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14 एनर्जी स्टेशनों के साथ तैयार हो रहा भारत का सबसे लंबा ई-हाईवे दिल्ली-गुरुग्राम-जयपुर

नई दिल्ली देश में पहली बार सोलर, पवन, थर्मल और हाइड्रोजन स्रोतों से बिजली उत्पन्न कर ई-वाहनों को चार्ज करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए नेशनल हाईवे फॉर ईवी (NHEV) 3जी एनर्जी स्टेशन स्थापित करेगा। यह पहल दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण कम करने में मददगार साबित होगी और साथ ही बिजली की बचत भी सुनिश्चित करेगी। गुरुग्राम के ग्वाल पहाड़ी स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोलर एनर्जी (NISE) में शुक्रवार को एनएचईवी वर्किंग कमेटी की सातवीं बैठक आयोजित होगी। इस बैठक में दिल्ली-गुरुग्राम-जयपुर और दिल्ली-फरीदाबाद-आगरा कॉरिडोर पर पहले चरण में 14 अत्याधुनिक 3जी एनर्जी स्टेशनों का अंतिम रोडमैप तैयार किया जाएगा। इन चार्जिंग स्टेशनों पर 200 से 500 किलोवॉट तक के अल्ट्रा-फास्ट चार्जर लगाए जाएंगे, जिससे कोई भी इलेक्ट्रिक वाहन केवल 30 मिनट में 100 से 200 किलोमीटर तक चलने के लिए चार्ज हो सकेगा। नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से संचालित होने के कारण प्रत्येक स्टेशन से सालाना लगभग 8,000 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम होगा। तीन हजार 200 किलोवॉट क्षमता वाले हाइब्रिड सर्विस हब सोलर, पवन, थर्मल और हाइड्रोजन माइक्रो-इलेक्ट्रोलाइज़र से संचालित होंगे। भविष्य में इन्हें पूरी तरह हाइड्रोजन आधारित तकनीक में बदला जाएगा। दिल्ली-जयपुर और दिल्ली-आगरा को जोड़ने वाले विश्व के सबसे बड़े ईवी कॉरिडोर के निर्माण के लिए शुक्रवार की बैठक में विस्तृत योजना तैयार की जाएगी।  अभिजीत सिन्हा, निदेशक, एनएचईवी एनएचईवी का उद्देश्य देश के लगभग 5,000 किलोमीटर लंबे हाईवे को इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए उपयुक्त बनाना है। पहले चरण में यह पहल दिल्ली-गुरुग्राम-जयपुर और दिल्ली-फरीदाबाद-आगरा हाईवे पर शुरू की जाएगी। इस कदम से यात्रियों को यात्रा में आसानी और सुविधा प्राप्त होगी। दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए 5 ट्रक हब बनेंगे दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण कम करने के लिए एनएचईवी पांच बड़े इलेक्ट्रिक ट्रक चार्जिंग हब भी स्थापित करेगा। ये नए हब गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, नोएडा और गाजियाबाद में बनाए जाएंगे। वर्तमान में रोजाना लगभग 15,000 डीजल ट्रक राजधानी में प्रवेश करते हैं, जो वायु प्रदूषण का बड़ा कारण हैं। नई चार्जिंग सुविधाओं की मदद से 24 घंटे में करीब 10,000 इलेक्ट्रिक ट्रकों को चार्ज किया जा सकेगा। इससे डीजल ट्रकों का प्रवेश धीरे-धीरे कम होगा और दिल्ली की वायु गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार आएगा। इस पहल से नागरिकों को प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद है। गुरुग्राम होकर गुजरेगा विश्व का सबसे लंबा ई-हाईवे: वर्तमान में जर्मनी के बर्लिन में 109 किमी लंबा ई-हाईवे है। देश का पहला ई-हाईवे दिल्ली के इंडिया गेट से जयपुर के अलबर्ट पिंटो हॉल तक घोषित किया गया है। लगभग 280 किमी लंबा यह हाईवे पूरी तरह तैयार होने के बाद विश्व का सबसे लंबा ई-हाईवे बन जाएगा। पहले इसका प्रारंभिक बिंदु गुरुग्राम था, जिसे बाद में इंडिया गेट तक बढ़ाया गया। दिल्ली-गुरुग्राम-जयपुर और फिर दिल्ली-आगरा कॉरिडोर के पूरा होने पर यह हाईवे लगभग 500 किमी लंबा हो जाएगा। 3 प्वाइंट में समझें 3G चार्जिंग स्टेशन ग्रीन एनर्जी: ये चार्जिंग स्टेशन 100% नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) से संचालित होंगे। इसमें सोलर पैनल, पवन टरबाइन, हाइड्रोजन और स्टोरेज बैटरी से पावर जनरेट की जाएगी, और कोई ग्रिड कनेक्शन नहीं होगा। प्रत्येक स्टेशन से सालाना लगभग 8,000 टन CO₂ उत्सर्जन बचाया जा सकेगा, जिससे हाईवे पर चलने वाली ईवी वास्तविक रूप से शून्य उत्सर्जन (Zero Emission) वाली होंगी। यह भारत का पहला ऐसा प्रोजेक्ट है जो थर्मल पावर को पूरी तरह बायपास करेगा। गिगानटिक क्षमता: इस पहल के तहत 3.2 मेगावॉट क्षमता वाले विशाल चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। एक ही स्थान पर 60-120 kW फास्ट चार्जर, ट्रक और बस के लिए 600 kW पैंटोग्राफ, वायरलेस चार्जिंग पैड, बैटरी स्वैप सिस्टम और हाइड्रोजन डिस्पेंसर जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। चार 800 kWh के सब-स्टेशन मिलाकर कुल 3,200 kWh बिजली उत्पन्न की जाएगी, जिससे एक साथ लगभग 300 कारें या 50 ट्रक-बसे चार्ज हो सकेंगी। जेनरेशन नेक्स्ट: ये चार्जिंग स्टेशन 5G नेटवर्क, AI आधारित लोड मैनेजमेंट और जियो रूट प्लानिंग से लैस होंगे। वाहन अपने आप यह जानकारी देगा कि अगला 3G स्टेशन कहां है, कितनी चार्जिंग बची है और कितनी देर रुकना है। भविष्य में, 2047 तक इन स्टेशनों को 6.4 मेगावॉट क्षमता वाले 5G स्टेशन में अपग्रेड किया जाएगा। पर्यटन और लॉजिस्टिक्स को बूस्ट: यह प्रोजेक्ट भारत सरकार के ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस (EODB) पायलट का हिस्सा है, जो नेशनल हाईवे को ई-हाईवे (NHEV) में बदलने पर केंद्रित है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस पहल से इलेक्ट्रिक टैक्सी और टूरिस्ट बसों की संख्या बढ़ेगी। वर्तमान में अधिकांश लोग पेट्रोल-डीजल वाहन ही चुनते हैं क्योंकि चार्जिंग स्टेशन न मिलने का डर रहता है। अब हर 50 किमी पर चार्जिंग उपलब्ध होने से लोग EV से निश्चिंत होकर यात्रा कर सकेंगे। इसके साथ ही लॉजिस्टिक्स कंपनियां भी इलेक्ट्रिक ट्रक चलाने की तैयारी कर रही हैं।

सावधान! खतरनाक मोबाइल वायरस बिना OTP बैंक खाते से काट सकता है पैसे—जानें बचाव के तरीके

नई दिल्ली एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स को सावधान हो जाना चाहिए। एक नया Albiriox वायरस उनका बैंक अकाउंट खाली कर सकता है। इस मैलवेयर के जरिए हैकर्स यूजर के बैंकिंग ऐप तक आसानी से पहुंचकर उनका डेटा चुरा रहे हैं। खतरनाक बात तो ये यह है कि वे बिनी ओटीपी के ही लेनदेन भी कर रहे हैं। यह मैलवेयर, हैकर्स को यूजर की पर्सनल डिटेल के बिना ही उनके बैंकिंग ऐप से पैसे ट्रांसफर करने दे रहा है। मैलवेयर नकली ऐप्स और क्लोन किए गए प्ले स्टोर लिस्टिंग के जरिए फैल रहा है। डार्क वेब फोरम पर सब्सक्रिप्शन बेस्ड टूलकिट के तौर पर यह वायरस साइबर अपराधियों को बेचा जा रहा है। बता दें कि एंड्रॉयड बैंकिंग मैलवेयर पर नजर रखने वाली फ्रॉड प्रिवेंशन फर्म क्लीफी (Cleafy) से ये जानकारी मिली है। फैलता ही जा रहा है मैलवेयर इस वायरस को ऐसे बेचा जा रहा है कि यह बढ़ता ही चला जा रहा है। जांचकर्ताओं का कहना है कि इस ट्रोजन को मैलवेयर-एज-ए-सर्विस (Malware-as-a-Service) के रूप में बेचा जा रहा है। यह एक ऐसा मॉडल है, जहां हैकर्स बस सब्सक्रिप्शन लेते हैं, मैलवेयर डाउनलोड करते हैं और उसे काम पर लगा देते हैं। हैकर्स ऐसे इंस्टॉल कराते हैं वायरस Cleafy के रिसर्चर को पहले हुए कुछ हमलों जैसा एक पैटर्न समझ आया, तब उन्हें Albiriox के बार में पता चला। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हैकर्स नुकसान पहुंचाने वाली एपीके (APK) फाइलों को सामान्य ऐप्स के रूप में दिखाते हैं, जिससे यूजर्स उन्हें मैन्युअल रूप से इंस्टॉल करने लग जाते हैं। ये एपीके फाइलें नकली ऐप से लेकर व्हाट्सऐप और टेलीग्राम मैसेज के जरिए शेयर की जाती हैं। यूजर्स को ऑफर का लालच देकर ये फाइल उन्हें अपने जाल में फंसाती हैं। सीधा ऐप पर करता है अटैक सबसे पहले हैकर्स यूजर्स को इतना मजबूर कर देता है कि उसे अननॉन ऐप्स को इंस्टॉल करने की मंजूरी देनी पड़ती है। इसके बाद, बैकग्राउंड में छिपा हुआ इंस्टॉलर असली ट्रोजन को चुपके से डाल देता है। एक्टिव हो जाने के बाद यह पासवर्ड नहीं चुराता है। यह सीधे बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट, फिनटेक और यहां तक कि क्रिप्टो ऐप्स की तरह बढ़ता है। यह तरीका साइबर अपराधियों बैंकिंग ऐप का इस्तेमाल यूजर की तरह कर पाते हैं। बिना ओटीपी खाली हो जाता है अकाउंट बैंकिंग ऐप का इस्तेमाल करने के लिए न तो उन्हें लॉगिन क्रेडेंशियल की जरूरत पड़ती है और न ही ओटीपी की। बता दें कि ये सब एंड्रॉयड की एक्सेसिबिलिटी टूल्स का इस्तेमाल करके बैकग्राउंड में होता है। इस कारण लोगों को कुछ भी अजीब नहीं लगता है। पहले ही 400 से ज्यादा ऐप्स पकड़े गए एंड्रॉयड अथॉरिटी की रिपोर्ट के अनुसार, रिसर्चर ने पहले ही 400 से ज्यादा ऐसे नकली ऐप्स को पकड़ा है, जो सभी वित्तीय सेवाओं की तलाश करने वाले लोगों को निशाना बनाने के लिए डिजाइन किए गए हैं। बचने के लिए ध्यान रखें ये बातें     हमेशा ध्यान रखें कि केवल आधिकारिक प्ले स्टोर से ऐप्स इंस्टॉल करें। लिंक, फॉरवर्ड किए गए मैसेज या वेबसाइटों के जरिए शेयर किए गए APK फाइल डाउनलोड करने से बचें।     अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर install unknown apps ऑप्शन को डिसेबल रखें।     अपने स्मार्टफोन पर उन ऐप्स की जांच करें, जिन्हें आप इंस्टॉल करना याद नहीं रखते हैं। खासकर वे जो बैंकिंग या वित्त से संबंधित हों।     गूगल प्ले प्रोटेक्ट का ऑन रखें। यह आपके डिवाइस को मैलवेयर से बचाने में मदद करता है।     जब भी कोई सॉफ्टवेयर अपडेट उपलब्ध हो, तो अपने एंड्रॉयड फोन को अपडेट करें। ​​

3rd ग्रेड टीचर भर्ती में आज लास्ट डेट! अब तक आए इतने लाख आवेदन

जयपुर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से निकाली गई थर्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती के लिए कल 6 दिसंबर 2025 आवेदन की अंतिम तिथि है। बुधवार शाम तक रीट लेवल लेवल 1 के लिए 2 लाख से अधिक और रीट लेवल 2 में 5 लाख से अधिक फॉर्म भरे जा चुके हैं। यानी कुल 7 लाख से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। थर्ड ग्रेड लेवल-1 (कक्षा 1 से 5 तक) और लेवल-2 (कक्षा 6 से 8 तक) के 7759 पदों के लिए आवेदन 7 नवंबर से शुरू हुए थे। जिन रीट पास अभ्यर्थियों ने अभी तक आवेदन नहीं किया है वे rssb.rajasthan.gov.in या recruitment.rajasthan.gov.in पर जाकर एप्लाई करें। राजस्थान थर्ड ग्रेड लेवल-1 में 5636 जबकि लेवल-2 में 2123 पदों पर भर्ती निकाली गई है। दोनों लेवल के लिए रीट पात्रता परीक्षा पास कर चुके अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। राजस्थान थर्ड ग्रेड अध्यापक भर्ती परीक्षा 17 से 21 जनवरी 2026 तक होगी। इस परीक्षा का रिजल्ट 10 जुलाई 2026 को घोषित किया जाएगा। रिजल्ट आने पर मेरिट के आधार पर अभ्यर्थियों को फाइनल पोस्टिंग दी जाएगी। लेवल-2 अध्यापक भर्ती में सबसे अधिक विज्ञान-गणित के 1043 पद जबकि संस्कृत के 389 पद, हिंदी के 174 पद, अंग्रेजी के 221 पद और एसएसटी के 296 पद हैं। लेवल-1 में संस्कृत शिक्षा में 636 पदों और सामान्य शिक्षा में 5 हजार पदों पर भर्ती होगी। पदों का ब्योरा राजस्थान थर्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती- लेवल-1 विभाग- पद संस्कृत शिक्षा विभाग- 636 प्रारम्भिक शिक्षा विभाग – 5000 राजस्थान थर्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती- लेवल-2 विभाग व पद एसएसटी – 296 हिंदी – 174 इंग्लिश – 221 संस्कृत- 389 गणित-विज्ञान – 1043 शैक्षणिक योग्यता- 1. प्राथमिक विद्यालय अध्यापक सामान्य शिक्षा कक्षा 1 से 5 (स्तर-प्रथम) के लिए उम्मीदवार के पास कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ उच्चतर माध्यमिक अथवा इसके समकक्ष तथा प्रारंभिक शिक्षा में द्विवर्षीय डिप्लोमा (चाहे किसी भी नाम से जाना जाता हो) होना चाहिए। इसके साथ ही उम्मीदवार ने राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (REET) उत्तीर्ण की होनी चाहिए। 2. अध्यापक (स्तर-द्वितीय) कक्षा 6 से 8 (विषय सामाजिक अध्ययन, अंग्रेजी, गणित-विज्ञान, हिन्दी) के लिए उम्मीदवार के पास कम से कम स्नातक और प्रारंभिक शिक्षा में द्विवर्षीय डिप्लोमा (चाहे किसी भी नाम से जाना जाता हो) होना चाहिए। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन करने से पहले ऑफिशियल नोटिफिकेशन में भर्ती के लिए योग्यता और शैक्षणिक योग्यता को जरूर चेक करें। आयु सीमा- उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए। उम्मीदवार ने 40 वर्ष आयु प्राप्त नहीं की होनी चाहिए। उम्मीदवारों की आयु की गणना 1 जनवरी 2026 को आधार बनाकर की जाएगी। न्यूनतम पासिंग मार्क्स नॉन टीएसपी एरिया सामान्य श्रेणी – 60 अंक एससी-एसटी, ओबीसी, एमबीसी, EWS – 55 अंक विधवा, परित्यकता, एक्स सर्विसमैन – 50 अंक निशक्तजन श्रेणी – 40 अंक सहारिया जनजाति – 36 अंक टीएसपी एरिया सामान्य श्रेणी – 60 अंक एससी, ओबीसी, एमबीसी, EWS -55 अंक एसटी और विधवा परित्यकता – 36 अंक आवेदन शुल्क- 1. सामान्य वर्ग व कीमीलेयर श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग / अति पिछड़ा वर्ग के आवेदक – 600 रुपये 2. राजस्थान के नॉन कीमलेयर श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग / अति पिछड़ा वर्ग एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग/अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के आवेदक- 400 रुपये सामान्य श्रेणी – 60 अंक एससी, ओबीसी, एमबीसी, EWS -55 अंक एसटी और विधवा परित्यकता – 36 अंक      

दीपिका का ओलंपिक मिशन शुरू, लॉस एंजिल्स के लिए जोरदार प्रैक्टिस जारी

नई दिल्ली देश की शीर्ष महिला तीरंदाज तीरंदाज दीपिका कुमारी ने कहा है कि उनका लक्ष्य आगामी लॉस एंजिल्स ओलंपिक में बेहतर प्रदर्शन करना है। दीपिका ने कहा कि वह इसी को देखते हुए दबाव वाले हालातों से निपटने के लिए मानसिक मजबूती बढ़ाने पर ध्यान दे रही हैं। चार बार की ओलंपियन दीपिका के अनुसार लॉस एंजिलिस ओलंपिक में उनके लिए पदक जीतने का अंतिम अवसर होगा। ऐसे में वह अपनी ओर से कोई कमी नहीं रखेंगी। इसी वह इस बार नहीं तो अभी नहीं की मानसिकता के साथ उतरेंगी।  दीपिका ने कहा कि अभी निकट भविष्य में उनका संन्यास का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है अब तक की सभी प्रतियोगिताओं से मुझे अच्छा अनुभव मिला है। दीपिका ने बताया कि उनकी वर्तमान ट्रेनिंग में मानसिक और तकनीकी दोनों पहलुओं को बेहतर करने पर काम हो रहा है। इस तीरंदाज ने कहा, ‘मैं अपने खेल के मानसिक और तकनीकी दोनों पहलुओं पर काम कर रही हूं और यह प्रीमियर लीग मुझे और बेहतर बनाने में मदद कर रही है। दर्शकों के सामने खेलने से दबाव तो आता है, लेकिन यही दबाव खिलाड़ियों को बेहतर बनाने में मदद करता है। उन्होंने कहा, ‘मैं हर तकनीक में महारत हासिल करने की कोशिश कर रही हूं, जिससे दबाव में भी अच्छा प्रदर्शन किया जा सके।   

सावधान झारखंड! अगले 48 घंटे में बदल जाएगा मौसम, ठिठुरन बढ़ने के संकेत

  रांची झारखंड में ठंड ने फिर से अपना कहर दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 11 जिलों में शीतलहर की चेतावनी जारी करते हुए येलो अलटर् दिया है। यानी आने वाले 48 घंटे मौसम में बड़े बदलाव के साथ ठंड में काफी वृद्धि होने वाली है, जो लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है। गुमला में न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया मौसम विभाग के अनुसार पलामू, गढ़वा, लातेहार, चतरा, गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा, रांची, बोकारो, खूंटी और रामगढ़ में शीतलहर का सबसे ज्यादा खतरा है। यहां तेज उत्तर-पश्चिमी हवाएं चल रही हैं, जिसके कारण तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जाएगी। फिलहाल, पिछले 24 घंटों में तापमान में बड़ी कमी देखी गई है। गुमला जिले में न्यूनतम तापमान मात्र 5.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है, जो पूरे राज्य में सबसे कम है। वहीं चाईबासा में अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री दर्ज किया गया है, जिससे दिन और रात के तापमान में भारी अंतर हो गया है। इस कड़कड़ाती ठंड ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। नेशनल हेल्थ मिशन ने भी एडवाइजरी जारी की उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के लगातार प्रभाव से लोग सर्दी से बचने के लिए स्वेटर, जैकेट और अलाव जैसी गर्माहट देने वाली चीजें फिर से निकालने लगे हैं। मौसम में आए इस बदलाव ने झारखंड में सर्दी की दूसरी लहर आने का संकेत दे दिया है। इस दौरान नेशनल हेल्थ मिशन ने भी एडवाइजरी जारी की है, जिसमें लोगों को गर्म कपड़े पहनकर बाहर निकलने, पर्याप्त भोजन करने और यदि सर्दी, जुकाम या फ्लू के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता या डॉक्टर से संपर्क करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही ठंड से होने वाली किसी भी गंभीर समस्या जैसे बेहोशी या भाषा लड़खड़ाने की स्थिति में शीघ्र चिकित्सीय मदद लेने की सलाह दी गई है।  

10 साल में एमपी के 32,000 से अधिक स्कूल हुए बंद, शिक्षकों व छात्रों की संख्या घटी; CBI जांच की मांग तेज

भोपाल  प्रदेश में वर्ष 2013-14 की तुलना में 2025-26 तक शासकीय प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने सरदारपुर विधायक प्रताप ग्रेवाल के प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि 2013-14 में सरकारी स्कूलों की संख्या 1,14,972 थी, जो घटकर 82,128 रह गई। यानी 32,844 विद्यालय कम हुए। इसी अवधि में शिक्षकों की संख्या 2,91,992 से घटकर 2,33,817 रह गई, जो कुल 61,175 की कमी है। क्या कहा मंत्री ने मंत्री ने बताया कि 2025-26 में 21,193 शासकीय माध्यमिक विद्यालय ऐसे हैं, जिनमें 20 से कम विद्यार्थी हैं। वहीं 29,486 स्कूलों में छात्रों की संख्या 40 से कम है। प्रदेश के 8,533 स्कूल केवल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं, जबकि 28,716 स्कूलों में सिर्फ दो शिक्षक हैं। बढ़ा बजट वर्ष 2010-11 में स्कूल शिक्षा विभाग का बजट 6,374.25 करोड़ रुपये था, जो 2025-26 में बढ़कर 36,581.64 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं शासकीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 12 तक विद्यार्थियों की संख्या 2010-11 में 133.66 लाख थी, जो घटकर 2025-26 में 79.39 लाख रह गई। यानी कुल 54.27 लाख विद्यार्थियों की कमी हुई है। मंत्री ने बजट बढ़ने के कारण के रूप में सातवें वेतनमान और महंगाई भत्ते को वजह बताया। जबकि विद्यालय और शिक्षक संख्या में कमी के पीछे शालाओं के मर्ज होने और शिक्षकों की सेवानिवृत्ति को कारण बताया गया। हालांकि, विद्यार्थियों की संख्या में भारी कमी को लेकर कोई कारण नहीं बताया गया। वहीं मीडिया से बातचीत में विधायक प्रताप ग्रेवाल ने कहा कि वर्ष 2014-15 में 82 लाख विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार की छात्रवृत्ति दी गई थी, जो 2025-26 में घटकर 58 लाख रह गई। वर्ष 2013-14 में 93.7 लाख बच्चों को निश्शुल्क पाठ्यपुस्तकें और गणवेश वितरित किए गए थे, जबकि 2025-26 में यह संख्या घटकर 56.82 लाख रह गई। मध्यान्ह भोजन के लाभार्थी 75.75 लाख से घटकर 37.23 लाख और निश्शुल्क साइकिल योजना के लाभार्थी 3.29 लाख से घटकर 1.63 लाख रह गए। सीबीआई जांच की मांग ग्रेवाल ने सवाल उठाया कि स्कूल, शिक्षक, छात्र और सभी योजनाओं के लाभार्थी कम हो रहे हैं, फिर भी बजट कई गुना कैसे बढ़ गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सरकारी स्कूलों को बंद कर निजी स्कूलों को संरक्षण दे रही है और शिक्षा व्यवस्था शिक्षा माफिया के हाथों में जाती दिख रही है। उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।

इंदौर में तीन दिवसीय जैविक महोत्सव 12 दिसंबर से, ग्रामीण हाट बाजार में होगा आयोजन

इंदौर  स्वस्थ तन, समृद्ध किसान और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए इंदौर एक बार फिर तैयार है। शहर में 12, 13 और 14 दिसंबर को एक भव्य जैविक महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है। यह तीन दिवसीय मेला इंदौर के ढक्कनवाला कुआं स्थित ग्रामीण हाट बाजार में लगेगा। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में होने वाले इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य उत्पादकों और उपभोक्ताओं के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। चार विशेष भागों में बंटा होगा मेला आगंतुकों की सुविधा के लिए मेले को चार आकर्षक भागों में विभाजित किया गया है। पहला भाग: श्री अन्न प्रदर्शनी मेले का पहला हिस्सा मिलेट्स यानी श्री अन्न पर आधारित होगा। यहां कोदो, कुटकी, कंगनी, रागी और सामा जैसे पारंपरिक और पोषक तत्वों से भरपूर अनाज प्रदर्शित किए जाएंगे। लोग न केवल इनके फायदे जान सकेंगे, बल्कि इन्हें खरीद भी सकेंगे। दूसरा भाग: तिलहन और शुद्ध तेल दूसरे हिस्से में सरसों, तिल्ली, मूंगफली, अलसी और सूरजमुखी जैसे तिलहनों की प्रदर्शनी लगेगी। खास बात यह है कि यहां घानी से निकाला गया शुद्ध तेल उपलब्ध रहेगा, जिससे लोगों को स्वदेशी तेलों की शुद्धता और लाभों का पता चलेगा। तीसरा भाग: ज्ञान सत्र किसानों और जिज्ञासु लोगों के लिए विशेष ज्ञान सत्र आयोजित होंगे। इसमें विशेषज्ञ स्वदेशी तेलों के लाभ, तिलहन खेती, मिलेट्स के नए प्रयोग और प्राकृतिक खेती की तकनीकों पर मार्गदर्शन देंगे। चौथा भाग: स्वाद और सेहत मेले का सबसे आकर्षक हिस्सा इसका फूड जोन होगा। यहां जैविक उत्पादों से बने पारंपरिक व्यंजन जैसे दाल-पानिया, मिलेट्स की खिचड़ी, मिलेट्स के पोहे और गिर गाय के दूध से बनी जलेबी का आनंद लिया जा सकेगा। इस आयोजन का मकसद नागरिकों को जैविक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। आयोजन के मुख्य सहयोगी यह मेला आत्मा परियोजना, किसान कल्याण एवं कृषि विभाग, मां रेणुका फूड्स, आनंदम ऑर्गेनिक और शगुन नैचुरल के संयुक्त प्रयासों से आयोजित किया जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि इंदौर स्वच्छता के साथ-साथ अब स्वस्थता के क्षेत्र में भी देश में अपनी अलग पहचान बनाए। 

2,000 रन से बस कुछ कदम दूर टेंबा बावुमा, तीसरे वनडे में बनेगा बड़ा रिकॉर्ड?

नई दिल्ली भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच विशाखापत्तनम के एसीए-एडीसीए मैदान में शनिवार को तीसरा वनडे खेला जाना है। सीरीज 1-1 से बराबर है। आखिरी मुकाबला निर्णायक होगा। इस मैच में दक्षिण अफ्रीका के कप्तान वनडे क्रिकेट में 2,000 रन पूरे कर सकते हैं। भारत दौरे पर सफलता की नई कहानी लिख रहे दक्षिण अफ्रीका के कप्तान टेंबा बावुमा तीसरे वनडे में 2,000 रन का आंकड़ा छू सकते हैं। बावुमा को इसके लिए 13 रन की जरूरत है। बावुमा ऐसा करने वाले दक्षिण अफ्रीका के 22वें बल्लेबाज होंगे। बावुमा शायद इस आंकड़े को छू चुके होते अगर वह रांची में खेले गए पहले वनडे का हिस्सा होते। दूसरे वनडे में 46 रन की अहम पारी खेलने वाले बावुमा ने इस फॉर्मेट में अपने करियर की शुरुआत 2016 में की थी। इंजरी से प्रभावित करियर में अब तक खेले 54 मैचों की 52 पारियों में 5 शतक और 8 अर्धशतक की सहायता से बावुमा 1,987 रन बना चुके हैं। उनका औसत 42.27 रहा है। दक्षिण अफ्रीका की टीम ने भारत में सिर्फ 1 ही बार वनडे सीरीज जीती है। 2015-16 में 5 वनडे मैचों की सीरीज दक्षिण अफ्रीका ने 2-3 से जीती थी। उस सीरीज में दक्षिण अफ्रीका के कप्तान एबी डिविलियर्स थे। बावुमा के पास डिविलियर्स के रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए भारत में वनडे सीरीज जीतने वाले दूसरे दक्षिण अफ्रीकी कप्तान बनने का मौका है। वनडे सीरीज से पहले 2 मैचों की टेस्ट सीरीज खेली गई थी। टेंबा बावुमा की कप्तानी वाली दक्षिण अफ्रीका ने सीरीज 0-2 से जीती थी। 2000 के बाद ऐसा पहली बार हुआ जब दक्षिण अफ्रीका ने भारत का टेस्ट सीरीज में सूपड़ा साफ किया। ऐसे में दक्षिण अफ्रीका से तीसरे वनडे में भारतीय टीम को सावधान रहना होगा। बावुमा एंड कंपनी तीसरे वनडे को जीतकर 2015-16 की उपलब्धि को फिर से दोहराना चाहेगी।  

अक्टूबर में भारत का अमेरिका को स्मार्टफोन निर्यात 300% बढ़ा

नई दिल्ली   भारत का अमेरिका को स्मार्टफोन निर्यात अक्टूबर में सालाना आधार पर 300 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 1.47 अरब डॉलर हो गया है। यह जानकारी सरकारी डेटा में दी गई। अमेरिका को स्मार्टफोन निर्यात ऐसे समय पर बढ़ा है, जब देश वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और अस्थिरता एवं टैरिफ का सामना कर रहा है। पिछले साल समान अवधि में भारत का अमेरिका को स्मार्टफोन निर्यात 0.46 अरब डॉलर था। डेटा के मुताबिक, देश का यूएस को समार्टफोन निर्यात चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-अक्टूबर अवधि में 10.78 अरब डॉलर रहा है, जो कि पिछले साल समान अवधि में 3.60 अरब डॉलर था। भारत ने अमेरिका को अप्रैल में 1.65 अरब डॉलर, मई में 2.29 अरब डॉलर, जून में 1.99 अरब डॉलर, जुलाई में 1.52 अरब डॉलर, अगस्त में 0.96 अरब डॉलर, सितंबर में 0.88 अरब डॉलर के स्मार्टफोन का निर्यात किया था। भारत की यूएस को शिपमेंट लगातार बढ़ रही है। इसमें सालाना आधार पर वृद्धि देखी जा रही है। पिछले साल अमेरिका को शिपमेंट अप्रैल में 0.66 अरब डॉलर, मई में 0.76 अरब डॉलर, जून में 0.59 अरब डॉलर, जुलाई में 0.49 अरब डॉलर, अगस्त में 0.39 अरब डॉलर और सितंबर में 0.26 अरब डॉलर था। वैश्विक स्तर पर भी भारत के स्मार्टफोन निर्यात में तेज वृद्धि देखी जा रही है। यह चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-अक्टूबर अवधि में सालाना आधार पर 49.35 प्रतिशत बढ़कर 15.95 अरब डॉलर हो गया है,जो कि पिछले साल समान अवधि में 10.68 अरब डॉलर था। पिछले महीने इंडिया सेलुलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) की रिपोर्ट में जानकारी दी गई थी कि भारत का स्मार्टफोन निर्यात बीते वर्ष की समान अवधि की तुलना में 95 प्रतिशत बढ़कर 1.8 अरब डॉलर को पार कर गया है। आईसीईए के चेयरमैन पंकज मोहिंद्रू ने निर्यात में हो रही इस लगातार बढ़ोतरी को लेकर कहा था कि यह प्रदर्शन दिखाता है कि भारत के मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम की नींव मजबूत हो रही है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, भारत से निर्यात होने वाले सभी सामानों की लिस्ट में इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम अब तीसरे स्थान पर हैं। भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग के बढ़ने से इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में ग्रोथ से हजारों नई नौकरियां पैदा होंगी।

MP में 329 पुलिस कर्मियों पर केस दर्ज, विधानसभा में खुलासा, जनता के रखवाले भी कटघरे में

भोपाल  मध्यप्रदेश की विधानसभा में आज एक अहम और बड़ी जानकारी निकलकर सामने आई है। जनता के रखवाले खाकी वर्दी वालों पर भी मामले दर्ज हैं। कानून तोडऩे में पुलिस वाले भी पीछे नहीं हैं। विधानसभा में एक सवाल में सरकार ने जो जानकारी दी है वो खाकी पर सवाल खड़े करने वाली है। दरअसल पिछले दो साल में विभिन्न थानों में 329 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कई धाराओं में प्रकरण दर्ज किए गए हैं। पुलिसवालों के खिलाफ सबसे ज्यादा मामले भोपाल शहर में है, जहां 48 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामले दर्ज हुए हैं। वहीं फिर ग्वालियर जिला आता है। विधानसभा में विधायक बाला बच्चन के सवाल के लिखित जवाब में सरकार ने यह जानकारी साझा की है। जानकारी में बताया गया है कि  पुलिसकर्मियों के खिलाफ दर्ज 61 प्रकरणों में अभी विवेचना चल रही है, जबकि 259 मामलों में चालान पेश किया जा चुका है। ज्यादा प्रकरण भोपाल शहर, ग्वालियर, इंदौर, गुना, सिवनी, बालाघाट में दर्ज किए गए हैं । विभिन्न  मामलो की बात करें तो भोपाल शहर में 48, ग्वालियर में 27, गुना में 17, बालाघाट में 13 तो सिवनी में 18 और इंदौर शहर और देहात में17-17 मामले पुलिस वालों पर दर्ज है। गौर करने वाली बात है कि  इंदौर और भोपाल में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होने के बाद भी लूट, चोरी जैसे अपराधों में बढ़ोतरी हुई है जो सोचने वाली बात है।