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टीचर ट्रांसफर ड्राइव की शुरुआत: हरियाणा में 20 दिसंबर को आएगा स्कोर कार्ड

चंडीगढ़  हरियाणा में सरकारी स्कूलों में तैनात शिक्षकों के लिए एक बड़ा अपडेट सामने आया है। शिक्षा विभाग ने बहुप्रतीक्षित ऑनलाइन टीचर ट्रांसफर ड्राइव 2025-26 का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है। संशोधित नीति लागू होने के बाद यह पहली बार है जब प्रदेश में बड़ी संख्या में शिक्षकों के तबादले होने जा रहे हैं। विभाग के अनुसार, 10 से 12 दिसंबर तक सभी शिक्षक अपनी सेवा और व्यक्तिगत जानकारी ऑनलाइन अपडेट कर सकेंगे। यह चरण सबसे अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसी डाटा के आधार पर मेरिट प्वाइंट और फाइनल लिस्ट तैयार होगी। 20 दिसंबर को सभी शिक्षकों का विस्तृत स्कोर जारी होगा, जिसमें उम्र, सेवा अवधि, उपलब्धियां, व्यक्तिगत परिस्थितियां और पॉलिसी में तय अन्य मापदंड शामिल होंगे। अगर किसी शिक्षक को अपने स्कोर या अपडेटेड सर्विस डाटा में त्रुटि लगती है, तो वे 21 दिसंबर से 27 दिसंबर तक अपनी आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। 28 दिसंबर से तीन जनवरी तक जिला स्तरीय कमेटियां इन दावों पर निर्णय लेंगी। चार जनवरी को जिला स्तर के फैसले प्रकाशित होंगे। इसके बाद शिक्षक चाहें तो प्रदेश स्तर पर अपील कर सकेंगे। पांच से दस जनवरी तक प्रदेश स्तरीय सुनवाई होगी। पांच से सात जनवरी तक प्रदेश स्तर पर आपत्तियां दर्ज कराने का समय दिया गया है। आठ से दस जनवरी तक राज्य स्तरीय कमेटी इन आपत्तियों पर अंतिम निर्णय लेगी। इसके बाद 11 और 12 जनवरी को फाइनल मेरिट प्वाइंट, फाइनल स्कोर और फाइनल लिस्ट जारी होगी। अंत में 12 जनवरी को ट्रांसफर ऑर्डर जारी होंगे। हालांकि ट्रांसफर पॉलिसी में शामिल शिक्षक नये स्कूलों में ज्वाइनिंग पहली अप्रैल से ही करेंगे। प्रक्रिया से पहले डीईओ को निर्देश ट्रांसफर ड्राइव लागू करने से पहले शुक्रवार को सुबह 11 बजे सभी जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जुड़े। उन्हें डाटा अपडेट और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। जिलों को कहा गया है कि वे प्रिंसिपल, हेडमास्टर, टीजीटी, पीजीटी और जेबीटी सहित सभी श्रेणी के शिक्षकों का डाटा निर्धारित समय में वेरिफाई करवाएं। मनोहर सरकार में आई थी पॉलिसी हरियाणा में शिक्षकों के तबादले हमेशा सरकारों के लिए चुनौती रहे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपने पहले कार्यकाल की शुरुआत में इसकी जड़ को समझते हुए शिक्षकों के लिए ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी लागू की। इसके बेहतर परिणाम आए। पॉलिसी को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली और कई राज्यों ने इस मॉडल को अपनाया। करीब नौ वर्षों बाद अब नायब सरकार ने इस पॉलिसी में बड़े बदलाव करते हुए नये सिरे से नोटिफिकेशन जारी किया है। संशोधित नीति के अनुसार ही अब तबादले होंगे।   अब शिक्षक सीधे स्कूल चुन सकेंगे पहले ट्रांसफर जोन सिस्टम पर आधारित थे, लेकिन अब शिक्षक अपनी पसंद के स्कूल को सीधे चुन सकेंगे। सरकार ने मोरनी, हथीन और नूंह ब्लॉक में तैनात शिक्षकों को बेसिक प्लस डीए पर दस प्रतिशत अतिरिक्त वेतन और अतिथि शिक्षकों को दस हजार रुपये अतिरिक्त भत्ता देने का निर्णय लिया है। पति पत्नी में केवल एक को मिलेगा लाभ पहले पति और पत्नी दोनों को ट्रांसफर में अतिरिक्त अंक मिलते थे, लेकिन नई नीति में केवल एक को ही यह लाभ मिलेगा। दूरी कम करने पर पांच अंक तय किए गए हैं। मेरिट कुल अस्सी अंकों की होगी, जिसमें साठ अंक उम्र के होंगे और बीस अंक अन्य कैटेगरी जैसे महिला, विधवा, विधुर, गंभीर बीमारी, दिव्यांगता और बेहतर परिणाम देने वाले शिक्षकों को मिलेंगे। शिक्षा मंत्री जुटे थे मुहिम में हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल सिंह ढांडा ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी में संशोधन को लेकर लंबे समय से प्रयासरत थे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें कीं और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से विचार विमर्श कर इसे अंतिम स्वरूप दिया। विगत दिवस भी उन्होंने पंचकूला में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों संग बैठक कर ट्रांसफर ड्राइव लागू करने की रणनीति तय की। इसके बाद विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।

आने वाले दो दिन ठंड की मार, राजधानी में पारा गिरने की संभावना

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में आज शुक्रवार को शीत लहर के आसार हैं। मौसम विभाग ने इसके लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, आज आसमान साफ रहेगा और सुबह हल्की धुंध देखने को मिल सकती है। कुछ इलाकों में शीत लहर चलने की संभावना भी जताई गई है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट के संकेत हैं। हालांकि, फिलहाल शीत लहर का अलर्ट सिर्फ शुक्रवार के लिए ही प्रभावी रहेगा। मौसम विभाग ने आज के लिए तापमान और शीत लहर को लेकर विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में करीब 1-2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। इसके बाद, अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में लगभग 3-4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी की संभावना है। वहीं, अधिकतम तापमान अगले दो दिनों में 2-3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। कुल मिलाकर, न्यूनतम और अधिकतम दोनों तापमान सामान्य से नीचे बने रहेंगे। दिल्ली में गुरुवार को दिसंबर की अब तक की सबसे ठंडी सुबह दर्ज की गई। इस दौरान न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो इससे पहले 1 दिसंबर को दर्ज हुए 5.7 डिग्री से भी कम है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार के लिए शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने अनुमान जताया है कि शुक्रवार को न्यूनतम तापमान गिरकर 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। IMD ने नागरिकों को सलाह दी है कि घर से बाहर निकलते समय सर्द हवाओं से बचाव करें और गर्म कपड़े पहनकर ही बाहर निकलें। गुरुवार को दर्ज न्यूनतम तापमान में 3.9 डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखी गई। वहीं, अधिकतम तापमान भी सामान्य से 2.2 डिग्री कम रहा और 23.1 डिग्री सेल्सियस पर दर्ज किया गया। IMD का कहना है कि शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 1–2 डिग्री और गिरकर करीब 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। अधिकतम तापमान 21 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। सुबह के समय सतही सर्द हवाओं की रफ्तार 5–10 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी, जो दोपहर तक बढ़कर 10–15 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तरी पंजाब में सक्रिय नया पश्चिमी विक्षोभ इस बदलाव की मुख्य वजह है और इसका असर दिल्ली में भी दिखाई देगा। गुरुवार सुबह राजधानी में हल्का कोहरा छाया रहा, लेकिन दोपहर में हवाएं तेज होने से आसमान साफ हुआ और धूप खिली रही। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को आसमान साफ रहेगा और सुबह हल्की धुंध छा सकती है। कुछ इलाकों में शीतलहर चलने की संभावना भी बनी हुई है। विभाग ने अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट के संकेत दिए हैं। हालांकि शीतलहर का अलर्ट केवल शुक्रवार के लिए ही प्रभावी है। शनिवार से बुधवार तक शीतलहर के लिए किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की गई है। दिल्ली-NCR का AQI बेहद खराब गुरुवार सुबह दिल्ली में दिन की शुरुआत धुंध और हल्के कोहरे के साथ हुई। आसमान में छाई धुंध की परत के कारण विजिबिलिटी कम रही। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (DPCC) के अनुसार, सुबह राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 304 रिकॉर्ड किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है और स्वास्थ्य के लिए खतरनाक स्थिति दर्शाता है। बुधवार की तुलना में AQI में 38 अंकों की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन इस मामूली सुधार से राहत नहीं मिल पाई। विशेषज्ञों का कहना है कि धुंध न केवल विजिबिलिटी प्रभावित करती है, बल्कि सांस संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ा देती है। ऐसे में लोगों को मास्क पहनकर बाहर निकलने और खुले में लंबे समय तक रुकने से बचने की सलाह दी जा रही है। गुरुवार सुबह AQI 299 के साथ हल्का सुधार दिखा था, लेकिन दोपहर तक वायु गुणवत्ता फिर बिगड़ गई। वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक दिल्ली की हवा ‘बेहद खराब’ श्रेणी में ही रहने की संभावना है। दिल्ली में वायु प्रदूषण से हालात खराब सीपीसीबी के ‘समीर’ ऐप के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के 40 निगरानी केंद्रों में से 27 केंद्रों पर पूरे दिन ‘बेहद खराब’ श्रेणी की वायु गुणवत्ता दर्ज की गई। इनमें नेहरू नगर सबसे प्रदूषित रहा, जहां AQI 362 तक पहुंच गया। पूरे हफ्ते के रुझान पर नजर डालें तो दिल्ली की वायु गुणवत्ता में लगातार उतार-चढ़ाव देखा गया। 30 नवंबर को AQI 279 था, जो 1 दिसंबर को बढ़कर 304 हो गया। 2 दिसंबर को यह स्तर 372 तक पहुंच गया, जो गंभीर श्रेणी की ओर बढ़ता संकेत था। इसके बाद हल्के सुधार के बावजूद गुरुवार की शाम फिर गिरावट देखी गई। 3 दिसंबर को AQI 342 दर्ज किया गया। वहीं, दिल्ली के वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, गुरुवार को दिल्ली के कुल प्रदूषण में परिवहन क्षेत्र का योगदान 13.7% रहा, जो स्थानीय प्रदूषण स्रोतों में सबसे अधिक है।

DGCA ने रोस्टर नियमों में ढील देकर सुलझाया IndiGo विवाद, कंपनी की गलती से देशभर में मचा था हाहाकार

 नई दिल्ली  इंडिगो को डीजीसीए ने FDTL (फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशंस) मानदंडों के कुछ प्रावधानों से 10 फरवरी 2026 तक के लिए अस्थायी एकमुश्त छूट दी है. यह छूट रात की ड्यूटी (0000-0500) और रात की ड्यूटी को अव्यवस्थित करने वाले ऑपरेशन से संबंधित मामलों पर दी गई है. इंडिगो ने कहा है कि 5 दिसंबर 2025 को दिल्ली एयरपोर्ट (DEL) से प्रस्थान करने वाली उसकी सभी डोमेस्टिक फ्लाइट्स रात 11:59 बजे तक रद्द रहेंगी. एयरलाइन ने प्रभावित ग्राहकों और हितधारकों से माफी मांगी है. डीजीसीए ने सभी पायलट एसोसिएशन्स से सहयोग करने की गुजारिश की है.  DGCA ने क्या कहा DGCA ने अपने नोटिफिकेशन में कहा कि मौजूदा हालात और एयरलाइंस की तरफ से ऑपरेशन्स को स्थिर रखने की मांग को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। नोटिफिकेशन में साफ लिखा गया, ‘चल रहे ऑपरेशनल डिसरप्शन और एयरलाइंस से मिली अपीलों को देखते हुए यह निर्देश कि साप्ताहिक आराम की जगह कोई छुट्टी नहीं दी जा सकती। तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाता है।’ इंडिगो की उड़ानें धड़ाधड़ रुकने लगीं इंडिगो ने कहा कि अप्रत्याशित घटनाओं से उसके कस्टमर्स प्रभावित हुए हैं. एयरलाइन प्रभावित ग्राहकों को जलपान (Refreshments), उनकी पसंद के मुताबिक अगले उपलब्ध फ्लाइट ऑप्शन, होटल आवास और सामान (Luggage) फिर से प्राप्त करने में सहायता दे रही है. लागू होने पर उन्हें पूरा रिफंड भी दिया जा रहा है. एयरलाइन ने आज दिल्ली से उड़ान भरने वाले सभी यात्रियों से लगेज कलेक्शन के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पर ग्राउंड स्टाफ से संपर्क करने की गुजारिश की है. बता दें कि FDTL नियमों के लागू होते ही इंडिगो की उड़ानें धड़ाधड़ रुकने लगी थीं। इन नियमों के तहत पायलटों की साप्ताहिक आराम अवधि 36 घंटे से बढ़ाकर 48 घंटे कर दी गई है। रात की ड्यूटी का समय अब रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक माना जाएगा, और पायलट अब हफ्ते में सिर्फ 2 नाइट लैंडिंग ही कर सकते हैं, जबकि पहले यह सीमा 6 थी। लगातार दो नाइट ड्यूटी से भी रोक लगा दी गई है। साथ ही, 00:00–06:00 के बीच आने वाली उड़ानों की अधिकतम फ्लाइट टाइम सीमा 8 घंटे तय हुई है। चूंकि इंडिगो का बिजनेस मॉडल हाई-फ्रीक्वेंसी और रेड-आई फ्लाइट्स पर चलता है, ऐसे में अचानक क्रू की उपलब्धता बुरी तरह प्रभावित हुई। FDTL नियमों में क्या बदला गया?     पायलटों की साप्ताहिक अनिवार्य आराम अवधि 36 घंटे से बढ़ाकर 48 घंटे कर दी गई।     नाइट ड्यूटी की परिभाषा बढ़ाकर अब रात 12 से सुबह 6 बजे तक कर दी गई।     पायलट अब हफ्ते में केवल 2 नाइट लैंडिंग ही कर पाएंगे (पहले यह संख्या 6 थी)।     नाइट ड्यूटी में पायलट की अधिकतम उड़ान अवधि में भी कटौती की गई है। इन बदलावों ने पायलटों की उपलब्धता को सीधे प्रभावित किया, जिससे शेड्यूल गड़बड़ा गया और बड़ी संख्या में फ्लाइट कैंसिल या लेट होने लगीं। ये भी हैं दिक्कतें किस लिए मिली है छूट? डीजीसीए ने बताया कि यह छूट सिर्फ फ्लाइट ऑपरेशन को पटरी पर लाने के लिए दी गई है. इसे सुरक्षा आवश्यकताओं में कमी नहीं समझा जाएगा. इंडिगो ने कहा कि परिचालन संबंधी चुनौतियां मुख्य रूप से संशोधित फेज-II FDTL सीमाओं के कारण उत्पन्न हुईं. क्रू प्लानिंग और रोस्टरिंग की तैयारी अपर्याप्त थी, जिसकी वजह से बड़े स्तर पर दिक्कतें सामने आईं.  डीजीसीए ने कहा कि यात्रियों को हुई असुविधा के लिए प्राथमिक जवाबदेही ऑपरेटर्स की है. ऑपरेटर ने जरूरी मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए आने वाले दिनों में क्रू की भर्ती का संकेत दिया है. डीजीसीए की पायलटों से खास अपील डीजीसीए ने पायलटों से सहयोग करने की गुजारिश की है, क्योंकि इंडिगो से जुड़े चल रही परेशानियों की वजह से हवाई यात्रा से जुड़ा तनाव बढ़ रहा है. डीजीसीए ने कहा की यात्रा ज्यादा होने और शादी के सीजन से पहले यात्रियों की तादाद में बढ़ोतरी होने वाली है. डीजीसीए ने बेहतर ऑपरेशन, कम देरी और रद्दीकरण का आह्वान किया है. पत्र में पायलटों और एयरलाइनों के बीच कोऑर्डिनेशन की जरूरत पर जोर दिया गया है. डीजीसीए ने साफ किया है कि यह छूट 10 फरवरी 2026 तक वैध रहेगी और परिचालन डेटा और अनुपालन रिपोर्टों के आधार पर हर 15 दिनों में अनिवार्य समीक्षा के अधीन रहेगी. विमानन नियामक (Aviation Regulator) ने यात्री सुरक्षा और FDTL CAR के लागू करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है. डीजीसीए ने कहा कि स्टेबल फ्लाइंग ऑपरेशन सुनिश्चित करने के लिए पायलटों का समर्थन अहम है और उनका मुख्य मकसद यात्रियों को होने वाली असुविधा से बचना है. इससे पहले Airbus A320 के सॉफ्टवेयर एडवाइजरी ने दिक्कतें बढ़ा दी थीं। वीकेंड पर टेक्निकल अपडेट के कारण उड़ानें लेट हुईं। देर से उतरने या उड़ान भरने का सीधा मतलब था कि कई पायलटों की ड्यूटी नाइट विंडो में चली गई। नतीजतन, सोमवार से FDTL लागू होने पर बहुत-से क्रू मेंबर ऑटोमैटिकली अनिवार्य रेस्ट पीरियड में चले गए। इतनी बड़ी संख्या में क्रू अचानक उपलब्ध न होने से पूरा शेड्यूल चरमरा गया। विंटर शेड्यूल 26 अक्टूबर से शुरू हुआ था, जिससे फ्लाइट्स की संख्या और बढ़ी और परेशानी भी। इंडिगो ने क्या गलत किया? अब सवाल है—इंडिगो ने क्या गलत किया? तो बता दें एयरलाइन पिछले कई दिनों से 50% से कम ऑन-टाइम परफॉर्मेंस दिखा रही थी, यात्रियों की शिकायतें बढ़ रहीं थीं, ग्राउंड स्टाफ तक कह रहा था कि 'पायलट उपलब्ध नहीं हैं।' यानी संकट साफ दिख रहा था, फिर भी कंपनी ने समय रहते फ्लाइट्स को घटाया नहीं या क्रू प्लानिंग नहीं सुधारी। एक्सपर्ट कहते हैं कि DGCA को भी विंटर शेड्यूल में अतिरिक्त उड़ानों की मंजूरी देते वक्त नए FDTL नियमों का असर ध्यान में रखना चाहिए था। कई लोग इसे ‘स्टेज मैनेज्ड’ स्थिति मान रहे हैं, लेकिन एक लिस्टेड कंपनी अपनी साख दांव पर लगाने का जोखिम नहीं लेती। असलियत यही लगती है- एक सिस्टमेटिक फेल्योर, जिसके लिए अब तुरंत सुधारात्मक कदम जरूरी हैं, वरना हालात और बिगड़ सकते हैं। IndiGo की सेवाएं कब होंगी सामान्य? इंडिगो ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि अगले 48 घंटों में संचालन सामान्य होने लगेगा। कंपनी का कहना है कि उसकी टीमें चौबीसों घंटे काम कर रही हैं ताकि यात्रियों … Read more

लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल की हिरासत बढ़ाई गई, NIA ने कोर्ट में पेश किए नए सबूत

नई दिल्ली  पटियाला हाउस कोर्ट की विशेष एनआईए कोर्ट ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई की कस्टडी बढ़ा ही है। अनमोल बिश्नोई की एनआईए कस्टडी को 7 दिन के लिए बढ़ा दी गई है। हाई-प्रोफाइल और सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील मामला होने के कारण एनआईए जज खुद एनआईए मुख्यालय पहुंचे और वहीं पर बंद कमरे में सुनवाई की। अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से अवैध तरीके से रहने के आरोप में हाल ही में डिपोर्ट किया गया था। भारत आने के बाद एनआईए ने उसे कड़ी सुरक्षा में हिरासत में लिया है और उससे कई गंभीर मामलों में पूछताछ जारी है। बता दें कि एनआईए ने अमेरिका से प्रत्यर्पण कर 19 नवंबर को भारत पहुंचते ही अनमोल बिश्नोई को गिरफ्तार कर लिया था। 2022 से फरार चल रहे अनमोल को एनआईए के मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल था। उस पर 10 लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया था। वह लॉरेंस के टेरर सिंडिकेट से जुड़ा 19वां आरोपी है। अनमोल को नवंबर 2024 में कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो में अवैध प्रवेश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जहां एफबीआई ने डीएनए और वॉयस सैंपल से उसकी पहचान की थी। उसके बाद लंबी डिपोर्टेशन प्रक्रिया चली थी। इससे पहले, मार्च 2023 में एनआईए ने लॉरेंस बिश्नोई के नेतृत्व में टेरर-गैंगस्टर साजिश मामले में अनमोल के खिलाफ 1200 पेज की चार्जशीट दाखिल की थी। जांच में पाया गया कि 2020 से 2023 के बीच अनमोल ने गोल्डी बराड़ और लॉरेंस के इशारों पर भारत में कई आपराधिक गतिविधियां अंजाम दीं। वह अमेरिका से ही गैंग को निर्देश देता था और शूटरों को शरण, हथियार और लॉजिस्टिक सप्लाई मुहैया कराता था। पंजाब के फाजिल्का का रहने वाला अनमोल नेपाल, दुबई और केन्या के रास्ते अप्रैल 2022 में फर्जी पासपोर्ट पर अमेरिका भागा था। अनमोल का नाम कई हाई प्रोफाइल केसों से जुड़ा है। अक्टूबर 2024 में मुंबई में एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या में वह मुख्य साजिशकर्ता था।

Bansal Sweets पर बड़ा एक्शन: जालंधर की नामी दुकान विवादों में घिरी

जालंधर शहर के जवाहर नगर मार्केट में बनी मशहूर बंसल स्वीट्स शॉप पर नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोप है कि यह दुकान पूरी तरह से नाजायज कब्ज़े पर बनी थी और शुरुआत से ही विवादों में घिरी हुई थी। दुकान के खिलाफ हाईकोर्ट में भी शिकायत दर्ज की गई थी। शुक्रवार को नगर निगम की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और डिच मशीन की मदद से अवैध हिस्से को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि दुकान प्रबंधन ने न सिर्फ अवैध निर्माण किया, बल्कि सड़क और पार्किंग एरिया पर भी कब्ज़ा कर लिया था। बताया जा रहा है कि दुकान के बाहर सड़क की तरह चौपाटी बनाकर रास्ता संकरा कर दिया गया था, जिससे आसपास के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। नगर निगम अधिकारियों ने साफ कहा है कि शहर में कहीं भी अवैध कब्ज़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। क्या है मामला  बता दें कि शहर के विवादित HEAT 7 इमारत के गिराए जाने के बाद उसी स्थान पर  बंसल स्वीट शॉप खोली गई थी। शिकायतकर्ताओं का कहना था कि पिछले दो दशकों से इस स्थान पर सड़क पर कब्जा और बिना मंजूरी के मुख्य रास्ता सड़क की ओर बनाने जैसी अनियमितताएं पाई गई थी। नगर निगम पहले भी इस स्थान को लेकर कई खामियां स्पष्ट कर चुका था, लेकिन अब नए मालिक ने भी वैसा निर्माण किया।

हैरान करने वाले आंकड़े! हरियाणा में 10 साल में टोल टैक्स में रिकॉर्ड उछाल, प्रति नागरिक पर बढ़ा बोझ

हरियाणा  हरियाणा में वाहन चालकों से ज्यादा टोल वसूला जा रहा है। पिछले साल के मुकाबले इस साल अक्टूबर तक गुजरात में टोल वसूली 1928.57 करोड़ रुपये कम हुई है, जबकि हरियाणा में इस अवधि में 368.57 करोड़ रुपये अधिक टोल वसूली हुई है।  हरियाणा में टोल वसूली ज्यादा और बजट आवंटन कम आंकड़ों के मुताबिक हरियाणा में टोल वसूली 2014-15 में 461.88 करोड़ से बढ़कर 2025–26 में 2,324.95 करोड़ यानी पांच गुना बढ़ गई है। दीपेंद्र हुड्डा के सवाल के जवाब में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में यह जानकारी दी। दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि हरियाणा से तीन गुना बड़े प्रदेश गुजरात से ज्यादा टोल यहां वसूला जा रहा है। टोल वसूली के नाम पर हरियाणा की जनता की जेब खाली हो रही है। गुजरात में 62 टोल हैं, जबकि हरियाणा में 75 टोल के माध्यम से वसूली हो रही है। हरियाणा में टोल वसूली ज्यादा और बजट आवंटन कम है। केंद्र सरकार ने 3500 करोड़ के खेल बजट में से केवल 80 करोड़ ही हरियाणा को दिया है, जबकि गुजरात को 600 करोड़ का खेल बजट दिया। दीपेंद्र हुड्डा ने बताया कि हरियाणा में प्रति व्यक्ति सबसे ज्यादा 917.1 रुपये की टोल वसूली हो रही है।

संतरा vs किन्नू: विंटर सीज़न का हेल्थ चैंपियन कौन? पूरी गाइड अंदर

सर्दियां आते ही बाजार में दो फलों की भरमार दिखने लगती है संतरा और किन्नू। देखने में दोनों एक जैसे लगते हैं, स्वाद में भी काफी मिलते-जुलते हैं, लेकिन सेहत की बात आए तो लोग अक्सर उलझ जाते हैं कि आखिर सर्दियों में कौन सा फल ज्यादा फायदेमंद है और किसे ज्यादा तवज्जो देनी चाहिए? विटामिन C से भरपूर ये दोनों फल इम्यूनिटी बढ़ाने, त्वचा को ग्लो देने और सर्दी-खांसी से बचाने में मदद करते हैं, लेकिन फिर भी इनके पोषक तत्वों, स्वाद और शरीर पर असर में थोड़ा फर्क होता है। अगर आप भी यही सोचकर कंफ्यूज रहते हैं कि सुबह जूस में क्या पिएं, बच्चों के टिफिन में क्या रखें या डाइट में कौन सा फल शामिल करें तो आज हम आसान भाषा में समझेंगे कि किन्नू और संतरे में कौन ज्यादा पौष्टिक है, कौन सा किन पोषक तत्वों से भरपूर है, किसे कब खाना चाहिए और सही तरीके से खाने पर इनका फायदा कैसे दोगुना किया जा सकता है। संतरा और किन्नू में अंतर दिखने में एक जैसे होने के बावजूद संतरा और किन्नू में कई अंतर हैं। संतरे का छिलका पतला होता है और इसका स्वाद हल्का खट्टा-मीठा होता है। इसमें फाइबर की मात्रा अधिक पाई जाती है, जिससे यह पाचन को सुधारने और कब्ज की समस्या दूर करने में मदद करता है। वहीं किन्नू का छिलका थोड़ा मोटा होता है और स्वाद अधिक मीठा व रसदार होता है। किन्नू में प्राकृतिक शुगर और जूस की मात्रा अधिक होने के कारण यह शरीर को ऊर्जा और हाइड्रेशन प्रदान करने में विशेष रूप से लाभदायक है। सर्दियों में कौन सा फल ज्यादा फायदेमंद? स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से दोनों फल अपने-अपने तरीके से फायदेमंद हैं। यदि किसी को अक्सर सर्दी-खांसी, कमजोरी या पाचन संबंधी समस्या रहती है तो संतरा बेहतर विकल्प माना जाता है क्योंकि इसमें फाइबर और विटामिन C अधिक पाया जाता है। दूसरी ओर, यदि आप त्वचा की नमी बनाए रखना चाहते हैं, थकान से जूझ रहे हैं या शरीर को प्राकृतिक ऊर्जा देना चाहते हैं तो किन्नू ज्यादा कारगर सिद्ध होता है। इसलिए, सबसे अच्छा विकल्प है कि दोनों को आहार में बारी-बारी शामिल किया जाए ताकि शरीर को संपूर्ण पोषण मिल सके। किसे कौन सा फल चुनना चाहिए हर व्यक्ति के शरीर की जरूरत अलग होती है, इसलिए फल का चयन उसी आधार पर करना चाहिए। डायबिटीज वाले लोगों के लिए संतरा बेहतर माना जाता है, क्योंकि इसमें शुगर की मात्रा अपेक्षाकृत कम होती है। जो लोग वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं, उनके लिए भी संतरा अधिक उपयोगी है, क्योंकि इसमें फाइबर अधिक और कैलोरी कम होती है। वहीं बच्चों, कमजोरी से जूझ रहे लोगों और डिहाइड्रेशन की समस्या वाले व्यक्तियों के लिए किन्नू का सेवन अधिक लाभकारी है, क्योंकि यह अत्यधिक रसदार और ऊर्जा देने वाला होता है। सही समय और सही तरीकासही समय और सही तरीका संतरे खाने के फायदे संतरा विटामिन C से भरपूर होता है, जो शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत बनाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा के लिए बेहद लाभदायक होते हैं और चेहरे पर प्राकृतिक चमक लाते हैं। संतरा फाइबर का बेहतरीन स्रोत है, इसलिए यह पाचन तंत्र को मजबूत करता है और कब्ज की समस्या से राहत देता है। इस फल में पाए जाने वाले पोटेशियम और मैग्नीशियम हाई बीपी को कंट्रोल करने में सहायक होते हैं। संतरे का सेवन किडनी स्टोन और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के जोखिम को भी कम करता है। कम कैलोरी होने की वजह से यह वजन घटाने वालों के लिए एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है। किन्नू खाने के फायदे किन्नू भी संतरे की तरह विटामिन C से भरपूर होता है और इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है। किन्नू शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है और हृदय को स्वस्थ बनाए रखता है। इसमें मौजूद कैल्शियम और अन्य पोषक तत्व हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। किन्नू में मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को सुधरता है और कब्ज की समस्या से राहत दिलाता है।

मोदी-पुतिन की मंच से बड़ी बात: विश्वास बना भारत-रूस रिश्तों की नींव, विकास की रफ्तार पर रूसी राष्ट्रपति की मुहर

नई दिल्ली रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-रूस बिजनेस फोरम में हिस्सा लिया।भारत-रूस बिज़नेस फोरम में PM नरेंद्र मोदी ने कहा, "राष्ट्रपति पुतिन का आज इतना बड़ा प्रतिनिधिमंडल लेकर इस कार्यक्रम का हिस्सा बनना बहुत महत्वपूर्ण रहा। मैं आप सभी का हृदय से स्वागत करता हूँ। आप सभी के बीच आकर, इस फोरम में शामिल बनकर अपने विचार शेयर करके मुझे बहुत खुशी हो रही है। मैं अपने दोस्त राष्ट्रपति पुतिन का दिल से शुक्रिया अदा करता हूँ।  भारत और यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन के बीच FTA पर बातचीत शुरू हो गई है… चाहे बिज़नेस हो या डिप्लोमेसी, किसी भी साझेदारी की नींव आपसी विश्वास है। यही विश्वास भारत-रूस संबंधों की सबसे बड़ी ताकत है। PM नरेंद्र मोदी कहा ने "राष्ट्रपति पुतिन और मैंने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार के लिए $100 बिलियन के लक्ष्य को पार करने का लक्ष्य रखा है। लेकिन कल से राष्ट्रपति पुतिन के साथ मेरी बातचीत और हम जो क्षमता देख रहे हैं, मुझे नहीं लगता कि हमें 2030 तक इंतजार करना होगा। हम उस लक्ष्य को समय से पहले हासिल करने के दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं, और मेरा आत्मविश्वास बढ़ रहा है। टैरिफ और नॉन-टैरिफ बैरियर कम किए जा रहे हैं…पिछले 11 सालों में भारत में हमने जिस स्पीड और स्केल पर बदलाव हासिल किया है, वह पहले कभी नहीं हुआ।  रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के प्रिंसिपल पर चलते हुए, भारत तेज़ी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी बनने की ओर बढ़ रहा है। हमारा इरादा पहले से कहीं ज़्यादा मज़बूत है, और हम अपने लक्ष्यों की ओर बहुत कॉन्फिडेंस और तेज़ रफ़्तार से आगे बढ़ रहे हैं। GST में नेक्स्ट-जेनरेशन रिफॉर्म और कम्प्लायंस में कमी, बिज़नेस को आसान बनाने के लिए उठाए गए कदम हैं। मोदी ने कहा, "डिफेंस और स्पेस को प्राइवेट सेक्टर के लिए खोल दिया गया है। इससे इन सेक्टर में नए मौके बने हैं। अब हम सिविल-न्यूक्लियर सेक्टर में भी नई संभावनाओं के दरवाज़े खोलने जा रहे हैं। यह सिर्फ़ एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म नहीं है, बल्कि माइंडसेट रिफॉर्म है। इन रिफॉर्म के पीछे एकमात्र संकल्प एक डेवलप्ड इंडिया है।" "मैं हमारे सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए कुछ आइडिया देना चाहूंगा। सबसे पहले, लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में, आज की मीटिंग में, प्रेसिडेंट पुतिन और मैंने अपनी कनेक्टिविटी की पूरी क्षमता का इस्तेमाल करने पर ज़ोर दिया। हम INSTC, या नॉर्दर्न सी रूट, यानी चेन्नई-व्लादिवोस्तोक कॉरिडोर पर आगे बढ़ने के लिए कमिटेड हैं। इस दिशा में जल्द ही प्रोग्रेस होगी। इससे ट्रांज़िट टाइम कम होगा, लागत कम होगी और बिज़नेस के लिए नए मार्केट खुलेंगे। डिजिटल टेक्नोलॉजी की पावर से, हम वर्चुअल ट्रेड कॉरिडोर के ज़रिए कस्टम, लॉजिस्टिक्स और रेगुलेटरी सिस्टम को कनेक्ट कर सकते हैं। इससे कस्टम क्लियरेंस तेज़ होगा, पेपरवर्क कम होगा और कार्गो मूवमेंट ज़्यादा आसान होगा। इंडिया-रूस बिज़नेस फोरम में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा, "…रूसी प्रतिनिधि मंडल सिर्फ़ एनर्जी के मामलों पर बात करने और तेल और गैस की सप्लाई के लिए कॉन्ट्रैक्ट साइन करने नहीं आया था। हम चाहते हैं कि भारत के साथ अलग-अलग क्षेत्र में हमारे कई तरह के रिश्ते बनें। प्रधानमंत्री मोदी ने हमारी प्राइवेट बातचीत में कई मौकों पर इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत के पास कई क्षेत्रों में बड़े और बढ़ते हुए मौके हैं, लेकिन अब तक उनका उतना इस्तेमाल नहीं हुआ है जितना दोनों देश चाहते हैं। यही वजह है कि हमने यह फोरम बुलाया। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा, "मैं इस बात पर ज़ोर देना चाहूंगा कि PM मोदी के नेतृत्व में भारत एक स्वतंत्र और संप्रभु नीति पर चल रहा है और साथ ही बहुत अच्छे रिज़ल्ट भी पा रहा है। आज, भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। PM मोदी की अच्छी आर्थिक नीति और मेक इन इंडिया प्रोग्राम जैसे बड़े ऐतिहासिक पहल की वजह से, इंडिया टेक्नोलॉजी के मामले में संप्रभु बन रहा है। भारत के IT और फार्मा सेक्टर दुनिया में प्रमुख स्थान पर हैं। भारत-रूस बिजनेस फोरम में, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा, "रूस फरवरी 2026 में भारत में होने वाले AI समिट में भाग लेने में रुचि रखता है।"

रूस में मोदी–पुतिन मुलाकात से पहले बड़ा संकेत: स्टेट डिनर में थरूर, राहुल–खरगे आउट

नई दिल्ली रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन इस वक्त भारत के दौरे पर हैं। उनके इस दौरे पर भारत और रूस के बीच कई अहम समझौते हुए। वहीं आज रात पुतिन के सम्मान में स्टेट डिनर का आयोजन होगा, जिसमें कांग्रेस सांसद शशि थरूर शामिल होंगे। लेकिन चौंकाने वाली बात ये है कि इस डिनर में विपक्ष के दो वरिष्ठ नेताओं राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे को शामिल होने का निमंत्रण नहीं मिला है। शशि थरूर ने इस मामले पर कहा कि मुझे निमंत्रण मिला है और मैं जरूर जाऊंगा।   थरूर बोले- जरूर जाऊंगा थरूर ने कहा, 'एक वक्त था जब एक्सटर्नल अफेयर्स कमेटी के चेयरमैन को रूटीन के तौर पर निमंत्रण मिलता था। यह प्रथा बीच में कुछ समय के लिए रुक गई थी, लेकिन लगता है कि ये फिर से शुरू हो गया है। क्योंकि मुझे निमंत्रण मिला है। मैं इसमें जरूर जाऊंगा।' राहुल और खरगे को निमंत्रण न मिलने पर थरूर ने कहा कि मुझे नहीं पता कि ये निमंत्रण किस आधार पर दिए जाते हैं। मुझे मालूम है कि जब मैं एक्सटर्नल अफेयर्स कमेटी का पहले चेयरमैन था तो भी मुझे बुलाया जाता था। थरूर ने कहा कि पहले से चली आ रही परंपराओं का पालन होना चाहिए। पहले एलओपी, दूसरी पार्टी के लीडर्स को भी बुलाया जाता था। लेकिन अब कैसे निमंत्रण भेजे जाते हैं, इसके बारे में मुझे पता नहीं है। बता दें कि राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं, वहीं खरगे राज्यसभा में विपक्ष के नेता हैं। इन दोनों को स्टेट डिनर में शामिल न करके शशि थरूर को चुनना सरकार की किसी रणनीति का हिस्सा हो सकती है। थरूर के संबंध पहले से ही कांग्रेस आलाकमान के साथ अच्छे नहीं चल रहे हैं। बीते दिनों खबर आई थी कि थरूर ने सोनिया गांधी की बुलाई मीटिंग में हिस्सा भी नहीं लिया था।  

क्यों डराती है शनि की महादशा? समझें इसके प्रभाव और राहत के उपाय

ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को ‘कर्मफल दाता’ और ‘न्यायाधीश’ की उपाधि प्राप्त है. ये व्यक्ति को उनके कर्मों के अनुसार शुभ या अशुभ फल प्रदान करते हैं. शनि के प्रभाव की चर्चा होते ही दो स्थितियां सबसे पहले मन में आती हैं. शनि साढ़े साती और शनि की महादशा जिसमें आमजन में साढ़े साती का भय अधिक है, लेकिन ज्योतिष के जानकार मानते हैं कि यदि कुंडली में शनि अशुभ स्थिति में हो, तो शनि की महादशा कई मायनों में साढ़े साती से कहीं अधिक गहरा और लंबी अवधि का प्रभाव डालती है, जिससे यह ज्यादा कष्टकारी सिद्ध हो सकती है. आइए, विस्तार से समझते हैं कि शनि की महादशा क्यों इतनी महत्वपूर्ण मानी जाती है और इसके अशुभ प्रभाव से बचने के लिए कौन से उपाय किए जा सकते हैं. शनि की महादशा का प्रभाव जन्म कुंडली में शनि की स्थिति के आधार पर जीवन के हर क्षेत्र (करियर, विवाह, स्वास्थ्य, धन, मान-सम्मान) को प्रभावित करती है. इसका प्रभाव मुख्य रूप से चंद्रमा से संबंधित राशियों पर गोचर के कारण होता है, जो महा दशा की तुलना में सीमित होता है. यदि शनि अशुभ है, तो इसकी लंबी अवधि 19 साल व्यक्ति को अत्यधिक मानसिक, आर्थिक अस्थिरता, और मान-सम्मान की हानि दे सकती है. शनि देव न्याय के देवता हैं, और वे शुभ फल भी देते हैं. लेकिन यदि आप सच्चे मन और श्रद्धा से ये उपाय करते हैं, तो शनि के अशुभ प्रभाव कम होते हैं और शुभ फल की प्राप्ति होती है. शनि की महादशा को दूर करने के उपाय हनुमान जी की पूजा हनुमान जी की पूजा शनि के दुष्प्रभावों को दूर करने का सबसे शक्तिशाली उपाय माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि हनुमान जी के भक्तों को शनि देव कभी कष्ट नहीं देते. क्या करें: मंगलवार और विशेष रूप से शनिवार को हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ पूरी श्रद्धा से करें. जिससे मानसिक बल मिलता है और संकटों से लड़ने की शक्ति आती है. शनि मंत्र का जाप शनि देव को प्रसन्न करने और उनकी नकारात्मक ऊर्जा को शांत करने के लिए मंत्र जाप बहुत ही प्रभावी होता है. क्या करें: प्रतिदिन 108 बार “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप रुद्राक्ष की माला से करें. यह जाप संध्या के समय करना विशेष फलदायी होता है. जिससे मन शांत होता है और शनि का गोचर/दशा का नकारात्मक प्रभाव कम होता है. भगवान शिव की आराधना शिव जी की पूजा से भी शनि देव प्रसन्न होते हैं, क्योंकि शनि देव स्वयं शिव जी को अपना गुरु मानते हैं. क्या करें: नियमित रूप से भगवान शिव का जलाभिषेक करें और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें. जिससे गंभीर रोगों और आकस्मिक संकटों से मुक्ति मिलती है. पीपल वृक्ष की पूजा पीपल के पेड़ में सभी देवताओं का वास माना जाता है, और यह शनि देव को भी प्रिय है. क्या करें: शनिवार की शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का चौमुखी दीपक जलाएं. दीया जलाने के बाद परिक्रमा करें. जिससे आर्थिक स्थिरता और सामाजिक मान-सम्मान की प्राप्ति होती है. दान और सेवा शनि देव उन लोगों से प्रसन्न होते हैं जो जरूरतमंदों की सेवा करते हैं और अपने कर्मों को शुद्ध रखते हैं. क्या करें: शनिवार को काले वस्त्र, सरसों का तेल, काली उड़द दाल, लोहा या काले जूते का दान करें. निर्धन, वृद्ध और दिव्यांग लोगों की निःस्वार्थ सेवा करें.