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घुमंतू पशुओं पर सख्ती: हादसे रोकने को नगर निगम का बड़ा एक्शन, मालिकों पर होगी FIR

जगदलपुर शहर में आवारा और घुमंतू पशुओं के कारण लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए अब नगर निगम ने बड़ा फैसला लिया है। बार-बार सड़कों से हटाने के बावजूद ये पशु फिर से सड़क पर पहुंच जाते हैं, जिसके चलते अब नगर निगम जगदलपुर ने घुमंतू पशुओं के मालिकों के खिलाफ FIR दर्ज कराने का निर्णय लिया है। नगर निगम क्षेत्र के साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास स्थित ग्रामीण इलाकों में भी यह सख्ती अपनाई जाएगी। नगर निगम, यातायात विभाग और ग्राम पंचायतों ने मिलकर सख्त कार्रवाई को लेकर अपनी सहमति दी है। महापौर संजय पांडे ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में आवारा पशुओं की पहचान कर उनका पुनर्वास करते हुए गौशालाओं में भेजा जाएगा। साथ ही पशुओं के मालिकों के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई करते हुए दुर्घटना होने की स्थिति में FIR की भी कार्रवाई होगी। नगर निगम ने इसके लिए गौशालाओं के सुदृढ़ीकरण का काम भी शुरू कर दिया है। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने पालतू पशुओं को सड़कों पर न छोड़ें।

टैक्स के बाद सरकार का अगला मास्टरस्ट्रोक! वित्त मंत्री ने इस बड़े बदलाव पर दिया इशारा

मुंबई  इनकम टैक्ससेशन में बदलाव के बाद अब सरकार का अगला फोकस कस्टम ड्यूटी सिस्टम में बदलाव का है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट (HTLS) 2025 में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बजट 2026 से पहले उनकी अगली बड़ी प्राथमिकता कस्टम्स विभाग में व्यापक सुधार करना है। उन्होंने इसे अपना नेक्स्ट बिग क्लीन-अप असाइनमेंट बताया। समिट के 23वें संस्करण में एडिटर-इन-चीफ आर.सुकुमार से बातचीत के दौरान उन्होंने देश की आर्थिक चुनौतियों, सुधारों और आगामी लक्ष्यों पर विस्तार से चर्चा की। आगामी बजट के संदर्भ में वित्त मंत्री ने कहा कि कस्टम्स सिस्टम का ओवरहॉल अब आवश्यक हो गया है। इससे न केवल व्यापार सुगमता बढ़ेगी बल्कि भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और आयात-निर्यात प्रक्रिया और पारदर्शी व सरल होगी। उन्होंने संकेत दिया कि इस दिशा में बड़े कदम जल्द ही दिखने वाले हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि अब समय आ गया है कि कस्टम्स विभाग को भी उसी तरह पारदर्शी और आधुनिक बनाया जाए, जैसा बदलाव सरकार ने आयकर प्रशासन में फेसलेस सिस्टम के रूप में लागू किया था। उन्होंने कहा कि पहले आम धारणा थी कि आयकर की दरें समस्या नहीं हैं। असली परेशानी टैक्स प्रशासन के तरीके से होती है, जो कभी-कभी दर्दनाक और कष्टदायक बन जाता था। इसी वजह से टैक्स टेररिज्म जैसी नकारात्मक अभिव्यक्ति प्रचलन में आई। लेकिन अब ऑनलाइन और फेसलेस सिस्टम ने आयकर प्रक्रिया को काफी सहज बनाया है। वित्त मंत्री ने बताई सरकार की सफलताएं इसके साथ ही निर्मला सीतारमण ने समिट में उन प्रमुख बाधाओं का भी जिक्र किया जिन्हें सरकार ने पिछले वर्षों में पार किया है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 महामारी के बाद अर्थव्यवस्था को संभालना, वैश्विक युद्धों के कारण खाद्यान्नों पर पड़ा असर, सीमाई तनाव, चुनावी वर्ष में आवश्यक सरकारी खर्च और जम्मू-कश्मीर के बैंकिंग तंत्र व अर्थव्यवस्था को पुनर्स्थापित करना जैसी बड़ी चुनौतियों से सफलतापूर्वक निपटा गया। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले के बाद जिस तरह से जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था को फिर से खड़ा किया गया, वह सरकार की प्रतिबद्धता का उदाहरण है। आपको बता दें कि समिट में राजनीति और मनोरंजन जगत की बड़ी हस्तियां शामिल होने वाली हैं।

डोटासरा पर भजनलाल का तंज तेज, कहा– कांग्रेस नेता को भाजपा सबक सिखाएगी

श्रीगंगानगर सीएम भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पूछते हैं कि कहां है यमुना का पानी? शेखावाटी के लिए यमुना का पानी भाजपा सरकार लेकर आएगी। गोविंद डोटासरा जी चिंता मत कीजिए, भाजपा सरकार उन्हें पानी पिलाएगी। सीएम भजनलाल शर्मा शुक्रवार को श्रीगंगानगर जिले के दौरे पर आए थे। भजनलाल शर्मा ने साधुवाली गाजर मंडी व फिरोजपुर फीडर का शिलान्यास भी किया। इस दौरान वे कांग्रेस पर जमकर बरसे। सीएम ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली पर तीखे जुबानी हमले बोले। सीएम ने कहा कि कांग्रेस ने 70 साल तक राज किया। राजस्थान, मध्यप्रदेश, हरियाणा और केंद्र में जब कांग्रेस की सरकार थी, तब भी उनसे ईआरसीपी और शेखावाटी के लिए यमुना के पानी के कागज तक पूरे नहीं किए गए। वो (कांग्रेस) किस मुंह से कहना चाहती है? कांग्रेस ने तो राजस्थान की जनता को झूठे सपने दिखाने का काम किया है। भजनलाल शर्मा ने कहा कि अशोक गहलोत कहते हैं कि कमलनाथ उनके मित्र हैं। लेकिन जब ईआरसीपी की बात आई तो उनके मित्र कोर्ट में पहुंच गए कि समझाैता नहीं करेंगे। मित्र तो ऐसा होता है कि जब मोहन यादव (सीएम, मध्यप्रदेश) को हमने जब कहा तो डीपीआर भी बन गई और शिलान्यास भी हो गया। मित्र तो इसको कहते हैं। कांग्रेस में तो मित्रता भी नहीं है। कांग्रेस के अंदर तो अभी लड़ाई चल रही है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली इसलिए बड़े बयान देते हैं ताकि उनकी नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी नहीं चली जाए। प्रदेशाध्यक्ष इसलिए बाेलते हैं ताकि वो नेता प्रतिपक्ष बन जाएं। अशोक गहलोत दोनों को साधकर चल रहे हैं। पहले एक को निपटाया, अब दूसरे को निपटाने के चक्कर में लगे हैं। कांग्रेस में आपस में भी प्यार नहीं है। भजनलाल शर्मा ने कहा कि कांग्रेस का एक मंत्री जेल से छूटकर आ रहा है, दूसरे कुछ जेल के अंदर जाने की तैयारी कर रहे हैं, ये भी कोई होड़ है क्या? इन्होंने भ्रष्टाचार और लूट के अलावा कुछ नहीं किया। इन्होंने हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति की है। अभी आगे-आगे देखते जाइए होता है क्या…क्योंकि कांग्रेस भ्रष्टाचार की जननी है। सीएम ने कहा कि एक मांग है यहां के लोगों से कि यहां के लोगों ने तथाकथित यूनियन बना रखी हैं। उन्हें मैं कहना चाहता हूं कि समस्या का समाधान तो किया जा सकता है, मन की बातों का कोई समाधान नहीं है। ऐसे लोगों के पास कोई खेती तो है नहीं, बस यूनियन लेकर लगे रहते हैं। सीएम ने मंच से कहा कि आने वाले समय में यहां की नहरों का शुद्धिकरण भी होगा और इन जिलों को सिंधु का पानी भी मिलेगा। इसके साथ ही गन्ने का समर्थन मूल्य 15 रूपए प्रति क्विंटल बढ़ाने की घोषणा की। सीएम ने कहा कि गन्ने की तीनों कैटेगरी में प्रति क्विंटल पर समर्थन मूल्य बढ़ेगा। सीएम ने कहा कि  इतने वर्षों तक सत्ता में रहने वाली कांग्रेस ने कभी फिराेजपुर आकर देखा क्या? कांग्रेस केवल झूठे वादे करती रही और कुछ नहीं किया। कांग्रेस ने स्वार्थ की राजनीति की, उन्होंने यहां के किसानों के बारे में कभी नहीं सोचा। झूठ और लूट की कांग्रेस ने किसान-मजदूर की तरफ ध्यान नहीं दिया। तीन बार सीएम रहे अशोक गहलोत ने कभी श्रीगंगानहर-हनुमानगढ़ की नहरों के बारे में सोचा क्या। सत्ता और कुर्सी ही कांग्रेस की प्राथमिकता है। महाराजा गंगासिंह ने नहरें बना दीं, कांग्रेस ने उन्हें संभाला तक नहीं। कांग्रेस सिर्फ चुनावों में वादे करती है।  

खेल एवं युवा कल्याण विभाग की पहल, दंतेवाड़ा में राज्य स्तरीय थाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप-2025

दंतेवाड़ा जिला प्रशासन एवं खेल एवं युवा कल्याण विभाग के तत्वावधान में राज्य स्तरीय थाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप–2025 का आयोजन पुराना मार्केट स्थित इंदिरा स्टेडियम, दंतेवाड़ा में जारी है। दो दिवसीय यह प्रतियोगिता सब जूनियर, कैडेट, जूनियर एवं सीनियर प्रो फाइट (बालक/बालिका) वर्ग में हो रही है, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान आज जिला कलेक्टर कुणाल  दुदावत तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) जिला पंचायत जयंत नाहटा ने उपस्थित होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। अतिथियों ने थाई बॉक्सिंग जैसे मार्शल आर्ट्स खेलों को युवाओं के बीच बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया और प्रतिभागी खिलाड़ियों से मुलाक़ात कर उनके प्रदर्शन की सराहना की। प्रतियोगिता में विशिष्ट अतिथि के रूप में मान. श्री चैतराम अटामी (विधायक, दंतेवाड़ा) एवं मान. श्री दीपक प्रसाद (अध्यक्ष, थाई बॉक्सिंग एसोसिएशन छत्तीसगढ़) शामिल हुए। कार्यक्रम में जिला पंचायत, नगर पालिका तथा जनपद पंचायत के पदाधिकारियों की भी उपस्थिति रही। स्टेडियम में दर्शकों का उत्साह देखने लायक है। लगातार जारी विभिन्न वर्गों की बाउट्स में खिलाड़ियों द्वारा तेज़ी, तकनीक और रणनीति का शानदार प्रदर्शन किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार शाम तक कई महत्वपूर्ण मुकाबले होने हैं। थाई बॉक्सिंग एसोसिएशन दंतेवाड़ा द्वारा बताया गया कि कार्यक्रम के समापन अवसर पर विजेता एवं उपविजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी, मेडल और प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और स्थानीय निकायों का विशेष सहयोग प्राप्त हो रहा है।

दिल्ली से सीधे साजिश तक! भारत से लौटते ही पुतिन के खिलाफ यूरोप और G7 की बड़ी चाल

मॉस्को  रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा अभी-अभी समाप्त हुई है, जहां उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी के साथ रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा की। लेकिन मॉस्को लौटते ही पुतिन को एक बड़ा झटका लग सकता है। दुनिया की सबसे संपन्न लोकतांत्रिक अर्थव्यवस्थाएं रूस के समुद्री तेल व्यापार पर अपने अब तक के सबसे कठोर कदम की तैयारी में लग गई हैं। दरअसल यूरोपीय संघ (EU) और G7 देश रूस के खिलाफ एक नई 'महासाजिश' रच रहे हैं जिसके तहत ये देश रूसी तेल निर्यात पर पूर्ण समुद्री बैन लगाने की योजना बना रहे हैं। यह कदम रूस की युद्ध अर्थव्यवस्था को सीधा निशाना बनाएगा, क्योंकि तेल रूस के केंद्रीय बजट का लगभग एक-चौथाई हिस्सा मुहैया कराता है। एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, यह योजना रूसी तेल की कीमत सीमा (प्राइस कैप) को पूरी तरह समाप्त कर देगी और पश्चिमी टैंकरों, बीमा तथा झंडियों के उपयोग पर रोक लगा देगी। क्या यह वैश्विक तेल बाजार में भूचाल लाएगा? आइए पूरे घटनाक्रम को विस्तार से समझते हैं।   G7 देशों और यूरोपीय संघ ने रूसी कच्चे तेल के लिए समुद्री सेवाओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने पर विचार शुरू कर दिया है। यह कदम पश्चिमी जहाजों और बीमा सेवाओं को रोक देगा, जो अभी भी रूस के तेल निर्यात का बड़ा हिस्सा ढो रहे हैं। यह जानकारी सीधे तौर पर बातचीत से जुड़े छह सूत्रों ने Reuters को दी। रूस-यूक्रेन युद्ध और तेल का खेल 2022 में रूस के यूक्रेन पर आक्रमण के बाद G7 देशों (अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान) और EU ने रूसी तेल आयात पर प्रतिबंध लगा दिया। लेकिन पूरी तरह बंद करने के बजाय, उन्होंने एक चालाक तंत्र अपनाया- 'प्राइस कैप'। इसके तहत रूसी कच्चे तेल की कीमत 60 डॉलर प्रति बैरल से नीचे रखने पर पश्चिमी शिपिंग और बीमा सेवाएं उपलब्ध रहती हैं। इससे रूस को तेल बेचने में दिक्कत तो हुई, लेकिन पूरी तरह रुकावट नहीं लगी। समय के साथ रूस ने इसे चकमा दिया। मॉस्को ने 'शैडो फ्लीट' नामक एक गुप्त जहाजी बेड़ा विकसित किया- पुराने, बिना पश्चिमी नियमन वाले टैंकर जो ईरान और वेनेजुएला जैसे देशों से प्रेरित हैं। अक्टूबर 2025 तक, रूसी तेल निर्यात का 44% इसी शैडो फ्लीट से होता है, जबकि 38% अभी भी G7/EU/ऑस्ट्रेलिया के टैंकरों से। लेकिन अब यह प्राइस कैप 'कागजी शेर' साबित हो रहा है। सितंबर 2025 में EU और कनाडा ने इसे घटाकर 47.6 डॉलर प्रति बैरल कर दिया, लेकिन अमेरिका ने समर्थन नहीं किया। ट्रंप प्रशासन प्राइस कैप के प्रति संशयपूर्ण रहा है। नई योजना: समुद्री सेवाओं पर पूर्ण प्रतिबंध रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि G7 और EU अब प्राइस कैप को ताक पर रखकर 'पूर्ण समुद्री सेवाओं प्रतिबंध' (फुल मारिटाइम सर्विसेज बैन) लाने की बात कर रहे हैं। इसका मतलब? रूसी तेल या ईंधन को ले जाने वाले किसी भी जहाज को पश्चिमी टैंकर, बीमा या पंजीकरण सेवाएं नहीं मिलेंगी – चाहे वह कहीं भी जा रहा हो। यह योजना मुख्य रूप से रूस के एशियाई बाजारों को निशाना बनाएगी। रूस का एक-तिहाई से अधिक तेल निर्यात (मुख्यतः भारत और चीन को) अभी भी ग्रीस, साइप्रस और माल्टा जैसे EU देशों के टैंकरों से होता है। क्यों यह कदम रूस के लिए बड़ा झटका हो सकता है? प्रस्तावित प्रतिबंध मौजूदा प्राइस-कैप सिस्टम को खत्म कर देगा और उस समुद्री व्यापार को निशाने पर लेगा जिसमें रूस भारी मुनाफा कमाता है। रूस अभी भी अपने तेल का एक-तिहाई से अधिक हिस्सा पश्चिमी देशों के स्वामित्व वाले जहाजों और सेवाओं के माध्यम से भेजता है। यदि G7-EU इस प्रतिबंध को मंजूरी देते हैं, तो रूस को मजबूरन अपने शैडो फ्लीट- यानी पुराने, कम निगरानी वाले, अस्पष्ट स्वामित्व वाले जहाजों पर अधिक निर्भर होना पड़ेगा। प्रतिबंध लगने पर रूस को अपना शैडो फ्लीट दोगुना करना पड़ेगा, जो पहले से ही 1,423 जहाजों का जाल है (जिनमें 921 प्रतिबंधित हैं)। अगले EU प्रतिबंध पैकेज में शामिल हो सकता है प्रस्ताव EU के 27 सदस्य देश इसे अपनी अगली (20वीं) प्रतिबंध पैकेज में शामिल करना चाहते हैं, जो 2026 की शुरुआत में लागू हो सकती है। लेकिन पहले G7 की व्यापक सहमति जरूरी है। ब्रिटेन और अमेरिका इसकी अगुवाई कर रहे हैं। यूरोपीय आयोग चाहता है कि यह फैसला G7 की सहमति से लिया जाए ताकि इसे औपचारिक प्रस्ताव में शामिल करना आसान हो। ब्रिटेन और अमेरिका के अधिकारी इस मुद्दे पर तकनीकी स्तर पर लगातार बातचीत कर रहे हैं। हालांकि अंतिम निर्णय अमेरिकी नीति पर निर्भर करेगा, खासकर इस बात पर कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन रूस-यूक्रेन शांति वार्ता के बीच कौन-सी रणनीति अपनाता है। चार सूत्र बताते हैं कि फिलहाल अमेरिकी रुख अनिश्चित है। अगर यह प्रतिबंध लागू किया जाता है, तो यह 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण के बाद से रूस के तेल पर लगाया गया सबसे कड़ा कदम होगा। रूस की ‘शैडो फ्लीट’ तेजी से बढ़ रही है प्राइस कैप से बचने के लिए रूस ने अपना अधिकांश तेल एशियाई बाजारों की ओर मोड़ दिया है। रूस अक्सर अपने ही जहाजों का उपयोग करते हुए ऐसा कर रहा है। इनमें से कई टैंकर पश्चिमी बीमा के बिना, अस्पष्ट मालिकों के साथ और कम सुरक्षा मानकों पर चलते हैं। ऊर्जा और स्वच्छ हवा पर अनुसंधान केंद्र (CREA) के अनुसार: अक्टूबर में रूस ने 44% तेल प्रतिबंधित शैडो फ्लीट पर भेजा और 18% गैर-प्रतिबंधित शैडो जहाजों पर। इसके अलावा, 38% पश्चिमी देशों (G7, EU, ऑस्ट्रेलिया) से जुड़े जहाजों पर भेजा। वहीं लंदन की कंपनी लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस का कहना है कि रूस, ईरान और वेनेजुएला से प्रतिबंधित तेल ढोने वाली शैडो फ्लीट अब 1423 टैंकरों तक पहुंच गई है। बाइडेन प्रशासन का तर्क रहा है कि रूस को पुराने जहाज बदलने पर मजबूर करना उसके युद्ध को वित्तपोषित करने की क्षमता को कमजोर करेगा। लेकिन ट्रंप प्रशासन ने प्राइस कैप को कड़ा करने में कम दिलचस्पी दिखाई है और 2025 में इसे 60 डॉलर से घटाकर 47.60 डॉलर करने के प्रस्ताव का भी समर्थन नहीं किया। बहस की दिशा: बाजार स्थिरता बनाम रूस की आय पश्चिमी सरकारें मानती हैं कि लक्ष्य रूस की युद्धकालीन आय कम करना है, लेकिन वैश्विक तेल बाजार को झटका दिए बिना। अगर … Read more

जस्टिन ग्रीव्स की ऐतिहासिक पारी: डबल सेंचुरी से उड़ाए कीवियों के होश, 531 रन का लक्ष्य

नई दिल्ली  न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज के बीच 3 मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ। वेस्टइंडीज की टीम ने न्यूजीलैंड के होश उड़ा दिए। खासकर जस्टिन ग्रीव्स ने जिस तरह की पारी खेली, उससे कीवी टीम के इस मैच को जीतने के चांस खत्म हो गए। जस्टिन ग्रीव्स ने चौथी पारी में दोहरा शतक जड़ा और न्यूजीलैंड के खिलाफ अपनी टीम को हार को टाल दिया। न्यूजीलैंड ने वेस्टइंडीज के सामने 531 रनों का टारगेट रखा था, जिसके जवाब में 457 रनों तक वेस्टइंडीज की टीम पहुंच गई, लेकिन मैच में समय बाकी नहीं रहा। ऐसे में मैच को ड्रॉ घोषित कर दिया गया। इस मुकाबले की बात करें तो न्यूजीलैंड की टीम ने केन विलियमसन के अर्धशतक के दम पर 231 रन बनाए थे। इसके जवाब में वेस्टइंडीज की टीम 167 रनों पर ढेर हो गई थी। तेजनारायण चंद्रपॉल और शाई होप ने अर्धशतक जड़े थे। इस तरह न्यूजीलैंड को 64 रनों की बढ़त मिली थी। इसके बाद न्यूजीलैंड ने दूसरी पारी में 466 रन 8 विकेट खोकर बनाए और पारी घोषित कर दी थी। इस तरह वेस्टइंडीज के सामने 531 रनों का टारगेट था, जो वाकई में बहुत विशाल था, क्योंकि इतनी बड़ी रन चेज आज तक किसी ने नहीं की। वेस्टइंडीज को मैच बचाने के लिए 160 से ज्यादा ओवर सर्वाइव करने थे, जो एक बड़ा चैलेंज था। कीवी टीम के लिए दूसरी पारी में रचिन रविंद्र ने 176 और कप्तान टॉम लैथम ने 145 रन बनाए थे। इनके अलावा कोई अन्य बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल पाया था। वहीं, मैच की चौथी और वेस्टइंडीज की दूसरी पारी में शीर्ष स्कोरर जस्टिन ग्रीव्स थे, जिन्होंने 388 गेंदों में 202 रनों की पारी खेली, जबकि 140 रन शाई होप के बल्ले से भी निकले। 58 रन केमार रोच ने भी बनाए। इन्हीं दो बल्लेबाजों ने आखिर में वेस्टइंडीज की हार को टाला। अन्यथा स्कोर 277 पर 6 हो गया था। रोच और ग्रीव्स के बीच 180 रनों की साझेदारी हुई, जिससे न्यूजीलैंड के लिए इस टेस्ट को जीतना असंभव हो गया। आखिर में दोनों टीमें ड्रॉ के लिए सहमत हो गईं और मैच ड्रॉ पर खत्म हो गया, क्योंकि कुछ ही ओवर का खेल बाकी रह गया था। रन काफी ज्यादा बचे थे।  

ठिठुरन से कांप रहा बिहार, लोगों को बर्फीली हवाओं से सावधान रहने की चेतावनी

पटना पटना में सुबह- शाम ठिठुरन तेजी से बढ़ने लगी है और दिन में अच्छी धूप निकलने के बावजूद दोपहर की हवा में भी ठंडक महसूस हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 10 दिनों तक पटना का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे जाने की संभावना कम है। साथ ही फिलहाल घने कुहासे को लेकर भी कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। औरंगाबाद में 7.3 डिग्री सेल्सियस तापमान मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया है कि दक्षिण-पूर्वी बिहार के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान में एक से तीन डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की जा सकती है। शुक्रवार को प्रदेश के 10 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया। इनमें सबसे कम तापमान औरंगाबाद में 7.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान फारबिसगंज और मोतिहारी में 28.2 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं राजधानी पटना में दिन का अधिकतम तापमान 25 डिग्री और न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि रात और सुबह के वक्त ठिठुरन में और इजाफा हो सकता है, लेकिन फिलहाल शीतलहर जैसी स्थिति बनने की संभावना कम है।  

रायपुर: मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना से छत्तीसगढ़ पर्यटन को मिलेगा नई दिशा

रायपुर : छत्तीसगढ़ में शुरू होने जा रहा है पर्यटन का नया अध्याय: मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना से छत्तीसगढ़ पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान 75 प्रतिशत सब्सिडी के साथ पर्यटकों के लिए आकर्षक टूर पैकेजों की शुरुआत रायपुर छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग एवं आईआरसीटीसी मिलकर मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना के तहत रायपुर और बस्तर में पर्यटकों के लिए विशेष टूर पैकेजों की शुरुआत जल्द ही करने जा रहे हैं। यह पहल प्रदेश की सांस्कृतिक, धार्मिक और प्राकृतिक विरासत के प्रसार के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना के अंतर्गत रायपुर से चार प्रमुख टूर पैकेज संचालित किए जाएंगे, जिनमें रायपुर सिटी टूर, रायपुर सिटी धार्मिक टूर, रायपुर–जगदलपुर सर्किट टूर और रायपुर–सिरपुर–बारनवापारा सर्किट टूर शामिल हैं। प्रत्येक पैकेज में वातानुकूलित वाहन, हिंदी-अंग्रेजी गाइड, भोजन और ट्रैवल इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे पर्यटक आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का आनंद ले सकेंगे। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि पर्यटन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए यह महत्वपूर्ण योजना शुरू की गई है। इससे न केवल आर्थिक विकास को बल मिलेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सशक्त होगी। पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह योजना स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ रोजगार के व्यापक अवसर भी उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक समृद्धि हर पर्यटक तक पहुँचे।” प्रमुख टूर पैकेज रायपुर सिटी टूर (दिवसीय भ्रमण) इस टूर में पर्यटक रायपुर के प्रमुख स्थलों—राम मंदिर, ऊर्जा पार्क, पुरखौती मुक्तांगन, छत्तीसगढ़ ट्राइबल म्यूजियम, नंदनवन जू और कौशल्या माता मंदिर की सैर कर सकेंगे। पैकेज में वातानुकूलित वाहन, हिंदी/अंग्रेजी गाइड, भोजन और यात्रा बीमा शामिल है। प्रस्थान रायपुर रेलवे स्टेशन से होगा। रायपुर सिटी धार्मिक टूर (दिवसीय भ्रमण) धार्मिक स्थलों पर केंद्रित यह टूर हनुमान मंदिर, मां बंजारी मंदिर, कैवल्य धाम जैन मंदिर, इस्कॉन मंदिर, महामाया मंदिर, दंतेश्वरी माता मंदिर, राम मंदिर और मां कौशल्या माता मंदिर की यात्रा का अनुभव प्रदान करेगा। इस टूर की शुरुआत और समापन भी रायपुर रेलवे स्टेशन से ही होगा। रायपुर–जगदलपुर सर्किट टूर (02 रातें / 03 दिन) इस पैकेज में बस्तर क्षेत्र के प्राकृतिक और सांस्कृतिक स्थलों—जगदलपुर, चित्रकोट, तीरथगढ़—की यात्रा शामिल है। पर्यटक चित्रकोट जलप्रपात, कुटुमसर गुफा, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान और दंतेश्वरी मंदिर जैसे प्रमुख आकर्षणों का आनंद ले सकेंगे। ठहराव डबल-शेयरिंग होटल में होगा तथा दैनिक भोजन की व्यवस्था रहेगी। रायपुर–सिरपुर–बारनवापारा सर्किट टूर (01 रात / 02 दिन) यह टूर सिरपुर के ऐतिहासिक मंदिरों और बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य की सैर करवाएगा। पैकेज में स्नैक्स, भोजन, होटल आवास और वातानुकूलित वाहन शामिल हैं। पर्यटकों को जंगल सफारी का रोमांचक अनुभव भी मिलेगा। टूर पैकेज की विशेषताएं प्रत्येक पैकेज के लिए कम से कम 10 व्यक्तियों का समूह आवश्यक है। यात्रा के दौरान पर्यटकों को पीने का पानी, स्नैक्स, लंच और ट्रैवल इंश्योरेंस दिया जाएगा। 2 से 18 वर्ष तक के बच्चों को 85% और 18 वर्ष से अधिक के वयस्कों को 75% सब्सिडी प्रदान की जाएगी। सभी पैकेज रायपुर रेलवे स्टेशन से शुरू और समाप्त होते हैं। स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा इन टूर पैकेजों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक, धार्मिक और प्राकृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए पर्यटन क्षेत्र में नई ऊर्जा लाई जा रही है। पर्यटक इन पैकेजों के जरिए प्रदेश की विविधता और समृद्धि का प्रत्यक्ष अनुभव कर सकेंगे। इस योजना से स्थानीय व्यवसायों को लाभ मिलेगा और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी। यह योजना मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की पर्यटन को बढ़ावा देने की दूरदर्शी पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पर्यटन को जन-जन तक पहुँचाकर प्रदेश के आर्थिक विकास को गति देना है। इससे छत्तीसगढ़ के पर्यटन को नई पहचान मिलेगी और पर्यटक राज्य को नए दृष्टिकोण से जानने-समझने का अवसर प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री जन पर्यटन प्रोत्साहन योजना छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में पर्यटन को सुलभ, समृद्ध और आकर्षक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाले समय में प्रदेश को प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। – मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय

हवाई किराए में मनमानी पर ब्रेक, इंडिगो संकट के बीच सरकार ने लागू किया कैप

नई दिल्ली इंडिगो संकट के कारण सैकड़ों की संख्या में उड़ानें प्रभावित हुई हैं. इस बीच, कई एयरलाइंस द्वारा हवाई किरायों में जबरदस्त बढ़ोतरी किए जाने पर उड्डयन मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाया है. मंत्रालय ने सभी प्रभावित रूटों पर फेयर कैप लागू कर दिया है, ताकि एअरलाइंस किसी भी तरह की मनमानी या मौकापरस्ती वाली कीमत ना वसूल सकें. इसके साथ ही नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इंडिगो को निर्देश दिया कि सभी पेंडिंग यात्री रिफंड बिना देरी के निपटाए जाएं. दरअसल, परिचालन गड़बड़ियों के चलते इंडिगो की कई उड़ानें रद्द या देरी से चल रही हैं. इससे यात्रियों की मांग बढ़ी है और कुछ एअरलाइंस ने कई रूटों पर अत्यधिक किराये वसूलने शुरू कर दिए. इस पर उड्डयन मंत्रालय ने संज्ञान लेते हुए तुरंत हस्तक्षेप किया है. मंत्रालय ने साफ कहा है कि किसी भी परिस्थिति में यात्रियों से मनमानी या अवसरवादी तरीके से किराया वसूलना स्वीकार नहीं किया जाएगा. मंत्रालय ने अपने नियामकीय अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए सभी प्रभावित रूटों पर फेयर कैप लागू कर दिया है. इसके तहत एअरलाइंस को तय अधिकतम सीमा से ऊपर किराया लेने की अनुमति नहीं होगी. मंत्रालय ने सभी एअरलाइंस को इसके लिए आधिकारिक निर्देश जारी कर दिए हैं. आदेश में कहा गया है कि एअरलाइंस को बिना किसी अपवाद के तय किए गए फेयर कैप का कड़ाई से पालन करना होगा. मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ये किराया सीमा स्थिति पूरी तरह स्थिर होने तक लागू रहेगी. MoCA का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य मार्केट में मूल्य अनुशासन बनाए रखना, संकट में फंसे यात्रियों के शोषण को रोकना और उन नागरिकों को राहत देना है जिन्हें तुरंत यात्रा करनी पड़ती है. जैसे वरिष्ठ नागरिक, छात्र, और मरीज. मंत्रालय ने कहा कि इन वर्गों को भारी किराया वसूली के कारण आर्थिक बोझ में नहीं धकेला जा सकता. उड्डयन मंत्रालय रियल टाइम डेटा के आधार पर किरायों की निगरानी कर रहा है. इसके अलावा एयरलाइंस और ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म्स के साथ लगातार समन्वय भी किया जा रहा है ताकि किसी भी तरह की अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई की जा सके. मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि तय मानकों से किसी भी प्रकार की गड़बड़ी होने पर तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी.

29 दिसंबर को होंगे नगरीय निकाय और पंचायत उप निर्वाचन, 3872 पंच पदों के लिए वोटिंग

भोपाल  मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग (MP State Election Commission )ने नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के उप निर्वाचन का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। मतदान 29 दिसम्बर 2025 को होगा। मतगणना और निर्वाचन परिणामों की घोषणा 31 दिसम्बर को सुबह 9:00 बजे से होगी। 8 दिसम्बर 2025 से मिलेंगे नामांकन फॉर्म  राज्य निर्वाचन आयोग सचिव दीपक सिंह ने जानकारी दी है कि उप निर्वाचन के लिए निर्वाचन की सूचना का प्रकाशन और नाम निर्देशन पत्र प्राप्त करने का कार्य 8 दिसम्बर 2025 से शुरू होगा। नाम निर्देशन पत्र 15 दिसम्बर तक लिये जायेंगे, नाम निर्देशन पत्रों की जांच 16 दिसम्बर को होगी। नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 18 दिसम्बर है। इसी दिन निर्वाचन प्रतीकों का आवंटन होगा। नगरीय निकायों में मतदान 29 दिसम्बर को सुबह 7:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक होगा। 7:00 बजे से 3:00 बजे तक होगा मतदान  पंचायतों में मतदान 29 दिसम्बर को सुबह 7:00 बजे से अपरान्ह 3:00 बजे तक होगा। पंच पद के लिये मतगणना मतदान के तुरंत बाद मतदान केन्द्र पर ही होगी। सरपंच, जनपद पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्य की विकास खण्ड मुख्यालय पर EVM से की जाने वाली मतगणना 2 जनवरी को सुबह 8:00 बजे से होगी। इसी दिन सरपंच एवं जनपद पंचायत सदस्य के निर्वाचन परिणामों की घोषणा की जायेगी। जिला पंचायत सदस्यों एवं पंच पद के लिए परिणामों की घोषणा 5 जनवरी 2026 को प्रात: 10:30 बजे से की जायेगी। 1 अध्यक्ष और 8 पार्षदों का होगा उप निर्वाचन जिला सीधी के नगरपरिषद मझौली के अध्यक्ष और विभिन्न नगरीय निकायों में 8 पार्षदों के लिये उप निर्वाचन होगा। नगरपालिक निगम सिंगरौली के वार्ड 34, नगर पालिका परिषद मण्डला के वार्ड 8, नगर पालिका परिषद लहार के वार्ड 5 और नगर परिषद मौ के वार्ड 4, मेहगांव के वार्ड 5, आलमपुर के वार्ड 13, सतवास के वार्ड 9 और पानसेमल के वार्ड 2 में पार्षद पद के लिये उप निर्वाचन होगा। 85 पदों के लिए होगा निर्वाचन  पंचायत उप निर्वाचन के तहत जिला पंचायत सदस्य के 4, जनपद पंचायत सदस्य के 14, सरपंच के 67 और 3872 पंच पद के लिये निर्वाचन होगा।