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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में इंटीग्रेटेड चालान प्रक्रिया से बढ़ेगी रोड सेफ्टी, यूपी होगा अग्रणी राज्य

इंटीग्रेटेड ई-चालान प्रणाली से प्रदेश में रोड एक्सीडेंट में कमी लाने की कवायद तेज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में इंटीग्रेटेड चालान प्रक्रिया से बढ़ेगी रोड सेफ्टी, यूपी होगा अग्रणी राज्य  वाहन, सारथी एप, ई-डार, आई रैड और ई-चालान पोर्टलों को एकीकृत करने के लिए बनेगा एआई आधारित प्लेटफॉर्म लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और रोड एक्सीडेंट में कमी लाने के उद्देश्य से ई-चालान प्रक्रिया का इंटीग्रेशन किया जा रहा है। इस क्रम में ट्रैफिक पुलिस एवं यातायात व परिवहन विभाग के संयुक्त प्रयासों से ई-चालान पोर्टल का विस्तार, दुर्घटना डेटा विश्लेषण और बीमा एकीकरण जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। प्रक्रिया के तहत ई-चालान प्रणाली के वाहन और सारथी एप के इंटीग्रेशन के साथ-साथ एक्सीडेंट डेटा कलेक्शन के लिए ऑनलाइन डैशबोर्ड बनाया जा रहा है। साथ ही वाहन बीमा को भी ई-चालान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इन प्रयासों से रोड एक्सीडेंट और इस दौरान होने वाली मृत्यु की संख्या में उल्लेखनीय कमी आयेगी। प्रदेश सरकार के ये कदम राज्य में रोड सेफ्टी को नई दिशा प्रदान करेंगे। प्रदेश के 17 जनपदों में ई-चालान पोर्टल की इंटीग्रेशन प्रक्रिया शुरू  प्रदेश में रोड सेफ्टी को बढ़ावा देने और रोड एक्सीडेंट के दौरान होने वाली मृत्यु की संख्या में कमी लाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना को अमल में लाया जा रहा है। हाल ही में संपन्न हुई मुख्य सचिव की बैठक में स्वीकृति मिलने के बाद यूपी परिवहन विभाग एवं यातायात निदेशाल ने ट्रैफिक पुलिस के संयुक्त प्रयास से पूरे प्रदेश में ई-चालन प्रक्रिया के इंट्रीग्रेशन का कार्य तेज गति से शुरू कर दिया है। इस क्रम में सबसे पहले ट्रैफिक पुलिस एवं परिवहन विभाग के चालानों का ई-चालान पोर्टल पर इंटीग्रेशन किया जा रहा है। पहले चरण में प्रदेश के 17 जनपदों में प्रक्रिया एनआईसी के माध्यम से शुरू की जा चुकी है। शेष जनपदों में भी जल्द ही शुरू की जाएगी। इससे एक ओर तो चालानों की ट्रैकिंग आसान हो जाएगी साथ ही डिफॉल्टर वाहन मालिकों पर त्वरित कार्रवाई भी संभव होगी।   एक्सीडेंट डेटा कलेक्शन के लिए विकसित होगा ऑनलाइन डैशबोर्ड    यूपी परिवहन विभाग ने सारथी पोर्टल के माध्यम से ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े सभी चालानों का एकीकरण पूरा कर लिया है। साथ ही वाहन और सारथी एप, ई-डार, आई रैड ऐप और ई-चालान पोर्टलों को एकीकृत करने के लिए एआई आधारित प्लेटफॉर्म को विकसित किया जा रहा है। एक्सीडेंट डेटा कलेक्शन और विश्लेषण के लिए ऑनलाइन डैशबोर्ड भी विकसित किया जा रहा है। परिवहन विभाग ने ई-डार और आई रैड ऐप के जरिए सभी जनपदों में रोड एक्सीडेंट और चालानों की डेटा फीडिंग शुरू कर दी है और विश्लेषण के आधार पर सुधारात्मक कदम भी उठाए जा रहे हैं। ई-चालान और वाहन बीमा को भी किया जाएगा एकीकृत   ई-चालान को वाहन बीमा से जोड़ने और पांच से अधिक चालानों पर प्रीमियम बढ़ाये जाने की भी योजना है। जिससे रोड एक्सीडेंट के मामले में त्वरित इलाज और मुआवजे की व्यवस्था ऑनलाइन प्रक्रिया से की जा सके। नवंबर माह में संपन्न हुई बैठक में बीमा प्रतिनिधियों ने योजाना को सैद्धांतिक सहमति दी है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रीमियम दरों में बदलाव आईआरडीएआई के माध्यम से ही संभव होगा। इसके अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस और प्रवर्तन दलों को आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से लैस किया जा रहा है जिससे चालान का प्रवर्तन और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में ये प्रयास उत्तर प्रदेश को रोड सेफ्टी के मामले में अग्रणी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगें।

सशस्त्र सेना झंडा दिवस: राज्यपाल पटेल को लगाया गया ध्वज, लोकभवन में कार्यक्रम आयोजित

भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल को सशस्त्र सेना दिवस के अवसर पर ध्वज लगाया गया। लोकभवन में सोमवार को सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाया गया। राज्यपाल  पटेल को सैनिक कल्याण संचालनालय मध्यप्रदेश के संचालक बिग्रेडियर अरूण नायक (से.नि.) ने ध्वज लगाया। राज्यपाल  पटेल ने सशस्त्र सेना कल्याण निधि के लिए सहयोग राशि भी प्रदान किया। राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों से अपील की है कि सशस्त्र सेना के लिए अधिक से अधिक राशि का अशंदान करें। सशस्त्र सेनाओं के प्रति कृतज्ञता प्रदर्शन में सभी सहभागी बनें।               

नई Harley-Davidson X440T अब भारत में, एक्स-शोरूम 2.80 लाख रुपये

मुंबई  प्रीमियम मोटरसाइकिल निर्माता कंपनी Harley-Davidson ने अपनी नई Harley-Davidson X440T को लॉन्च कर दिया है. कंपनी ने इस मोटरसाइकिल को 2.80 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की कीमत पर उतारा है. इस कीमत पर, नई X440T, X440 लाइनअप में नया, रेंज-टॉपिंग वेरिएंट हो जाता है, जिसमें स्टैंडर्ड X440 को अब रीपोज़िशन किया गया है. रेगुलर Harley-Davidson X440 को कंपनी दो वेरिएंट में बेच रही है, जिनकी कीमत – X440 Vivid के लिए 2.35 लाख रुपये और X440 S के लिए 2.55 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है. नई X440T की बुकिंग 7 दिसंबर को शुरू कर दी गई है, और इस नए वेरिएंट की डिलीवरी जनवरी 2026 में शुरू होगी. Harley-Davidson X440T के बारे में कंपनी की मौजूदा Harley-Davidson X440 S की तुलना में, नई X440 T लगभग Rs 25,000 ज़्यादा महंगी है. ऐसे में सवाल यह उठता है कि आपको इस अतिरिक्त कीमत पर क्या कुछ मिलने वाला है? नई Harley-Davidson X440T में बड़ा बदलाव पूरी तरह से नया रियर सबफ्रेम और रीडिज़ाइन किया गया टेल सेक्शन दिया गया है. इसमें पिलियन ग्रैब हैंडल बेहतर पिलियन कम्फर्ट के लिए इंटीग्रेटेड हैं. नई X440T अपने बार-एंड मिरर, नए डेकल्स और चार अलग-अलग पेंट ऑप्शन की वजह से भी अलग दिखता है. हालांकि, सबसे ज़रूरी अंतर राइडिंग के मामले में हो सकता है. Harley-Davidson ने नई X440T में राइड-बाय-वायर का फीचर जोड़ा है, जो दो राइड मोड (Road और Rain), स्विचेबल एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम और स्विचेबल ट्रैक्शन कंट्रोल के साथ आता है. नई X440T में एक और खास फीचर शामिल किया गया है, जिसे हार्ले ने ‘पैनिक ब्रेकिंग अलर्ट’ नाम दिया है. इस फीचर के साथ, मोटरसाइकिल के सभी इंडिकेटर, जब डीसेलरेशन रेट 2.4m/s से ज़्यादा होगा, तो स्टैंडर्ड ब्लिंकिंग रेट से 4 गुना तेज़ी से ब्लिंक करके पीछे चल रही गाड़ियों को इमरजेंसी ब्रेक लगाने का सिग्नल देते हैं. Harley-Davidson X440T का इंजन इंजन की बात करें तो इसमें मौजूदा Harley-Davidson X440 का ही 440 cc, ऑयल-कूल्ड, 2-वॉल्व SOHC सिंगल-सिलेंडर इंजन दिया जा सकता है, जो 6,000 rpm पर 27 bhp की पावर और 4,000 rpm पर 38 Nm का अधिकतम टॉर्क पैदा करता है. इस इंजन के साथ 6-स्पीड गियरबॉक्स को जोड़ा जाता है.

भारत ने Junior Women’s Hockey World Cup में वेल्स को 3-1 से हराया, प्लेऑफ में जगह बनाई

 नई दिल्ली भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम ने एफआईएच जूनियर महिला हॉकी विश्व कप में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए वेल्स को 3-1 से मात दी। यह मुकाबला 9-16 क्वालिफिकेशन मैच के रूप में खेला गया। भारत की ओर से हीना बानो (14’), सुनलिता टोप्पो (24’) और इशिका (31’) ने गोल किए, जबकि वेल्स के लिए एलोइज़ मोएट (52’) ने एकमात्र गोल किया। Junior Women's Hockey World Cup 2025 में भारत की जीत भारत ने मैच की शुरुआत से ही अटैक करके दबाव बनाया और पहले 30 सेकेंड में ही पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया। हालांकि शुरुआती बढ़त नहीं मिल सकी। वेल्स को पेनल्टी स्ट्रोक से गोल करने का मौका मिला, लेकिन भारतीय गोलकीपर निधि ने शानदार बचाव किया। पहले क्वार्टर के आखिरी मिनट में साक्षी राणा के शानदार मूव पर हीना बानो ने गेंद को गोल में पहुँचाकर भारत को 1-0 से आगे कर दिया। हाफ टाइम तक 2-0 की बढ़त दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में ही भारत को फिर पेनल्टी कॉर्नर मिला और टीम लगातार मौके बनाती रही। सुनलिता टोप्पो ने 24वें मिनट में पास मिलने पर गोल कर स्कोर 2-0 कर दिया। पहले हाफ में भारत ने 14 बार सर्कल में घुसकर अटैक किया और  लीड हासिल की। तीसरे क्वार्टर में 3-0 की बढ़त दूसरे हाफ की शुरुआत में ही इशिका ने रिबाउंड पर गोल दागकर टीम की बढ़त 3-0 कर दी। कप्तान ज्योति सिंह की अगुवाई में भारत ने खेल की रफ्तार को पूरी तरह नियंत्रित रखा और वेल्स की डिफेंस पर दबाव बनाए रखा। वेल्स की वापसी की कोशिश नाकाम आखिरी क्वार्टर में वेल्स ने एक मौका बनाया और एलोइज़ मोएट (52’) ने गोल कर अंतर 3-1 कर दिया। लेकिन भारत की डिफेंस ने फिर कोई मौका नहीं दिया और टीम ने मैच अपने नाम किया। भारत का अगला मैच भारत अब 9 दिसंबर को उरुग्वे के खिलाफ खेलेगा।   

घर लौटे ताबूत… रोज़गार की तलाश में निकले तीनों युवकों की Dead Body रांची एयरपोर्ट पहुंची

रांची गोवा के एक नाइट क्लब में आग लगने की घटना में मारे गए 25 लोगों में शामिल झारखंड के तीन प्रवासी श्रमिकों के शव सोमवार सुबह रांची लाए गए। लापुंग के फतेहपुर गांव के दो भाई प्रदीप (24) एवं बिनोद महतो (20) और खूंटी जिले के कर्रा ब्लॉक में गोविंदपुर गांव के मोहित मुंडा (22) की रविवार आधी रात के बाद उत्तरी गोवा के एक क्लब में लगी आग में मौत हो गई थी। कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि तीनों श्रमिक उनके मंदार निर्वाचन क्षेत्र के थे। उन्होंने शवों को वापस लाने के लिए गोवा सरकार के साथ समन्वय किया था। तिर्की ने कहा, ‘‘शवों को विशेष एम्बुलेंस से उनके पैतृक गांव ले जाया गया। मैं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मृतकों के परिवारों के लिए कुछ कल्याणकारी प्रावधान करने का अनुरोध करूंगी।'' श्रम विभाग ने पीड़ितों के परिवारों को तत्काल सहायता के रूप में 50-50 हजार रुपये दिए हैं। शवों को हवाई अड्डे लाए जाने के दौरान वहां राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष की टीम प्रमुख शिखा लाकड़ा मौजूद रहीं। लाकड़ा ने बताया कि श्रम विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि मृतकों के परिवार के दो सदस्यों को शाम को एक उड़ान से रांची वापस लाया जाए। वे अभी गोवा में फंसे हुए हैं। ये तीन लोग इस अग्निकांड में मारे गए नाइट क्लब के 14 कर्मचारियों में शामिल हैं। प्रदीप और बिनोद एक साल पहले गोवा गए थे और अपने परिवार की मदद के लिए हर महीने करीब 30,000 रुपये भेजा करते थे। उनके बड़े भाई फागु ने बताया, ‘‘दोनों अविवाहित थे। वे अगले साल हमारे साथ होली मनाने के लिए आने वाले थे।'' मुख्यमंत्री सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन ने इस घटना में लोगों की मौत पर दुख जताते हुए इसे ‘‘अत्यधिक हृदय विदारक'' बताया है।  

अनुपूरक बजट 2025: झारखंड में 7,721.25 करोड़ का प्रस्ताव, मंईयां सम्मान योजना को मिलेगी प्राथमिकता

रांची   झारखंड सरकार ने सोमवार को विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 7,721.25 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट पेश किया. वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने अनुपूरक बजट सदन में पेश किया. अनुपूरक बजट में मांगों पर बहस मंगलवार (9 दिसंबर) को होगी. मानसून सत्र के दौरान 25 अगस्त को सदन ने 4,296.62 करोड़ रुपए का पहला अनुपूरक बजट ध्वनिमत से पारित किया था. 13000 करोड़ रुपए की विभागों ने की थी मांग विभिन्न विभागों की ओर से लगभग 13,000 करोड़ रुपए के अनुपूरक बजट की मांग भेजी गयी थी. विभागवार प्रस्तावों की समीक्षा, प्राथमिकता और वित्तीय उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए वित्त विभाग ने इसे घटाकर लगभग 7,721.25 करोड़ रुपए पर अंतिम सहमति बनायी. राज्य सरकार का लक्ष्य वित्तीय वर्ष की शेष अवधि में महत्वपूर्ण योजनाओं को गति देना और केंद्र और राज्य स्तर पर लंबित भुगतानों का समायोजन करना है. मंईयां सम्मान योजना को दी गयी है प्राथमिकता अनुपूरक बजट में मंईयां सम्मान योजना को प्राथमिकता दी गयी है. मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लिए सबसे अधिक राशि का प्रबंध किया गया है. इसके अलावा अधूरे और जारी विकास योजनाओं के लिए भी राशि का प्रावधान किया गया है. गरीबी उन्मूलन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को भी अनुपूरक बजट में शामिल किया गया है. : बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को भी अनुपूरक बजट में शामिल किया पंचायतों और शहरी निकायों के लिए अतिरिक्त आवंटन की व्यवस्था भी इसमें की गयी है. स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचा परियोजनाएं और विधायकों की विकास योजनाओं से संबंधित मद को भी अनुपूरक बजट में जगह दी गयी है. आज होगी कैबिनेट की बैठक विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान ही झारखंड कैबिनेट की भी बैठक होगी. मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (समन्वय) के अनुसार मंत्रिपरिषद की बैठक सोमवार दोपहर 2:00 बजे या विधानसभा की बैठक के तुरंत बाद जो भी बाद में हो, से झारखंड मंत्रालय (प्रोजेक्ट भवन) स्थित मंत्रिपरिषद कक्ष में होगी. मार्च में पेश हुआ था 1.45 लाख करोड़ रुपए का बजट वित्त मंत्री किशोर ने राज्य विधानसभा में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 1.45 लाख करोड़ रुपए का वार्षिक बजट मार्च में पेश किया था. झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुक्रवार (5 दिसंबर) से शुरू हुआ था और 11 दिसंबर तक चलेगा. सत्र के दौरान 5 कामकाजी दिवस होंगे.

क्यों ज़रूरी है अनुभव को सही महत्व देना

वर्क हिस्ट्री और एक्सपीरिएंस सेक्शन के तहत स्वीकारात्मक और सकारात्मक भाषा का प्रयोग करें जैसे डेवलप्ड, ऑर्गनाइज्ड या एचीव्ड। कोशिश करें कि जॉब में आपकी जो भूमिका होगी, उसके अनुरूप अपनी स्किल्स को संबंधित कर लिखें। पूर्व में आप द्वारा हासिल की गई मूल्यवान स्किल्स और अनुभव पर आपके संभावित नियोक्ता की गहरी नजर रहती है। रेफरेंस जरूरी यदि आपने पहले कहीं जॉब की है तो उसके नियोक्ता का रेफरेंस अपने सीवी में जरूर दें। यह आपकी स्किल्स और अनुभवों के गवाह के तौर पर काम करेगा। यदि आपने पहले जॉब नहीं की है तो आप अपने अध्यापक, ट्यूटर या ऐसे सम्मानित व्यक्ति का रेफरेंस दें, जो आपके विषय में बेहतर राय रखते हों। ऐसे कम से कम दो लोगों का रेफरेंस अवश्य दें। अपने सीवी को रखें अपडेट यह जरूरी है कि आप अपने सीवी की निरंतर समीक्षा करते रहें और उसमें अपनी नई स्किल्स या अनुभव, जिन्हें आप पहले लिखना भूल गए हों, अपडेट करते रहें। यदि आप ने हाल ही में कोई स्वयंसेवी कार्य या किसी नए प्रोजेक्ट पर काम किया हो तो यह निश्चित करें कि यह सब जानकारियां आपके सीवी में शामिल हों। नियोक्ता उन उम्मीदवारों से प्रभावित होते हैं, जो अपनी स्किल्स को बढ़ाने के लिए कुछ अतिरिक्त करते रहते हैं। शोध और नतीजे कर्वंरग लैटर यानी फस्र्ट इम्प्रेशन आपका सीवी बेहतर हो, यह तो जरूरी है ही, पर साथ लगा कर्वंरग लेटर अच्छा प्रभाव नहीं छोड़ पाया तो सारी मेहनत बेकार हो जाती है, इसलिए आपका कवरिंग लेटर भी कुछ इस तरह का होना चाहिए कि लाखों एप्लीकेशन्स के बीच अलग नजर आए।-कवरिंग लेटर इस तरह से तैयार करें, जो आपकी खूबियों और विशेषताओं को उजागर करता हो, साथ ही वह आपको दूसरों से बेहतर कैंडिडेट बनाता हो। -कवरिंग लेटर उस संस्थान के निर्णायक व्यक्ति को संबोधित करते हुए बनाएं। इसके लिए कंपनी में फोन करके सही व्यक्ति का नाम पूछ लें और उसी के नाम लेटर बनाएं। -लेटर को सिंपल और सादा बनाने की कोशिश करें। लेटर आधे पेज से ज्यादा न बनाएं। उसमें प्रोफेशनल व सटीक शब्दों का इस्तेमाल करें। -लेटर का इम्प्रेशन भी उसकी भाषा जैसा ही हो। पेपर एकदम साफ और क्रिस्पी होना चाहिए। रिज्यूमे व लेटर के लिखने का स्टाइल मैच करना चाहिए। -लेटर इसलिए तैयार किया जाता है, ताकि आप अपनी बातें आसानी से निर्णायक व्यक्ति तक पहुंचा सकें। इसलिए उसे एक बोर इंट्रो देकर बेकार न करें, बल्कि जानकारी दें। -दरअसल कवरिंग लेटर यह दिखाने के लिए होता है कि कैसे आप कंपनी के लिए प्रॉफिटेबल हो सकते हैं और कैसे आपकी खूबियां उनके लिए फायदेमंद हो सकती हैं, बजाय इसके कि आपने अपने भूतकाल में क्या किया था। -लेटर में कुछ भी गलत नहीं होना चाहिए। इससे आपके एम्प्लॉयर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ध्यान दें कि उसमें व्याकरण और वर्तनी की किसी तरह की कोई गलती न हो। इसके लिए एक अच्छे प्रूफरीडर की भी मदद ले सकते हैं। -इंटरव्यू के समय आप अपनी किसी भी कमजोरी और गलती को छुपाने में कामयाब नहीं हो पाएंगे, इसलिए लेटर में अपनी काबिलियत से ज्यादा कुछ भी बयां न करें। इसके अलावा अपने पुराने एम्प्लॉयर के बारे में कुछ गलत न बोलें।  

नक्सली वारदात: ठेकेदार बंधक, साथी ने भागकर दी सुरक्षा बलों को सूचना

बीजापुर जिले से बड़ी खबर सामने आई है, जहां नक्सलियों ने सड़क निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार को बंधक बना लिया है। घटना के दौरान नक्सलियों द्वारा ठेकेदार के साथ मारपीट किए जाने की भी जानकारी मिली है। शुरूआती जानकारी के मुताबिक ठेकेदार इम्तियाज़ अली के साथ काम कर रहे उसके एक सहयोगी ने किसी तरह मौके से जान बचाकर भागने में सफलता पाई। वह सीधे इरापल्ली के मेटागुड़म कैंप पहुंचा, जहां उसने पूरी घटना की जानकारी सुरक्षा बलों को दी। ठेकेदार इम्तियाज़ अली के सहयोगी ने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान नक्सलियों का एक दस्ता मौके पर पहुंचा और ठेकेदार को अपने साथ जंगल की ओर ले गया। मामले की पुष्टि करते हुए बीजापुर एसपी जितेंद्र कुमार यादव ने बताया, “ठेकेदार के साथ काम करने वाला उसका एक साथी हमारे कैंप में पहुंचा है। उसने बंधक बनाए जाने की जानकारी दी है। हमारी टीमें घटना की तस्दीक कर रही हैं और आगे की कार्रवाई की जा रही है।” घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस और सुरक्षा बलों ने आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नक्सलियों ने ठेकेदार को किस उद्देश्य से उठाया है। गौरतलब है कि सड़क निर्माण कार्य लंबे समय से नक्सलियों के निशाने पर रहते हैं, क्योंकि ये परियोजनाएँ नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों की आवाजाही और विकास कार्यों को गति देती हैं। इसी कारण ठेकेदारों और मजदूरों पर नक्सली दबाव व हमलों की घटनाएँ समय-समय पर सामने आती रहती हैं। फिलहाल पुलिस की टीमें ठेकेदार की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने में जुटी हैं। घटना पर आगे के अपडेट का इंतज़ार है।

पीएम मोदी बोले, कांग्रेस मुस्लिम लीग के सामने घुटने टेक चुकी, ‘वंदे मातरम’ के संदर्भ में मुस्लिम भड़केंगे

नई दिल्ली  राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के 150 साल पूरे होने पर लोकसभा में एक खास चर्चा हो रही है. इसमें भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में इसके ऐतिहासिक महत्व और हमेशा रहने वाली विरासत पर रोशनी डाली जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस चर्चा की शुरुआत की. इसमें इस मशहूर गीत के कई जरूरी और कम जाने-पहचाने पहलुओं पर भी बात हो रही है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के राज्यसभा में चर्चा शुरू करने की उम्मीद है. बीजेपी के नेतृत्ववाली एनडीए सरकार को लोकसभा में बहस में हिस्सा लेने के लिए तीन घंटे दिए गए हैं, जबकि पूरी चर्चा के लिए कुल 10 घंटे तय किए गए हैं, क्योंकि बहस मंगलवार 9 दिसंबर को राज्यसभा में भी होगी. दोनों सदनों की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई. कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के सामने घुटने टेक दिए थे: पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में वंदे मातरम पर कहा, 'पंडित जवाहरलाल नेहरू ने लिखा था कि 'आनंद मठ में वंदे मातरम का बैकग्राउंड मुसलमानों को परेशान कर सकता है.' उन्होंने यह भी कहा, 'मुस्लिम लीग ने वंदे मातरम का कड़ा विरोध करना शुरू कर दिया था. मुहम्मद अली जिन्ना ने 15 अक्टूबर 1937 को लखनऊ से वंदे मातरम के खिलाफ नारा लगाया था. मुस्लिम लीग की बेबुनियाद बातों का कड़ा और मुंहतोड़ जवाब देने के बावजूद, नेहरू ने वंदे मातरम की जांच शुरू कर दी. इसके पांच दिन बाद नेहरू ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को एक चिट्ठी लिखी जिसमें उन्होंने मोहम्मद अली जिन्ना की भावना से सहमति जताई और लिखा, 'आनंद मठ में वंदे मातरम का बैकग्राउंड मुसलमानों को परेशान कर सकता है.' इसके बाद कांग्रेस ने कहा कि 26 अक्टूबर से बंगाल में वंदे मातरम के इस्तेमाल की जांच की जाएगी. दुर्भाग्य से, 26 अक्टूबर को कांग्रेस ने वंदे मातरम पर समझौता कर लिया. उन्होंने गाने को दो हिस्सों में बांट दिया. इस फैसले के पीछे सामाजिक सद्भाव का कारण था, लेकिन इतिहास गवाह है कि कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के सामने घुटने टेक दिए थे. यह माइनॉरिटीज को खुश करने का उनका तरीका था. बाद में कांग्रेस को घुटने टेकने पड़े और भारत के बंटवारे के लिए राजी होना पड़ा. कांग्रेस की नीजि आज भी वही हैं. इस तरह इंडियन नेशनल कांग्रेस मुस्लिम लीग कांग्रेस (MLC) बन गई है. आज भी कांग्रेस और उसकी साथी पार्टियाँ वंदे मातरम का विरोध करती है और इसके आस-पास विवाद पैदा करने की कोशिश करती है.' लोकसभा में ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘जो वंदे मातरम् 1905 में महात्मा गांधी को राष्ट्रगान के रूप में दिखता था… वंदे मातरम् इतना महान था, इसकी भावना इतनी महान थी तो फिर पिछली सदी में इसके साथ इतना बड़ा अन्याय क्यों हुआ? वंदे मातरम् के साथ विश्वासघात क्यों हुआ? वह कौनसी ताकत थी जिसकी इच्छा पूज्य बापू की भावना पर भारी पड़ गई जिसने वंदे मातरम् जैसी पवित्र भावना को विवादों में घसीट दिया.’ उन्होंने कहा कि मुस्लिम लीग के बयानों का जवाब देने के बजाय नेहरू जी ने सुभाष बाबू को पत्र लिखा और कहा कि मैंने वंदे मातरम् की पृष्ठभूमि पढ़ी है और मुझे लगता है कि यह मुसलमानों को भड़का सकता है. वंदे मातरम पर पीएम मोदी के संबोधन के बाद लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई ने सदन में कांग्रेस की बात रखी. उन्होंने पीएम मोदी के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि आप हर बार नेहरू जी और कांग्रेस पर निशाना साधते हैं, लेकिन जितनी कोशिश कर लें, नेहरू जी पर दाग नहीं लगा पाएंगे. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हिंदू महासभा ने भी वंदे मातरम की आलोचना की थी. संसद में वंदे मातरम पर हो रही इस ऐतिहासिक बहस से राष्ट्रीय गीत के बारे में कई महत्वपूर्ण और अज्ञात तथ्यों के सामने आने की उम्मीद है. इस बहस के लिए 10 घंटे का समय आवंटित किया गया है. पीएम मोदी ने जहां सोमवार को लोकसभा में इस बहस की शुरुआत की, वहीं विपक्ष की ओर से प्रियंका गांधी समेत कई सांसदों के बहस में हिस्सा लेने की उम्मीद है. लोकसभा के बाद मंगलवार को राज्यसभा में ‘वंदे मातरम’ पर मंगलवार को चर्चा होगी, जहां गृह मंत्री अमित शाह चर्चा की शुरुआत करेंगे और स्वास्थ्य मंत्री तथा राज्यसभा में नेता जेपी नड्डा दूसरे वक्ता होंगे. INC चलते-चलते MMC हो गया है… वंदे मातरम् को लेकर पीएम मोदी का कांग्रेस पर वार लोकसभा में ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘तुष्टीकरण की राजनीति के दबाव में कांग्रेस वंदे मातरम् के बंटवारे के लिए झुकी इसलिए कांग्रेस को एक दिन भारत के बंटवारे के लिए झुकना पड़ा… दुर्भाग्य से कांग्रेस की नीतियां वैसी की वैसी हैं, INC चलते-चलते MMC हो गया है.’ यहां MMC से उनका अर्थ माओवादी, मुस्लिम लीग कांग्रेस से माना जा रहा है. वंदे मातरम् बोलने पर भी सज़ा हो जाती थी', लोकसभा में बोले पीएम मोदी ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में कहा, ‘…बंगाल का विभाजन तो हुआ लेकिन बहुत बड़ा स्वदेशी आंदोलन हुआ और तब वंदे मातरम् हर जगह गूंज रहा था. अंग्रेज समझ गए थे कि बंगाल की धरती से निकला बंकिम बाबू का यह भाव सूत्र जो उन्होंने तैयार किया था उसने अंग्रेजों को हिला दिया था. इस गीत की ताकत इतनी थी कि अंग्रेजों को इस गाने पर प्रतिबंध लगाने पर मजबूर होना पड़ा था. गाने और छापने पर ही नहीं वंदे मातरम् शब्द बोलने पर भी सज़ा, इतने कठोर कानून लागू किए थे.’  'बंगाल टूट गया तो देश भी टूट जाएगा' लोकसभा में पीएम मोदी ने बताई अंग्रेजों की मंशा प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर कहा, ‘अंग्रेजों ने बांटों और राज करो, इस रास्ते को चुना और उन्होंने बंगाल को इसकी प्रयोगशाला बनाया क्योंकि वो भी जानते थे कि वो एक वक्त था जब बंगाल का बौद्धिक सामर्थ्य देश को दिशा, ताकत, प्रेरणा देता था और इसलिए अंग्रेज भी जानते थे कि बंगाल का यह जो सामर्थ्य है वो पूरे देश की शक्ति का एक केंद्र बिंदु है और इसलिए अंग्रेजों ने सबसे पहले बंगाल के टुकड़े करने की दिशा में काम किया. अंग्रेजों का मानना … Read more

कानून-व्यवस्था पर फोकस: CM योगी के मेरठ और मुजफ्फरनगर अधिकारियों को सख्त आदेश

 लखनऊ सीएम योगी आदित्यनाथ ने अलीगढ़ कलेक्ट्रेट में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों की विस्तृत समीक्षा की. बैठक में मौजूद 40 भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों को मुख्यमंत्री ने SIR के दौरान विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए. उन्होंने साफ कहा कि मेरठ और मुजफ्फरनगर में फर्जी वोट जोड़ने की सबसे अधिक शिकायतें आ रही हैं, इसलिए इन इलाकों पर कड़ी निगरानी रखी जाए. विपक्ष खामोशी से कर रहा काम मुख्यमंत्री ने कहा कि मतदाता सूची में एक भी गलत नाम नहीं जुड़ने दिया जाएगा और किसी पात्र व्यक्ति का नाम छूटना भी नहीं चाहिए. उन्होंने संगठन पदाधिकारियों को दो-टूक निर्देश देते हुए कहा कि SIR केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह सीधे चुनावी पारदर्शिता से जुड़ा मामला है. योगी ने पदाधिकारियों से कहा कि SIR के दौरान विपक्ष खामोशी से अपने 100 फीसदी समर्थकों के नाम जोड़ने में लगा है, इसलिए कार्यकर्ता लापरवाही न करें. उन्होंने कहा कि कुछ जिलों में बाहरी व्यक्तियों और अवैध प्रवासियों के नाम जोड़ने की कोशिशों की शिकायतें मिली हैं. इस पर प्रशासन को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. बैठक में बूथवार प्रगति, सत्यापन, दावों–आपत्तियों और संवेदनशील इलाकों पर अलग से रिपोर्ट ली गई. मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिमी यूपी में यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिरहित तरीके से लागू की जाए. सार्वजनिक संदेश किया जारी वहीं दूसरी ओर सोमवार सुबह मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के लिए एक सार्वजनिक संदेश सोशल मीडिया के माध्यम से जारी किया. उन्होंने कहा कि प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों पर कार्रवाई शुरू की गई है. जनता से अपील की गई है कि घरेलू या व्यावसायिक कामों में किसी भी व्यक्ति को रखने से पहले उसकी पहचान अवश्य सत्यापित करें. योगी ने कहा कि कानून-व्यवस्था और सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और मतदाता सूची का शुद्धिकरण उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.     मेरे सम्मानित प्रदेश वासियों,     उत्तर प्रदेश की सुरक्षा, सामाजिक संतुलन और सुदृढ़ कानून-व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या एवं बांग्लादेशी घुसपैठियों के विरुद्ध सख्त और निर्णायक कार्रवाई प्रारम्भ की गई है।