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दुःखों से घिरा मैनेजर: पत्नी की दूसरी शादी और प्रेमिका की बेरुखी ने ली जान

सतना  मध्यप्रदेश में सतना जिले के ट्रांसपोर्ट नगर में सोमवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 26 वर्षीय फाइनेंस मैनेजर ने गर्लफ्रेंड को जिम्मेदार बताते हुए अपने ऑफिस के बंद चेंबर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। युवक की पहचान रीवा के सगरा देवतालाब निवासी शिवमोहन सिंह के रूप में हुई है। पुलिस को मौके से एक बेहद भावुक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें मृतक ने अपने पिता से माफी मांगते हुए एक लड़की पर अपनी भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। इस नोट में लिखी उसकी आखिरी इच्छा ने पुलिस और परिजनों, सबकी आंखें नम कर दीं। सॉरी पापा लड़की ने मेरे साथ खिलवाड़ किया! मृतक शिवमोहन ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि वह अपनी मर्जी से जान दे रहा है, लेकिन इसके पीछे की वजह एक लड़की है। उसने लिखा सॉरी पापा… उस लड़की ने मेरी फीलिंग्स के साथ बहुत खिलवाड़ किया है। उसकी वजह से मैं कुछ सोच नहीं पा रहा हूं। मेरे अच्छे पिताजी, मैं आपका अच्छा बेटा नहीं बन पाया… अकेलेपन के कारण मैंने शराब पीना शुरू कर दिया था। मगर यहां जिस पर भरोसा करो, वही धोखा देता है।' 'पत्नी की दूसरी शादी करा देना' शिवमोहन ने सुसाइड नोट में लिखा है स्वाती (पत्नी) की दूसरी शादी करा देना। 'प्लीज, गोलू की स्कूटी छुड़वा लेना, मैंने उसे गिरवी रख दिया है।' मृतक ने यह भी लिखा है कि उसके सभी अंग दान कर दिए जाएं जो किसी के काम आ जाएं। बंद कमरे में लटका मिला शव जानकारी मुताबिक, शिवमोहन सोमवार दोपहर करीब 2 बजे अपने केबिन में गया और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। शाम 7 बजे तक जब कोई हलचल नहीं हुई और उसका फोन भी बंद आया, तो ऑफिस के कर्मचारियों को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने पास में रहने वाले शिवमोहन के मामा को बुलाया। दरवाजा तोड़ने पर शिवमोहन का शव मफलर के सहारे फंदे पर लटकता मिला। जांच में जुटी पुलिस कोलगवां पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मौके से मिले सुसाइड नोट में जिस लड़की का जिक्र है, उसके बारे में जानकारी जुटा रही है।  

क्यों है हर्षित राणा GG के भरोसेमंद? संदीप शर्मा का पुराना बयान बना बड़ी कुंजी

नई दिल्ली  दिग्गज भारतीय पेसर संदीप शर्मा की एक क्लिप फिर से वायरल हो रही है, जिसमें उन्होंने हर्षित राणा को लेकर बात की थी। हर्षित राणा ने रांची में इंडिया और साउथ अफ्रीका के बीच खेले गए पहले वनडे मैच में 3 विकेट हॉल प्राप्त किया था। बहुत चर्चा हर्षित राणा की टीम में जगह को लेकर हो रही थी, जिसके लिए गौतम गंभीर पर भी सवाल उठे कि हेड कोच उनकी तरफदारी कर रहे हैं। हालांकि, संदीप शर्मा ने एक बड़ा ही दमदार तर्क देकर समझाया था कि हर्षित राणा जैसे खिलाड़ियों को टीम में जगह कैसे मिलती है और इतने मौके क्यों दिए जाते हैं?   मानवेंद्र के साथ बातचीत में संदीप शर्मा ने बताया था कि हर्षित राणा का सिलेक्शन सेंटीमेंट पर नहीं, बल्कि क्लियर लॉन्ग-टर्म प्रोजेक्शन पर आधारित था। उन्होंने बताया था कि एक बार जब सिलेक्टर किसी रेयर स्किलसेट को पहचान लेते हैं, तो अगला कदम उस टैलेंट को मैच्योर होने के लिए काफी समय देने का होता है। यही इस समय हर्षित राणा के साथ हो रहा है। संदीप ने बताया था, “आप या तो एक स्किल या टैलेंट को पहचानते हैं या एक बार जब आप उस टैलेंट को पहचान लेते हैं, तो आप उसे मैच्योर होने के लिए काफी समय देते हैं। उसके साथ यही हुआ है। वह 140 से ज़्यादा की स्पीड से बॉलिंग करता है, उसकी हाइट अच्छी है, बॉडी मजबूत है। अगर आप उसके साथ कुछ साल काम करें, तो वह बहुत अच्छा बॉलर बन सकता है।” संदीप शर्मा ने जोर देकर ये कहा था कि तेज गेंदबाजों को तैयार करना हमेशा एक जुआ होता है और चयनकर्ता जानबूझकर यह जोखिम उठाते हैं। उन्होंने बताया था, "अगर आप ऐसे पांच खिलाड़ी चुनते हैं, तो सिर्फ एक या दो ही अच्छा करते हैं। तीन या चार बार आप गलत होंगे। इसीलिए सिलेक्टर्स के लिए यह मुश्किल है, क्योंकि उन्हें मौके लेने पड़ते हैं। वह 23 से 24 साल का है और उसे खेलना होगा, कुछ हिट्स लेने होंगे और आगे बढ़ना होगा।" केएल ने भी हर्षित को सराहा कप्तान शुभमन गिल और उपकप्तान श्रेयस अय्यर के चोटिल होने की वजह से कप्तानी कर रहे केएल राहुल ने भी इस युवा गेंदबाज की तारीफ की थी और कहा था, "हर्षित खास है। कोई लंबा, कोई जो तेज गेंद डाल सके, कोई जो पिच पर हिट कर सके। भारत को इसी की तलाश थी। वह अभी भी डेवलप हो रहा है, लेकिन हमें उसमें बहुत पोटेंशियल दिखता है।”  

राज्य का सबसे बड़ा एnti-Drug अभियान: सिरसा–फतेहाबाद बेल्ट में 45 दिन की कार्रवाई से माफिया में हड़कंप

चंडीगढ़  हरियाणा पुलिस ने ड्रग तस्करी के खिलाफ अब तक का सबसे जोरदार और खुफिया-आधारित अभियान चलाते हुए सिरसा, फतेहाबाद और डबवाली में ड्रग ट्रेड की रीढ़ पर सीधा प्रहार किया है। 15 अक्टूबर से शुरू हुए इस अभियान ने सिर्फ केस दर्ज नहीं किए, बल्कि सप्लाई चेन के हर स्तर, सप्लायर से लेकर मेडिकल नेटवर्क और फाइनेशियल चैनल तक को निशाने पर लिया। ये ऑपरेशन ज्यादातर रात में, खासतौर पर बॉर्डर बेल्ट, ढाबों, खेतों और ट्रांजिट पॉइंट्स पर चलाए गए। पुलिस की नई रणनीति का असर दोनों अवधियों की तुलना में साफ दिखता है और यह स्पष्ट करता है कि यह सिर्फ अलग-अलग छापे नहीं बल्कि संगठित नेटवर्क-डिसरप्शन वार था। पहली अवधि में जहां 105 मामले दर्ज हुए थे, वहीं दूसरी अवधि (16 अक्टूबर से 30 नवंबर) में यह संख्या बढ़कर 153 हो गई। केस ज्यादा होने का मतलब अपराध बढ़ना नहीं, बल्कि नेटवर्क का खुलना है। पुलिस पहली बार उन जगहों तक पहुंची, जहां से ड्रग कोर सप्लाई होती है। गिरफ्तारियां बढ़ीं, गैंग की कमर टूटने लगी पहले 45 दिनों में 257 गिरफ्तारियां हुई थीं, जबकि दूसरी अवधि में 342 आरोपी पकड़े गए। सिर्फ सिरसा में ही 83 और फतेहाबाद में 18 अतिरिक्त गिरफ्तारियां हुईं। इससे साफ है कि इस बार टारगेट सिर्फ यूजर नहीं, बल्कि कोर सप्लायर और मिड-रूट एजेंट थे। सबसे बड़ा झटका तस्करी नेटवर्क को इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि सप्लायरों की पहचान और गिरफ्तारी को अंजाम दिया गया। पहले चरण में 91 सप्लायर पकड़े गए थे, जबकि दूसरे चरण में यह संख्या 160 पर जा पहुंची। इनमें से 86 सप्लायर गिरफ्त में आए। पुलिस की बरामदगी अब पाउच लेवल नहीं, बल्कि हाई-वैल्यू ड्रग लेवल पर दिख रही है। एक किलो 271 ग्राम हेराेइन और 13 किलो 714 ग्राम फीम बरामद की गई। ड्रग माफिया की प्रॉपर्टी पर बड़ा प्रहार आर्थिक स्तर पर कार्रवाई में भी रिकॉर्ड उछाल देखा गया। पहले 15 मामलों में कुर्की हुई थी, अब यह आंकड़ा पहुंचा 27 पर। यह मॉडल बताता है कि पुलिस अब सिर्फ पकड़ने तक नहीं बल्कि इकोनॉमिक लाइफलाइन काटने वाली रणनीति पर चल रही है। पहले केवल तीन मेडिकल स्टोर सील हुए थे, जबकि इस बार यह संख्या 23 पहुंच गई। जिन पर कोडीन सिरप, ट्रामाडोल और ओवर-द-काउंटर ड्रग्स की अवैध सप्लाई का संदेह था।   हिस्ट्रीशीट खुली, अब लगातार निगरानी पहली अवधि में 12 हिस्ट्रीशीट खोली गई थीं, जबकि इस बार 36 खुलीं। इसका मतलब है कि पुलिस इन तस्करों का डिजिटल, बैंकिंग और मूवमेंट ट्रैकिंग कर रही है। डीजीपी ओपी सिंह का कहना है कि इस अभियान में पुलिस ने 375 अधिक युवाओं को नशा मुक्ती सिस्टम में शामिल किया। यह बताता है कि ऑपरेशन सिर्फ दमन नहीं बल्कि रिफॉर्म + इंटेलिजेंट एनफोर्समेंट मॉडल है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ पुलिस ऑपरेशन नहीं, समाज की सुरक्षा का युद्ध है। हमारा लक्ष्य सप्लाई चेन का खात्मा और युवाओं को नशे से दूर करना है।

IAS पदों पर IPS नियुक्ति पर हाईकोर्ट ने तेलंगाना सरकार से पूछा कारण

हैदराबाद IAS यानी भारतीय प्रशासनिक सेवा कैडर के पदों पर भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों की नियुक्ति पर तेलंगाना हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है। अदालत में एक रिट याचिका दाखिल हुई थी, जिसमें कहा गया था कि इस तरह की नियुक्तियां नियमों का उल्लंघन करती हैं। उच्च न्यायालय ने इस तरह के फैसलों के पीछे कानूनी वजह बताने के लिए कहा है। मामले पर अगली सुनवाई के लिए 10 दिसंबर तारीख तय की गई है। हैदराबाद के एक वकील और सामाजिक कार्यकर्ता वाडला श्रीकांत ने एक रिट याचिका दाखिल की है। याचिकाकर्ता के वकील विजय गोपाल का कहना है कि सरकार का फैसला और खासतौर से जीओ 1342 (जारी 26 सितंबर) जारी करना और उन केंद्रीय कानूनों का उल्लंघन है, जो दो भारतीय सेवाओं की अलग-अलग भूमिकाओं और जिम्मेदारियों के बारे में बताते हैं। इस याचिका में विशेष रूप से तीन अधिकारियों का जिक्र किया गया है। ये IPS अधिकारी उन पदों को संभाल रहे हैं, जो आमतौर पर IAS कैडर के पास होते हैं। इनमें IPS स्टीफन रविंद्र हैं, जो सिविल सप्लाइज कमिश्नर और एक्स ऑफिशियो प्रधान सचिव के तौर पर काम कर रहे हैं। इनके अलावा IPS शिखा गोयल, जो विजिलेंस एंड एनफोर्समेंट में महानिदेशक हैं। साथ ही हैदराबाद के पूर्व आयुक्त सीवी आनंद का नाम है, जो गृह विभाग का विशेष मुख्य सचिव बनाया गया है। एडवोकेट गोपाल का कहना है कि इस तरह की क्रॉस कैडर नियुक्तियां IAS (Fixation of Cadre Strength) Regulations, 2016 जैसे नियमों का उल्लंघन करती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, IPS अधिकारियों की प्रधान सचिव रैंक पर नियुक्तियों की प्रथा साल 2014 में बीआरएस सरकार के समय से चली आ रही है। सरकार की तरफ से पेश हुए वकील राहुल रेड्डी ने अदालत से अतिरिक्त समय की मांग की थी।

सीएम यादव का निर्णय: नगरीय क्षेत्र विकास योजना के लिए 500 करोड़ रुपये अतिरिक्त स्वीकृत

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को विधानसभा के समिति कक्ष में मंत्रि-परिषद की बैठक हुई। बैठक में नगरीय क्षेत्र के विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं पर निर्णय लिए गए। सरकार ने मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना निर्माण योजना को वर्ष 2026-27 तक जारी रखने का फैसला किया है। इसके लिए अतिरिक्त 500 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। अब 9 करोड़ 45 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च करने की अनुमति प्रदान की योजना के अंतर्गत अब तक 1,070 करोड़ रुपये की 1,062 परियोजनाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं। इनमें 325 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, 407 कार्य प्रगतिरत हैं और 330 परियोजनाएं डीपीआर स्वीकृति या निविदा प्रक्रिया में हैं। इस योजना के तहत पेयजल, सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, सड़क और नाली निर्माण, श्मशान घाट, सामुदायिक भवन, रैन बसेरा और खेल मैदान जैसे विकास कार्य किए जाते हैं। बैठक में मध्यप्रदेश ग्रामीण संपर्कता बाह्य वित पोषित योजना के अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए भी मंजूरी दी गई। पहले से स्वीकृत 12 करोड़ 32 लाख रुपये के अलावा अब 9 करोड़ 45 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च करने की अनुमति प्रदान की गई है। उम्मीदवारों को नई शर्तों के साथ नियुक्ति देने का निर्णय इसके अलावा राज्य सेवा परीक्षा 2022 में परिवहन उप निरीक्षक पद के लिए चयनित 29 में से 25 उम्मीदवारों को नई शर्तों के साथ नियुक्ति देने का निर्णय लिया गया है। इन उम्मीदवारों को दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि में एक वर्षीय कंप्यूटर डिप्लोमा और ड्राइविंग लाइसेंस के दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। यदि कोई उम्मीदवार परिवीक्षा अवधि में यह दस्तावेज प्रस्तुत करने में असफल रहता है, तो उसकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जाएंगी। 

ठंड बढ़ने वाली, तापमान 3 डिग्री तक गिरने के आसार—मध्यप्रदेश में 5-6 दिसंबर से मौसम सर्द

भोपाल  मध्य प्रदेश में अब ठंड का असली दौर शुरू होने जा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक 5 या 6 दिसंबर से प्रदेश में शीतलहर (Cold Wave) की एंट्री हो जाएगी। उत्तरी पर्वत क्षेत्रों में नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होगा, जिसके चलते वहां बर्फबारी बढ़ेगी और उसी का असर ठंडी हवाओं के रूप में एमपी तक पहुंचेगा। अगले तीन दिनों में रात का तापमान 2 से 3 डिग्री की और गिरावट दर्ज हो सकती है।वभोपाल और इंदौर समेत राज्य के 6 जिलों में रविवार-सोमवार की रात पारा 10 डिग्री से नीचे पहुंच गया। इंदौर सर्वाधिक ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 8.2°C दर्ज हुआ। भोपाल में 9.4°C, जबलपुर 11.8°C, और ग्वालियर-उज्जैन में 12°C रहा। प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा पचमढ़ी, जहां तापमान 6.8°C दर्ज किया गया। सोमवार को अधिकतम तापमानों में भी गिरावट दर्ज की गई। मलाजखंड 23.7°C के साथ सबसे ठंडा रहा। पचमढ़ी, शिवपुरी, सिवनी, बैतूल, भोपाल, धार, रीवा सभी जिलों में अधिकतम तापमान 24-26 डिग्री के बीच रहा।  कोल्ड वेव और शीतलहर का असर मौसम विभाग के अनुसार, 5-6 दिसंबर से भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग में रात का तापमान 5-8 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। जनवरी तक प्रदेश में कोल्ड वेव का असर 20-22 दिनों तक रह सकता है। मुख्य प्रभावित शहर और संभाग:     ग्वालियर, चंबल, उज्जैन संभाग     भोपाल संभाग के सीहोर-विदिशा     सागर संभाग के निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़-पन्ना     रीवा संभाग के मऊगंज, सीधी-सिंगरौली     जबलपुर संभाग के मंडला-डिंडौरी     इंदौर संभाग के इंदौर, धार, झाबुआ नवंबर ने तोड़ दिए 94 साल पुराने रिकॉर्ड भोपाल में इस बार लगातार 15 दिन शीतलहर चली यह 1931 के बाद सबसे लंबा शीतलहर काल है। 17 नवंबर की रात पारा 5.2°C पहुंच गया, जो पिछले 80 साल में सबसे कम था। इंदौर में भी 25 साल बाद पारा 6.4°C तक लुढ़का। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार उत्तर भारत में नवंबर की शुरुआत में ही भारी बर्फबारी शुरू हो गई थी। जैसे ही हवा की दिशा उत्तर-पश्चिम हुई, ठंडी हवाएं सीधे मध्य प्रदेश में दाखिल हो गईं। दिसंबर-जनवरी कड़कड़ाती ठंड के असली महीने जैसे मानसून में जुलाई-अगस्त सबसे ज्यादा प्रभावी रहते हैं, वैसे ही सर्दियों में दिसंबर और जनवरी ठंड का पीक सीजन होते हैं। इन्हीं दो महीनों में उत्तरी हवाएं सबसे ज्यादा सक्रिय रहती हैं और तापमान सबसे तेज गिरता है। पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से दिसंबर में मावठा (हल्की सर्दी की बारिश) भी होती है, जिससे दिन की ठंड और बढ़ जाती है। दिसंबर-जनवरी में 20-22 दिन कोल्ड वेव चलने की संभावना मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस बार कोल्ड वेव का असर लंबे समय तक रहेगा। जनवरी में कई जिलों में 20 से 22 दिनों तक शीतलहर देखने को मिल सकती है। दिन में ठंडक घुली…पारा 23 डिग्री तक आया दूसरी ओर, सोमवार दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। बालाघाट का मलाजखंड सबसे ठंडा रहा। यहां अधिकतम तापमान 23.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पचमढ़ी-शिवपुरी में 24.2 डिग्री, सिवनी में 24.6 डिग्री, बैतूल में 24.8 डिग्री, नरसिंहपुर में 25 डिग्री, टीकमगढ़ में 25.2 डिग्री भोपाल-धार में 25.6 डिग्री, रीवा में 25.8 डिग्री रहा। नवंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी है सर्दी इस बार नवंबर में सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार, साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर, 17 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा। इससे पहले 30 नवंबर 1941 में तापमान 6.1 डिग्री रहा था। इंदौर में भी पारा 6.4 डिग्री ही रहा। यहां भी सीजन की सबसे सर्द रात रही। 25 साल में पहली बार पारा इतना लुढ़का। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन बताती हैं, इस बार उत्तरी राज्यों में नवंबर के पहले ही सप्ताह में बर्फबारी होने लगी। इस वजह से ठंडी हवाएं प्रदेश में पहुंची। आखिरी सप्ताह में हवा की दिशा बदल गई। जिससे ठंड का असर कम रहा है। ठंड के लिए दिसंबर-जनवरी खास मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से दिसंबर में मावठा भी गिरता है। इससे दिन में भी सर्दी का असर बढ़ जाता है। कहां कितना रहा तापमान शहर अधिकतम (°C) न्यूनतम (°C) बैतूल 24.8 11.5 भोपाल 25.6 8.4 दतिया 26.2 12.6 धार 25.6 13.3 गुना 27.4 13.0 ग्वालियर 27.7 11.7 नरसिंहपुर 29.8 14.4 इंदौर 26.6 8.6 खंडवा 28.5 12.0 खरगोन 28.0 12.2 पचमढ़ी 24.2 7.2 रायसेन 26.0 — राजगढ़ — 8.5 रतलाम 27.5 13.2 शाजापुर — — श्योपुर 26.0 14.0 शिवपुरी 24.2 12.0 उज्जैन 28.5 11.8 शहर अधिकतम तापमान (°C) न्यूनतम तापमान (°C) छिंदवाड़ा 26.4 11.2 दमोह 26.2 11.5 जबलपुर 26.6 11.2 खजुराहो 27.4 13.0 मंडला 29.0 11.6 नरसिंहपुर 25.0 12.6 नौगांव 27.0 8.6 रीवा 25.8 9.6 सागर 26.7 13.8 सतना 27.5 11.7 सिवनी 24.6 13.6 सिधी 26.6 11.4 टीकमगढ़ 25.2 13.2 उमरिया 26.5 9.3 मलाजखंड 23.7 11.1 नोट: पचमढ़ी और मलाजखंड जैसे हिल स्टेशन सबसे ठंडे रहे। पश्चिमी विक्षोभ और मौसम विज्ञान मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) 5 दिसंबर से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा। इसके चलते प्रदेश में दिन और रात के तापमान में तेजी से गिरावट आएगी। मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि, उत्तर हरियाणा और निकटवर्ती क्षेत्रों में सक्रिय उच्च चक्रवातीय परिसंचरण मध्य प्रदेश में ठंडी हवाओं को प्रवेश कराएगा। पिछले रिकॉर्ड और ला नीना का असर नवंबर में भोपाल में लगातार 15 दिन शीतलहर रही, जो 1931 के बाद सबसे लंबी रिकॉर्ड है। 17 नवंबर की रात पारा 5.2°C तक गिर गया था। इंदौर में न्यूनतम तापमान 6.4°C दर्ज हुआ। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, उत्तरी राज्यों में हिमालयी क्षेत्रों … Read more

US में पंजाबी ट्रकर्स की बड़ी मुसीबत: फेडरल जांच शुरू, ड्राइविंग स्कूलों में 44% फेल

चंडीगढ़  अमेरिका में लगभग 1.5 लाख पंजाबी/सिख ट्रक ड्राइवर इन दिनों अभूतपूर्व फेडरल जांच के दायरे में हैं। राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे इस अभियान में ट्रकिंग स्कूलों और प्रवासी मालिकों की कंपनियों पर व्यापक कार्रवाई की जा रही है। समीक्षा में पाया गया है कि देश के 44 फीसदी ट्रक ड्राइविंग स्कूल न्यूनतम मानकों का पालन नहीं कर रहे, जिसके कारण वे बंद होने की कगार पर हैं। सिख समुदाय का कहना है कि जांच के नाम पर उन्हें अनुचित रूप से निशाना बनाया जा रहा है। ट्रांसपोर्टेशन डिपार्टमेंट ने बताया कि देशभर के 16,000 पंजीकृत ड्राइविंग प्रोग्राम्स में से करीब 3,000 प्रशिक्षण और रिकॉर्ड मानकों पर खरे नहीं उतर सके। फेडरल विभाग इन स्कूलों की मान्यता अगले 30 दिनों के भीतर रद्द करने की तैयारी में है। इसके अलावा 4,500 संस्थानों को चेतावनी दी गई है कि वे भी जल्द कार्रवाई की जद में आ सकते हैं। मान्यता रद्द होने के बाद ये स्कूल छात्रों को वह अनिवार्य प्रमाणपत्र जारी नहीं कर पाएंगे, जो कमर्शियल लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवश्यक होता है। इससे छात्रों के इन स्कूलों को छोड़ने की संभावना बढ़ जाएगी। विभाग के अनुसार कई संस्थान पहले से ही निष्क्रिय पाए गए हैं। प्रवासी मालिकों की कंपनियों का डीएचएस ऑडिट डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी ने कैलिफोर्निया में प्रवासी मालिकों वाली ट्रकिंग कंपनियों का भी ऑडिट शुरू किया है। इसमें ड्राइवरों की इमिग्रेशन स्थिति और कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता की जांच की जा रही है। यह कार्रवाई उस घटना के बाद तेज हुई, जिसमें एक कथित तौर पर अनधिकृत ड्राइवर ने फ्लोरिडा में अवैध यू-टर्न लेकर तीन लोगों की जान गंवाने वाली दुर्घटना का कारण बना। परिवहन मंत्री सीन डफी ने कहा कि सरकार ‘कम प्रशिक्षित और जोखिम पैदा करने वाले ड्राइवरों को सड़क पर उतरने से रोकने’ के लिए दृढ़ है। उन्होंने कैलिफोर्निया, पेंसिलवेनिया और मिनेसोटा को फेडरल फंडिंग रोकने की चेतावनी भी दी है यदि राज्यों ने लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं में खामियों को दूर नहीं किया। ‘सीडीएल मिल्स’ पर शिकंजा और फर्जी रिकॉर्ड की जांच उद्योग संगठनों के अनुसार जिन संस्थानों पर कार्रवाई हुई है, उनमें से कई ‘सीडीएल मिल्स’ थे। ये संस्थान कुछ ही दिनों की ट्रेनिंग का दावा करते हुए बिना पर्याप्त अभ्यास और शिक्षा के लाइसेंस प्रमाणपत्र जारी कर देते थे। उद्योग विशेषज्ञों के मुताबिक मानक संस्थानों में प्रशिक्षण कम से कम एक माह चलता है और इसमें क्लासरूम अध्ययन के साथ सड़क प्रशिक्षण भी शामिल होता है। फेडरल विभाग का आरोप है कि कई संस्थानों ने अधूरे या गलत रिकॉर्ड रखे, प्रशिक्षण डेटा में हेरफेर किया और सुरक्षा मानकों का अनुपालन नहीं किया। सिख समुदाय : योग्य ड्राइवरों को भी संदेह की नजर से देखा जा रहा हाल के महीनों में फ्लोरिडा और कैलिफोर्निया के घातक हादसों में शामिल दोनों ड्राइवर सिख समुदाय से थे। इसके बाद पंजाबी/सिख ट्रकर्स पर अतिरिक्त दबाव और जांच बढ़ी है। नॉर्थ अमेरिकन पंजाबी ट्रकर्स एसोसिएशन का अनुमान है कि वेस्ट कोस्ट की ट्रकिंग वर्कफोर्स में 40 फीसदी जबकि देशभर में 20 फीसदी सिख ड्राइवर हैं। एडवोकेसी समूहों के अनुसार अमेरिका में लगभग 1.5 लाख सिख ट्रकर्स काम करते हैं। यूनाइटेड सिख्स ने कहा कि प्रवासी मालिकों के यहां ‘आक्रामक इमिग्रेशन ऑडिट’ किए जा रहे हैं, जिनसे ‘कानूनी और लाइसेंसशुदा ड्राइवर तक संदिग्ध की तरह ट्रीट किए जा रहे हैं।’ समूह का कहना है कि ऐसी कार्रवाई ज़ेनोफोबिया, उत्पीड़न और सड़क पर हिंसा को बढ़ावा देती है और देश की सप्लाई चेन को जोखिम में डालती है। 17,000 गलत तरीके से जारी लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया फेडरल निर्देशों के बाद कैलिफोर्निया प्रशासन ने 17,000 कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की है। ये लाइसेंस कथित रूप से गलत तरीके से जारी हुए थे या ऐसे ड्राइवरों को दिए गए जिनके वर्क परमिट पहले ही समाप्त हो चुके थे।

लोकतंत्र पर सवाल उठाए सैलजा ने: कहा— संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है

चंडीगढ़  पूर्व केंद्रीय मंत्री व सिरसा सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि आज देशभर में यह गंभीर चिंता उभरकर सामने आ रही है कि हमारी लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख लगातार कमजोर की जा रही है। संसद से लेकर सड़कों तक, जनता और जनप्रतिनिधि दोनों यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर ऐसी परिस्थितियां क्यों बनाई जा रही हैं जिनसे संस्थाओं की निष्पक्षता पर संदेह पैदा हो। देश की जनता अब सवाल पूछ रही है और सरकार को इन सवालों के जवाब देने होंगे। मंगलवार को चंडीगढ़ से जारी एक ब यान में सैलजा ने कहा कि भाजपा सरकार लगातार राजनीतिक ड्रामेबाजी के सहारे शासन चलाने की कोशिश कर रही है। उनकी कार्यप्रणाली ने उन संस्थाओं पर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं, जिन्हें वर्षों की कड़ी मेहनत और संवैधानिक मूल्यों की नींव पर खड़ा किया गया था। सांसद ने कहा कि शासन का मूल आधार काम और समय पर डिलीवरी होता है, न कि दिखावा और भटकाव की राजनीति। जहां डिलीवरी नहीं होती, वहां जनता अपनी आवाज बुलंद करती है और यही आज पूरे देश में दिखाई दे रहा है। कुमारी सैलजा ने बिहार सहित कई राज्यों के हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और चुनावी प्रक्रियाओं पर उठ रहे सवालों का उल्लेख करते हुए कहा कि जब आम नागरिक का चुनाव आयोग जैसी महत्वपूर्ण संस्था पर भरोसा कम होने लगे, तो यह केवल विपक्ष का मुद्दा नहीं रह जाता, बल्कि पूरे लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी बन जाता है। सैलजा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार उन संस्थाओं की स्वायत्तता को कमजोर कर रही है जिन्हें बनाने में दशकों लगे हैं। सरकार की जिम्मेदारी है कि वह संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता को कायम रखे, लेकिन दुर्भाग्य से आज इन्हें नियंत्रित करने और दबाव में लेने की कोशिशें साफ दिखाई देती हैं। इससे लोकतंत्र की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रहार हो रहा है। कुमारी सैलजा ने जोर देकर कहा कि यह मुद्दा किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक का है।

शुभमन गिल की टीम इंडिया में वापसी? साउथ अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज पर नजर

नई दिल्ली  कप्तान शुभमन गिल साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के दौरान चोटिल हुए थे, जिसके बाद वह अगला टेस्ट नहीं खेल सके। गिल मेहमान टीम के खिलाफ वनडे सीरीज का भी हिस्सा नहीं हैं, लेकिन अब उनके टी20 सीरीज में खेलने की उम्मीद है। शुभमन गिल के सोमवार से बेंगलुरु में बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) में होने की उम्मीद है। गिल अपनी गर्दन की चोट की रिकवरी के लिए तुरंत रिहैब शुरू करेंगे। उम्मीद है कि सीओई टी20 फॉर्मेट के उपकप्तान को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट फिर से शुरू करने की इजाजत दे सकता है। शुभमन गिल साउथ अफ्रीका के खिलाफ कोलकाता में खेले गए टेस्ट सीरीज के पहले मैच की पहली पारी में चौका लगाने के दौरान चोटिल हुए थे। इसके बाद गिल दोबारा इस सीरीज में नहीं खेल सके। इसके बाद गिल अपनी गर्दन की चोट को लेकर सलाह लेने के लिए मुंबई में स्पेशलिस्ट के पास गए। उन्होंने अपने घर लौटने से पहले तीन दिन वहीं बिताए। उस बीच गिल ने अपना पर्सनल रिहैब जारी रखा। सोमवार को वह बेंगलुरु के लिए निकले। साउथ अफ्रीका के खिलाफ पांच मुकाबलों की टी20 सीरीज 9 दिसंबर से शुरू होगी। अगले कुछ दिनों में इसके लिए भारतीय टीम के चुने जाने की उम्मीद है। शुभमन गिल ने अपनी रिकवरी पर कड़ी मेहनत की है। वह जल्द से जल्द मैदान पर लौटने के लिए बहुत उत्सुक हैं। सूत्रों ने क्रिकबज से कहा, "गिल ने रिहैब प्रोसेस के दौरान बहुत मेहनत की है। अब वह सीओई में है। अगर सब कुछ प्लान के मुताबिक रहा, तो गिल 6-7 दिसंबर तक कटक में होंगे, जब टी20 टीम के इकट्ठा होने की उम्मीद है।" ऐसी उम्मीद की जा रही है कि तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह भी साउथ अफ्रीका के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज में खेलते नजर आ सकते हैं। बुमराह को वनडे सीरीज से आराम दिया गया है। भारत और साउथ अफ्रीका के बीच 9 दिसंबर को कटक में पहला टी20 मुकाबला खेला जाएगा, जिसके बाद 11 दिसंबर को न्यू चंडीगढ़ में अगले मैच का आयोजन होगा। दोनों देश धर्मशाला में 14 दिसंबर को सीरीज का तीसरा मैच खेलेंगे। लखनऊ में 17 दिसंबर को सीरीज का चौथा मैच खेला जाएगा, जबकि 19 दिसंबर को अहमदाबाद में सीरीज के पांचवें मैच का आयोजन होगा।

अयोध्या में अब 52 एकड़ में बनेगा वर्ल्ड-क्लास मंदिर संग्रहालय, टाटा ग्रुप करेगा निर्माण और संचालन

कैबिनेट का फैसला : हर मंडल में दिव्यांग पुनर्वास केंद्र, योगी सरकार का बड़ा फैसला कैबिनेट का फैसला :अयोध्या में अब 52 एकड़ में बनेगा वर्ल्ड-क्लास मंदिर संग्रहालय, टाटा ग्रुप करेगा निर्माण और संचालन कैबिनेट का फैसला : राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेलों में हिस्सा लेने वाले यूपी के नियुक्त खिलाड़ियों को बड़ी राहत, योगी सरकार ने ‘ड्यूटी’ मानने का नियम साफ किया   कैबिनेट का फैसला :अमृत 2.0 के तहत बरेली और कानपुर में 580 करोड़ से ज्यादा की दो बड़ी पेयजल परियोजनाओं को मंजूरी, लाखों लोगों को मिलेगा फायदा लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में दिव्यांगजनों के लिए एक अहम निर्णय लिया गया। सरकार ने राज्य के सभी 18 मंडलों में नए जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) खोलने को मंजूरी दे दी है। वर्तमान में प्रदेश के 38 जिलों में ऐसे केंद्र चल रहे हैं, लेकिन कतिपय समस्याओं के कारण कई जगह संचालन प्रभावित हो रहा था। अब सरकार पूरे ढांचे को नए सिरे से संसाधनों से लैस करते हुए संचालित करने जा रही है, ताकि दिव्यांगजनों को मिलने वाली सेवाओं में कोई बाधा न आए। कैबिनेट के फैसले के बारे में जानकारी देते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि नए डीडीआरसी खुलने से प्रदेश में दिव्यांगजनों को एक ही जगह पर सर्वे, पहचान, शिविर, सहायक उपकरण, कृत्रिम अंग फिटमेंट और प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी जैसी नैदानिक सेवाएं भी इन केंद्रों पर दी जाएंगी। यूडीआईडी कार्ड और दिव्यांग प्रमाणपत्र जैसे जरूरी दस्तावेज बनवाने में भी अब लोगों को ज्यादा चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकार का मानना है कि इस फैसले से दिव्यांगजनों को योजनाओं का लाभ समय पर और सुगमता से मिल सकेगा तथा उनके पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया मजबूत होगी। अयोध्या में अब 52 एकड़ में बनेगा वर्ल्ड-क्लास मंदिर संग्रहालय, टाटा ग्रुप करेगा निर्माण और संचालन योगी सरकार ने अयोध्या को विश्व स्तर पर एक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट ने टाटा सन्स के सहयोग से अयोध्या में प्रस्तावित विश्व स्तरीय ‘मंदिर संग्रहालय’ का दायरा और बड़ा कर दिया है।  कैबिनेट में हुई चर्चा और उसके आधार पर लिए गये निर्णय के बारे में जानकारी देते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि टाटा सन्स ने अपने सीएसआर फंड से एक अत्याधुनिक मंदिर संग्रहालय विकसित करने और उसका संचालन करने की इच्छा व्यक्त की है। इसके लिए कम्पनी एक्ट 2013 की धारा 8 के तहत एक गैर-लाभकारी एसपीवी बनाया जाएगा, जिसमें भारत सरकार और राज्य सरकार के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। परियोजना हेतु भूमि आवंटन के लिए भारत सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और टाटा सन्स के बीच त्रिपक्षीय एम्ओयू बीते 3 सितंबर 2024 को हस्ताक्षरित हो चुका है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि पूर्व में प्रदेश सरकार ने अयोध्या के मांझा जमथरा गांव में 25 एकड़ नजूल भूमि टाटा सन्स को 90 वर्षों के लिए उपलब्ध कराने की अनुमति दी थी, लेकिन टाटा संस ने संग्रहालय की भव्यता के दृष्टिगत अधिक भूमि की अपेक्षा की थी। ऐसे में अब इस भूमि के अतिरिक्त 27.102 एकड़ और मिलाकर कुल 52.102 एकड़ भूमि का निःशुल्क हस्तांतरण आवास एवं शहरी नियोजन विभाग से पर्यटन विभाग के पक्ष में किया जाएगा, ताकि परियोजना का दायरा और बड़ा किया जा सके। वर्ल्ड-क्लास मंदिर संग्रहालय तैयार होने के बाद अयोध्या को न सिर्फ एक नया सांस्कृतिक पहचान चिन्ह मिलेगा, बल्कि बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार भी पैदा होंगे। साथ ही, बढ़ते पर्यटन से सरकार को राजस्व में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी भी होगी। बता दें कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा और अब ध्वजारोहण समारोह के बाद अयोध्या में पर्यटकों का प्रवाह कई गुना बढ़ चुका हैअब रोजाना लगभग 2 से 4 लाख पर्यटक अयोध्याधाम पहुंच रहे हैं। युवा पीढ़ी, विदेशी सैलानियों और भारतीय संस्कृति में रुचि रखने वाले आगंतुकों को ध्यान में रखते हुए अयोध्या में सांस्कृतिक आकर्षणों को बढाने की दिशा में यह संग्रहालय महत्वपूर्ण होगा। राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेलों में हिस्सा लेने वाले यूपी के नियुक्त खिलाड़ियों को बड़ी राहत, योगी सरकार ने ‘ड्यूटी’ मानने का नियम साफ किया उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को बड़ी राहत देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अब वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं, ट्रेनिंग कैंपों और संबंधित गतिविधियों में शामिल होने की पूरी अवधि, आवागमन के समय सहित ‘ड्यूटी’ मानी जाएगी। योगी कैबिनेट के इस फैसले से खिलाड़ियों को अनुमति लेने में होने वाली मुश्किलें खत्म होंगी। कैबिनेट की बैठक के बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि अब तक ‘अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता सीधी भर्ती नियमावली-2022’ में ऐसी कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं थी। सेवा नियमावली में अवकाश संबंधी प्रावधान न होने के कारण खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं और प्रशिक्षण शिविरों में भाग लेने के लिए अनुमति प्रक्रिया में दिक्कतें आती थीं।  उन्होंने कहा कि अब सरकार नई प्रणाली लागू कर रही है, जिसमें साफ व्यवस्था होगी कि नियुक्त खिलाड़ी जब भी किसी राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता, कैंप या प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लें, वह अवधि सेवा अवधि (ड्यूटी) मानी जाएगी। इसमें आने-जाने का पूरा समय भी शामिल होगा। इससे न केवल खिलाड़ियों को अपने खेल करियर में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा, बल्कि राज्य का प्रतिनिधित्व भी और मजबूत होगा, क्योंकि अब उन्हें अनुमति लेने में कोई बाधा नहीं आएगी। वाराणसी के सम्पूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम का संचालन अब साई को, राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र भी बनेगा योगी कैबिनेट ने वाराणसी में निर्माणाधीन डॉ. सम्पूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम, सिगरा के संचालन, प्रबंधन और रखरखाव तथा राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना के लिए ‘भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के साथ हुए एमओयू को मंजूरी दे दी है। यह वही स्टेडियम है, जहां ‘खेलो इंडिया’ योजना के तहत आधुनिक स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया गया है। एमओयू के तहत स्टेडियम परिसर में मौजूद खेल सुविधाओं; जैसे, भवन, ढांचे, मैदान और अन्य अवसंरचनाओं को साई को सौंपा जाएगा, ताकि यहां नेशनल सेंटर ऑfफ  एक्सीलेंस की स्थापना और संचालन सुचारु रूप से हो सके।  वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र बनने के बाद प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों को बड़ा मंच मिलेगा। विभिन्न आयु वर्गों और खेल विधाओं के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान की … Read more