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अब्दुल्ला आजम को बड़ा झटका: अदालत ने जुर्माने के साथ सुनाई सजा

रामपुर दो पैन कार्ड मामले में सात साल की सजा काट रहे पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम को दो पासपोर्ट केस में भी कोर्ट ने सात साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा उन पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। सुनवाई के दौरान अब्दुल्ला आजम वीडियो कांफ्रेंसिंग से कोर्ट में पेश हुए। सपा नेता आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम के खिलाफ दो पासपोर्ट का मामला शहर विधायक आकाश सक्सेना ने सिविल लाइंस थाने में 2019 में दर्ज कराया था। उनका आरोप था कि अब्दुल्ला आजम के पास दो पासपोर्ट हैं।  इसमें से एक पासपोर्ट का इस्तेमाल वह विदेश यात्रा में भी कर चुके हैं। यह मामला एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में विचाराधीन था। इस मामले में दर्ज मुकदमे को निरस्त करने को लेकर अब्दुल्ला आजम ने सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया था लेकिन वहां से उन्हें राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इस मामले की सुनवाई फिर से शुरू हुई। शुक्रवार को रामपुर कोर्ट ने फैसला सुनाया। सुनवाई के लिए पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम को वीसी के माध्यम से कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने अब्दुल्ला आजम को दोषी करार देते हुए सात साल की सजा सुनाते हुए  50 हजार रुपये जुर्माना लगाया। क्या है मामला शहर विधायक आकाश सक्सेना की ओर से सिविल लाइंस थाने में वर्ष 2019 में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई थी। इसमें विधायक ने कहा था कि अब्दुल्ला आजम खां द्वारा असत्य व कूट रचित दस्तावेज तथा विवरण के आधार पर पासपोर्ट बनवाया है। वह इसका उपयोग कर रहे हैं। पासपोर्ट संख्या जेड4307442 दस जनवरी 2018 है। अब्दुल्ला आजम खां की जन्मतिथि शैक्षिक प्रमाण पत्रों हाईस्कूल बीटेक व एमटेक में  एक जनवरी1993 अंकित है। पासपोर्ट संख्या जेड 4307442 में जन्मतिथि  30 सितंबर 1990 अंकित है। पासपोर्ट का प्रयोग आर्थिक लाभ हेतु व्यापार व व्यवसाय संबंधी विदेश यात्राओं तथा विभिन्न संस्थाओं में पहचान पत्र  के रूप में तथा विभिन्न पदों के आवेदन में किया गया है। दूसरी ओर शैक्षिक प्रमाण पत्रों का प्रयोग भी आर्थिक लाभ हेतु शैक्षिक संस्थाओं की मान्यताओं व आईडी के लिए किया गया है। अब्दुल्ला आजम के शैक्षिक प्रमाण पत्र तथा पासपोर्ट का विवरण जन्मतिथि व जन्म स्थान विरोधाभासी है फिर भी अब्दुल्ला आजम सभी दस्तावेजों का प्रयोग जरूरत के अनुसार जानबूझकर अनुचित लाभ लेने के लिए कर रहे है। केस में आरोप लगाया था कि अब्दुल्ला आजम ने असत्य विवरण अंकित पासपोर्ट संख्या जेड 4307442 बनवाया है जो जिसका दुरुपयोग किया जाना भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 तथा पासपोर्ट अधिनियम की धारा -12(1) एके अन्तर्गत दंडनीय अपराध है ।  

सुखबीर बादल का बड़ा दावा: चुनावों में विपक्ष को दबाने की रणनीति तैयार

पटियाला शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने पंजाब पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि आगामी ज़िला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों में विपक्षी दलों विशेषकर अकाली दल को निशाना बनाने की संगठित साजिश रची जा रही है। बादल ने सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो क्लिप जारी की, जिसने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। हालांकि दैनिक ट्रिब्यून आडियो की पुष्टि नहीं करता। पुलिस ने आडियो को फर्जी एआई जनरेटेड करार दिया है। बादल के अनुसार, वायरल हुई इस ऑडियो क्लिप में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी नामजदगी प्रक्रिया के दौरान विपक्षी उम्मीदवारों को रोकने की रणनीति बनाते सुने जा रहे हैं। क्लिप में कथित तौर पर अधिकारी कहते हैं कि यदि कोई “कार्रवाई” करनी हो तो वह नामजदगी केंद्रों के बाहर गांवों, घरों या रास्ते में की जाए, न कि केंद्रों के अंदर।   कुछ DSP यह कहते सुनाई देते हैं कि वे स्थानीय राजनीतिक नेताओं के संपर्क में हैं और विपक्षी उम्मीदवारों को पर्चा भरने से रोकना उनकी “प्राथमिकता” है। एक अधिकारी कथित रूप से कहता है कि बल प्रयोग पर कोई आपत्ति नहीं, बशर्ते विपक्षी उम्मीदवार केंद्र तक पहुंचने से पहले ही रोक दिए जाएं। सुखबीर बादल ने इसे “लोकतंत्र की हत्या” करार दिया। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने विपक्ष को रोकने की यह कथित योजना लागू की, तो पंजाब में स्थानीय चुनावों की निष्पक्षता पर गहरा सवाल उठेगा। बादल ने चेतावनी दी कि किसी भी कार्यकर्ता या उम्मीदवार के साथ अन्याय होने पर पुलिस और प्रशासन को कानूनी, सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर जवाब देना होगा। वहीं, पटियाला पुलिस ने क्लिप को फर्जी और एआई जनरेटेड बताया है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसा कोई कॉल या निर्देश कभी जारी नहीं हुआ और न ही किसी अधिकारी को इस तरह के आदेश देने का अधिकार है। पटियाला SSP से संपर्क करने की कोशिशें की गईं, लेकिन वे टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थे। बता दें, अकाली दल और अन्य विपक्षी दल पहले भी आरोप लगाते रहे हैं कि उनके उम्मीदवारों के नामांकन पर्चे फाड़े गए, या उन्हें समय पर पर्चा दाखिल करने नहीं दिया गया। इन आरोपों के बाद SAD ने राज्य चुनाव आयोग से निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा है कि ज़रूरत पड़ने पर वे अदालत का रुख भी करेंगे।

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के समर्थन मूल्य से किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार

राजनांदगांव  खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में जिले के धान उपार्जन केन्द्रों में तेजी से धान खरीदी कार्य किया जा रहा है। शासन किसानों के वास्तविक उपज को समर्थन मूल्य में खरीदी कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है। जिले के किसान आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे है।  राजनांदगांव विकासखंड के धान उपार्जन केन्द्र सोमनी में ग्राम ईरा के किसान डिलेश्वर प्रसाद साहू ने बताया कि वे 66 क्विंटल धान बिक्री करने आए हैं। उनके पास 8 एकड़ खेती जमीन है, जिसमें वे धान की उपज लिया है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा 3100 रूपए प्रति क्ंिवटल की दर से धान खरीदी करने से उनकी उपज का वास्तविक दाम मिल रहा है और राशि भी शीघ्र खाते में मिल रही है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष धान बिक्री की राशि से वे खेती-किसानी को बढ़ाने के लिए ट्रेक्टर खरीदा था। उन्होंने बताया कि बहुत दिनों से ट्रेक्टर खरीदने का सोच रहे थे, लेकिन आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण नहीं खरीद पाए थे। पिछले वर्ष जैसे ही शासन द्वारा धान खरीदी करने पर उन्होंने धान विक्रय किया और एक मुश्त राशि मिलने पर ट्रेक्टर खरीदने की हिम्मत जुटा जाए।  उन्होंने बताया कि समय पर खेती-किसानी कार्य करने के लिए सहुलियत हुआ है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष की धान बिक्री की राशि से ट्रेक्टर की किश्त को पूरा करने में उपयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि किसान अपनी जरूरतों के साथ-साथ खेती-किसानी को बढ़ाने के लिए राशि का उपयोग कर रहे हैं।  ग्राम ईरा के किसान डिलेश्वर बताया कि धान उपार्जन केन्द्र में पर्याप्त मात्रा में बारदाने की उपलब्धता, पारदर्शिता तरीके से इलेक्ट्रानिक तौलाई, खाते में राशि अंतरण किया जा रहा है। धान उपार्जन केन्द्र सोमनी में किसानों के लिए बहुत अच्छी व्यवस्था रखी गई है। धान उपार्जन केन्द्र में पेयजल, छांव, चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध है। इसके लिए उन्होंने राज्य शासन को धन्यवाद ज्ञापित किया है।

शीतकालीन सत्र 14 से: रमन सिंह ने कहा— विजन@2047 प्रेज़ेंटेशन के साथ अहम मुद्दों पर मंथन

रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र 14 दिसंबर से शुरू होगा. स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने सत्र को लेकर कहा कि नया सत्र पूरी तैयारी के साथ 14 दिसंबर से होगा. विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने मीडिया से चर्चा में कहा कि पहले दिन विजन @2047 के प्रस्तुतीकरण के साथ उस पर चर्चा होगी. पहले दिन कोई प्रश्न-उत्तर या ध्यानाकर्षण नहीं है. पहले दिन छत्तीसगढ़ के विकास पर चर्चा होगी, उसका प्रेजेंटेशन होगा. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जवाब देंगे.

एक ही मामले में बार-बार याचिका लगाने पर कोर्ट ने जयस को एक लाख रुपये का जुर्माना किया”

खरगोन खरगोन में एक आरक्षक और इंस्पेक्टर के बीच हुए विवाद को लेकर बार-बार लगाई गई याचिका जयस को लगाना भारी पड़ी। कोर्ट ने इस केस में न केवल नाराजगी जताई, बल्कि जय आदिवासी संगठन (जयस) पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने कहा कि एक ही मामले में बार-बार याचिका लगाई जा रही है। कोर्ट को क्या तमाशा समझ रखा है। दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जयस ने जनहित याचिका लगाई थी, लेकिन कोर्ट ने उसे निजी उद्देश्य से प्रेरित माना। खरगोन के जयस के जिला अध्यक्ष सचिन सिसोदिया की तरफ लगाई गई याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया। शासन की तरफ से इस याचिका पर एडिशनल एडवोकेट जनरल अरनंद सोनी ने तर्क प्रस्तुत किए थे। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में पहले भी याचिकाएं लगी थी, लेकिन बाद में उसे वापस ले लिया गया। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जनहित याचिका तभी स्वीकार की जा सकती है,जब उसमें वास्तविक सार्वजनिक हित व जनप्रभाव हो। जनहित याचिका का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह था मामला खरगोन में रिजर्व इंस्पेक्टर सौरभ सिंह कुशवाह व आरक्षक राहुल चौहान के बीच 23 अगस्त को विवाद हो गया था। इस मामले को जयस ने उठाया और धरना प्रदर्शन भी किए। इंस्पेक्टर व उनकी पत्नी पर एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज करने की मांग भी की गई। बाद में कोर्ट में जनहित याचिका लगाई गई। कोर्ट ने कहा कि पीडि़त भी सरकारी कर्मचारी है और शिक्षित भी। वह खुद अपने अधिकारों के लिए लड़ने के लिए सक्षम है। इसके बाद याचिका वापस ले ली गई। बाद में सचिन चौहान ने याचिका लगाई, लेकिन बाद में कोर्ट में मौजूद होकर कहा कि वह याचिका वापस लेना चाहता है। बाद में जयस के जिलाध्यक्ष ने याचिका लगाई थी।  

पर्यटन को बढ़ावा देने CM साय की पहल: 45 युवाओं को मिला स्पेशल टूरिज़्म मैनेजमेंट ट्रेनिंग

टूरिस्ट गाइड का गहन प्रशिक्षण लेकर लौटे छत्तीसगढ़ के युवा   मुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री ने दी बधाई और शुभकामनाएँ रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर छत्तीसगढ़ राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देनेे के लगातार प्रयास किए जा रहे है। छत्तीसगढ़ की नैसर्गिक सुन्दरता और यहां के पर्यटन स्थलों को देखने के लिए देश-दुनिया के लोग छत्तीसगढ़ आये, इसे लेकर देश के विभिन्न हिस्सों विशेषकर महानगरों में छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों की जानकारी देने के लिए प्रदर्शनी एवं कार्यशालाएं भी आयोजित की जा रही है। इन सभी प्रयासों का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को पर्यटन को वैश्विक मानचित्र पर लाना है। मुख्यमंत्री साय की पहल पर छत्तीसगढ़ में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है और इसके लिए नई औद्योगिक पॉलिसी में कई रियायतों का प्रावधान भी किया गया है। होम-स्टे पॉलिसी बनायी गई है ताकि छत्तीसगढ़ बस्तर और सरगुजा अंचल में पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। छत्तीसगढ़ सरकार ने इन्हीं प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए राज्य के युवाओं विशेषकर बस्तर अंचल के युवाओं को पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार का अवसर उपलब्ध कराने के लिए टूरिस्ट गाइड प्रशिक्षण की अभिनव पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री के मंशानुरूप 45 युवाओं की टीम को छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के सहयोग से भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंध संस्थान (आईआईटीटीएम) ग्वालियर में टूरिस्ट गाइड के प्रशिक्षण के लिए भेजा गया था। युवाओं का यह दल वहां से एक माह का विशेष प्रशिक्षण हासिल कर छत्तीसगढ़ लौटा आया है। इन युवाओं को छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों में गाइड के तौर पर तैनात किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने टूरिस्ट गाइड का सफल प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य की प्राकृतिक सुन्दरता, यहां की हरी-भरी वादियां और मनोरम पर्यटन स्थल छत्तीसगढ़ को पर्यटन हब का स्वरूप देने में सक्षम हैं। पर्यटन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में असीम संभावनाएं विद्यमान है, इससे रोजगार और व्यवसाय के नये द्वार खुलेंगे। उन्होंने प्रशिक्षित युवाओं से अपील की कि वे छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों और सुविधाओं के बारे में पर्यटकों को विशेष रूप से बताएं, ताकि पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो। इससे राज्य में पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा। यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा 7 वर्षों के अंतराल के बाद टूरिस्ट गाइड प्रशिक्षण का यह विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें अधिकांश युवा बस्तर संभाग के रहने वाले हैं। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को पर्यटक मार्गदर्शन, संप्रेषण कौशल, सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन प्रबंधन तथा फील्ड का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिससे वे छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर सकें। प्रशिक्षित युवा छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक पर्यटन स्थलों का बेहतर प्रचार-प्रसार कर प्रदेश के पर्यटन उद्योग को ऊंचाइयों पर ले जाने में अहम रोल अदा करेंगे।

46 लाख रुपये के घोटाले में दमोह छात्रावास के दो अधिकारी निलंबित, डिप्टी कलेक्टर भी शामिल

दमोह  दमोह जिले के आदिम जाति कल्याण विभाग में एससी वर्ग के छात्रावासों के लिए करीब 46 लाख रुपये की खरीदी में उजागर हुई। अनियमितताओं के मामले में सागर संभागायुक्त अनिल सुचारी ने बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने दमोह कलेक्टर के प्रतिवेदन पर डिप्टी कलेक्टर बृजेंद्र सिंह, आदिम जाति कल्याण विभाग की तत्कालीन जिला संयोजक रिया जैन और विभाग के लेखापाल महेंद्र अहिरवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इन अधिकारियों ने असली सामग्री के नाम पर राशि खर्च कर दी और हॉस्टलों में नकली और घटिया सामग्री की खरीदी कराकर भिजवा दी। यह गड़बड़ी एडीएम की जांच में प्रक्रिया के दौरान गंभीर गड़बड़ी, नियम-विरुद्ध भुगतान और रिकॉर्ड में हेराफेरी स्पष्ट रूप से प्रमाणित हुई थी। फिलहाल इस मामले में क्रय समिति में शामिल जिला पंचायत सीईओ, अतिरिक्त महाप्रबंधक जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी राष्ट्रीय सूचना केंद्र और जिला कोषालय अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई है, जबकि खरीदी के लिए इसी समिति ने स्वीकृति दी थी। दरअसल मामला वर्ष 2024-25 में एससी छात्रावासों के लिए की गई सामग्री खरीदी से जुड़ा है। विभाग ने जेम पोर्टल के माध्यम से घटिया क्वालिटी के किट, स्टेशनरी, बर्तन, गर्म कपड़े और दैनिक उपयोग की सामग्री खरीदी थी। जांच में सामने आया कि खरीदी में शामिल अधिकारियों ने मूल्यांकन प्रक्रिया को दरकिनार कर सामान की वास्तविक मात्रा और गुणवत्ता का सत्यापन किए बिना भुगतान जारी कर दिया। जिन वस्तुओं के बिल विभाग को प्रस्तुत किए गए, उनमें कई वस्तुओं की आपूर्ति वास्तविकता में छात्रावासों तक पहुंची ही नहीं। इसमें खरीदी करने की अनुमति से लेकर सप्लाई करने वालों के बीच में कमीशन का खेल चला। कलेक्टर ने इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए एडीएम मीना मसराम के नेतृत्व में विस्तृत जांच कराई। जांच रिपोर्ट में यह पाया गया कि खरीदी की पूरी प्रक्रिया डिप्टी कलेक्टर की निगरानी में संचालित हुई, जबकि जिला संयोजक स्तर पर सत्यापन और प्रमाणीकरण की जिम्मेदारी थी, जिसे निभाया नहीं गया। लेखापाल महेंद्र अहिरवार ने भुगतान किया था। रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर ने सागर संभागायुक्त को प्रतिवेदन भेजते हुए कहा कि तीनों अधिकारियों की भूमिका घोटाले में सीधे तौर पर जिम्मेदार पाई गई है और उनके विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके बाद कमिश्नर ने सभी तीनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए आगे विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। कलेक्टर सुधीर कोचर ने बताया कि मामले के प्रस्ताव अलग अलग भेजे गए थे। जिनके आधार पर यह कार्रवाई हुई है। इस मामले में अभी और कार्रवाई भी होगी।  

मुख्यमंत्री साय ने पीएम आवास के 1073 हितग्राहियों को नये आवास की चाबी सौंपी

सुहेला में 195 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन सुहेला में खुलेगा शासकीय महाविद्यालय बलौदाबाजार में कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल भवन, तिल्दा में नवीन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन सहित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम सुहेला में आयोजित कार्यक्रम में 195.26 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। कार्यक्रम में उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के 1073 हितग्राहियों को आवास की चाबी, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत तीन हजार महिलाओं को गैस कनेक्शन, प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना अंतर्गत पाँच हजार किसानों को अधिकार अभिलेख तथा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को सामग्री और राशि के चेक प्रदान किए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का ध्येय है कि हर घर में पक्का मकान, शौचालय, शुद्ध पेयजल और प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ पहुंचे। इसी उद्देश्य को साकार करने के लिए हमारी सरकार जनता के हित में वचनबद्ध होकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को पृथक राज्य बने 25 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं और हम रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं। सरकार बनने से पहले प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी में जो वादे किए गए थे, उन्हें हम एक-एक कर पूरा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी हो रही है। तेंदूपत्ता संग्रहण की दर बढ़ाकर प्रति मानक बोरा 5,500 रुपये कर दी गई है। किसानों को दो वर्ष का बकाया बोनस भी प्रदान किया जा चुका है। महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ बड़ी संख्या में महिलाओं को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत हर घर को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना में बड़ी मात्रा में सब्सिडी भी मिल रही है, इसलिए अधिक से अधिक लोग अपने घरों में सोलर पैनल स्थापित कर लाभ उठाएँ। उन्होंने जिले में प्रशासन की ‘हम होंगे कामयाब’ पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि युवाओं को उनकी रुचि के अनुसार प्रशिक्षित कर उनके बेहतर भविष्य के लिए जो प्रयास किए जा रहे हैं, उनसे अब तक 500 से अधिक युवाओं को लाभ मिला है। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव और स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास की नई ऊँचाइयाँ छू रहा है और बड़े-बड़े कार्य सहजता से पूरे हो रहे हैं। राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने बताया कि बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में अकेले 100 करोड़ रुपये से अधिक की सड़कों की  स्वीकृति मिली है। मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम के दौरान सुहेला में नवीन महाविद्यालय की स्थापना, तिल्दा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन, बलौदाबाजार में शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल भवन एवं नवीन व्यावसायिक परिसर का निर्माण करने की घोषणा की। उन्होंने जिले के 50 धान उपार्जन केंद्रों में किसानों के लिए 10-10 लाख रुपये की लागत से शेड निर्माण तथा सुहेला तिगड्डे में तीनों सड़कों पर एक-एक किलोमीटर तक डिवाइडर निर्माण एवं लाइट लगाने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री साय ने जिन विकास कार्यों का लोकार्पण किया, उनमें मुख्य रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत 12.87 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 1073 आवास, तथा लगभग 7.74 करोड़ रुपये की लागत से आमाकोनी, हथबंद, पौसरी, सेम्हराडीह और खपराडीह में निर्मित जल प्रदाय योजनाएँ शामिल हैं। भूमिपूजन के प्रमुख कार्यों में 49.17 करोड़ रुपये की लागत से बलौदाबाजार–रिसदा–हथबंद मार्ग मजबूतीकरण, 20.98 करोड़ रुपये की लागत से बलौदाबाजार के रिसदा बायपास मार्ग, 15.59 करोड़ रुपये की लागत से बलौदाबाजार में इंडोर स्टेडियम कॉम्प्लेक्स, 8.60 करोड़ रुपये की लागत से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत 717 आवास तथा 8.04 करोड़ रुपये की लागत से कोल्हान नाले के पार सुंगेरा एनिकट निर्माण शामिल हैं। कार्यक्रम में 5 करोड़ रुपये से अधिक की हितग्राहीमूलक सामग्री एवं चेक वितरण किया गया। इसमें मुख्य रूप से सायबर फ्रॉड प्रकरण के 27 लाख रुपये की वापसी, श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं में 83 लाख रुपये का वितरण, 8333 छात्रों को 4.25 करोड़ रुपये की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति, महिला स्व सहायता समूहों एवं ‘सक्षम’ योजना अंतर्गत 16 महिलाओं को 25 लाख रुपये, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत 10 हितग्राहियों को 9.69 लाख रुपये तथा ‘हम होंगे कामयाब’ योजना अंतर्गत 60 हितग्राहियों को 6.81 लाख रुपये का भुगतान शामिल है। इस अवसर पर बलौदाबाजार-भाटापारा जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर नवीन अग्रवाल, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा, महिला आयोग की सदस्य लक्ष्मी वर्मा, जनपद अध्यक्ष सिमगा दौलत पाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

मध्यप्रदेश में दिसंबर में स्कूलों की छुट्टियों की तारीखें घोषित, देखें पूरी लिस्ट

भोपाल  दिसंबर की शुरुआत के साथ ही छात्रों में छुट्टियों का रोमांच बढ़ जाता है। इस महीने में जहां क्रिसमस का निर्धारित अवकाश रहता है, वहीं सबसे ज़्यादा इंतजार होता है शीतकालीन छुट्टियों का। मध्य प्रदेश के शैक्षणिक कैलेंडर के आधार पर दिसंबर 2025 की संभावित छुट्टियों का अनुमान लगा लिया गया है। दिसंबर 2025 में संभावित छुट्टियां — पूरी डिटेल शीतकालीन अवकाश  मध्य प्रदेश में सर्दियों की छुट्टियां हर साल लगभग 10–12 दिनों की होती हैं। इस बार संभावित रूप से स्कूल 23 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक बंद रहेंगे। कुछ जिलों में यह अवकाश जनवरी के पहले सप्ताह तक भी बढ़ सकता है। यह आदेश प्रदेशभर के सरकारी और प्राइवेट दोनों ही स्कूलों में लागू होता है। 10वीं-12वीं के लिए स्कूल रहेंगे खुले दिसंबर में बोर्ड परीक्षा की तैयारी का अहम समय होता है। बोर्ड परीक्षा से पहले स्कूल में होने वाली परीक्षाएं 15 दिसंबर से 29 दिसंबर 2025 के बीच चलेंगी। जिन छात्रों की परीक्षाएं होंगी, उनके लिए स्कूल निर्धारित तिथियों पर खुले रहेंगे, ताकि तैयारी और परीक्षा दोनों सुचारू रूप से चल सकें।  क्रिसमस डे — अनिवार्य अवकाश 25 दिसंबर, क्रिसमस के दिन सभी स्कूलों में निश्चित सार्वजनिक अवकाश रहेगा। यह तारीख हर साल फिक्स होती है। सर्दियों की छुट्टियां क्यों होती हैं जरूरी? कड़ाके की ठंड को देखते हुए छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखकर राज्य सरकार हर साल ये अवकाश घोषित करती है। यह समय बच्चों के लिए आराम, त्योहारों की खुशियां और नए साल की तैयारियों का होता है। दिसंबर 2025 में एमपी के स्कूलों में— 23 से 31 दिसंबर तक संभावित विंटर वेकेशन 25 दिसंबर को क्रिसमस की अनिवार्य छुट्टी  10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए स्कूल खुले यह महीना छात्रों और अभिभावकों दोनों के लिए त्योहारों और छुट्टियों से भरा होगा।

शमी की गैरमौजूदगी पर सवाल, बुमराह निर्भरता पर हरभजन सिंह की टीम इंडिया को दो टूक सलाह

नई दिल्ली  पूर्व दिग्गज स्पिनर हरभनज सिंह ने तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को लगातार भारतीय टीम से बाहर रखने पर सवाल उठाया है। शमी आखिरी बार मार्च में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भारत की ओर से खेले थे। तब से शमी को किसी भी भारतीय स्क्वॉड में नहीं चुना गया है। 35 वर्षीय गेंदबाज इन दिनों सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में बंगाल के लिए खेल रहा है। उन्होंने हाल ही में घरेलू क्रिकेट में अच्छा परफॉर्म किया लेकिन फिर भी राष्ट्रीय टीम में वापस नहीं बुलाया गया। वह 64 टेस्ट, 108 वनडे और 25 टी20 इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं। हरभजन ने साथ ही भारतीय टीम को जसप्रीत बुमराह के बिना जीतने की कला सीखने की सलाह दी है। उन्हें इंडिया वर्सेस साउथ अफ्रीका तीन मैचों की वनडे सीरीज में आराम दिया गया है।   हरभजन ने रायपुर वनडे में हार के बाद अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, ''शमी कहां हैं? मुझे नहीं पता कि शमी क्यों नहीं खेल रहे? ठीक है, आपके पास प्रसिद्ध कृष्णा हैं, अच्छे बॉलर हैं लेकिन बहुत कुछ सीखना है। आपके सो जो अच्छे गेंदबाज हैं, थोड़ा-थोड़ा करके आपने उन्हें साइडलाइन कर दिया। बुमराह का साथ और बगैर बॉलिंग अटैक बिलकुल अलग है। हमें जसप्रीत बुमराह के बिना भी मैच जीतने की कला सीखनी होगी। इंग्लैंड में बुमराह के बगैर मोहम्मद सिराज ने अविश्वसनीय, शानदार थे। भारत ने वे सभी टेस्ट जीते जिनमें बुमराह नहीं खेले। लेकिनं छोटे फॉर्मेट में हमें कहीं ना कहीं ऐसे लोगों को ढूंढना होगा जो आपको मैच जिता सकें, चाहे वो फास्ट बॉलिंग हो या स्पिन। एक-दो ऐसे स्पिनर लाइए जो आकर विकेट ले सकें। कुलदीप यादव हैं, लेकिन बाकी का क्या?'' वनडे सीरीज फिलहाल 1-1 की बराबरी पर है। भारत को रायुपर में खेले गए दूसरे मैच में ऐतिहासिक हार का सामना करना पड़ा। भारतीय गेंदबाज 359 का टारगेट चेज नहीं कर पाए। यह वनडे में भारत के खिलाफ टारगेट चेज करते हुए संयुक्त रूप से सबसे बड़ी जीत है। रायपुर में तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा सबसे महंगे साबित हुए। उन्होंने 8.2 ओवर के स्पेल में 85 रन लुटाकर दो विकेट हासिल किए। उन्होंने रांची में पहले मैच में 7.2 ओवर में 28 रन देकर एक विकेट चटकाया। भारत को रांची वनडे में 350 का टारगेट देने के बाद 17 रनों से करीबी जीत नसीब हुई थी। सीरीज का तीसरा और निर्णायक मुकाबला शनिवार को विशाखापट्टनम में होगा।