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चलते ट्रक में लगी भीषण आग: साल्हेवारा घाटी में दमकल की तेजी से टला बड़ा हादसा

खैरागढ़  साल्हेवारा घाटी में शुक्रवार सुबह बड़ा हादसा होते-होते बच गया. मक्का से भरे 14 चक्का ट्रक में अचानक आग लग गई. ट्रक पलारी, मध्यप्रदेश से मक्का लेकर आरंग, रायपुर जा रही थी. सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने e समय पर की गई कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया. जानकारी के अनुसार, ट्रक सुबह करीब 9 बजे साल्हेवारा से निकली थी. लगभग 9.30 बजे जैसे ही ट्रक घाटी के मोड़ पर पहुंची, तभी अचानक टायर फट गया और तुरंत आग भड़क उठी. तेज आग देखकर ट्रक ड्राइवर तुरंत कूदकर नीचे उतरा और अपनी जान बचाई. धुआं उठता देख आसपास के लोगों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी. सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मेहनत कर आग पर पूरी तरह काबू पाया. समय पर की गई कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया. आग में ट्रक को काफी नुकसान हुआ है, लेकिन सबसे राहत की बात यह है कि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. घटना के बाद कुछ समय के लिए सड़क पर ट्रैफिक रुका रहा, जिसे बाद में पुलिस ने साफ कराकर यातायात सामान्य कर दिया. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.

अदालत ने आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के बयान पर पुलिस से रिपोर्ट मांगी, 20 जनवरी तक सबमिट करने के निर्देश

भोपाल  मध्य प्रदेश में एक आईएएस अधिकारी के कथित विवादित बयान को लेकर मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इंदौर की एक स्थानीय अदालत ने गुरुवार को इस मामले में दाखिल शिकायत पर संज्ञान लेते हुए तुकोगंज पुलिस थाने के टीआई को 20 जनवरी तक स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई भी 20 जनवरी को होगी। शिकायत एक स्थानीय वकील की ओर से दर्ज कराई गई है, जिसमें ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता अधिवक्ता शैलेन्द्र द्विवेदी ने अदालत को बताया कि हाल ही में मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (AJAKS) के अध्यक्ष बने आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा ने पिछले महीने भोपाल में हुए एक कार्यक्रम के दौरान ब्राह्मण समुदाय की बेटियों को लेकर अशोभनीय, अभद्र और समाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली टिप्पणी की थी। अदालत ने प्रगति रिपोर्ट मांगी शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि इस बयान से दो समुदायों के बीच तनाव और वैमनस्य फैलाने की स्थिति पैदा हुई। वकील के अनुसार उन्होंने तुकोगंज थाने में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज न किए जाने के कारण उन्हें अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस से पूरे घटनाक्रम की प्रगति रिपोर्ट मांगी है। वहीं, राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग ने भी 26 नवंबर को आईएएस अधिकारी को शो-कॉज नोटिस जारी किया था, जिसमें पूछा गया कि उनके विवादित बयान पर विभागीय कार्रवाई क्यों न की जाए।  गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया बयान- IAS संतोष वर्मा विवाद बढ़ने के बाद संतोष वर्मा ने मीडिया से कहा कि उनके लंबे भाषण के एक छोटे हिस्से को तोड़ा-मरोड़ा गया और गलत संदर्भ में प्रसारित किया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका किसी भी समुदाय की भावनाएं आहत करने का उद्देश्य नहीं था। वर्मा ने कहा अगर मेरे किसी कथन को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया और किसी समाज को ठेस पहुंची है, तो मुझे खेद है। गौरतलब है कि इस बयान का वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें वे कह रहे हैं कि एक परिवार में  व्यक्ति को आरक्षण मिलना चाहिए, जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान नहीं कर दे या उससे संबंध नहीं बना ले, यदि आरक्षण आर्थिक आधार पर देना है तो । उन्होंने आगे कहा कि तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए।  

शनिवार के दिन सुंदरकांड पाठ क्यों है खास? तरीका और फायदे समझें

हिंदू धर्म शास्त्रों में गोस्वामी तुलसीदास कृत ‘श्री रामचरितमानस’ के पांचवें अध्याय, सुंदरकांड का पाठ अत्यंत चमत्कारी और फलदायी माना गया है. यह केवल एक धार्मिक पाठ नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, साहस और सफलता का महामंत्र है. वैसे तो यह पाठ कभी भी किया जा सकता है, लेकिन शनिवार को इसका विशेष महत्व है. माना जाता है कि शनिवार के दिन हनुमान जी के साथ-साथ न्याय के देवता शनिदेव का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है. अगर आप जीवन में बार-बार आ रही परेशानियों, ग्रह-दोषों, या किसी बड़े संकट से जूझ रहे हैं, तो शनिवार को विधि-विधान से सुंदरकांड का पाठ करने से अद्भुत लाभ मिल सकते हैं. आइए जानते हैं शनिवार के दिन सुंदरकांड पाठ करने से क्या होता है, इसकी सही विधि क्या है और इसके प्रमुख लाभ क्या हैं. क्यों है शनिवार को सुंदरकांड पाठ का विशेष महत्व? शनिवार का दिन मुख्य रूप से शनिदेव को समर्पित है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या के दौरान व्यक्ति को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, शनिदेव ने हनुमान जी को वचन दिया था कि वह भक्तों को कभी परेशान नहीं करेंगे. इसलिए, शनिवार के दिन सुंदरकांड का पाठ करने बजरंगबली प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा से शनि की महादशा, ढैय्या और साढ़ेसाती का अशुभ प्रभाव कम हो जाता है. यह पाठ कुंडली के अन्य मारक ग्रहों (जैसे राहु और केतु) के दुष्प्रभावों को भी शांत करता है. शनिवार को सुंदरकांड पाठ करने के लाभ शनि दोष से मुक्ति: यह शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और महादशा के कष्टों को कम करता है, जिससे जीवन में शांति आती है. हर मनोकामना की पूर्ति: मान्यता है कि लगातार संकल्प लेकर इसका पाठ करने से भक्त की सभी इच्छाएं जल्द ही पूर्ण होती हैं. आत्मविश्वास में वृद्धि: पाठ से हनुमान जी जैसा बल और बुद्धि प्राप्त होती है, जिससे आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति में जबरदस्त वृद्धि होती है. भय और संकटों से बचाव: यह पाठ हर प्रकार के संकट, अज्ञात भय और जीवन में आने वाली बाधाओं को तुरंत दूर करने वाला माना गया है. नकारात्मक ऊर्जा का नाश: घर में मौजूद प्रेत बाधा, नकारात्मक शक्तियां और बुरी नजर दूर होती है. जिस स्थान पर यह पाठ होता है, वहां स्वयं बजरंगबली का वास होता है. सुंदरकांड पाठ की सही विधि पाठ के लिए ब्रह्म मुहूर्त या शाम का समय सबसे शुभ माना जाता है. सबसे पहले स्नान कर साफ-सुथरे वस्त्र (काले रंग को छोड़कर) धारण करें. फिर चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर भगवान श्री राम, माता सीता और हनुमान जी की मूर्ति/तस्वीर स्थापित करें. शुद्ध देसी घी का दीपक जलाएं, हनुमान जी को फूलमाला, सिंदूर, लाल पुष्प और लड्डू/गुड़-चना का भोग लगाएं. हाथ में जल, फूल और अक्षत लेकर अपनी मनोकामना दोहराते हुए संकल्प लें कि आप किस उद्देश्य से यह पाठ कर रहे हैं. सबसे पहले भगवान गणेश और अपने गुरु की वंदना करें. अब “राम सिया राम सिया राम जय जय राम” का कीर्तन या जाप करते हुए सुंदरकांड का पाठ आरंभ करें. धार्मिक मान्यता के अनुसार, सुंदरकांड का पाठ अधूरा नहीं छोड़ना चाहिए. इसे एक ही बैठक में पूरा करने का प्रयास करें. पाठ पूरा होने पर हनुमान चालीसा का पाठ करें. आखिर में भगवान हनुमान जी की आरती करें और उनसे अपनी गलती के लिए क्षमा मांगते हुए आशीर्वाद लें. भोग प्रसाद को भक्तों में वितरित करें और खुद भी ग्रहण करें.

छत्तीसगढ़ पर्यटन में नया आयाम, ग्वालियर से गाइड ट्रेनिंग लेकर लौटे 45 युवा, CM ने किया स्वागत

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर छत्तीसगढ़ राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देनेे के लगातार प्रयास किए जा रहे है। छत्तीसगढ़ की नैसर्गिक सुन्दरता और यहां के पर्यटन स्थलों को देखने के लिए देश-दुनिया के लोग छत्तीसगढ़ आये, इसे लेकर देश के विभिन्न हिस्सों विशेषकर महानगरों में छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों की जानकारी देने के लिए प्रदर्शनी एवं कार्यशालाएं भी आयोजित की जा रही है। इन सभी प्रयासों का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को पर्यटन को वैश्विक मानचित्र पर लाना है। मुख्यमंत्री साय की पहल पर छत्तीसगढ़ में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है और इसके लिए नई औद्योगिक पॉलिसी में कई रियायतों का प्रावधान भी किया गया है। होम-स्टे पॉलिसी बनायी गई है ताकि छत्तीसगढ़ बस्तर और सरगुजा अंचल में पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। छत्तीसगढ़ सरकार ने इन्हीं प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए राज्य के युवाओं विशेषकर बस्तर अंचल के युवाओं को पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार का अवसर उपलब्ध कराने के लिए टूरिस्ट गाइड प्रशिक्षण की अभिनव पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री के मंशानुरूप 45 युवाओं की टीम को छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के सहयोग से भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंध संस्थान (आईआईटीटीएम) ग्वालियर में टूरिस्ट गाइड के प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था। युवाओं का यह दल वहां से एक माह का विशेष प्रशिक्षण हासिल कर छत्तीसगढ़ लौटा आया है। इन युवाओं को छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों में गाइड के तौर पर तैनात किया जाएगा।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने टूरिस्ट गाइड का सफल प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य की प्राकृतिक सुन्दरता, यहां की हरी-भरी वादियां और मनोरम पर्यटन स्थल छत्तीसगढ़ को पर्यटन हब का स्वरूप देने में सक्षम हैं। पर्यटन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में असीम संभावनाएं विद्यमान है, इससे रोजगार और व्यवसाय के नये द्वार खुलेंगे। उन्होंने प्रशिक्षित युवाओं से अपील की कि वे छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों और सुविधाओं के बारे में पर्यटकों को विशेष रूप से बताएं, ताकि पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो। इससे राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा। यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा 7 वर्षों के अंतराल के बाद टूरिस्ट गाइड प्रशिक्षण का यह विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें अधिकांश युवा बस्तर संभाग के रहने वाले हैं। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को पर्यटक मार्गदर्शन, संप्रेषण कौशल, सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन प्रबंधन तथा फील्ड का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिससे वे छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर सकें। प्रशिक्षित युवा छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक पर्यटन स्थलों का बेहतर प्रचार-प्रसार कर प्रदेश के पर्यटन उद्योग को ऊंचाइयों पर ले जाने में अहम रोल अदा करेंगे।

राजघाट पर श्रद्धांजलि, फिर मोदी से मुलाकात: भारत दौरे पर पुतिन का अहम दिन

नई दिल्ली  भारत यात्रा पर आए रूसी राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन ने शुक्रवार सुबह राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धासुमन अर्पित किए। पुतिन ने बापू की समाधि पर सिर झुकाया और परिक्रमा की। उन्होंने एक पुष्प चक्र चढ़ाया और बापू के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट की। उन्होंने राजघाट पर रखी स्मारिका में भी दस्तखत किए। इसके बाद राष्ट्रपति भवन में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। यहां से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पुतिन सीधे हैदराबाद हाउस पहुंचे जहां दोनों के बीच अहम द्विपक्षीय वार्ता होनी है। हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी ने कहा, आपके स्वागत करने का मौका मिला है। कल से ही डेलिगेशन कई बैठकों में व्यस्त रहें। आपकी यात्रा बहुत ही ऐतिहासिक है। 2001 में जब आपने कार्यभार संभाला था तभी दोनों देशों के बीच संबंधों की एक मजबूत नींव रखी गई थी। यूक्रेन को लेकर पुतिन से क्या बोली पीएम मोदी वार्ता शुरू होने से पहले पीएम मोदी ने कहा, 'मैं मानता हूं कि 2001 में आपने जो भूमिका अदा की, एक विजिनरी लीडर कैसे सोचता है और संबंधों को कहां तक पहुंचा सकता है। इसका एक उत्तम उदाहरण भारत और रूस के संबंध हैं। यूक्रेन संकट के बाद हमारी लगातार चर्चा होती रही है।आपने इस विषय पर हमें अवगत भी कराया है। सबका कल्याण शांति के मार्ग पर है। हम सबको मिलकर शांति का रास्ता तलाशना चाहिए। पिछले दिनों से जो प्रयास चल रहे हैं, उससे हमें विश्वास है कि विश्व एक बार फिर शांति के रास्ते पर लौटेगा।' पीएम मोदी ने कहा, पिछले दिनों विश्व समुदाय के नेताओं से मेरी बात हुई है। मैंने हमेशा कहा है कि भारत न्यूट्रल नहीं है। भारत का पक्ष है और वह है शांति का है। हम शांति के पक्ष का समर्थन करते हैं और हर प्रयास के लिए कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। हमें विश्वास है कि विश्व बहुत जल्दी चिंतामुक्त हो जाएगा। मुझे पूरा भरोसा है कि हम आज जिन विषयों पर चर्चा करने वाले हैं, उससे दोनों देशों के संबंध नई ऊंचाई को प्राप्त करेंगे। व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यूक्रेन के मुद्दे पर ध्यान देने के लिए शुक्रिया कहा।  

मध्य प्रदेश पराली जलाने में देश में पहले स्थान पर, किसानों की जागरूकता प्रयास विफल

ग्वालियर  पराली जलाने के मामले में मध्य प्रदेश लगातार दूसरी बार पहले नंबर पर रहा है। यही स्थिति अंचल के श्योपुर जिले की है, यह जिला भी लगातार दूसरी बार देश में अव्वल रहा है। लेकिन इस बार अधिक पराली जलाने वाले जिलों की टॉप टेन सूची में प्रदेश के आठ जिले हैं। जबकि पिछले साल चार ही जिले थे और 2023 में दो जिले व 2022 में एक भी जिला नहीं था। यानि पिछले तीन साल से प्रदेश में रोक के बाद भी किसान अधिक पराली जला रहे हैं। ग्वालियर जहां टॉप टेन सूची में कभी नहीं आता था और पूरी देश की सूची में काफी नीचे रहता था। तीसरे स्थान पर आया है। बता दें कि भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान की संस्था कंसोर्टियम फॉर रिसर्च ऑन एग्रोकोसिस्टम मॉनीटरिंग 15 सितंबर से 30 नवंबर तक पराली जलाने की घटनाओं की सैटेलाइट से निगरानी करता है। इस बार प्रदेशों की बात करें तो मध्य प्रदेश 17067 घटनाओं के साथ पहले नंबर, 7290 घटनाओं के साथ उत्तर प्रदेश दूसरे, 5114 घटनाओं के साथ पंजाब तीसरे नंबर पर व 2890 घटनाओं के साथ राजस्थान चौथे नंबर पर रहा। जबकि इस साल जिलों में 2643 घटनाओं के साथ श्योपुर पहले, 1973 घटनाओं के साथ जबलपुर दूसरे, 1930 घटनाओं के साथ ग्वालियर तीसरे, 1797 घटनाओं के साथ दतिया चौथे, 1580 घटनाओं के साथ होशंगाबाद पांचवें, 1142 घटनाओं के साथ सिवनी छठे, 1054 घटनाओं के साथ सतना आठवें व 719 घटनाओं के साथ रायसेन 10वें नंबर पर रहे।

इन 5 आदतों को अकेले अपनाएं, सफलता आपके कदम चूमेगी

यूं तो अपने जीवन में सफलता का स्वाद हर व्यक्ति चखना चाहता है। लेकिन यह सुख हर किसी को नसीब नहीं होता है। सफलता हासिल करने के लिए व्यक्ति को कठिन परिश्रम और लगन की जरूरत होती है। जिसके ना होने पर व्यक्ति हमेशा निराशा का मुंह देखता है। बहरहाल, सफलता हासिल करने के इस मूल मंत्र को तो ज्यादातर सभी लोग जानते हैं, लेकिन क्या आप यह भी जानते हैं कि मेहनत और लगन के अलावा भी सफलता पाने के लिए कुछ ऐसी चीजें हैं, जो व्यक्ति को हमेशा साथ में नहीं बल्कि हमेशा अकेले बैठकर करनी चाहिए। माना जाता है इन चीजों को अकेले बैठकर करने वाला व्यक्ति अपने लिए एक बेहतर जिंदगी का निर्माण कर सकता है। आइए जानते हैं जीवन से जुड़ी ऐसी ही 5 बातों के बारे में, जिन्हें सफलता पाने के लिए व्यक्ति को हमेशा अकेले करना चाहिए। अकेले बैठकर करें पढ़ाई किसी व्यक्ति या विद्यार्थी के लिए सफलता का पहला मंत्र यह है कि उसे हमेशा अकेले बैठकर ही अपना पाठ याद करना या नौकरी की तैयारी करनी चाहिए। अकेले में व्यक्ति अपने पाठ और लक्ष्य पर अच्छी तरह ध्यान लगा पाता है जबकि भीड़ में, दोस्तों के साथ बैठकर पढ़ने से उसका ध्यान सिर्फ पढ़ाई से इधर-उधर भटकता रहता है। जिससे ना सिर्फ उसका समय बल्कि पढ़ाई भी खराब होती है। पैसों से जुड़ा कोई काम आपने अकसर लोगों को यह कहते हुए सुना होगा कि अच्छी से अच्छी दोस्ती भी पैसों के बीच में आने से टूट जाया करती है। ऐसे में एक सफल व्यक्ति हमेशा इस बात का ध्यान रखता है और हमेशा पैसों से जुड़े काम अकेले में ही करना पसंद करता है। अगर आप पैसों के जुड़े काम दोस्तों या लोगों के साथ मिलकर करते हैं तो आपको भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। योग अगर आप रोजमर्रा का तनाव दूर करने के लिए मेडिटेशन और योग का सहारा लेते हैं तो उसे भी अकेले ही करने की कोशिश करें। योग और मेडिटेशन अन्य लोगों के साथ करने से आपके मन को शांति महसूस नहीं होगी, जिससे आप तनाव महसूस करेंगे और अपने लक्ष्य से भटक सकते हैं। जीवन के निर्णय खुद लें जीवन में सफलता ही नहीं बल्कि अकेले रहने से कई बार जीवन सुखद भी बन जाता है। अकेले रहने से व्यक्ति को अपने लिए समय निकालने के साथ आत्मचिंतन और आत्ममंथन करने का मौका मिलता है। जिससे वह अपनी कमियों को दूर करके लक्ष्य हासिल करने के लिए जरूरी नई बातें और तरीके सीखता है। अकेले चलने वाला व्यक्ति अपने जीवन के निर्णय खुद लेता है। जिससे उसकी दूसरों के प्रति निर्भरता कम हो जाती है और उसे अपने जीवन के लिए सही फैसले लेने आ जाते हैं। वहीं चार लोगों से ली गई सलाह आपको आपके लक्ष्य से भटका सकती है।

टी20 क्रिकेट में इतिहास रचने वाले सुनील नरेन ने 600 विकेट का रिकॉर्ड किया हासिल

मुंबई  वेस्टइंडीज के घातक स्पिन गेंदबाज सुनील नरेन ने इतिहास रचते हुए टी20 क्रिकेट में प्रचंड रिकॉर्ड बना दिया है. सुनील नरेन ने टी20 क्रिकेट में अपने 600 विकेट पूरे कर लिए हैं. वेस्टइंडीज के दिग्गज ऑफ स्पिनर सुनील नरेन ओवरऑल टी20 क्रिकेट में 600 विकेट लेने वाले दुनिया के तीसरे गेंदबाज बन गए हैं. इसी के साथ ही सुनील नरेन ने अपना नाम इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज करा लिया है. सुनील नरेन ने टी20 क्रिकेट में बनाया महारिकॉर्ड 37 साल के सुनील नरेन ने शारजाह के मैदान पर ILT20 मैच के दौरान अपने करियर की ये बड़ी उपलब्धि हासिल की है. सुनील नरेन ILT20 में अबू धाबी नाइट राइडर्स के कप्तान हैं. सुनील नरेन ने शारजाह के मैदान पर बुधवार को शारजाह वॉरियर्स के खिलाफ ILT20 मैच के दौरान एक विकेट लेते ही टी20 क्रिकेट में अपने 600 विकेट पूरे कर लिए. सुनील नरेन ने इस मैच में शारजाह वॉरियर्स के बल्लेबाज टॉम एबेल को LBW आउट करते ही यह उपलब्धि हासिल की है. IPL का बहुत बड़ा नाम मैच के बाद अबू धाबी नाइट राइडर्स ने सुनील नरेन को इस अनोखी उपलब्धि की याद में नंबर 600 वाली एक स्पेशल एडिशन की जर्सी भेंट की. पिछले कुछ सालों में सुनील नरेन ने दुनिया भर की टी20 लीग्स में कोलकाता नाइट राइडर्स, अबू धाबी नाइट राइडर्स, ट्रिनबागो नाइट राइडर्स और लॉस एंजिल्स नाइट राइडर्स के लिए खेला है. सुनील नरेन ने अभी तक 568 टी20 मैचों में 600 विकेट झटके हैं. सुनील नरेन का टी20 क्रिकेट में बेस्ट बॉलिंग फिगर 19 रन देकर 5 विकेट लेना रहा है. सुनील नरेन इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में एक बहुत बड़ा नाम हैं. टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज 1. राशिद खान (अफगानिस्तान) – 681 विकेट 2. ड्वेन ब्रावो (वेस्टइंडीज) – 631 विकेट 3. सुनील नरेन (वेस्टइंडीज) – 600 विकेट 4. इमरान ताहिर (दक्षिण अफ्रीका) – 570 विकेट 5. शाकिब अल हसन (बांग्लादेश) – 504 विकेट सुपर ओवर में मेडन फेंकने वाले दुनिया के इकलौते गेंदबाज वेस्टइंडीज के स्पिनर सुनील नरेन टी20 क्रिकेट के इतिहास में सुपर ओवर में मेडन फेंकने वाले दुनिया के पहले और इकलौते गेंदबाज हैं. सुनील नरेन ने कैरेबियन प्रीमियर लीग (CPL) में 17 जुलाई 2014 को गुयाना अमेजन वॉरियर्स के लिए खेलते हुए त्रिनिदाद एंड टोबैगो रेड स्टील के खिलाफ टी20 मैच का सुपर ओवर MAIDEN फेंकने का अद्भुत कारनामा किया था. सुनील नरेन ने त्रिनिदाद एंड टोबैगो रेड स्टील के खिलाफ इस टी20 मैच के सुपर ओवर में 5 डॉट बॉल और एक विकेट बॉल भी फेंकी थी. सुनील नरेन ने 12 रन का बचाव करते हुए गुयाना अमेजन वॉरियर्स को रोमांचक जीत दिला दी थी. 

लैरी एलिसन की दौलत में उछाल, अडानी-अंबानी की संपत्ति भी बढ़ी

मुंबई  दुनिया के टॉप-10 अरबपतियों की लिस्ट में उथल-पुथल देखने को मिल रही है। कभी मस्क की अरबपति नंबर वन की कुर्सी के खतरा बन रहे लैरी एलिसन ने अपना रुतबा वापस हासिल कर लिया है। एक बार फिर एलिसन दुनिया के सबसे रईसों में दूसरे नंबर पर पहुंच गए है। कुछ दिन पहले उन्हें गूगल अल्फाबेट के को-फाउंडर सर्गेई ब्रिन ने पछाड़ कर चौथे नंबर पर कर दिया था। टेस्ला के एलन मस्क पहले नंबर पर हैं। भारत के मुकेश अंबानी एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं। गुरुवार को उनकी दौलत में करीब एक अरब डॉलर का इजाफा हुआ। अंबानी 106 अरब डॉलर के नेटवर्थ के साथ 18वें स्थान पर हैं। अडानी की दौलत में भी गुरुवार को 284 मिलियन डॉलर का इजाफा हुआ। 84.2 अरब डॉलर के साथ अब भी वह 20वें स्थान पर हैं। अरबपतियों की टॉप-10 लिस्ट में कौन कहां एलन मस्क: टेस्ला के एलन मस्क पहले नंबर पर हैं। मस्क की दौलत में गुरुवार को 5.55 अरब डॉलर का इजाफा हुआ। अब इनके पास 467 अरब डॉलर की कुल संपत्ति है। इस साल अबतक मस्क ने अपनी संपत्ति में 34.8 अरब डॉलर जोड़े। लैरी एलिसन: ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के मुताबिक लैरी एलिसन को 7.17 अरब डॉलर का फायदा हुआ। इनकी कुल संपत्ति अब 274 अरब डॉलर है। इस साल अबतक अपनी संपत्ति में 81.5 अरब डॉलर जोड़ चुके हैं। लैरी पेज: दुनिया के तीसरे सबसे अमीर व्यक्ति लैरी पेज को गुरुवार को 1.55 अरब डॉलर का नुकसान हुआ और इनकी कुल संपत्ति 272 अरब डॉलर हो गई है। इस साल के सबसे बड़े गेनर्स अब लैरी पेज हैं। ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के मुताबिक उनकी दौलत में इस साल अबतक 104अरब डॉलर का इजाफा हुआ है। सर्गेई ब्रिन: सर्गेई ब्रिन की दौलत में 1.45 अरब डॉलर की गिरावट हुई और अब उनके पास 253 अरब डॉलर का नेटवर्थ है। ये ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स में चौथे स्थान पर हैं। इस साल कमाई में दूसरे नंबर पर सर्गेई ब्रिन हैं, जिनकी दौलत इस साल 94.7 अरब डॉलर बढ़ी है। जेफ बेजोस: अमेजन के जेफ बेजोस की संपत्ति 2.76 अरब डॉलर गिरकर 251 अरब डॉलर हो गई। इस साल कमाई की बात करें तो बेजोस केवल 12.8 अरब डॉलर ही कमा पाए हैं। जुकरबर्ग : मार्क जुकरबर्ग की संपत्ति में सबसे अधिक 7.54 अरब डॉलर का इजाफा हुआ। अब इनका नेटवर्थ 234 अरब डॉलर हो गया है। दुनिया के अमीरों की लिस्ट में जुकरबर्ग छठे स्थान पर हैं। बर्नार्ड अर्नाल्ट: सातवें स्थान पर फ्रांस के बर्नार्ड अर्नाल्ट हैं। इनकी संपत्ति में 1.50 अरब डॉलर का इजाफा हुआ और उनके पास 202 अरब डॉलर का नेटवर्थ है। इस साल अबतक इन्होंने 26.1 अरब डॉलर जोड़े हैं। स्टीव बाल्मर: स्टीव बाल्मर ने गुरुवार को 1.02 अरब डॉलर कमाए। इनका नेटवर्थ अब 167 अरब डॉलर हो गया है। जेनसेंग हुआंग: एनवीडिया के मालिक जेनसेंग हुआंग को 3.31 अरब डॉलर का फायदा हुआ है। अब इनके पास 159 अरब डॉलर की संपत्ति है और ये दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 9वें पायदान पर आ गए हैं। इस साल इनकी संपत्ति में 45.1 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है। वॉरेन बफे: माइकल डेल को पछाड़ 10वें स्थान पर पहुंचे वॉरेन बफे को गुरुवार को 503 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ। अब उनके पास 151 अरब डॉलर की दौलत है।

फिनइन्फ्लुएंसर अवधूत साठे पर SEBI की कार्रवाई, ट्रेडिंग एकेडमी के फाउंडर को लौटाने होंगे ₹546 करोड़

मुंबई  SEBI ने अवधूत साठे ट्रेडिंग एकेडमी (ASTA) के फाउंडर अवधूत साठे को सिक्योरिटीज मार्केट से बैन कर दिया है और 546 करोड़ रुपये जब्त करने का आदेश दिया है. रेगुलेटर ने कहा कि ये पैसा बिना रजिस्ट्रेशन वाली इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी एक्टिविटी के जरिए इकट्ठा किया गया था, जिसने हजारों रिटेल इन्वेस्टर्स को गुमराह किया है. ये भारत में किसी फिनफ्लुएंसर से जब्त की गई अब तक की सबसे बड़ी रकम है. 4 दिसंबर को जारी किया गया ये आदेश, SEBI के फिनफ्लुएंसर इकोसिस्टम को साफ करने की कोशिश में एक टर्निंग पॉइंट है, जहां कई ऑनलाइन ट्रेनर एजुकेशन देने का दावा करते हैं लेकिन बिना किसी रेगुलेटरी लाइसेंस के स्पेसिफिक स्टॉक टिप्स, गाइडेंस और लाइव ट्रेडिंग कॉल देते हैं. SEBI की नजर में कैसे आया ये मामला  SEBI की जांच तब शुरू हुई जब शिकायतें मिलीं कि साठे की एकेडमी सिर्फ ट्रेडिंग कोर्स ही नहीं दे रही थी. बल्कि लाइव मार्केट सेशन के दौरान खरीदने और बेचने के कॉल भी दे रही थी. जांच शुरू होने के बाद SEBI ने वीडियो, व्हाट्सएप मैसेज, सोशल मीडिया कंटेंट, पेमेंट स्ट्रक्चर और पार्टिसिपेंट्स की गवाही का एनालिसिस किया. SEBI द्वारा बताए गए एक उदाहरण में साठे को एक लाइव ट्रेडिंग सेशन करते हुए दिखाया गया था. जहां उन्होंने पार्टिसिपेंट्स को एक खास कीमत पर बैंक निफ्टी फ्यूचर्स ट्रेड में एंट्री करने का निर्देश दिया था, साथ ही स्टॉप-लॉस और टारगेट भी बताया था.  SEBI ने कहा कि ये बात एजुकेशन से कहीं आगे की थी और ये सीधे तौर पर इन्वेस्टमेंट रिकमेंडेशन बन गया था.  गारंटीड रिटर्न का झूठा एहसास SEBI ने बताया कि एकेडमी के 'काउंसलिंग बैच' एक स्ट्रक्चर्ड सिस्टम थे जिसके जरिए साठे और उनकी टीम पार्टिसिपेंट्स को रियल ट्रेड पर गाइड करती थी. अक्सर तुरंत इंस्ट्रक्शन देने के लिए प्राइवेट व्हाट्सएप ग्रुप का इस्तेमाल करती थी. इनमें से कुछ ग्रुप में सैकड़ों मेंबर थे जो ज्यादा फीस देते थे. SEBI ने पाया कि ASTA अक्सर हाई-प्रोबेबिलिटी स्ट्रेटेजी का एडवर्टाइजमेंट करती थी और कोर्स को प्रमोट करने के लिए प्रॉफिटेबल ट्रेड के स्क्रीनशॉट का इस्तेमाल करती थी. रेगुलेटर ने कहा कि इससे 'गारंटीड रिटर्न का झूठा एहसास' पैदा होता है, ये इन्वेस्टर-प्रोटेक्शन नियमों के खिलाफ है.  कौन हैं अवधूत साठे? देश के एक मशहूर फिनइन्फ्लुएंसर अवधूत साठे, अवधूत साठे ट्रेडिंग एकेडमी (ASTA) के फाउंडर हैं. वो ट्रेडिंग और इन्वेस्टिंग से जुड़े कोर्स बेचते हैं. साठे की एकेडमी 2017 के लॉन्च हुई थी और बाद में ये बड़ी एंटिटी बनाई गई. अवधूत साठे की एकेडमी में इंट्रो सेशन से लेकर हाई-एंड मेंटरशिप तक कई तरह के कोर्स दिए जाते हैं.