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अनामिका सिंह का बड़ा कदम, यूपी की तेज-तर्रार IAS अफसर ने लिया VRS

लखनऊ  2004 बैच की IAS अफसर अनामिका सिंह ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले लिया है. अनामिका सिंह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाना चाहती थीं, लेकिन NOC न मिलने के कारण उन्होंने VRS का फैसला किया. अनामिका सिंह इससे पहले नीति आयोग में डायरेक्टर पद पर तैनात रह चुकी हैं और प्रशासनिक सेवा में उनकी छवि एक सक्षम और सक्रिय अधिकारी की रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्र में प्रतिनियुक्ति नहीं मिलने से नाराज होकर उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली है. अनामिका सिंह यूपी के तेज तर्रार अफसर मानी जाती थीं. उन्होंने अपने प्रशासनिक करियर में अलग-अलग विभागों में अहम जिम्मेदारी निभाई हैं. अनामिक सिंह साल 2004 बैच की आईएएस अधिकारी हैं. हाल ही में उनका नाम चर्चा में आया था, जब उन्हें बरेली मंडल का कमिश्नर नियुक्त किया गया था. लेकिन तबादले के दो दिन बाद भी उनके बरेली आने की कोई जानकारी नहीं मिली थी, इसी बीच शाम को एक और लिस्ट आई जिसमें उनके तबादले को रद्द कर दिया गया था.

मुस्लिम बनकर शादी की थी तैयारी, अब शुभम गोस्वामी के नाम से करेंगे वापसी

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अजब-गजब मामला सामने आया है। मुस्लिम युवती से शादी करने के लिए अमन ने इस्लाम धर्म अपना लिया था। तीन साल बाद भी शादी नहीं हुई तो आहत होकर फिर से हिंदू धर्म में घर वापसी होगी। गुफा मंदिर में अमन खान की घर वापसी गुफा मंदिर में अमन खान की घर वापसी होगी। इसके पहले मंत्रोचारण के साथ उनका मुंडन कराया जाएगा फिर विधिवत हिंदू धर्म में पुनः प्रवेश कराया जाएगा। गुफा मंदिर में महंत और कर्मकांडी ब्राम्हण घर वापसी कराएंगे। अमन खान से शुभम गोस्वामी के नए नाम के साथ घर वापसी होगी। इस्लाम धर्म अपनाने के बाद धोखा बताया जाता है कि तीन साल पहले अमन हिंदू था। मुस्लिम लड़की के प्रेम में पड़कर और शादी के लिए शुभम मुस्लिम बन गया था। इस्लाम धर्म अपनाने के बाद भी शादी नहीं कराने का आरोप लगाया है। प्रेम में धोखा खाने और आहत होकर घर वापसी कर रहे है। 

सदन में जोरदार विवाद, amid uproar पेश हुआ अनुपूरक बजट; 9 दिसंबर तक कार्यवाही रुकी

रांची आज यानी 8 दिसंबर को झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सदन में अनुपूरक बजट पेश किया गया। वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए 7721.25 करोड़ का दूसरा अनुपूरक बजट पेश किया। वहीं, सदन की कार्यवाही 9 दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दी गई। बता दें कि आज सत्र हंगामेदार रहा। सदन शुरू होते ही विपक्षी सदस्य सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए सीधे बेल में पहुंच गए। विपक्ष के विधायक छात्रवृत्ति, धान क्रय और अन्य जनसमस्याओं को लेकर जोरदार नारेबाजी करने लगे। स्पीकर ने बार-बार विपक्ष को अपनी सीटों पर लौटने और व्यवस्थित तरीके से मुद्दों को उठाने की अपील की, लेकिन विरोध जारी रहा। विपक्ष की ओर से तीखी नारेबाजी के चलते सदन का माहौल पूरी तरह शोर-गुल में बदल गया। लगातार हो रहे हंगामे के कारण स्पीकर ने कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाना संभव न देखते हुए सदन को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी। सुबह के स्थगन के बाद दोपहर 12:00 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, विपक्षी विधायक वेल में घुस गए और हंगामा और नारेबाजी करने लगे। हंगामा और नारेबाजी के बीच ही स्पीकर ने विधायकों से शून्य काल के प्रश्न लिए। उसके बाद ध्यान आकर्षण सूचनाओं पर भी चर्चा कराई और प्रभारी मंत्रियों से जवाब दिलवाया।  

सरकारी आदेश के तहत क्रिसमस की छुट्टियों में बदलाव, स्कूलों और CBSE के लिए नया शेड्यूल लागू

जबलपुर  एमपी के कई जिलों में इस बार क्रिसमस पर स्कूलों में लंबी छुट्टी नहीं मिलेगी, केवल दो दिन का अवकाश रहेगा। मिशनरी और सीबीएसई स्कूलों में क्रिसमस पर सिर्फ दो दिन की छुट्टी होगी, जबकि शीतकालीन अवकाश 31 दिसंबर से चार जनवरी तक रहेगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सीबीएसई स्कूलों को भी राज्य सरकार के निर्धारित अवकाश नियमों का पालन करना होगा, जिसके कारण क्रिसमस की छुट्टियों में कटौती की गई है। सरकारी स्कूलों में क्रिसमस पर केवल 25 दिसंबर को एक दिन का अवकाश रहेगा, जिसके बाद नियमित कक्षाएं संचालित होंगी। छुट्टी का शेड्यूल जारी जिले के मिशनरी और सीबीएसई स्कूलों में इस बार क्रिसमस पर छात्रों को लंबी छुट्टी का लाभ नहीं मिलेगा। क्रिसमस पर्व पर केवल दो दिन का अवकाश दिया जाएगा। शीतकालीन अवकाश 31 दिसंबर से चार जनवरी तक रहेगा। कई स्कूलों ने इसका आधिकारिक शेड्यूल जारी कर दिया है। जिले में लगभग 70 सीबीएसई स्कूल संचालित किए जाते हैं, जिसमें मिशनरी स्कूल भी शामिल हैं। पिछले वर्षों में सीबीएसई स्कूलों में 23 दिसंबर से शीतकालीन अवकाश शुरू हो जाता था, जो एक या दो जनवरी तक चलता था। लेकिन इस बार छुट्टियों के नियमों में सख्ती की गई है। सरकारी नियमों का पालन जरूरी शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस बार सीबीएसई स्कूलों को भी राज्य सरकार के निर्धारित अवकाश नियमों का पालन करना होगा। इसी कारण क्रिसमस की छुट्टियों में कटौती की गई है। इसका सीधा असर विद्यार्थियों और अभिभावकों पर पड़ा है। सरकारी स्कूलों में स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार केवल 1 दिन 25 दिसंबर को क्रिसमस अवकाश रहेगा। इसके बाद नियमित कक्षाएं संचालित होंगी। इसके बाद 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश रहेगा और सभी स्कूल पांच जनवरी से खुलेंगे।  

खाप पंचायत में बनी सहमति: जाति से ऊपर उठकर करें मतदान

मुजफ्फरनगर मुजफ्फरनगर में सर्वजातीय खाप पंचायत में वक्ताओं ने गिरते सामाजिक परिवेश और राजनीतिक स्तर पर चिंता व्यक्त की। लोगों से व्यर्थ खर्च पर रोक लगाकर जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में आवश्यक मदद करने का आह्वान किया गया। आधुनिकता की दौड़ से बाहर निकलकर पारिवारिक और सामाजिक स्तर में सुधार के साथ ही प्रस्ताव पास किया गया कि दल कोई भी हो, लेकिन बुरे व्यक्ति को वोट न दिया जाए। पंचायत में इन सहित 14 प्रस्ताव पर सहमति बनी। गांव मुस्तफाबाद पचेंडा कलां के जनता इंटर कॉलेज में समाज सुधारक डॉ. रविराज आर्य की 31वीं पुण्यतिथि पर सर्वजातीय खाप पंचायत का आयोजन किया गया। अध्यक्षता रुहल खाप के चौधरी जयभगवान रुहल ने की। मुख्य वक्ता अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनु चौधरी दांतल ने कहा कि बड़ी उम्र में हो रहे विवाह चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि विवाह दिन में होना चाहिए। वैवाहिक कार्यक्रम के दौरान कैमरा, रील पर अधिक ध्यान केंद्रित नहीं होना चाहिए।   ध्यान विवाह संस्कार का रखा जाए, किसी भी सूरत में शराब सेवन न हो। उन्होंने कहा कि रस्म पगड़ी का कार्यक्रम भी सादगी के साथ होना चाहिए। मोबाइल के दुरुपयोग से भावी पीढ़ी को बचाना होगा। वक्ताओं ने भावी पीढ़ी के उज्जवल भविष्य के लिए बुराई छोडने और अच्छाइयों को ग्रहण करने पर जोर दिया। पंचायत में इन प्रस्तावों पर भी बनी सहमति विवाह उचित युवावस्था में माता-पिता की सहमति से हो। सद्भावना, सर्वसमाज एकता, आपसी भाईचारा कायम हो। दूध बेचने और व्यर्थ पेट्रोल फूंकने से समाज के लोग बचें। बच्चों को व्यायाम, सात्विक भोजन के लिए प्रोत्साहित करें। माता-पिता घर में मोबाइल का प्रयोग बहुत सीमित करें। बच्चों को कहानियों में दी जाने वाली शिक्षाओं से जोड़ें। विपरीत परिस्थितियों में बच्चों से सौहार्दपूर्ण व्यवहार करें। एकल परिवार की अपेक्षा संयुक्त परिवार को बढ़ावा दें।  

अमित पासी का तूफानी डेब्यू — 44 गेंदों में शतक लगाकर रचा नया इतिहास

सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 के आखिरी लीग मैच में बड़ौदा के युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज अमित पासी ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने घरेलू टी20 क्रिकेट को नया इतिहास दे दिया। 26 वर्षीय पासी ने अपने T20 डेब्यू पर मात्र 44 गेंदों में शतक जड़कर पुरुषों के टी20 डेब्यू में सबसे ज्यादा रन बनाने के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी ने बड़ौदा को सर्विसेज पर रोमांचक जीत दिलाई। पासी न केवल डेब्यू पर शतक लगाने वाले चुनिंदा भारतीय खिलाड़ियों में शामिल हुए बल्कि टीम को 220 रन के विशाल स्कोर तक पहुंचाने में भी मुख्य भूमिका निभाई। बड़ौदा के लिए ओपनिंग करने उतरे अमित पासी शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज में दिखे। उन्होंने 55 गेंदों पर 114 रन की शानदार पारी खेलते हुए 10 चौके और 9 छक्के लगाए। इस पारी ने उन्हें पाकिस्तान के बिलाल आसिफ के बराबर ला खड़ा किया, जिन्होंने 2015 में 48 गेंदों पर 114 रन बनाकर पुरुषों के T20 डेब्यू का विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया था। पासी अब इस रिकॉर्ड के संयुक्त मालिक बन चुके हैं। भारतीय क्रिकेट में हुआ दुर्लभ कमाल अमित पासी T20 डेब्यू में शतक लगाने वाले भारत के केवल तीसरे बल्लेबाज बने हैं। उनसे पहले शिवम भांबरी (पंजाब) और अक्षत रेड्डी (हैदराबाद) ने ऐसा किया है। ये दोनों खिलाड़ी भी सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के ही मंच पर शतक जड़ चुके हैं। पासी का नाम अब इस एलीट सूची में शामिल हो गया है, जो घरेलू टी20 क्रिकेट के भविष्य को नई दिशा देता है। जितेश शर्मा की जगह मौका मिला और पासी ने किया कमाल भारतीय टीम के साथ दक्षिण अफ्रीका दौरे पर गए विकेटकीपर जितेश शर्मा की गैरमौजूदगी में अमित पासी को अवसर मिला। मौके का फायदा उठाते हुए उन्होंने ना केवल टीम की पारी को संभाला, बल्कि उसे विस्फोटक अंदाज़ में आगे भी बढ़ाया। दो महत्वपूर्ण साझेदारियां बनीं जीत की नींव पासी की पारी सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं थी, बल्कि टीम के लिए मैच का टर्निंग पॉइंट भी साबित हुई। उन्होंने दो अहम साझेदारियां कीं जिसमें शिवालिक शर्मा के साथ तीसरे विकेट के लिए 60 रन की साझेदारी और कप्तान विष्णु सोलंकी के साथ मात्र 32 गेंदों में 75 रन की ताबड़तोड़ साझेदारी शामिल थी। इन पार्टनरशिप्स की बदौलत बड़ौदा ने 20 ओवर में 220/5 का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो बाद में निर्णायक साबित हुआ। लक्ष्य का पीछा करते हुए सर्विसेज़ ने शुरुआत दमदार की। कुंवर पाठक – 51 रन रवि चौहान – 51 रन मोहित अहलावत – 41 रन इन तीन बल्लेबाजों ने मुकाबले को रोमांचक बनाए रखा। हालांकि, नियमित अंतराल पर गिरते विकेटों ने सर्विसेज़ को अंत तक रोक दिया और वे 207/8 तक ही पहुंच सके। इस तरह बड़ौदा ने 13 रन से मुकाबला अपने नाम कर लिया। बड़ौदा जीत के बावजूद बाहर, अन्य टीमें रेस में इस जीत के बावजूद बड़ौदा सुपर लीग में प्रवेश नहीं कर सका। एलीट ग्रुप C में पंजाब-गुजरात और बंगाल-हरियाणा मुकाबलों के विजेताओं पर ही आगे बढ़ने की आस टिकी है। वहीं हरियाणा ने गुजरात के खिलाफ अंकित कुमार और निशांत सिंधु की उम्दा बल्लेबाजी से 191 रन का प्रतिस्पर्धी लक्ष्य खड़ा किया।  

संजय टाइगर रिजर्व में वन्य प्राणियों की गिनती, शाकाहारी-मांसाहारी प्रजातियों में बढ़ोतरी की खुशखबरी

सीधी  मध्य प्रदेश के सीधी में स्थित संजय टाइगर रिजर्व में सर्वे चल रहा है। मांसाहारी और शाकाहारी वन्य प्राणियों का आकलन किया जा रहा है। संजय टाइगर रिजर्व के 9 परिक्षेत्रों में सर्वेक्षण का काम चल रहा है। 124 बीट के 250 कर्मचारी और 11 वालेंटियर सुबह 6 से 9 बजे तक कार्य कर रहे है। सीधी जिला आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र कहा जाता है। जहां कुसमी क्षेत्र में स्थापित संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र माना गया है। अखिल भारतीय बाघ आकलन वर्ष 2026 के तहत यहां लगभग चार साल के बाद सर्वेक्षण किया जा रहा है। जिम्मेदार विभाग मांसाहारी, शाकाहारी और वन्यजीव का आकलन कर रहे है। इसके लिए 250 कर्मचारियों की अलग-अलग टीमें काम कर रही है। इन कर्मचारियों में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली-हरियाणा समेत अन्य राज्यों के लोग शामिल हैं। संजय टाइगर रिजर्व के एसडीओ सुधीर मिश्रा ने बताया कि अभी मांसाहारी प्राणियों का सर्वेक्षण हुआ है। शाकाहारी समेत वन्यजीवों का भी आकलन होना है। उन्होंने बताया कि खुशी की बात ये है कि संजय टाइगर के रिजर्व के कुछ ऐसे स्थान, जहां पहले बाघ के पैरों के चिन्ह नहीं मिला करते है अब वहां भी बाघ के पैरों के चिन्ह मिल रहे है। साथ ही जल्द ही अन्य जीवों का सर्वेक्षण भी पूरा कर रिपोर्ट बना तैयार की जाएगी।

नासिक में बड़ा सड़क हादसा: गहरी खाई में गिरी कार, एक परिवार के 6 लोगों की दर्दनाक मौत

नासिक महाराष्ट्र के नासिक जिले में रविवार को एक भयावह सड़क दुर्घटना हुई, जब एक इनोवा कार 1000 से 1200 फीट गहरी खाई में जा गिरी। कार में कुल सात लोग सवार थे, जिनमें से छह की मौके पर ही मौत हो गई। राहत-बचाव दल द्वारा बाद में एक और शव मिलने से मृतकों की कुल संख्या छह की पुष्टि हुई। मरने वाले सभी लोग नासिक के निफाड़ तालुका के पिंपलगांव बसवंत गांव के रहने वाले थे। मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है— कीर्ति पटेल (50) रसीला पटेल (50) विट्ठल पटेल (65) लता पटेल (60) पचन पटेल (60) मणिबेन पटेल (60) दर्शन के लिए जाते समय हुआ हादसा हादसा उस समय हुआ जब इनोवा कार (MH 15 BN 0555) में सवार सभी लोग सप्तश्रृंगी किले में माता के दर्शन के लिए जा रहे थे। दोपहर के समय कार अचानक मोड़ पर नियंत्रण खो बैठी और गहरी खाई में जा गिरी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, स्थानीय ग्रामीण और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। डिजास्टर मैनेजमेंट की टीम खाई से शवों को निकालने में जुटी हुई है। स्थानीय लोगों ने उठाए सड़क मरम्मत पर सवाल इस दुर्घटना के बाद हादसे की वजह को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने लोक निर्माण विभाग (PWD) पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि: ➤ घाट के इस हिस्से की सड़क लंबे समय से खराब थी ➤ कई बार शिकायत करने के बावजूद मरम्मत नहीं कराई गई ➤ ख़राब और फिसलन भरे मोड़ पर गाड़ी अक्सर असंतुलित हो जाती है

बालाघाट जिला अब नक्सल मुक्त, 12 कमांडरों ने AK-47 समेत हथियार सौंपे

बालाघाट  मध्यप्रदेश से माओवादी ढांचे का अंतिम किला भी ढह गया है. देश के सबसे खतरनाक और एक करोड़ इनामी माओवादी नेता सेंट्रल कमेटी मेंबर (CCM) रामधेर मज्जी ने सोमवार तड़के अपने 11 टॉप कमांडरों के साथ हथियार डाल दिए. यह सरेंडर छत्तीसगढ़ में खैरागढ़ जिले के बाकरकट्टा थाना क्षेत्र के कुमही गांव में हुआ, जहां रामधेर ने AK–47 पुलिस के हवाले कर दी. उसके साथ DVCM और ACM स्तर के आतंकी चंदू उसेंडी, ललिता, जानकी, प्रेम, रामसिंह दादा और सुकैश पोट्टम भी हथियारों के साथ सामने आए. छह महिला नक्सलियों ने भी INSAS, SLR और .303 जैसे हथियार सौंप दिए. दशकों से तीन राज्यों में सक्रिय माओवादी नेटवर्क के लिए यह सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है. मध्य प्रदेश का यह प्रमुख नक्सल प्रभावित जिला, जिसकी पहचान 1990 के दशक से नक्सली हिंसा और सक्रियता के लिए रही है, अब आधिकारिक रूप से नक्सल मुक्त घोषित कर दिया गया है। यह उपलब्धि केंद्रीय गृह मंत्रालय की मार्च 2026 की तय समय सीमा से पहले हासिल हुई है। अब सिर्फ एक नक्सली दीपक सक्रिय बालाघाट एसपी आदित्य मिश्रा के मुताबिक, नक्सलियों ने पुनर्वास से पुनर्जीवन तक सरकार की नीति से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण किया है। इससे जिला लगभग नक्सली मुक्त हो गया है। जिले में अब सिर्फ एक नक्सली दीपक सक्रिय है। सुरक्षा एजेंसियों को उम्मीद है कि वह भी जल्द सरेंडर कर देगा। एमएमसी जोन प्रभारी रामधेर मज्जी भी शामिल आत्मसमर्पण करने वालों में एमएमसी जोन प्रभारी रामधेर मज्जी भी शामिल रहे, जिन्होंने एक AK-47 राइफल सौंपकर समर्पण किया। उनकी गार्ड और हार्डकोर नक्सली मानी जाने वाली सुनीता ओयाम कुछ वक्त पहले ही बालाघाट पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर चुकी थी। इस दौरान कुल 12 हथियार सौंपे गए, जिनमें दो एके-47, दो इंसास, एक एसएलआर और दो .303 राइफलें शामिल हैं। प्रमुख नक्सली, जिन्होंने किया समर्पण सरेंडर करने वाले अन्य प्रमुख नक्सलियों में चंदू उसेंडी (डीवीसीएम), ललिता (डीवीसीएम), जानकी (डीवीसीएम), प्रेम (डीवीसीएम), राम सिंह दादा (एसीएम), सुकेश पोट्टम (एसीएम), लक्ष्मी (पीएम), शीला (पीएम), सागर (पीएम), कविता (पीएम) और योगिता (पीएम) शामिल हैं। इन नक्सलियों ने पुनर्वास योजना के तहत सरेंडर किया है। उन्हें राज्य सरकार की मौजूदा पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण और सामाजिक पुनर्स्थापन का आश्वासन दिया गया है। 29 नवंबर को महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में 11 नक्सलियों का एक दल आत्मसमर्पण कर चुका है, जिसका नेतृत्व अनंत उर्फ विकास नागपुरे कर रहा था, जो पिछले महीने हॉक फोर्स के इंस्पेक्टर आशीष शर्मा की हत्या में शामिल था. NDTV ने कुछ दिनों पहले ही अपनी एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में खुलासा किया था कि रामधेर अब सिर्फ अपने बचे हुए 14 हथियारबंद कैडरों के साथ दक्षिणी MMC ज़ोन के घने जंगलों में छिपा हुआ था. सुरक्षा एजेंसियों ने  बताया था कि यही समूह पूरी MMC संरचना का आखिरी किला है. 29 नवंबर को अनंत उर्फ विकास नागपुरे के सरेंडर के बाद रामधेर नेटवर्क से बिल्कुल अलग-थलग पड़ चुका था. अनंत ने जाते हुए चार कैडरों को यही जिम्मा दिया था कि रामधेर से संपर्क करें और उसे हथियार डालने के लिए तैयार करें. इससे मध्यप्रदेश के लिए यह हफ्ता ऐतिहासिक बन गया है. सिर्फ 24 घंटे पहले बालाघाट में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में MMC के KB डिविजन के 10 बड़े नक्सलियों ने ₹2.36 करोड़ के इनाम के साथ सरेंडर किया था. NDTV ने तभी रिपोर्ट किया था कि इसके बाद ( मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़) यानि दक्षिणी MMC ज़ोन हिल जाएगा और रामधेर की यूनिट भी टूट जाएगी और अब, कुछ ही घंटों में, वह आखिरी दीवार भी ढह गई. इससे मध्यप्रदेश अब लगभग पूरी तरह नक्सल-मुक्त माना जा रहा है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को ही कहा था कि “आज का दिन MP पुलिस के नक्सल विरोधी अभियान की सबसे बड़ी जीत है. डिंडौरी और मंडला पहले ही मुक्त थे, बालाघाट भी अब बड़े पैमाने पर नक्सल मुक्त हो रहा है. यह ऑपरेशन ‘सरेंडर करो या समाप्त हो जाओ' की नीति की ऐतिहासिक सफलता है.” उत्तर MMC ज़ोन पहले ही खाली हो चुका था. अब दक्षिणी MMC ज़ोन के सबसे बड़े नाम रामधेर के सरेंडर के बाद पूरे MMC क्षेत्र जो तीन राज्यों तक फैला था, का सफाया माना जा रहा है. इससे कान्हा नेशनल पार्क, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व और पूरे जंगल कॉरिडोर की सुरक्षा पर बड़ा असर पड़ेगा. जो दस नक्सली रविवार को आत्मसमर्पण करने पहुंचे, वे MMC ज़ोन के कान्हा–भोरा देव (KB) डिवीजन से जुड़े थे, जो छत्तीसगढ़ के कबीरधाम और MP के बालाघाट व मंडला जिलों में सक्रिय था. आत्मसमर्पण करने वालों में MMC ज़ोन के विशेष जोनल समिति सदस्य सुरेंद्र उर्फ कबीर सोड़ी (50), राकेश ओड़ी उर्फ मनीष, और एरिया कमेटी सदस्य लालसिंह मरावी, सलीता उर्फ सावित्री, नवीन नुप्पो उर्फ हिड़मा, जैशीला उर्फ ललिता ओयम, विक्रम उर्फ हिड़मा वट्टी, जरीना उर्फ जोगी मुसक और समर उर्फ सोमरू शामिल हैं. इनकी उम्र 26 से 50 वर्ष के बीच है और ये सभी छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के रहने वाले हैं. इनमें से कई पर ग्रामीणों की हत्याओं का गंभीर आरोप है, जिन्हें पुलिस मुखबिर समझकर मारा गया था. रविवार का आत्मसमर्पण उस घटना के 36 दिन बाद हुआ है, जब 14 लाख के इनाम वाली नक्सली सुनीता ने हथियार डाले थे, रविवार का दिन इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि इसी से एक दिन पहले MP पुलिस और रामधेर की टीम के बीच MP–छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर मुठभेड़ हुई थी. 2025 में अब तक MP पुलिस ने टारगेटेड ऑपरेशंस में 10 खतरनाक नक्सलियों का एनकाउंटर किया है, जिन पर कुल 1.86 करोड़ रुपये का इनाम था.

इंडिगो की गिरावट ने सेंसेक्स को झटका दिया, डिफेंस शेयरों में अचानक उथल-पुथल

मुंबई  शेयर बाजार में हफ्ते के पहले दिन भारी गिरावट (Stock Market Crash) देखने को मिल रही है. सुस्ती के साथ ओपन हुआ बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) मार्केट क्लोज होने से एक घंटे पहले ही करीब 800 अंक फिसल गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) भी फिसलकर 26,000 के स्तर के नीचे आ गया. बाजार में गिरावट के बीच इंडिगो समेत कई शेयर लाल निशान पर कारोबार करते दिखे, जबकि डिफेंस शेयरों में भी भूचाल नजर आया.  सेंसेक्स-निफ्टी देखते ही देखते क्रैश   शेयर मार्केट (Share Market) में सोमवार को कारोबार की शुरुआत रेड जोन में हुई थी. BSE Sensex अपने पिछले बंद 85,712.37 की तुलना में गिरकर 85,624.84 के लेवल पर ओपन हुआ और इसके बाद ये फिसलते हुए चला गया. खबर लिखे जाने तक दोपहर 2.15 बजे पर सेंसेक्स इंडेक्स 800 अंक फिसलकर 84,875 के लेवल पर आ गया. इसकी तरह NSE Nifty की चाल रही. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 26,186.45 के मुकाबले गिरावट के साथ 26,159 पर ओपन हुआ और 270 अंक की गिरावट लेकर 25,892 के लेवल पर कारोबार कर रहा था.  IndiGo Share में तगड़ी गिरावट शेयर बाजार में गिरावट के साथ हो रहे कारोबार के बीच संकट में फंसी इंडिगो एयरलाइन की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन का शेयर (IndiGo Share Crash) 9 फीसदी तक टूट गया. ये एयरलाइन स्टॉक अपने पिछले बंद 5,367.50 रुपये के लेवल से टूटकर 5,110 रुपये पर खुला और फिर सेंसेक्स-निफ्टी की तरह फिसलता ही चला गया. इंडिगो शेयर 9 फीसदी के आसपास गिरकर 4842.5 रुपये पर कारोबार कर रहा था और इसका मार्केट कैप भी गिरकर 1.89 लाख करोड़ रुपये पर आ गया था.