samacharsecretary.com

स्कूल बस सुरक्षा पर बड़ा एक्शन: हरियाणा में 5200 प्राइवेट बसें मानकों पर फेल, जांच अभियान तेज

चंडीगढ़  हरियाणा में स्कूल बसों की मॉनिटरिंग अब कागजों में नहीं, बल्कि सीधे सड़कों पर दिखाई दे रही है। लंबे समय से मिल रही शिकायतों, सोशल मीडिया पर उठ रही आवाजों और लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद राज्य पुलिस ने स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच शुरू की, जिसने एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने रख दी। हरियाणा की सड़कों पर दौड़ रही 25 हजार से अधिक स्कूल बसों में से 5200 सुरक्षा मानकों पर खरी नहीं उतरीं। कई बसें बिना फिटनेस, बिना जीपीएस, बिना फायर एक्सटिंग्विशर और कई मामलों में बिना प्रशिक्षित ड्राइवरों के बच्चों को लेकर चल रही थीं। इन हालात में हरियाणा पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि अब समझाओ या चेतावनी देकर छोड़ दो वाली नीति खत्म हो चुकी है।   हरियाणा पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि हालिया जांच सिर्फ औपचारिकता नहीं है, बल्कि इसे मिशन मोड में लागू किया जा रहा है। तीन नवंबर से दस नवंबर के बीच चलाए गए विशेष अभियान में पांच हजार पांच सौ सोलह बसों की जांच की गई और एक हजार तीन बसों के चालान किए गए। इसी अवधि में सिरसा और डबवाली में मिली चार बसों को मौके पर ही जब्त कर लिया गया। इससे पहले जनवरी से अक्टूबर 2025 के बीच की गई जांच में 19 हजार दो सौ अड़सठ बसों में से चार हजार दो सौ पांच नियम तोड़ती पाई गईं। सूत्रों के अनुसार यह चेकिंग अब रुकने वाली नहीं है। अभियान को निरंतर निगरानी व्यवस्था में बदला जा रहा है। जिलों को निर्देश हैं कि स्कूल बसों का डेटा नियमित रूप से अपडेट रखें और दस्तावेजों का समय पर सत्यापन करें। हरियाणा में पहली बार स्कूल परिवहन को लेकर इतना व्यापक, सख्त और परिणाम आधारित एक्शन देखने को मिल रहा है। संदेश साफ है कि बसें चलेंगी, लेकिन नियमों के साथ। बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता है और अब कानून कागज पर ही नहीं, सड़क पर भी दिखाई देगा। किन जिलों में मिले सबसे अधिक उल्लंघन गुरुग्राम, पंचकूला, सोनीपत, सिरसा, जींद, फरीदाबाद और पलवल में सबसे ज्यादा अनियमितताएं सामने आईं। अकेले गुरुग्राम में जनवरी से अक्तूबर के दौरान हुई जांच में पांच हजार नौ सौ चौरासी बसों में से एक हजार आठ सौ इक्यावन बसें नियमों को तोड़ती हुई मिलीं। बाकी जिलों में भी स्थिति चिंताजनक है। सबसे कम उल्लंघन रेवाड़ी में दो, डबवाली में नौ और चरखी दादरी में छह बसों में दर्ज किए गए। सिरसा और डबवाली में हालात इतने खराब मिले कि पुलिस ने मौके पर ही चार बसें इम्पाउंड कर दीं। कई बसों में सुरक्षा उपकरण तक नहीं लगे थे और वे स्कूल बसों के लिए तय राष्ट्रीय मानकों पर भी खरी नहीं उतरती थीं। DGP ने दिए सख्त आदेश हरियाणा पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर पोस्ट के माध्यम से स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाली स्कूल बसों को तुरंत इम्पाउंड किया जाए। उन्होंने लिखा कि असुरक्षित बसों को सड़कों पर चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बच्चों की सुरक्षा के साथ समझौता अस्वीकार्य है। उनकी यह पोस्ट सीधे चेतावनी मानी जा रही है और इसे स्कूलों, बस ऑपरेटरों तथा प्रशासनिक स्तर पर एक कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि अब कोई नरमी नहीं मिलेगी।   स्कूल बस में क्या-क्या होना जरूरी नियमों के अनुसार हर स्कूल बस में होना जरूरी है • वैध फिटनेस सर्टिफिकेट • जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम • फायर एक्सटिंग्विशर • फर्स्ट एड बॉक्स • कैमरा जहां लागू हो • आपातकालीन निकास • प्रशिक्षित चालक और परिचालक • सीट बेल्ट और स्कूल बस के लिए निर्धारित पहचान मार्किंग। इनमें से किसी भी बिंदु का पालन नहीं होने पर चालान, बस इम्पाउंड और कानूनी कार्रवाई तय है। अभिभावकों को भी दी गई जिम्मेदारी हरियाणा पुलिस ने केवल स्कूलों और बस मालिकों के प्रति ही निर्देश जारी नहीं किए हैं, बल्कि अभिभावकों को भी इस प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि अभिभावक अपने बच्चे की बस की स्थिति जानें, सवाल पूछें और गड़बड़ी दिखने पर तुरंत पुलिस या जिला प्रशासन को सूचित करें। सरकार चाहती है कि यह अभियान सिर्फ प्रशासनिक कार्रवाई नहीं बल्कि सामुदायिक जागरूकता का हिस्सा बने।

लालू के महुआबाग महल पर BJP का निशाना, ED की कार्रवाई के संकेत से राजनीतिक माहौल गरमाया

पटना भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने पटना के महुआबाग इलाके में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव की बन रही कथित आलीशान हवेली को निशाने पर लिया है। पार्टी के एक्स हैंडल से निर्माणाधीन महल का एक वीडियो पोस्ट करके लिखा गया है कि लालू के समाजवाद का मतलब लूट-खसोट से संपन्न परिवार है। पार्टी के प्रवक्ता नीरज कुमार ने नौकरी के बदले जमीन घोटाले की चर्चा करते हुए चेतावनी दी है कि लूट-खसोट की संपत्ति को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जब्त भी कर सकता है। ईडी ने जुलाई, 2023 में लालू यादव के परिवार और उनसे जुड़ी कंपनियों की पटना, दिल्ली और गाजियाबाद में 6 करोड़ से ऊपर की जमीन और मकान को जब्त किया था। इसमें राबड़ी देवी के नाम पर महुआबाग की भी एक जमीन थी। लेकिन यह साफ नहीं है कि बीजेपी ने जिस बंगले का वीडियो दिखाकर लालू पर निशाना साधा है, वो कौन सी जमीन है और किसके नाम पर है। कहा जाता है कि लालू यादव इस मकान के निर्माण का जायजा लेने नियमित तौर पर जाते रहे हैं। चर्चा है कि सरकार से 10, सर्कुलर रोड का बंगला खाली करने का नोटिस मिलने के बाद लालू परिवार 39, हार्डिंग रोड के नए बंगले में जाने के बदले महुआबाग के महल में भी शिफ्ट हो सकता है। बिहार बीजेपी ने ट्वीट में लिखा है- “लालू जी का ‘समाजवाद’ यानी लूट-खसोट से संपन्न है एकमात्र परिवार! लालू परिवार एंड प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने ऐशो-आराम और शानदार जीवन का पूरा इंतजाम किया है। पटना शहर के बीचों-बीच इनका एक और निर्माणाधीन आलीशान महल’। दल के प्रवक्ता नीरज कुमार ने वीडियो बयान जारी करके चेतावनी दी है कि लूट-खसोट की संपत्तियों को ईडी जब्त भी कर सकती है। नीरज ने कहा- ‘लालू यादव का सामाजिक न्याय और उनका समाजवाद, सिर्फ परिवारवाद और पारिवारिक न्याय बनकर रह गया है। महुआबाग में जो आलीशान कोठी वो बना रहे हैं, वह भी लूट की जमीन है। वहां भी नौकरी के बदले जमीन ली थी। ईडी ने वहां एक बार छापा भी मारा था। लालू सावधान रहें, संभलकर रहें, लूट की संपत्ति बहुत दिन टिकती नहीं है। और हो सकता है कि आपका ये मकान-जमीन भी ईडी फिर से जब्त करे। आपने राजनीति को भ्रष्टाचार और लूट का अड्डा बना दिया था। पूरा परिवार पूरे बिहार को लूटे हैं। आपको बताना चाहिए कि यह अकूत संपत्ति आप कहां से लाए हैं।’  

कफ सिरप फर्जीवाड़ा: देर से कार्रवाई ने बढ़ाई शंकाएं, अब जाकर जब्त हुआ डिजिटल सबूत

गरियाबंद राजिम के कुलेश्वर मेडिकल में मिले नकली कफ सिरप पर 30 दिन बाद जाकर कार्रवाई हुई है. सिरप सप्लाई करने वाले नवापारा के नवकार मेडिकल में खाद्य एवं औषधीय प्रशासन टीम ने दबिश देकर डिजिटल साक्ष्य जब्त किए. लेकिन पुख्ता प्रमाण के बाद भी कार्रवाई में हुए विलंब से विभाग पर कई सवाल उठ रहे हैं. चर्चा यह भी है कि इस प्रकरण की बड़ी वजह व्यापारिक प्रतिस्पर्धा है. गरियाबंद खाद्य एवं औषधीय प्रशासन के निरीक्षक धरमवीर सिंह ध्रुव के नेतृत्व में आज रायपुर की टीम के साथ नवापारा सदर रोड स्थित नवकार मेडिकल स्टोर में टीम ने दबिश देकर साक्ष्य जप्त किया है. कार्रवाई के संबंध में निरीक्षक ध्रुव ने बताया कि पिछले बार निरीक्षण में राजिम के कुलेश्वर मेडिकल में मिले नकली कफ सिरप के मामले में नवकार मेडिकल का लिंक स्थापित हुआ है. इसी सिलसिले में यहां दबिश देकर डिजिटल एवं अन्य साक्ष्यों जब्त किया गया है. आगे पूछताछ कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. कार्रवाई पर उठ रहे सवाल विभाग ने लाइफ थ्रेटनिंग बता कर महीनेभर पहले विभिन्न धाराओं के तहत कुलेश्वर मेडिकल संचालक सीताराम साहू के खिलाफ कार्रवाई की गई थी. कोर्ट में पेश चालान में भी जोखिम कारोबार बताया था, लेकिन मामले में विभाग की जितनी सक्रियता दिखनी चाहिए दिखी नहीं. बताया जाता है कि कई दौर के उच्चस्तरीय मैत्री पूर्ण वार्तालाप सकारात्मक परिणाम नहीं आने के बाद आखिरकार नवम्बर में मेडिकल सील और संचालक को गिरफ्तार करने की कार्रवाई हुई है.

यूज़र्स के लिए खुशखबरी! संचार साथी ऐप डिलीट कर सकते हैं, रखना जरूरी नहीं

नई दिल्ली  संचार साथी ऐप को लेकर जारी विवाद के बीच सरकार ने कहा है कि इसे फोन में रखना जरूरी नहीं है। साथ ही यूजर इसे डिलीट भी कर सकते हैं। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को यह जानकारी दी है। दूरसंचार विभाग ने नवंबर में निर्देश जारी किया था कि भारत में इस्तेमाल हो रहे फोन में संचार साथी ऐप अनिवार्य होगा। विपक्ष ने इस ऐप के जरिए जासूसी के आरोप लगाए हैं।   सिंधिया ने कहा, 'इसके आधार पर न कोई जासूसी है, न कोई कॉल मॉनीटरिंग है। अगर आप चाहते हैं, तो इसे एक्टिवेट करें। अगर आप नहीं चाहते, तो इसे एक्टिवेट मत करो। अगर आप इसे अपने फोन में रखना चाहते हैं, तो रखो। अगर आप इसको डिलीट करना चाहते हो, तो डिलीट करो…। अगर आपको संचार साथी इस्तेमाल नहीं करना है, तो डिलीट कर दो। इसे डिलीट कर सकते हैं, कोई परेशानी नहीं है।' उन्होंने कहा, 'यह उपभोक्ता की सुरक्षा की बात है…। आपको डिलीट करना है, तो डिलीट कर दोगे आप। कोई अनिवार्य नहीं है। अगर आप इस ऐप का उपयोग नहीं करना चाहते, तो इस पर रजिस्टर मत करो। पर हर व्यक्ति को देश में नहीं मालूम कि चोरी से बचाने, फ्रॉड से बचाने के लिए यह ऐप है। हर व्यक्ति तक यह ऐप पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है। अगर आपको डिलीट करना है, तो आप डिलीट कर दो। नहीं इस्तेमाल करना तो रजिस्टर मत करो। जब आप रजिस्टर नहीं करोगे, तो यह ऐक्टिवेट कैसे होगा।' विपक्ष पर साधा निशाना केंद्रीय मंत्री ने विरोध करने पर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'जब विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं होता है और विपक्ष मुद्दा ढूंढना चाहता है, तो विपक्ष की मदद हम नहीं कर सकते। हमारी जिम्मेदारी है, उपभोक्ताओं की मदद और सुरक्षा की। क्या है संचार साथी। संचार साथी एक ऐप है, एक पोर्टल है। जिसके आधार पर हर एक उपभोक्ता अपनी सुरक्षा अपने हाथों से कर पाता है। यह जान भागीदारी का एक कदम है। इसमें लोगों को आपत्ति नहीं, बल्कि स्वागत करना चाहिए।' उन्होंने कहा, 'इसके आधार पर जब आप मोबाइल फोन खरीदते हो, उसके आधार पर आईएमईआई नंबर फेक है या असली है, इसका पता आप संचार साथी ऐप से कर सकते हैं। आज तक संचार साथी पोर्टल के 20 करोड़ डाउनलोड हुए हैं। ऐप के डेढ़ करोड़ से ज्यादा डाउनलोड हैं। यह सफल इसलिए है, क्योंकि देश का हर नागरिक इस अभियान का साथी बनना चाहता है। वह स्वयं जन भागीदारी के आधार पर अपनी सुरक्षा नियमित रूप से कर पाए।' उन्होंने जानकारी दी, 'आज तक करीब पौने दो करोड़ फर्जी कनेक्शन इस जन भागीदारी के आधार पर ही डिसकनेक्ट हुए हैं। करीब 20 लाख फोन जो चोरी हुए थे, उन्हें ट्रेस किया गया। साढ़े सात लाख चोरी फोन को उपभोक्ता के हाथ में वापस पहुंचाया। करीब 21 लाख फोन उपभोक्ता के पहचानने और रिपोर्ट करने के आधार पर ही डिसकनेक्ट हुए हैं…।'  

पुलिस कमिश्नर महोदय को मदनी के विरुद्ध कार्रवाई करने हेतु सौंपा आवेदन पत्र

भोपाल क्रांतिकारी पत्रकार कल्याण संघ के अध्यक्ष डॉ कृष्णानन्द शास्त्री द्वारा पुलिस कमिश्नर महोदय भोपाल को मदनी के विरुद्ध कार्रवाई करने हेतु आवेदन पत्र सौंपा पुलिस कमिश्नर महोदय ने आश्वासन दिया है कार्यवाही करने का, साथ ही विश्व के एकमात्र संस्कृत सेवा, समाचार पत्र का भी अवलोकन किया व एक कापी पड़ने के लिए चाही जो सोंपी गई.

ग्लेन मैक्सवेल नहीं खेलेंगे IPL 2026, इमोशनल नोट लिखकर कहा—‘थैंक यू फैंस’

नई दिल्ली  ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज क्रिकेटर ग्लेन मैक्सवेल आईपीएल 2026 के मिनी ऑक्शन में हिस्सा नहीं लेंगे। उन्होंने मंगलवार को इस बात की पुष्टि की। वह आंद्रे रसेल, फाफ डु प्लेसिस के बाद तीसरे बड़े खिलाड़ी हैं जिन्होंने 16 दिसंबर को आबू धाबी में होने वाले मिनी ऑक्शन से पीछे हटे हैं। फाफ तो आईपीएल के बजाय अब पाकिस्तान सुपर लीग में खेलेंगे। ऑलराउंडर मोईन खान भी पीएसएल में खेलते दिखेंगे। ग्लेन मैक्सवेल ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक इमोशनल पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी। वह 37 साल के हैं और जिस तरह उन्होंने काफी सोच विचार के बाद नीलामी में शामिल नहीं होने का फैसला किया, उसका मतलब है कि अब वह आईपीएल को अलविदा कह चुके हैं। उन्होंने लिखा, ‘आईपीएल में कई अविस्मरणीय सीजन के बाद मैंने फैसला किया है कि इस साल नीलामी के लिए अपना नाम नहीं दूंगा। ये एक बड़ा फैसला है। इस लीग ने मुझे जो कुछ भी दिया, उसका आभार।’ उन्होंने आगे लिखा, ‘आईपीएल ने मुझे एक क्रिकेटर और शख्स के तौर पर गढ़ने में मदद की। मैं खुशकिस्मत हूं कि विश्वस्तरीय खिलाड़ियों के साथ खेला, शानदार फ्रेंचाइजी का प्रतिनिधित्व किया और अतुलनीय जुनून वाले फैंस के सामने परफॉर्म किया। भारत की यादें, चुनौतियां और ऊर्जा मेरे साथ हमेशा रहेंगी। इतने सालों में मुझे सपोर्ट करने के लिए आप सभी का शुक्रिया। उम्मीद करते हैं कि जल्द मिलेंगे। चीयर्स, मैक्सी। ’ विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए मशहूर मैक्सवेल को पिछली बार पंजाब किंग्स ने 4.2 करोड़ रुपये में खरीदा था। स्टार ऑलराउंडर आईपीएल 2025 के 7 मैचों में खेले थे लेकिन अपनी ख्याति के अनुरुप प्रदर्शन नहीं कर पाए थे। वह पिछले सीजन में सिर्फ 48 रन ही बना पाए थे और सिर्फ 4 विकेट झटके थे। ग्लेन मैक्सवेल ने 141 आईपीएल मैचों में 18 अर्धशतकों के साथ कुल 2819 रन बनाए। उनके नाम आईपीएल में 41 विकेट भी दर्ज हैं।

भरोसे के नाम पर साजिश: आंचल के पिता व भाई ने हत्या से पहले रचा ड्रामा, CCTV में कैद नाच

मुंबई  महाराष्ट्र के नांदेड़ में एक युवती के प्रेमी के शव से शादी करने का मामला चर्चा में है। इस मामले में आरोपी युवती के पिता और भाई ही हैं। खबर है कि जिस युवक की हत्या के आरोप में दोनों पर लगे हैं, युवती के पिता उस युवक के साथ ही कुछ महीनों पहले जश्न मना रहे थे। युवती ने पिता और भाई के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है और दोनों फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं। 21 साल की आंचल ममदीवार ने 20 साल के सक्षम ताटे के शव से विवाह कर लिया था। गुरुवार शाम आंचल के भाई हिमेश और सक्षम के बीच झगड़ा हुआ था। पुलिस का कहना है कि हिमेश ने सक्षम पर कथित तौर पर गोली चलाई जो उसकी पसलियों के आर-पार निकल गई, इसके बाद उसने उसके सिर पर टाइल से वार किया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने बताया कि घटना के कुछ ही देर बाद हिमेश, उसका भाई साहिल (25) और पिता गजानन मामिडवार (45) को गिरफ्तार कर लिया गया। साथ नाच रहे थे मीडिया रिपोर्ट में एक वीडियो के हवाले से बताया गया है कि आंचल के पिता गजानन आंबेडकर जयंती मना रहे हैं। वीडियो में वह आंचल, सक्षम और उनके दोस्तों के साथ नाच रहे हैं। वीडियो में नजर आ रहा है कि कपल खुश है। जश्न के दौरान गजानन ने बेटी को गले लगाया था। वीडियो में नजर आ रहा है कि सक्षम के दोस्त आरोपी को कंधे पर उठा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों का कहना है कि आंचल के पिता और भाई ने हत्या से पहले सक्षम का भरोसा जीतने की साजिश रची थी। पुलिस ने उकसाया सोमवार को आंचल ने इतवारा थाने के दो पुलिसकर्मियों पर युवक की हत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया। मृतक के घर पर पहुंची युवती ने प्रेमी की हत्या के लिए अपने भाई को फांसी देने की अपील की। आंचल ने पीटीआई-वीडियो को बताया, 'हत्या वाले दिन, मेरा भाई हिमेश मुझे सुबह इतवारा थाने ले गया और सक्षम के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने को कहा।' युवती ने बताया कि उसने फर्जी शिकायत दर्ज कराने से इनकार कर दिया। आंचल ने कहा, 'पुलिस के दो अधिकारियों ने उसे (भाई को)यह कहकर उकसाया कि उसे दूसरे लोगों से लड़ने के बजाय उस आदमी को मार देना चाहिए जिससे मैं प्यार करती हूं।' उसने कहा कि उसके भाई हिमेश ने सक्षम की हत्या के बाद थाने वापस आने की चुनौती दी थी। आंचल ने कहा, 'मेरा भाई बहुत गुस्से में था। उसने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वह सक्षम की हत्या करने के बाद थाने आएगा। फिर उसने उसे (सक्षम को) मार डाला। मेरी बस यही मांग है कि आरोपियों (उसके भाई और पिता) को भी उसी तरह मारा जाए जैसे सक्षम को मारा गया। अब मैंने उससे शादी कर ली है और उसके परिवार के साथ रहूंगी। मैं उनका ख्याल रखूंगी।'

स्कूल में दुर्व्यवहार का मामला उजागर, DEO के निर्देश पर शिक्षक सस्पेंड

तखतपुर बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखंड के बेलसरी प्राथमिक शाला में बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार और छात्राओं से बैड टच करने के मामले में शिक्षक संदीप कुमार घृतलहरे पर निलंबन की गांज गिरी है. दरअसल, शिकायत पर डीईओ विजय तांडे ने मामले में तत्काल जांच के आदेश दिए थे. जांच में शिक्षक पर लगे आरोप सत्या पाए गए. रिपोर्ट में शिक्षक के व्यवहार को निंदनीय, शिक्षकीय गरिमा के विपरीत तथा बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कठोर कार्रवाई की अनुशंसा की गई. वहीं घटना के बाद बेलसरी और आसपास क्षेत्रों में अभिभावकों में आक्रोश है. ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से कड़ी कार्रवाई और स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है. जांच रिपोर्ट के आधार पर डीईओ ने आरोपी शिक्षक संदीप कुमार घृतलहरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.

निकाय चुनाव का बड़ा ऐलान: परिणाम अब कल नहीं, 21 दिसंबर को आएंगे

मुंबई  महाराष्ट्र में हो रहे निकाय चुनावों के शेड्यूल में राज्य निर्वाचन आयोग ने बड़ा बदलाव किया है. अब सभी नगर परिषद-नगर पालिकाओं के चुनाव परिणाम 21 दिसंबर को जारी किए जाएंगे. पहले ये नतीजे 3 दिसंबर को घोषित होने थे, लेकिन कुछ सीटों पर मतदान की तारीख आगे बढ़ने के कारण पूरी प्रक्रिया को एक साथ करने का फैसला लिया गया है. महाराष्ट्र में कुछ उम्मीदवारों के नामांकन रद्द होने के खिलाफ कोर्ट में चल रही अपीलों की वजह से 24 नगर परिषदों-नगर पंचायतों के अध्यक्ष पद पर चुनाव की तारीख बढ़ाकर 20 दिसंबर कर दी थी. वहीं बाकी सभी जगहों पर पहले तय कार्यक्रम के मुताबिक आज यानी 2 दिसंबर को ही मतदान हो रहा है. क्यों टालना पड़ा निकाय चुनाव? राज्य निर्वाचन आयोग ने 4 नवंबर को 246 नगर परिषदों और 42 नगर पंचायतों के लिए चुनाव की घोषणा की थी. लेकिन, जिन सीटों पर उम्मीदवारों ने जिला अदालत में अपील की थी और फैसला 23 नवंबर या उसके बाद आया, वहां चुनाव टालना पड़ा. कानून के अनुसार अगर अध्यक्ष पद पर अपील थी तो पूरे निकाय (अध्यक्ष सहित सभी सदस्य) का चुनाव एक साथ होगा, और अगर सिर्फ सदस्य पद पर अपील थी, तो सिर्फ उसी वार्ड का चुनाव बाद में कराया जाएगा. चुनाव आयोग ने क्या बताई नई तारीख? नई तारीखों वाला संशोधित कार्यक्रम सिर्फ इन्हीं प्रभावित सीटों के लिए है. इसके तहत नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख 10 दिसंबर दोपहर 3 बजे तक रखी गई है. उम्मीदवारों की अंतिम सूची और चुनाव चिन्ह 11 दिसंबर को जारी होंगे. मतदान 20 दिसंबर को सुबह 7.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक होगा और मतगणना अगले दिन 21 दिसंबर को सुबह 10 बजे से शुरू होगी. जिन 24 नगर निकायों में अध्यक्ष पद सहित पूरा चुनाव 20 दिसंबर को होगा, उनमें ठाणे जिले की अंबरनाथ, अहमदनगर जिले की कोपरगांव, देवळाली प्रवरा, पाथर्डी और नेवासा, पुणे जिले की बारामती और फुरसुंगी-उरूळी देवाची, सोलापुर की अनगर और मंगळवेढा, सातारा की महाबळेश्वर और फलटण, छत्रपती संभाजीनगर की फुलंब्री, नांदेड़ की मुखेड और धर्माबाद, लातूर की निलंगा और रेणापूर, हिंगोली की बसमत, अमरावती की अंजनगांव सुर्जी, अकोला की बाळापूर, यवतमाल की यवतमाल, वाशिम की वाशिम, बुलढाणा की देऊलगांव राजा, वर्धा की देवली और चंद्रपुर की घुग्घूस शामिल हैं. इनके अलावा 76 नगर निकायों के 154 सदस्य पदों पर भी मतदान 20 दिसंबर को ही होगा. इनमें सबसे ज्यादा सीटें बदलापुर और तळेगांव दाभाड़े की छह-छह, परली की पांच, सिन्नर, खामगाव और अंबेजोगाई की चार-चार हैं. भुसावळ, पैठण, उदगीर, कामठी और हिंगणघाट जैसी जगहों पर भी तीन-तीन और चार-चार वार्डों का चुनाव टला है. राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिला कलेक्टरों को नया कार्यक्रम तुरंत लागू करने के निर्देश दे दिए हैं. जिन इलाकों में 2 दिसंबर को वोटिंग होनी है, वहां कोई बदलाव नहीं हुआ है. मतदाताओं से अपील की गई है कि वे अपने क्षेत्र की सही तारीख जरूर जांच लें ताकि उनका वोट न छूटे.

छत्तीसगढ़ की पोलो टीम ने रचा इतिहास: अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमके खिलाड़ी, CM साय ने की मुलाकात

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में शामिल छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने टीम के सदस्यों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन पर बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है। उन्होंने खिलाड़ियों को भविष्य में भी इसी उत्साह और मेहनत के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी युवाओं में खेल की अपार प्रतिभा है और राज्य सरकार के सहयोग से घुड़सवारी एवं पोलो खेल को नई दिशा मिली है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ ने पहली बार इतिहास रचते हुए 22 से 29 नवम्बर 2025 तक इंफाल में आयोजित 15वें मणिपुर अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में हिस्सा लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। यह अवसर इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि देश के इतिहास में पहली बार किसी राज्य को अंतरराष्ट्रीय पोलो टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए आमंत्रित किया गया। छत्तीसगढ़ टीम ने अमेरिका, कोलंबिया, इंडियन पोलो एसोसिएशन और अन्य अंतरराष्ट्रीय टीमों के साथ प्रतिस्पर्धा कर यह गौरव अर्जित किया। यह उपलब्धि आदिवासी युवाओं की खेल जगत में बढ़ती भागीदारी का महत्वपूर्ण उदाहरण है। गौरतलब है कि इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे कई संस्थानों का संयुक्त योगदान रहा जिसमे छत्तीसगढ़ शासन, भारतीय सेना (एनसीसी), दंतेवाड़ा जिला प्रशासन, कांकेर जिला प्रशासन, ब्रीगो एंड हेक्टर इक्वेस्ट्रियन मैनेजमेंट कंपनी, रायपुर मुख्य रूप से शामिल रहे। इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की टीम के सदस्यों में लेफ्टिनेंट कर्नल अमन सिंह, एनसीसी, लांस नदिम अली (सेवानिवृत्त), वेदिका शरण, चित्रभानु सिंह, सैमुअल विश्वकर्मा, गोलू राम कश्यप, सुभाष लेकामि, देवकी कड़ती शामिल रहे। इससे पूर्व भी कु. वेदिका शरण ने सितंबर 2025 में बेंगलुरु में आयोजित घुड़सवारी की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेकर अपने आयु वर्ग में भारत में दूसरा तथा विश्व स्तर पर 15 वां स्थान प्राप्त कर प्रदेश व देश का नाम रोशन किया है l उल्लेखनीय है कि “खेल से शक्ति” पहल के अंतर्गत दंतेवाड़ा और कांकेर जिले के प्रतिभाशाली छात्रों को घुड़सवारी और पोलो का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यह प्रशिक्षण ब्रीगो एंड हेक्टर इक्वेस्ट्रियन मैनेजमेंट कंपनी द्वारा भारतीय सेना के अनुभवी पोलो खिलाड़ियों के सहयोग से संचालित किया गया। यह पहल आदिवासी युवाओं को खेल, शिक्षा और प्रशिक्षण के माध्यम से सशक्त बनाने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है। इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आवश्यक संसाधन और अवसर उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर आयुक्त छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अवनीश शरण और घुड़सवारी प्रशिक्षक गीता दहिया उपस्थित रहे।