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सीएम डॉ. यादव: श्रीमद्भगवद्गीता के प्रति आस्था और अभिरूचि सराहनीय

श्रीमद्भगवद्गीता के प्रति अभिरूचि और श्रद्धा भाव प्रशंसनीय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव गीता के सस्वर पाठ और ऑन लाइन स्पर्धा में भागीदारी करने वाले अभिनंदन के पात्र भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऑन लाइन श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रतियोगिता में शामिल होने वालों ने अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ाव का परिचय दिया है। प्रतिभागियों की श्रीमद्भगवद्गीता में निहित ज्ञान के प्रति अभिरूचि और समर्पण अत्यंत प्रशंसनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता के विचारों और अंशों का अध्ययन, मनन, युवा वर्ग द्वारा भी किया जा रहा है, जो सराहनीय है। जिस उत्साह और उमंग के साथ प्रदेश में सभी आयु वर्ग के नागरिकों की सहभागिता दिखाई दी है, वह ऐतिहासिक है। भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में आचार्यों और संतों के सान्निध्य में श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय का 11 हजार नागरिकों द्वारा सामूहिक सस्वर पाठ सम्पन्न हुआ। इसी तरह 88 हजार 100 स्कूली विद्यार्थियों और कृष्णभक्तों की प्रतियोगिता में भागीदारी भी अद्वितीय रही। इन सभी गतिविधियों में शामिल होने वाले युवा और अन्य सभी नागरिक अभिनंदन के पात्र है।  

संभल नहीं रहा स्टॉक मार्केट, आज भी बैंकिंग शेयरों में जोरदार गिरावट

मुंबई  शेयर बाजार (Stock Market) संभल नहीं रहा है और बीते कारोबारी दिन सोमवार को रेड जोन में बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी ने मंगलवार को भी गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की. ओपन होने के कुछ ही मिनटों बाद बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला इंडेक्स Sensex 360 अंक से ज्यादा फिसल गया, तो वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 इंडेक्स भी 100 अंक से ज्यादा टूटकर कारोबार कर रहा था. इस बीच शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा गिरावट बैंकिंग शेयरों (Banking Share Fall) में देखने को मिली और HDFC Bank से लेकर ICICI Bank तक के स्टॉक गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे थे.  रेड जोन में ट्रेड कर रहे सेंसेक्स-निफ्टी शेयर मार्केट (Share Market)  में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई. बीसएई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 85,641.90 के मुकाबले 85,325.51 पर ओपन हुआ. इसके बाद जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा Sensex फिसलते हुए कुछ ही मिनटों में 85,261 पर आ गया. इसके साथ ही अगर Nifty की चाल पर नजर डालें, तो ये अपने पिछले बंद 26,175 से टूटकर 26,087 पर खुला और फिर 26,068 तक फिसल गया.  विदेशों से मिले थे गिरावट के सिग्नल  शेयर बाजार में सुस्त कारोबार की शुरुआत के संकेत एशियाई बाजारों से पहले ही मिल रहे थे. दरअसल, गिफ्ट निफ्टी 100 अंक से ज्यादा फिसलकर ट्रेड कर रहा था. बाजार की ओपनिंग पर जहां Asian Paints, Maruti Suzuki, NTPC, SBI, Trent के शेयर निफ्टी पर सबसे ज्यादा उछाल भरने वाले शेयरों में शामिल रहे, तो वहीं HDFC Bank, ICICI Bank, Bajaj Finserv, Bajaj Finance, Reliance गिरावट के साथ लाल निशान पर खुले थे.  Bank Shares तेजी से फिसले शुरुआती कारोबार में बैंकिंग शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली है. बीएसई के लार्जकैप कैटेगरी में शामिल HDFC Bank Share (1.50%), ICICI Bank Share (1.30%) और Axis Ban Share (1.10%) फिसलकर कारोबार कर रहे थे. हालांकि, कुछ बैंकिंग शेयर गिरावट के बीच भी छलांग लगाते हुए नजर आए. इनमें मिडकैप सेक्शन में शामिल Yes Bank Share-IDFC First Bank Share करीब 2 फीसदी के आस-पास उछाल के साथ ट्रेड कर रहे थे.  सबसे ज्यादा टूटे ये 10 स्टॉक  शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान सबसे ज्यादा बिखरने वाले 10 शेयरों की लिस्ट देखें, तो स्मॉलकैप कंपनियों में शामिल VTM Share (5%), Worth Share (4.98%), Sigachi Share (4.95%), MCloud Share (4.30%) और HariOm Pipe Share (3.60%) की गिरावट लेकर कारोबार कर रहे थे. मिडकैप कैटेगरी में MFSL Share (2.05%), Nam-India Share (1.80%), NIACL Share (1.80%), UnoMinda Share (1.70%) और Emcure Share (1.60%) फिसलकर ट्रेड कर रहे थे. 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज विभागीय समीक्षा करेंगे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को विभागीय समीक्षा करेंगे। समीक्षा बैठकों में संबंधित विभागीय मंत्री और अधिकारी उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को विधानसभा में दोपहर 2 बजे से 2:30 बजे तक पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल उपस्थित रहेंगे। दोपहर 3 बजे से 3:30 बजे तक स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह उपस्थित रहेंगे, शाम 4 बजे से 4:30 बजे तक नर्मदा घाटी विकास, जल संसाधन विभाग की समीक्षा करेंगे। जिसमें विभागीय मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट उपस्थित रहेंगे, शाम 4:30 बजे से 5 बजे तक ऊर्जा, नवीन और नवकरणीय ऊर्जा विभाग की समीक्षा करेंगे। जिसमें विभागीय मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर एवं विभागीय मंत्री श्री राकेश शुक्ला उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को वल्लभ भवन में दोपहर 11 बजे से 12 बजे तक लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें उप मुख्यमंत्री एवं विभागीय मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल उपस्थित रहेंगे। दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक सहकारिता विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री श्री विश्वास सारंग उपस्थित रहेंगे। दोपहर 1 बजे से 1:45 बजे तक महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया उपस्थित रहेंगी। दोपहर 1:45 बजे से 2:30 बजे तक पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर उपस्थित रहेंगी। दोपहर 3:30 बजे से 4:15 बजे सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा उपस्थित रहेंगे। दोपहर 4:15 से 5 बजे कृषि एवं किसान कल्याण उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना एवं मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 8 दिसम्बर सोमवार को खजुराहो में दोपहर 11 बजे से 11:30 बजे तक खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत उपस्थित रहेंगे। दोपहर 11:30 बजे से 12 बजे तक वाणिज्यिक कर विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें उप मुख्यमंत्री एवं विभागीय मंत्री श्री जगदीश देवड़ा उपस्थित रहेंगे। दोपहर 12 बजे से 12:30 बजे तक पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री श्री लखन पटेल उपस्थित रहेंगे। दोपहर 12:45 बजे से 1:30 बजे तक नगरीय विकास एवं आवास विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय उपस्थित रहेंगे। दोपहर 4 बजे से 4:45 बजे जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री कुँ. विजय शाह एवं मंत्री श्री नागर सिंह चौहान उपस्थित रहेंगे। दोपहर 4:45 से 5:30 बजे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री श्री चैतन्य काश्यप उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 9 दिसम्बर मंगलवार को खजुराहो में दोपहर 12 बजे से 12:45 बजे तक लोक निर्माण विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री श्री राकेश सिंह उपस्थित रहेंगे। दोपहर 12:45 बजे से 1:30 बजे तक लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा करेंगे, जिसमें विभागीय मंत्री श्रीमती सम्पतिया उईके उपस्थित रहेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक कैबिनेट बैठक करेंगे।

आय में वृद्धि और बढ़ते अवसर से महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा

योगी सरकार के “मिशन शक्ति” से महिलाओं का हो रहा है सशक्तिकरण   आय में वृद्धि और बढ़ते अवसर से महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा सुरक्षा, कौशल और आत्मनिर्भरता से यूपी में महिला-नेतृत्व को बल  लखनऊ 1 दिसंबर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध हैं।  मिशन शक्ति उत्तर प्रदेश की महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रहा है। इससे महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। उत्तर प्रदेश की महिलाएं राज्य में आर्थिक विकास, सामाजिक स्थिरता और सामुदायिक नेतृत्व की स्तंभ बनकर उभरी हैं।  महिलाओं को सुरक्षा, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता मिशन शक्ति महिलाओं के लिए सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित कर रहा है। सरकार की नीतियां महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और अपने भविष्य को स्वयं आकार देने में सक्षम बना रही हैं। मिशन शक्ति के माध्यम से महिलाएं सफलता की कहानी लिख रही हैं। मिशन शक्ति से महिलाएं अपराधों के प्रति सजग हो रही हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ ले रही हैं।  मिशन शक्ति से महिलाओं को मिली ताकत उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा बड़ा मुद्दा रहा है। 2017 के बाद मुख्यमंत्री ने अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई। इसका नतीजा ये रहा है कि प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है। गुंडे और माफिया प्रदेश छोड़ चुके हैं। उत्तर प्रदेश में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए 2020 में मिशन शक्ति लॉन्च हुआ। इसके बाद से महिलाओं के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव आए। सीएम योगी की नीतियों से महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा को सुनिश्चित किया गया है। बेहतर पुलिसिंग, समर्पित हेल्पलाइन और त्वरित कार्रवाई तंत्र ने सार्वजनिक स्थानों, कार्यस्थलों और यहां तक कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में भी महिलाओं के बीच सुरक्षा की भावना पैदा की है। यह सुरक्षा का एहसास अब उनकी नई आकांक्षाओं, शिक्षा, उद्यमिता या सामुदायिक नेतृत्व की मजबूत नींव बनता जा रहा है। आर्थिक सशक्तिकरण में मिशन शक्ति की अहम भूमिका योगी सरकार ने सुशासन और सुरक्षा का जो माहौल बनाया है उससे महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण भी हुआ है। महिला स्वयं सहायता समूहों की आय कई गुना बढ़ी है, जो अधिक अवसरों और आर्थिक गतिविधियों में महिलाओं की अभूतपूर्व भागीदारी को दर्शाती है। जो महिला स्वयं सहायता समूह पहले छोटे बचत समूह या स्थानीय व्यापार तक सीमित थे, वे अब मजबूत वित्तीय इकाइयों में बदल रहे हैं, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान दे रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को विशेष लाभ ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए मिशन शक्ति वरदान साबित हुआ है। ग्रामीण महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए अनेकों योजनाएं चलाई जा रही हैं। बीसी सखी योजना ने महिलाओं को सम्मानजनक रोजगार दिया है। हजारों बीसी सखियां गांवों में घर-घर जाकर बैंकिंग सेवाएं दे रही हैं। इससे हजारों ग्रामीण परिवारों को समय पर लेनदेन, सरकारी लाभ और वित्तीय साक्षरता की सुविधा मिल रही है। ये महिलाएं अब वित्तीय सहयोगी ही नहीं, बल्कि अपने समुदायों में रोल मॉडल बन चुकी हैं। श्रम क्षेत्र में महिलाओं की हिस्सेदारी में इजाफा योगी सरकार की नीतियों की वजह से उत्तर प्रदेश में महिलाओं की श्रम भागीदारी 2017 के 14% से बढ़कर 2023-24 में 36% हो गई है। वुमन इकोनॉमिक एम्पावरमेंट (WEE) इंडेक्स रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि महिलाएं पहले से बेहतर माहौल में काम कर रही हैं।  ODOP योजना से महिलाओं का स्वावलंबन योगी सरकार की ODOP योजना ने भी महिलाओं के लिए व्यापक रोजगार अवसर खोले हैं। इससे हस्तशिल्प, हैंडलूम, फूड प्रोसेसिंग और पारंपरिक कलाओं की ब्रांडिंग के साथ मार्केटिंग भी हो रही है। महिला कारीगरों और उद्यमियों को अब नए बाजार, बेहतर ब्रांडिंग और आय  के बेहतर अवसर मिल रहे हैं। ओडीओपी हर पारंपरिक कौशल को आधुनिक मंच से जोड़ता है। चाहे वह चिकनकारी का बारीक काम हो या मिट्टी के बर्तनों की कला, ताकि महिलाओं की प्रतिभा को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों से जोड़ा जा सके। महिलाओं के लिए मिशन शक्ति ने लिखा नया अध्याय  कुल मिलाकर मिशन शक्ति महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है। महिलाएं अब  शक्तिशाली होकर निर्णायक भूमिका निभा रही हैं। महिलाएं अब आश्रित नहीं बल्कि निर्णायक हैं। उपेक्षित नहीं बल्कि परिवर्तन की अगुवाई करती हैं। योगी सरकार का सशक्तिकरण मॉडल केवल कल्याण नहीं, बल्कि दीर्घकालिक क्षमता निर्माण, सुरक्षा और अर्थव्यवस्था में सार्थक भागीदारी पर केंद्रित है। उत्तर प्रदेश की महिलाएं प्रभावी शासन, समावेशी नीतियां और सुरक्षा प्रतिबद्धता से क्रांतिकारी भूमिका में हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मिशन शक्ति महिलाओं के सशक्तिकरण में महती भूमिका निभा रहा है।

स्वदेशी मेला 2025–26: भूमि पूजन पूरा, 18–25 दिसंबर तक साइंस कॉलेज ग्राउंड में होगा आयोजन

स्वदेशी मेला 2025-26 : भूमि पूजन संपन्न, 18 से 25 दिसंबर तक साइंस कॉलेज ग्राउंड में लगेगा भव्य मेला रायपुर  भारतीय विपणन विकास केन्द्र द्वारा आयोजित होने वाला प्रतिष्ठित स्वदेशी मेला 2025-26 इस वर्ष 18 से 25 दिसंबर तक साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित होगा। मेले के आयोजन से पूर्व 1 दिसंबर की सुबह 9:30 बजे भूमि पूजन कार्यक्रम विधिवत सम्पन्न हुआ। भूमि पूजन में गणमान्यजनों की उपस्थिति कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय कैबिनेट मंत्री गुरु ख़ुशवंत सिंह साहब तथा महापौर मती मीनल चौबे उपस्थित रहीं। मेला संयोजक  केदारनाथ गुप्ता अपनी धर्मपत्नी के साथ भूमि पूजन में उपस्थित हुए। इसके अलावा सहसंयोजक  जसप्रीत सिंह सलूजा, स्वागत समिति अध्यक्ष आनंद सिंघानिया, स्वागत समिति सचिव अमरजीत सिंह छाबड़ा, प्रांत संयोजक स्वदेशी जागरण मंच जगदीश पटेल, प्रांत मेला प्रमुख अमर बंसल, प्रबंधक भारतीय विपणन विकास केंद्र सुब्रत चाकी, महिला मेला प्रमुख आरती दुबे, सह महिला प्रमुख सीमा शर्मा, एवं सामाजिक–सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्यजन सम्मिलित हुए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित अन्य सदस्य एवं समाजसेवी— उमेश अग्रवाल, गोपाल अग्रवाल, युगबोध अग्रवाल, प्रवीण मैशेरी, डॉ. सलीम राज, शताब्दी पांडे, डॉ. इला गुप्ता, शीला शर्मा, इंदिरा जैन, विवेक बर्धन, सुधीर फौजदार, विनय शर्मा, बिहारी होतवानी, अश्विन प्रभाकर, दिग्विजय भाकरे, सुचित्रा बर्धन, निधि झा, शकुंतला वास, अर्चना भाकरे, उमा शुक्ला, रैहाना खान, सुनीता चंसोरिया, सुनीता पाठक, निशा संमदुलकर, अर्चना वोरा, सीमा कटंककार, खुशबू शर्मा, लक्ष्मी जीलहरे, सविता मौर्या, अंजलि देशपांडे, राजमोहन बाग, राहुल देव पंत देवेंद्र गुप्ता सहित कई प्रतिनिधि मौजूद रहे। 350 से अधिक स्टॉल, अनेक प्रतियोगिताएँ प्रबंधक सुब्रत चाकी ने बताया कि स्वदेशी मेला हर वर्ष की तरह इस बार भी भव्य स्वरूप में आयोजित होगा। मेले में 350 से अधिक स्वदेशी उत्पादों के स्टॉल लगाए जाएंगे सुई से लेकर बड़े मशीनरी स्तर तक की वस्तुएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध रहेंगी प्रतिदिन मेहंदी, रंगोली, चित्रकला, समूह नृत्य सहित विभिन्न प्रतियोगिताएँ होंगी हजारों प्रतिभागियों को मंच प्रदान किया जाएगा विभिन्न राज्यों की संस्कृति और खान-पान होगा आकर्षण मेले में छत्तीसगढ़ के साथ गुजरात, राजस्थान, पंजाब, ओडिशा, आंध्रप्रदेश तथा अन्य राज्यों की संस्कृति, लोक नृत्य और पारंपरिक भोजन के विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे। प्रतिदिन मंच पर लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ मेले की विशेष आकर्षण होंगी। संगोष्ठियाँ भी होंगी आयोजित मेले के दौरान समसामयिक विषयों पर विशेषज्ञों की संगोष्ठियाँ भी आयोजित की जाएंगी, जिनमें विषय विशेषज्ञ अपनी बातें रखेंगे।

पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए खुशखबरी: शिक्षा सहायता दोगुनी, 85% लाने वालों को मिलेगा विशेष प्रोत्साहन

भोपाल पुलिस मुख्यालय ने विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा निधि में बढ़ोतरी कर दी है। यह इसी शैक्षणिक सत्र यानी वर्ष 2025-26 से प्रभावी हो गई है। अब 11वीं -12वीं में 85 प्रतिशत से अधिक अंक लाने पर 4 हजार के स्थान पर 5 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसी तरह से 60 से 84 प्रतिशत तक अंक लाने पर ढाई हजार की जगह तीन हजार रुपये मिलेंगे। अन्य तरह की शिक्षा निधि में भी वृद्धि की गई है। अब 4000 की जगह 5000 रुपये मिलेंगे पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार इसमें आईपीएस अधिकारी सहित एक लाख 18 हजार रुपये से कम मूल वेतन वाले सभी अधिकारी-कर्मचारियों के बच्चे पात्र होंगे। प्रदेश में पुलिस के एक लाख से अधिक अधिकारी-कर्मचारी हैं। स्नातक पाठ्यक्रम के लिए भी शिक्षा निधि बढ़ाई गई है। विद्यार्थी 60 प्रतिशत या इससे अधिक अंक लाता है तो उसे 60 हजार रुपये दिए जाएंगे। पहले यह राशि 40 हजार रुपये थी। 55 से 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर पहले 24 हजार रुपये दिए जाते थे और अब 36 हजार रुपये दिए जाएंगे। मेडिकल पाठ्यक्रमों में शिक्षा निधि बढ़ाई इतना ही नहीं मेडिकल पाठ्यक्रमों में शिक्षा निधि बढ़ाई गई है। एमबीबीएस व बीडीएस में 60 प्रतिशत अंक लाने पर 50 हजार रुपये की जगह 75 हजार रुपये, 50 से 60 प्रतिशत के बीच अंक प्राप्त करने पर 30 हजार की जगह 45 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे। 60 प्रतिशत अंक लाने पर मिलेंगे 15 हजार किसी भी विषय में डिप्लोमा पाठ्यक्रम के लिए समान राशि रखी गई है। इसमें पहले 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर 10 हजार रुपये मिलते थे अब 15 हजार रुपये दिए जाएंगे। यानी 50 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। अंक 55 से 60 प्रतिशत के बीच होने की स्थिति में पहले के छह हजार के बदले अब नौ हजार मिलेंगे।

कृषि उपकरणों पर 90% तक बंपर सब्सिडी, सरकार की मेगा स्कीम से किसानों को बड़ा फायदा

बांदा केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा संयुक्त रूप से संचालित प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-कुसुम) योजना किसानों के लिए एक बड़ी सौगात लेकर आई है। इस योजना के तहत सोलर पंप लगाने पर किसानों को 68 प्रतिशत से 90 प्रतिशत तक का भारी अनुदान दिया जा रहा है। उदाहरण के लिए, 2 एचपी के सरफेस पंप का निर्धारित मूल्य ₹1,64,322 है, जिस पर किसानों को ₹1 लाख तक का अनुदान दिया जाएगा। यह योजना 2 एचपी से लेकर 10 एचपी तक के सबमर्सिबल सोलर पंप पर लागू है, जिसमें अधिकतम ₹2,54,983 तक का अनुदान मिल सकता है। इसका मुख्य लक्ष्य निजी नलकूप कनेक्शन धारक किसानों को ऊर्जा सुरक्षा प्रदान करना, सिंचाई को अबाधित बनाना और फसलों की उत्पादकता बढ़ाना है।   योजना के लाभ और लक्ष्य सोलर पंप लगाने से किसानों की डीजल और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होगी और बिजली की खपत में भी कमी आएगी, जिससे उनका खर्च घटेगा। इसके अतिरिक्त, किसान अपने इस्तेमाल के बाद बची हुई अधिशेष सौर ऊर्जा को ग्रिड में बेचकर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकते हैं। बांदा मंडल के चारों जिलों में करीब दो हजार सोलर पैनल स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, और पंजीकरण "पहले आओ, पहले पाओ" की तर्ज पर किया जा रहा है। आवेदन और चयन प्रक्रिया इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को विभाग की आधिकारिक वेबसाइट upagriculture.up.gov.in पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है। सोलर पंप की ऑनलाइन बुकिंग भी इसी वेबसाइट से की जाएगी। किसानों का चयन ई-लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। ऑनलाइन बुकिंग के साथ ही किसानों को ₹5,000 रुपये की टोकन मनी ऑनलाइन जमा करनी होगी। बुकिंग कंफर्म होने पर, शेष धनराशि चालान के माध्यम से इंडियन बैंक की किसी भी शाखा या ऑनलाइन जमा करनी होगी, अन्यथा आवेदन स्वतः निरस्त हो जाएगा और टोकन मनी जब्त कर ली जाएगी। बोरिंग की अनिवार्यता और नियम सोलर पंप पर अनुदान पाने के लिए बोरिंग की गहराई और व्यास (Diameter) की अनिवार्यता रखी गई है। उदाहरण के लिए, 2 एचपी के लिए 4 इंच और 3 व 5 एचपी के लिए 6 इंच की बोरिंग होना अनिवार्य है। सत्यापन के समय यदि उपयुक्त बोरिंग नहीं पाई जाती है, तो भी आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा और टोकन मनी जब्त हो जाएगी। सोलर पंप स्थापित होने के बाद, स्थल परिवर्तन की अनुमति नहीं होगी, अन्यथा संपूर्ण अनुदान राशि किसान से वसूल ली जाएगी।

यूपी को टेक्नोलॉजी ड्रिवन अर्थव्यवस्था बनाने को लेकर स्टेकहोल्डर के साथ मंथन

विजन 2047 : विकसित भारत में उत्तर प्रदेश की होगी बड़ी भूमिका : प्रमुख सचिव आईटी एंड इलेक्ट्रोनिक्स यूपी को टेक्नोलॉजी ड्रिवन अर्थव्यवस्था बनाने को लेकर स्टेकहोल्डर के साथ मंथन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से किसान से लेकर शहरी स्टार्टअप और सरकारी कार्यप्रणाली तक में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को मिली गति लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विकसित उत्तर प्रदेश 2047 के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की मजबूत डिजिटल बुनियाद तैयार की जा रही है। सोमवार को लखनऊ स्थित होटल द सेंट्रम में स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन बैठक में प्रदेश सरकार और निजी क्षेत्र के प्रमुख विशेषज्ञों के बीच भविष्य की रणनीतियों पर व्यापक चर्चा हुई। इस मौके पर आईटी एंड इलेक्ट्रोनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग यादव ने कहा कि 2047 के विकसित भारत में उत्तर प्रदेश की बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इस बैठक में प्राप्त मुख्य सुझावों के आधार पर सरकार अपनी प्राथमिकताओं को तय करेगी। उत्तर प्रदेश अब डिजिटल आधारित शासन व्यवस्था और टेक्नोलॉजी ड्रिवन अर्थव्यवस्था की ओर तेज गति से बढ़ रहा है। बैठक में सबसे पहले डिजिटल कृषि और ग्रामीण सशक्तिकरण पर जोर देते हुए विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि किसानों के लिए एकीकृत डिजिटल इकोसिस्टम विकसित किया जाए। जिससे उन्हें बाजार की जानकारी, वित्तीय सहायता और कृषि परामर्श आसानी से उपलब्ध हो सके। टेक आधारित लॉजिस्टिक और ट्रेसिंग सिस्टम से कृषि आपूर्ति श्रृंखला में होने वाली बर्बादी कम होगी और इससे किसानों की आय बढ़ेगी। साथ ही ग्रामीण इंटरनेट और डिजिटल सुविधाओं को मजबूत करते हुए कृषि तकनीकों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। योगी सरकार की ग्रामीण विकास और डिजिटल इंडिया के सिद्धांतों को जोड़ने की यह मंशा प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देगी। एमएसएमई के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को प्रदेश की आर्थिक रीढ़ मानते हुए इसे राज्यव्यापी स्तर पर बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा हुई। प्रदेश सरकार ने पहले ही कई अवसर प्रदान किए हैं और अब इसे और सशक्त बनाने के लिए डिजिटल टूल्स प्रशिक्षण और सरल डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने की दिशा में तेज कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया गया। बैठक में राज्य स्तरीय मार्केट लिंकेज प्लेटफॉर्म बनाने का सुझाव दिया गया जिससे यूपी के उत्पाद वैश्विक बाजारों तक पहुंच सकें। साथ ही औद्योगिक क्लस्टर के लिए मांग पूर्वानुमान प्रणाली स्थापित करने का सुझाव भी दिया गया जिससे उत्पादन की योजना अधिक वैज्ञानिक और सटीक हो सके। नीतिगत स्तर पर प्रदेश सरकार की सशक्त योजनाओं क्रियान्वयन की गति और तेज करने पर भी चर्चा हुई । डाटा सेंटर्स, आईटी सिटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में हाल ही में आए लगभग 500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों का स्वागत करते हुए बैठक में वैश्विक स्तर के टेक एंकरों को आकर्षित करने के लिए शहरी सुविधाओं और जीवन गुणवत्ता को बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई। पर्यावरण हितैषी ढांचे के विकास पर बल देते हुए यह सुनिश्चित करने की बात हुई कि विकास के साथ हरित तकनीकों का उपयोग भी अग्रणी भूमिका में हो। युवा शक्ति और प्रतिभा निर्माण पर सरकार का विशेष ध्यान रहा है और इसी दिशा में डिजिटल शिक्षा को प्रदेश के हर स्कूल में अनिवार्य बनाने की सिफारिश सामने आई। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और उभरती तकनीकों से संबंधित कौशल विकास केंद्रों का विस्तार किया जाएगा। आईआईटी बीएचयू और विभिन्न इंजीनियरिंग संस्थानों को डीप टेक प्रतिभा निर्माण के केंद्र के रूप में सशक्त बनाने का सुझाव भी दिया गया। स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई उड़ान देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के नेतृत्व में स्टार्टअप उत्पादों के लिए बाजार सुविधाएं उपलब्ध कराने और सरकारी खरीद में इनोवेटिव कंपनियों को विशेष प्रावधान देने का प्रस्ताव भी शामिल रहा। साथ ही नवाचार और शोध प्रयोगशालाओं का बेहतर उपयोग करते हुए पेटेंट और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पर जोर दिया गया। इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के संबंध में भी विशेषज्ञों ने चर्चा की। बैठक में शामिल विशेषज्ञों ने योगी आदित्यनाथ सरकार की प्रौद्योगिकी केंद्रित सोच की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विकसित भारत के पथ पर डिजिटल नेतृत्व प्रदान करने के लिए तैयार है। तीन शक्तियों पर केंद्रित है डिजिटल प्रदेश की परिकल्पना उत्तर प्रदेश को डिजिटल प्रदेश बनाने की परिकल्पना तीन मुख्य शक्तियों पर केंद्रित है। पहली अर्थ शक्ति है। इसके अंतर्गत कृषि, निर्माण, पर्यटन और अन्य मुख्य क्षेत्रों में आर्थिक परिवर्तन को गति देने का लक्ष्य रखा गया है। दूसरी सृजन शक्ति है, इसके माध्यम से भौतिक इंफ्रास्ट्रक्चर और हरित इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करते हुए नगरीय विकास, लॉजिस्टिक्स, उपयोगिताओं और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में सतत उच्च विकास की नींव तैयार की जा रही है। वहीं जीवन शक्ति का केंद्र राज्य की जनता है जहां स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, लैंगिक सशक्तिकरण और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के माध्यम से नागरिकों के जीवन स्तर को समृद्ध बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। विजन 2047 इस बात पर स्पष्ट जोर देता है कि तकनीक और डिजिटल इनोवेशन के बल पर शासन व्यवस्था और आर्थिक ढांचे में दक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। जिससे उत्तर प्रदेश नए भारत के विकास मॉडल में अग्रणी भूमिका निभा सके। विजन 2047 पर विशेषज्ञों से मागें परामर्श विकसित उत्तर प्रदेश विजन 2047 की स्टेकहोल्डर बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी ने उपस्थित प्रतिभागियों से अपील किया कि वह सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्टार्टअप और अन्य क्षेत्रों में प्रदेश सरकार और अधिक प्रभावी कदम उठा सके इससे संबंधित अपने सुझाव और फीडबैक साझा करें। इस महत्वपूर्ण बैठक में आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव अनुराग यादव, साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग के प्रमुख सचिव पंधारी यादव और नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार भी शामिल रहे। बैठक के दौरान इन वरिष्ठ अधिकारियों ने आईटी कंपनियों, स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों के प्रतिनिधियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का विस्तार से उत्तर दिया और उनकी ओर से आए विभिन्न सुझावों पर सकारात्मक चर्चा हुई। प्रतिनिधियों से यह भी अनुरोध किया गया कि वे अपने सुझावों को विस्तृत रूप में लिखित ड्राफ्ट के रूप में प्रस्तुत करें ताकि उन पर विधिवत विचार कर प्रदेश सरकार उन्हें क्रियान्वित करने के लिए सर्वोत्तम निर्णय ले सके। इस अवसर पर नीति आयोग से रमा सहित कई अन्य विशिष्ट लोग उपस्थित रहे। 1 ट्रिलियन की … Read more

मौसम विभाग की बड़ी चेतावनी—दिसंबर में बारिश का कहर, कई इलाकों में कड़ाके की ठंड

नई दिल्ली  मौसम विभाग (IMD) के अनुसार चक्रवात दित्वा (Cyclone Dithwa) के कारण बंगाल की दक्षिण-पश्चिम खाड़ी और उत्तरी तमिलनाडु-पुडुचेरी क्षेत्र में मौसम बिगड़ गया है। विभाग ने 1 दिसंबर को तमिलनाडु, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा और तेलंगाना में भारी बारिश (Weather Update Heavy Rain) की संभावना जताई है। उत्तरी तमिलनाडु में गरज, बिजली और 70-80 किमी/घंटा की तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि दक्षिणी तमिलनाडु में 60–70 किमी/घंटा की हवा और बिजली-गरज के साथ बारिश का अनुमान है। 1 से 4 दिसंबर के बीच तमिलनाडु, तटीय आंध्र, यनम और रायलसीमा में तथा 2 से 4 दिसंबर तक केरल और माहे क्षेत्र में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।   MP में शीतलहर दूसरी ओर, मध्य प्रदेश में लगातार दूसरे दिन भी शीतलहर का असर बना रहा। प्रदेश में हवाओं का रुख उत्तरी और उत्तर-पूर्वी रहने से न्यूनतम तापमान गिर रहा है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार यह स्थिति अगले दो-तीन दिन बने रहने की संभावना है। नौगांव में प्रदेश का न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि भोपाल सहित 10 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा।   बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान दितवाह सक्रिय बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान दित्वा तमिलनाडु और पुडुचेरी के तट के आसपास सक्रिय है, जो उत्तर दिशा में आगे बढ़ सकता है। साथ ही उत्तरी हरियाणा के पास हवा के ऊपरी स्तर पर पश्चिमी विक्षोभ भी बना हुआ है। IMD के अनुसार उत्तर-पश्चिम और पूर्वी भारत में अगले 48 घंटों तक न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, परंतु उसके बाद तीन दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक कम हो सकता है। मध्य भारत में दो दिनों तक तापमान 2–3 डिग्री बढ़ सकता है, उसके बाद यह स्थिर रहेगा। वहीं उत्तर-पूर्व भारत में अगले 48 घंटों तक तापमान स्थिर रहने के बाद तीन दिनों में 3 से 4 डिग्री की गिरावट आ सकती है।  गुजरात में अगले चार दिनों तक तापमान 2–3 डिग्री तक गिर सकता है। महाराष्ट्र के उत्तरी हिस्सों में भी आगामी दो दिनों में तापमान में 2–3 डिग्री की कमी दर्ज हो सकती है। UP में करवट लेगा मौसम उत्तर प्रदेश में भी मौसम एक बार फिर करवट लेने की तैयारी में है। मंगलवार से न्यूनतम तापमान में 1–2 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। सुबह के समय हल्का कोहरा या धुंध छाए रहने की संभावना है। रविवार को अधिकतम तापमान 24.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 8.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सीजन में पहली बार 25 डिग्री से नीचे रहा। 27 नवंबर को तापमान 7.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो चार वर्षों में नवंबर का सबसे कम तापमान था। मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि कड़ाके की ठंड दिसंबर के मध्य से शुरू होगी। 15 दिसंबर के बाद मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे, जिससे बर्फीली हवाएं मैदानों की ओर बढ़ेंगी।

मुख्यमंत्री ने इंदौर में किया आश्रय स्थल का औचक निरीक्षण

परिक्रमावासियों की सेवा कर धन्य हुए हम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने इंदौर में किया आश्रय स्थल का औचक निरीक्षण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आश्रयग्राहियों को वितरित किए कंबल, व्यवस्थाओं की ली जानकारी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार रात इंदौर के दयालबाग स्थित आश्रय स्थल का देर रात 10:30 बजे औचक निरीक्षण किया। उन्होंने वहां अस्थायी रूप रह रहे लोगों से बातचीत की और आश्रय स्थल पर उपलब्ध सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी आश्रयग्राहियों को कंबल वितरित किए, जिससे उन्हें ठंड में उन्हें राहत मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झाबुआ व दाहोद से परीक्षा देने आए विद्यार्थी  कमल, दाहोद के संकेत एवं संजय तथा इंदौर में पानी टंकी की चौकीदारी कर रहे चुन्नी लाल सहित अन्य श्रमिकों से उनके यहां आने के कारण, कार्य-स्थिति और आश्रय स्थल पर मिल रही सुविधाओं के बारे में चर्चा की।  उन्होंने आश्रय स्थल में ठहरे लोगों की दिनचर्या, समस्याओं और उनकी जरूरतों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। इस दौरान परिक्रमावासी अनिल से भी मुख्यमंत्री ने संवाद किया। परिक्रमावासी  अनिल ने बताया कि वे धार्मिक परिक्रमा पूरी कर वापस लौटे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनसे चर्चा करते हुए कहा कि आपकी सेवा व दर्शन कर हम भी धन्य हो गए है। इस दौरान विधायक  गोलू शुक्ला,  सुमित मिश्रा,  गौरव रणदीवे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं इंदौर सम्भागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर  शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त  दिलीप कुमार यादव व अन्य अधिकारीगण मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने काल भैरव धाम में किए दर्शन    आश्रय स्थल निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ,  काल भैरव धाम पहुंचे। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली और जनकल्याण की कामना की। प्रमुख बिंदु मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने दयालबाग के आश्रय स्थल का 10:30 बजे किया औचक निरीक्षण। आश्रय स्थल में किए गए प्रबंधों की ली जानकारी। आश्रय स्थल में मौजूद लोगों को वितरित किए कंबल। परिक्रमावासी  अनिल से की चर्चा। निरीक्षण के बाद  काल भैरव धाम मंदिर में किए दर्शन