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531 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करेगा वेस्टइंडीज, क्राइस्टचर्च टेस्ट में शे होप की शतकीय पारी चमकी

नई दिल्ली न्यूजीलैंड ने अपनी दूसरी पारी आठ विकेट पर 466 रन पर समाप्त घोषित करके वेस्टइंडीज के सामने पहले टेस्ट क्रिकेट मैच के चौथे दिन शुक्रवार को क्राइस्टचर्च में 531 रन का लक्ष्य रखा। वेस्टइंडीज की दूसरी पारी भी बहुत खराब रही। उसने 72 रन पर 4 विकेट गंवा दिए थे लेकिन उसके बाद शे होप और जस्टिन ग्रीव्स ने कैरिबियाई पारी को संभाला। चौथे दिन का खेल खत्म होने तक होप शतक और जस्टिन ग्रीव्स अर्धशतक बनाकर नाबाद है। वेस्टइंडीज ने 4 विकेट के नुकसान पर 212 रन बना लिए हैं और आखिरी दिन उसे जीत के लिए 319 रन और चाहिए। न्यूजीलैंड ने अपनी पहली पारी में 231 रन बनाए थे जिसके जवाब में वेस्टइंडीज की टीम 167 रन पर आउट हो गई थी। न्यूज़ीलैंड ने अपनी दूसरी पारी गुरुवार के स्कोर चार विकेट पर 417 रन पर समाप्त घोषित करने के बजाय खेलना जारी रखा और आखिर में तब आठ विकेट पर 466 रन पर समाप्त घोषित की जब उसका कोई फिट बल्लेबाज नहीं बचा था। विकेटकीपर टॉम ब्लंडेल और ऑलराउंडर नाथन स्मिथ चोटिल होने के कारण बल्लेबाजी नहीं कर पाए। न्यूज़ीलैंड चौथे दिन के शुरू में 481 रन से आगे था। उसने सुबह 14 ओवर खेले और इस दौरान चार विकेट गंवाए। विल यंग ने 23 रन, माइकल ब्रेसवेल ने 24 रन, मैट हेनरी ने आठ रन, जैकब डफी ने 10 रन और जैक फाउलकेस ने नाबाद 11 रन बनाए। केमार रोच ने ब्रेसवेल, हेनरी और डफी को आउट करके 78 रन देकर पांच विकेट लिए। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 12वीं बार एक पारी में पांच या इससे अधिक विकेट लेने का कारनामा किया। वह 37 साल की उम्र में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ पांच विकेट लेने वाले सबसे उम्रदराज गेंदबाज़ हैं और अब उनके नाम पर कुल 291 टेस्ट विकेट दर्ज हैं। वह वेस्टइंडीज की तरफ से सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में पांचवें स्थान पर हैं। चौथे दिन का खेल खत्म होने तक वेस्टइंडीज ने अपनी दूसरी पारी में 4 विकेट के नुकसान पर 212 रन बना लिए हैं। शे होप 116 और जस्टिन ग्रीव्स 55 रन बनाकर नाबाद हैं। दोनों की शानदार बल्लेबाजी से वेस्टइंडीज की उम्मीदें अभी जिंदा हैं। आखिरी दिन उसके पास 6 विकेट होंगे और जीत के लिए बनाने होंगे 319 रन।

सफल कार्रवाई: दुर्गा ज्वेलर्स की लूट के तीन आरोपी पुलिस की गिरफ्त में, ज्वेलरी बरामद

सुकमा सुकमा जिला मुख्यालय में स्थित दुर्गा ज्वेलर्स में हुई सनसनीखेज लूट की गुत्थी को पुलिस ने महज़ 3 घंटे में सुलझाकर बड़ी सफलता हासिल की है। वारदात में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से ₹12.08 लाख के सभी आभूषण पूरी तरह सुरक्षित बरामद कर लिए गए हैं। बरामदगी में एक भी ग्राम आभूषण गायब नहीं मिलने से पुलिस की कार्यवाही को महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। यह घटना सुकमा जिले में पहली बार हुई है, जब किसी ज्वेलरी दुकान में पिस्टल की नोक पर लूट को अंजाम दिया गया। अचानक हुई इस वारदात ने पूरे इलाके में आतंक और भय का माहौल पैदा कर दिया था। व्यापारियों और आम नागरिकों में सुरक्षा को लेकर चिंताएं गहरा गई थीं। गांजा तस्कर निकला मास्टरमाइंड, MP से बुलाए थे साथी जांच में सामने आया है कि लूट की साज़िश का मास्टरमाइंड गांजा तस्करी में लिप्त अंकित है। उसने मध्य प्रदेश के भिंड जिले से अपने दो साथियों को बुलाकर प्लान तैयार किया था। तीनों आरोपियों ने घटना से पहले लगातार तीन दिन तक दुकान की रेकी की थी। लूट के बाद आरोपी सुकमा से निकलकर मध्य प्रदेश भागने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस की कड़ी नाकाबंदी और सतर्कता ने उन्हें रास्ते में ही पकड़ लिया। हथियार व अन्य सामग्री जब्त मौके से पुलिस ने कार्यवाही करते हुए पिस्टल,चाकू,लूट में उपयोग की गई मोटरसाइकिल,मोबाइल फोन , और सभी आभूषण बरामद किए हैं । पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण के सीधे निर्देशन में हुई त्वरित कार्रवाई को जिले की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। तेजी से काम करते हुए पुलिस टीम ने न सिर्फ लूट का खुलासा किया, बल्कि आरोपी और लूट की गई पूरी संपत्ति भी सुरक्षित बरामद कर ली।

उत्तर भारत में बढ़ी शीतलहर की तीव्रता, पंजाब-हरियाणा में कड़ाके की ठंड, फरीदकोट रिकॉर्ड ठंड के साथ अव्वल

चंडीगढ़  पंजाब और हरियाणा के अधिकांश हिस्सों में शुक्रवार को कड़ाके की ठंड का प्रकोप जारी रहा और दोनों पड़ोसी राज्यों में फरीदकोट में सबसे कम तीन डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है। यहां मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक पंजाब के बठिंडा में न्यूनतम तापमान 3.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। वहीं, पंजाब के अन्य स्थानों में अमृतसर में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस, लुधियाना में 5.6 डिग्री, पटियाला में 5.8 डिग्री, गुरदासपुर में 5.5 डिग्री रहा, जबकि फिरोजपुर में न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हरियाणा में नारनौल 3.5 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान के साथ सबसे ठंडा स्थान रहा जबकि हिसार में न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, हरियाणा के अन्य स्थानों में भी तापमान में गिरावट दर्ज की गयी। इसके मुताबिक करनाल में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस रहा, अंबाला में 7.7 डिग्री, रोहतक और भिवानी में 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि सिरसा में न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

राष्ट्रपति से पहले बॉडीगार्ड चखता है खाना! पुतिन की प्लेट का सबसे बड़ा टॉप सीक्रेट आया सामने

नई दिल्ली  रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिवसीय भारत दौरे पर हैं। दुनिया के हर देश की नजर इस दौरे पर है। ऐसे में कूटनीतिक एजेंडे के इतर इस यात्रा पर लोगों की नजर पुतिन की सुरक्षा और निजता पर भी है। दूसरे देशों में एक अंश तक न छोड़ने वाले पुतिन की खाने-पीने की क्या व्यवस्था है, इसको लेकर भी सवाल है। दूसरे देशों के कई नेता जहां आसानी से दूसरे भोजों में शामिल हो जाते हैं, लेकिन पुतिन के साथ ऐसा नहीं है। पुतिन जिस भी देश में जाते हैं, वहां पर अपने भोजन के लिए एक खास व्यवस्था करके जाते हैं।   रिपोर्ट के मुताबिक पुतिन जब भी किसी देश की यात्रा पर जाते हैं, तो उनके साथ उनकी पूरी टीम जाती है। इसमें उनके निजी रसोइए भी शामिल होते हैं। इसके अलावा उनके भोजन की सामग्री को पहले जांचा जाता है, उसके बाद स्वीकृत किया जाता है। इतना ही नहीं हर डिश को पुतिन तक पहुंचने से पहले गहन सुरक्षा जांच से भी गुजरना पड़ता है। पहले से ही अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने वाले पुतिन यूक्रेन युद्ध के शुरू होने के बाद और भी ज्यादा चौकन्ना हो गए हैं। विदेश यात्राओं के दौरान पुतिन की फूड सिक्योरिटी यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पुतिन ने लंबे वक्त के लिए बहुत कम ही देशों की यात्रा की है। वह जब यात्रा पर जाते हैं, तो उनकी भोजन व्यवस्था की भी सैन्य स्तर पर सुरक्षा की जाती है। इतना ही नहीं रिपोर्ट्स की मानें तो पुतिन शायद ही कभी किसी मेजबान देश के शेफ द्वारा पकाया हुआ खाना खाते हैं। उनके खाने को हमेशा एक प्रशिक्षित रूसी शेफ टीम तैयार करती है, इस खाने को पकाने के बाद सुरक्षा जांच से गुजारा जाता है। इसको आसान बनाने के लिए पुतिन की टीम अपने साथ एक मोबाइल फूड-टेस्टिंग लैब लेकर चलती है, जब भी पुतिन कुछ खाते हैं। इसका इस्तेमाल किया जाता है। इतना ही नहीं, पुतिन के लिए जो खाना पकाया जाता है, उसका कच्चा माल या तो रूप से लाया जाता है, या फिर इसे मेजबान देश से बहुत जांच परख के इस्तेमाल किया जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पुतिन किसी राजभोज में बहुत कम खाना खाते है और अगर वह खाते ही हैं, तो आम तौर पर इसे उनकी टीम द्वारा ही पकाया जाता है। क्या होती है पुतिन की डाइट रूसी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा की दृष्टि से लगातार कड़े उपायों के बीच भोजन करने वाले पुतिन की डाइट लगभग साधारण ही है। सुबह के समय वह अक्सर त्वरोग(रूसी पनीर) को शहद के साथ या दलिया के साथ खाते हैं, इसके साथ में ताजा जूस लेते हैं। इसके अलावा कभी-कभी कच्चे अंडे या ऑमलेट भी खाते हैं। उनकी डाइट में ज्यादातर खाना हाई प्रोटीन और लो फैट वाला होता है। दोपहर और रात के भोजन में वह मछली को लाल मांस से अधिक पसंद करते हैं। इसके अलावा मछली की अन्य डिश पसंद करते हैं। इसके साथ ही भोजन में ज्यादातर सलाद ही होता है, जिनमें टमाटर और बेसिक सब्जियां शामिल होती हैं।  

बिहार में बनने जा रहे दो बड़े SEZ, सरकार की तैयारी की तस्वीरें सामने

पटना बिहार में औद्योगिक क्रांति की जमीन अब तैयार हो रही है। केंद्र सरकार के मंजूर दो स्पेशल इकॉनमिक ज़ोन (SEZ) पर राज्य के उद्योग विभाग ने काम शुरू कर दिया है। पश्चिम चंपारण के कुमारबाग और बक्सर के नावानगर में यह सेज़ तैयार होना है। दोनों सेज़ लगभग 125-125 एकड़ में विकसित किए जाएंगे। बिहार इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी के पास जमीन है, जिसपर इसे विकसित किया जाएगा। क्या होता है SEZ, किसे मिलेगा फायदा- यह भी जानें स्पेशल इकॉनमिक ज़ोन एक ऐसा क्षेत्र विकसित किया जाता है, जहां कई तरह की औद्योगिक इकाइयों को आधारभूत सुविधाओं के साथ जगह दी जाती है। मतलब, इस क्षेत्र में उद्योगों की स्थापना न केवल आसान होगी, बल्कि सरकारी तंत्र उसे हर तरह की आधारभूत सुविधाएं भी देगा और सुरक्षा भी। बिहार में जो सेज़ बनेंगे, उसमें 25-30 औद्योगिक इकाइयों को जगह मिल सकेगी। यानी, इतने उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को उत्पादन करने का अवसर मिलेगा, जबकि इस उद्यम-क्षेत्र में नौकरी के नए अवसर आएंगे। जैसे, बाढ़ में एनटीपीसी ने काम शुरू किया तो आसपास के इलाकों से भारी आबादी को रोजगार मिला, उसी तरह यहां भी भविष्य में जॉब की एक तरह से गारंटी हो जाएगी। 225 करोड़ की योजना पर क्या बोले उद्योग मंत्री उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि सरकार सेज को लेकर गंभीर है इन पर 225 करोड रुपए खर्च होंगे। सेज से विकास की नई कार्य योजना तैयार हो रही है हम लोग एक करोड़ नौकरी एवं रोजगार के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं उद्योग इसका सबसे बड़ा जरिया बनने वाला है। अब हर गुरुवार को उद्योग वार्ता होगी इधर, बिहार सरकार ने निवेशकों इस सहूलियत के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब निवेशक बिना किसी अपॉइंटमेंट के मुख्य सचिव से मिल पाएंगे। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हर गुरुवार को सुबह 11:00 से दोपहर 1:00 तक उद्योग वार्ता होगी। यह पहल निवेशकों को उच्च स्तरीय अधिकारियों से सीधे जोड़कर उनकी समस्याओं का पारित समाधान करने के लिए किया गया है।

एआई संचालित सुशासन का नया मॉडल पेश कर रहा उत्तर प्रदेश

अत्याधुनिक तकनीकी का इस्तेमाल कर सुदृढ़ सुशासन दे रही योगी आदित्यनाथ सरकार   एआई संचालित सुशासन का नया मॉडल पेश कर रहा उत्तर प्रदेश त्रिनेत्र 2.0 और स्मार्ट मॉनिटरिंग से कानून व्यवस्था हुई मजबूत एआई आधारित फोरेंसिक और जेल सुरक्षा प्रणाली ने बढ़ाई जांच और निगरानी की सटीकता   लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार सुशासन के अपने मॉडल को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए तेजी से उन्नत तकनीकों को माध्यम बना रही है। कानून व्यवस्था को मजबूत करने और न्याय प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए सरकारी तंत्र में डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित समाधानों का दायरा लगातार विस्तृत और समृद्ध हो रहा है। इसका उद्देश्य अपराध नियंत्रण से लेकर न्याय की प्रक्रिया तक की दक्षता में वृद्धि करना है। गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्चीकृत क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला के उद्घाटन के दौरान कहा भी था कि “अब प्रदेश में अपराधी के बचने का कोई रास्ता नहीं बचेगा। फोरेंसिक जांच अपराध की कड़ी को मिनटों में उजागर कर देगी और हर गंभीर मामले में वैज्ञानिक साक्ष्य निर्णायक भूमिका निभाएंगे”। राज्य पुलिस प्रणाली को स्मार्ट तथा अधिक सक्षम बनाने के लिए सरकार ने त्रिनेत्र 2.0 के रूप में एक नया उन्नत डिजिटल डेटाबेस तैयार किया है। यह एक एआई एन्हांस्ड प्लेटफॉर्म है,  जिसमें पुलिस रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित और व्यवस्थित किया जाता है। यह सिस्टम अपराधियों की पहचान और उनके इतिहास को समझने के काम को त्वरित और सटीक बनाता है। त्रिनेत्र फेशियल रिकग्निशन वॉइस आइडेंटिफिकेशन और टेक्स्ट बेस्ड क्वेरी जैसी आधुनिक तकनीकों के जरिए पुलिस को संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करने में मदद मिलती है। इससे क्राइम के जांच की गति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।  जुलाई 2023 से प्रदेश के समस्त जनपदों में ऑपरेशन त्रिनेत्र प्रारम्भ किया गया, जिसके अन्तर्गत महत्वपूर्ण चौराहों, संवेदनशील स्थानों, हॉटस्पॉट, बैंक, स्कूल, कॉलेज, व्यवसायिक प्रतिष्ठान, धार्मिक स्थल, मोबाइल टॉवर, पेट्रोल पम्प, ढाबा आदि स्थानों पर नागरिक स्वयंसेवी सस्थाओं के माध्यम से सीसीटीवी कैमरे लगाने की कार्यवाही प्रारम्भ की गयी थी और 2025 की शुरुआत तक ही तक प्रदेश के समस्त थानों में चिन्हित स्थलों पर 11,07,782 सीसीटीवी कैमरों का अधिष्ठापन कर दिया गया है। और इसी का परिणाम है कि 2025 की शुरुआत तक ही त्रिनेत्र के माध्यम से डकैती, लूट सहित अन्य गम्भीर कुल 5,718 घटनाओं का सफल अनावरण किया गया। जेल प्रशासन को स्मार्ट बनाने की दिशा में भी योगी सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राज्य की जेलों में एआई पावर्ड वीडियो एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म लागू किया गया है जो बंदियों की गतिविधियों पर रियल टाइम नजर रखने में सक्षम है। इसके माध्यम से किसी भी संदिग्ध हरकत या संभावित जोखिम की पहचान तुरंत हो जाती है जिससे जेल सुरक्षा में प्रभावी सुधार आया है। इसके साथ ही वरिष्ठ अधिकारी विभिन्न जेलों की स्थिति को रियल टाइम में मॉनिटर कर सकते हैं और आवश्यक निर्देश तत्काल जारी कर सकते हैं। गोरखपुर में फोरेंसिक साइंस लैब के उन्नयन के बाद जांच एजेंसियों की वैज्ञानिक जांच क्षमता में भी उल्लेखनीय विकास हुआ है। अत्याधुनिक मशीनों और प्रशिक्षित विशेषज्ञों से लैस इस लैब ने अपराध जांच की गुणवत्ता को नई ऊंचाई दी है। सरकार का स्पष्ट मानना है कि आधुनिक फोरेंसिक तकनीकें अपराधों की सटीक और वैज्ञानिक जांच सुनिश्चित करती हैं और यही कारण है कि प्रदेश भर में फोरेंसिक और इन्वेस्टिगेटिव क्षमताओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन सभी पहल का लक्ष्य उत्तर प्रदेश में सुशासन की ऐसी प्रणाली विकसित करना है, जिसमें पारदर्शिता दक्षता और तकनीकी सशक्तिकरण केंद्र बिंदु में हो। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार की यह रणनीति प्रदेश को एक सुरक्षित कानून आधारित और तकनीक संचालित राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

ओडीओपी योजना को और विस्तार देना समय की मांग, बेहतर प्रशिक्षण, ऋण सुविधा का विस्तार किया जाना आवश्यक: मुख्यमंत्री

ब्रांड यूपी की पहचान बनने के बाद अब लॉंच होगा ओडीओपी 2.0 ओडीओपी योजना को और विस्तार देना समय की मांग, बेहतर प्रशिक्षण, ऋण सुविधा का विस्तार किया जाना आवश्यक: मुख्यमंत्री अब खान-पान की परंपरा भी बनेगी ब्रांड, उत्तर प्रदेश में शुरू होगी एक जनपद-एक व्यंजन की नई पहल सभी यूनिटी मॉल और बड़े रीटेल नेटवर्क में प्रमुखता से प्रदर्शित होंगे उत्तर प्रदेश के उत्पाद डिजिटल रणनीति से बढ़ेगा निर्यात, बनेगा ओडीओपी निर्यात सहायता केंद्र स्थानीय उद्योग, निर्यात और रोज़गार को नई ऊँचाई देगा ओडीओपी 2.0: मुख्यमंत्री ओडीओपी और ओडीओसी मिलकर बनाएंगे उत्तर प्रदेश को लोकल से ग्लोबल की नई ताकत: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि ब्रांड उत्तर प्रदेश की पहचान बन चुकी 'एक जनपद- एक उत्पाद योजना' अब अपने अगले चरण ओडीओपी 2.0 टू के माध्यम से स्थानीय उद्योग, स्वरोज़गार और निर्यात को नई ऊंचाई देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक बाजार, आधुनिक मांग, तकनीकी उन्नयन, गुणवत्ता और पैकेजिंग की नई आवश्यकताओं को देखते हुए ओडीओपी को अब और अधिक व्यापक, व्यावसायिक और परिणामोन्मुखी स्वरूप में आगे बढ़ाने की जरूरत है। ओडीओपी 2.0 के माध्यम से सरकार का लक्ष्य होगा कि प्रदेश के पारंपरिक उत्पाद बड़े बाज़ार, निर्यात और स्थायी रोजगार का मजबूत आधार बनें।  शुक्रवार को इस संबंध में हुई महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जनपद की विशिष्ट खाद्य परंपरा को भी एक संगठित पहचान देने की दिशा में 'एक जनपद-एक व्यंजन' (ओडीओसी) की अवधारणा को साकार करने की भी जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि 'एक जनपद-एक व्यंजन' योजना उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक आत्मा से जुड़ी हुई है। प्रदेश के हर क्षेत्र में खान-पान की कुछ न कुछ विशिष्ट परंपरा है। कहीं हलवा अच्छा है तो कहीं दालमोठ। उन्होंने कहा कि हर जिले के विशेष व्यंजनों की मैपिंग कर उनकी गुणवत्ता, स्वच्छता, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन को सुदृढ़ किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'ओडीओपी' और 'ओडीओसी' मिलकर उत्तर प्रदेश को 'लोकल से ग्लोबल' की दिशा में नई गति देंगे। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2018 में प्रारंभ ओडीओपी योजना आज उत्तर प्रदेश के निर्यात और स्थानीय उद्योगों की रीढ़ बन चुकी है। अब तक 1.25 लाख से अधिक टूलकिट वितरित किए जा चुके हैं, 06 हजार करोड़ रुपये से अधिक का ऋण वितरण हो चुका है और 08 हजार से अधिक उद्यमियों को प्रत्यक्ष विपणन सहायता दी गई है। प्रदेश में तीस साझा सुविधा केंद्र स्वीकृत किए गए हैं और 44 ओडीओपी उत्पादों को अब तक जियो टैग प्राप्त हो चुके हैं। ओडीओपी उत्पाद आज प्रतिष्ठित ई-कॉमर्स  प्लेटफार्म पर उपलब्ध हैं और राज्य के कुल निर्यात में इनका योगदान पचास प्रतिशत से अधिक है। ओडीओपी को लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुका है। मुख्यमंत्री ने ओडीओपी 2.0 को लेकर कहा कि यह अब केवल एक योजना नहीं, बल्कि स्थायी रोजगार, स्थानीय उद्यम और निर्यात को नई ऊँचाई देने का सशक्त माध्यम बने। उन्होंने कहा कि अब उन इकाइयों और उद्यमियों को आगे बढ़ाने पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है, जिन्होंने पहले चरण में उत्कृष्ट कार्य किया है, ताकि वे अपने व्यवसाय का और विस्तार कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि योजनाओं को इस तरह आगे बढ़ाया जाए कि तकनीक, पैकेजिंग, गुणवत्ता और बाजार सहित चारों मोर्चों पर उत्तर प्रदेश के उत्पाद सशक्त रूप में स्थापित हों। बैठक में यह भी बताया गया कि ओडीओपी से जुड़े कॉमन फैसिलिटी सेंटरों को अब और अधिक उपयोगी बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कॉमन फैसिलिटी सेंटरों के साथ विशेषज्ञों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि छोटे उद्यमियों को तकनीकी परामर्श, डिज़ाइन, पैकेजिंग और उत्पादन से जुड़ा पूरा सहयोग एक ही स्थान पर सुलभ हो सके। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि ओडीओपी उत्पादों को केवल पारंपरिक बाजारों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें बड़े रीटेल नेटवर्क और आधुनिक बाजारों से जोड़ा जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि देश के विभिन्न राज्यों में स्थापित हो रहे यूनिटी मॉल में ओडीओपी के समर्पित केंद्र बनाए जाएं। साथ ही सभी प्रतिष्ठित रीटेल नेटवर्क के साथ संवाद कर यह सुनिश्चित किया जाए कि वहां उत्तर प्रदेश के उत्पाद प्रमुख रूप से प्रदर्शित हों। बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि ओडीओपी उत्पादों की गुणवत्ता और पहचान को और सुदृढ़ करने के लिए उन्हें प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से प्रमाणन और ब्रांड मूल्य प्रदान किया जाएगा, जिससे वैश्विक बाजार में उत्तर प्रदेश के उत्पाद विशिष्ट पहचान बना सकें।

धमकी से बवाल: भाजपा समर्थकों पर आपत्तिजनक टिप्पणी, हुमायूं कबीर का पुराना विवादों से रिश्ता फिर चर्चा में

कोलकाता  बाबरी जैसी मस्जिद बनाने का ऐलान करने वाले विधायक हुमायूं कबीर को TMC ने निलंबित कर दिया है। हालांकि, यह पहली बार नहीं है, जब उनके खिलाफ इस तरह का ऐक्शन लिया गया है। 62 साल के कबीर का राजनीतिक करियर कई विवादों से भरा रहा है। एक मौके पर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के समर्थकों को नदी में फेंकने तक का ऐलान कर दिया था। कबीर ने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से हुई थी। तब उन्होंने पंचायत चुनाव लड़ा था। उन्हें कांग्रेस के पूर्व सांसद अधीर रंजन चौधरी का करीबी माना जाता था। लेकिन 20 नवंबर 2012 में उन्होंने अलग होकर टीएमसी का दामन थाम लिया था। खास बात है कि उस दौरान टीएमसी लेफ्ट का 34 साल का शासन खत्म कर सत्ता में आई थी। टीएमसी में एंट्री के बाद उन्हें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कैबिनेट में मंत्री बनाया गया था। हालांकि, 3 सालों में ही उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में टीएमसी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया था। साल 2018 में वह भाजपा में आए और 2021 में दोबारा टीएमसी में लौट गए। खबर है कि वह इस दौरान समाजवादी पार्टी में भी कुछ समय रहे और निर्दलीय चुनाव भी लड़ चुके हैं। टीएमसी में विवादों में रहे मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, मई 2024 में लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान कबीर ने विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि मुर्शिदाबाद में मुस्लिम आबादी 70 फीसदी है और हिंदू सिर्फ 30 प्रतिशत हैं। साथ ही उन्होंने कहा था कि वह भाजपा समर्थकों को भागीरथी नदी में फेंक देंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने कहा था, 'अगर मैं भाजपा (समर्थकों) को 2 घंटों के अंदर भागीरथी गंगा में नहीं फेंक पाया, तो राजनीति छोड़ दूंगा। मैं तुम लोगों को शक्तिपुर में नहीं रहने दूंगा। अगर तुम्हें लगता है कि मुर्शिदाबाद में सिर्फ 30 फीसदी लोग हैं। हम 70 फीसदी हैं।' इस साल 13 मार्च को भी विधायक कबीर के नाम पर टीएमसी की अनुशासनात्मक समिति ने शोकॉज नोटिस थमा दिया था। उनपर राज्य में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी को धमकी देने के आरोप लगे थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 2015 में उन्हें टीएमसी ने बाहर कर दिया था। अब नई पार्टी बनाने की तैयारी पीटीआई भाषा के अनुसार, निलंबन के कुछ ही देर बाद कबीर ने घोषणा की कि वह विधायक पद से इस्तीफा दे देंगे, इस महीने के अंत में अपनी पार्टी बनाएंगे और प्रस्तावित कार्यक्रम को बढ़ाएंगे, भले ही इसके लिए उन्हें ‘गिरफ्तार’ किया जाए या मार ही क्यों न दिया जाए। तृणमूल के वरिष्ठ नेता फिरहाद हाकिम ने कोलकाता में निलंबन की घोषणा करते हुए कहा कि इस फैसले पर मुख्यमंत्री ने मुहर लगाई है। हाकिम ने कहा, 'कबीर सांप्रदायिक राजनीति में लिप्त हैं और तृणमूल इसके सख्त खिलाफ है। तृणमूल कांग्रेस सांप्रदायिक राजनीति में विश्वास नहीं रखती। अब उनका पार्टी के साथ कोई संबंध नहीं है।'  

बॉलीवुड में संघर्ष करती शहनाज गिल, एक्ट्रेस ने अपने दर्द का किया खुलासा

मुंबई एक्ट्रेस शहनाज गिल को लोग काफी पसंद करते हैं. शो ‘बिग बॉस 13’ में आने के बाद काफी मशहूर हो गई हैं. उन्होंने बॉलीवुड की फिल्म ‘किसी का भाई किसी की जान’ और ‘थैंक यू फॉर कमिंग’ में भी काम किया है. हाल ही में उन्हें ‘बिग बॉस 19’ में देखा गया था. वहीं, अब उन्होंने अपने इंटरव्यू में हिंदी और पंजाबी सिनेमा के बारे में कई बातें कही हैं. मुझे शो पीस की तरह इस्तेमाल किया बता दें कि शहनाज गिल ने फरीदून शहरयार से बातचीत में बताया है कि उन्होंने अपने प्रोजेक्ट में पैसा क्यों लगाया है? बातचीत करते हुए एक्ट्रेस ने कहा- ‘मुझे अच्छी स्टोरीज नहीं मिल रही हैं. मुझे फिल्मों में शो पीस की तरह इस्तेमाल किया गया. मुझे एक ही तरह की कहानियां मिल रही थीं, जिनमें कुछ भी नया नहीं था और कोई अच्छा संदेश भी नहीं था. ऐसे में मैंने सोचा कि खुद पर पैसा लगाना सही रहेगा.’ एक्ट्रेस ने आगे बताया कि पिछले 5 सालों से उन्हें पंजाबी फिल्मों के ऑफर आ रहे थे. हालांकि वह अच्छी फिल्म के इंतजार में थीं. कुछ ऐसा जिससे पंजाबी फिल्म में उनकी वापसी अच्छी तरह से हो सके. पंजाबी फिल्मों में काम करने पर शहनाज ने कहा ‘कई लोग मुझसे कहते हैं कि मैंने पंजाबी फिल्मों में वक्त बर्बाद किया. हालांकि ऐसा नहीं है. मैंने यहां बहुत कुछ सीखा है. पंजाबी इंडस्ट्री बहुत बड़ी है. बॉलीवुड फिल्में तब तक नहीं चलतीं जब तक उनमें पंजाबी गाना न डाला जाए. वर्कफ्रंट की बात करें तो शहनाज गिल को आखिरी बार पंजाबी फिल्म ‘इक कुड़ी’ में देखा गया. एक्ट्रेस ने इस फिल्म को प्रोड्यूस भी किया था और इसका निर्देशन अमरजीत सिंह सरोन ने किया था.

नशा तस्करी पर पुलिस का शिकंजा, झालावाड़ में 125 करोड़ की संपत्ति स्थाई रूप से जमींद कर दी

झालावाड़/जयपुर नशे के खिलाफ जिले में अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई करते हुए झालावाड़ पुलिस ने नशा माफियाओं की आर्थिक कमर तोड़ दी है। एसपी अमित कुमार के निर्देशन में चलाए गए ऑपरेशन दिव्य प्रहार के तहत नशा तस्करी से अर्जित लगभग 125 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियों को स्थाई रूप से फ्रीज कर दिया गया है। इस बड़ी कार्रवाई में आलीशान मकान पेट्रोल पंप कृषि भूमि कॉमर्शियल प्लॉट्स और महंगी गाड़ियां शामिल हैं। तीन महीने की खुफिया तैयारी पुलिस की एमओबी शाखा ने पिछले कुछ महीनों से नशा नेटवर्क से जुड़े अपराधियों और उनके रिश्तेदारों की अवैध संपत्तियों का गोपनीय डाटाबेस तैयार किया। इसके बाद थाना प्रभारियों साइबर टीम और विशेष जांच दल ने विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए इन संपत्तियों को स्थाई रूप से फ्रीज कर दिया। स्पेशल टीम ने संभाला मोर्चा आर्थिक कार्रवाई के लिए एसपी कार्यालय में चार सदस्यीय विशेष टीम गठित की गई। इसमें हेमन्त शर्मा पिंकू मैरोठा वीकेश और नीतेश शामिल रहे। पूरी कार्रवाई का संचालन और मॉनिटरिंग स्वयं एसपी अमित कुमार ने की। दिल्ली से मिली कानूनी मंजूरी एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 एफ के तहत संपत्तियों को फ्रीज करने की प्रक्रिया को दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी से मंजूरी मिल चुकी है। अब तस्कर इन संपत्तियों को बेच नहीं सकेंगे गिरवी नहीं रख सकेंगे और न ही किसी तरह उपयोग कर सकेंगे। इस कार्रवाई ने जिले में नशा कारोबार करने वालों के बीच दहशत फैल दी है। साफ संदेश है कि नशा बेचोगे तो जेल भी होगी और काली कमाई भी खत्म होगी।   एसपी का संदेश एसपी अमित कुमार ने कहा यह सिर्फ गिरफ्तारी नहीं बल्कि नशा व्यापार की जड़ों पर आर्थिक प्रहार है। अपराधियों को समझना होगा कि नशे से अर्जित संपत्तियां स्थाई नहीं रह सकतीं। सभी तस्करों के मामलों में थाना प्रभारी को केस अधिकारी नियुक्त किया गया है। अब तक 71 नशा तस्कर जांच में हैं और उनकी 107 संपत्तियां स्थाई रूप से फ्रीज की जा चुकी हैं। जिले में नशा नेटवर्क पर यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।