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इंद्रेश उपाध्याय की शादी की पहली झलक, दुल्हन शिप्रा की सादगी पर फिदा हुए लोग

जयपुर    जाने-माने कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय आज जयपुर में शादी के बंधन में बंध गए. उनकी हल्दी, मेहंदी, संगीत के बाद अब उनकी शादी की पहली झलक सामने आ गई है, जो आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. कथावाचक इंद्रेश और उनकी दुल्हन की मंडप से पहली फोटो सामने आई है, जिसे देखने के बाद लोग काफी खुश हो गए हैं और दूल्हा-दुल्हन की तारीफ कर रहे हैं.   मंडप से पहली तस्वीर आई सामने इंद्रेश उपाध्याय और उनकी दुल्हन शिप्रा की मंडप से फोटो सामने आई है, जिसमें उनके पीछे काफी सारे मेहमान नजर आ रहे हैं. इंद्रेश उपाध्याय  ने लाइट पीच कलर का धोती-कुर्ता पहन रखा है और सिर्फ मैचिंग कलर की पगड़ी भी पहन रखी है, जिसमें वो किसी राजा से कम नहीं लग रहे हैं.  दुल्हन की सादगी ने जीता दिल  कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय की दुल्हन शिप्रा का ब्राडल लुक ने लोगों का ध्यान खींच लिया है. उन्होंने लहंगे की बजाय ट्रेडिशनल कपड़े पहने हैं, जिसमें वो बहुत खूबसूरत लग रही हैं. गोल्डन कलर की सिल्क साड़ी पहनी है, जिसके साथ लाल रंग का दुप्पटा ओढ़ रखा है. दुल्हनिया शिप्रा ने किसी ट्रेंड को फॉलो किए बिना सादगी भरे अंदाज से लोगों को दिल जीत लिया है और हर तरफ उनकी तारीफ हो रही है. कथावाचक के हाथ में लगाई थी मेहंदी शादी के पहले दिन की रस्म मेहंदी की थी, इस दौरान दुल्हन शिप्रा ने खुद इंद्रेश के हाथों पर मेहंदी लगाई थी. मेहंदी की  रस्म में भी वो राजस्थानी लहंगा-चोली पहने नजर आई थीं, और उनकी खूब तारीफ भी हुई थी. मेहंदी सेरेमनी के वीडियो भी जमकर वायरल हुए थे और लोग दोनों की जोड़ी की तारीफ कर रहे थे. शादी में शरीक हुए धीरेंद्र शास्त्री बागेश्वर सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और कवि कुमार विश्वास दोनों भी इस शादी में शरीक होने आज ही जयपुर पहुंचे. दोनों का सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें वो दोनों जयपुर एयरपोर्ट पर बाहर निकलते हुए दिखाई दे रहे हैं. 

सावधान रहें! Kinder Chocolate के बाद बीमारी का कहर, 150+ लोग हुए बीमार

बच्चों में बेहद लोकप्रिय Kinder Chocolates को लेकर एक बड़ी स्वास्थ्य चेतावनी जारी की गई है। यूरोप के कई देशों में इन चॉकलेट्स के सेवन के बाद साल्मोनेला संक्रमण के मामले सामने आए हैं जिसके चलते 150 से ज़्यादा लोग बीमार पड़ गए हैं। बीमार पड़ने वालों में ज़्यादातर छोटे बच्चे शामिल हैं। बेल्जियम की फैक्ट्री से फैला संक्रमण संक्रमण के कारण कुछ बच्चों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है हालांकि राहत की बात यह है कि अभी तक किसी की मौत की खबर नहीं है। जांच से पता चला है कि यह संक्रमण बेल्जियम की एक फैक्ट्री से फैला है। उत्पादन के दौरान स्वच्छता और गुणवत्ता जांच में हुई चूक के कारण यह बैक्टीरिया चॉकलेट में फैल गया। नतीजतन, किंडर चॉकलेट बनाने वाली कंपनी ने कई अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों से प्रभावित बैचों को वापस मंगाने का फैसला किया है। भारत में सुरक्षित हैं उपभोक्ता इस अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य चेतावनी के बाद भारत को लेकर भी चिंताएं जताई जा रही थीं लेकिन भारतीय उपभोक्ताओं के लिए एक अच्छी खबर है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने पुष्टि की है कि दूषित बैच भारत में आयातित नहीं किए गए थे। इसका मतलब है कि भारतीय उपभोक्ता इस प्रकोप से पूरी तरह सुरक्षित हैं। डॉक्टरों की सलाह स्वास्थ्य विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि साल्मोनेला संक्रमण बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष रूप से खतरनाक हो सकता है। यह पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियां पैदा करता है। लोगों को वापस बुलाए गए उत्पादों का सेवन करने से बचने की सलाह दी जाती है और अगर इन्हें खाने के बाद दस्त, उल्टी या बुखार जैसे कोई भी लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।  

हनुमानगढ़ी में सनसनी: संत महेश योगी को जिंदा जलाने की साजिश, बाल-बाल बचे

अयोध्या श्रीराम की नगरी अयोध्या के प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर परिसर में ही स्थित भवन में रहने वाले संत महेश योगी को जिंदा जलाने की कोशिश की गई है। संत के अनुसार शुक्रवार की भोर में सोते समय उनके कमरे में पीछे की ओर लगी खिड़की की लोहे की जाली काटकर ज्वलनशील पदार्थ के साथ आग अंदर फेंकी गई। संयोग से आग कमरे में फैलते ही संत की आंख खुल गई और वह बाहर भाग कर अपनी जान बचाने में सफल हो गए। पुलिस और फोरेंसिक विभाग की टीम जांच में जुटी है। सीसीटीवी से सुराग की कोशिश हो रही है। थाना राम जन्मभूमि क्षेत्र में स्थित हनुमानगढ़ी परिसर में रहने वाले स्वामी महेश योगी ने बताया कि वह अपने भवन गोविंदगढ़ में रोज की तरह गुरुवार की रात सो रहे थे। शुक्रवार की भोर में लगभग साढ़े तीन बजे आश्रम के पिछले हिस्से में खिड़की में लगी लोहे की जाली काटकर कमरे को जलाने के उद्देश्य से अंदर आग का गोला फेंका गया। इससे कमरे में आग की लपटें और धुंआ निकलने लगा और उनकी आंख खुल गई। संत का आरोप है कि यह आग उन्हें मारने की साजिश के तहत लगाई गई थी। आग ज्वलनशील पदार्थ के माध्यम से लगाई गई है, क्योंकि बदबू पूरे कमरे फैल गई थी। समय रहते आग बुझा ली गई। इससे अधिक नुकसान नहीं हुआ है। संत की शिकायत पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम जांच में जुट गई है। सीसीटीवी से संदिग्ध व्यक्ति की पहचान की जा रही है। मेरे खिलाफ कुछ संत कर रहे षड्यंत्र संत महेश योगी ने एक दूसरे संत का नाम लेते हुए कहा कि वह मेरे खिलाफ साजिश रच रहे हैं। उनकी सह पर हनुमानगढ़ी से निष्कासित कुछ संत आए दिन षड्यंत्र करते रहते हैं। यहां तक कि दुष्कर्म जैसे अपराध में भी मुझे फंसाने की साजिश पहले रच चुके हैं। कहा कि उस महंत ने दो साल से हनुमानगढ़ी से मिलने वाली सभी सहायता बंद कर दी है। यहां तक कि दान पात्र में मिले रुपए भी ले लिए हैं, जिसमें करीब दो करोड़ रुपए की धांधली की गई है। इसकी शिकायत की थी। तब आरोपी संत को फटकार भी लगी थी। इसके बावजूद षड्यंत्र जारी है। यह भी कहा कि हनुमानगढ़ी में चार पट्टियां (उज्जैनिया, बसंतिया, सागरी और हरिद्वारी) हैं। चारों महंतों के ऊपर एक गद्दीनशीन होते हैं। चारों पट्टियों में चार-चार महंत होते हैं। इन पट्टियों में 40 से 50 आश्रम हैं। प्रत्येक आश्रम के अलग-अलग महंत होते हैं। बसंतिया पट्टी के 40 आश्रम हैं, जिनमें से एक गोविंदगढ़ आश्रम का मैं महंत हूं। आश्रम की संपत्ति पर कब्जा करने के लिए मुझे मारने की साजिश रची जा रही है।  

JP नड्डा का झारखंड दौरा आज से शुरू, जानें कार्यक्रम की पूरी टाइमलाइन

देवघर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा आज यानी शुक्रवार को झारखंड के देवघर पहुंचेंगे। जेपी नड्डा यहां 2 दिन रहेंगे। इस दौरान जेपी नड्डा राज्य की प्रदेश कोर कमेटी के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होंगे। जेपी नड्डा का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम सूत्रों के मुताबिक नड्डा शाम 7:30 बजे देवघर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता उनका स्वागत करेंगे। रात 8:45 बजे नड्डा राज्य की प्रदेश कोर कमेटी के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होंगे, जिसमें राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और आगामी रणनीतियों पर चर्चा होने की संभावना है। कल यानी शनिवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री सुबह बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूजा अर्चना करेंगे और फिर सुबह 10 बजे देवघर में ही नवनिर्मित जिला भाजपा कार्यालय का उद्घाटन करेंगे। कार्यालय के उद्घाटन के बाद नड्डा पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। इसके बाद जिला भाजपा कार्यालय में भाजपा झारखंड प्रदेश कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करेंगे। फिर शाम को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा एम्स, देवघर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के विकास कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। वे देवघर से ही वर्चुअल तरीके से गुमला जिला भाजपा कार्यालय का भी उद्घाटन करेंगे।  

बाबरी मस्जिद विवाद पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, हुमायूं कबीर को नहीं मिली रोक

कोलकाता  तृणमूल कांग्रेस से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर उच्च न्यायलय से बड़ी राहत मिली है। शुक्रवार को हाईकोर्ट ने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद निर्माण केस में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। अदालत ने शांति की जिम्मेदारी राज्य सरकार पर छोड़ दी है। कबीर ने 6 दिसंबर को बाबरी जैसी मस्जिद की नींव रखने का ऐलान किया है। विधायक ने अदालत के फैसले पर खुशी जाहिर की है। फैसले पर कबीर ने कहा, 'मैंने पहले ही कह दिया था कि मैं नींव रखूंगा। हाईकोर्ट के जज ने जो निर्णय लिया, उससे मैं बहुत खुश हूं…। मैं हाईकोर्ट के जज को बधाई देता हूं…। यह मेरा संवैधानिक अधिकार है…। जो लोग हाईकोर्ट गए थे, उन्हें मुंहतोड़ जवाब मिला है…।' TMC पर भड़के टीएमसी ने विधायक कबीर को गुरुवार को पार्टी से निलंबित कर दिया था। पीटीआई भाषा के अनुसार, निलंबन के कुछ ही देर बाद कबीर ने घोषणा की कि वह विधायक पद से इस्तीफा दे देंगे, इस महीने के अंत में अपनी पार्टी बनाएंगे और प्रस्तावित कार्यक्रम को बढ़ाएंगे, भले ही इसके लिए उन्हें ‘गिरफ्तार’ किया जाए या मार ही क्यों न दिया जाए। लंबन की खबर तब सामने आई जब कबीर बहरामपुर में मुख्यमंत्री की एसआईआर विरोधी रैली के आयोजन स्थल पर बैठे थे, जहां तृणमूल ने उन्हें पहले आमंत्रित किया था। कबीर ने इसे 'जानबूझकर किया गया अपमान' बताया और कहा कि उनके खिलाफ 'साजिश' रची गई है। उन्होंने कहा, 'मुझे कोई पत्र नहीं मिला है। लेकिन मैं शुक्रवार या सोमवार को विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दूंगा।' कबीर ने कहा कि उनका नया संगठन अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में कुल 294 में से 135 सीट पर उम्मीदवार उतारेगा। सत्तारूढ़ पार्टी में लौटने से पहले कभी कांग्रेस, कभी तृणमूल और कभी भाजपा में रहे कबीर ने कहा कि बेलडांगा में छह दिसंबर का शिलान्यास कार्यक्रम रद्द नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी के लहजे में कहा, '(शिलान्यास कार्यक्रम में) लाखों लोग शामिल होंगे। अगर प्रशासन हमें रोकने की कोशिश करेगा, तो एनएच-12 जाम किया जा सकता है।' उन्होंने कहा कि उन्हें चुप कराने के लिए उनकी हत्या भी की जा सकती है। कबीर ने कहा कि अगर उन्हें रोका गया, तो वह धरने पर बैठेंगे और 'गिरफ्तारी देंगे'। उन्होंने कहा कि उन्हें 'न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।'  

सरकारी विद्यालयों के लिए नई गाइडलाइन: अब सुबह राज्य गीत और दिन के अंत में राष्ट्रगान

पटना नई सरकार बनने के बाद शिक्षा विभाग एक्शन में है। अब शिक्षा विभाग ने प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालयों के लिए नई एडवाइजरी जारी कर दी है। शिक्षा विभाग ने अब सभी सरकारी स्कूलों में मॉडल टाइम टेबल लागू करने का निर्देश दिया है। खास बात यह है कि यह निर्देश राज्य के सभी संस्कृत स्कूल और मदरसों पर भी लागू होगा। माध्यमिक शिक्षा के निदेशक सज्जन आर की ओर से सभी स्कूलों को जारी किए गए नए टाइम टेबल की अधिसूचना भी जारी कर दी है। आइए जानते हैं विभाग की ओर से क्या टाइम टेबल जारी किया गया है? हर घंटी चालीस मिनट की होगी शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए निर्देश के अनुसार अब बिहार के सभी स्कूल सुबह 9:30 बजे से शाम के 4:00 तक चलेंगे। वही 9:30 से 10:00 तक सभी स्कूलों में प्रार्थना सभा का आयोजन किया जाएगा इस प्रार्थना में बिहार गीत का गायन होगा। इस प्रार्थना में सभी शिक्षक और कर्मचारियों को मौजूद रहना अनिवार्य है। इसके बाद 10:00 बजे से 4:00 तक कुल 8 घंटी की पढ़ाई होगी।इसमें 10 बजे से 10:40 तक पहली घंटी होगी। वही 10:40 बजे से 11:20 बजे तक दूसरी घंटी होगी। 12 से 12:40 तक लंच होगा। इसी तहत हर चालीस मिनट की एक घंटी होगी। आठवीं घंटी 3:20 बजे से चार बजे तक चलेगी। इसके बाद छुट्टी हो जाएगी। छुट्टी के वक्त सभी स्कूलों में राष्ट्रगान होगा और इसे हर दिन अनिवार्य रूप से करना होगा।

भारत की भूमिका पर खुलकर बोले पीएम मोदी, पुतिन से कहा—हम तटस्थ नहीं हैं

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्विपक्षीय बैठक करने जा रहे हैं। इस शिखर वार्ता के दौरान पीएम मोदी ने कहा है कि भारत न्यूट्रल नहीं है, बल्कि शांति का पक्षधर है। बैठक हैदराबाद हाउस में होने जा रही है। इससे पहले रूसी राष्ट्रपति राजघाट गए थे। शिखर वार्ता से पहले राष्ट्रपति भवन में उनका औपचारिक रूप से स्वागत किया गया। पीएम मोदी ने पुतिन के साथ शिखर वार्ता के दौरान कहा कि भारत रूस-यूक्रेन संघर्ष में तटस्थ नहीं है, बल्कि शांति के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष संवाद और कूटनीति के माध्यम से खत्म होना चाहिए। उन्होंने कहा, 'हम इस संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करते हैं।' इस दौरान पुतिन ने कहा कि रूस इस संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान पर काम कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'पिछले दिनों विश्व समुदाय के सभी नेताओं से जब भी मेरी बात हुई है और उन्होंने जब भी विस्तार से चर्चा की तब मैंने कहा है कि भारत न्यूट्रल नहीं है भारत का पक्ष है और वो पक्ष शांति का है। हम शांति के हर प्रयास का समर्थन करते हैं और इसके हर प्रयास के साथ हैं…मुझे पूरा भरोसा है हम आज कई विषयों पर चर्चा करने वाले हैं। भारत और रूस का आर्थिक संबंधों का अधिक विस्तार हो। हम नई-नई ऊंचाईयों को प्राप्त करे…।' उन्होंने कहा, 'यूक्रेन के संकट के बाद हमारी लगातार चर्चा होती रही है आपने भी समय-समय पर एक सच्चे मित्र के रूप में हमें सभी चीजों से अवगत कराया। मैं समझता हूं कि ये विश्वास बहुत बड़ी ताकत है और आपको मैंने अनेक बार इस विषय पर चर्चा की है….विश्व का कल्याण शांति मार्ग पर ही है हम सबको मिलकर शांति के राह तलाशने चाहिए और पिछले दिनों जो प्रयास चल रहे हैं मुझे पूरा विश्वास है कि विश्व फिर से एक बार शांति की दिशा में लौटेगा।' पीएम मोदी ने कहा, 'हमारी समिट कई नतीजों के साथ चल रही है। आपकी यात्रा बहुत ऐतिहासिक है। 2001 में जब आपने कार्यभार संभाला और पहली बार भारत की यात्रा हुई आज उसे 25 साल हो गए हैं। उस पहली यात्रा में ही स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप की मजबूत नींव रखी गई थी। मैं पर्सनली भी बहुत खुश हूं कि पर्सनल लेवल पर आपके साथ मेरे रिश्तों ने भी 25 साल पूरे कर लिए हैं। मेरा मानना ​​है कि 2001 में आपने जो रोल निभाया, वह इस बात का शानदार उदाहरण है कि एक विजनरी लीडर कैसे होता है, वह कहां से शुरू करता है और रिश्तों को कहां तक ले जा सकता है इसका एक उत्तम उदाहरण भारत और रूस के संबंध हैं।' खास बात है कि राष्ट्रपति पुतिन 4 साल बाद भारत यात्रा पर आए हैं। उनकी यात्रा ऐसे समय पर हो रही है, जब अमेरिका की तरफ से लगातार भारत को रूसी तेल की खरीद के कारण निशाना बनाया जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया है। साथ ही अमेरिका ने जी7 देशों से अपील की है कि रूसी तेल खरीदने वालों पर कार्रवाई की जाए।  

हरियाणा पुलिस का मेगा एक्शन: चौथे दिन 707 रेड, 165 अपराधियों की गिरफ्तारी

चंडीगढ़ हरियाणा पुलिस के राज्यव्यापी अभियान ‘ऑपरेशन स्पॉट डॉमिनेशन’ ने चौथे दिन यह साफ कर दिया कि जहां पहले अपराधियों के सुरक्षित ठिकाने हुआ करते थे, वहां अब पुलिस की लगातार मौजूदगी और कानून का कड़ा नियंत्रण है। पुलिस की इस व्यापक कार्रवाई ने संकेत दे दिया है कि हरियाणा अब अपराधियों के लिए बचाव नहीं, बल्कि कार्रवाई का क्षेत्र बन चुका है। 4 दिसंबर को पुलिस ने राज्यभर के चिन्हित 707 अपराध-संभावित स्थानों पर एक साथ दबिश देकर 92 नए केस दर्ज किए और 165 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसे हाल के वर्षों की सबसे बड़ी संयुक्त कार्रवाई माना जा रहा है।    अभियान के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए। इनमें      • 4.33 किलोग्राम गांजा     • 218 ग्राम अफीम     • 85 ग्राम हेरोइन     विदेशी दौरों के लिए नये नियम, अब ट्रेनिंग वालों को मिलेगी राहत'     • 2 किलोग्राम डोडा-पोस्त     • 23.5 ग्राम स्मैक     • 890 नशीली गोलियां शामिल हैं। विशेषकर सिरसा और फतेहाबाद में तस्करी नेटवर्क को भारी नुकसान पहुंचा। पुलिस ने स्पष्ट किया कि अब हरियाणा में नशा फैलाना धंधा नहीं, बल्कि जोखिम है। अवैध शराब, हथियार और गैंगस्टरों पर कार्रवाई     कार्रवाई के दौरान पुलिस ने     • 1000 से अधिक अवैध शराब की बोतलें     • 570 लीटर लहन     • 3 अवैध पिस्तौल     • 5 जिंदा कारतूस बरामद किए। हथियारों से जुड़े पांच नए मामले दर्ज किए गए। सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि 22 गैंग से जुड़े हिंसक अपराधियों की गिरफ्तारी रही। इंटर-स्टेट इंटेलिजेंस साझा, फरारों पर शिकंजा पुलिस ने पड़ोसी राज्यों के साथ 15 खुफिया रिपोर्ट साझा कीं ताकि अपराधी प्रदेश बदलकर न बच सकें। फतेहाबाद में एक आरोपी के खिलाफ लुक-आउट नोटिस जारी किया गया और उसका पासपोर्ट रद्द करवाने की प्रक्रिया शुरू की गई। गैंगों की आर्थिक प्रणाली पर सीधी चोट डीजीपी ओपी संह के मुताबिक अभियान का लक्ष्य सिर्फ आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उनकी आर्थिक शक्ति और आपराधिक ढांचे को खत्म करना है। फतेहाबाद में अपराध से अर्जित संपत्ति कुर्क की गई और हांसी में तीन अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए। उन्होंने कहा कि अवैध कमाई से तैयार की गई कोई भी संपत्ति अब सुरक्षित नहीं रहेगी।

महागठबंधन पर श्रवण कुमार की तीखी टिप्पणी, आलोक मेहता से बजट की मांग

पटना 18वें बिहार विधानसभा के विशेष सत्र का पांचवें दिन समापन हो गया। अंतिम दिन विधानसभा में द्वितीय अनुपूरक बजट पर चर्चा हुई। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सरकार 91,717.1135 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इस अनुपूरक बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला रोजगार, पेयजल, सड़क, ऊर्जा, पेंशन, सिंचाई, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, मेट्रो रेल और अन्य सामाजिक कल्याण योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। विधानसभा अध्यक्ष ने अनुपूरक बजट पर चर्चा के लिए सभी दलों को समय दिया है। सबसे ज्यादा 33 मिनट भाजपा को और जदयू को 31 मिनट का समय अपनी बात रखने के लिए दिया गया है। वहीं राजद को नौ मिनट का समय अपनी बात रखने के लिए दिया गया है। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने सत्र के समापन का भाषण दिया। इसमें बताया कि इस सत्र में कुल 16 निवेदन प्राप्त हुए। इनमें 15 स्वीकृत और एक अस्वीकृत किए गए। वहीं 9 याचिकाएं प्राप्त हुईं। इनमें छह स्वीकृत और तीन अस्वीकृत हुई। सदन में आज की कार्यवाही के दौरान ग्रामीण विकास विभाग के बजट पर कटौती प्रस्ताव पर चर्चा हुई। सभी दलों के विधायकों ने इस प्रस्ताव के पक्ष और विपक्ष में अपनी बात रखी। इसके बाद ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार उत्तर दे रहे हैं। उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग के योजनाओं की जानकारी दी। कहा कि ग्रामीण इलाकों का काफी विकास हुआ है। कहा कि हमारे विपक्ष के लोग कहते हैं कि आप जीविका दीदियों को दो लाख रुपये कहां से लाएंगे? लेकिन, सीएम नीतीश कुमार ने महिलाओं को ताकत दिया। उन्हें आत्मनिर्भर बनाया। आज जीविका दीदी लखपति बन रही है। महिला रोजगार को लेकर जो वादा किया है, उस दिशा में सरकार काम कर रही है। श्रवण कुमार ने विपक्ष पर बोला हमला श्रवण कुमार ने कहा कि महागठबंधन के नेताओं के झांसे में कोई नहीं आए। यह लोग माई बहन मान योजना नहीं लाते, यह लोग केवल महिलाओं को अपमानित करते हैं। यह लोग नीतीश कुमार को फिनिश करने में लगे थे। लेकिन, जब जब यह लोग ऐसा अभियान चलाते हैं तब तब नीतीश कुमार दोगुनी ताकत से आते हैं। इनलोगों का सफाया हो गया। 35 सीटों पर पूरा विपक्ष सिमट गया। उन्होंने विपक्ष के विधायक आलोक मेहता से कटौती प्रस्ताव वापस लेने की मांग की। राजद ने मांगा पिछले बजट का हिसाब विपक्ष की ओर से राजद विधायक आलोक मेहता ने नीतीश सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने अनुपूरक बजट को त्रुटिपूर्ण बताया। कहा कि पिछले बजट जो राशि आवंटित जिस मद में दिए गए थे, उस राशि का हिसाब क्यों नहीं दिया गया। राज्य में शिक्षकों की कमी और अस्पताल में दवाई की कमी है। इन सब पर बजट पर ध्यान नहीं दिया गया। सरकार विकास से ज्यादा राजनीतिक लाभ पर ध्यान रख रही है। महिला रोजगार योजना स्वागत योग्य है लेकिन दो लाख रुपया आप हर महिला को कैसे देंगे? इसको जानकारी सरकार क्यों नहीं दे रही है? राज्य में केवल डेढ़ करोड़ महिला ही नहीं है। बाकी महिलाएं क्या 10 हजार रुपया की हकदार नहीं है? इन सब सवालों का जवाब सरकार को देना होगा। 40 लाख लोग बिहार की ऐसी बस्ती में रहते हैं, जिनकी संख्या 100 से अधिक है। यह बस्ती अब तक मुख्य सड़कों से नहीं जुड़ पाई है। आज तक यह गरीब अपमान सह रहे हैं। सड़क नहीं रहने के कारण इन इलाकों में शादी तक मुश्किल हो गई हैं। नल जल योजना से जुड़ी भी लाखों शिकायतें हैं।   जानिए किस योजना के लिए कितना खर्च होगा     21,000 करोड़ – मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना     1885.65 करोड़ – मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन     861.21 करोड़ – सड़क निर्माण     800 करोड़ – स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना     750 करोड़ – मुख्यमंत्री बालिका स्नातक प्रोत्साहन     651.83 करोड़ – सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण परियोजनाएँ     600.55 करोड़ – ऊर्जा कंपनियों में निवेश     594.56 करोड़ – ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना     573 करोड़ – मेडिकल कॉलेज व अस्पताल निर्माण     550 करोड़ – शहरी विकास हेतु भू-अर्जन     500-500 करोड़ – हवाई अड्डा निर्माण, औद्योगिक विकास हेतु भूमि, पंचायत सरकार भवन     389.77 करोड़ – पटना मेट्रो रेल परियोजना     352.16 करोड़ – विकलांगता सामाजिक सुरक्षा पेंशन     281.57 करोड़ – प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना     250 करोड़ – स्टेडियम व खेल अवसंरचना     150 करोड़ – चिकित्सा महाविद्यालय     100 करोड़ – ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना

हैदराबाद हाउस के निर्माता निजाम उस्मान अली खान की कहानी, जहां होता है वैश्विक मेहमानों का स्वागत

नई दिल्ली  कल यानी 4 दिसंबर की शाम से दिल्ली की हलचल भरी सड़कों पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का काफिला सरपट दौड़ रहा है। एयरपोर्ट से सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ निजी डिनर, फिर आज राष्ट्रपति भवन में गार्ड ऑफ ऑनर, राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि और अब हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता। यह दो दिवसीय दौरा भारत-रूस के 23वें वार्षिक शिखर सम्मेलन का हिस्सा है, जहां रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और वैश्विक मुद्दों पर समझौते होने की उम्मीद है। लेकिन इस दौरे की खासियत सिर्फ समझौतों तक सीमित नहीं। पुतिन का स्वागत हो रहा है एक ऐसे ऐतिहासिक महल में, जो कभी हैदराबाद के आखिरी निजाम उस्मान अली खान की शाही ठाठ-बाट का प्रतीक था। आज यही हैदराबाद हाउस विदेशी मेहमानों की भव्य मेजबानी का केंद्र है, जहां मोदी-पुतिन की बैठक हो रही है।   मीर उस्मान अली खान, जिन्हें निजाम VII के नाम से जाना जाता है, वे ब्रिटिश भारत के सबसे धनी शासकों में शुमार थे। 1886 में हैदराबाद में जन्मे इस निजाम ने 1911 से 1948 तक हैदराबाद रियासत पर शासन किया। टाइम मैगजीन ने 1937 में उन्हें दुनिया का सबसे अमीर व्यक्ति घोषित किया था – उनकी संपत्ति का अनुमान आज के मूल्य में 2 खरब डॉलर से अधिक था! हीरे-जवाहरात, सोने की ईंटें, और गोलकुंडा की खदानों से कमाई गई दौलत ने उन्हें वैभव का प्रतीक बना दिया। लेकिन निजाम सिर्फ धन-दौलत के मालिक नहीं थे; वे एक दूरदर्शी शासक भी थे। उन्होंने हैदराबाद को आधुनिक बनाने में अहम भूमिका निभाई। उस्मानिया विश्वविद्यालय की स्थापना, उस्मानिया जनरल हॉस्पिटल और कचिगुड़ा रेलवे स्टेशन जैसे निर्माण उनके नाम से जुड़े हैं। लेकिन दिल्ली से उनका नाता खास था। 1919 में ब्रिटिश सरकार ने रियासतों के शासकों को 'चैंबर ऑफ प्रिंसेस' में शामिल किया, जिसके लिए दिल्ली में रहना जरूरी हो गया। निजाम ने 1926 में अशोक रोड पर 8.2 एकड़ जमीन खरीदी – लागत लगभग 50 लाख रुपये (आज के मूल्य में सैकड़ों करोड़)। प्रसिद्ध ब्रिटिश आर्किटेक्ट एडविन लुटियंस को जिम्मेदारी सौंपी गई, जिन्होंने नई दिल्ली का अधिकांश डिजाइन किया था। हैदराबाद हाउस का निर्माण 1926-28 के बीच पूरा हुआ। यह तितली के आकार का भव्य महल है, जिसमें 36 कमरे, चार जनाना (महिलाओं के लिए) कक्ष, आलीशान सीढ़ियां, फायरप्लेस, फव्वारे और मुगल-यूरोपीय शैली का मिश्रण है। ऐसा अनुमान है कि उस समय इसकी लागत लगभग 2 लाख पाउंड (आज के मूल्य में 170 करोड़ रुपये) थी। वायसराय हाउस (अब राष्ट्रपति भवन) के अलावा यह लुटियंस द्वारा बनाया गया सबसे बड़ा राजसी महल था। लेकिन विडंबना देखिए – निजाम के बेटों को यह 'बहुत पश्चिमी' लगा, इसलिए वे शायद ही कभी यहां रुके। 1948 में ऑपरेशन पोलो के बाद हैदराबाद का भारत में विलय हो गया। निजाम ने इसे कभी-कभार इस्तेमाल किया, लेकिन 1974 में यह विदेश मंत्रालय के अधीन आ गया। आज यह प्रधानमंत्री का स्टेट गेस्ट हाउस है। भारत की कूटनीतिक राजधानी का केंद्र यह हाउस आज भारत की कूटनीतिक राजधानी का केंद्र है, जहां दुनिया के सबसे महान नेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज की है। अमेरिकी राष्ट्रपतियों बिल क्लिंटन और जॉर्ज डब्ल्यू. बुश, बराक ओबामा ने यहां द्विपक्षीय वार्ताओं के माध्यम से वैश्विक साझेदारी को मजबूत किया, जबकि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपनी कई यात्राओं में रक्षा और ऊर्जा समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जो भारत-रूस संबंधों की नींव हैं। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे, ब्रिटिश प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन तथा थेरेसा मे ने व्यापारिक समझौतों को आकार दिया। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन जैसे अन्य महान हस्तियां भी यहां मेजबान बनीं। कुल मिलाकर भारत के राजकीय दौरे पर आए लगभग सभी विदेशी मेहमानों की यहां मेजबानी हुई है। इतना ही नहीं, इंदिरा गांधी ने भी नवंबर 1983 में ब्रिटिश महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का हैदराबाद हाउस में भव्य स्वागत किया था, जहां दोनों ने न केवल राजकीय भोज में हिस्सा लिया बल्कि कॉमनवेल्थ शिखर सम्मेलन के दौरान गोपनीय वार्ताएं भी कीं। निजाम उस्मान अली खान की बात करें तो उनकी विरासत सिर्फ इमारतों तक नहीं। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और कला को बढ़ावा दिया। 1967 में उनका निधन हुआ, लेकिन हैदराबाद हाउस आज भी उनकी भव्यता की गवाही देता है – एक शाही निवास से कूटनीतिक मंच तक का सफर। पुतिन का भारत दौरा: पुरानी दोस्ती, नई चुनौतियां रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का यह दौरा 2021 के बाद भारत का पहला दौरा है। यूक्रेन युद्ध के बाद वैश्विक दबावों के बीच यह यात्रा रूस की अलगाव की नीति को तोड़ने का संकेत है। 4 दिसंबर की शाम पलम एयरपोर्ट पर उतरते ही प्रधानमंत्री मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर उनका स्वागत किया – गले मिलना, हाथ पकड़ना, और एक ही कार में सवार होकर 7, लोक कल्याण मार्ग पर निजी डिनर। आज सुबह 11 बजे पुतिन को राष्ट्रपति भवन में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात हुई। फिर राजघाट पर गांधीजी को श्रद्धांजलि देते हुए पुतिन ने फूल चढ़ाए। इसके बाद हैदराबाद हाउस पहुंचे, जहां मोदी ने उनका स्वागत किया।