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एलन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर 1257 करोड़ का जुर्माना, यूरोपीय संघ का कड़ा कदम

 लंदन यूरोपीय संघ के नियामकों ने शुक्रवार को एलन मस्क के सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर डिजिटल नियमों का पालन न करने के लिए 12 करोड़ यूरो (लगभग 14 करोड़ डॉलर) का जुर्माना लगाया। यूरोपीय आयोग ने यह निर्णय दो साल पहले सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) के खिलाफ शुरू की गई जांच के बाद लिया है। यह जांच 27 सदस्यीय यूरोपीय संघ के डिजिटल सेवा अधिनियम (डीएसए) के तहत की गई थी। ⁠डीएसए एक व्यापक कानून है जो सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन मंच से कहता है कि यूरोप के उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए वे ज्यादा जिम्मेदारी लें और अपनी साइट पर आने वाली हानिकारक या गैर-कानूनी सामग्री तथा उत्पादों को तुरंत हटाएं। अगर वे ऐसा नहीं करते तो बहुत भारी जुर्माना लग सकता है। आयोग ने कहा कि वह सोशल मीडिया मंच एक्स को डीएसए की पारदर्शिता आवश्यकताओं के तीन अलग-अलग उल्लंघनों के कारण दंडित कर रहा है। नियामकों ने कहा कि ‘एक्स’ के नीले टिक निशान नियमों का उल्लंघन करते हैं क्योंकि उनका भ्रामक डिजाइन उपयोगकर्ताओं को धोखाधड़ी और गलत जानकारी के जोखिम में डाल सकता है।

सुपर लीग मैचों का वेन्यू बदला: अब पुणे में होंगे सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के मुकाबले, जानें क्यों लिया गया फैसला

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई को सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी 2025 के सुपर लीग फेज के मैचों को शिफ्ट करना पड़ा है। इंदौर में इन मैचों का आयोजन होना था, लेकिन अब ये मैच पुणे में आयोजित होंगे। बीसीसीआई ने जानकारी दी है कि ‘लॉजिस्टिक कारणों’ के चलते सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी के फाइनल सहित सुपर लीग चरण के मैचों को पुणे में आयोजित करना पड़ेगा। बीसीसीआई सचिव सचिव देवजीत सैकिया ने शुक्रवार को पीटीआई को यह जानकारी दी। राष्ट्रीय टी20 चैंपियनशिप का ग्रुप लीग चरण अभी हैदराबाद, लखनऊ, अहमदाबाद और कोलकाता में चल रहा है। सुपर लीग चरण और फाइनल का आयोजन इंदौर में होना था, लेकिन अब नॉकआउट मैचों को पुणे में शेड्यूल किया जा रहा है। सुपर लीग फेज के मैच 12 दिसंबर से शुरू होंगे, जबकि टूर्नामेंट का फाइनल 18 दिसंबर को पुणे में खेला जाएगा। बीसीसीआई सचिव सैकिया ने कहा, ‘‘हां, हमने सुपर लीग चरण के मैचों का स्थल इंदौर से पुणे स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है।’’ जानकारी मिली है कि यह कदम मध्य प्रदेश क्रिकेट संघ के अनुरोध पर उठाया गया जिसने उस समय होटल कमरों की कमी का हवाला दिया, क्योंकि आठ टीम के बड़े सहयोगी सदस्यों और ब्रॉडकास्ट क्रू को एक साथ आवास देना मुश्किल हो रहा था। भारी संख्या में कमरे चाहिए थे, जो उपलब्ध नहीं हैं। साथ ही उस समय कुछ शादी समारोहों और डॉक्टरों के सम्मेलन (13 से 16 दिसंबर) के कारण पांच सितारा होटलों में पर्याप्त कमरे उपलब्ध नहीं थे। सुपर लीग में आठ टीमें शामिल होंगी (प्रत्येक एलीट ग्रुप से शीर्ष दो) जिन्हें दो समूहों में बांटा गया है और शीर्ष दो टीमें फाइनल में आमने-सामने होंगी। पुणे में कुल 13 मैच खेले जाएंगे, जिसमें 12 सुपर लीग मैच और एक फाइनल होगा। ये मैच दो स्थल गहुंजे स्टेडियम और पुराने एमसीए मैदान हैं।  

मौसम अलर्ट: छत्तीसगढ़ में न्यूनतम तापमान 7°C, जानिए अगले तीन दिनों का हाल

  रायपुर छत्तीसगढ़ में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। अम्बिकापुर में तापमान 6-7°C पहुंच गया है। वहीं रायपुर में 12-13°C और दुर्ग में 11-12 °C के आसपास न्यूनतम तापमान चल रहा है। वहीं मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिन तक इस तापमान में कोई विशेष बदलाव होने की संभावना नहीं जताई है। पिछले 24 घंटे की बात करें तो सबसे ज्यादा तापमान 27.8 °C जगदलपुर और सबसे कम न्यूनतम तापमान 07.4°C अंबिकापुर में दर्ज किया गया है। स्थिति को देखते हुए लोकल प्रशासन ने अलाव की व्यवस्था की है। रायपुर में नगर निगम ने कई जगह अलाव की व्यवस्था की है। रायगढ़ में बढ़ सकती है ठंड रायगढ़ जिले में तापमान लगातार कम हो रहा है। 5 दिसंबर तक न्यूनतम तापमान 12.4 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 26.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। आसमान में बादल छाए रहने के कारण दिन में भी हल्की ठंड महसूस हो रही है। पिछले दो दिनों में ठंड बढ़ गई है। मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान और गिरने की उम्मीद है। न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

भा.ज.पा. विधायक दल की बैठक में सीएम ने एसआईआर प्रक्रिया पर दी अहम दिशा-निर्देश

भोपाल  मध्य प्रदेश में चल रहे मतदाता सूचियों का विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) के काम की निगरानी अब भाजपा विधायक भी करेंगे। वे अपनी टीम बनाकर अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में बूथवार नजर रखेंगे। मुख्यमंत्री निवास में शुक्रवार को हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में एसआईआर का उठा मुद्दा उठा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आने वाले डेढ़ माह हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रत्येक विधायक को एसआईआर की प्रक्रिया में पूर्ण सक्रियता और समर्पण के साथ शामिल होना होगा, क्योंकि आने वाले चुनाव इसी मतदाता सूची के आधार पर होंगे। वन नेशन, वन इलेक्शन की व्यवस्था के अंतर्गत होने वाले चुनाव भी इसी सूची पर आधारित होंगे। विधायक अपनी टीम के साथ इस पर नजर रखें कि मतदाता सूची में कोई पात्र छूट न और अपात्र का नाम न जुड़ सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 में सहकारिता और कृषि मंडी चुनाव कराएंगे। इसके बाद 2027 में निकाय और 2028 में विधानसभा के चुनाव होंगे। इस हिसाब से देखें तो 2026 से हर साल लगातार चुनाव होंगे। इसलिए एसआईआर को लेकर बूथ स्तर तक गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है। सभी जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र में समन्वय, संवाद और संगठन की गतिविधियों पर विशेष ध्यान दें, ताकि एसआईआर प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो सके। रोजगार और विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि सभी जगह एल्डरमेन, जनभागादारी, रोगी कल्याण आदि समितियों की घोषणा जल्द की जानी है। इसलिए सभी जिलों में पार्टी संगठन और वरिष्ठ नेताओं के साथ समन्वय बनाकर इस दिशा में आगे बढ़ें। विधायक बीते दो सालों में प्रदेश में हुए विकास कार्यों का लेखा-जोखा जनता तक पहुंचाएं। दो वर्षों में आठ लाख करोड़ के विकास कार्य होना, रोजगार एवं विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि है। विकास कार्यों के मद्देनजर आपके क्षेत्र में क्या बेहतर हो सकता है, इस संबंध में सांसद, पूर्व सांसद, विधायकों से विचार-विमर्श कर एक विजन डाक्यूमेंट तैयार करें। भाजपा विधायक दल की बैठक में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, राजेंद्र शुक्ल मंचासीन रहे। बैठक का संचालन संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने किया। विधायक भाजपा जिला कार्यालयों में बैठकर कार्यकर्ताओं और जनता की सुने समस्याएं : खंडेलवाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि भाजपा प्रदेश कार्यालय में मंत्रियों की नियमित उपलब्धता संगठन और शासन के बीच संवाद को और अधिक मजबूत बनाएगी। मंत्रियों की तरह ही विधायक सप्ताह में एक दिन जिला अध्यक्ष और सांसद के साथ जिला कार्यालय में बैठकर कार्यकर्ताओं और जनता की समस्याएं सुनें। इससे कार्यकर्ताओं की हिचक समाप्त होगी और संगठन के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। हम सभी भाजपा के कार्यकर्ता हैं, इसलिए सदैव व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर संगठन के हित में कार्य करें। प्रत्येक विधायक अपना अधिकतम समय एसआइआर में केंद्रित करें और वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव को चुनौती के रूप में लें। सभी विधायक अपने क्षेत्रों में बूथ स्तर तक जाकर संगठन की गतिविधियों का नियमित निरीक्षण करें और कार्यकर्ताओं से निरंतर संवाद बनाए रखें। एसआईआर प्रक्रिया में विधायकों की सक्रियता अनिवार्य : हितानंद भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद ने कहा कि इस वर्ष अटल बिहारी वाजपेयी का जन्मशताब्दी वर्ष मना रहे है, जिसका समापन 25 दिसंबर को ग्वालियर और रीवा के कार्यक्रमों में केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में होगा। 16 दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होगी। उन्होंने बूथ स्तर पर सूची का सावधानीपूर्वक अवलोकन करने और यदि किसी मतदाता का नाम गलत जुड़ा है या किसी का छूटा है तो संबंधित दावे-आपत्तियां सुनिश्चित करने का आग्रह किया, ताकि मतदाता सूची का सही और पूर्ण शुद्धिकरण हो सके। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने बिहार में भ्रम फैलाने की कोशिश की लेकिन वे सफल नहीं हुए।

‘गेम चेंजर’ की तलाश में CJI सूर्यकांत, डिजिटल अरेस्ट को लेकर दिया अहम संदेश

नई दिल्ली  भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने शनिवार को 23वें हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट (HTLS) में कहा कि सुप्रीम कोर्ट केवल बड़े-बड़े लोगों या वीवीआईपी के लिए नहीं, बल्कि आम आदमी के लिए भी है। उन्होंने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा- मैं एक बहुत साफ और मजबूत संदेश देना चाहता हूं कि सुप्रीम कोर्ट आम आदमी के लिए भी बना है। सीजेआई ने न्यायपालिका में मौजूद संरचनात्मक कमजोरियों का जिक्र करते हुए कहा कि मुकदमेबाजी एक लंबी प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य कुछ खास तरह के मुकदमों को प्राथमिकता देना और मध्यस्थता (मीडिएशन) को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा- मैं वाकई मध्यस्थता को एक शक्तिशाली गेम चेंजर के रूप में देखना चाहता हूं। पिछले लगभग एक साल से, खासकर पिछले छह महीनों में मैंने ‘मीडिएशन फॉर द नेशन मिशन’ शुरू किया है। मध्यस्थता के पक्ष में सीजेआई के प्रमुख तर्क मुख्य न्यायाधीश ने मध्यस्थता को बढ़ावा देने के कई कारण गिनाए: कम खर्चीला- मध्यस्थता अन्य वैकल्पिक विवाद निपटारा तंत्रों की तुलना में बहुत-बहुत कम खर्चीली है। वकीलों की जरूरत नहीं- इसमें वकीलों की अलग श्रेणी की जरूरत नहीं पड़ती। इसमें कम समय लगता है और समाज के हर क्षेत्र का व्यक्ति मध्यस्थ बन सकता है। रिटायर्ड लोग भी मध्यस्थ के रूप में काम कर रहे हैं। दोनों पक्षों के लिए जीत की स्थिति- यह एक दुर्लभ तरीका है जिसमें दोनों पक्ष मुस्कुराते हुए मध्यस्थता केंद्र से बाहर निकलते हैं। यह विन-विन स्थिति बनाता है। सामाजिक सौहार्द बनाए रखता है- यह सामाजिक सद्भाव लाता है, सामाजिक ताने-बाने को मजबूत रखता है और आम आदमी की भाषा में बात करता है- यही सबसे बड़ी बात है। सीजेआई ने चेतावनी भी दी कि मध्यस्थता तभी सफल होगी जब मध्यस्थ न्याय चाहने वाले आम व्यक्ति की भाषा बोलना शुरू करेंगे। उन्होंने कहा- हमारा उद्देश्य वहां तक पहुंचना है और उन्हें एक वैकल्पिक मंच उपलब्ध कराना है। भारतीय लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था के प्रति आशावादी जब उनसे पूछा गया कि भारत के कानूनी और लोकतांत्रिक भविष्य को लेकर उन्हें उम्मीद कहां से मिलती है, तो सीजेआई ने कहा- मैं बहुत आशावादी व्यक्ति हूं और मुझे पूरा विश्वास है कि भारतीय लोकतंत्र और भारतीय न्याय वितरण प्रणाली दोनों का भविष्य बहुत उज्ज्वल है। उन्होंने इसके तीन मुख्य कारण बताए- भारतीय जनता का संवैधानिक सिद्धांतों के प्रति पूर्ण समर्पण, कानून के शासन के प्रति प्रतिबद्धता और लोकतंत्र के प्रति अटूट निष्ठा। युवाओं पर भरोसा न्यायपालिका के भविष्य को लेकर अपना भरोसा जताते हुए सीजेआई ने कहा- जब मैं इस देश के युवाओं को देखता हूं- उनके पास ज्ञान का खजाना है, दुनिया भर में हो रही घटनाओं की सूचना है, प्रतिक्रिया की त्वरित क्षमता है, नवोन्मेषी न्यायिक न्यायशास्त्र विकसित करने की चमक है। मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में भारतीय न्यायपालिका बहुत सुरक्षित हाथों में रहेगी। सीजेआई जस्टिस सूर्य कांत का यह संबोधन न्यायिक सुधारों, खासकर मध्यस्थता को मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है। डिजिटल अरेस्ट को न्यायपालिका के समक्ष उभरती नई चुनौतियां भारत के मुख्य न्यायाधीश ने डिजिटल अरेस्ट को न्यायपालिका के समक्ष उभरती नई चुनौतियां बताया है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों का यह नया रूप, जहां धोखेबाज वीडियो कॉल के जरिए लोगों को डराकर पैसे ऐंठते हैं, यह न केवल आम नागरिकों को प्रभावित कर रहा है, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया को भी जटिल बना रहा है। सीजेआई ने जोर देकर कहा कि सुप्रीम कोर्ट आम आदमी के लिए भी है और उनकी प्राथमिकता लंबित मामलों को कम करना तथा मध्यस्थता को बढ़ावा देना है। CJI सूर्यकांत ने कहा कि न्यायपालिका को डिजिटल अरेस्ट, स्कैम और दूसरे साइबर क्राइम की नई चुनौतियों से निपटने के लिए खुद को बदलना होगा। CJI ने कहा- ऐसे मामलों में, पीड़ित भारत में हो सकता है लेकिन अपराधी भारत से बाहर। वह किसी आइलैंड पर हो सकता है, हमें नहीं पता कि वह कहां है। उन्होंने लीडरशिप समिट में बोलते हुए आगे कहा कि जब तक हम यह पता नहीं लगा लेते और समझ नहीं लेते कि इस तरह का अपराध कैसे किया जाता है, तब तक न्यायपालिका ऐसे मामलों से निपट नहीं पाएगी और न्याय नहीं दे पाएगी। इसके लिए न्यायपालिका का खुद को बदलना और सीखना जरूरी है। CJI ने कहा- किसी ने नहीं सोचा था कि डिजिटल अरेस्ट के मामले भी होंगे। हमें रेगुलर ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाने होंगे, और अपने ज्यूडिशियल अधिकारियों को नई चुनौतियों और उनसे सही तरीके से निपटने के तरीकों के बारे में अपडेट करना होगा। CJI के तौर पर अपनी मुख्य प्राथमिकताओं में से एक के बारे में बात करते हुए, जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि वह सिस्टम में टाइमलाइन और प्रेडिक्टेबिलिटी को बेहतर बनाने के लिए डिस्ट्रिक्ट ज्यूडिशियरी को सेंसिटाइज करने की दिशा में काम करेंगे। CJI ने कहा- इसके लिए, हम ज्यूडिशियल एकेडमी प्लेटफॉर्म और हाई कोर्ट प्लेटफॉर्म के जरिए ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू करने का प्लान बना रहे हैं।  

महिला ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में काटी नसें, अधिकारी की पत्नी होने का दावा

समस्तीपुर समस्तीपुर के दलसिंहसराय उपकारा के सहायक जेल अधीक्षक आदित्य कुमार की कथित पत्नी अमृता कुमारी ने न्याय न मिलने से आहत होकर शनिवार को समस्तीपुर एसपी कार्यालय के बरामदे में अपनी कलाई की नस काटकर आत्महत्या का प्रयास किया। घायल अवस्था में उन्हें महिला पुलिस ने तुरंत सदर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज चल रहा है। अमृता कुमारी, जो नवादा जिले की रहने वाली हैं और दो बच्चों की मां हैं, पिछले तीन दिनों से लगातार एसपी अरविंद प्रताप सिंह के जनता दरबार में अपनी शिकायत लेकर पहुंच रही थीं। उन्हें पिछले दो दिनों से रात में वन स्टेप गृह में ठहराया जा रहा था। शनिवार को भी वह अपने दोनों बच्चों के साथ एसपी कार्यालय पहुंचीं, पर मुलाकात नहीं हो पाई। इसके बाद उन्होंने ब्लेड से अपनी बाईं कलाई की नस काट ली। पत्नी मानने से इनकार कर रहा सहायक जेलर अमृता ने बताया कि 2022 में गया स्थित विष्णुपद मंदिर में आदित्य कुमार से उनकी शादी हुई थी और वे पति-पत्नी की तरह साथ रहते थे। लेकिन आदित्य कुमार के समस्तीपुर ट्रांसफर होने के बाद उनका व्यवहार अचानक बदल गया। अमृता का आरोप है कि आदित्य अब उन्हें पत्नी मानने से इनकार कर रहे हैं। महिला ने बताया कि वह दो बच्चों के साथ पिछले दो दिनों से आदित्य कुमार के सरकारी आवास में रह रही थीं, लेकिन एक दिसंबर को उनके ससुर दिलीप सिंह ने पुलिस बुलाकर उन्हें आवास से मारपीट कर भगा दिया। इसके बाद से वह लगातार जिला पुलिस कप्तान के पास न्याय की गुहार लगाने पहुंच रही थीं। मामला दर्ज दलसिंहसराय थानाध्यक्ष इरशाद अहमद ने बताया कि अमृता कुमारी के आवेदन पर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। डॉक्टरों ने कहा कि घायल महिला की कलाई में टांके लगाए गए हैं और इलाज जारी है।

T20 सीरीज में साउथ अफ्रीका की परेशानी बढ़ी, 2 मुख्य खिलाड़ी हुए बाहर, नई गेंदबाज की एंट्री

 नई दिल्ली साउथ अफ्रीकी टीम को 9 दिसंबर (मंगलवार) से भारत के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज भी खेलनी है. टी20 सीरीज से पहले साउथ अफ्रीका की टेंशन खिलाड़ियों की इंजरी ने बढ़ा दी है. बल्लेबाज टोनी डी जोरजी और तेज गेंदबाज क्वेना म्फाका आगामी टी20 सीरीज में भाग नहीं ले पाएंगे. टोनी डी जोरजी को भारत के खिलाफ रायपुर वनडे में बल्लेबाजी करते समय दाईं जांघ के हिस्से में दर्द हुआ और उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा था. टोनी डी जोरजी की चोट ज्यादा गंभीर है और वह घर वापस लौटेंगे. उनकी जगह किसी नए खिलाड़ी का चयन नहीं किया गया है. युवा तेज गेंदबाज क्वेना मफाका भी अपनी लेफ्ट हैमस्ट्रिंग की चोट से पूरी तरह नहीं उबर पाए हैं. इसलिए वो भी टी20 सीरीज से बाहर हो गए हैं उनकी जगह फास्ट बॉलर लुथो सिपामला (Lutho Sipamla) को टीम में शामिल किया गया है. उधर टोनी डी जोरजी के अलावा नांद्र बर्गर भारत के खिलाफ 6 दिसंबर को विशाखापत्तनम में सेलेक्शन के लिए अनुपलब्ध थे. रायपुर वनडे के दौरान बर्गर को गेंदबाजी करते समय दाईं जांघ में दर्द महूसस हुआ. शुक्रवार को दोनों खिलाड़ियों की स्कैन रिपोर्ट आई थी, जिसमें चोट की पुष्टि हुई. इसलिए दोनों को तीसरे ODI से बाहर कर दिया गया. भारत के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए साउथ अफ्रीकी टीम:एडेन मार्करम (कप्तान), ओटनील बार्टमैन, कॉर्बिन बॉश, डेवाल्ड ब्रेविस, क्विंटन डिकॉक, डोनोवन फरेरा, रीजा हेंड्रिक्स, मार्को जानसेन, जॉर्ज लिंडे, केशव महाराज, डेविड मिलर, लुंगी एंगिडी, एनरिक नॉर्किया, लुथो सिपामला और ट्रिस्टन स्टब्स. भारत और साउथ अफ्रीका के बीच टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 9 दिसंबर को कटक के बाराबती स्टेडियम में खेला जाएगा, जो दोनों टीमों के लिए लय बनाने का मौका होगा. इसके बाद दोनों टीम्स के बीच 11 दिसंबर को दूसरा टी20 मुल्लांपुर (न्यू चंडीगढ़) में आयोजित किया जाना है. तीसरा मुकाबला 14 दिसंबर को धर्मशाला के खूबसूरत मैदान पर होगा, जो हमेशा खिलाड़ियों और फैन्स दोनों को रोमांचित करता है. सीरीज का चौथा मैच 17 दिसंबर को लखनऊ में खेला जाएगा, जहां पिच और हालात दोनों टीमों की रणनीति में बड़ा रोल निभाएंगे. इसके बाद 19 दिसंबर को अहमदाबाद में अंतिम टी20 मुकाबला होगा. साउथ अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारत का स्क्वॉड : सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शुभमन गिल (उप-कप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, जितेश शर्मा (विकेटकीपर) , संजू सैमसन (विकेटकीपर), जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, हर्षित राणा और वॉशिंगटन सुंदर.

पूर्व पेंटागन अधिकारी का ट्रंप सरकार को अल्टीमेटम: भारत से माफी मांगो, मुनीर पर कार्रवाई करो

वाशिंगटन  अमेरिका और भारत के बीच संबंधों में पिछले लगभग एक साल में काफी बदलाव आया है। ट्रंप प्रशासन के रवैये ने भारत में लोगों को बहुत नाराज किया है। अब इस पूरे घटनाक्रम पर पेंटागन के पूर्व अधिकारी माइकल रुबिन ने कहा है कि अमेरिका ने जो दुर्व्यवहार भारत के साथ किया है उसको लेकर माफी मांगनी चाहिए। इतना ही नहीं उन्होंने पाकिस्तानी आर्मी चीफ को गिरफ्तार करने की भी मांग करते हुए कहा कि पाकिस्तान को आतंकवाद प्रायोजित करने वाला देश घोषित करना चाहिए।   एएनआई से बात करते हुए माइकल रुबिन ने कहा कि अमेरिका का पाकिस्तान का साथ देने में कोई तर्क नहीं है। उन्होंने कहा, "संयुक्त राज्य अमेरिका का पाकिस्तान का रणनीतिक रूप से अपनाने के फैसले का कोई तर्क नहीं है। पाकिस्तान को आतंकवाद का राज्य प्रायोजक घोषित किया जाना चाहिए। अगर पाकिस्तानी सेना का प्रमुख आसिम मुनीर अमेरिका में आता है, तो उसका सम्मान नहीं करना चाहिए, उसे गिरफ्तार करके जेल में डाल देना चाहिए। भारत से माफी मांगे अमेरिका: रुबिन जॉर्ज बुश के कार्यकाल में पेंटागन में बड़ी भूमिका निभाने वाले रुबिन ने कहा कि अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने पिछले एक साल में दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत के साथ काफी दुर्व्यवहार किया है। इसे लेकर उन्हें माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा, "हमें पर्दे के पीछे शांत कूटनीति की जरूरत है, और शायद किसी समय, संयुक्त राज्य को इस बात पर खुलकर माफी मांगनी चाहिए कि हमने भारत के साथ कैसे व्यवहार किया। मुझे मालूम है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप माफी मांगना पसंद नहीं करते, लेकिन संयुक्त राज्य अमेरिका और दुनिया के तमाम लोकतांत्रिक देशों के हित किसी एक व्यक्ति के अहंकार से ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं।" अमेरिका-भारत तनाव जनवरी 2025 में ट्रंप द्वारा राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद ऐसा लगा था कि दोनों देशों के संबंधों में काफी सुगमता आ जाएगी। लेकिन धीरे-धीरे चीजें बिगड़ना शुरू हो गईं। मई में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष के बाद अमेरिका ने खुलकर पाकिस्तान का पक्ष लेना शुरू कर दिया। इसके बाद भारत का रुख भी बदल गया। अमेरिका ने आसिम मुनीर को वाइट हाउस का न्यौता दिया और पाकिस्तान के साथ व्यापार करने की कसमें भी खाईं, वहीं दूसरी तरफ भारत अपनी रणनीतिक स्वतंत्रता के लिए अड़ा रहा। अमेरिका की तरफ से लगातार भारत को चेतावनी देते हुए रूसी तेल खरीद को बंद करने के लिए कहा जाता रहा, लेकिन भारत ने अपने हिसाब से चीजें करनी शुरू की। इसके बाद ट्रंप ने भारत के ऊपर टैरिफ लगा दिए। भारत ने इसका विरोध किया, लेकिन रूस के साथ अपने संबंधों में कोई गिरावट नहीं होने दी।

रेलवे की खुशखबरी: पटना और दरभंगा से आनंद विहार स्पेशल ट्रेन का शेड्यूल जारी

पटना यात्रियों की सुविधा के लिए पटना एवं दरभंगा से आनंद विहार टर्मिनल के लिए स्पेशल ट्रेन चलाई जायेगी। पूर्व मध्य रेलवे (ईसीआर) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चन्द्र ने शुक्रवार को बयान जारी कर जानकारी दी है। पटना से खुलने वाली ट्रेनें गाड़ी संख्या 02309 पटना-आनंद विहार टर्मिनल स्पेशल ट्रेन पटना से 06 एवं 08 दिसम्बर को 20.30 बजे खुलकर अगले दिन 15.00 बजे आनंद विहार टर्मिनल पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि इसी तरह गाड़ी संख्या 02310 आनंद विहार टर्मिनल-पटना स्पेशल ट्रेन 07 एवं 09 दिसम्बर को 19.00 बजे खुलकर अगले दिन 14.00 बजे पटना पहुंचेगी। सरस्वती चन्द्र ने बताया कि गाड़ी संख्या 02395 पटना-आनंद विहार टर्मिनल स्पेशल ट्रेन पटना से 07 दिसम्बर को 20.30 बजे खुलकर अगले दिन 15.00 बजे आनंद विहार टर्मिनल पहुंचेगी। इसी तरह गाड़ी संख्या 02396 आनंद विहार टर्मिनल-पटना स्पेशल ट्रेन 08 दिसम्बर को 19.00 बजे खुलकर अगले दिन 14.00 बजे पटना पहुंचेगी। दरभंगा से खुलने वाली ट्रेनें उन्होंने कहा कि गाड़ी संख्या 05563 दरभंगा-आनंद विहार टर्मिनल स्पेशल ट्रेन दरभंगा से 07 दिसम्बर को 18.15 बजे खुलकर अगले दिन 21.15 बजे आनंद विहार टर्मिनल पहुँचेगी । इसी तरह गाड़ी संख्या 05564 आनंद विहार टर्मिनल-दरभंगा स्पेशल ट्रेन 09 दिसम्बर को 00.05 बजे खुलकर 23.00 बजे दरभंगा पहुँचेगी।

ब्रिटेन की सख्त कार्रवाई: खालिस्तानी नेटवर्क की कमर तोड़ी, संपत्ति जब्त और कंपनियों पर प्रतिबंध

लंदन  भारत के दबाव के बीच ब्रिटेन ने खालिस्तानी आतंकवादी समूहों के खिलाफ बड़ा ऐतिहासिक कदम उठाया है। ब्रिटिश सरकार ने 4 दिसंबर को गुरप्रीत सिंह रेहल नामक एक व्यक्ति और बब्बर अकाली लहर संगठन पर आतंकवाद से जुड़े आरोपों के तहत प्रतिबंध लगा दिए हैं। यह कार्रवाई खासतौर पर बब्बर खालसा इंटरनेशनल नामक प्रतिबंधित खालिस्तानी आतंकवादी संगठन से इनकी सांठगांठ के लिए की गई है। इस कदम से ब्रिटेन की वित्तीय प्रणाली का दुरुपयोग करने वाले चरमपंथियों को झटका लगेगा और भारत-ब्रिटेन के बीच आतंकवाद विरोधी सहयोग को नई मजबूती मिलेगी।   ब्रिटेन सरकार ने काउंटर-टेररिज्म (सैंक्शंस) (ईयू एग्जिट) रेगुलेशंस 2019 के तहत इन प्रतिबंधों को लागू किया है। मुख्य कार्रवाइयों में शामिल हैं- संपत्ति फ्रीज: रेहल, बब्बर अकाली लहर और इनसे जुड़ी कंपनियों की ब्रिटेन में स्थित सभी संपत्तियों, फंड्स और आर्थिक संसाधनों को तत्काल प्रभाव से फ्रीज कर दिया गया है। ब्रिटिश नागरिकों या संस्थाओं को इन संसाधनों से कोई सौदा करने, या इन्हें कुछ भी उपलब्ध कराने की अनुमति नहीं है, जब तक कि एचएम ट्रेजरी से लाइसेंस न मिले। कंपनियों पर असर: रेहल से जुड़े संगठन सेविंग पंजाब सीआईसी, वाइटहॉक कंसल्टेशंस लिमिटेड और अनइनकॉर्पोरेटेड संगठन लोहा डिजाइन्स पर भी प्रतिबंध लगे हैं। निदेशक पद पर प्रतिबंध: गुरप्रीत सिंह रेहल को किसी कंपनी का निदेशक बनने या उसके प्रबंधन में प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से भाग लेने से रोक दिया गया है। प्रतिबंधों का उल्लंघन करने पर सात साल तक की कैद या 10 लाख पाउंड तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। ब्रिटेन के वित्त मंत्रालय के मूल्यांकन के अनुसार, यह पहली बार है जब घरेलू काउंटर-टेररिज्म रिजीम का इस्तेमाल खालिस्तानी मिलिटेंट ग्रुप्स के फंडिंग को बाधित करने के लिए किया गया है। खालिस्तानी आतंक से जुड़े आरोप: भर्ती, फंडिंग और हथियार खरीद गुरप्रीत सिंह रेहल पर भारत में आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त संगठनों से जुड़ने का आरोप है। ब्रिटिश सरकार का मानना है कि वह बब्बर खालसा और बब्बर अकाली लहर की गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल रहा है। इन आतंकी संगठनों की गतिविधियों में समूहों का प्रचार-प्रसार और प्रोत्साहन, भर्ती अभियान चलाना, वित्तीय सेवाएं प्रदान करना, हथियारों और अन्य सैन्य सामग्री की खरीद में सहायता और ऐसे ही संगठनों को समर्थन और सहयोग देना शामिल है। बब्बर अकाली लहर को बब्बर खालसा का सहयोगी संगठन माना जाता है, जो इसकी भर्ती, प्रचार और आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देता है। बब्बर खालसा इंटरनेशनल एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन है, जो खालिस्तान आंदोलन के नाम पर हिंसा और घृणा फैलाने के लिए फेमस है। ब्रिटेन सरकार की ये कार्रवाइयां भारत में हो रही आतंकवादी गतिविधियों को समर्थन देने वाले नेटवर्क को निशाना बनाती है। ब्रिटिश अधिकारियों के बयान: 'आतंकवाद के फंडिंग को कुचलेंगे' आर्थिक सचिव लूसी रिग्बी केसी एमपी ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि जब आतंकवादी ब्रिटेन की वित्तीय प्रणाली का शोषण करेंगे तो हम चुपचाप नहीं देखेंगे। यह ऐतिहासिक कदम दर्शाता है कि हम हर उपलब्ध टूल का इस्तेमाल करके आतंकवाद की फंडिंग को रोकने के लिए तैयार हैं- चाहे वह कहीं भी हो। ब्रिटेन उन शांतिपूर्ण समुदायों के साथ दृढ़ता से खड़ा है, जो हिंसा और घृणा को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ हैं। भारत-ब्रिटेन सहयोग को मिली मजबूती: वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त मोर्चा यह कदम भारत और ब्रिटेन के बीच बढ़ते आतंकवाद विरोधी सहयोग का प्रतीक है। ब्रिटेन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह विदेशी मिट्टी पर आतंकवाद को समर्थन देने वाले नेटवर्क को बर्दाश्त नहीं करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे खालिस्तानी चरमपंथियों के वैश्विक फंडिंग चैनलों पर असर पड़ेगा। इससे भारत की सुरक्षा चिंताएं भी जुड़ी हुई हैं। बब्बर खालसा का इतिहास और खतरा बब्बर खालसा 1980 के दशक में खालिस्तान आंदोलन के दौरान उभरा। यह भारत में कई आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार रहा है। यह संगठन हथियार तस्करी, विस्फोटक हमले और राजनीतिक हत्याओं में लिप्त रहा है। ब्रिटेन में इसके समर्थक लंदन और अन्य शहरों में सक्रिय हैं, जहां वे फंडिंग और प्रचार के जरिए गतिविधियां चलाते हैं। हाल के वर्षों में, भारत ने ब्रिटेन से ऐसे नेटवर्क्स पर कार्रवाई की मांग की थी, और यह संयुक्त घोषणा उसी दिशा में एक बड़ा कदम है। यह कार्रवाई ब्रिटेन की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जो वैश्विक आतंकवाद को फंडिंग रोकने पर केंद्रित है। आने वाले दिनों में और प्रतिबंधों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, खासकर जब अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ रहा है।