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रायपुर : प्रदेश में गाइडलाइन दरों एवं उपबंधों के पुनरीक्षण पर केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड के महत्वपूर्ण निर्णय

रायपुर प्रदेश में गाइडलाइन दरों के पुनरीक्षण के संबंध में प्राप्त सुझावों, ज्ञापनों और प्रस्तावों पर व्यापक परीक्षण करने के बाद केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के नगरीय विकास, रियल एस्टेट सेक्टर और आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। बैठक में निर्णय लिया गया कि नगरीय क्षेत्रों में 1400 वर्ग मीटर तक के भूखंडों की इंक्रीमेंटल आधार पर गणना की वर्तमान प्रणाली को समाप्त कर दिया जाए। अब पुनः पूर्व प्रचलित उपबंध लागू होंगे, जिसके तहत नगर निगम क्षेत्र में 50 डेसिमल, नगर पालिका में 37.5 डेसिमल और नगर पंचायत में 25 डेसिमल तक स्लैब दर से मूल्यांकन किया जाएगा। इस बदलाव से मूल्यांकन प्रक्रिया सरल होने के साथ ही पारदर्शिता भी बढ़ेगी। बहुमंजिला भवनों में फ्लैट, दुकान एवं कार्यालय के अंतरण पर सुपर बिल्ट-अप एरिया के आधार पर बाजार मूल्य की गणना का प्रावधान भी हटा दिया गया है। अब मूल्यांकन बिल्ट-अप एरिया के आधार पर किया जाएगा। यह प्रावधान मध्यप्रदेश शासन के समय से लागू था, जिसे बदलने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। नए प्रावधान से वर्टिकल डेवलपमेंट को गति मिलेगी और शहरी भूमि का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित होगा। केंद्रीय बोर्ड ने बहुमंजिला भवनों एवं कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के लिए मूल्यांकन में छूट के नए प्रावधान भी लागू किए हैं। अब बेसमेंट और प्रथम तल पर 10 प्रतिशत तथा द्वितीय तल एवं उससे ऊपर के तल पर 20 प्रतिशत की कमी के साथ मूल्यांकन किया जाएगा। इस निर्णय से मध्यम वर्ग को किफायती दरों पर फ्लैट और व्यावसायिक स्थान मिलने में मदद मिलेगी। कमर्शियल कॉम्प्लेक्सों में 20 मीटर से अधिक दूरी पर स्थित संपत्तियों के लिए 25 प्रतिशत कमी के साथ भूखंड की दरों का मूल्यांकन किया जाएगा। 20 मीटर की दूरी का आकलन मुख्य मार्ग की ओर से निर्मित हिस्से से किया जाएगा, जिससे वास्तविक स्थिति के आधार पर अधिक न्यायसंगत मूल्यांकन संभव होगा। केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने जिला मूल्यांकन समितियों को यह भी निर्देशित किया है कि हाल ही मंय दरों में वृद्धि के बाद प्राप्त आपत्तियों, ज्ञापनों और सुझावों का परीक्षण कर 31 दिसंबर तक गाइडलाइन दरों में पुनरीक्षण के प्रस्ताव भेजें। इन प्रस्तावों का विश्लेषण कर बोर्ड आगामी गाइडलाइन दरों पर अंतिम निर्णय लेगा। इन सभी निर्णयों को तत्काल प्रभाव से लागू घोषित किया गया है, जिससे राज्य में रियल एस्टेट सेक्टर में स्थिरता, पारदर्शिता और किफायती आवास उपलब्ध कराने के प्रयासों को नई दिशा मिलेगी।

CM सैनी ने किया ऐलान, हरियाणा में जल्द होंगे विभिन्न विभागों में रोजगार अवसर

कैथल  मुख्यमंत्री सैनी ने आर. के. एस.डी. कॉलेज कैथल में कहा कि आजकल कांग्रेस वोटी चोरी का झूठ का राग अलाप रही है। कांग्रेस ने ब्राजील की महिला का फोटो दिखाकर झूठा नेरेटिव सैट करने का प्रयास किया लेकिन ब्राजील की महिला ने खुद ही कांग्रेस की पोल खोल दी और कहा कि वह कभी भारत आई ही नहीं। विपक्ष के नेताओं के हालात ऐसे हो गए हैं कि उनके पास कोई मुद्दा नहीं बचा है। कांग्रेस के झूठे प्रचार से हमें लोगों को सावधान करना है और खुद भी सावधान रहना है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि हरियाणा में जल्द विभिन्न विभागों में भर्तियां की जाएंगी जिससे युवाओं को रोजगार मिलेगा। बिना पर्ची-खर्ची के नौकरी वाली भाजपा सरकार आमजन के हितों की सच्ची रक्षक है। इसी तहत बिना किसी भेदभाव के मैरिट आधार पर नौकरी दी जाती है और हमारे लिए यह गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लोकसभा में इस बात का जिक्र किया था। मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि बारिश में जो सड़कें टूट गई हैं उन्हें ठीक किया जा रहा है। इस साल के अंत तक सभी ऐसी टूटी हुई सड़कें ठीक करवा दी जाएंगी। इसके लिए 6 विभागों के बीच तालमेल बनाकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ताओं के संस्कारों की चर्चा दुनिया भर में होती है। 20 और 21 दिसम्बर को प्रदेश के सभी जिलों में कार्यकारिणी की बैठक होंगी और हर बैठक में वन नेशन, वन इलैक्शन पर चर्चा होना आवश्यक है। 26 और 27 दिसम्बर को मंडलों की बैठक होगी उसके बाद विधानसभा स्तर पर सम्मेलन किए जाएंगे। प्रदेश स्तर के भी 2 कार्यक्रम होंगे जिनमें केंद्र से भी नेता शामिल होंगे।

कुम्हार समाज को राहत, हरियाणा में बर्तन उद्योग के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाएगी

चंडीगढ़   प्रदेश में नगर निगमों, परिषद एवं पालिकाओं में शामिल गांवों में भी कुम्हार समाज के लोगों को बर्तन बनाने पकाने के लिए निर्धारित जमीन के आबंटन पत्र देने पर सरकार विचार कर रही है। निकाय विभाग ने पिछले दिनो सभी संबंधित 87 इकाइयों में पत्र लिख कर गांवों में आंवे पंजावें या कुम्हारधाना के लिए आरक्षित भूमि की रिपोर्ट मांगी है। सरकार द्वारा अगस्त माह 2025 में प्रदेश के सभी गांवों में कुम्हार समाज के नागरिकों को बर्तन बनाने एवं पकाने के लिए जमीन के आबंटन पत्र वितरित किए गए थे तब यह आवाज उठने लगी थी कि विशेषकर नगर निगम में शामिल गांवों में भी यह सुविधा प्रदान की जाए। मुख्यमंत्री के पूर्व मीडिया सलाहकार एवं वर्तमान में सोनीपत के मेयर राजीव जैन ने इस विषय को लेकर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए 18 अगस्त 2025 को पत्र भेजा था। राजीव जैन ने पत्र में लिखा था कि शहरों में भी समाज के लोग बर्तन बनाने एवं पकाने का काम करते हैं जिनके लिए कोई जगह उपलब्ध नहीं है, यह काम उन्हें सडक़ों पर करना पड़ता है। इस कारण वायु प्रदूषण तो फैलता ही है साथ में सडक़ पर भी रुकावटें खड़ी होती हैं।

रायपुर : धान बिक्री से मिले पैसों से किसान जगतराम चौहान करेंगे बेटे की शादी

रायपुर खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम गंधराचुंवा के किसान जगतराम चौहान ने अपनी धान उपज को धान खरीदी केन्द्र कनकबीरा में बेचकर एक बड़ी खुशी को साकार करने की तैयारी शुरू कर दी है। लगभग 3 एकड़ भूमि में अपनी मेहनत की कमाई धान की बिक्री से प्राप्त राशि और अपनी जमा पूंजी को मिलाकर वे अपने बेटे की शादी करने का सपना पूरा करेंगे।           किसान जगतराम चौहान ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य मिलने से किसान बेहद खुश हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी की अनुमति हेतु विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के ऑनलाइन टोकन सिस्टम से अब प्रक्रिया अत्यंत आसान हो गई है। पहले टोकन लेने के लिए घंटों लाइन लगानी पड़ती थी, लेकिन अब मोबाइल ऐप से घर बैठे ही टोकन प्राप्त किया जा सकता है।         धान खरीदी केंद्र की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए उन्होंने बताया कि केंद्र में बैठने की सुव्यवस्थित व्यवस्था, हमालों की उपलब्धता, पीने का पानी, अच्छा बारदाना और अन्य सुविधाएँ किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने देतीं। किसान जगतराम चौहान की यह सफलता कहानी न केवल सरकार की पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था की प्रभावशीलता को दर्शाती है, बल्कि किसानों के जीवन में आ रहे सकारात्मक बदलावों का भी प्रमाण है।

हरियाणा :डॉक्टरों की स्ट्राइक से तीन जिलों में व्यवस्था बाधित, CMO ने कहा- हड़ताल विफल

हिसार  हरियाणा के सभी नागरिक अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टर सोमवार से दो दिन की हड़ताल पर रहेंगे। अपनी मांगों को लेकर हरियाणा चिकित्सा सेवा संघ (एचसीएमएसए) के बैनर तले उन्होंने दो दिन का सामूहिक अवकाश लिया है। चिकित्सा सुविधा ना मिलने से लोगों को परेशानी हो सकती है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि लोगों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी। इसके लिए अतिरिक्त इंतजाम किए जा चुके हैं। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ कुलदीप सिंह ने कहा कि सभी जिला अस्पतालों को छूट दी गई है कि वे आवश्यकतानुसार बाहर से स्पेशलिस्ट डॉक्टर बुला सकेंगे। इसका पूरा खर्च स्वास्थ्य विभाग वहन करेगा। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), डेंटल, आयुष विभाग के डॉक्टरों की ड्यूटी भी हड़ताल के दौरान ओपीडी में लगाई गई है। दूसरी ओर हड़ताल पर जाने वाले डॉक्टरों का कहना है कि सोमवार व मंगलवार को स्वास्थ्य सेवाएं बंद रखी जाएंगी।  सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो बुधवार से बेमियादी हड़ताल पर जाएंगे। वहीं, गुरुग्राम की सीएमओ डॉ. अलका सिंह ने बताया कि आपातकालीन सेवाएं पूर्व की भांति चालू रहेंगी। गंभीर और भर्ती मरीजों के उपचार पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। इलेक्टिव सर्जरी नहीं की जाएंगी। एचसीएमएसए के प्रधान डॉ. राजेश ख्यालिया ने कहा कि उनकी तरफ से कई बार बातचीत के जरिए मामले को सुलझाने का मौका दिया जा चुका है। काफी समय से इन मांगों की तरफ से किसी तरह का ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अब हड़ताल के दौरान आने वाली परेशानी को लेकर एसोसिएशन नहीं बल्कि सरकार जिम्मेदार होगी। हां जिला वाइज जानिए कैसा रहा हड़ताल का असर…. कैथल : डॉक्टरों की हड़ताल पूरी तरह से असफल रही। कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज से डॉक्टरों की टीम बुलाकर मरीजों का इलाज करवाया गया। हालांकि कैथल के करीब 50 डॉक्टर हड़ताल पर रहे, लेकिन उतने ही डॉक्टरों को बाहर से बुलाकर मरीजों का इलाज करवाया गया। इस संबंध में सिविल अस्पताल के प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर दिनेश कंसल ने कहा कि इलाज रोजाना की तरह सुचारू रहा। सभी तरह के टेस्ट, इमरजेंसी सेवाएं व ऑपरेशन सुचारू रहे। फतेहाबाद : फतेहाबाद में हड़ताल का कोई ज्यादा असर देखने को नहीं मिला है। 70 में से 67 डॉक्टर हड़ताल पर रहे हैं। 10 डॉक्टर अग्रोहा मेडिकल कॉलेज से बुलाए गए हैं। जिनके जरिए ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं जारी रही। फतेहाबाद में चर्म रोग विशेषज्ञ और मनोरोग विशेषज्ञ की ओपीडी प्रभावित रही। सीएमओ डॉ.बुधराम ने कहा है कि मरीजों को अभी तक कोई परेशानी नहीं हुई है। व्यवस्था सही चल रही है। हिसार : हिसार की चीफ मेडिकल ऑफिसर(CMO) डॉक्टर सपना गहलावत ने हिसार में नागरिक अस्पताल में 1600 से 2000 तक की ओपीडी रोजाना होती है। डॉक्टरों की हड़ताल का असर न हो इसके लिए तमाम बंदोबस्त किए हैं। सीएमओ ने बताया कि हमने आयुष के डॉक्टर और अग्रोहा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की भी मदद ली है। हिसार जिले में 157 डॉक्टरों में से 22 फिलहाल ड्यूटी पर हैं। सीएमओ ने बताया कि हम हड़ताली डॉक्टरों को मनाने की कोशिश भी कर रहे हैं कि वह ड्यूटी पर वापस आएं। गुरुग्राम: गुरुग्राम में 70 फीसदी डॉक्टर हड़ताल पर हैं, जिसके कारण मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। अकेले जिला अस्पताल में सोमवार को 2 से ढाई हजार को ओपीडी होती है। पीएमओ डॉक्टर लोकवीर ने डॉक्टरों की हड़ताल को लेकर बताया कि रात में ही सरकार की ओर से निर्देश जारी कर दिए गए थे। ओपीडी, लेबर रूप, इमरजेंसी आदि सभी सेवाएं चल रही है। डॉक्टर सभी मरीजों को देख रहे है। आयुष और अन्य डॉक्टरों की मदद से सभी सुविधाएं चल रही है। डॉक्टरों की दो मांगें -पहली सीधी वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ) की भर्ती रोकना। -पहले से ही स्वीकृत किए गए संशोधित संवर्धित सेवा संवितरण (एसीपी) संरचना की अधिसूचना जारी करना। डॉक्टरों के साथ बातचीत जारी है। लोगों को परेशानी नहीं आने देंगे। -कुलदीप सिंह, स्वास्थ्य महानिदेशक। 

नई Tata Sierra की कीमतें जारी, वेरिएंट के अनुसार देखें विकल्प

नई दिल्ली स्वदेशी कार निर्माता Tata Motors ने हाल ही में अपनी नई Tata Sierra एसयूवी को बाजार में उतारा था, लेकिन कंपनी ने इसकी कीमत का खुलासा नहीं किया था. अब कंपनी ने इसके ज्यादातर वेरिएंट का खुलासा कर दिया है. हालांकि इसके दो टॉप स्पेक वेरिएंट की कीमत अभी तक सामने नहीं आई है. भारतीय बाजार में Tata Sierra का मुकाबला Hyundai Creta, Maruti Suzuki Victoris, Kia Seltos, Maruti Suzuki Grand Vitara, Toyota Urban Cruiser Hyryder, Honda Elevate, Volkswagen Taigun, Skoda Kushaq और MG Astor जैसी कारों से होने वाला है. बिल्कुल नई Tata Sierra को कार निर्माता कंपनी के लाइन-अप में Tata Harrier से नीचे लेकिन Tata Curvv से ऊपर रखा गया है. फिलहाल इसके टॉप वेरिएंट की कीमतें अभी आनी बाकी हैं, लेकिन अभी की लिस्ट से यह देखना आसान है कि Sierra रेंज कैसे बंटी हुई है और हर वेरिएंट में क्या फीचर्स हैं. Tata Sierra की कीमत इंजन गियरबॉक्स Smart+ Pure Pure+ Adventure Adventure+ Accomplished Accomplished+ 1.5 NA Revotron पेट्रोल मैनुअल 11.49 लाख रुपये 12.99 लाख रुपये 14.49 लाख रुपये 15.29 लाख रुपये 15.99 लाख रुपये       DCT – 14.49 लाख रुपये 15.99 लाख रुपये 16.79 लाख रुपये –     1.5 T-GDI टर्बो-पेट्रोल ऑटोमेटिक – – – – 17.99 लाख रुपये घोषित नहीं हुआ घोषित नहीं हुआ 1.5 Kryojet डीजल मैनुअल 12.99 लाख रुपये 14.99 लाख रुपये 15.99 लाख रुपये 16.49 लाख रुपये 17.19 लाख रुपये       ऑटोमेटिक – 15.99 लाख रुपये 17.49 लाख रुपये – 18.49 लाख रुपये घोषित नहीं हुआ घोषित नहीं हुआ Tata Sierra के वेरिएंट और पावरट्रेन कंपनी ने Tata Sierra को कुल सात ट्रिम्स में बाजार में उतारा है, जिसमें Smart+, Pure, Pure+, Adventure, Adventure+, Accomplished और Accomplished+ शामिल हैं. इस कार के साथ तीन इंजन का विकल्प दिया गाय है, जिसमें पहला 1.5-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन है, जो 158 bhp की पावर प्रदान करता है और इसे ऑटोमेटिक गियरबॉक्स के साथ जोड़ा जाता है. इसके अलावा, दूसरा विकल्प 1.5-लीटर, नैचुरली-एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन है, जो 105 bhp की पावर देता है और इसके साथ मैनुअल और डुअल-क्लच ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का विकल्प दिया जाता है. वहीं तीसरा विकल्प 1.5-लीटर डीज़ल इंजन का है, जिसके साथ मैनुअल या ऑटोमैटिक गियरबॉक्स को जोड़ा गया है और यह इंजन 116 bhp की पावर प्रदान करता है. Tata Sierra के फीचर्स Tata Sierra Smart+ के फीचर्स पर नजर डालें तो इस ट्रिम में LED DRLs और टेल-लैंप, पुश-बटन स्टार्ट, रियर AC वेंट, 17-इंच के व्हील, चार डिस्क ब्रेक और ऑटो होल्ड के साथ इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक जैसे ज़रूरी फीचर्स मिलते हैं. वहीं, इसके Pure और Pure+ वेरिएंट में पैनोरमिक सनरूफ, 10-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट, क्रूज़ कंट्रोल, वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो/एप्पल कारप्ले, ऑटो हेडलैंप, रेन-सेंसिंग वाइपर और डुअल-ज़ोन क्लाइमेट कंट्रोल जैसे फीचर्स मिलते हैं. इसके अलावा, Adventure और Adventure+ ट्रिम्स की बात करें तो इनमें 18-इंच के व्हील्स, 360-डिग्री कैमरा, टेरेन मोड्स, एक बड़ा डिजिटल डिस्प्ले और लेदरेट ट्रिम के साथ कुछ एक्स्ट्रा कम्फर्ट फीचर्स मिलते हैं. Tata Sierra को कंपनी ने कुल छह कलर ऑप्शन्स में बाजार में उतारा है, जिनमें प्रिस्टीन व्हाइट, प्योर ग्रे, कूर्ग क्लाउड, मुन्नार मिस्ट, बंगाल रूज और अंडमान एडवेंचर शामिल हैं. ध्यान देने वाली बात यह है कि इसके कलर ऑप्शन्स वेरिएंट के हिसाब से अलग-अलग होते हैं.  

सीएम योगी का मुरादाबाद दौरा: विकास योजनाओं पर अफसरों और जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक

मुरादाबाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को मुरादाबाद दाैरे पर पहुंचे। सर्किट हाउस पहुंचने के बाद उन्होंने मंडल के जनप्रतिनिधियों और अफसरों के साथ समीक्षा बैठक शुरू कर दी है।  मुख्यमंत्री आदित्यनाथ पश्चिमी यूपी के तीन जिलों के दाैरे पर हैं। इसकी शुरुआत उन्होंने मुरादाबाद से की है। बरेली से उनका हेलिकाॅप्टर सुबह 11:15 मुरादाबाद सर्किट हाउस पहुंचाया। वह यहां पर एक घंटे तक रहेंगे। सर्किट हाउस में होने वाली बैठक में मंडलभर के जनप्रतिनिधि को बुलाया गया है। इनके अलावा बैठक में जिले के अफसरों भी माैजूद हैं।संभावना है कि एसआईआर के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हो सकती है। इसके साथ ही पंचायत चुनाव को लेकर भी मुख्यमंत्री योगी खाका खींचेंगे।  बैठक के बाद वह गाजियाबाद के लिए रवाना हो जाएंगे। सुरक्षा व्यवस्था चौकस मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त किए हैं। सर्किट हाउस को रविवार रात में ही पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया था। सर्किट हाउस के पास फायर ब्रिगेड सहित अन्य सुरक्षा व्यवस्था की गई है। जिला पुलिस ने मुख्यमंत्री की सुरक्षा के लिए दो एएसपी, तीन सीओ, छह इंस्पेक्टर, 28 उपनिरीक्षक, 73 सिपाही और 17 महिला सिपाही सहित 200 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई है। पुलिसकर्मियों को सर्किट हाउस हेलीपैड, सभागार के बाहर और सर्किट हाउस गेट के साथ ही आसपास रोड पर तैनात किया गया है। सर्किट हाउस गेट पर जांच के बाद ही लोगों को अंदर जाने दिया गया।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल का निर्देश, ग्राम पंचायतों के सहयोग से छोटे गांवों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करें

ग्राम पंचायतों के समन्वय से छोटी बसाहटों में पेयजल आपूर्ति कार्य को प्राथमिकता से करें पूर्ण: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल रीवा जिले में जल जीवन मिशन एवं हिनौती गौधाम विकास कार्यों की समीक्षा की रीवा  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में रीवा जिले में जल जीवन मिशन के अंतर्गत जारी कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों के समन्वय से छोटी बसाहटों में भी पेयजल आपूर्ति से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि इन बसाहटों तक शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिनका प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि हर घर तक नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुँचाने के लक्ष्य को साकार करने में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के बीच प्रभावी समन्वय महत्वपूर्ण है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने हिनौती गौधाम के विकास कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने शेड निर्माण के प्रस्ताव को क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप पुनरीक्षित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि गौवंश विहार को नैचुरल फॉर्मिंग (प्राकृतिक खेती) के मॉडल पर उन्नयन किया जाना है, इसके लिए हर संभव सहयोग एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाये। बैठक में अपर मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मती दीपाली रस्तोगी; प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी  पी. नरहरि; एमडी मध्यप्रदेश जल निगम  वी. एस. चौधरी, संचालक पंचायत  छोटे सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  

प्रदेश की सुरक्षा के लिए योगी की जनता से अपील, घुसपैठियों की पहचान में मदद करें

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणियों का हवाला देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में किसी भी रूप में अवैध घुसपैठ स्वीकार नहीं की जाएगी। सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि राज्य के संसाधनों पर पहला और एकमात्र अधिकार यहां के मूल नागरिकों का है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई अब एक अनिवार्यता बन गई है। सुरक्षा और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए सरकार इसे अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता मानती है। रोहिंग्या और बांग्लादेशियों की पहचान के लिए अभियान सीएम योगी ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान के लिए एक व्यापक अभियान शुरू किया गया है। सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए सभी नगर निकायों को निर्देश जारी किए हैं। निकायों को अपने क्षेत्रों में संदिग्ध विदेशी नागरिकों की सूची तैयार करने को कहा गया है, ताकि वास्तविक स्थिति का पता चल सके। ड्रोन और सैटेलाइट से होगी निगरानी अवैध कब्जों और सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सार्वजनिक संस्थानों और जमीनों पर अनधिकृत कब्जों को हटाने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। इसके लिए ड्रोन, मल्टीसेन्सर तकनीक और सैटेलाइट सर्वेक्षण का उपयोग किया जा रहा है। इस हाई-टेक निगरानी से घुसपैठियों और अवैध कब्जों की सटीक जानकारी मिल सकेगी। हर मंडल में बनेंगे डिटेंशन सेंटर सरकार ने चिन्हित घुसपैठियों के लिए कड़े इंतजाम किए हैं। सीएम योगी के अनुसार, पहचान किए गए अवैध नागरिकों को डिटेंशन केंद्रों में भेजा जा रहा है। इस प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप देने के लिए प्रदेश के हर मंडल में डिटेंशन सेंटर स्थापित करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि अवैध नागरिकों को समाज से अलग रखा जा सके और नियमानुसार कार्रवाई हो। नागरिकों से सत्यापन की अपील मुख्यमंत्री ने सुरक्षा को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए प्रदेश के नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति किसी को काम पर रखने या किराए पर मकान देने से पहले उसकी पहचान का सत्यापन अवश्य करे। सरकार का यह कदम न केवल आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में है, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए भी है कि जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ केवल पात्र भारतीय नागरिकों को ही मिले।

एथेनॉल उत्पादन में रिकॉर्ड उछाल, देश का एथेनॉल हब बना उत्तर प्रदेश

योगी सरकार की आबकारी नीति से निवेश को रफ्तार, रोजगार सृजन के खुले नए आयाम एथेनॉल उत्पादन में रिकॉर्ड उछाल, देश का एथेनॉल हब बना उत्तर प्रदेश राजस्व वृद्धि के साथ निवेश से वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने में बड़ा योगदान लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की पारदर्शी और निवेशोन्मुखी आबकारी नीति ने वर्ष 2025 में प्रदेश की राजस्व प्रणाली को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। एथेनॉल उत्पादन और बिक्री में दर्ज हुई उल्लेखनीय वृद्धि ने न केवल औद्योगिक गतिविधियों को तेज किया है, बल्कि प्रदेश को राष्ट्रीय एथेनॉल उत्पादन के क्षेत्र में भी शीर्ष श्रेणी में स्थापित किया है। उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, बिक्री और निवेश प्रस्तावों में तेजी इस बात का संकेत है कि राज्य की अर्थव्यवस्था नए दौर में प्रवेश कर रही है। एथेनॉल उत्पादन ने बनाया नया कीर्तिमान उत्तर प्रदेश में नवंबर 2025 तक 141.8 करोड़ लीटर एथेनॉल का उत्पादन हुआ, जो अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। योगी आदित्यनाथ सरकार के संरचनात्मक सुधार, तकनीकी अनुकूलता और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ से शराब, बीयर, वाइन व एल्कोहल आधारित उद्योगों में वृद्धि हुई है। प्रदेश में 105.25 करोड़ लीटर और प्रदेश से बाहर 40.96 करोड़ लीटर एथेनॉल बिक्री ने उत्तर प्रदेश को एथेनॉल सप्लाई का भरोसेमंद केंद्र बनाया है। उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी एथेनॉल उत्पादक प्रदेशों में स्थापित हो चुका है। इससे न केवल उद्योगों को प्रोत्साहन मिला, बल्कि ग्रामीण स्तर पर भी आर्थिक गतिविधियां तेज हुईं। आबकारी क्षेत्र में निवेश से अर्थव्यवस्था को मजबूती   उत्तर प्रदेश में अल्कोहल आधारित उद्योग के क्षेत्र में बड़े कॉरपोरेट समूहों से लेकर मध्यम सेक्टर उद्योगों तक के निवेशक यूपी में अपने परियोजनाओं को विस्तार दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश के आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने बताया कि इंवेस्ट यूपी के अंतर्गत अब तक 125 समझौते साइन हुए हैं, जिसके तहत 3,07,35 करोड़ रुपये के निवेश की प्रक्रिया चल रही है। वहीं 43 रेडी-टू-लॉन्च प्रोजेक्ट हैं जिनके लिए जमीन आवंटित हो चुकी है। इसके माध्यम से 6898.88 करोड़ रुपये के निवेश की प्रक्रिया चल रही है। इनवेस्ट यूपी के तहत वर्तमान में 19 प्रोजेक्ट संचालित हैं इसमें 2900 करोड़ से ज्यादा का निवेश हो चुका है। इन परियोजनाओं ने 4800 से अधिक रोजगार भी सृजित किए हैं। गैर एमओयू के तहत 28 प्रोजेक्ट संचालित हैं जिसमे 2752 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है।  रोजगार सृजन से युवाओं को नया अवसर आबकारी क्षेत्र में निवेश प्रस्तावों से 9940 से अधिक रोजगार अवसर बनने की संभावना है। यह योगी सरकार की उस नीति का परिणाम है, जिसमें औद्योगिक विकास को सीधे तौर पर रोजगार सृजन से जोड़ा गया है। इससे स्थानीय युवाओं को उनके ही प्रदेश में बेहतर अवसर प्राप्त होंगे और औद्योगिक आधार मजबूत होगा। उत्तर प्रदेश की आबकारी नीति का यह सशक्त प्रदर्शन योगी आदित्यनाथ सरकार की आर्थिक दृष्टि, राजस्व प्रबंधन क्षमता और औद्योगिक विकास के प्रति प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है।