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एसआईआर :- 96.19 फीसदी मतदाताओं के गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन का कार्य पूर्ण.

एसआईआर :- 96.19 फीसदी मतदाताओं के गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन का कार्य पूर्ण.  सिहोरा विधानसभा में भी हुआ शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा. जबलपुर   मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) के अंतर्गत जिले में 96.19 प्रतिशत मतदाताओं के गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा किया जा चुका है। इनमें 12.07 फीसदी एएसडीआर श्रेणी के मतदाता तथा ऑनलाइन गणना प्रपत्र भरने वाले मतदाता भी शामिल हैं।  जिले की आठ विधानसभा क्षेत्र में से आज गुरूवार को विधानसभा क्षेत्र सिहोरा ने भी शत प्रतिशत मतदाताओं के गणना प्रत्रकों के डिजिटाइजेशन पूरा कर लिया है। विधानसभा क्षेत्र पाटन और बरगी में दो दिन पहले शत-प्रतिशत मतदाताओं के गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा किया जा चुका है।  जिला निर्वाचन कार्यालय से प्राप्‍त गुरूवार की शाम 8 बजे तक की रिपोर्ट के अनुसार विधानसभा क्षेत्र पनागर में 99.60, विधानसभा क्षेत्र जबलपुर उत्‍तर में 94.11, विधानसभा क्षेत्र जबलपुर पश्चिम में 92.68, विधानसभा क्षेत्र जबलपुर पूर्व में 91.87 तथा विधानसभा क्षेत्र जबलपुर केंट में 89.05 फीसदी मतदाताओं के गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन पूर्ण हो चुका है।  जिले में कुल मतदाताओं की संख्‍या 19 लाख 25 हजार 472 है। जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार इनमें से एएसडीआर श्रेणी के मतदाताओं को मिलाकर अभी तक 18 लाख 52 हजार 018 मतदाताओं के गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन किया जा चुका है। एएसडीआर की श्रेणी में अभी तक 2 लाख 32 हजार 391 मतदाताओं की संख्‍या दर्ज हुई है। इनमें मृत मतदाताओं की संख्‍या 49 हजार 969, अनुपस्थित मतदाताओं की संख्‍या 55 हजार 603, स्‍थायी रूप से स्‍थानांतरित मतदाताओं की संख्‍या 1 लाख 12 हजार 838 है तथा अन्‍य मतदाताओं की संख्‍या 1 हजार 322 है। मतदाताओं के गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन में 12 हजार 641 मतदाताओं द्वारा भरे गये ऑनलाइन गणना प्रपत्र भी शामिल है। कुल डिजिटाइजड गणना पत्रकों में नो मैपिंग वाले मतदाताओं की संख्‍या 1 लाख 36 हजार 807 है।

राशन पर संकट गहराया: 1.25 लाख हितग्राहियों का ई-केवाईसी अधूरा, खतरे में भोजन की गारंटी

जगदलपुर बस्तर में सरकारी राशन पाने वाले हजारों परिवारों के सामने अब बड़ा संकट खड़ा हो गया है। अगले महीने से ऐसे हितग्राही, जिन्होंने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराया है, उन्हें राशन नहीं मिलेगा। आंकड़े बताते हैं कि यह संख्या बेहद बड़ी है और इसका सीधा असर आम गरीब परिवारों पर पड़ने वाला है। बस्तर जिले में पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम के तहत लाखों लोगों को हर महीने सरकारी अनाज मिलता है, लेकिन अब वही सुविधा हजारों परिवारों के हाथ से छिनने की कगार पर है। जिले में कुल 8 लाख 23 हजार 610 हितग्राही राशन कार्ड में दर्ज हैं, लेकिन इनमें से सिर्फ 6 लाख 72 हजार लोगों ने ही अब तक ई-केवाईसी पूरा किया है। बाकी के लगभग 1 लाख 25 हजार लोग अब भी प्रक्रिया से बाहर हैं और चेतावनी साफ है अगर जल्द ई-केवाईसी नहीं हुआ तो अगले महीने से इन्हें एक दाना भी सरकारी अनाज नहीं मिलेगा। खाद्य विभाग के मुताबिक ई-केवाईसी अनिवार्य इसलिए किया जा रहा है ताकि फर्जी लाभार्थियों को हटाया जा सके और वास्तविक जरूरतमंदों तक सरकारी अनाज पहुंच सके। लेकिन सवाल ये भी है कि क्या अंदरूनी इलाकों में रहने वाली ग्रामीण आबादी को इस बदलाव की जानकारी समय पर मिल पाई है? विभाग का दावा है कि निर्धारित समयसीमा में शत-प्रतिशत ई-केवाईसी पूरा कर लिया जाएगा। लेकिन जमीनी हकीकत बताती है कि अब भी बड़ी संख्या में ग्रामीण तकनीकी प्रक्रिया और डॉक्यूमेंटेशन के चलते असमंजस में हैं। जिला खाद्य अधिकारी घनश्याम राठौर ने बताया कि विभाग से राशन कार्डधारियों का ई-केवाईसी करने के निर्देश मिले हैं। पांच साल से कम उम्र के सदस्यों को छोड़कर लगभग 1,25,000 सदस्यों का केवाईसी होना बचा है। इन्हें अगले 10 दिनों के भीतर पूरा करने के आदेश दिए गए हैं और सभी को इसके संबंध में सूचित भी कर दिया गया है। उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से वहां सूची प्रदर्शित है। तो सभी कार्डधारियों से भी अपील है कि जिनके परिवार में किसी सदस्य का केवाईसी बचा हो, वे अपने नजदीकी राशन दुकान में उपस्थित होकर अपने आधार कार्ड के साथ पहुंच जाएं और वहां पर अपना केवाईसी करवा लें। अभी जो बचा हुआ है, वह हमारे कार्ड में लगभग 8 लाख सदस्य हैं, तो उसमें से साढ़े 6 लाख के करीब 6,65,000 का केवाईसी हो चुका है और लगभग 1,25,000 का बचा हुआ है। अंतिम तिथि अभी विभाग ने हमें 10 तारीख तक बताई है।

पहाड़ों पर जमकर बर्फबारी, मैदानों में बढ़ेगी ठिठुरन; तापमान 5 डिग्री पहुंच सकता है

नई दिल्ली आने वाले दिनों में पारा 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। पहाड़ों पर बर्फबारी से राजधानी में ठंडी हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार  आज आसमान अधिकतर साफ रहेगा। अधिकतम और न्यूनतम तापमान 22 और 6 डिग्री सेल्सियस के आस-पास रहने की संभावना है। बुधवार को सुबह से ही मौसम में ठंडक थी। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, वैसे-वैसे दिन में सूरज की गर्मी का हल्का अहसास हुआ। अधिकतम तापमान 23.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.6 डिग्री कम रहा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया, जो मौसम के औसत से 3.1 डिग्री अधिक रहा। दिल्ली में अधिकतम आर्द्रता 100 प्रतिशत और न्यूनतम आर्द्रता 46 प्रतिशत रही। वहीं, लोधी रोड सबसे ठंडा इलाका रहा। यहां न्यूनतम पारा 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा, रिज में 7.2, पालम में 8.1 और आया नगर में 7.3 न्यूनतम पारा दर्ज  किया गया।

चंदखुरी में श्रीराम की विशाल मूर्ति स्थापना की तैयारी तेज, मगर भुगतान बाधा बना रोड़ा

 ग्वालियर  छत्तीसगढ़ के चंद्रखुरी स्थित कौशल्या माता मंदिर में एक बार फिर भगवान श्रीराम की ग्वालियर में तैयार की गई 51 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापना की कवायद तेज हो गई है। ऐसा इसलिए क्योंकि ठेकेदार द्वारा राष्ट्रपति सम्मानित मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा से संपर्क किया गया है। ठेकेदार ने 8 दिसंबर तक उनकी मेहनत की शेष राशि का भुगतान करने की बात दीपक विश्वकर्मा से कही है। हालांकि भुगतान के आश्वासन के बावजूद मूर्तिकार ने ठेकेदार के सामने जो शर्त रखी है उससे एक बार फिर इस मूर्ति की स्थापना में अड़चनें आ सकती है। मुरैना जिले के शनिधाम मन्दिर में स्थापित करना तय दरअसल छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्री राम वन पथ गमन तैयार कराया जा रहा है, जहां भगवान श्री राम के वनवासी स्वरूप की मूर्ति को स्थापित किया जाना है। छत्तीसगढ़ सरकार के निर्देश पर ठेकेदार द्वारा राष्ट्रपति सम्मानित ग्वालियर के प्रसिद्ध मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा को भगवान श्रीराम की 51 फीट ऊंची मूर्ति निर्माण करने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद ग्वालियर सेंड स्टोन आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर पर मूर्ति का निर्माण कार्य शुरू हुआ जो अब पूरा हो गया। 05 महीने से यह प्रतिमा ठेकेदार के भुगतान न करने से यही रखी रही। ऐसे में मूर्ति के रखरखाव और मूर्तिकार की टीम द्वारा भुगतान की मांग के दबाब के बाद इस प्रतिमा को मुरैना जिले के शनिधाम मन्दिर में स्थापित करना तय किया गया। बकाया 70 लाख 08 दिसम्बर तक भुगतान की बात जिसके कारण छत्तीसगढ़ सरकार के श्री राम वन पथ गमन प्रोजेक्ट में और ज्यादा देरी होने की सम्भवना की स्थिति बनी। इन हालात को देखते हुए मूर्तिकार दीपक विश्वकर्मा से छत्तीसगढ़ के ठेकेदार द्वारा 10 लाख का एडवांस के अलावा बकाया 70 लाख के एमाउंट 08 दिसम्बर तक करने की बात कही है। लेकिन उन्होंने ठेकेदार के सामने शर्त रखी है कि भले ही भुगतान पूरा हो जाये पर उन्हें चंद्रखुरी स्थित कौशल्या मन्दिर में मूर्ति स्थापना की जगह पूरी तरह साफ चाहिए। ठेकेदार को बताया गया है कि मौके पर स्थापित भगवान श्रीराम की मूर्ति को हटाकर ही वनवासी स्वरूप वाली इस मूर्ति को स्थापित किया जा सकेगा। ऐसे में यदि पुरानी मूर्ति नहीं हटाई गई तो यह नई मूर्ति स्थापित होने में देरी होगी। प्रतिमा को चंदखुरी में वर्तमान में स्थापित प्रस्तावित बता दें कि इस प्रतिमा को चंदखुरी में वर्तमान में स्थापित भगवान श्रीराम की प्रतिमा की जगह पर ही स्थापित किया जाना है।वर्तमान में वहां स्थापित भगवान श्रीराम की प्रतिमा का स्ट्रक्चर पूरी तरह से गलत है। उसके निर्माण कार्य में बहुत सारी खामियां सामने आ चुकी है। प्रतिमा के चेहरे से लेकर शरीर के आकार पर गौर किया जाए तो उसमें भगवान श्रीराम के स्वरूप की छवि ही नहीं आती है। शिवरीनारायण और सीता रसोई में स्थापित की जा चुकी छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पहले भी दो मूर्तियों के ऑर्डर ग्वालियर को दिए जा चुके हैं जो कि श्रीराम वन पथ गमन के लिए शिवरीनारायण और सीता रसोई में स्थापित की जा चुकी है। उन मूर्ति के स्वरूप को देखकर ही ग्वालियर को 51 फीट ऊंची प्रतिमा का आर्डर मिला था। प्रतिमा को ग्वालियर के सेंड स्टोन से तैयार किया गया है, जो अपने आप में देश के अंदर मजबूत पत्थर के रूप में ख्याति प्राप्त है। इसकी तराशी गई प्रतिमा बहुत मजबूत और सुंदर होती है।

विराट का संन्यास अटल, वापसी की उम्मीद बेकार: मोहम्मद कैफ

नई दिल्ली अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली की शानदार बल्लेबाजी को देखते हुए प्रशंसकों और कई पूर्व क्रिकेटरों ने उन्हें फिर से टेस्ट क्रिकेट में वापसी की सलाह दी है हालांकि विराट ने साफ कर दिया है कि अब वह एकदिवसीय प्रारुप ही खेलेंगे। वहीं पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने भी कहा है कि विराट को जितना वह जानते हैं उसके आधार पर कह सकते हैं कि वह अब संन्यास के फैसले को नहीं बदलेंगे। विराट ने इंग्लैंड दौरे से पहले अचानक ही टेस्ट प्रारुप को अलविदा कहकर सबको हैरान कर दिया था।  वहीं दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत की 0-2 टेस्ट सीरीज हार के बाद कहा जा रहा था कि क्रिकेट बोर्ड कोहली को टेस्ट क्रिकेट में वापसी के लिए मना सकता है पर कैफ का मानना है कि कोहली एक बार जो तय कर लेते हैं उससे पीछे नहीं हटते। इसलिए उनकी वापसी अब नहीं हो सकती है। कैफ ने कहा कि विराट ऐसे खिलाड़ियों में से एक है जो किसी फैसले पर पहुंचने से पहले काफी सोच विचार करते हैं और एक बार फैसला लेते हैं तो उसपर अडिग रहते हैं। ये सही है कि कई खिलाड़ियों ने संन्यास से वापसी की है पर कैफ का माना है कि कोहली ऐसा कदम कभी नहीं उठाएंगे।  कैफ ने कहा कि कोहली ने आईपीएल में आसीबी की कप्तानी छोड़ने के बाद उसे कभी दोबारा नहीं संभाला। जा उनसे दोबारा कप्तानी संभालने को कहा गया तो उन्होंने युवा खिलाड़ी रजत पाटीदार को कप्तानी के लिए आगे बढ़ा दिया। वहीं क्रिकेट बोर्ड ने भी कहा है कि उसने विराट को संन्यास से वापसी के लिए नहीं कहा है। वह अब एक ही प्रारुप में खेलना चाहते हैं और बोर्ड उनके फैसले का सम्मान करता है।   

गांव-गांव खिलेगा डेयरी बिज़नेस: हरियाणा सरकार शुरू करने जा रही बड़ी पहल

चंडीगढ़ हरियाणा सरकार राज्य में पशुपालन क्षेत्र को मजबूत करने और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने की दिशा में नया कदम उठाने जा रही है। इसके तहत प्रदेश के सभी गांवों में दुग्ध उत्पादक सहकारी सोसायटियों का गठन किया जाएगा। सरकार ने विशेष रूप से विधवा महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों और अंत्योदय परिवारों को इन सोसायटियों में प्राथमिकता देने की घोषणा की है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को आत्मनिर्भर बनाया जा सके। बुधवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सहकारिता विभाग की बजट घोषणाओं की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि नई सोसायटियों को प्रोत्साहन राशि समय पर उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग संयुक्त प्रयासों के साथ योजनाओं को लागू करें, ताकि पशुपालकों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके। सरकार वीटा बूथों पर दूध आधारित उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए भी नए विकल्प तलाश रही है। बैठक में बताया गया कि कई जिलों में मिल्क कलेक्शन और चिलिंग सेंटर स्थापित किए जा चुके हैं। इसके साथ ही हैफेड द्वारा सरसों और सूरजमुखी तेल मिल लगाने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। 

MP के बाद अब छत्तीसगढ़ में लगेगी राहुल गांधी की पाठशाला, जिलाध्यक्षों को मिलेगा प्रशिक्षण

रायपुर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मध्यप्रदेश के बाद अब छत्तीसगढ़ में पाठशाल लगाएंगे। दरअसल, AICC ने छत्तीसगढ़ में 41 जिला अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है, जिला अध्यक्षों को ट्रेनिंग देने के लिए पार्टी नेतृत्व सक्रिय हो गया है। ऐसे में मध्य प्रदेश के बाद छत्तीसगढ़ में भी राहुल गांधी सभी नव नियुक्त जिला अध्यक्षों को ट्रेनिंग देने के लिए आएंगे। छत्तीसगढ़ PCC चीफ दीपक बैज ने बताया कि 10 दिनों तक सभी नए जिला अध्यक्षों को ट्रेनिंग दी जाएगी।इस 10 दिवसीय कार्यक्रम में नए जिला अध्यक्षों को संगठन संचालन, संवाद कौशल, लीडरशिप, बूथ मैनेजमेंट, अनुशासन, राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय मुद्दों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया जाएगा। कांग्रेस ने जिला अध्यक्षों की ट्रेनिंग के लिए जगह चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है, और संभावनाएं हैं कि यह कार्यक्रम बस्तर में आयोजित किया जाएगा। पार्टी चाहती है कि नवनियुक्त जिला अध्यक्ष आगामी महीनों में केंद्र की मोदी सरकार और राज्य सरकार की नीतियों को मजबूती से चुनौती दे सकें और संगठनात्मक ढांचे को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाएं। सूत्रों के अनुसार ट्रेनिंग अलग- अलग सेशनों में होगी, जिसमें राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के नेता अपने अनुभव साझा करेंगे। 2028 विधानसभा चुनाव भले ही अभी दूर हो, लेकिन कांग्रेस ने अभी से ही तैयारियां तेज कर दी हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर होंगी कि राहुल गांधी छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान मिलने वाली ट्रेनिंग जिला अध्यक्षों को कितना सक्षम बनाती है और इसका असर आने वाले महीनों में संगठन पर कैसे दिखता है। बता दें कि इसके पहले मध्यप्रदेश के पचमढ़ी में कांग्रेस संगठन सृजन प्रशिक्षण शिविर में राहुल गांधी शामिल हुए थे. इस दौरान उन्होंने जिला अध्यक्षों से वन टू वन चर्चा की थी और कांग्रेस कांग्रेस को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए टिप्स भी दिए थे। इतना ही नहीं राहुल गांधी ने जिला अध्यक्षों के सुझाव भी सुने थे। पचमढ़ी दौरे पर आए राहुल गांधी ने सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के बाघ देखने के लिए नीम घाम में जंगल सफारी का आनंद भी लिया था। दिल्ली में हुई बैठक के बाद अंतिम निर्णय कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान को लेकर 23 अक्टूबर को दिल्ली में एक अहम बैठक आयोजित की गई। इसमें AICC महासचिव केसी. वेणुगोपाल, सचिन पायलट, भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव, चरणदास महंत और प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। पहले चरण में भूपेश बघेल और टीएस. सिंहदेव से वन-टू-वन चर्चा हुई थी। दूसरे चरण में प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत से बातचीत हुई थी। इन बैठकों के बाद राहुल गांधी की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष नियुक्ति पर अंतिम निर्णय लिया गया है।  

इलेक्ट्रिक व्हीकल बिक्री नवंबर में 61% बढ़ी, बावजूद इसके महीने-दर-महीने सेल्स में आई गिरावट

मुंबई   भारत का इलेक्ट्रिक पैसेंजर कार मार्केट नवंबर में साल-दर-साल 61 प्रतिशत बढ़ा है. बीते माह कार निर्माता कंपनियों ने कुल 14,739 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की है, जिससे यह साल 2025 का पांचवां सबसे अच्छा महीना बन गया. वहीं Tata Motors ने 42 प्रतिशत EV शेयर के साथ पहला स्थान हासिल किया है, जबकि JSW MG Motor और Mahindra टॉप तीन में अपनी जगह बनाए हुए हैं. नवंबर 2025 का महीना नई कार निर्माता कंपनियों के लिए भी एक खास महीना रहा. वियतनामी कार निर्माता VinFast भारत में मौजूद 16 EV कंपनियों में सातवें नंबर पर पहुंच गई, जबकि Tesla ने रिटेल एक्टिविटी का अपना तीसरा महीना पूरा किया. पुरानी कार निर्माताओं के पोर्टफोलियो बढ़ाने और नए ब्रांड्स के पॉपुलर होने के साथ, नवंबर के आंकड़ों से पता चलता है कि EV सेगमेंट मज़बूती से मज़बूत हो रहा है, भले ही अक्टूबर के पीक के बाद कुल PV सेल्स स्थिर हो गई हो. मास-मार्केट EV निर्माता Tata Motors की बिक्री: नवंबर में Tata Motors ने 42 प्रतिशत शेयर के साथ मास-मार्केट EV सेगमेंट में अपना दबदबा कायम रखा है. कंपनी के पोर्टफोलियो में Tata Punch EV और Nexon EV की ज़बरदस्त डिमांड सबसे आगे रही. वहीं Tiago EV ने भी लगातार वॉल्यूम बनाए रखा, जिससे कंपनी को दूसरे मेनस्ट्रीम प्लेयर्स पर अपनी बढ़त बनाने में मदद मिली. JSW MG Motor की बिक्री: नवंबर में MG Motor की EV सेल्स की बात करें तो यह स्टेबल रही. e-PV मार्केट में कंपनी ने 25 प्रतिशत शेयर पर कब्ज़ा किया, जिसे ज़्यादातर MG Windsor EV से सपोर्ट मिला. फरवरी (3,489 यूनिट्स) के बाद नवंबर 2025 का दूसरा सबसे कम बिक्री का महीना रहा, जबकि जुलाई में सालाना सबसे ज्यादा 5,350 यूनिट्स दर्ज किया गया. Mahindra Auto की बिक्री: Mahindra की बिक्री की बात करें तो कंपनी ने अपनी पकड़ बनाकर रखी है और Mahindra BE 6 और XEV 9e की डिमांड मज़बूत रही. कंपनी ने अपनी पहली मास-मार्केट तीन-रो वाली इलेक्ट्रिक SUV, Mahindra XEV 9S को भी लॉन्च किया है, जिससे इसकी लाइनअप बढ़ गई है. महिंद्रा ने पिछले महीने 2,940 इलेक्ट्रिक SUV बेचीं, जिससे उसे e-PV सेगमेंट में 20 प्रतिशत शेयर मिला. Kia India की बिक्री: Kia India की बात करें तो बीते माह कंपनी ने 463 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की है, और इस बिक्री के साथ कंपनी बाजार में चौथा स्थान हासिल किया है. इस सफलता का मुख्य श्रेय पॉपुलर Kia Carens Clavis EV MPV को जाता है. पिछले महीने कंपनी का कुल EV शेयर 3 प्रतिशत था. BYD India की बिक्री: दुनिया की सबसे बड़ी EV बनाने वाली कंपनी की लोकल ब्रांच BYD India पांचवें नंबर पर आ गई है. कंपनी जनवरी से अपने Sealion 7 मॉडल की कीमत बढ़ाने का प्लान बना रही है. हालांकि, जो कस्टमर 31 दिसंबर से पहले बुकिंग करेंगे, उन्हें अभी की कीमतें ही मिलेंगी. Hyundai Motor India की बिक्री: Hyundai Motor ने नवंबर में 372 EV बेचीं, जो साल-दर-साल 1,671 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी है और कंपनी को 2.52 प्रतिशत EV मार्केट शेयर मिला. इस बढ़ोतरी में ज़्यादातर Hyundai Creta Electric का हाथ रहा है, हालांकि इस साल की शुरुआत में शुरुआती बढ़त के बाद बिक्री कम हो गई है. कुल मिलाकर, मास-मार्केट EV सेगमेंट में महीने-दर-महीने अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली, जिसमें बेहतर अवेलेबिलिटी, बढ़ते चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और सस्ते व मिड-रेंज इलेक्ट्रिक मॉडल्स में बढ़ती दिलचस्पी ने मदद की.

सरकार का नया आदेश: पान मसाला के सभी आकार के पैकेटों पर MRP और जरूरी सूचनाएं देना अनिवार्य

 नई दिल्ली  पान मसाला उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। केंद्र सरकार ने एक नया आदेश जारी किया है, जिसके तहत सभी तरह के पान मसाला पैकेटों (चाहे उनका आकार और वजन कुछ भी हो) के ऊपर खुदरा बिक्री मूल्य (Retail Sale Price) और दूसरी जरूरी उपभोक्ता सूचनाएं प्रदर्शित करनी होंगी। यह नियम अगले साल 1 फरवरी से लागू करना अनिवार्य होगा। खुदरा मूल्य प्रदर्शित करना होगा इससे पहले, 10 ग्राम या उससे छोटे पान मसाला पैकेटों को कुछ अनिवार्य घोषणाएं नहीं करने से छूट मिली हुई थी। अक्सर इन छोटे पैकेटों पर कीमत नहीं लिखी होती थी, जिससे ग्राहकों को गुमराह किया जा सकता था। हालांकि, अब इस नए आदेश के बाद, इन छोटे पैक वाले पान मसाला पैकेटों के ऊपर भी खुदरा मूल्य प्रदर्शित करना होगा और उपभोक्ता संरक्षण (पैकेजिंग और लेबलिंग) नियम 2011 के तहत सभी आवश्यक घोषणाएं प्रदर्शित करनी होंगी। उत्पाद की बेहतर और स्पष्ट जानकारी उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि छोटे पैकेटों पर गुमराह करने वाली या धोखा देने वाली कीमतों को रोका जा सके। मंत्रालय को उम्मीद है कि इस पहल से ग्राहक को उत्पाद की बेहतर और स्पष्ट जानकारी मिलेगी, जिससे वे खरीदने का सही फैसला ले सकेंगे। यह आदेश सीधे तौर पर ग्राहकों के हितों की रक्षा करेगा।

ट्रैफिक नियम उल्लंघन पर जुर्माना: वाइपर न होने समेत छोटी गलतियों पर लगेगा 1500 रुपये तक का चालान

नई दिल्ली दिल्ली की ट्रैफ़िक पुलिस अब केवल तेज़ रफ़्तार से गाड़ी चलाने वालों पर ही कार्रवाई नहीं कर रही है, बल्कि "छोटी" लगने वाली गलतियों पर भी तगड़ा चालान काट रही है. आपकी कार में तेज़ आवाज़ में बजता स्टीरियो, कार के अंदर सिगरेट पीना, वाइपर के बिना गाड़ी चलाना, या गाड़ी को चलता-फिरता विज्ञापन बोर्ड बनाना. अगर इनमें से कोई भी गलती हुई तो आप मुश्किल में फंस जाएंगे. ये ऐसी गलतियां हैं जिन्हें लोग चाहते ना चाहते हुए कर देते हैं. इनमें से ज़्यादातर गलतियों पर ₹500 से ₹1,500 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.  इन गलतियों पर काटता था चालान  लोग आमतौर पर ट्रैफ़िक नियमों के उल्लंघन को ओवर-स्पीडिंग, रेड लाइट जंप करने, शराब पीकर गाड़ी चलाने या सीट बेल्ट न पहनने जैसे बड़े अपराधों से जोड़ते हैं, लेकिन दिल्ली ट्रैफ़िक पुलिस के डेटा से पता चलता है कि "मामूली" समझे जाने वाले उल्लंघनों के लिए भी नियमित रूप से चालान जारी किए जाते हैं. वाहन के अंदर धूम्रपान करना न केवल सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान करने और दूसरों को सेकंड-हैंड धुएं के संपर्क में लाने जैसा है, बल्कि यह आग लगने का कारण भी बन सकता है. पहले अपराध के लिए ₹500 और बार-बार उल्लंघन के लिए ₹1,500 का जुर्माना लगता है. इन गलतियों पर भी जुर्माना है तय गाड़ी में ज़ोर से संगीत बजाना जिससे ध्वनि प्रदूषण होता है, वह भी उतना ही बड़ा अपराध है, जितना कि धूम्रपान करना. इससे अन्य वाहनों के हॉर्न की आवाज़ दब सकती है, जिससे दुर्घटनाएं हो सकती हैं. डेटा के अनुसार, 2024 में इस अपराध के लिए 149 चालान किए गए थे, जो 2025 में बढ़कर 202 हो गए. इसी तरह, सरकारी अनुमति के बिना वाहनों पर विज्ञापन प्रदर्शित करने के लिए 2024 में 5,698 के मुक़ाबले 2025 में 28,495 टिकट जारी किए गए हैं. इन उल्लंघनों पर भी जुर्माना वही है जो धूम्रपान के लिए है. इन हल्के माने जाने वाले उल्लंघनों के अलावा, निजी वाहनों में सामान ले जाना भी एक अपराध है (2025 में 4,362 चालान). रियर-व्यू मिरर का अनुचित उपयोग (2025 में 150 से अधिक चालान) भी नियम तोड़ना है. बाज़ारों में अक्सर 'जुगाड़' या improvised वाहनों को सामान ले जाते हुए देखा जाता है जो सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करते. ऐसे वाहनों को चलाने के लिए 2024 में 135 के मुक़ाबले 2025 में 788 लोगों पर जुर्माना लगाया गया.