samacharsecretary.com

यूपी में खेलों का नया दौर शुरू, सीएम योगी के आदेश पर सभी जिलों में अमल

 गोरखपुर  उत्तर प्रदेश में कभी सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित रहने वाली खेल सुविधाएं अब गांवों और ब्लॉकों तक पहुंचाने की योजना पर सरकार ने तेजी से काम शुरू कर दिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कर दिया है कि खेलों को लेकर उनकी सरकार किसी भी स्तर पर समझौता करने को तैयार नहीं है. उन्होंने घोषणा की प्रदेश के सभी 75 जिलों में एक साथ स्टेडियम और हर ब्लॉक में मिनी स्टेडियम का निर्माण तेजी से शुरू किया जा चुका है. यह घोषणा मुख्यमंत्री ने वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में 69वीं राष्ट्रीय स्कूली खेल प्रतियोगिता 2025 (ग्रीको-रोमन) कुश्ती के प्रतिभागियों और विजेताओं को सम्मानित करते हुए की. कार्यक्रम में अंडर-17 और अंडर-19 श्रेणी के पदक विजेताओं को मंच पर सम्मानित किया गया, लेकिन असली चर्चा मुख्यमंत्री की उस दूरदर्शी खेल नीति की रही, जिसकी वजह से यूपी देश के खेल नक्शे पर एक तेज़ी से उभरता हुआ राज्य बनता दिख रहा है. हमारी तैयारी उससे दो कदम आगे होगी अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारत आज दुनिया में खेलों की शक्ति बनकर उभर रहा है. उन्होंने कहा, यह गर्व की बात है कि भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की प्रतिष्ठा लगातार बढ़ा रहे हैं. खेल व्यक्ति का सर्वांगीण विकास करते हैं और इसी सोच के साथ हम उत्तर प्रदेश में खेलों का मजबूत ढांचा तैयार कर रहे हैं. 75 जिलों में एक-एक स्टेडियम, हर ब्लॉक में मिनी स्टेडियम मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में सबसे बड़ा ऐलान करते हुए कहा राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि उत्तर प्रदेश के हर जिले में एक अत्याधुनिक स्टेडियम बनेगा और हर ब्लॉक में एक मिनी स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा. यह निर्णय सिर्फ घोषणा नहीं है, बल्कि कई जिलों में काम तेजी से शुरू भी हो चुका है. 18 जिलों के सरकारी कॉलेजों में मिनी स्टेडियम के निर्माण के लिए लगभग 5-5 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी जा चुकी है. गोरखपुर और महाराजगंज के सरकारी कॉलेजों में भी खेल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि योगी सरकार की मंशा साफ है अब खेल अब शहरों की सीमा में नहीं रहेंगे, खेल की संस्कृति गांव-गांव पहुंचेगी. शिक्षण संस्थानों को पहली बार मिला इतना बड़ा खेल बजट मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को खेलों से जोड़ने के लिए आवश्यक है कि खेलों को शिक्षा जितना महत्व दिया जाए. इसी उद्देश्य से सरकार ने एक नई पहल शुरू की है कि प्रत्येक कॉलेज को 25,000 रुपये, बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के स्कूलों को 5,000 रुपये, जूनियर हाई स्कूलों को 10,000 रुपये खेल सामग्री खरीदने, कोचिंग गतिविधियां बढ़ाने और स्थानीय खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए दी जा रही है. यह पहली बार है जब राज्य में इतने व्यापक स्तर पर संस्थागत खेल बजट दिया जा रहा है. मेरठ में बनेगी अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी मुख्यमंत्री ने मेरठ में निर्माणाधीन स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का ज़िक्र करते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय उत्तर भारत में खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा केंद्र बनेगा. उन्होंने बताया कि इसका नाम हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के नाम पर रखा जा रहा है. यह विश्वविद्यालय खेल प्रशिक्षण, खेल विज्ञान, फिटनेस और कोचिंग के क्षेत्र में नई दिशा देगा. 2030 राष्ट्रमंडल खेलों पर फोकस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों का लक्ष्य लेकर तैयारी करने की प्रेरणा दी. उन्होंने कहा, कि अंडर-17 और अंडर-19 के यह युवा खिलाड़ी 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की रीढ़ बन सकते हैं. अहमदाबाद में होने वाले इस आयोजन में आपको तिरंगा लहराना है. यह लक्ष्य अभी से तय कर लें. मुख्यमंत्री ने उपविजेताओं और पदक से चूकने वाले खिलाड़ियों को भी संबोधित करते हुए कहा कि हार किसी भी खिलाड़ी की यात्रा का अंत नहीं है. उन्होंने कहा कि पहली प्रतिस्पर्धा हमेशा खुद से होती है. अपनी कमजोरियों को पहचानें, उनसे सीखें और आगे बढ़ते रहें. मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर और विकसित भारत’ के विज़न का जिक्र करते हुए कहा कि इसका मूल तत्व युवा शक्ति है. उन्होंने कहा कि स्वस्थ युवा ही सशक्त भारत की नींव बनेंगे. इसकी शुरुआत खेलों से होती है. इसलिए संस्थानों में खेलों को शिक्षा के बराबर स्थान दिया जाना चाहिए. देश की शीर्ष 3 राज्यों में शामिल होने का लक्ष्य अधिकारियों का मानना है कि जिस फोकस के साथ यूपी में खेलों की बुनियाद मजबूत की जा रही है, आने वाले वर्षों में राज्य खेलों के क्षेत्र में पंजाब, हरियाणा और महाराष्ट्र जैसे पारंपरिक मजबूत राज्यों को कड़ी टक्कर दे सकता है. सरकारी स्तर पर जो संरचना तैयार हो रही है, वह यही संकेत देती है कि यूपी अब सिर्फ आबादी का सबसे बड़ा राज्य नहीं रहेगा, बल्कि खेलों में भी अपनी पहचान मजबूत करेगा.

दूल्हे के साले ने कार से बारातियों को रौंदा; डीजे को लेकर हुए विवाद ने ली 3 जानें

 कासगंज यूपी के कासगंज में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई आई है, जहां एक शादी समारोह खुशियों की जगह मातम में बदल गया. डीजे बजाने को लेकर हुई मामूली कहासुनी इतनी बढ़ गई कि दूल्हे के साले ने कार से पांच लोगों को रौंद दिया जिसमें तीन लोगों की जान चली गई. जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. यह पूरी घटना बीती रात गंजडुंडवारा कोतवाली क्षेत्र के जेडएस पैलेस गेस्ट हाउस की है.  दरअसल, कासगंज में सपा नेता के बेटे की शादी समारोह चल रहा था. इसी दौरान डीजे बजाने को लेकर दूल्हा पक्ष और दुल्हन पक्ष के बीच कहासुनी हो गई. पहले तो दोनों पक्षों में मामूली बहस हुई, लेकिन देखते ही देखते मामला खूनी संघर्ष में बदल गया.  आरोप है कि दुल्हन के चचेरे भाई के साथ दूल्हे पक्ष के लोगों ने मारपीट कर दी, जिससे वह युवक गुस्से से आग-बबूला हो उठा. इसी गुस्से में युवक ने अपनी कार उठाई और दूल्हे पक्ष के ताऊ, चाचा और मौसा को तेज रफ्तार कार से रौंद डाला. इस दर्दनाक हादसे में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.  घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. शादी का माहौल चीख-पुकार और मातम में बदल गया. एक साथ तीन लोगों की मौत से पूरे परिवार में कोहराम मच गया. सूचना मिलते ही गंजडुंडवारा पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया.  पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. आरोपी युवक की तलाश की जा रही है. मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि कोई और अप्रिय घटना न हो. इस घटना ने परिवार को ही नहीं पूरे इलाके को झकझोर रख दिया है.  मृतक के एक रिश्तेदार बलवीर ने कहा- हमारे घर की शादी में खुशियां थीं, लेकिन एक झगड़े ने सब कुछ उजाड़ दिया. हमारे तीन लोग एक साथ चले गए. अब क्या करें समझ नहीं आ रहा. वहीं, संदीप वर्मा (क्षेत्राधिकारी पटियाली) ने बताया कि डीजे को लेकर विवाद के बाद कार से कुचलने की सूचना मिली है. तीन लोगों की मौत हुई है, दो घायल हैं. आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं.

शहपुरा में कार्रवाई: अवैध रूप से रखी गई 384 बोरी धान ज़ब्त

शहपुरा में अवैध रूप से भण्डारित 384 बोरी धान जब्त. शहपुरा में कार्रवाई: अवैध रूप से रखी गई 384 बोरी धान ज़ब्त अवैध भंडारण का खुलासा: शहपुरा में 384 बोरी धान जब्त की गई जबलपुर   धान उपार्जन में फर्जीवाड़ा रोकने की जा रही कार्यवाही के तहत आज गुरुवार को शहपुरा मंडी प्रांगण के पीछे स्थित सचिन जैन एवं जानी गुमास्ता की दुकान से अवैध रूप से भंडारित 384 बोरी धान जब्त की गई है। जब्त की गई धान को खरीदी केंद्र ले जाने मिनी ट्रक में लोड किया जा रहा था। धान के अवैध भंडारण को कृषि विभाग की टीम द्वारा पकड़ा गया। कृषि अधिकारियों द्वारा तुरंत इसकी सूचना एसडीएम शहपुरा को दी गई। एसडीएम शहपुरा मदनसिंह रघुवंशी ने कृषि उपज मंडी सचिव के साथ मौके पर पहुंचकर धान की जब्ती की कार्यवाही की।  एसडीएम शहपुरा ने बताया कि धान के अवैध भंडारण में लिप्त दोनों व्यापारियों को बिना लाइसेंस के अनाज की खरीदी करते और विक्रय करते भी पाया गया है। उन्होंने बताया कि कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देशानुसार शहपुरा तहसील में किसानों के नाम पर समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन व्यवस्था का अनुचित लाभ उठाने की कोशिश करने वाले व्यापारियों या बिचौलियों पर पैनी नजर रखी जा रही है और कार्यवाही के लिये अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। एसडीएम शहपुरा के अनुसार उपार्जन व्यवस्था का अनुचित लाभ उठाने के लिये धान का अवैध संग्रह करने वाले व्यापारियों और बिचौलियों के विरुद्ध कार्यवाही लगातार जारी और खरीदी केंद्रों पर गलत नाम उपज का विक्रय करने पर आपराधिक प्रकरण भी दर्ज कराए जाएंगे।

सीजन शुरू होने से पहले झटका! 5 विदेशी खिलाड़ियों ने BCCI को बताया—पूरा टूर्नामेंट नहीं खेल पाएंगे

नई दिल्ली  आईपीएल नीलामी के लिए रजिस्टर करने वाले 1,355 खिलाड़ियों में से पांच ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को आईपीएल 2026 के लिए लिमिटेड उपलब्धता के बारे में बताया है। ऑस्ट्रेलिया के एश्टन एगर (65 परसेंट) और विलियम सदरलैंड (80 परसेंट), न्यूज़ीलैंड के एडम मिल्ने (95 परसेंट), और दक्षिण अफ्रीका के राइली रोसो (20 परसेंट) ने इस सीजन में उनके खेलने की संभावना के बारे में बताया है। ऑस्ट्रेलिया के जोश इंगलिस पांचवें ऐसे खिलाड़ी हैं, जिनके पास कम समय है। 30 साल के विकेटकीपर-बल्लेबाज गाबा में चल रहे एशेज टेस्ट का हिस्सा हैं। उन्होंने बीसीसीआई को बताया है कि वह आईपीएल 2026 के सिर्फ 25 परसेंट मैचों में ही खेलेंगे। असल में, उन्होंने बोर्ड के जरिए फ्रेंचाइजी को बता दिया है कि वह चार से ज्यादा मैचों में हिस्सा नहीं ले सकते। इंगलिस ने अपना बेस प्राइस 2 करोड़ रुपये रखा है।   इंगलिस (30) का पिछला आईपीएल पंजाब किंग्स के लिए ठीक-ठाक रहा था, उन्होंने 11 मैचों में 278 रन बनाए थे। वह टीम के आखिरी लीग मैच में खास तौर पर प्रभावशाली थे, उन्होंने मुंबई इंडियंस के खिलाफ 42 गेंदों पर शानदार 73 रन बनाकर अपनी टीम को टॉप-2 में जगह दिलाई। इसके बाद हुए क्वालिफायर 2 में, उन्होंने जसप्रीत बुमराह का सामना किया, जिन्हें खेलना मुश्किल था, और उनके एक ओवर में 20 रन ठोककर पंजाब किंग्स की फाइनल में जगह पक्की कर दी। पता चला है कि पंजाब किंग्स ने इंगलिस को रिलीज करने के बारे में बाद में सोचा था, क्योंकि रिकी पोंटिंग कोच थे और उन्होंने उन्हें रिटेन करने के बारे में सोचा था। आखिरकार, उन्होंने रिटेंशन की डेडलाइन (15 नवंबर) के आखिरी दिन उन्हें जाने देने का फैसला किया, जब खिलाड़ी ने फ्रेंचाइजी को बताया कि आईपीएल का शेड्यूल उनकी शादी की योजनाओं से टकरा सकता है। अगर कोई टीम उन्हें ऑक्शन में चुनती है, तो वह सिर्फ कुछ हफ़्तों के लिए ही उपलब्ध हो पाएंगे। इंगलिस की तरह, एगर का भी बेस प्राइस 2 करोड़ रुपये है, लेकिन वह कभी आईपीएल में नहीं खेले – ठीक सदरलैंड की तरह, जिनका रिज़र्व प्राइस 1 करोड़ रुपये है। न्यूज़ीलैंड के मिल्ने (33) पहले भी आईपीएल में खेल चुके हैं, लेकिन पिछले तीन सीजन में नहीं, जिस दौरान वह अनसोल्ड रहे। उनका बेस प्राइस भी 2 करोड़ रुपये है। साउथ अफ्रीका के रोसो (36) 2014 में आईपीएल में डेब्यू करने के बाद से सिर्फ कभी-कभी ही खेले हैं, उन्होंने चार सीजन में कुल 22 गेम खेले हैं। उनके सिर्फ़ तीन से चार मैचों के लिए मौजूद रहने की संभावना के साथ, ऑक्शन में उनके चुने जाने की संभावना लगभग शून्य है। ऑक्शन 16 दिसंबर को अबू धाबी में है।  

ग्वालियर–मुरैना के लोग पासपोर्ट के लिए सबसे ज्यादा सक्रिय, भिंड पिछड़ा

भिंड भिंड शहर के हनुमान बजरिया स्थित बड़े डाकघर परिसर में 19 अप्रैल 2025 को शुरू किए गए पासपोर्ट सेवा कार्यालय ने सात महीनों में अपनी पहचान मजबूत कर ली है। हालांकि पासपोर्ट बनवाने में भिंड जिले के लोगों की संख्या उम्मीद से कम है, लेकिन ग्वालियर और मुरैना जिले के लोगों का रुझान अप्रत्याशित रूप से अधिक देखा जा रहा है। सात महीने में 10 हजार पासपोर्ट जारी कार्यालय के आंकड़े बताते हैं कि सात महीनों में करीब 15 हजार आवेदन आए, जिनमें से 10 हजार पासपोर्ट जारी किए जा चुके हैं। रोजाना औसतन 30 से 40 लोग कार्यालय पहुंचकर पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन कर रहे हैं।   ग्वालियर और मुरैना के लोग क्यों आ रहे अधिक? पासपोर्ट कार्यालय के इंचार्ज अभिषेक छत्रसाल के अनुसार ग्वालियर में पासपोर्ट सेवा केंद्र पहले से संचालित है, लेकिन भिंड कार्यालय के शुरू होने के बाद यहां दस्तावेजी जांच और अन्य प्रक्रिया आसान होने से ग्वालियर-मुरैना क्षेत्र के लोग भी यहां आने लगे हैं। उन्होंने बताया कि कई आवेदक ग्वालियर केंद्र पर लंबी वेटिंग से बचने के लिए भिंड कार्यालय को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके अलावा, मुरैना के लोगों के लिए भिंड की दूरी अपेक्षाकृत कम होने से वे यहां बड़ी संख्या में आ रहे हैं। भिंड जिले में उत्साह कम, फिर भी बदल रहा ट्रेंड शुरू में उम्मीद थी कि भिंड के हजारों युवा पासपोर्ट बनवाने के लिए भारी संख्या में पहुंचेंगे। लेकिन शुरुआती महीनों में आवेदन संख्या अपेक्षाकृत कम रही। इसका मुख्य कारण ग्रामीण क्षेत्रों में पासपोर्ट प्रक्रिया को लेकर जागरूकता की कमी बताई जा रही है। हालांकि पिछले दो महीनों में भिंड जिले के लोगों में भी पासपोर्ट बनवाने को लेकर रुझान बढ़ा है। स्थानीय युवाओं ने बताया कि विदेश में रोजगार और स्कॉलरशिप अवसरों की जानकारी मिलने से अब अधिक लोग पासपोर्ट बनवाने के लिए जागरूक हो रहे हैं। आवेदन प्रक्रिया में सुधार से बढ़ रही संख्या पासपोर्ट कार्यालय के इंचार्ज ने छत्रसाल के मुताबिक कार्यालय में स्टाफ की संख्या और काउंटर बढ़ाए जाने से आवेदन प्रक्रिया तेज हुई है। अब आवेदकों को वेरिफिकेशन में अधिक समय नहीं लग रहा। पुलिस वेरिफिकेशन को भी डिजिटल मोड से तेज किया गया है। इसी वजह से आवेदन स्वीकृति और पासपोर्ट डिलीवरी दोनों की गति बढ़ी है। पासपोर्ट बनवाने के मुख्य कारण ग्वालियर-मुरैना से आ रहे अधिकांश आवेदन विदेश रोजगार, स्टडी वीजा और परिवार पुनर्मिलन (एफआर) श्रेणी के हैं। वहीं भिंड जिले से आने वाले आवेदकों में ज्यादातर टूरिस्ट वीजा, स्टूडेंट, और जाब श्रेणी के लोग शामिल हैं। 

रेपो रेट पर RBI के संभावित फैसले से बाजार में हलचल, निवेशकों की घबराहट से गिरावट तेज़

मुंबई  भारतीय रिजर्व बैंक आज रेपो रेट पर फैसले का ऐलान करेगे. इससे पहले ही शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव दिखाई दे रहा है. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्‍स 150 अंक टूट गया, जबकि निफ्ट में 40 अंकों की गिरावट आई थी. लेकनि अभी तेजी के साथ निफ्टी 26000 के ऊपर कारोबार कर रहा है, जबकि सेंसेक्‍स 85283 पर बना हुआ है.  बीएसई सेंसेक्‍स के 14 शेयर गिरावट पर कारोबार कर रहे हैं, जबकि 16 शेयरों में शानदार उछाल आई है. बैंकिंग, डिफेंस और आईटी शेयर  इस तेजी को लीड कर रहे हैं. सबसे ज्‍यादा उछाल जोमैटो, बीईएल और बजाज फाइनेस जैसे शेयरों में देखी जा रही है. रिलायंस, ट्रेंट, भारती एयरटेल और टाटा मोटर्स के श्‍ेयरों में करीब 1 फीसदी की गिरावट है.  ये शेयर सबसे ज्‍यादा टूटे  हिंदुस्‍तान कंस्‍ट्रक्‍शन कंपनी के शेयरों में आज करीब 8 फीसदी की गिरावट आई है, जो अभी 20 रुपये पर कारोबार कर रहा है. इसी तरह, Kaynes Technology India के शेयर 4 फीसदी से ज्‍यादा टूटे हैं. इंडिया सीमेंट और राउट मोबाइल के शेयर में 4 फीसदी की कमी आई है.  इन सेक्‍टर्स में उछाल  सेक्‍टर की बात करें तो मीडिया, मेटल, फार्मा, पीएययू बैंक, हेल्‍थकेयर, कंज्‍यूमर्स को छोड़कर आईटी, एफएमसीजी और ऑटो सेक्‍टर्स में उछाल आई है. इस सेक्‍टर्स के शेयर तेजी दिखा रहे हैं. वहीं डिफेंस शेयर भी अच्‍छी तेजी दिखा रहे है. बीएसई पर आज 3,342 शेयर एक्टिव हैं, जिसमें से 1326 शेयरों में उछाल दिख रही है और 1847 शेयरों में गिरावट आई है. वहीं 169 शेयर अनचेंज हैं. 42 शेयर 52 सप्‍ताह के हाई पर है और 140 शेयर 52 सप्‍ताह के न‍िचले स्‍तर पर हैं. 72 शेयरों में अपर सर्किट और 66 शेयरों में लोअर सर्किट लगा है. आरबीआई के फैसले का इंतजार  गौरतलब है कि भारतीय रिजर्व बैंक की 2 दिनों तक चली मोनिटरी पॉलिसी की बैठक में लिए गए फैसले का आज ऐलान होगा. आरबीआई गवर्नर संजय मल्‍होत्रा आरबीआई के फैसले का ऐलान करेंगे, जिसमें रेपो रेट में कटौती का अनुमान लगाया जा रहा है. उम्‍मीद की जा रही है कि रेपो रेट में आरबीआई 25 बेसिस पॉइंट की कटौती कर सकता है. हालांकि अभी इस उम्‍मीद पर शेयर बाजार रिएक्‍ट नहीं कर रहा है. 

पुतिन का संदेश: भारत संग गर्मजोशी और अमेरिका को पावर शिफ्ट का संकेत — जानें 10 मुख्य पॉइंट

पुतिन–मोदी मुलाकात: वेपन, मिसाइल और S-500 पर क्या बड़ी घोषणाएँ हो सकती हैं? पुतिन का संदेश: भारत संग गर्मजोशी और अमेरिका को पावर शिफ्ट का संकेत — जानें 10 मुख्य पॉइंट पुतिन–मोदी मीटिंग: न्यूक्लियर रिएक्टर से आर्थिक साझेदारी तक कई अहम मुद्दों पर बात होगी  नई दिल्ली    आज भारत और रूस के बीच 23वें वार्षिक शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात हो रही है. यह मुलाकात सिर्फ दोस्ती की नहीं, बल्कि रक्षा क्षेत्र में बड़े सौदों की उम्मीद जगाने वाली है. हथियार, मिसाइलें, फाइटर जेट्स और खासतौर पर रूसी Su-57 फाइटर जेट तथा S-500 एयर डिफेंस सिस्टम पर डिफेंस कंपनियों और विशेषज्ञों की नजरें टिकी हुई हैं.  अमेरिका के दबाव के बावजूद भारत रूस के साथ अपनी पुरानी साझेदारी को मजबूत करने को तैयार है. आइए, जानते हैं कि इस सम्मेलन से क्या-क्या उम्मीदें हैं. सम्मेलन का बैकग्राउंड: पुरानी दोस्ती, नई चुनौतियां रूसी राष्ट्रपति पुतिन 4 दिसंबर को दिल्ली पहुंचे, जहां पीएम मोदी ने खुद एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया. यह चार साल बाद पुतिन का भारत दौरा है. सम्मेलन का मुख्य फोकस रक्षा, ऊर्जा और व्यापार पर है. रूस भारत का सबसे बड़ा हथियार सप्लायर है. स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट के मुताबिक, 2024 में भारत के 36 फीसदी हथियार रूस से आए थे. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान रूसी S-400 सिस्टम ने पाकिस्तानी ड्रोन्स को 95 फीसदी नष्ट कर दिया था, जिससे भारत को इसकी ताकत का पता चला. अब भारत और पांच और S-400 यूनिट्स खरीदने की योजना बना रहा है, साथ ही उन्नत S-500 पर बातचीत हो सकती है. रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने कहा कि रूस के साथ हमारी रक्षा साझेदारी लंबे समय से चली आ रही है. इस सम्मेलन से सहयोग गहरा होगा. क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने भी पुष्टि की कि S-400 और Su-57 पर चर्चा होगी.  मुख्य ऐलान जिन पर नजरें टिकीं डिफेंस सेक्टर की कंपनियां जैसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), भारत डायनामिक्स लिमिटेड (BDL) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) इन ऐलानों से फायदा उठाने को बेताब हैं. यहां हैं प्रमुख मुद्दे… Su-57 फाइटर जेट्स: भारत की पांचवीं पीढ़ी की ताकत रूस का Su-57 (नाटो नाम: फेलॉन) एक स्टील्थ फाइटर जेट है, जो अमेरिकी F-35 का मुकाबला कर सकता है. इसमें सुपरक्रूज, एडवांस्ड रडार और लंबी दूरी की मिसाइलें लगी हैं. भारत को कम से कम दो स्क्वाड्रन (लगभग 84 जेट्स) चाहिए, ताकि वायुसेना की कमी पूरी हो सके. कीमत: प्रति जेट करीब 30 करोड़ डॉलर. रूस 100 फीसदी टेक्नोलॉजी ट्रांसफर देने को तैयार है, ताकि भारत में ही इन्हें बनाया जा सके. HAL नासिक में प्रोडक्शन हो सकता है. विशेषज्ञ कहते हैं- यह भारत के स्वदेशी AMCA प्रोजेक्ट का स्टॉप-गैप होगा. क्रेमलिन ने कहा कि यह दुनिया का सबसे अच्छा फाइटर है. हम भारत के साथ जॉइंट प्रोडक्शन चाहते हैं. अगर डील हो गई, तो यह 74 अरब डॉलर का सौदा हो सकता है. S-500 मिसाइल डिफेंस सिस्टम: हाइपरसोनिक हमलों का जवाब S-500 'प्रोमिथियस' S-400 से भी आगे है. यह हाइपरसोनिक मिसाइलें, बैलिस्टिक मिसाइलें, क्रूज मिसाइलें और लोअर ऑर्बिट के सैटेलाइट्स को नष्ट कर सकता है. रेंज: 600 किलोमीटर. भारत को 5.4 अरब डॉलर का सौदा चाहिए, जिसमें 60 फीसदी टेक्नोलॉजी ट्रांसफर हो. रूस की अल्माज-एंटे कंपनी के साथ जॉइंट प्रोडक्शन की बात चल रही है. अगर यह ऐलान हुआ, तो भारत की एयर डिफेंस सबसे मजबूत हो जाएगी. बीईएल जैसी कंपनियां इससे फायदा उठाएंगी. अन्य हथियार और अपग्रेड: ब्रह्मोस से लेकर टैंक्स तक       S-400 अपग्रेड: बाकी डिलीवरी पर बात, साथ ही 280 अतिरिक्त मिसाइलें (3 अरब डॉलर का डील).       ब्रह्मोस मिसाइल: रेंज बढ़ाकर 800 किलोमीटर, नई जनरेशन ब्रह्मोस-एनजी. दो और रेजिमेंट्स.       Su-30MKI अपग्रेड: 100 जेट्स का बड़ा ओवरहॉल, 7.4 अरब डॉलर. HAL के साथ रूस पार्टनरशिप.       R-37 मिसाइलें: 200 किलोमीटर रेंज वाली एयर-टू-एयर मिसाइलें.       अन्य: स्प्रूट लाइट टैंक्स, पंतसिर सिस्टम, तलवार क्लास फ्रिगेट्स (ब्रह्मोस से लैस) और अकुला क्लास सबमरीन की डिलीवरी (2028 तक).  ये सौदे मेक इन इंडिया को बढ़ावा देंगे, क्योंकि ज्यादातर में लोकल प्रोडक्शन होगा.  डिफेंस सेक्टर पर असर: शेयर बाजार में उछाल की उम्मीद ये ऐलान डिफेंस स्टॉक्स को बूस्ट देंगे. HAL, BDL, मझगांव डॉक और एलएंडटी जैसी कंपनियों के शेयर पहले से ही 5-10 फीसदी ऊपर हैं. विशेषज्ञों का कहना है, अगर Su-57 और S-500 पर डील हुई, तो सेक्टर में 20-30 फीसदी ग्रोथ हो सकती है. भारत की वायुसेना को 42 स्क्वाड्रन चाहिए, लेकिन अभी सिर्फ 30 हैं. ये डील्स कमी पूरी करेंगी. अमेरिका का दबाव, भारत की आजादी अमेरिका ने CAATSA सैंक्शंस की चेतावनी दी है, लेकिन भारत ने कहा है कि वह अपनी जरूरतें खुद तय करेगा. पुतिन ने कहा कि मोदी ने अमेरिकी दबाव नहीं माना. यह डील चीन और पाकिस्तान को भी संदेश देगी. ऊर्जा क्षेत्र में भी बात होगी: रूस भारत को सस्ता तेल देगा. रुपे-मीर पेमेंट सिस्टम को लिंक किया जाएगा.  मजबूत साझेदारी का नया अध्याय पुतिन-मोदी मुलाकात भारत की रक्षा क्षमता को नई ऊंचाई देगी. यह सिर्फ हथियारों का सौदा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत का रोडमैप है. विशेषज्ञ कहते हैं कि ये ऐलान दक्षिण एशिया की सैन्य संतुलन बदल देंगे. पुतिन का संदेश: भारत संग गर्मजोशी और अमेरिका को पावर शिफ्ट का संकेत — जानें 10 मुख्य पॉइंट रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिल्ली में हैं. भारत के दौरे में पुतिन कई अहम समझौतों पर पीएम मोदी के साथ बात करेंगे. जिसमें दुनिया के बदलते पावर बैलेंस, यूरोप और अमेरिका के साथ तनाव और भारत के साथ मजबूत संबंधों के फ्यूचर ब्लूप्रिंट सबपर पुतिन ने खुलकर बात की. रूस की राजधानी मॉस्को के क्रेमलिन में  इंटरव्यू में व्लादिमीर पुतिन ने हर एक सवाल का बेबाकी से जवाब दिया. दुनिया के लिए सख्त संदेश और भारतीयों को दोस्ती का पैगाम देते पुतिन ने इस इंटरव्यू में ये 10 मैसेज दिए. बदलते वैश्विक समीकरण और भारत का महत्व 1. दुनिया बहुत तेजी से बदल रही है और वक्त के साथ उसके बदलने की रफ्तार तेज होती जा रही है. ये बात सब जानते हैं. नये समीकरण और नये पावर सेंटर बन रहे हैं. इन समीकरणों पर प्रभाव डालने वाली शक्तियां भी समय के साथ बदल रही हैं. ऐसे हालात में … Read more

छत्तीसगढ़ में सरकारी कर्मचारियों की हाजिरी अब आधार से जुड़ेगी, 1 जनवरी 2026 से लागू होगा नया नियम

रायपुर मंत्रालय में आधार-आधारित बायोमेट्रिक अटेंडेंस लागू करने के बाद अब छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के सभी सरकारी दफ्तरों में इसे लागू करने जा रही है। इसी संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने सभी विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और कलेक्टरों को आदेश जारी किया है, जिसमें आधार इनेबल्ड बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम (AEBAS) को 1 जनवरी 2026 से अनिवार्य रूप से लागू करने का निर्णय लिया गया है। जारी आदेश के अनुसार सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि 31 दिसंबर 2025 तक सभी शासकीय सेवकों की AEBAS में ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। इसके बाद 1 जनवरी 2026 से उपस्थिति केवल AEBAS के माध्यम से ही दर्ज की जाएगी। साथ ही कार्यालय में उपस्थिति की नियमित निगरानी करने और कर्मचारियों को समय पर कार्यालय आने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

अब मेडिकल स्टोर होंगे हाई-टेक: QR कोड स्कैन करते ही कर सकेंगे शिकायत दर्ज

नई दिल्ली जल्द ही भारत के सभी रिटेल और होलसेल फॉर्मेसी की दुकान पर लोगों को एक खास क्यूआर कोड और टोल फ्री नंबर लगा दिखेगा। ये दवाई ऑर्डर करने या फिर पेमेंट करने के लिए नहीं बल्कि दवाईयों से होने वाले नुकसान की रिपोर्ट करने के लिए है। स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने वालों के लिए सरकार एक नई सुविधा लाई है। अब वे अपने फोन से किसी भी दवाई से होने वाले नुकसान की शिकायत कर पाएंगे। देश भर के केमिस्टों पर जल्द लोगों को एक खास QR कोड लगा दिखेगा। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के दवा लाइसेंसिंग अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे सभी रिटेल और होलसेल फार्मेसी में एक खास क्विक रिस्पांस (QR) कोड और टोल-फ्री नंबर लगावाएं। इस QR कोड और टोल-फ्री नंबर के जरिए लोग अपने स्मार्टफोन से ही दवाईयों से होने वाले साइड इफेक्ट्स की रिपोर्ट कर सकते हैं। CDSCO ने कहा कि इस कदम से आम लोगों और हेल्थ प्रोफेशनल को भारत के स्वदेशी PvPI एडवर्स ड्रग रिएक्शन मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए, दवाओं के प्रभाव और एडवर्स ड्रग रिएक्शन की आसानी से रिपोर्ट करने में मदद मिलेगी। आइये, पूरी खबर जानते हैं। 16वीं वर्किंग ग्रुप मीटिंग के दौरान लिया गया था फैसला आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जून, 2025 में फार्माकोविजिलेंस प्रोग्राम ऑफ इंडिया की 16वीं वर्किंग ग्रुप मीटिंग के दौरान यह फैसला लिया गया था। इसका मतलब है कि QR कोड को स्कैन करके, ग्राहक और हेल्थ प्रोफेशनल किसी भी एडवर्स ड्रग रिएक्शन जैसे रैशेज, चक्कर आना, सूजन, मतली या और गंभीर समस्याएं की सीधी रिपोर्ट ADRMS (एडवर्स ड्रग रिएक्शन मॉनिटरिंग सिस्टम) में कर सकते हैं। हर रिटेल और होलसेल फार्मेसी पर लगेगा QR Code CDSCO के सर्कुलर के मुताबिक, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सभी दवा लाइसेंसिंग अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि देश भर की हर रिटेल और होलसेल फार्मेसी में एक ऐसी जगह यह खास QR कोड लगा हो, जहां से वह सबको दिखे। ये टोल फ्री नंबर भी होगा उपलब्ध इसके अलावा, सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि इस QR कोड के साथ फार्मेसी स्टोर पर 1800-180-3024 टोल-फ्री नंबर भी साफ तौर पर दिखाया जाना चाहिए। सर्कुलर में आगे अनुरोध किया गया है कि अपने अधिकार क्षेत्र में इन निर्देशों को तुरंत लागू करने के लिए कार्रवाई शुरू करें। कृपया सभी लाइसेंस धारकों के बीच प्रचार सुनिश्चित करें और दवा सुरक्षा को बढ़ावा देने और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करें। क्या होगा फायदा? इस नए सिस्टम की मदद से कोई भी आसानी से दवा से होने वाले हानिकारक प्रभाव के बारे में रिपोर्ट कर पाएगा। पहले, कई लोग दवाई से होने वाले साइड इफेक्ट्स को अनदेखा कर देते थे या वे रिपोर्ट करने का तरीका नहीं जानते थे। अब, बस एक स्मार्टफोन से एक QR कोड स्कैन करके या टोल-फ्री नंबर पर कॉल करके, वे अपनी चिंताएं सीधे सिस्टम तक पहुंचा सकते हैं। यह जानकारी दवा कंपनियों और नियामकों को दवाओं की सुरक्षा पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर सुधारात्मक कार्रवाई करने में मदद करेगी। मरीजों और दवा बनाने वालों दोनों के लिए है सही यह पहल भारत में दवा सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम है। यह सुनिश्चित करेगा कि दवाओं के किसी भी संभावित खतरे को जल्दी पहचाना जा सके और उस पर कार्रवाई की जा सके। इससे न केवल मरीजों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि दवाओं के विकास और उपयोग में भी सुधार होगा। यह कदम भारत को दवा सुरक्षा के मामले में एक मजबूत देश बनाने की दिशा में एक अहम योगदान देगा।

कलेक्टर की अभिनव पहल :-मानसिक तनाव और अवसाद की स्थिति में विद्यार्थी, परीक्षार्थी और कामकाजी युवाओं की काउंसलिंग करेंगे मानसिक विशेषज्ञ.

कलेक्टर की अभिनव पहल :-मानसिक तनाव और अवसाद की स्थिति में विद्यार्थी, परीक्षार्थी और कामकाजी युवाओं की काउंसलिंग करेंगे मानसिक विशेषज्ञ. जबलपुर   परीक्षाओं या कामकाज को लेकर विद्यार्थियों, किशोरों और युवाओं में बढ़ते मानसिक तनाव और अवसाद को देखते हुये कलेक्टर राघवेंद्र सिंह की पहल पर जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा "मनसा" नाम से काउंसलिग का अनूठा कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों, परीक्षार्थियों, कामकाजी युवाओं एवं महिलायें मानसिक तनाव, चिंता, भावनात्मक असंतुलन और निर्णय लेने में कठिनाई जैसी स्थितियों में मनोचिकित्सकों या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से निः शुल्क परामर्श प्राप्त कर सकेंगे। कार्यक्रम के शुरुआती चरण में ऐसे योग्य काउंसलर्स का पैनल तैयार किया जाएगा जो समाज हित में स्वेच्छा से सेवाएं देने के तत्पर हैं। इसके लिये एक लिंक https://forms.gle/zPsaLdjzedenVxWy7 जेनरेट की गई है। इस लिंक पर इच्छुक मनोचिकित्सक या इस क्षेत्र में विशेषज्ञता रखने वाले अपना रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। उन्हें इस लिंक पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे नाम, पता और मोबाइल नम्बर दर्ज करने के साथ-साथ शैक्षणिक योग्यता से सबंधित सर्टिफिकेट एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज भी अपलोड करना होंगे। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने जबलपुर जिले के सभी योग्य मनोचिकित्सकों एवं मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से मंगलवार 9 दिसम्बर तक अपना रजिस्ट्रेशन कराकर इस महत्वपूर्ण सामाजिक पहल में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।