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मनी प्लांट लगाने के बाद भी लाभ नहीं मिल रहा? वजह बन सकती हैं ये आम गलतियां

जैसा कि नाम से ही जाहिर है, मनी प्लांट को धन आकर्षित करने वाला पौधा माना गया है। यदि आप वास्तु नियमों का ध्यान रखते हुए यदि घर में मनी प्लांट का पौधा लगाते हैं, तो इससे घर में पॉजिटिव एनर्जी का फ्लो बढ़ता है। लेकिन अगर आपको मनी प्लांट लगाने से शुभ परिणाम नहीं मिल रहे हैं, तो इसके पीछे आपकी कुछ गलतियां हो सकती हैं। चलिए जानते हैं इस बारे में। इन दिशा में लगाएं पौधा वास्तु शास्त्र में मनी प्लांट लगाने के लिए घर की दक्षिण-पूर्व दिशा यानी आग्नेय कोण को सबसे अच्छा माना गया है। इस दिशा में मनी प्लांट लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और आर्थिक स्थिरता बनी रहती है। वास्तु शास्त्र में माना गया है कि मनी प्लांट को घर की उत्तर-पूर्व दिशा में लगाने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे आपको आर्थिक समस्याएं झेलनी पड़ सकती है।   रखें इन बातों का ध्यान मनी प्लांट का पौधा लगाते समय इस बात का ध्यान रखें कि मनी प्लांट की बेल को इस तरह लगाएं कि वह ऊपर की ओर बढ़ता हुआ हो। ऐसा करना शुभ माना जाता है। वहीं इस बात का भी ध्यान रखें कि बेल जमीन को न छुए। इसके साथ ही मनी प्लांट के पौधे को सूखने से भी बचाना चाहिए और इसके सूखी हुई और पीली पत्तियों को हटाते रहना चाहिए। अगर आप इन सभी बातों का ध्यान रखते हैं, तो आपको मनी प्लांट लगाने से अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। न करें ये गलतियां कई लोगों का मानना है कि मनी प्लांट को चोरी करके लगाना अच्छा होता है, लेकिन ऐसा करना बिल्कुल भी ठीक नहीं है। वास्तु शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार, मनी प्लांट को घर के बाहर नहीं बल्कि अंदर लगाना चाहिए। साथ ही इसे किसी अंधेरे वाले स्थान या बाथरूम के पास न रखें। आप इसे किसी कांच की बोतल या गमले में लगा सकते हैं। इन बातों का ध्यान रखने से धन और समृद्धि में वृद्धि होती है।  

उत्तराखंड हादसा: शादी से लौट रहे परिवार की गाड़ी खाई में गिरने से 5 बारातियों की मौत

लोहाघाट उत्तराखंड के लोहाघाट में शुक्रवार तड़के बड़ा हादसा हो गया। राष्ट्रीय राजमार्ग में बाराकोट के समीप बारात की एक बुलेरो कार खाई में गिर गई। हादसे में पांच बारातियों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को लोहाघाट उप जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बारात चम्पावत के पाटी के बालातड़ी से गणाई गंगोली वापस जा रही थी। हादसे का पता नहीं चल सका है। जिला आपदा नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के मुताबिक बीते चार दिसंबर को गणाई गंगोली के सेराघाट से एक बारात चम्पावत के पाटी ब्लॉक के बालातड़ी गांव आई थी। विवाह की रस्म पूरी होने के बाद बारात वापस सेराघाट जा रही थी। इसी दौरान बाराकोट के समीप बागधार में बोलेरो कार गहरी खाई में गिर गई। हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि पांच घायल हो गए। सूचना मिलने पर शुक्रवार तड़के मौके पर पहुंची पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने घायलों और शवों के कड़ी मशक्कत के बाद खाई से निकाला। हादसे की वजह का पता नहीं चल सका है। मृतकों में प्रकाश चंद उनियाल (40) निवासी सुभाषनगर रुद्रपुर, केवल चंद्र उनियाल (35), सुरेश नौटियाल (32), भावना चौबे (28) और भावना का का बेट प्रियांशु चौबे (6) शामिल हैं। जबकि घायलों में चालक देवीदत्त पांडेय (38) पुत्र रामदत्त पांडेय सेराघाट अल्मोड़ा, धीरज उनियाल (12) पुत्र प्रकाश चंद्र उनियाल रुद्रपुर, राजेश जोशी (14) पुत्र उमेश जोशी, बनकोट गंगोलीहाट, चेतन चौबे (5) पुत्र सुरेश चौबे, दिल्ली और भास्कर पंडा पुत्र रमेश पंडा, सेराघाट गंगोलीहाट हैं।  

रेपो रेट में कमी से ईएमआई पर बचत, लाखों लोगों के लिए राहत की खबर

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee) ने रेपो रेट में कटौती कर दी है। यह 0.25 प्रतिशत की है, जिसके बाद रेपो रेट घटकर 5.25 प्रतिशत रह गई है। मजबूत आर्थिक वृद्धि और महंगाई में नरमी के बीच RBI ने नीतिगत दर में यह कटौती की है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने समिति के फैसलों की जानकारी दी। इंडस्ट्रियल क्रेडिट ग्रोथ भी मजबूत- संजय मल्होत्रा RBI गवर्नर ने कहा है कि इंडस्ट्रियल क्रेडिट ग्रोथ भी मजबूत हुई है। बड़ी इंडस्ट्रीज़ में भी क्रेडिट ग्रोथ दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि पहले के रेट कट का असर सभी सेक्टरों में बड़े पैमाने पर हुआ है। साल 2025 में रेपो रेट में अब तक कुल 1.25 प्रतिशत की कटौती की जा चुकी है। इससे पहले, केंद्रीय बैंक ने इस साल फरवरी से जून तक रेपो रेट में कुल 1 प्रतिशत की कटौती की थी। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी RBI जिस रेट पर बैंकों को लोन देता है उसे रेपो रेट कहते हैं। जब RBI रेपो रेट घटाता है, तो बैंकों को सस्ता कर्ज मिलता है और वो इस फायदे को ग्राहकों तक पहुंचाते हैं। यानी, आने वाले दिनों में होम और ऑटो जैसे लोन 0.25% तक सस्ते हो जाएंगे। ताजा कटौती के बाद 20 साल के ₹20 लाख के लोन पर ईएमआई 310 रुपए तक घट जाएगी। इसी तरह ₹30 लाख के लोन पर ईएमआई 465 रुपए तक घट जाएगी। नए और मौजूदा ग्राहकों दोनों को इसका फायदा मिलेगा। रेट कट के बाद शेयर बाजार में तेजी RBI की ओर से रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती किए जाने के बाद शेयर बाजार में तेजी है। सुबह 11 बजे के ​करीब BSE 311.74 अंकों की बढ़त के साथ 85,577.06 पर है। सुबह यह गिरावट में खुला था। एनएसई भी 90.70 अंकों की बढ़त के साथ 26,124.45 पर है। NSE के सेक्टोरल इंडेक्सेज में गिरावट और तेजी का मिलाजुला रुख है। 1 लाख करोड़ रुपये के बॉन्ड की खरीद-बिक्री करेगा RBI- संजय मल्होत्रा RBI गवर्नर ने कहा कि केंद्रीय बैंक कैश मैनेजमेंट के लिए 1 लाख करोड़ रुपये के बॉन्ड की खरीद-बिक्री करेगा। उन्होंने बैंक, एनबीएफसी से अपनी पॉलिसी और संचालन के केंद्र में ग्राहकों को रखने का भी निर्देश दिया। साथ ही कहा कि स्थिरता सुनिश्चित करते हुए अर्थव्यवस्था की उत्पादक जरूरतों को हम सक्रिय तरीके से पूरा करना जारी रखेंगे। रेपो रेट के घटने से हाउसिंग डिमांड बढ़ेगी रेपो रेट घटने के बाद बैंक भी हाउसिंग और ऑटो जैसे लोन्स पर ब्याज दरें कम करते हैं। ब्याज दरें कम होने पर हाउसिंग डिमांड बढ़ेगी। ज्यादा लोग रियल एस्टेट में निवेश कर सकेंगे। इससे रियल एस्टेट सेक्टर को बूस्ट मिलेगा। RBI ने महंगाई अनुमान घटाया, GDP अनुमान बरकरार रखा इस साल 4 बार घटी रेपो रेट, 1.25% की कटौती हुई RBI ने फरवरी में हुई मीटिंग में ब्याज दरों को 6.5% से घटाकर 6.25% कर दिया था। मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की ओर से ये कटौती करीब 5 साल बाद की गई थी। दूसरी बार अप्रैल में हुई मीटिंग में भी ब्याज दर 0.25% घटाई गई। जून में तीसरी बार दरों में 0.50% कटौती हुई। अब एक बार फिर इसमें 0.25% की कटौती की गई है। यानी, मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी ने तीन बार में ब्याज दरें 1.25% घटाई। रेपो रेट क्या है, इससे लोन कैसे सस्ता होता है? RBI जिस ब्याज दर पर बैंकों को लोन देता है उसे रेपो रेट कहते हैं। रेपो रेट कम होने से बैंक को कम ब्याज पर लोन मिलेगा। बैंकों को लोन सस्ता मिलता है, तो वो अकसर इसका फायदा ग्राहकों को पास कर देते हैं। यानी, बैंक भी अपनी ब्याज दरें घटा देते हैं। रिजर्व बैंक रेपो रेट बढ़ाता और घटाता क्यों है? किसी भी सेंट्रल बैंक के पास पॉलिसी रेट के रूप में महंगाई से लड़ने का एक शक्तिशाली टूल है। जब महंगाई बहुत ज्यादा होती है, तो सेंट्रल बैंक पॉलिसी रेट बढ़ाकर इकोनॉमी में मनी फ्लो को कम करने की कोशिश करता है। पॉलिसी रेट ज्यादा होगी तो बैंकों को सेंट्रल बैंक से मिलने वाला कर्ज महंगा होगा। बदले में बैंक अपने ग्राहकों के लिए लोन महंगा कर देते हैं। इससे इकोनॉमी में मनी फ्लो कम होता है। मनी फ्लो कम होता है तो डिमांड में कमी आती है और महंगाई घट जाती है। इसी तरह जब इकोनॉमी बुरे दौर से गुजरती है तो रिकवरी के लिए मनी फ्लो बढ़ाने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में सेंट्रल बैंक पॉलिसी रेट कम कर देता है। इससे बैंकों को सेंट्रल बैंक से मिलने वाला कर्ज सस्ता हो जाता है और ग्राहकों को भी सस्ती दर पर लोन मिलता है। हर दो महीने में होती है RBI की मीटिंग मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी में 6 सदस्य होते हैं। इनमें से 3 RBI के होते हैं, जबकि बाकी केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किए जाते हैं। RBI की मीटिंग हर दो महीने में होती है। बीते दिनों रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठकों का शेड्यूल जारी किया था। इस वित्तीय वर्ष में कुल 6 बैठकें होंगी। पहली बैठक 7-9 अप्रैल को हुई थी। अब हर साल ईएमआई पर बचेंगे हजारों रुपये, इन पैसों से बनेगा मोटा फंड रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार 5 दिसंबर को इस साल का एक और बड़ा तोहफा देते हुए लोन की ब्‍याज दरों में बड़ी कटौती कर दी है. गवर्नर ने रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती की तो बैंक से लोन लेने वाले हर आदमी के चेहरे पर मुस्‍कान खिल उठी. उन्‍हें लग गया कि अब उनके मकान खरीदने और वाहन खरीदने के सपने और भी सस्‍ते होने जा रहे हैं. गवर्नर के इस फैसले का एक आदमी पर कितना असर पड़ेगा, इसकी झलक एक छोटे से कैलकुलेशन से ही साफ समझ आ जाती है. दरअसल, रिजर्व बैंक की रेपो रेट यानी नीतिगत ब्‍याज दरों में कटौती होते ही सभी बैंकों को अपने खुदरा लोन की ब्‍याज दरें भी घटानी पड़ेंगी. इन खुदरा कर्ज में होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन सहित हर तरह के छोटे-मोटे लोन आते हैं. रिजर्व बैंक ने इस साल तीसरी बार रेपो रेट में कटौती की है और … Read more

‘अगली बार CM नहीं बन पाएंगी ममता?’—हुमायूं कबीर ने किया विवादित बयान

कलकत्ता  बाबरी मस्‍ज‍िद की नींव डालने का ख्‍वाब देखना हुमायूं कबीर को भारी पड़ा. ममता को लगा क‍ि इससे ह‍िन्‍दू एकजुट हो जाएंगे और उनका सिंहासन डोल जाएगा. आनन फानन में उन्‍होंने हुमायूं कबीर को ही पार्टी से सस्‍पेंड कर द‍िया. लेकिन ममता के इस एक्‍शन ने पश्च‍िम बंगाल का सियासी समीकरण उलझा द‍िया है. ममता बनर्जी के लिए यह स्थिति ‘आगे कुआं, पीछे खाई’ जैसी हो गई है. एक तरफ भाजपा का बढ़ता हिंदुत्व कार्ड है, तो दूसरी तरफ उनकी अपनी पार्टी का कोर वोटर मुस्लिम समुदाय, जो अब हुमायूं कबीर की बर्खास्तगी को एक ‘विश्वासघात’ की तरह देख सकता है. क्या आगामी विधानसभा चुनावों में ममता का यह दांव उल्टा तो नहीं पड़ेगा? हुमायूं कबीर कोई साधारण विधायक नहीं हैं. मुर्शिदाबाद की राजनीति में उनकी हैसियत एक मास लीडर की है. उनका करियर कांग्रेस से शुरू हुआ, वे मंत्री बने, फिर टीएमसी में आए, बीच में 2019 में भाजपा में गए और फिर टीएमसी में लौट आए. इतनी बार पाला बदलने के बावजूद, उनकी निजी लोकप्रियता खासकर भारतपुर और रेजीनगर इलाके में कभी कम नहीं हुई. अगली बार CM नहीं बन पाएंगी ममता पश्चिम बंगाल में बाबरी जैसी मस्जिद बनाने का ऐलान कर चुके विधायक हुमायूं कबीर के निशाने पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हैं। उन्होंने दावा किया है कि अगले विधानसभा चुनाव के बाद बनर्जी सीएम नहीं बन पाएंगी। मस्जिद की नींव रखने के ऐलान के बाद राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें निलंबित कर दिया था। अब कबीर ने खुद की पार्टी बनाने के संकेत दिए हैं। गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में कबीर ने कहा, 'मुख्यमंत्री को पूर्व मुख्यमंत्री बनना है। 2026 में मुख्यमंत्री फिर मुख्यमंत्री नहीं रहेंगी। वह शपथ नहीं लेंगी और पूर्व मुख्यमंत्री कहलाएंगी।' उन्होंने शुक्रवार को टीएमसी से इस्तीफा देने की बात कही है। कबीर ने दावा किया था कि वह 6 दिसंबर को बाबरी से मिलती जुलती मस्जिद की नींव रखेंगे। बंगाल में साल 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। नई पार्टी बनाने की तैयारी कबीर ने कहा था, 'मैं कल टीएमसी से इस्तीफा दे दूंगा। अगर जरूरत पड़ी तो मैं 22 दिसंबर को नई पार्टी की घोषणा करूंगा।' उन्होंने पार्टी के जिला अध्यक्ष के साथ बैठक को लेकर कहा, 'मैं यहां जिला अध्यक्ष के साथ मीटिंग के लिए आया हूं और प्रतिक्रिया बाद में दूंगा। लेकिन मुझे पार्टी से निलंबित किया है, विधायक पद से नहीं। पहले मीटिंग होने दीजिए।' बाबरी जैसी मस्जिद बनाने का ऐलान विधायक कबीर ने पहले ऐलान किया था, 'हम 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद जिले के बेलदांगा में 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद की नींव रखेंगे।' इससे पहले उन्होंने कहा था, 'इसे पूरा होने में 3 साल का समय लगेगा। उस कार्यक्रम में कई मुस्लिम नेता शामिल होंगे।' रैली में थे और पार्टी ने निलंबित कर दिया निलंबन की खबर तब सामने आई जब कबीर बहरामपुर में मुख्यमंत्री की एसआईआर विरोधी रैली के आयोजन स्थल पर बैठे थे, जहां तृणमूल ने उन्हें पहले आमंत्रित किया था। कबीर ने इसे 'जानबूझकर किया गया अपमान' बताया और कहा कि उनके खिलाफ 'साजिश' रची गई है। उन्होंने कहा, 'मुझे कोई पत्र नहीं मिला है। लेकिन मैं शुक्रवार या सोमवार को विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दूंगा।' कबीर ने कहा कि उनका नया संगठन अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में कुल 294 में से 135 सीट पर उम्मीदवार उतारेगा। सत्तारूढ़ पार्टी में लौटने से पहले कभी कांग्रेस, कभी तृणमूल और कभी भाजपा में रहे कबीर ने कहा कि बेलडांगा में छह दिसंबर का शिलान्यास कार्यक्रम रद्द नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी के लहजे में कहा, '(शिलान्यास कार्यक्रम में) लाखों लोग शामिल होंगे। अगर प्रशासन हमें रोकने की कोशिश करेगा, तो एनएच-12 जाम किया जा सकता है।' उन्होंने कहा कि उन्हें चुप कराने के लिए उनकी हत्या भी की जा सकती है। कबीर ने कहा कि अगर उन्हें रोका गया, तो वह धरने पर बैठेंगे और 'गिरफ्तारी देंगे'। उन्होंने कहा कि उन्हें 'न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।' अधिकारियों ने कहा कि कार्यक्रम के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई है। ममता बनर्जी हुईं नाराज? एनडीटीवी की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि विधायक कबीर के फैसले से सीएम बनर्जी नाराज हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि सीएम और उनकी पार्टी इस फैसले के साथ नहीं हैं और यह संदेश विधायक को पहुंचा दिया गया है। एक दिन पहले भी टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी भी इस फैसले से दूरी बनाते हुए नजर आए थे। मुस्लिमों में उनकी पकड़ हुमायूं कबीर की छवि एक ऐसे नेता की है जो समुदाय के मुद्दों पर अपनी ही सरकार से भिड़ने को तैयार रहता है. जब उन्होंने मुर्शिदाबाद में 6 दिसंबर 2025 को ‘बाबरी मस्जिद’ की आधारशिला रखने की बात कही, तो यह महज एक बयान नहीं था. उन्होंने साफ कहा, 25 बीघा जमीन पर इस्लामिक अस्पताल, रेस्ट हाउस, होटल-कम-रेस्टोरेंट, हेलीपैड, पार्क और मेडिकल कॉलेज बनेगा… हुमायूं कबीर को कौन रोक सकता है? मैं चुनौती देता हूं. उनका यह ‘रॉबिनहुड’ वाला अंदाज उन्हें मुस्लिम युवाओं और ग्रामीण वोटरों के बीच बेहद लोकप्रिय बनाता है. उनके समर्थकों को लगता है कि ममता दीदी दिल्ली के डर से या हिंदू वोटों के लिए मुस्लिम मुद्दों को दबा रही हैं, जबकि हुमायूं कबीर उनकी आवाज उठा रहे हैं. बाबरी मस्जिद का दांव और ममता की मजबूरी ममता बनर्जी खुद को सेक्यूलरिज्म की सबसे बड़ी पैरोकार मानती हैं. लेकिन हुमायूं कबीर का दांव उनके लिए गले की हड्डी बन गया. अगर ममता बनर्जी हुमायूं कबीर को बाबरी मस्जिद या उसके नाम पर कोई स्मारक बनाने देतीं, तो भाजपा इसे पूरे बंगाल और देश भर में भुना लेती. भाजपा इसे ‘तुष्टिकरण की पराकाष्ठा’ और ‘हिंदुओं का अपमान’ बताकर ध्रुवीकरण करती. यही वजह है कि ममता के सिपहसालार फिरहाद हकीम ने तुरंत प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कबीर को सस्पेंड किया. हकीम ने तर्क दिया, हम धर्म के नाम पर भेद करने वाली राजनीति नहीं करते. हुमायूं कबीर भाजपा की मदद कर रहे हैं और बंगाल में आग लगाने की कोशिश कर रहे हैं. ममता बनर्जी ने भी अपनी रैली में बिना नाम लिए कहा, हम सांप्रदायिक राजनीति के खिलाफ हैं, मुर्शिदाबाद के लोग दंगा नहीं चाहते.

CDF बनने के बाद आसिम मुनीर का असर बढ़ा, CJCSC की जगह ली नई प्रणाली में

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को देश का पहला चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) नियुक्त करने की औपचारिक मंजूरी दे दी. उन्हें यह पद पांच साल के कार्यकाल के लिए दिया गया है. राष्ट्रपति द्वारा यह मंजूरी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा भेजी गई उस संस्तुति पर दी गई, जिसमें उन्हें सेना प्रमुख और CDF पद पर नियुक्त करने की अनुशंसा की गई थी. नए संवैधानिक संशोधन के तहत पद का गठन पिछले महीने पाकिस्तान की संसद ने 27वें संविधान संशोधन को पारित किया था, जिसके तहत CDF का पद सृजित किया गया. इस पद का उद्देश्य देश की रक्षा संरचना में यूनिटी ऑफ कमांड सुनिश्चित करना और महत्वपूर्ण परिस्थिति में त्वरित निर्णय लेने की प्रक्रिया को मजबूत करना है. CDF पद ने चेयरमैन, जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी (CJCSC) के पद की जगह ले ली है, जिसे अब खत्म कर दिया गया है. राष्ट्रपति ने शुभकामनाएं दीं राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि जरदारी ने नई नियुक्ति के लिए फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को शुभकामनाएं दी हैं. इसके साथ ही राष्ट्रपति ने एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्दू को दो साल का कार्यकाल विस्तार भी मंजूर किया है, जो उनके मौजूदा कार्यकाल के 19 मार्च, 2026 को पूरा होने के बाद लागू होगा. मुनीर का कार्यकाल और नियुक्ति प्रक्रिया प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री ने पहले आसिम मुनीर को आर्मी चीफ और CDF दोनों पदों पर नियुक्त करने का प्रस्ताव मंजूर किया था, जिसे बाद में राष्ट्रपति को भेजा गया. आसिम मुनीर को नवंबर 2022 में COAS नियुक्त किया गया था, उस समय उनका कार्यकाल तीन वर्षों का था. लेकिन 2024 में इसे बढ़ाकर पांच वर्ष कर दिया गया था. सरकारी अधिसूचना जारी होने के बाद उस देरी से जुड़ी अटकलों पर विराम लगा, जिनमें कहा जा रहा था कि नए CDF की नियुक्ति समय पर नहीं हो पा रही. नियुक्ति 27 नवंबर से लंबित थी, जब पिछले CJCSC जनरल साहिर शमशाद मिर्जा सेवानिवृत्त हुए थे.

मैथ्यू हेडन का न्यूड वॉक ड्रामा: बेटी ने किया ट्रोल, रूट को लेकर आई राहत

 ब्रिस्बेन इंग्लैंड के स्टार बैटर जो रूट ने आखिरकार ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर अपना पहला शतक जड़ दिया. इससे सबसे ज्यादा राहत केवल इंग्लैंड टीम को ही नहीं मिली, बल्क‍ि मैथ्यू हेडन भी इससे खुश हैं..  दरअसल, ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेट महान बल्लेबाज रहे मैथ्यू हेडन ने मजाक-मजाक में यह साहसिक वादा कर दिया था कि अगर रूट इस एशेज सीरीज में ऑस्ट्रेलिया में शतक नहीं लगा पाए, तो वह मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) में न्यूड घूमेंगे.  यह भी पढ़ें: … तो MCG के मैदान में न्यूड दौड़ते मैथ्यू हेडन, जो रूट के एशेज शतक ने बचाया, इस IPL टीम ने तो मौज ले ली रूट ने शानदार अंदाज में शतक लगाकर न सिर्फ इंग्लैंड की पारी संभाली, बल्कि हेडन को भी एक बड़ी 'शर्मिंदगी' से बचा दिया. अब इस पर हेडन की बेटी ने भी सोशल मीडिया पर मजेदार तरीके से प्रतिक्रिया दी और रूट को 'सबकी आंखें बचाने' के लिए धन्यवाद कहा. एक दिन पहले गुरुवार को ब्रिसबेन के गाबा मैदान में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच मौजूदा एशेज सीरीज का दूसरा टेस्ट शुरू हुआ। इंग्लैंड के महान बल्लेबाज जो रूट ने पहले दिन शतक ठोका। अपने करियर का 40वां टेस्ट शतक। इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट शतक का सूखा भी खत्म किया। ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर पहला टेस्ट शतक। लेकिन उनके शतक से सबसे बड़ी राहत की सांस ली ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज मैथ्यू हेडन ने। वह तो खुशी से झूम उठे। उन्होंने वादा किया था कि अगर जो रूट मौजूदा एशेज सीरीज में शतक नहीं लगा पाते हैं तो वह मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में नंगा होकर दौड़ेंगे। जो रूट ने इस ऐतिहासिक शतक को पहले दिन के खेल के आखिरी सेशन में पूरा किया। उन्होंने स्कॉट बोलैंड की गेंद पर चौका जड़कर ऑस्ट्रेलिया में अपना पहला टेस्ट शतक पूरा किया। उसके बाद तो गाबा में मौजूद इंग्लैंड के फैंस जैसे पागल हो गए। पूरा स्टेडियम शोर से गूंज उठा। जो रूट के शतक पर प्रतिक्रिया देते हुए हेडन ने कहा, 'ग्रेट डे जो। आपको बधाई। मुझसे ज्यादा ये किसी के लिए मायने नहीं रखता। 10 अर्धशतक और आखिरकार ये एक शतक। शानदार।' पहले दिन का खेल समाप्त होने तक इंग्लैंड ने 9 विकेट के नुकसान पर 325 रन बनाए थे। जो रूट 135 रन बनाकर नाबाद थे और उनका साथ दे रहे थे जोफ्रा आर्चर जो 32 रन पर नाबाद थे। हालांकि शुक्रवार को दूसरे दिन इंग्लैंड की पहली पारी 334 रन पर खत्म हो गई। जो रूट 206 गेंदों में 138 रन पर नाबाद रहे। जोफ्रा आर्चर 36 गेंदों में 2 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 38 रन बनाकर आउट हुए। वह इंग्लैंड की पहली पारी में जो रूट और जैक क्रॉली के बाद सबसे ज्यादा सफल बल्लेबाज रहे। क्रॉली ने 76 रनों की पारी खेली। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से मिचेल स्टार्क ने एक बार फिर कमाल किया और पारी में 6 विकेट झटके। माइकल नेसर, स्कॉट बोलैंड और ब्रेंडन डॉजेट को 1-1 सफलताएं मिली।

मेसी के चौंकाने वाले बयान से उठे सवाल—क्या खत्म होने वाला है उनका अंतरराष्ट्रीय सफर?

  वॉशिंगटन लियोनेल मेसी का शुमार दुनिया के महानतम फुटबॉलर्स में किया जाता है. मेसी की कप्तानी में ही अर्जेंटीना ने 2022 का फीफा वर्ल्ड कप जीता था. तब मेसी ब्रिगेड ने फाइनल में फ्रांस को पेनल्टी शूटआउट में पराजित किया था. मेसी हालिया समय में भी जबरदस्त फॉर्म में रहे हैं. मेसी की कप्तानी में अर्जेंटीना की टीम अगले फुटबॉल वर्ल्ड कप के लिए भी क्वालिफाई कर चुकी है. हालांकि फुटबॉल के बादशाह लियोनेल मेसी का फीफा वर्ल्ड कप 2026 में खेलना अब भी पूरी तरह तय नहीं है. मेसी का मानना है कि अर्जेंटीना जब अपना टाइटल डिफेंड करने उतरेगा, तो वो या तो मैदान में या स्टैंड्स में जरूर मौजूद होंगे. 38 साल के मेसी पिछले कई मौकों पर आगामी वर्ल्ड कप में खेलने को लेकर असमंजस जता चुके हैं. वॉशिंगटन डीसी में होने वाले वर्ल्ड कप ड्रॉ से पहले मेसी ने ईएसपीएन को खास इंटरव्यू दिया. इंटरव्यू के दौरन मेसी ने इस बात के कोई तगड़े संकेत नहीं दिए कि वो अगला वर्ल्ड कप खेलेंगे ही. लियोनेल मेसी ने बताया कि उनकी अर्जेंटीना के कोच लियोनेल स्कोलोनी के साथ इस मुद्दे पर लगातार बातचीत हो रही है. मेसी ने कहा, 'सच कहूं तो हम इस बारे में काफी बात कर चुके हैं. स्कोलोनी समझते हैं और हमने इस पर कई बार चर्चा की है. उम्मीद है कि मैं वहां रहूं. पहले भी कहा है कि मैं रहना चाहता हूं. सबसे खराब स्थिति में भी मैं इसे लाइव देखने जरूर जाऊंगा क्योंकि ये हमेशा खास होता है. वर्ल्ड कप हर किसी के लिए खास होता है, लेकिन हमारे लिए इसका मतलब अलग ही स्तर का है.' लियोनेल मेसी ने कतर में हुए फीफा वर्ल्ड कप 2022 को याद करते हुए कहा, "नीदरलैंड्स और फ्रांस के खिलाफ हम खेल में बेहतर थे, फिर भी मैच पेनल्टी तक गए. हमारे पास एक खतरनाक गोलकीपर 'डिबू' (एमिलियानो मार्टिनेज) था, जिसने हमें जीत दिलाई. लेकिन पेनल्टी में आप जीत भी सकते हैं और हार भी सकते हैं." लियोनेल मेसी ने लियोनेल स्कोलोनी की तारीफ करते हुए कहा, 'ये पूरा माहौल स्कोलोनी और उनकी स्टाफ की वजह से है. रोजमर्रा की ऊर्जा, टीम का जुड़ाव, सब वहीं से आता है. नए खिलाड़ी लगातार जुड़ रहे हैं और जब ग्रुप ऐसा हो, तो किसी के लिए भी टीम में फिट होना आसान होता है. लियोनेल मेसी ने कहा कि वर्ल्ड कप जीतने के बाद टीम का आत्मविश्वास और तैयारी का तरीका पूरी तरह बदल गया है. मेसी कहते हैं, 'अर्जेंटीना को इस पल का फायदा उठाना चाहिए. वर्ल्ड कप जीतने के बाद आप टूर्नामेंट्स को अलग मानसिकता के साथ तैयार करते हैं.' 2026 का फीफा वर्ल्ड कप यूएसए, कनाडा और मेक्सिको की संयुक्त मेजबानी में खेला जाना है. अर्जेंटीना शुक्रवार को वॉशिंगटन डीसी के कैनेडी सेंटर में होने वाले वर्ल्ड कप ड्रॉ में Pot-1 में रहेगा. अर्जेंटीना को आगामी टूर्नामेंट जीतने का एक मजबूत दावेदार माना जा रहा है. 2022 वर्ल्ड कप जीतने के बाद मेसी इंटर मियामी से जुड़े. लियोनेल मेसी ने इंटर मियामी को MLS (मेजर लीग सॉकर) कप के फाइनल में पहुंचाया है, जहां उसका का मुकाबला वैंकूवर व्हाइटकैप्स से होना है. दुनिया भर की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या मेसी फीफा वर्ल्ड कप 2026 के लिए मैदान में उतरेंगे या फिर अपने पसंदीदा टूर्नामेंट को स्टैंड्स से देखेंगे.

‘गलतफहमी नहीं होनी चाहिए’—पुतिन के दौरे पर थरूर ने दिया चीन और अमेरिका को सख्त संदेश

नई दिल्ली रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन बृहस्पतिवार शाम दो दिवसीय दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे। पुतिन करीब चार साल बाद भारत दौरे पर आए हैं। इस अवसर पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भारत-रूस संबंधों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि ऊर्जा, रक्षा और सामरिक क्षेत्रों में रूस भारत का विश्वसनीय साझेदार रहा है। थरूर ने कहा कि पुतिन का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब वैश्विक राजनीति अस्थिरता के दौर से गुजर रही है। ऐसे में भारत के लिए अपने पुराने और भरोसेमंद साझेदारों के साथ संबंधों को और मजबूत करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा- यह बहुत महत्वपूर्ण दौरा है। रूस के साथ हमारा रिश्ता काफी पुराना है और हाल के वर्षों में इसकी अहमियत और बढ़ी है। तेल और गैस के क्षेत्र में रूस हमारे लिए बड़ी आपूर्ति का स्रोत रहा है। वहीं रक्षा सहयोग का महत्व हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सामने आया, जब S-400 सिस्टम ने पाकिस्तान से दागी गई कई मिसाइलों से दिल्ली सहित हमारे शहरों की सुरक्षा की। ‘भारत की रणनीतिक स्वायत्तता बरकरार’ शशि थरूर ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि भारत की विदेश नीति ‘रणनीतिक स्वायत्तता’ पर आधारित है और रूस के साथ मजबूत संबंध किसी अन्य देश- चाहे अमेरिका हो या चीन, किसी के साथ संबंधों को प्रभावित नहीं करते। उन्होंने साफ शब्दों में कहा- भारत स्वतंत्र रूप से अपने हितों और साझेदारियों का चुनाव करता है। हमारी संप्रभु स्वायत्तता हमारी नीति की आधारशिला है। किसी को गलतफहमी नहीं होनी चाहिए कि रूस के साथ हमारी करीबी किसी अन्य राष्ट्र के साथ संबंधों के खिलाफ जाएगी। दौरे से संभावित समझौते और नई दिशा आज यानी 5 दिसंबर को राष्ट्रपति पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 23वीं भारत-रूस वार्षिक शिखर वार्ता करेंगे, जिसमें रक्षा उत्पादन, व्यापार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, संस्कृति और मानवीय सहयोग जैसे क्षेत्रों में कई अहम समझौते होने की संभावना है। थरूर ने उम्मीद जताई कि यह बैठक द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने का अवसर सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि अगर इस दौरे में कोई समझौते होते हैं, तो वे इस महत्वपूर्ण साझेदारी को और मजबूत करेंगे। पूर्व राजनयिकों ने भी बताई साझेदारी की अहमियत पूर्व भारतीय राजनयिक अरुण सिंह ने भी भारत-रूस संबंधों की निरंतर प्रासंगिकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दशकों से मॉस्को ने राजनीतिक और रक्षा क्षेत्र में भारत का समर्थन किया है और बदलते वैश्विक परिदृश्य में भी रूस भारत की रणनीतिक प्राथमिकताओं में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। विशेषज्ञों का मानना है कि पुतिन का यह दौरा भारत-रूस संबंधों में नई ऊर्जा भर सकता है, विशेषकर ऐसे समय में जब वैश्विक ध्रुवीकरण के बीच नई साझेदारियों और संतुलित कूटनीति की आवश्यकता पहले से अधिक महसूस की जा रही है। रूसी राष्ट्रपति 5 दिसंबर तक भारत में रहेंगे और इस दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण वार्ताएं और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

हरियाणा के युवाओं के लिए सुनहरा मौका! अब मुफ्त में सिखाई जाएंगी ये भाषाएँ, विदेश में रोजगार होगा आसान

हरियाणा  हरियाणा के युवाओं के लिए खुशखबरी आई है। हरियाणा सरकार ने युवा वर्ग के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए विदेशी भाषाओं को सीखने के लिए नई पहल शुरू की है। विदेश में रोजगार के लिए युवाओं को जर्मन, जापानी और इतालवी भाषाएं निशुल्क सिखाई जाएंगी। बताया जा रहा है कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के निदेशक मंडल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप कार्यबल विकसित करने के लिए “विदेशी भाषा सहायता एवं प्रतिपूर्ति योजना को स्वीकृति दे दी है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बोर्ड की 12वीं बैठक में कई परिवर्तनकारी प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में विश्वस्तरीय कौशल विकास, रोजगार सृजन और कार्यबल के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया गया। जैसे-जैसे वैश्विक गतिशीलता भाषा प्रवीणता पर निर्भर हो रही है, यह योजना प्रमाणित उम्मीदवारों का एक तैयार पूल बनाने में मदद करेगी, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय नौकरी की आवश्यकताएं उत्पन्न होते ही तैनात किया जा सकता है।

इंडिगो की फ्लाइट्स कैंसिल होने से मुंबई-हैदराबाद सहित कई एयरपोर्ट्स पर पड़ा असर, 550 फ्लाइट्स रद्द

 नई दिल्ली   देश की प्रमुख एयरलाइंस इंडिगो के परिचालन संकट ने गुरुवार को भी यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दीं. एयरलाइन ने पूरे देश में 550 से अधिक उड़ानें रद्द कीं, जिनमें अकेले दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद और हैदराबाद में 191 उड़ानें प्रभावित हुईं. हजारों यात्रियों को लंबी कतारों, इंतजार और अनिश्चितता का सामना करना पड़ा. अब हालात बिगड़ने और डीजीसीए की सख्ती के बीच इंडिगो ने आधिकारिक बयान जारी कर मौजूदा स्थिति पर माफी मांगी और जल्द सामान्य संचालन बहाल करने का भरोसा दिया. एयरलाइन ने कहा, “पिछले दो दिनों में इंडिगो के नेटवर्क और संचालन में व्यापक व्यवधान आया है. हम सभी यात्रियों और हितधारकों से खेद प्रकट करते हैं. हमारी टीमें MOCA, DGCA, BCAS, AAI और एयरपोर्ट ऑपरेटरों के साथ समन्वय कर स्थिति को सामान्य करने में जुटी हैं. ग्राहकों को लगातार अपडेट दिया जा रहा है और उनसे अपने उड़ानों की स्थिति जांचने की अपील की गई है.” नवबंर महीने में 1200 से अधिक फ्लाइट्स रद्द बता दें कि इंडिगो, जो प्रतिदिन लगभग 3.8 लाख यात्रियों को सेवा देती है, पिछले कुछ दिनों से गंभीर परिचालन चुनौतियों से जूझ रही है. देश की सबसे बड़ी एयरलाइन मानी जाने वाली इंडिगो सामान्य दिनों में करीब 2,300 उड़ानें संचालित करती है. आंकड़ों के अनुसार, नवंबर महीने में ही एयरलाइन को 1,232 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि कई उड़ानें घंटों देरी से चलीं. डीजीसीए ने लगाई फटकार इस प्रदर्शन में गिरावट के बाद डीजीसीए ने जांच का आदेश दिया और एयरलाइन से विस्तृत कारण बताए जाने को कहा. जवाब में इंडिगो ने बताया कि 1,232 उड़ानों में से 755 उड़ानें स्टाफ की कमी के कारण रद्द हुईं. 92 ATC फेलियर, 258 एयरपोर्ट प्रतिबंध और 127 अन्य कारणों के कारण रद्द हुईं. डीजीसीए ने सेवा गुणवत्ता में सुधार के लिए नए कदम उठाने, अधिक क्रू भर्ती, बेहतर योजना और निगरानी की सलाह दी है. सोशल मीडिया पर लोगों ने जताई नाराजगी बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिलेशन के कारण हजारों यात्रियों ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई, वीडियो और तस्वीरें शेयर करके एयरलाइन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. कई यात्रियों ने टिकट रिफंड, रीबुकिंग में देरी और जानकारी की कमी को लेकर शिकायतें कीं. इस बीच, इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्ट ने कर्मचारियों के नाम भेजे ईमेल में स्थिति पर चिंता जताई और इसे कई परिचालन चुनौतियों का मिश्रित परिणाम बताया. यह ईमेल सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. उन्होंने लिखा, “हम रोजाना 3.8 लाख यात्रियों की सेवा करते हैं और चाहते हैं कि हर ग्राहक को अच्छा अनुभव मिले. पिछले दिनों हम यह वादा पूरा नहीं कर सके और हमने सार्वजनिक रूप से इसके लिए माफी मांगी है.” उन्होंने परिचालन संकट के कारण गिनाए, जिनमें शामिल हैं- मामूली तकनीकी खामियां, शेड्यूल बदलाव, खराब मौसम, एविएशन सिस्टम में भीड़भाड़ और नई FDTL नॉर्म्स का प्रभाव. संकट से उबरने की कवायद इंडिगो ने दावा किया है कि परिचालन सुधार के लिए युद्धस्तर पर काम चल रहा है. एयरलाइन का कहना है कि वह DGCA के निर्देशों का पालन करेगी और स्टाफ तथा प्रबंधन की कमी से जुड़ी समस्याओं को शीघ्र सुलझाएगी. फिलहाल यात्रियों को उड़ान स्थितियों की लगातार जांच करने और आवश्यक यात्रा दस्तावेजों के साथ समय से पहले एयरपोर्ट पहुंचने की सलाह दी गई है.