाचार में विश्वास रखा उन्होंने रेलवे विकास का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में रेल और सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया गया है। रेलवे स्टेशन एयरपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हो रहे हैं। चंडीगढ़, पंचकूला रेलवे स्टेशन का अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत कायाकल्प किया जा रहा है। यह अभूतपूर्व विकास का उदाहरण है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में केवल भ्रष्टाचार में विश्वास रखा, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा विकास को प्राथमिकता दी है। हादसे पर जताया गहरा दु:ख, कहा—लापरवाह अधिकारियों पर होगी कार्रवाई मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दिवंगत खिलाड़ी हार्दिक राठी की मृत्यु के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर कहा कि यह हादसा बेहद दुखद है। खेल विभाग और प्रशासन को लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ी प्रदेश का गौरव हैं और सरकार उनके साथ खड़ी है। सरकार ने पूरे प्रदेश के स्टेडियमों में लगे खेल उपकरणों की स्थिति संबंधी रिपोर्ट भी मांगी है। संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति न करें पंजाब सीएम मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा हरियाणा को लेकर दिए गए बयान पर कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए। अरविंद केजरीवाल व आम आदमी पार्टी द्वारा एक महीने में पंजाब से नशा खत्म करने का वायदा कर सरकार तो बना ली, लेकिन हालात कैसे हैं वो सबके सामने हैं। नशे की वजह से पंजाब के युवा बर्बाद हो रहे हैं, अपराध भी बढ़ रहा है। बजाय, उस पर कुछ करने के पंजाब सीएम केवल राजनीति कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा सिख परंपरा का सम्मान बढ़ाया एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिख परंपरा, गुरुओं की शिक्षाओं और उनके पवित्र स्थलों के सम्मान में अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। अफगानिस्तान से श्री गुरु ग्रंथ साहिब के तीन पवित्र स्वरूपों को सुरक्षित लाने और करतारपुर कॉरिडोर निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य उनके प्रयासों से संभव हो सके हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस केवल भ्रामक प्रचार कर समाज में विभाजन पैदा करने में लगे रहते हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। इस मौके पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय सहित अभियान से जुड़े पदाधिकारी मौजूद थे।

शिवजी को नोटिस भेजने की भूल भारी पड़ी, CMO ने JDA अधिकारी को किया सस्पेंड

जयपुर जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) की ओर से भगवान शिव के नाम नोटिस जारी करने की अजीबोगरीब कार्रवाई पर अब सरकार सख्त हो गई है। मामला मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा, तो तुरंत कड़ा कदम उठाया गया। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस प्रकरण को राजकाज में गंभीर लापरवाही मानते हुए प्रवर्तन अधिकारी अरुण कुमार पूनियां को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए। प्रशासन ने साफ कहा है कि अधिकारी का यह कृत्य कर्तव्य विमुखता के साथ-साथ स्वैच्छाचारिता का भी प्रतीक है, जो किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है। सरकारी महकमों में दस्तावेज़ी औपचारिकताओं के बीच भले ही कई बार चूकें होती हों, लेकिन इस तरह भगवान के नाम नोटिस जारी होना पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है। यही वजह है कि इस मामले में तत्काल और सख्त कार्रवाई की गई।

ज़हरीली दवा माफिया पर बड़ी कार्रवाई: यूपी में 19 फर्में निशाने पर, लाइसेंस रद्द करने के आदेश

लखनऊ  यूपी में कोडीन युक्त कफ सिरप और नारकोटिक्स (एनआरएक्स) श्रेणी की दवाओं के अवैध व्यापार के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। गंभीर अनियमितताओं के चलते खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने वाराणसी, सुल्तानपुर, भदोही और प्रयागराज की 19 दवा फर्मों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराई है। जांच में पाया गया कि इन संस्थानों के संचालकों के पास कोडीन युक्त कफ सिरप और अन्य नारकोटिक दवाओं की खरीद-बिक्री से संबंधित जरूरी दस्तावेज नहीं थे। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि ये फर्में ऐसी दवाओं की बिक्री नशे के उपयोग के लिए कर रही थीं, जो कानून का स्पष्ट उल्लंघन है।  वाराणसी में राधिका इंटरप्राइजेज के प्रशांत उपाध्याय, मेड रेमेडी के आकाश पाठक, श्री हरि फार्मा के अमित जायसवाल, विश्वनाथ मेडिकल एजेंसी के विशाल सोनकर, सौम्या मेडिकल के सचिन पांडे, श्री राम फार्मा के घनश्याम, खाटू फार्मा के अभिनव यादव, काल भैरव ट्रेडर्स के बादल आर्य, विंध्यवासिनी ट्रेडर्स के सचिन यादव, श्याम फार्मा के राहुल कुमार जायसवाल, वीएसएम फर्म के हिमांशु चतुर्वेदी और पूर्णा फार्मा के पूजा तिवारी पर एफआईआर दर्ज हुई है। सुल्तानपुर में वैभव फार्मा के वैभव श्रीवास्तव, वैश्य मेडिकल स्टोर के राजेश कसौधन, अमर फार्मा के पुष्पेंद्र कुमार सिंह और अनीश मेडिकल एजेंसी के अनीज खान पर मामला दर्ज हुआ है। भदोही में श्री गुरुदेव मेडिकल एजेंसी, ओपी फार्मा के ओमप्रकाश कसेरा और प्रयागराज में आशुतोष फार्मा के आशुतोष पटेल की शिकायत की गई है। एफएसडीए आयुक्त रौशन जैकब ने इन सभी दवा फर्मों के लाइसेंस रद्द करने के निर्देश जारी किए हैं। कोडीन युक्त सिरप और नारकोटिक दवाओं की अवैध बिक्री पर एफएसडीए द्वारा की गई अब तक की कार्रवाई में वाराणसी में 28, जौनपुर में 12, कानपुर नगर में 8, लखनऊ में 3 एफआईआर के अलावा चंदौली, बहराइच, सुल्तानपुर, गाजीपुर में 36 एफआईआर दर्ज हैं। इस तरह अब तक कुल 87 एफआईआर इस अवैध कारोबार के खिलाफ दर्ज कराई जा चुकी हैं। एफएसडीए ने बताया कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य प्रतिष्ठानों और आपूर्तिकर्ताओं की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि दवाओं के अवैध व्यापार में शामिल किसी भी व्यक्ति या फर्म को बख्शा नहीं जाएगा।

पत्रकारों को स्वास्थ्य सुरक्षा दे सरकार, कैशलेस सुविधा जल्द शुरू हो: चन्द्रशेखर धरणी

चंडीगढ़  मीडिया वेल बिंग एसोसिएशन(रजिस्टर्ड) द्वारा आने वाले दिनों में भिवानी में पत्रकारों के हितों के लिए एक सेमीनार किया जाएगा। शुक्रवार को भिवानी में एम डब्ल्यू बी जिला कार्यकारिणी की एक मीटिंग एम डब्ल्यू बी उत्तर भारत के अध्यक्ष चंद्र शेखर धरणी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।इस मौके पर मनोज मलिक(भिवानी) को एम डब्ल्यू बी हरियाणा प्रांत का संगठन सचिव बनाने की भी घोषणा की गई। एम डब्ल्यू बी उत्तर भारत के अध्यक्ष चंद्र शेखर धरणी ने सी एम नायब सिंह सैनी से मांग की कि हरियाणा में पत्रकारों की पैशन यथा शीघ्र  तीस हजार रुपए प्रति माह की जाए।सरकार बनने के एक वर्ष बाद भी अभी तक मीडिया के लिए कैश लेस हैल्थ सुविधा लागू नहीं हो पाई जो जल्दी लागू हो।उन्होंने कहा कि मीडिया एकराडीशन ऑन लाइन की जाए।जिसकी घोषणा कई वर्षों पहले से की हुई है।धरणी ने कहा कि राईट टू सर्विस के तहत एकराडीशन एप्लाई किए गए फॉर्म्स पर 15 वर्किंग डे में जवाब देही सुनिश्चित होनी चाहिए।क्योंकि एकराडीशन फार्म जब सरल पोर्टल पर उपलब्ध है तो देरी होने पर कार्यवाही भी होनी चाहिए। धरणी ने कहा कि पंचकूला में मुख्यालय बनाने, प्रेस क्लब चंडीगढ़ की तर्ज पर भवन बनाने के लिए सस्ते दाम पर 500 गज (एक कैनाल) जगह उपलब्ध करवाए जाने, पत्रकारों को सस्ते दामों पर आवासीय सुविधा उपलब्ध करवाए जाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि प्रजातन्त्र के तीन स्तम्भों की तरह को चौथे स्तंभ मीडिया को भी टोल फ्री सुविधा उपलब्ध कराई जाए। मीडिया के लिए मुफ्त मेडिकल सुविधा पूरे हरियाणा में की जाए। हरियाणा सरकार द्वारा डिजिटल मीडिया के लिए बनाए गए नियमों में मान्यता प्रदान करने की व्यवस्था को सरल करने के साथ ही पड़ोसी राज्य पंजाब व अन्य राज्यों की तर्ज पर संशोधन किया जाए। किसी भी वेबमीडिया का मुख्यालय चाहे हरियाणा से बाहर हो, उन्हें भी मान्यता प्रदान की जाए। हरियाणा प्रेस मान्यता कमेटी तथा प्रेस रिलेशन कमेटी का पुर्न गठन किया जाए तथा मीडिया वेलबिंग एसोसिएशन के दो दो सदस्यों को उसमें शामिल किया जाए। मासिक मैगजीन व अखबारों की बन्द की गई एकराडिशन व्यवस्था सुदृढ़ कर पुनः शुरू की जाए। धरणी ने इस मांग पत्र के माध्यम से मीडिया जगत की आर्थिक स्थिति को कमजोर बताते हुए सभी जिलों में 15 साल से अधिक सक्रिय पत्रकारों व उनके परिवारों के सहयोग के लिए 10 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देने पर विचार करने, वेब/डिजिटल की एकराडिशन पॉलिसी को सरल करने तथा मुख्यालय हरियाणा से बाहर जालन्धर, नोएडा, दिल्ली या अन्य कहीं पर है को प्रिंट मीडिया की तरह मान्यता प्रदान करने का प्रावधान करने की मांग की। धरणी ने बताया कि एसोसिएशन समय-समय पर मृत्यु दुर्घटना बीमा और टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी के लाभ पत्रकारों को देती रही है। प्रदेशभर में लगभग 1200 पत्रकारों के इंश्योरेंस यह संस्था करवा चुकी है। मीडिया वेल बीइंग एसोसिएशन केवल प्रदेश भर तक सीमित नहीं है बल्कि कई राज्यों के अंदर संस्था लगातार विस्तार कर रही है और जोकि आज कई हजार सदस्यों वाली मजबूत संस्था है। अब तक जहां सभी संस्थाएं बीमा पॉलिसी के नाम पर कुछ ना कुछ शुल्क पत्रकारों से अवश्य लेती थी। लेकिन एमडब्ल्यूबी पहली ऐसी संस्था है जो किसी भी पत्रकार से किसी भी तरह के इंश्योरेंस की एवज में कोई शुल्क प्राप्त नहीं करती है तथा लगातार पत्रकारों पर किसी भी प्रकार की समस्या दुख संकट आने पर संस्था उनके साथ खड़ी नजर आई है। पत्रकारों को हर स्तर पर रिलीफ देने और दिलवाने का कार्य संस्था कर रही है।  

हलवारा एयरपोर्ट को लेकर जनमांग तेज, फैसला अब CM मान के कोर्ट में

लुधियाना  यूनाइटिड साइकिल एंड पार्ट्स मैन्यूफैक्चरर्स एसो. के पूर्व चेयरमैन चरणजीत सिंह विश्वकर्मा ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि हलवारा एयरपोर्ट को तुरंत प्रभाव से शुरू करवाया जाए। लुधियाना को आज इस एयरपोर्ट की बहुत सख्त जरूरत है। पहले ही लुधियाना एयरपोर्ट न होने की वजह से विश्व बाजार से पिछड़ चुका है अब अगर यह एयरपोर्ट जल्द शुरू न हुआ तो लुधियाना का नाम विश्व बाजार से काफी पीछे हो जाएगा। लुधियाना के हलवारा एयरपोर्ट का प्रोजैक्ट काफी समय से लंबित रहने से उद्योग जगत और जन साधारण को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। विश्वकर्मा ने पत्र में लिखा है कि इंडस्ट्री हलवारा एयरपोर्ट से कमर्शियल उड़ानों के शुरू होने का बड़ी उत्सुकता से इंतजार कर रही है जिससे एयर कनैक्टीविटी बनने से उद्यमियों और निवेशकों को भारी राहत मिलेगी। पंजाब के इंडस्ट्रीयल हब में एयरपोर्ट के अभाव में बिजनैस ग्रोथ प्रभावित होने के साथ निवेश की संभावनाएं घट रही हैं। विश्वकर्मा ने यह भी लिखा कि हलवारा एयरपोर्ट का लुधियाना के इंडस्ट्रीयल सैक्टर के लिए विशेष रणनीतिक महत्व है और एयरपोर्ट आप्रेशनल होने से उद्योगपतियों के लिए सफर आसान होने के अलावा पंजाब में निवेशक भी आकर्षित होंगे, जिससे राज्य की आर्थिक प्रतिस्पर्धात्मकता में भी मजबूती आ सकेगी। 

सीएम ने रखा 17,440 करोड़ का अनुपूरक बजट, कृषि व ग्रामीण क्षेत्रों पर खास फोकस

भुवनेश्वर ओडिशा विधानसभा में शुक्रवार को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 17,440 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया, जिसमें किसानों के कल्याण, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य सेवा, परिवहन, उद्योग, संस्कृति, कृषि, और बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया गया है।अतिरिक्त बजट में राज्य सरकार ने शिक्षा क्षेत्र को सबसे अधिक महत्व दिया है। प्राथमिक और उच्च शिक्षा के विकास के लिए 2,327 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस बजट से राज्य का शिक्षा विभाग और अधिक प्रगति करेगा, ऐसी उम्मीद की जा रही है। शिक्षा के बाद कृषि और किसानों को दूसरा सबसे अधिक महत्व दिया गया है। राज्य के किसानों के लिए अतिरिक्त बजट में 1,673 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसी तरह महिला और बाल विकास विभाग के लिए 1,558 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अतिरिक्त बजट में उद्योग एवं एमएसएमई के लिए 337 करोड़ रुपये, ममता योजना के लिए 141 करोड़, गोपबन्धु जन आरोग्य के लिए 440 करोड़, आपदा प्रबंधन हेतु 171 करोड़, अनुसूचित जाति और जनजाति विकास के लिए 531 करोड़, प्रशासनिक व्यय के लिए 3,389 करोड़ रुपये, सामाजिक सेवा के लिए 5,948 करोड़ रुपये, स्वास्थ्य विभाग के लिए 1,164 करोड़ रुपये, पंचायती राज विभाग के लिए 616 करोड़ रुपये, ओड़िया भाषा एवं साहित्य विभाग के लिए 363 करोड़ रुपये, सुभद्रा योजना के लिए 295 करोड़ रुपये, नंदनकानन के विकास के लिए 80 करोड़ रुपये, पर्यावरण और पर्यटन विकास के लिए 80 करोड़ रुपये, वन्यजीव संरक्षण एवं सुरक्षा के लिए 25 करोड़ तथा शहरी विकास के लिए 303 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बजट आवंटन का विवरण:     प्रशासनिक व्यय: 3,389 करोड़ रुपये     कार्यक्रम व्यय: 13,716 करोड़ रुपये प्रमुख क्षेत्रों में प्रावधान: किसान कल्याण एवं खाद्य सुरक्षा:     धान खरीद रिवॉल्विंग फंड के लिए 3,000 करोड़ रुपये     पीडीएस सब्सिडी के लिए 1,325 करोड़ रुपये     समृद्ध कृषक योजना के तहत एमएसपी और इनपुट सहायता के लिए 850 करोड़ रुपये स्वास्थ्य सेवाएं:     राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के लिए 994 करोड़ रुपये     एससीबी मेडिकल कॉलेज के उन्नयन के लिए 50 करोड़ रुपये     गोपबन्धु जन आरोग्य योजना के तहत तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 40 करोड़ रुपये महिला, बाल एवं आजीविका विकास:     सुभद्रा योजना के लिए 295 करोड़ रुपये     मिशन शक्ति कार्यक्रम के लिए 405 करोड़ रुपये     राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत 426 करोड़ रुपये शिक्षा, कौशल एवं युवा विकास:     पीएम-पोषण योजना के लिए 392 करोड़ रुपये     ओडिशा आदर्श विद्यालयों के लिए 320 करोड़ रुपये     गैर-सरकारी स्कूलों और कॉलेजों के लिए अनुदान     बुनियादी ढांचा, ग्रामीण एवं शहरी विकास:     सेतु बंधन योजना के लिए 120 करोड़ रुपये     मुख्यमंत्री सहरी विकास योजना के तहत शहरी बुनियादी ढांचे के लिए 100 करोड़ रुपये उद्योग, आईटी एवं कनेक्टिविटी:     एसआइडीबीआइ क्लस्टर डेवलपमेंट फंड के तहत 276 करोड़ रुपये     भारतनेट, ओएसडब्ल्यूएएन कनेक्टिविटी और पुरी में नए सबमरीन केबल लैंडिंग स्टेशन के लिए धनराशि संस्कृति एवं पर्यटन:     बारपुत्रा ऐतिहास्य ग्राम योजना के लिए 100 करोड़ रुपये     कलामंडल के लिए 90 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट में प्रावधान किया गया है।  

द्विपक्षीय व्यापार को मिलेगी रफ्तार? भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर जल्द मुहर लग सकती है

नई दिल्ली  वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने शुक्रवार को कहा कि भारत-अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) का पहला चरण इस साल के अंत तक पूरा हो सकता है, क्योंकि दोनों देशों आपस के ज्यादातर मुद्दों को सुलझा लिया है। अग्रवाल के मुताबिक, भारत इस कैलेंडर ईयर में अमेरिका के साथ व्यापारिक समझौते को लेकर देश आशावादी है। हालांकि, अभी भी कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां पर भारत कोई समझौता नहीं कर सकता है। राष्ट्रीय राजधानी में फिक्की की 98वीं वार्षिक आम बैठक और वार्षिक सम्मेलन में वाणिज्य सचिव ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि उनकी प्रतिबद्धता है कि 2025 तक भारत-अमेरिका के बीच व्यापारिक समझौते का पहला चरण पूरा हो जाए और अब चीजें काफी आगे बढ़ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रालय बीटीए के लिए अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है और रेसिप्रोकल टैरिफ को लेकर भी लंबी बातचीत हुई है। भारत अमेरिका के साथ दो फ्रंट पर बातचीत कर रहा है। पहला -द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए और दूसरा- रेसिप्रोकल टैरिफ हटाने को लेकर। अग्रवाल ने कहा कि जब अमेरिका की ओर से रेसिप्रोकल टैरिफ हटा दिए जाएंगे, तो यह व्यापार समझौता भारतीय निर्यात के लिए लाभदायक होगा। अग्रवाल ने गुरुवार को संसदीय स्थायी समिति को बताया कि अमेरिका को भारत का निर्यात बढ़ा है। उन्होंने कहा कि दोनों देश बीटीए पर नियमित रूप से वर्चुअल वार्ता कर रहे हैं और भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता का पहला चरण तेजी से आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही अमेरिका-भारत संबंधों को मजबूत करने के सकारात्मक संकेत दे चुके हैं, जिससे यह उम्मीद जगी है कि दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच जल्द ही एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। ट्रंप ने कहा कि वह भारत पर लगाए गए "टैरिफ" को "कम" करने की योजना बना रहे हैं, जिससे संकेत मिलता है कि व्यापार वार्ता में जल्द ही कोई सफलता मिल सकती है।

न्यूमरेशन फॉर्म वितरण में रिकॉर्ड— 99.43% कवर हुए, चुनाव आयोग का दावा

नई दिल्ली  देश में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया तेजी से बढ़ रही है। भारतीय चुनाव आयोग ने दैनिक बुलेटिन में बताया कि अब तक 37,77,15,220 न्यूमेरेशन फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके हैं, जो कुल फॉर्म का 74.10 प्रतिशत है। 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 50,68,42,224 फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं, जो कुल पात्र मतदाताओं की संख्या का 99.43 प्रतिशत है। इसका अर्थ है कि लगभग हर मतदाता को एसआईआर के दूसरे चरण के तहत न्यूमरेशन फॉर्म मिल चुका है। यह अभियान 4 नवंबर 2025 से 4 दिसंबर 2025 तक चल रहा है और अभी करीब एक सप्ताह शेष है यानी मतदाता अपने फॉर्म आसानी से जमा कर सकते हैं ताकि उनकी जानकारी सही तरीके से मतदाता सूची में अपडेट हो सके। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी विवरण के अनुसार अंडमान-निकोबार में 99.99 प्रतिशत से अधिक वितरण के साथ लगभग 76.28 प्रतिशत फॉर्म डिजिटाइज हो चुके हैं। छत्तीसगढ़ में 99.51 प्रतिशत फॉर्म वितरण के साथ 77.80 प्रतिशत फॉर्म को डिजिटाइज किया जा चुका है। गुजरात ने 99.80 प्रतिशत फॉर्म वितरण और 81.58 प्रतिशत डिजिटाइजेशन हासिल किया है। मध्य प्रदेश में डिजिटाइजेशन 86.47 प्रतिशत तक पहुंच गया है। गोवा में 92.69 प्रतिशत, लक्षद्वीप में 100 प्रतिशत और राजस्थान में प्रतिशत फर्म डिजिटाइज हो चुका है। देश का सबसे बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश में 99.72 प्रतिशत फॉर्म वितरित हो चुके हैं, साथ ही 54.97 प्रतिशत फॉर्म डिजिटाइज किए जा चुके हैं। पश्चिम बंगाल ने भी 87.91 प्रतिशत डिजिटाइजेशन के साथ अच्छा प्रदर्शन किया है। यह अभियान 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (अंडमान-निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्यप्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल) में समान रूप से आगे बढ़ रहा है। इस अभियान में 5,32,828 बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) और 11,40,598 बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। आयोग ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों से अधिक से अधिक बीएलए नियुक्त करने की अपील भी की है ताकि प्रक्रिया और पारदर्शी बने। निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अगले 7 दिनों के भीतर अपने फॉर्म जमा कर दें ताकि आगामी मतदाता सूची में उनकी सभी जानकारियां सही-सही दर्ज हो सकें। विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण का यह चरण अब अपने निर्णायक दौर में है और आयोग को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में डिजिटाइजेशन का आंकड़ा और तेजी से बढ़ेगा।

दिल्ली की दूषित हवा पर राहुल गांधी गंभीर, बोले— संसद चर्चा करे, ठोस कदम उठाए जाएं

नई दिल्ली  दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा लगातार खराब होती जा रही है। इस बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रदूषण का मुद्दा उठाया। इसे लेकर उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल किए हैं। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि बच्चों का दर्द सबसे गहरी चोट की तरह मांओं के दिल में उतरता है। दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ लड़ रहीं ऐसी ही कुछ साहसी मांओं से मिला—वे अपने ही नहीं, बल्कि पूरे देश के बच्चों के भविष्य को लेकर डरी हुई हैं। उन्होंने कहा कि जहरीली हवा से छोटे-छोटे बच्चे फेफड़ों, दिल और मानसिक बीमारियों का शिकार हो रहे हैं, लेकिन इतनी भयावह राष्ट्रीय आपदा के बीच भी केंद्र सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है और समय तेजी से हमारे हाथों से फिसल रहा है। भारत को तुरंत इस पर गंभीर चर्चा और निर्णायक कार्रवाई चाहिए, ताकि हमारे बच्चे साफ हवा तक के लिए संघर्ष न करें, बल्कि एक ऐसे भारत में बड़े हों जो उन्हें सेहत, सुरक्षा और उभरने का पूरा आसमान दे सके। राहुल गांधी ने दूसरे पोस्ट में कहा कि मैं जिस भी मां से मिलता हूं, वह मुझसे यही कहती है कि उसका बच्चा जहरीली हवा में सांस लेकर बड़ा हो रहा है। वे डरे हुए और गुस्से में हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से कहा कि हमारे सामने भारत के बच्चों के दम घुट रहे हैं। आप चुप कैसे रह सकते हैं? आपकी सरकार जल्द ही कोई प्लान क्यों नहीं तैयार करती? उन्होंने कहा कि भारत को एयर पॉल्यूशन पर तुरंत संसद में बहस और इस हेल्थ इमरजेंसी से निपटने के लिए एक सख्त लागू करने लायक एक्शन प्लान की जरूरत है। हमारे बच्चों को साफ हवा मिलनी चाहिए, बहाने और ध्यान भटकाने वाली चीजें नहीं होनी चाहिए। साथ ही लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें वे उन महिलाओं से बात करते नजर आ रहे हैं, जो दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को लेकर चिंता जता रही हैं। वीडियो में महिलाएं अपने बच्चों पर प्रदूषित हवा से पड़ रहे असर के बारे में बात कर रही हैं और कह रही हैं कि उनका स्वास्थ्य दिन-ब-दिन खराब होता जा रहा है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर इस मुद्दे को अभी नजरअंदाज किया गया तो इससे देश को लंबे समय तक स्वास्थ्य और आर्थिक नुकसान होगा। साथ ही महिलाओं ने कहा कि सरकार सही हेल्थ एडवाइजरी क्यों नहीं जारी कर रही है या तुरंत बचाव के उपाय क्यों नहीं कर रही है। राहुल गांधी ने इसके जवाब में कहा कि प्रदूषण इसलिए बढ़ रहा है, क्योंकि पक्षकारों को मौजूदा सिस्टम से फायदा होता है और वे सुधार के कदम उठाने से बचते हैं।